आइए, आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हम एकजुट हों।

हमें इन मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित करना होगा –

इस खतरे को फैलाने वालों से कैसे लड़ें? ये कौन लोग हैं? उन्हें कैसे पहचानें? आतंक फ़ैलाने के लिए उन्हें उत्तेजना कहाँ से प्राप्त होती है? उनकी जड़ें कैसे उखाड़ी जाएँ?

उन छद्म बुद्धिजीवियों – जिनमें पश्चिमी नस्ल का छद्म–धर्मनिरपेक्ष मीडिया, बुद्धिवादी, साम्यवादी इत्यादि शामिल हैं – से कैसे लड़ें? जो सीधे तौर पर या छिप कर या तो मूक दर्शक बन जाते हैं या फिर इन आतंकी हमलों के पीड़ितों (हिन्दुओं) को अपमानित करते हैं।

जिन्हें कुछ मूलभूत प्रश्नों जैसे – कुरान में ऐसा क्या है कि ९९.९९९% आतंकी कुरान की ही कसम खाते हैं? पर मुंह खोलने से भी इंकार है। (मैं किसी मजहब/सम्प्रदाय या किताब के खिलाफ़ नहीं हूँ, परन्तु यदि किसी फैक्ट्री के ९९.९९९% दूषित उत्पाद सिर्फ एक ही मशीन से निकलते हों, तो हमें उसकी बारीकी से जांच करनी ही होगी।)

अफ़ीम और कोकेन जैसी उन मादक खुराकों से कैसे लड़ें, जो हमें इन हमलों के खिलाफ़ योद्धा की तरह लड़ने में लाचार और नपुंसक बनाती हैं?

इन में शामिल हैं मनोरंजन जगत के नाम पर परोसी गई अश्लीलता, क्रिकेटर्स और बकवास नायकों का महिमामंडन, फिल्म स्टार्स और मॉडल्स की अंधीपूजा, स्कूल-कॉलेज और मीडिया में खोखली छद्म धर्मनिरपेक्षता के उपदेश, हमारे इतिहास और हमारे मूलस्रोत का गलत निरूपण और उनकी कीर्ति का ह्रास, इस्लामिक आतंकवाद, ईसाई धर्मान्तरण और मल्टीनेशनल्स द्वारा परोक्ष या अपरोक्ष रूप से शराब-शबाब-कबाब की संस्कृति को बढ़ावा देना, अपनी ही संस्कृति का उपहास बनाने की हमारी आदत।

आइए, आपसी मतभेद के तुच्छ मुद्दों को त्यागें और साथ मिलकर हमें कमजोर करने वाले इन शत्रुओं और कारणों पर प्रहार करना ही हमारा एक लक्ष्य बनाएं, शिवाजी, प्रताप और गुरू गोविन्द का युग वापस लाएं!

This article is available in English : Fight against terror

Disclaimer: By Quran and Hadiths, we do not refer to their original meanings. We refer to interpretations made by fanatics and terrorists to justify their kill and rape. We respect the original Quran, Hadiths and their creators. Our fight is against those who misinterpret them. For example, Mughals, ISIS, Al Qaeda, and every other person who justifies sex-slavery, rape of daughter-in-law and other heinous acts. For full disclaimer, visit site.

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Disclaimer:  We believe in "Vasudhaiv Kutumbakam" (entire humanity is my own family). "Love all, hate none" is one of our slogans. Striving for world peace is one of our objectives. For us, entire humanity is one single family without any artificial discrimination on basis of caste, gender, region and religion. By Quran and Hadiths, we do not refer to their original meanings. We only refer to interpretations made by fanatics and terrorists to justify their kill and rape. We highly respect the original Quran, Hadiths and their creators. We also respect Muslim heroes like APJ Abdul Kalam who are our role models. Our fight is against those who misinterpret them and malign Islam by associating it with terrorism. For example, Mughals, ISIS, Al Qaeda, and every other person who justifies sex-slavery, rape of daughter-in-law and other heinous acts. Please read Full Disclaimer.