लोट् लकार अभ्यास

भू धातु, लोट् लकार
भवतु* भवताम् भवन्तु
भव* भवतम् भवत
भवानि भवाव भवाम
*भवतात् (विकल्प से)

शब्दकोश :
~ ~ ~ ~ ~
‘लोभी’ के पर्यायवाची शब्द –
१) गृध्नुः
२) गर्धनः
३) लुब्धः
४) अभिलाषुकः
५) तृष्णक्

‘अत्यन्त लोभी’ –
१) लोलुपः
२) लोलुभः

उच्छृङ्खल व्यक्ति के दो नाम-
१) अविनीतः
२) समुद्धतः

मतवाले व्यक्ति के चार नाम –
१) मत्तः
२) शौण्डः
३) उत्कटः
४) क्षीबः

सभी शब्द पुँल्लिंग।
____________________________________

वाक्य अभ्यास :
===========
वह लोभी वैद्य मेरे पास नहीं होना चाहिए।
= सः गृध्नुः भिषक् मम समीपे मा भवतु।
वे दोनों लोभी पुरुष कार्यालय में न हों।
= तौ गर्धनौ पुरुषौ कार्यालये न भवताम्।
जब मैं यहाँ होऊँ तब वे लोभी यहाँ न हों।
= यदा अहम् अत्र भवानि तदा ते लुब्धाः अत्र न भवन्तु।
तुम लोभी मत बनो।
= त्वम् अभिलाषुकः मा भव।
धन से मतवाले मत होओ।
= धनेन मत्तः मा भव।
तुम दोनों महालोभियों को तो महालोभियों के बीच ही होना चाहिए।
= युवां लोलुपौ तु लोलुभानां मध्ये एव भवतम्।
तुम सब प्रसन्नता से मतवाले मत होओ।
= यूयं प्रसन्नतया उत्कटाः मा भवत।
हे भगवान् ! मैं आपकी कथा का लोभी होऊँ।
= हे भगवन्! अहं भवतः कथायाः लोलुपः भवानि।
मैं आपके सौन्दर्य का लोलुप होऊँ।
= अहं भवतः सौन्दर्यस्य लोलुभः भवानि।
हम दोनों धन के लोभी न हों।
= आवां धनस्य अभिलाषुकौ न भवाव।
धन पाकर हम सब मतवाले न हों।
= धनं लब्ध्वा वयं शौण्डाः न भवाम।
ज्ञान से उच्छृङ्खल न हों।
= ज्ञानेन उद्धताः न भवाम।
वे मतवाले हमारे पास कभी न हों।
= ते क्षीबाः अस्माकं समीपे कदापि न भवन्तु ।
_______________________________________

श्लोक :
= = = =
त्यज* दुर्जन-संसर्गं
भज* साधु-समागमम्।
कुरु* पुण्यम् अहोरात्रं
स्मर* नित्यम् अनित्यताम्॥
दुष्ट व्यक्तियों का संसर्ग त्यागो, सज्जनों का संग करो। रात-दिन पुण्यकार्य करो (और) निरन्तर (संसार की) अनित्यता का स्मरण करो।
इस श्लोक के * चिह्न वाले क्रियापद लोट् लकार मध्यमपुरुष एकवचन के हैं।

॥ शिवोऽवतु ॥
#अग्निवीर #Agniveer #অগ্নিবীর #અગ્નિવીર #Agniveersanskrit #Revivingsanskrit
– श्यामकिशोर मिश्र

Facebook Comments

Liked the post? Make a contribution and help revive Dharma.

Disclaimer:  We believe in "Vasudhaiv Kutumbakam" (entire humanity is my own family). "Love all, hate none" is one of our slogans. Striving for world peace is one of our objectives. For us, entire humanity is one single family without any artificial discrimination on basis of caste, gender, region and religion. By Quran and Hadiths, we do not refer to their original meanings. We only refer to interpretations made by fanatics and terrorists to justify their kill and rape. We highly respect the original Quran, Hadiths and their creators. We also respect Muslim heroes like APJ Abdul Kalam who are our role models. Our fight is against those who misinterpret them and malign Islam by associating it with terrorism. For example, Mughals, ISIS, Al Qaeda, and every other person who justifies sex-slavery, rape of daughter-in-law and other heinous acts. Please read Full Disclaimer.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here