Why I became Agniveer

“अग्निवीर संस्था ” को मेरा साधुवाद।

मैं “Faishal Ahmed” उत्तरप्रदेश से बोल रहा हूँ , और मैं एक “Athiest{नास्तिक}” हूँ।

मुझे कही भी बोलने नी दिया जाता , मुझे लगता है की आप मुझे अपने मंच पर खुल के बोलने देंगे।

मेरे बहुत से हिन्दू मित्र भी रहे है , और मुझे शर्म आती है की मैं हर शुक्रवार को जुम्मे की नमाज में अल्लाह से ये दुआ मांगता था की ‘मैं मूर्ति पूजकों से लड़ सकूँ ,

उनका क़त्ल कर उनपर विजय पा सकूँ?

मैं पिछले चार सालों से ज़ाकिर नाइक से प्रभावित रहा हूँ , मैं उनका कोई भी ‘Lecture’ नहीं छोड़ता था , जबतक मैंने ‘Agniveer’ का नाम नहीं सुना।

मैंने आपकी सारी पोस्ट पढ़ रखी है , खासकर इस्लाम पर।

चाहे अंग्रेजी भाषाओं में हो या फिर हिंदी। और इसके बाद मेरा नजरिया ज़ाकिर नाइक के प्रति बिलकुल रसातल में चला गया।

चूँकि मैं मुस्लिम रहा हूँ , तो मुझे ऐसा लगता की अगर मैं इस्लाम की सच्चाई अपने भाईयो तक पहूचाऊँ तो शायद वो एक बार क़ुरान/हदीसे जरूर शक की निगाह से देखेंगे , और एक बार शक कर लिए बिलकुल वो भी इस भयानक मायाजाल से निकल सकेंगे।

मैं अपने सभी हिन्दू भाइयो से कहना चाहूंगा की मुसलमान बुरा नहीं होता , बुरा उनका शिक्षा होता है।

DR. A P J Abdul Kalam भी एक मुसलमान ही थे। बुरा इस्लाम की शिक्षा है , जो की सभी मुस्लिम भाइयो को बचपन से थोड़ा थोड़ा धीमा जहर की भांति दिया जाता। यही कारण है की मुस्लिम भाइयो को अच्छे-बुरे का फर्क ही नहीं पता होता।

मुझे उस दिन का डर है , जिस तरह से मुस्लिम ‘गैर मुस्लिम’ के खिलाफ दुनियां भर में आतंक फैला रहा , जिहाद कर रहा ? एक दिन सारे गैर मुस्लिम एक होके ‘इस्लाम’ के खिलाफ जिहाद न छेर दे? उस दिन एक भी मुस्लिम नहीं बचेगा।

इस्लाम महजब ही नहीं है , मेरे कई मित्र भी इस्लाम छोड़ना चाहते , पर क्यों ?

तो मैं यही बताने आया हूँ , मुस्लिम भाई पढ़े और चिंतन करे , क्योकि मैं खुद एक मुस्लिम रहा हूँ , तो मैं दुनियां के सारे मुसलमान भाईयो का दिमाग पढ़ सकता।

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मेरे इस्लाम महजब पर कुछ सवाल – विचार और जो पढ़े लिखे मुस्लिम भाई जवाब/तर्क दे देगा , मैं वापस इस्लाम कबूल कर लूंगा , और अपने दोस्तों को भी वापस इस्लाम में ले आऊंगा।

१. इस्लाम ही सच्चा दीन है ? ये दुनियां का सबसे बड़ा झूठ है , और ये बात हर मुस्लिम भाई माना है , जिन्होंने भी मेरे साथ इस्लाम पर डिबेट किया है।

२. ज़ाकिर नाइक या इस्लामिक फाउंडेशन द्वारा लिखा गया किताब और वेबसाइट से पता चलता है की क़ुरान की सारी आयतों का अर्थ को बिना उसके पीछे का ‘context’ जाने किया गया है , और चारों प्रमुख हदीसों को छुपाया गया है , क़ुरान का अर्थ बदला गया है और उसके लिए अरबी व्याकरण में भी गलतियां की गयी है। उनके वेबसाइट में सभी धर्मो के बारे में या नबी मोहम्मद या अल्लाह को ढूंढने की बात लगभग सारी गलत है। दूर दूर तक कोई मेल नी है, except भविष्यपुराण ‘ उसमे भी महामद का किरदार Re-Birth Of Tripurasura Demon का है , और इस्लाम को पैशाच धर्म बतलाया गया है।

क़ुरान का विज्ञान से तो कोई लेना देना ही नहीं है। ये मैं ज़ाकिर नाइक के किताब Science in Quran पढ़ने के बाद कह रहा।

३. मेरा सवाल मुस्लिम भाइयो से है की अगर हजरत जीसस कोई पैगम्बर थे और उनकी बाइबिल बदल दिया गया है और आखरी पैगम्बर मोहम्मद है ?

तो ये बताये की अल्लाह परमेश्वर का नाम बाइबिल में क्यों नहीं है ? बाइबिल का ईश्वर यहुवा क्यों है ? चलो मान ले बाइबिल ही बदल दिया गया।

पर ये जान ले बाइबिल और क़ुरान के आने में लगभग ५०० वर्ष का फासला रहा है। क़ुरान के नाजिल होने से पहले बाइबिल ठीक थी , और क़ुरान के आते ही बाइबल बदल दिया गया। मेरा सवाल ये है की जब ईसाइयो को पता था की ईशा मसीह पैगम्बर है और अल्लाह ही परमेश्वर है।

फिर इशाईयो ने ईश्वर का भी नाम बदल दिया ?

४. बाइबिल नहीं बदला गया है बल्कि क़ुरान में सारे पात्र बाइबिल से चुराई गयी है और नई कहानी लिखी गयी है सच्चाई यही है की क़ुरान बदल दिया गया है , क्योकि क़ुरान की कई अध्याय युद्ध में खो गयी थी जैसे सूरा रमजान , और बची हुई कुछ बकरी खा गयी थी और उसके बाद भी जो बचा उसको जला दिया गया था।

ये मैं नहीं कह रहा हदीसे कह रही। आज जो भी क़ुरान है वो नबी मोहम्मद के मरने के ३०० साल बाद फिर से लिखी गयी वाली है । आज की कुरआन पूरी की पूरी मिलावट है -बिलकुल भी नबी मोहम्मद के समय की नहीं है।

५. अगर आप प्रमुख चारों हदीसो को पढ़ेंगे , और उसके बाद क़ुरान पढ़ेंगे तो पता चलेगा की इस्लाम विरोधी वेबसाइट पर क़ुरान में आरोप और गलतियां बिलकुल सही बताई गयी है और मोहम्मद साहब एक नास्तिक थे , उसने सिर्फ क़ुरान का दुरूपयोग किया , ईश्वर पर उनका कोई विस्वास नहीं था।

६. इस्लाम कोई महजब भी नहीं है ,क़ुरान सिर्फ एक आतंक की किताब है , जो लालच देके लोगो का Brainwash करता है।

७. क़ुरान में दोगलापन किया गया है , क़ुरान की अच्छी शिक्षा ‘innocent’ को मत मारो , आगे अल्लाह ये भी कहते है की innocent तो वो है , जो ईमान वाले है ?

दूसरा सबसे बड़ा दोग़लापन सूरा अल -मायदा आयत ३२ “की बेवजह हत्या न करो , तुमने एक बेगुनाह को मारा तो समझो सारे इंसानियत को मार दिया और एक बेगुनाह बचा लिया तो समझो सारे इंसानियत को बचा लिया। इसमें दोगलापन ये ये पूरी आयत नहीं है ? “इससे पहले इसी आयत में ये है की ‘अल्लाह इज्यायल की संतानो से कहता है की किसी का खून का बदला लेने या धरती पर फसाद/बिगाड़ /mischief फैलाने के अलावा अगर किसी ओर कारण से तुम किसी बेगुनाह की हत्या किये …… …. ….. etc etc ” आप ‘फसाद विकिपीडिया’ में देख ले क़ुरान की इसका अरबी शब्द उठा के ‘विकिपीडिया में फसाद की दिया अरबी शब्द से मिल जायेगी”

८. आज isis जो भी कर रहा , उसके सारे कुकर्मो क़ुरान ,हदीस और मोहम्मद साहब की जीवनी से बिलकुल १००% मिलती है। मुझे अगर मौका मिला तो मैं रेफरेंस के साथ isis की सारी activity को explain कर दूंगा। isis बिलकुल true इस्लाम को फॉलो कर रहा।

९. इस्लामिक हदीस और क़ुरान से पता चलता है की मोहम्मद साहब और उनके सहाबी लूटेरों का एक गिरोह था , जिसमे सहाबियों को लूट में मिले धन और बलात्कार करने के लिए छोटी बच्ची , लौंडिया या औरतें मिलती थी। और बाद में लोंडियो को दासी बना के खरीद बिक्री करते था। जैसे क़ुरान में भी कई जगह बताया गया है की दासी से जबरदस्ती हमबिस्तरी कर सकते हो, यहाँ तक की पत्नी से भी जबरदस्ती करने की शिक्षा क़ुरान देता है और अगर हमबिस्तरी करने से मना करे तो तुम उसको पिट/मार भी सकते फिर भी न माने तो एक कमरे में बंद कर दो , जबतक की वो मर न जाए ? क़ुरान में अल्लाह ये भी शिक्षा देता की लूट के बाद जो भी हाथ लगे (औरत ,बच्ची ,लौंडिया) वो अल्लाह के द्वारा दिया हुआ तोहफा है।

१०. क़ुरान के अनुसार हर वो इंसान अल्लाह का दुश्मन है जो अल्लाह , उसके रसूल ,जिब्राइल ,मिकाइल को नहीं मानता , और अपने दुश्मनो से लड़ते रहो जबतक की सारी दुनियां में इस्लाम न फ़ैल जाए। अगर ऐसे चला तो इस्लाम या तो सबको मिटा देगा या खुद मिट जाएगा ?

११. ये बात तो बिलकुल भी न कोई करे की मुझे ही इस्लाम की जानकारी नहीं , जितना किताब का नाम ज़ाकिर नाइक लिया है , मैं उनसब किताबो न सिर्फ पढ़ रखा हूँ बल्कि शोध भी किया हूँ। बचपन से मैं भी इस्लाम की झूठी बनावटी कहानियाँ सुनते आया हूँ।

१२. कोई भी जन्नत जहन्नुम नहीं होता , Re-Birth का concept सत्य है , क्योकि ऐसा बहुत सा case आया है की एक दो साल के बच्चे को अपना पिछला जन्म याद आया हो , और जैसे जैसे वो बड़ा होते गया उसकी यादे और भी तेज़ होते गयी , ११ उम्र में अपने पिछले जन्म के जगह पहूँच गया , और अपने परिवार से भी मिला , २ वर्ष से ११ वर्ष की अवस्था में जितने भी बाते कही सारे गाँव वालो और उसके परिवार के अतीत से मिली भी। मैंने सिर्फ एक case बताया , मैंने २२ case
देख चुका हूँ , और सबसे बड़ी बात अगला हो या पिछला दोनों जन्म वो सभी गैर मुस्लिम ही था।

१३. मुसलमान भाई क़ुरान को ध्यान से सोच के पढ़े और मोहम्मद साहब की हदीसे पढ़े , तो आप अपनी इक्षा से इस्लाम को फॉलो करना छोड़ देंगे। ये बात मैं ही नहीं बल्कि कई ex-muslim का कहना है हाल में ही ईरान के एक पत्रकार ने भी यही बात किये थे।

१४. इस्लाम एक बहुत बड़ा झूठा महजब है , ये दुनियां का सबसे बड़ा सत्य है। जिनते तेज़ी से धोखे से इस्लाम कबूलवाया जा रहा ? उससे ६ गुना तेज़ी से लोग इस्लाम को छोड़ भी रहे है।

१५. अगर आपको धर्म ही चाहिए , तो आप सनातन धर्म अपना लीजिये , ये दुनियां का सबसे पहला धर्म है जिसका धर्म ग्रन्थ वेद है , नासा द्वारा भी वेदों पर रिसर्च होती है। इस धर्म में कहानी , कोई इतिहास , कोई एक जगह विराजमान ईश्वर , कोई शरीरधारी देवता , या कुछ भी बकवास नहीं है। आज इस धर्म को आर्यसमाज जिन्दा रखा है। मैंने ऋग्वेद और यजुर्वेद पर शोध कर चूका हूँ। मुझे ये वेद कोई धर्म ग्रन्थ नहीं बल्कि आधुनिक विज्ञान की पुस्तक लगती।

१६. मैं ये नहीं कह रहा की सनातन धर्म सत्य है , बल्कि ये कह रहा इस्लाम एक जहर के अलावा कुछ नहीं है। मुसलमान भाईयो को वापस सही शिक्षा वैदिक ग्रन्थ ही दे सकती।

१७. भाई-बहन का रिस्ता पवित्र होता है , चाहे चचेरी हो या फुफेरी ? उसी तरह बाप बेटी का भी रिस्ता पवित्र होता है , इन मौलाना का फतवा समाज को दूषित कर रहा , मत भूलो की हमारे पूर्वज आर्य थे बाद में हिन्दू हो गए और इन बलात्कारियो अरबियो का महजब भी इन्ही लोगो के जैसा है। आज मुसलमानो को इन अरबी लूटेरो के बलात्कार से पैदा कहा जाता है , एक भी अरबी लूटेरा अपना बीवियों को लेके भारत नहीं आया था ? तो आज मुसलमान कौन हुए ?

१८. हिन्दू शब्द एक गाली है , ऐसा हमसब कहते ? वही हिन्दुओ में से कुछ लोग इन लूटरों की हरम में सालों दासी बन कर रहा , उससे जो संतान हुआ ?

वो गाली ज्यादा अच्छी है ? याद रखिये , लाखो HINDU जान गवा दिए थे सिर्फ इसलिए की वो इस्लाम कबूल करना नहीं चाहते थे।

#Faishal Ahmed (U.P.)

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Disclaimer: By Quran and Hadiths, we do not refer to their original meanings. We only refer to interpretations made by fanatics and terrorists to justify their kill and rape. We highly respect the original Quran, Hadiths and their creators. We also respect Muslim heroes like APJ Abdul Kalam who are our role models. Our fight is against those who misinterpret them and malign Islam by associating it with terrorism. For example, Mughals, ISIS, Al Qaeda, and every other person who justifies sex-slavery, rape of daughter-in-law and other heinous acts. For full disclaimer, visit "Please read this" in Top and Footer Menu.

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17 Comments on "मैंने इस्लाम क्यों छोड़ा ? – फैज़ल अहमद"

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Rishika

Here is a great video for every Indian – regardless of his/her religion.
https://www.youtube.com/watch?v=auqzIWdKAG8

Pushpendra

Jo sochte he ye sab fake likha hai………..Pandit Mahendra Pal Arya ko youtube per sune, wo bhi kabhi Muslim the. abhi arya samaji hai.

Rohit
ahmad ji aapka msg maine pda or bahut Acha lga sayad kafi time k bad mujhe wo mila jiski talas me main pta nhi kb se tha aapse ek milna chahta hu or kuchh questions h mere pss unke answer sayad aap se Behar mujhe koi nhi de skta. ..aapke… Read more »
manu
yah padho gadhe ke vichar dherm chahiye to sanatan dherm apna lo hahahhaha अगर आपको धर्म ही चाहिए , तो आप सनातन धर्म अपना लीजिये , ये दुनियां का सबसे पहला धर्म है जिसका धर्म ग्रन्थ वेद है , नासा द्वारा भी वेदों पर रिसर्च होती है। इस धर्म में… Read more »
manu

sanatan ke mana purana fata chirkut hota hai aisa koi dharam nahin hota

manu
faijal ahmed up ka rahne wala yani iske bap ka nam up hai qun ki isne apne bap ka nam likha nahin hai aor gaon ka nam bhi nahin likha is gadhe ko yah bhi nahin maloom faijal koi nam nahin hota balki sahi sabd faisal hai jistrah iska nam… Read more »
TIGER
HA HA HA AGNIVEER SAHAB SARI DUNYA MILKAR BHI SACH KO JHUTLA NAHI SAKTI AP YEH CHAPDUSI BHARE POST DALKAR APKO PATA NAHI JO DIMAG DAR NONMUSLIM HAI WOH APNE SE AUR SEARCH KARNE JAATE HAI ISLAM PAR NATIJA KYA HOTA HAI SACH KO PURI DUNYA MILKAR JHUTLA NAHI SAKTI..… Read more »
trackback

[…] These interpretations, which are from a rational perspective, infuses great meaning into the otherwise superstitiously promoted concepts to discipline childish minds. Art of making such explanations which are from a Vedic Hindu lens, has the potential to transform even an ISIS ideology influenced mindset into that of harmony and rationalit… […]

Saddam Hussain

Fake writer & fake post

Rishika

There are many muslims who are realizing truth of islam. Here is another example of a brave muslim girl and her opinion on islam. Yu do not need better proof than this.
Pl watch this link:
https://www.youtube.com/watch?v=KXGE2eBUdlQ&feature=youtu.be

manu

100% jisko yah bhi nahin maloom faijal nam nahin hota balki faisal hota hai]

Kanika

Prove the writer of this article wrong or shut your mouth.

Saddam Hussain

There is nothing wrong in killing of atheist and wrong believers. It is duty of king to punish such people.

Exmuslim

Then you should be killed first. There is nothing wrong in killing people who believes in perverted pedophile mohammad as their messenger and kill innocent people. You do not deserve to live a life if you wish the same to others based on your death cult.

manu

writer and blogger both is fraud

अमित
मैंने भी इस्लाम छोड हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया, मैने आधुनिक शिक्षा ली है, मुझे भी कुरान पर पूरा भरोसा था जब तक मैंने हदीस नहीं पढ़ी, लेकिन आज भी विश्वास नहीं होता, मेरा दोस्त जो हिन्दू है इतना नेकदिल इन्सान दोजहक सिर्फ इसलिए जायेगा की वो हिन्दू है और… Read more »
Exmuslim
Congratulations Amit. You have not really changed your life but you have given the greatest gift to your coming generations. We muslims in India got converted from Hindus by force and then brainwashed by Mulla and Quran. Any religion teaches violence, imposes fear, does not believe in equality, kills their… Read more »
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