यह लेख इस श्रृंखला में तीसरा है. पहले लेख को पढने के लिए यहाँ जाइए. For English click here

अचानक यह मांग क्यों?

हम अब तक समझने में नाकाम रहे हैं कि श्री रामदेव जी ने अचानक यह देश विरोधी मांग क्यों उठा दी है? वो कहते हैं कि उन्हें इस बात का पता ही नहीं था कि (दलित) मुसलमानों को अनुच्छेद ३४१ के तहत आरक्षण नहीं मिलता. क्योंकि दलित तो दलित होता है और उन्हें लगा कि सब दलितों को आरक्षण मिलता होगा! पर हमें यह तर्क स्वीकार्य नहीं. हम नहीं मान सकते कि राजनीति के गलियारों में इतने दिन काम करने के बाद, इतने राजनीतिज्ञों और विशेषज्ञों के बीच रहने के बाद, और इतने बड़े और संवेदनशील मुद्दों पर जन आन्दोलन करने वाले व्यक्ति को यह पता ही नहीं हो कि आरक्षण किसको मिलता है और किसको नहीं. (दलित) ईसाई को आरक्षण का मुद्दा कम से कम २० साल से सुर्ख़ियों में छाया हुआ है जबकि ओबीसी कोटे में हाल ही में ४.५% आरक्षण मिलने से पहले २ साल तक मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा बड़े जोर शोर से मीडिया में उठता रहा है. ऐसे में किसी जन आन्दोलन के नेता को ऐसे महत्त्वपूर्ण विषय की जानकारी न होना भारत स्वाभिमान ट्रस्ट जैसे आंदोलनों की योग्यता पर ही सवाल खड़े कर देता है भले ही उनका उद्देश्य पवित्र हो.

कहीं ऐसा तो नहीं कि कोई गहरा षड्यंत्र चल रहा है और कुछ भले लोग किन्हीं बड़े खिलाड़ियों के हाथों की कठपुतली बने हुए हैं और इन सब बातों से अनजान हैं? अगर श्री रामदेव जी का भेजा हुआ पत्र, जो उन्होंने हमें भेजा है, पढ़ा जाए तो पता चलता है कि वह तो किसी और ही आदमी ने लिखा है और वह उस आदमी से पूरी तरह अलग है जो कुछ दिन पहले मुसलमानों की भीड़ को संबोधित करते हुए उनके लिए आरक्षण की मांग को सड़कों तक ले जाने की बातें कर रहा था.

श्री रामदेव जी को जल्द से जल्द इन सब मुद्दों पर एक विस्तृत और साफ़ विचारों के साथ सामने आना चाहिए और इस देशद्रोही मांग को वापस लेना चाहिए. हमें उनसे बहुत आशाएं हैं क्योंकि हमें लगता है कि सच्चा सन्यासी वीरता के साथ अपने अहंकार को जीतकर अपनी गलती को मुक्त कंठ से स्वीकार करता है और आगे के लिए देश की भलाई के लिए जुट जाता है. गलती मनुष्य ही करता है, इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं. पर गलती पर अड़ जाना मूर्ख अहंकारी का काम है और गलती को सुधारना देवों का काम.

आगे क्या?

हम जानते हैं कि श्री रामदेव जी वास्तव में दलित हितैषी हैं. तो क्यों न दलितों की स्थिति में सुधार के लिए ठोस रणनीति बनाकर उन पर अमल किया जाए? ‘दलित’ को नौकरी से ज्यादा सम्मान चाहिए. आओ उन्हें शिक्षित करके ब्राह्मण बनाएं. उनको वेद पढ़ाकर वैदिक विद्वान बनाएं और दुनिया को जात पात के झूठे बंधन तोड़ कर दिखा दें. क्योंकि यह जात पात की सड़ी गली व्यवस्था ही थी जिसने अतीत में इन सब भाई बहनों को हमसे अलग कर दिया था.

यहाँ यह मायने नहीं रखता कि कौन हिन्दू है, कौन मुसलमान और कौन ईसाई. यहाँ यह भी मायने नहीं रखता कि कोई दलित है या नहीं. आम धारणा यह है कि ‘ऊंची’ जाति के ब्राह्मणों ने वेद पढने के अधिकार किसी और को नहीं दिए जिसकी वजह से यह सब भेदभाव पैदा हुआ. आओ हम मिलकर वेदों को हर धर्म और जात के लोगों के घर घर तक पहुंचा दें और इस भेदभाव की बुराई को जड़ से उखाड़ दें. अग्निवीर ने इस काम को पहले ही शुरू कर दिया है और श्री रामदेव जी से आग्रह करता है कि इस विषय को सबसे ऊपर प्राथमिकता दें. और जैसे हम पहले कह आये हैं, हम इस मुद्दे पर श्री रामदेव जी का तन मन और धन से सहयोग करेंगे.

पिछड़े इलाकों में स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, और प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएँ जिनमें सब धर्मों के लोग आकर लाभ ले सकें. इसके साथ श्री रामदेव जी यदि हमारे सुझाए पांच सूत्रीय कार्यक्रम, जो हमने पिछले लेखों में गिनाये हैं, पर अमल करें तो बहुत जल्द क्रान्ति आ सकती है. ये पांच सूत्र हैं- कट्टर (दलित) मुसलमानों की श्री रामदेव जी की कम्पनियों, नेतृत्त्व, पत्र-पत्रिकाओं और पुस्तकों के सम्पादन, रसोई के प्रबंधन और व्यक्तिगत सुरक्षा, में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी.

इन क़दमों को उठाते ही इन भाई बहनों के जीवन बदल जायेंगे और समाज में अच्छा सन्देश जाएगा.

इस परिवर्तन को अविलम्ब लाया जाना चाहिए. और इसका पहला कदम है (दलित) मुसलमान और ईसाइयों को अलग से आरक्षण देने की मांग का विरोध. आखिर हमें यह देश और इसमें रहने वाले हर धर्म के लोग प्यारे हैं. और कोई भी मांग जो लोगों में फूट पैदा करे उसका विरोध करना ही होगा.

एक और कदम जो श्री रामदेव जी को तुरंत उठाना चाहिए वह है समान नागरिक क़ानून को लागू कराना जो मजहब के आधार पर भेदभाव किये बिना सब लोगों को एक समान अधिकार देता है. बड़े शर्म की बात है कि देश में अभी तक यह लागू नहीं हो पाया है. सब धर्मों के लोगों में आपस में प्यार और एकता लाने के लिए यह जरुरी है कि यह क़ानून बिना देरी के लागू किया जाए. हम इसे लागू करने की मांग में श्री रामदेव जी के साथ खड़े होंगे. हम समझते हैं कि ऐसे मुद्दे भ्रष्टाचार और काले धन से भी ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि ये सीधे भ्रष्टाचार की जड़ अर्थात तुष्टिकरण को ही ख़त्म कर देते हैं.

इसके साथ ही भारत स्वाभिमान ट्रस्ट और श्री रामदेव जी को हमारा पूरा समर्थन है उन पांच बिन्दुओं पर जो अभी ऊपर बताये गए हैं. इन मुद्दों पर हम तन मन धन से श्री रामदेव जी के साथ खड़े हैं.

इसके साथ ही हम प्रतिज्ञा करें कि ‘दलित’ शब्द पर पाबंदी लगवाएंगे. ‘दलित’ का मतलब होता है ‘पैरों से कुचला हुआ’. यह हमारे अपने भाई बहनों के लिए बहुत अपमानजनक संबोधन है जिसको सदा सदा के लिए ख़त्म होना चाहिए. अगर कहना ही है तो अनुसूचित जाति/जनजाति कहना है. यह बहुत बड़ा पाप है जो हम किसी को ‘दलित=पैरों से कुचला हुआ’ कहते हैं और अगर हमने यह बंद नहीं किया तो ईश्वरीय व्यवस्था के अनुसार हम खुद ही काल के चक्र में कुचल दिए जायेंगे जैसे पिछले हजार साल से निरंतर कुचले जा रहे हैं.

एक देश, एक मानवता और बाँट कर समाज को खोखला करने वालों को कोई माफी नहीं, यह ही आज समाज का मन्त्र होना चाहिए.

अंत में वह पांच सूत्रीय कार्यक्रम जो श्री रामदेव जी और बाके सब (दलित) मुस्लिम हितैषियों को तुरंत अपनाना चाहिए ताकि भेदभाव को शीघ्र प्रभाव से मिटाया जा सके और यह भी सिद्ध हो सके कि उनका ‘(दलित) मुस्लिम प्रेम’ चुनाव के लिए वोट बटोरने के लिए नहीं बल्कि उनके आत्मा की आवाज है. (यदि इन सूत्रों को लागू कर दिया गया है तो औपचारिक रूप से विस्तार प्रस्तुत करें जिसे हम सहर्ष प्रचारित कर सकें. हम पहले ही कह चुके हैं कि अग्निवीर तो इमानदारी का कायल है, चाहे कितने ही वैचारिक मतभेद क्यूँ न हों):

१. कम्पनियों और ट्रस्टों के खर्च का ७५% केवल दलितों के विकास, शिक्षा, और रोजगार पर खर्च होगा, खासकर (दलित) मुस्लिमों के विकास पर.

२. हर कंपनी, ट्रस्ट, और राजनैतिक या सामाजिक दलों की कमान (दलित) मुसलमानों के हाथ में होगी. इन दलों और कम्पनियों के प्रमुख, वक्ता, और योजनाकार दलित मुसलमान होंगे.

३. सब पत्रिकाओं और पुस्तकों का सम्पादन दलित मुस्लिम ही करें. जिससे दुनिया वाले यह देख सकें कि काबिलियत केवल अगड़े गैर मुसलमानों के हाथ की ही जागीर नहीं है.

४. सब कम्पनियों, ट्रस्टों, आश्रमों में खाना बनाने से लेकर रसोई का सारा काम दलित मुसलमान ही करें. इससे दुनिया में छूत अछूत की मूर्खता के खिलाफ कड़ा सन्देश जाएगा.

५. सब व्यक्तिगत, कम्पनियों और ट्रस्टों की सुरक्षा कट्टर मुसलमानों के हाथ में हो जो खुलकर खुद को कट्टर मुसलमान कहते और पेश करते हैं (जैसे चेहरे पर दाढ़ी, माथे पर नमाज के निशान वगैरह), ताकि मुसलमानों की सच्ची और अच्छी छवि एक रक्षक के रूप में सामने आये.

इससे पहले कि हम लेख ख़त्म करें, अंतिम पड़ाव पर हम श्री रामदेव जी से आग्रह करते हैं कि वह पवित्र कुरआन के उस अनुवाद/संस्करण को सबके सामने लायें जो उनकी नजर में वेदों और उपनिषदों की तरह ही न्याय और प्रेम की शिक्षा देता है. हम उस संस्करण/अनुवाद (जैसे प्रकाशक, लेखक आदि) को सबके साथ बांटेंगे और खुलकर उस असली न्यायप्रिय इस्लाम के प्रचार में भागीदार भी बनेंगे. हमने इस विषय में उन्हें और उनके पदाधिकारियों को अनेक पत्र लिखे हैं. आशा है यह जानकारी हमे शीघ्र मिलेगी.

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riyasat ahmad khan
riyasat ahmad khan
3 years 5 months ago
is lekh me kuch kami he 1. pichde huye logo se khana banwana 2. kattar musalmano se paiso ka hisab kitab karwana 3. aarakchan ko band kawana kiyo ki aap sabhi ko saman aadhikar k hiteeshi he aap kisi ko khana banane k liye paise ki hifazat k liye is… Read more »
ADITTYA ARYA
ADITTYA ARYA
3 years 11 months ago
to “AGNIVEER JI” aap bhi “ANNA HAZARE” aur “BABA RAMDEV” ji ki tarah seedhe junta ke samne is aandolan ko kyu nahi chalaa rahe hai..??? aap ke vichar kafi prabhavi hote hai, pr ye sub keval social networking sites pr hi jada ho pa raha hai..sublog khas karke grameed chetro… Read more »
Truth Seeker
Truth Seeker
3 years 11 months ago

@
Saudi Arabs thinks it will brain wash the all people of world and would make slave whole humanity but it does not know warrior of humanity like Ali Sina, agniveer, Rama, Krishna will never get them success in their shaitanic mission.

Truth Seeker
3 years 11 months ago
अल्लाह कैसा खुदा है जो एक आतंकवादी, बलात्कारी, लुटेरे, चोर, डाकू आदी को तो काबे के अन्दर प्रवेश की आज्ञा देता है उन्हें अपना सेवक मानता है परन्तु एक संत जैसे स्वाभाव के व्यक्ति को नहीं जैसे ( ईशा मसीह, मदर टेरीसा, महात्मा गाँधी, सुकरात आदि) और ऐसे व्यक्ति को… Read more »
Anwar
3 years 10 months ago
???? बेतुका सा सवाल पूछा है आपने, इस दुनिया में इंसान का अपनी मर्जी पर पूरा इख्तियार है, अल्लाह रब्बुल इज्ज़त ने काबा-ए-शरीफ में कोई चौकीदार नहीं बैठा रखा है जो आतंकवादी लूटेरे को पहचान सके, आपकी बातों से ज़ाहिर होता है की आप पूरी मुस्लिम कौम को इस नज़र… Read more »
raj.hyd
raj.hyd
3 years 10 months ago
kurani alalh se kuch galtiya ho gayi 1 maccah v madeena ek nagara hai koi pura nagar masjid nahi hai ! us nagar me muslim mal mutr bhi karte honge ! un nagro me keval muslim jaye , yah ek pakshpat ki bat hai ! kya sari dharti allah ki… Read more »
Truth Seeker
Truth Seeker
3 years 10 months ago
@Anwar अगर कोई व्यक्ति आपको को बहुत ही सम्मान देता है परन्तु आपकी माँ, बहन, बेटी, पत्नी के साथ बलात्कार करता है और दूसरा व्यक्ति आपको जयादा महत्व नहीं देता परन्तु आपकी माँ, बहन , बेटी, आदि की बहुत इज्जत व् सम्मान करता है तो आपको कोनसा व्यक्ति पसंद होगा… Read more »
satyakijai/truthseeker..
satyakijai/truthseeker..
3 years 11 months ago
@nikhil, dusron ko fool nai banao. in presesnt world our ideal example is Egypt . jaise communists apni baat phelatein hain hum bhi apni phailati rahein gain aur zyada log jo chahein gein wohi hoga. agar zyada log communism chaheingein to communism hi ayega democracy mein. aur democracy mein 51%… Read more »
satyakijai
satyakijai
3 years 11 months ago
@All Islam will be end in next twenty years According to Ali Sina “I said something is cooking. It is a biopic on the life of Muhammad that reveals his mental disorders that I explained in my book. There are many books on the life of Muhammad. This movie is… Read more »
Naveen Arya
Naveen Arya
4 years 19 hours ago
Thanks Agniveer for writing such a wonderful artical. But some of step suggested by u are not practical in my views. when u always defend the system of equality then why in the system of Swami ramdev they need to be taken care of special. As u suggested that they… Read more »
Agniveer
4 years 18 hours ago
Namaste Naveenji, We ask Ramdevji to take special care of them because he is demanding reservations for them. He is demanding that in all jobs, they should have reservations. This includes promotions and top-positions as well. Is it not imperative that a person suggesting whole country to adopt these policies… Read more »
Nikhil
Nikhil
3 years 11 months ago
The above five suggestions of Agniveer are totally self-suicidal steps towards islamization of India. Agniveer team is 100% right that increasing population, influence and dominance of muslims in India is much more dangerous than Kaala Dhan (black money) and corruption of Politicians, Bureaucrats, Govt officers, corporate sectors, mafia, etc. Islamization… Read more »
Naveen Arya
Naveen Arya
4 years 20 hours ago

Thanks Agniveer.

Ganesh
Ganesh
4 years 4 days ago

Thanks Agniveer for taking this noble step!!

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