भाई तू क्यों नहीं आया?

भाई-तू-क्यों-नहीं-आया

 

 

 

 

कानों में यकायक उठी बेबस सी सिसकियां
मैंने पलट के देखा तो इक लड़की थी वहाँ
जब गौर से देखा तो आसमान फट गया
जो चल बसी वो मेरी बहन थी खड़ी वहाँ

देखा तो मुझे दर्द का सैलाब फट पड़ा
आँखों में उसके जुल्म का तूफान फट पड़ा
पूछा जब उसने भाई तू क्यों नहीं आया
गैरों ने देख क्या किया तू क्यों नहीं आया

वो चोट जिस्म पर लिए चुपचाप खड़ी थी
वहशत के निशाँ तन पे थे पर मौन खड़ी थी
छह मर्दों की नामर्दी से अकेली लड़ी थी
आखिर में उसे लेने को फिर मौत खड़ी थी

तन खून से लथपथ था आँचल गिरा लिया
सर उसने मेरी बाँह में अपना छिपा लिया
मंजर ये देख पत्थर दिल भी पिघल गए
सूरज ने भी ये देख खुद को छिपा लिया

 

The 4 Vedas Complete (English)

The 4 Vedas Complete (English)

Buy Now

वो बोली क्या राखी है बस धागे का एक नाम
क्या बहन की हिफाजत भाई का नहीं काम?
दुशासनों ने फिर से घसीटी है द्रौपदी
क्यों कृष्ण ने बचाया नहीं बहन का सम्मान?

राखी है नाम भाई का बहनों को बचाना
राखी है नाम मर्द का औरत को बचाना
राखी है नाम अजनबी को बहन बनाना
फिर बहन की रक्षा में जी जान लगाना

पर यहाँ तो दस्तूर हैं हैवानों के जारी
खुद अपने ही होते हैं कई बार शिकारी
हर एक की जुबां पे हैं माँ बहन की गाली
हर एक जबां गंदी है हर आँख है काली

हे भाई तू सब बहनों की रक्षा सदा करना
दुशासनों की दुनिया में श्रीकृष्ण तुम बनना
हर द्रौपदी के सर पे अपना हाथ बढ़ाना
मानवता क्या होती है ये दुनिया को दिखाना

इतना था कहना उसका कि वो मंद हो गई
इस भाई के हाथों में वो विलीन हो गयी
दुनिया के सफर को यहीं पे खत्म कर चली
भगवान की गोदी में कहीं दूर हो चली…

The 4 Vedas Complete (English)

The 4 Vedas Complete (English)

Buy Now
Print Friendly

More from Agniveer

  • दुनिया और मैं दुनिया और मैं एक बच्चे की मासूम प्रार्थना! एक योगी की साधना यही प्रार्थना है!
  • बचपन और जवानी बचपन और जवानी जवानी आयी और बचपन विदा हो गया! पर जाते जाते बचपन कुछ कह गया! बचपन की जवानी को सीख, इस कविता […]
  • યોગીની નોંધપોથી – યોગીયોગીની નોંધપોથી – યોગી યોગીના આદર્શ જીવનરૂપી નોંધપોથીમાંના કેટલાંક અનમોલ રત્નો!
  • तुलादानतुलादान श्रीकृष्ण और उनकी पत्नी रुक्मिणी के वैवाहिक जीवन की एक घटना का काव्य रूपांतरण। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर अग्निवीर की यह भेंट! […]
  • मादर ए वतन मादर ए वतन महाराणा प्रताप जयंती पर अग्निवीर की तुच्छ भेंट. हिन्दुस्तान के हजार साल के स्वतंत्रता संग्राम के कुछ न मिटाए जा सकने वाले पन्ने इस छोटी सी कविता में. पढ़ें और प्रचार […]
  • माँमाँ मेरी भी नहीं तेरी भी नहीं वो तो होती सबकी सांझी माँ ना हिंदू की ना मुस्लिम की माँ तो बस एक होती है माँ […]

Comments

  1. says

    सत्यत:..

    शमाँ बुझा दी पापी परवानो नें ।
    पाप की दुनिया से दामिनी विदा ।।

    ईश्वर शान्ति दे! शान्ति दे!

    ॐ!! ”परमात्मा को साधुवाद”

  2. Vinay Arya says

    Actually.,I were thinking when she was taken to Singapre,she would be cure.But everything got changed suddenly when I heard the news of death in the evening.It is quite horrible.It gave me a great shock.Her death is uncertain a story.(Actually I were weeping)
    Look at painful story:
    Rape in bus with 6 man at night.I don’t know which acts were done to her in that bus with her body.When I think of it my soul gets shocked with current again and again like Alternating Current.And after it,a rod in her guts.Well the Ac was converted into dc i.e. I were getting continuous shocks.So inhumanity that she was thrown out of the bus.Don’t your soul say protest protest….Alas!I were in Delhi.Imagine if these things were done to you in the same manner.Again she was a medical student.She might have dreamed of becoming a good doctor,earning good money and serving to her parents.How the hell she was treated.Even bus conductor went on such things.My soul does not say I am an Arya Vashi ji.I am not any Arya.

    If I were an Arya no such a horrible act would have been occured with her.She wouldn’t have died.So I am the real Rapist.I need to change myself.It is known that she was known for her intellect and great austerity in medical field in her college.Rapists did not think even at whom they were stealing.We have lost a great medical student.Not a common person.If such intelligent and educated girls,ladies don’t have any security then how will other can be saved?????

    Answer my question.

    My soul is not forgiving me.
    My soul is giving me shocks of more than 220 vrms.
    My soul is making me noisy.
    My soul is burning.
    My soul is thundering.
    My mind is stormed.

    My soul will become calm only and only when the revenge of her and others would be taken.

    Rapists,you will Rest In Peace.Rapists,your death is very near.It is near your room.It near your body.It is near your mind.It is near your soul.It behind you.It is below you.It is in front of you.It is above you.I will see,how will the rapists saved from their death.

  3. Vinay Arya says

    I hear voices crying in the bus,
    they disturb me they attract me,
    they talk to me,they talk to me,
    talk to me talk to me!

    i feel justice crawling,
    i feel faith is falling,
    i hear voices crying in the bus,
    they talk to me!

    i see blood flowing,
    i see a woman weeping,
    i hear voices crying in the bus,
    they talk to me!

    Talk to me Talk to me!!

    i see woman being raped,
    i see she’s tortured,
    i hear voives in the bus,
    thery talk to me!

    i see woman is extincting,
    i see woman is killed,
    i hear voices in the bus,
    they talk to me!

    talk to me!
    talk to me talk to me!
    talk to me!…….

  4. says

    @विनय आर्य जी सादर प्रणाम
    मह्त्मन् आर्य भारत निर्माण हेतु!!

    * शिक्षा में संस्कृत भाषा व वेदोध्ययन
    नितान्त आवश्यक करना चाहिए ।

    * प्रत्येक नर व नारी को भारतीय सनातनसंस्कृति अपनाकर पाश्चात्य संस्कृति का त्याग करना चाहिए जिससे अखण्ड भारत का निर्माण हो सके ।

    * माता-पिता ही प्रथम् गुरु होते हैं घरका माहौल भगवतमय व संत्संगी होनाचाहिए, धार्मिक पुस्तके व धार्मिकसंगीत का उचित साजो सामान घर मेंरखना चाहिए जिससे बालक का चरित्र निर्माण हो और उसका ध्यान उसी तरफ रहे ।

    * खान-पान में विशेष ध्यान रहे। शुद्ध शाकाहार का प्रयोग करना चाहिए ।।

    * ”मातृवत परदारेषु परदृव्येषु लोष्ठवत्”
    सूक्ति पर बुद्धि चक्षुओं से बिचार कर
    प्रत्येक नारी का सम्मान करना चाहिए ।।

    *अच्छी संगति करनी चाहिए । अच्छा मित्र
    ही हमारा परम मित्र व परम् ईश्वर होता
    है ।

    * नारी हमारी शक्ति है हम उसी से पैदा हुए हैं उसी के वक्षस्थल से हमने अमृतपिया हैं यह ध्यान रखकर प्रत्येक नारी मेंमातृभाव रखना चाहिए ।

    * मन की कलुषता को मिटाकर हर समय
    गायत्री मन्त्र को अपने जिह्वा पर धारण
    करना चाहिए ।

    * अक्षर ब्रह्म ”ॐ” का जाप यथासमय वयथासम्भव करना चाहिए ।

    * प्रात: ब्रह्मकाल में जागकर ”योगासन व प्राणायाम” का समुचित अभ्यास करना
    चाहिए ।

    उपरोक्त भातों पर बुद्धिचक्षु खोलकर
    विचार करनी चाहिए, जिससे आर्य
    भारत का निर्माण करनी चाहिए ।

    अंय अग्निवीर्यतमो ।
    I am agniveer. I am the best.

    ॐ!! {परमात्मा को साधुवाद}

  5. rishika says

    वासी भाई,
    आपने अपने मन के भाव प्रकट करते हुए बहुत अच्छा लिखा है । लेकिन सच्ची शर्धांजलि यही है कि यह सब फिर कभी किसी बहन के साथ न हो।
    उसके लिए हमें बहुत मेहनत करने होगी। क्या आप सब भाई यह वचन लेते है की हमारी कोई भी बहन अब इसका शिकार नहीं होगी। किसी भाई को बाद में रोना नहीं पड़ेगा।
    आपकी बहन

    • Shraddha saxena says

      dear ese kya fayeda apni sistr ko bchao ur dusre ki sisrt ke sath glt kro…isse acha h na hi sudhre

  6. says

    अगर बुर्के से बलात्कार 100% रूक जाते तब तो किसी भी इस्लामिक देश या समाज में कभी भी बलात्कार सुनने में नहीं आता परन्तु ऐसा नहीं हैं कारण स्पष्ट हैं की जब तक मनोवृति पर वश नहीं होगा तब तक व्यभिचार नहीं रुकेगा। दामिनी को सच्ची श्रद्धांजलि आचरण में सदाचार हैं। दामिनी के साथ जो कुछ हुआ वह अत्यंत दुःख की बात हैं और मनुष्य के पशुयों से भी बदतर व्यवहार करने का साक्षात् प्रमाण हैं। सभी में विशेष रूप से युवाओं में इस घटना को लेकर अत्यंत रोष हैं। सभी की यही मांग हैं की इन दरिंदो को जल्द से जल्द फाँसी पर लटका दिया जाये, जिससे की औरों को भी यह सबक मिले की अगर तुम ऐसा घृणित काम करोगे तो उसका फल क्या होगा। यहाँ तक तो दंड की बात हुई परन्तु क्या इन हत्यारों को फाँसी पर चढ़ा देने से भविष्य में यह निश्चित हो जायेगा की किसी निरपराध के साथ ऐसा दुष्कर्म कभी नहीं होगा? क्या यह निश्चित हो जायेगा की सब सुधर जायेगे? पाठकों के मन में कही न कही यह बात जरुर आ रही होगी की नहीं भविष्य में ऐसा न हो उसके लिए व्यापक स्तर पर प्रयास करने होगे। अब वे प्रयास कौन से हैं? उन सभी प्रयासों में सबसे प्रभावशाली समाधान हैं “सदाचार”. भोगवादी संस्कृति में “अर्थ” और “काम” की प्रमुखता से दुराचार की व्यापकता हो जाती हैं जबकि अध्यात्मिक संस्कृति में “धर्म” और “मोक्ष” की प्रधानता से सदाचार पर बल दिया गया हैं। वैदिक संस्कृति धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष सभी का समन्वय हैं। शरीर के पोषण के लिए अर्थ की, संतान उत्पत्ति के लिए काम की, बुद्धि के लिए धर्म की और आत्मा के लिए मोक्ष की आवश्यकता हैं। धर्म का मूल सदाचार हैं इसलिए कहा गया हैं “आचार: परमो धर्म: ” अर्थात सदाचार परम धर्म हैं। “आचारहिनं न पुनन्तिवेदा :” अर्थात आचारहीन अथवा दुराचारी व्यक्ति को वेद भी पवित्र नहीं कर सकते। इसीलिए वेदों में व्यक्ति को सदाचार, पाप से बचने, चरित्र निर्माण, संयम अर्थात ब्रहमचर्य पर बहुत बल दिया गया हैं।

    वेदों में ईश्वर से पाप आचरण और दुराचार से दूर रहने की प्रार्थना करते हुए मनुष्य कहता हैं की हे प्रभु मुझे पाप के आचरण से सर्वथा दूर करो तथा मुझे पूर्ण सदाचार में स्थिर करो- यजुर्वेद 4/28.ईश्वर मुझे चरित्र से भ्रष्ट न होने दें, हमें उत्तम दृष्टी दे- (ऋग्वेद 8/48/5-6)

    दिन-रात, जागृत-निंद्रा में हमारे अपराध और दुष्ट व्यसन से हमारे अध्यापक, आप्त विद्वान , धार्मिक उपदेशक और परमात्मा हमें बचाएँ- (यजुर्वेद 20/16)

    जगत में इन्द्रिय व्यवहार में हमने जो भी पाप किया हैं उसको हम अपने से अब सर्वथा दूर कर देते हैं (भविष्य में कभी पाप न करेगे ) और भविष्य में कभी पाप न करने का निश्चय करते हैं- (यजुर्वेद 3/45)

    वैदिक ऋषियों ने सात मर्यादाएँ बनाई हैं। जो भी इनमें से एक को भी प्राप्त होता हैं वह पापी हैं। वे हैं चोरी, व्यभिचार , श्रेष्ठ जनों की हत्या, भ्रूण हत्या, सुरापान, दुष्ट कर्म तथा पाप करने के बाद छिपाने के लिए झूठ बोलना – (ऋग्वेद 10/5/6)

    पाप आचरण को त्यागने के लिए मनुष्य को दृढ संकल्प लेने की प्रेरणा दी गयी हैं – हे पाप जो तू हमें नहीं छोड़ता हैं तब हम ही तुझे छोड़ देते हैं- (अथर्ववेद 6/26/2)

    मनुष्य जो भी पाप कर्म करता हैं उसके साथ उसका फल तो संचित होता ही हैं अपितु वासनाएँ भी संचित हो जाती हैं। इन्ही वासनाओं के संग्रह के कारण मनुष्य की वृतियां धार्मिक न होकर कुटिल व पापाचरण वाली बन जाती हैं। इन वासनाओं को दूर करने का उपाय योग दर्शन 2/1 में 1.तप 2. स्वाध्याय 3. ईश्वर प्रणिधान

    तप का अर्थ हैं धर्मयुक्त कार्यों को करने में जो कष्ट होता हैं उसको सहना।स्वाध्याय का अर्थ हैं वेदादि सत्य शास्त्रों का एवं स्वयं के आचरण का नित्य अवलोकन कर उसे श्रेष्ठ बनाना। ईश्वर प्रणिधान का अर्थ हैं सभी कार्यों को परमात्मा को ध्यान में रखकर कर करना।

    ऐसा ही भाव मनु स्मृति 11/227 में बताया गया हैं की अपने पाप को संसार के सामने प्रकट कर देने से, दुखी होकर पश्चाताप करने से, तपपूर्वक गायत्री जप, वेद का अध्ययन और दुखी व्यक्ति को सहयोग करने से ही पाप से छुटकारा संभव हैं।ईश्वर सबके अंत:करण में हैं और सभी के कर्मों को देख रहा हैं। ईश्वर पक्ष पात रहित होकर सभी को उनके कर्मों के अनुसार यथावत फल दे रहा हैं। ऐसा विचार सभी अपने मन में सर्वदा बनाये रखे तभी पाप आचरण से विमुख होकर सदाचारी होकर समाज में अराजकता का जो वातावरण बन रहा हैं उसको समाप्त किया जा सकता हैं। सदाचार युक्त वातावरण का आरंभ स्वयं से होगा। सबसे प्रथम परिवर्तन अपने आपसे आरंभ होना चाहिए।

    आप बदलोगे जग बदलेगा। आप सुधरेगे जग सुधेरेगा।

    यही दामिनी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

    सन्दर्भ http://agniveerfans.wordpress.com/2012/12/31/sadachar-2/

    • Rishika says

      We should have very effective law and order system in India.
      There should be a Damini Act that can protect women passengers.
      1. All buses, autos, cabs, taxis – display a photograph and name of driver with contact details and emergency helpline numbers, complaint number, medical number, police number.
      2. Effective monitoring system in every vehicle
      3. Please see how transportation system is so safe and effective in other developed countries. What are the reasons that India can’t provide simple safety to their passengers.

      • Typical Secular Congress Supporter says

        You are a Pakistani ISI Agent and please don’t say anything against our Secular Democracy.
        Our Great leaders like Nehru, Indira Ji and Rajiv Ji have made our country so good and safe for women that the entire world is looking up to us.
        And in 2014 Rahul Bhai Gandhi will become the PM and our net GDP will be more than that of US by that time.
        This time, the whole thing is a DRAMA and is a conspiracy by the RSS and VHP. These Hindu Terrorists raped the girl and then all the Swayamsevaks and members of the Dozen Sangh Parivar affiliated org.s created a scene in Delhi and also killed an innocent police man( that is what these people do!!!).
        Please look through the whole thing and vote for Congress in 2013(Delhi) and then in 2014 and make India Better than USA!!
        Garibi Hatao!! Rahul Ji ko Vote Do!!!

        Note : The above piece is a satire.

        Malhar

  7. Madan Raheja says

    ‘भाई तू क्‍यों नहीं आया’
    बहन की ही नहीं, हमारे समाज में आपी ही बेटी, भाभी, मां की भी लाज लुटती रहती है और सब देखते। भाईगिरी करते हैं पर भाई कोई नहीं बनता। भाई बहन को तो बचा नहीं सकते, मां को कैसे बचाओगे? देश को बचाने वाले देश को ही लूटे जा रहे हैं। ऐसे जघन्‍य अपराधों को ख़त्‍म करने के लिये दोषियों को बीच बाज़ार में सरे आम सज़ाए मौत देनी चाहिये,चाहे वह कोई भी क्‍यों न हो। इस प्रकार यदि 100, 500,1000 लोगों को सज़ा मिलेगी तो ही ऐसे अपराधों में कमी आ सकती है। प्रति वर्ष रावन को नहीं इन दरिंदों को सरे आम जलाओ। ऐसा नहीं हुआ तो भाइयों को ‘बहन’ कहने को अधिकार नहीं है। ‘भोई तू क्‍यों नहीं आया’ क्‍यों कि वह कभी किसी का भई नहीं था और न ही कभी हो सकता है।

  8. Madan Raheja says

    ‘भाई तू क्‍यों नहीं आया’
    बहन की ही नहीं, हमारे समाज में आपी ही बेटी, भाभी, मां की भी लाज लुटती रहती है और सब देखते। भाईगिरी करते हैं पर भाई कोई नहीं बनता। भाई बहन को तो बचा नहीं सकते, मां को कैसे बचाओगे? देश को बचाने वाले देश को ही लूटे जा रहे हैं। ऐसे जघन्‍य अपराधों को ख़त्‍म करने के लिये दोषियों को बीच बाज़ार में सरे आम सज़ाए मौत देनी चाहिये,चाहे वह कोई भी क्‍यों न हो। इस प्रकार यदि 100, 500,1000 लोगों को सज़ा मिलेगी तो ही ऐसे अपराधों में कमी आ सकती है। प्रति वर्ष रावन को नहीं इन दरिंदों को सरे आम जलाओ। ऐसा नहीं हुआ तो भाइयों को ‘बहन’ कहने को अधिकार नहीं है। ‘भोई तू क्‍यों नहीं आया’ क्‍यों कि वह कभी किसी का भई नहीं था और न ही कभी हो सकता है।

  9. Vinay Arya says

    In Indian society if a son is produced great party is given.But in the same society if a daughter is produced she is killed.I hate Indian society.

  10. Vinay Arya says

    Scientists say that a new child can be produced from the mother’s egg orv ovum (female gamete) only.It is not necessary that sperm(male gamete) is required.How are test tube babise created?Test tube babies are created without copulation.But scientist say a newborn can’t be formed with only sperm.Yes,sperm and ovum fertilise to give a new born.But a new born can be obtained from just ovum but not from just sperm.If all of the woman gets extincted from the earth then human society will come to an end.So if woman is there society is there.Woman is the creator of society.If woman wouldn’t be saved future of all human beings wouldn’t be safe.

  11. Vinay Arya says

    “मैँ केवल बुरके और कठोर दण्ड का समर्थक नही हुँ”

    Well!Is burqa a really dress?Can woman wear it?Through that black cloth in which her face is covered,the woman cannot see her surroundings.

    “मैने इश्वर के आदेश पर ज्यादा बल दिया ”

    According to you Ishwar says to see throguh that burqa.Burqa is the sign of “Gulami”.Hence,your Isahwar is very bad.Read Satyarth Prakash and join Vedic Ishwar and become an Arya Samajist.

    “अतः बुरका और कठोर दण्ड सदाचार के मुल तत्व है ”
    So according to your tatva jyan burqa is the element of Sadachar.So,Gulami is the sign of Sadachar.Please check your tatva jyan and then write here.

    “अन्य राष्ट्रो की अपेक्षा अरब मे अपराधो का अनुपात बहुत कम है”
    Do you live in dreams?Arabs are the most bad countries.Have you heard of Malala?How she was treated badly by Talibanis!Many hindus are weeping in Arabs.Arab is the most bad place to see and visit.

    “और मेरे पुर्व मे किये गये कमेन्ट को हटाकर आपने अपनी कायरता का परिचय दे दिया है , आप सत्य से डरते हो । ”
    You have shown your cowardness by saying Gulami to be sign of Sadachar.

    “सत्य को लेकर इनमे कोई सहिष्णुता नही है”

    Please apply these rules first upon you.Your Mullas are so asahishnu that they throw stones at Arya Samajist when an Arya refutes Quran.Please make them sahishnu first then come here.

  12. raj.hyd says

    is desh me kaun bhai hai ? yah rakhi ke bandhan matr dikhava ban chuke hai jab bhai v pita hi apni sagi bahan v beti se sex karne se nahi chukta tab samaj ke any logo se kya asha ki ja sakti hai,maan ki yah ghatnaye apvad ke rup me hai lekin inko bhi andekha kadapi nahi kiya ja sakta ! aisa kyo hota hai apna samaj sanskar heen ho chuka hai 1 dharm ke vyakhyan dene vale napunsak se ho chuke hai, aur dharm ki baat sunne vale hi kitne hai fir uspar acharan karne vale to aur bhi bahut kam bache hai sabko dhan pyara hai dharm to pyara hai hi nahi hai! dhan ke liye n jane kitne nagro me ghum fir kar dhan arjit karte hai, jhuth fareb thagi chori milavat rishvat bhrashtachar bhi karte hai! lekin dharm ka to apne parivar me hi acharan nahi kar pate hai ! sarkar kitne hi kathor kanun bana le vaise kathortam kanun banne chahiye 1 lekin keval kanoon se kya hoga / sanskar heen samaj ko sudharne ka kary to dharmik vyakhyatao ka hai1 jo nahi karte hai 1 apne saamaj me gaay ka mans pray; nahi khaya jata ! jo pyaj nahi khate hai vah ghar me bani sabji me pada pyaj bhi nahi khate hai ! yah ek sanskar ki baat hai! jab is desh me gaay ke maans se parhej kiya jata hai tab usi tarah se dusre ki nari bahan beti ke sex se parhej kyo nahi ho pata1 bazar kitna hi ganda hi sharab ke kitne hi theke khule ho jo isse parhej karta hai vah un dukano me kabhi nahi jata! suar ke maans ki dukan me kya kabhi koi muslim jata hai/ apna samaj itna achha kyo nahi banan chahta hai ? sarkarto nashe se tex ka moh nahi chod pati bhalemhi kaikarod parivar barbad hi kyo n ho jaye /cinema ke ashlil geet ,ashlil drashy.police ki laparvahi, adalato ke der se dand adi ke karan hi samaj me apardhao ki baadh si a gayi hai ! ved me kya likha hai samaj ko isse matlab nahi hai ? kitne lakh karod parivaro me ved ki kitab nahi hai! kaun iska jimmedar hai? jo ved ke bhakt hone ka dava karte hai vah bhi in dosho se vanchit rakhne ka adhikar nahi rakhte hai ! samaj me dhanvan bahut hai jo dhan ka daan dedenge lekin ved ka prachar kaun kare kaun saste mulyo me ved ki kai karod kitabe samaj me vitrit kare ! jo kitab me likha gyaan jivan me n utar pata ho, us gyaan ka kya muly hai ? jara sochiye yah rep shuny[0] star par kaise aye ? sharab par rok lageuske liye janmat bane, cinema v porn filmo par rok lage ya unme sudhar ho ! adlato me dand jaldi mile ! ppolice ki vyavsttyha acxhhi ho isse nisandeh shuny stara par rep ki ghatnaye aa sakengei!

    • says

      I think you have not read the Comment Policy. Link to it is displayed at bottom of each and every page and you are supposed to comment only if you agree to it. We consider it a terrorist mentality to encroach on someone else’s space and we do not encourage terrorists on our forum. Kindly do not link this encroaching mentality with religious colours. Understand that a personal website is for followers of that site. If you disagree with us, you are free to start your own website and express your own views. However if you come on our site, you must abide by rules of our site. We hope you would abide by norms of decency and not encroach our page anymore. And also refrain from linking it with Muslims as it insults Muslims in same manner as calling Zakir Naik and Osama Bin Laden as Muslims insults the rational peaceful Muslims of the world.

  13. anti-agni says

    @admin. if malala is not Arab?and your fellow aryasamadhi is mentioning her to defame Arab and it is white lie then can i not refute it according to your policy?if you are satya lover then you have to correct vinay not to delete my comments.

    if it is your sect’s website then spread your religion but you’re spreading lies and hatred against Muslims. all sin is a person but aryasamaj is group and you are abusing and insulting Allah and prophet. we Muslims can never tolerate it.

    if you abstain yourself from talking about Islam then ill never click on aryasamajiss site .

    • says

      1. You have still not read the Comment Policy. All your questions are answered there.

      2. We belong to no sect.

      3. Kindly specifically produce a single sentence written by us from our entire website that abuses any religion or religious figures. Do not talk of anything else.

      We hope you would no longer encroach our website after this. And also refrain from relating your actions with Islam. Because your actions demean Islam. Actions speak louder than words.

  14. Vinay Arya says

    @Dinesh Meena
    “आगे स्वयँ पढ लेना कि सत्य के समक्ष आपकि स्थिति क्या है”
    Please read Satyarth Prakash,and know what is your position in front of the truth.

  15. Ankur says

    @Dinesh Meena : Aisa prateet hota hai ki aap tarkik aur bahut bade gyani hai. to kripa karke mere ek prashn ka uttar dijiye ki Q’uran 2:67-73 (sambhavata ek milti julti khani bible mein bhi hai) , in ayaho mein ishwar ka kaunsa tatva pradarshit ho raha hai? aur kya yeh pramanik satya hai, jiski aap doosron ko shiksha de rehein hai?

    • raj.hyd says

      manniy sri ankur ji yai kahani baibal me kahan parhai? iska bhi prmaan de yah hamare jyada achha rahega ! ham apne kuran bhakto se bhi janna chahenge ki agar kuran ek sahi v achhi kitaab hai to ek vishesh gaay ki hatya karke uske mans se kaise ek murda vyakti jinda hokar apne hatyare ka naam batla sakta hai ! kalpit farishto ki fauj rakhne ka dava karne vale kurani allah ne ek farishte ko bhijkar hatyare ka naam patakarke kyo nahi bhej diya tha ! islami desho me ek vishsh gaay kya kai lkah gaay ki hatya karke bhi is” tarike ko'” kyo nahi ajmate hai police adi ki shaayta kyo lete hai ya to yah kuran ki bat jhuthi hai ya is tarike ko n apnakar kuran ki islami desh tauheen kar rahe hai1 kya hamare muslim bandhu is baat ka javab de sakenge ?

  16. krishnarao says

    Dear Friends,

    I am sick of people thinking it is okay to mistreat women. Just because a women is not covered up like a ghost or she is walking outside by herself does not mean she is a piece of meat that should be raped. And the worst thing is, this kind of mentality where a man thinks it is okay to rape women because she was by herself or not covered up is promoted by some idiots in our leadership. We heard many retard leaders in India make their comments from both parties. But one person who went under the radar, but was promoting rape well before this big public event was naik the crazy freak of nature. He made a statement that if a women walks outside and is not covered up like a ghost is inviting rape. He is basically asking men to go rape women if they are not covered up like a ghost. From his comments I find it no different from someone promoting and advocating rape. From my opinion I feel like people like naik are the ones who are putting the idea of raping women in young impressionable men. Us Dharmic people need to stand up to sick and disgusting people like him who promote rape.

    People like naik are promoting rape. The biggest threat to them is educated independent women and he wants to make sure men will rape them so sick and disgusting people like him can stay in power.

    Krishnarao

  17. Ek Bahan says

    bhai
    aap ki kavita man chhu gayee, isiliye nahi ki kavita bahoot achhi hai, isiliye ki yah kavita bahoot sachi hai. sayad mardo mein bhaiyapan abhi bhi kahin jaga huwa paya, ankhon mein ashru bah gaye, ek bhai ke kano mein gunji bahan ki pukar paya, ek bhai ne swayam ko dhikaarte paya, ek bhai to hai jo kahata hai bhai.
    aapne sirf us ek ghatana shikar ki pukar suni, lekin har mod par ek bahan bhai ko rakhi ke vaste deti hai, aur bhai kuchh nahi karta… har ghar mein dahej ke liye bahano ke kahin jeevan kahi sapane tutte hain aur koi nahi aata. raste par chalte ho ya bas par bahan jaise sarkaari maal ho aise chalte phirte tang karte hain aur wahan har koi darinda hee darinda dikhta hai ek bhai nahi dikhta.
    roti bilakhti bahano ko Kans ke paas chhod aate hain bhai
    telegram bhejne par jawab nahi dete hain bhai
    sansaar se lad kar haarti huyee bahan jab bhai ko madat mangti hai, tab us ki baton ko vishwaas nahi karte hain bhai
    ek baar nahi har baar saath nahi dete yeh bhai.

    jab rakhi bandhti hoon tab geedhar dikhayee dete hain bhai
    bahoot arsh hogaye maine geedhadon ko rakhi bandhna band kar diya

    pahele diwali mein kauwa ki pooja karte prasannta hoti hai,
    doosri diwali mein kutto ki pooja karte aanand aata hai,
    govardhan pooja me bailon ki pooja karte dil khush hota hai,
    lakshmi pooja mein gau ki pooja karte man harshata hai
    bhai dooj mein bhai ki pooja maine band kar di hai bhai
    is kavita se laga ki koi bhai abhi jinda hai nahi sabhi ek jaise, koi koi ban sakte hain bhai!

  18. raj.hyd says

    hamko ek banhan se psrichay hua, jo vivahit hote huye bhi apne bhaai ke liye apni ek” kidni” uski jaan bachane ke liye nyochsvar kar di ! aisa ham eabhi kisi bhai se itna smatrpit vyaktitv nahi parpt ho sakahai jab ki vah apnibahan se raksha bandhan me rakhi bhi bandhvata hai ! sambhav hai ki kuch log is baat ko ek apvad bhi kahe lekin yahi apvad ham bhaai se bhi kyo n chahe ?

  19. says

    Hello this is somewhat of off topic but I was wondering if blogs use WYSIWYG
    editors or if you have to manually code with HTML. I’m starting a blog soon but have no coding skills so I wanted to get guidance from someone with experience. Any help would be greatly appreciated!

  20. says

    i just want to mention I am newbie to blogging and site-building and actually loved your page. Probably I’m want to bookmark your blog . You amazingly have terrific articles and reviews. Appreciate it for sharing your blog. u can view http://www.winconfirm.com and provide me any suggesion to improve it .

  21. shuraj yadav says

    bhai bahan ke liye harek fharj nibhate he or har halat me unka shath dete he bhai bahan ke pratee jee jaan she datee rahate he or harek mushkil ka shaman karte he or rakhi ka fharj nibhate he ye bahan ki badhkishmate he harek jagha bhai unke shath nahi hote barna unke shath kuch Bhi galat nahi hota shah bhaiyo liye me ak baat kahunga jada she jada shamy apni bahano ke shath gujare jab bhi kahi jana ho to taim nikal Kar unke shath hi jaye ?
    (
    (good LAK friends)

Please read "Comment Policy" and read or post only if you completely agree with it. You can share your views here and selected ones will be replied directly by founder Sri Sanjeev Agniveer.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

 characters available

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>