प्यारे शेख! क्या तुम जानते हो कि तुम्हारी और तुम्हारे समुदाय के लोगों की परेशानी क्या है? जानने के लिए गौर से पढो-

ये जरूर अचरज की बात है कि तुम, तुम्हारे अब्बा और तुम्हारे अब्बा की तीन बीवियां – इस्लाम भीरू भारत में कैसे रह पाए? तुम
अपने मुस्लिम होने पर गर्व से अपना सीना ठोक सकते हो। अब तुम भारत को एक असहिष्णु देश और हिंदुत्व को असहिष्णु धर्म भी कह सकते हो। परन्तु, मेरे लिए तो तुम एक और दोगले हो, जो अन्य जिहादियों की तरह ही गलत मुद्दे पर बहस कर रहा है।

बहुविवाह कर तीन औरतों की जिंदगी नरक बनाने वाले तुम्हारे अब्बा से तुम्हें कोई शिकायत नहीं है। तुम्हें अपने मजहब, अपने अल्लाह, अपनी पवित्र किताब और अपने अन्य मजहबी साथियों इत्यादि से भी कोई दिक्कत नहीं है, जो इस तरह की बर्बर बहुविवाह प्रथा को मान्यता देते हैं, उसका समर्थन करते हैं, उसे बढावा देते हैं और औरतों पर ऐसे अत्याचार को जबरदस्ती लादते हैं।

लेकिन, इसके बजाए अब तुम सडकों पर गर्व से नाचना चाहते हो कि तुम एक शेख हो! तुम्हें परेशानी सिर्फ हिंदुओं से है कि उन्होंने तुम्हें रहने की जगह देने से मना किया।
गैर-मुस्लिमों, स्त्रियों और अल्पसंख्यकों के प्रति तुम्हारी ये नफरत ही है जो दूसरों को तुम से दूरी बनाए रखने को बाध्य करती है। मैं जानता हूं कि अवार्ड वापसी ब्रिगेड और पिगरेल्स् (भारत के छद्म उदारवादी) तुम्हें नायक की तरह पेश करेंगे।

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परन्तु, जब तक तुम शरीयत के कानून के खिलाफ लडने की प्रतिज्ञा नहीं करते, जिसके चलते तुम्हारी मां ( तथा लाखों अन्य माताओं को भी) खून के आंसू रोने पडते हैं, तब तक मेरे लिए और मेरे जैसे करोडों मानवतावादियों के लिए तुम एक दोगले ही हो।
यदि तुम सचमुच समाज में परिवर्तन चाहते हो तो समान नागरिक संहिता की मांग करो।
मनुष्यों जैसा व्यवहार करोगे तो मनुष्य तुम्हारा स्वागत करेंगे। जानवर ही बने रहना चाहते हो तो फिर ऐसी आशा मत रखना। आसान है, आखिर पसंद तुम्हारी है।

– वाशी अग्निवीर

पुनश्च- तुम्हें इस बात पर गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है कि भारत में कोई भी हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, यहूदी, पारसी, नास्तिक या किसी अज्ञेयवादी को घर देने से मना नहीं करता, सिर्फ तुम्हारे समुदाय के साथ ही ऐसा क्यों है? और यदि तुम, जैसा कि तुमने स्वंय ही कबूला है, नकली पहचान के साथ किसी के घर में रह चुके हो, तो क्यों न तुम पर फर्जीवाडे का मुकदमा चलाया जाए?

वाशी शर्मा एक सम्माननीय वैज्ञानिक हैं। अंतराष्ट्रीय स्तर पर उनके कई शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने आईआईटी बाॅम्बे से डाक्टरेट की उपाधी प्राप्त की है। वे नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय में वैज्ञानिक हैं। वे एन आई टी जयपुर में पढाते हैं। कान्सन्ट्रेटर ऑप्टीक्स में उन्हें महारत हासिल है। सौर उर्जा के उत्तम तरीके से उपयोग पर वह काम करते हैं।

For original article in English, visit UPSC Ranker’s story: from Muslim to Hindu

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