वेदों में पैगम्बर

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अक्सर इस्लाम के कादियानी फिरके के बड़े बड़े मौलाना और आज की मुस्लिम दुनिया के जाने पहचाने डॉ जाकिर नाइक अपनी तकरीरों (भाषण) और किताबों में अक्सर ये कहते मिलते हैं कि हिन्दू किताबों जैसे वेद और पुराणों में मुहम्मद पैगम्बर के आने की भविष्यवाणी है. पाठक जाकिर नाइक की वेबसाइट पर यहाँ http://www.irf.net/index.php?option=com_content&view=article&id=201&Itemid=131
उनके दावे को पढ़ सकते हैं. हम इस लेख में यह जानने की कोशिश करेंगे कि वेद में पैगम्बर मुहम्मद के होने का यह दावा कितना पुख्ता है और कितना धोखे से मुसलमान बनाने की नापाक साजिश.

पुराण और दूसरी किताबों के दावे आगे के लेख में दिए जायेंगे. इससे पहले कि हम जाकिर नाइक के हवालों (प्रमाण) और मन्तक (तर्क) पर अपनी राय दें, हम कुछ अल्फाज़ (शब्द) वेद के बारे में कहेंगे.

आज तक की वेद की तारीख (इतिहास) में किसी वेद के मानने वाले ने वेद में मुहम्मद तो क्या किसी पैगम्बर का नाम नहीं पाया. जितने ऋषि (वे पाकदिल इंसान जिन्होंने वेद के रूहानी मतलब अपने पाक दिल में ईश्वर/अल्लाह की मदद से समझे और दुनिया में फैलाए) अब तक हुए, सब ने वेद में किसी किस्म की तारीख (इतिहास) होने से साफ़ इनकार किया है. इससे किसी आदमी के चर्चे वेद में मिलना नामुमकिन है. इसके उलट वेद तो हर जगह, हर वक़्त, और हर सूरत ए हाल (देश काल और परिस्थिति) में एक सा सबके लिए है. वेद में जरूर कुछ नाम मिलते हैं, जैसे कृष्ण. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि वेद लाल कृष्ण आडवाणी की भविष्यवाणी करते हैं! इसका तो यही मतलब हुआ कि लोगों ने वेद में से कुछ अल्फाज़ (शब्द) अपने नाम के लिए चुन लिए. जैसे कोई मुहम्मद नाम का आदमी आज कहे कि कुरान तो उसके बारे में है और उस पर ही उतरती है तो इस पर उसके दिमाग पर अफ़सोस ही जताया जा सकता है!

खैर, इस लेख में हम यह बहस भी नहीं करेंगे कि वेद में इतिहास और भविष्यवाणी हैं कि नहीं! हम यहाँ यह साबित करेंगे कि अगर वेद में मुहम्मद पैगम्बर की कहानी सच्ची है तो वे एक पैगम्बर न होकर हज़ारों जिंदगियों को ख़ाक करने वाले एक दहशतगर्द थे, और साथ ही यह भी कि उनको गाय का मारा जाना गवारा नहीं था!

तो हमारा कहना जाकिर नाइक से ये है कि या तो वेद में मुहम्मद को मानना छोड़ दो और अगर नहीं तो मुहम्मद पैगम्बर को एक कातिल दहशतगर्द क़ुबूल करो जिसने मक्का के सारे इंसानों का कतल कर डाला, जैसा कि हम आगे दिखाएँगे! इतना ही नहीं, गाय का गोश्त सब मुसलमानों पर हराम ठहरता है क्योंकि पैगम्बर गाय को बचाने वाले थे और उसका मरना उनको गवारा नहीं था!

यह बात ऐसी ही है जैसे मुहम्मद को भविष्य पुराण में साबित करके जाकिर भाई ने मुहम्मद को एक भूत (ghost) और राक्षस (demon) जो कि शैतान के बराबर हैं, क़ुबूल किया है जो कि त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का अगला जन्म था! इससे जाकिर भाई न सिर्फ मुहम्मद पैगम्बर को एक शैतान और राक्षस बताते हैं बल्कि तनासुख (पुनर्जन्म) में भी यकीन करते हैं!

अब हम नीचे जाकिर भाई की वेबसाइट पर दिए मन्त्रों के तर्जुमे (अनुवाद) देंगे और फिर उस पर उनका नुक्ता ए नजर (दृष्टिकोण) भी. और उसके नीचे हम उनकी सोच पर अपनी राय देंगे.

The 4 Vedas Complete (English)

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१. अथर्ववेद में मुहम्मद (सल्लo)

जाकिर भाई:
अथर्ववेद के २० वीं किताब के १२७ वें सूक्त के कुछ मन्त्र कुंताप सूक्त कहलाते हैं. कुंताप का मतलब होता है सब दुखों को दूर करने वाला. इसलिए जब इसको अरबी में तर्जुमा (अनुवाद) करते हैं तो इसका मतलब “इस्लाम” निकलता है.
अग्निवीर:
१. इस मन्तक (तर्क) के हिसाब से तो दुनिया की हर रूहानी (आध्यात्मिक) और हौंसला अफजाई करने वाली किताब का मतलब इस्लाम होगा!
२. इससे यह भी पता चलता है कि मुहम्मद पैगम्बर के चलाये हुए दीन और इसका अमन का पैगाम तो पहले ही वेदों की शक्ल में मौजूद था!

जाकिर भाई की यह बात काबिल ए तारीफ़ है कि उन्होंने इस्लाम की पैदाईश को वेदों से निकाल कर यह साबित कर दिया कि वेद ही असल में सब अच्छाइयों की जड़ हैं और सबको वेदों की तरफ लौटना चाहिए!

जाकिर भाई:
कुंताप का मतलब पेट में छुपे हुए पुर्जे (अंग) भी होता है. लगता है कि ये मंत्र कुंताप इसलिए कहलाते हैं कि इनके असली मतलब छिपे हुए थे और बाद में खुलने थे. कुंताप का एक और छिपा हुआ मतलब इस धरती की नाफ (नाभि, navel) यानी एकदम बीच की जगह से है. मक्का इस धरती की नाफ कही जाती है और ये सब जगहों की माँ है. बहुत सी आसमानी किताबों में मक्का का जिक्र उस घर की तरह हुआ है जिसमें अल्लाह ने सबसे पहले दुनिया को रूहानी (आध्यात्मिक) ताकत बख्शी. कुरान [३:९६] में आया है-

“मक्का पहला इबादत (पूजा) का घर है जो इंसानों के लिए मुक़र्रर किया गया जो सब वजूद (अस्तित्त्व) वालों के लिए खुशियों और हिदायतों से भरपूर है”
इसलिए कुंताप का मतलब मक्का है.

अग्निवीर:
१. जाकिर भाई से यह गुजारिश है कि किसी लुगात (शब्दकोष) में कुंताप का मतलब “पेट के छिपे हुए पुर्जे” दिखा दें!
२. अगर मान भी लिया जाए कि जाकिर भाई एम बी बी एस की खोज ठीक है तो इन “छिपे हुए पुर्जों” का नाफ (नाभि) से क्या ताल्लुक है? पेट में आंत, लीवर वगैरह तो छुपे होते हैं लेकिन केवल नाफ ही छुपी नहीं होती! तो फिर कुंताप =छुपा हुआ का मतलब नाफ=न छुपा हुआ कैसे होगा?
३. वैसे गोल धरती का ‘बीच’ उसके अन्दर होता है न कि उसकी सतह पर! तो जब मक्का भी सतह पर है तो वह गोल धरती की नाभि नहीं हो सकती, लेकिन चपटी (flat) धरती की जरूर हो सकती है! अब फैसला जाकिर भाई पर है कि चपटी धरती पर रहना है कि गोल धरती पर! वैसे बताते चलें कि इस्लाम धरती को गोल मानता ही नहीं. इसी वजह से पूरी कुरान में एक भी आयत ऐसी नहीं जिसमें धरती को गोल माना गया है!

(इस्लाम में मक्का को इतना ऊंचा दर्जा दिए जाने के पीछे कुछ तारीखी वजूहात (ऐतिहासिक कारण) हैं. इस्लाम के वजूद से पहले भी मक्का की पूजा होती थी और वो लोगों में इतनी गहराई से बैठी थी कि मुहम्मद साहब इसका विरोध करके अपना मजहब नहीं फैला सकते थे. यही वजह है कि सातवें आसमान पर बैठे अल्लाह की इबादत करने का दावा करने वाले मुसलमान भाई दिन में पांच बार काबा को सर झुकाते हैं और जिन्दगी में एक बार वहां जाकर उसके चक्कर काटने से जन्नतनशीं होने के सपने देखते हैं! काबा को चूमना, उसके चक्कर काटना वगैरह सब बातें मक्का के मुशरिक पहले से ही करते थे और मुहम्मद साहब को भी इसको जारी रखना पड़ा, भले ही ये बातें सच्चे अल्लाह की इबादत से दूर हैं.)

४. जाकिर भाई का मन्तक (तर्क) कहता है
कुंताप = पेट के छिपे हुए पुर्जे = नाफ (नाभि) = केंद्र = धरती का केंद्र = मक्का
इसलिए,
कुंताप = मक्का

तो अब जाकिर भाई के इस मन्तक से देखते हैं कि क्या होता है
जहर = मौत = पूरा आराम = अमन चैन (शांति या peace ) = इस्लाम (जाकिर साहब खुद ही कहते हैं की इस्लाम का मतलब peace होता है, अपने कार्यक्रम का नाम भी Peace कान्फरेन्स रखा है)
इसलिए, जहर = इस्लाम

हम अपने दानिशमंद (बुद्धिमान) भाईयों और बहनों से पूछते हैं कि जाकिर भाई के मन्तक इस्लाम का रुतबा (स्तर) बढाने वाले हैं या उसका मजाक बनाने वाले?

Prophet-in-Hindu-Scriptures-–-Vedas-(Part-3)

जाकिर भाई:
कुछ लोगों ने इस कुंताप सूक्त के तर्जुमे (अनुवाद) किये हैं, जैसे एम ब्लूमफील्ड, प्रोफ़ेसर राल्फ ग्रिफिथ, पंडित राजाराम, पंडित खेम करण वगैरह.
अग्निवीर:
१. इन लोगों में से पहले दो तो ईसाई मजहब फैलाने के मकसद से किताबें लिखने वाले ईसाई थे. वेद के मामलों में ऐसे लोगों के मनमाने मतलब कोई मायने नहीं रखते.
२. वैसे इन लोगों ने कभी भी किसी मंत्र में मक्का या मुहम्मद या इनसे जुड़ी किसी बात का जिक्र तक नहीं किया! केवल एक लफ्ज़ “ऊँट” ही था जो इन लोगों के तर्जुमे और जाकिर भाई के तर्जुमे में एक सा है! जाकिर भाई ने सब मन्त्रों में जहाँ कहीं भी “ऊँट” आया है वहां जबरदस्ती मक्का और मुहम्मद को घसीट लिया है. यह अभी आगे साबित हो जाएगा. इस लेख को पढने वाले भाई बहन इन सब मन्त्रों पर ग्रिफिथ के तर्जुमे को http://www.sacred-texts.com/hin/av/av20127.htm यहाँ पर पढ़ सकते हैं और खुद फैसला कर सकते हैं कि जाकिर भाई सच बोल रहे हैं कि झूठ. हम नीचे पंडित खेम करण के किये तर्जुमे (अनुवाद) को दिखा कर आपसे पूछेंगे कि जाकिर भाई सच के उस्ताद हैं कि झूठ और मक्कारी के! आप इस तर्जुमे को http://www.aryasamajjamnagar.org/atharvaveda_v2/atharvaveda.htm यहाँ पढ़ सकते हैं.

जाकिर भाई:
कुंताप सूक्त मतलब अथर्ववेद [२०/१२७/१-१३] की ख़ास बातें हैं-
मन्त्र १. वह नाराशंस या जिसकी तारीफ़ की जाती है, मुहम्मद है. वह कौरम यानी अमन और उजड़े हुओं का राजकुमार, जो ६००९० दुश्मनों के बीच भी हिफाजत से है.
मन्त्र २. वह ऊँट पर सवार रहने वाला ऋषि है जिसका रथ (chariot) आसमानों को छूता है.
मन्त्र ३. वह मामह ऋषि है जिसको १०० सोने की अशर्फियाँ, १० हार, तीन सौ घोड़े और दस हज़ार गाय दी गयी हैं.
मन्त्र ४. ओ इज्जत देने वाले!
अग्निवीर:
असली तर्जुमा (पंडित खेम करण)
मन्त्र १. नाराशंस मतलब लोगों में तारीफ़ पाने वाला ही असली तारीफ़ को पायेगा. ओ कौरम (धरती पर राज करने वाले), हम बहुत तरह के तोहफे उन जांबाज (वीर) लोगों से पाते हैं जो दहशतगर्द कातिलों को ख़त्म करते हैं.

मन्त्र २,३. उसके रथ में तेज चलने वाले बहुत से ऊँट और ऊंटनी हैं. वह सौ अशर्फियों, दस हारों, तीन सौ घोड़ों और दस हजार गायों को मेहनतकशों (उद्यमी मनुष्यों) को देने वाला है.

मन्त्र ४. इस तरह से अच्छी बातें फैलाते रहो जैसे पंछी सदा पेड़ों से चिल्लाते रहते हैं.

अब तक जाकिर भाई और बाकी के तर्जुमाकारों में यह अंतर है कि जाकिर भाई ने कुछ लफ्ज़ अपनी तरफ से डालकर मुहम्मद पैगम्बर के वेदों में होने का रास्ता बनाया है जबकि औरों को जैसे यह खबर भी नहीं कि अरब में कोई तारीफ़ पाने लायक पैगम्बर अभी अभी होकर गुजरा है! हाँ एक बात जो दोनों तर्जुमों में एक सी है और वो है “ऊँट“!
अब देखें कि जाकिर भाई आगे क्या कहते हैं!

जाकिर भाई:
इस संस्कृत के लफ्ज़ नाराशंस का मतलब है “तारीफ पाया हुआ”, जो कि अरबी के लफ्ज़ “मुहम्मद” का तर्जुमा ही है.
अग्निवीर:
१. अरबी बिस्मिल्लाह यानी “बिस्मिल्ला हिर्रहमानिर्रहीम” को हिंदी में बदलने पर “दयानंद की जय” ऐसा मतलब निकलता है! इसका मतलब यह हुआ कि कुरान दयानंद की तारीफ़ से ही शुरू होती है! तो फिर हमारे मुसलमान भाइयों को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए अगर कल हिन्दू यह कहने लगें कि कुरान में दयानंद के आने की भविष्यवाणी है!
२. और नाराशंस से मुहम्मद तक का सफ़र ऐसा ही है जैसा सफ़र जहर से इस्लाम तक था! जहर = मौत = पूरा आराम = अमन चैन = इस्लाम
इसलिए, जहर = इस्लाम

जाकिर भाई:
संस्कृत के लफ्ज़ “कौरम” का मतलब है “अमन को फैलाने और बढाने वाला”. पैगम्बर मुहम्मद “अमन के राजकुमार” थे और उन्होंने इंसानियत और भाईचारे का ही पैगाम दिया. “कौरम” का मतलब उजड़ा हुआ भी होता है. मुहम्मद साहब भी मक्का से उजाड़े गए और मदीने में जाना पड़ा.
अग्निवीर:
१. “कौरम” का मतलब है “जो धरती पर अमन से राज करता है”. अब देखें, तारीख (इतिहास) गवाह है कि पैगम्बर मुहम्मद की जिंदगी खुद कितनी अमन चैन में गुजरी थी! कितनी अमन की लड़ाईयां उन्होंने लड़ीं, कैसे मक्का फतह किया और किस अमन का पैगाम कुरान में काफिरों के लिए दिया है, यह सब बताने की जरूरत नहीं!
२. वैसे जिस तरह मुहम्मद साहब मक्का से उजाड़े गए, उसी तरह कृष्ण जी भी मथुरा से उजाड़े गए और उन्हें द्वारिका में जाना पड़ा. कृष्ण के मायने भी “तारीफ किये गए” और “शांति दूत” मतलब अमन का पैगाम देने वाले हैं, फिर तो ये मन्त्र उन पर भी लागू होता है!
३. और कौरम से मुहम्मद तक का सफ़र भी ऐसा ही है जैसा सफ़र जहर से इस्लाम तक था! जहर = मौत = पूरा आराम = अमन चैन = इस्लाम
इसलिए, जहर = इस्लाम

जाकिर भाई:
वह ६००९० दुश्मनों से बचाया जाएगा, जो कि मक्का की उस वक़्त की आबादी थी.
अग्निवीर:
हमारा सवाल है कि कौन से आबादी नापने की तकनीक से जाकिर भाई ने अब से चौदह सौ साल पहले की मक्का की आबादी खोज निकाली? कहीं यह कोई इल्हाम तो नहीं?

जाकिर भाई:
वह पैगम्बर ऊँट की सवारी करेगा. इससे यह जाहिर होता है कि यह कोई हिन्दुस्तानी ऋषि नहीं हो सकता, क्योंकि किसी ब्राह्मण को ऊँट की सवारी करना मनु के उसूलों के खिलाफ है. [मनुस्मृति ११/२०२]
अग्निवीर:
१. पंडित खेम करण के तर्जुमे के हिसाब से उस रथ में बीस ऊँट और ऊंटनी होंगे. अगर यह बात है तो कौन सी सीरत और हदीसों में लिखा है कि मुहम्मद साहब ऐसे किसी रथ पर सवार भी हुए थे? और क्या पूरी इंसानी तारीख में केवल पैगम्बर मुहम्मद ही वाहिद (इकलौते) इंसान थे जो ऊँट की सवारी करते थे? अगर नहीं तो आपको इस मन्त्र में सिर्फ उनका नाम ही क्यों सूझा?
२. मन्त्र एक राजा के बारे में है ना कि ब्राह्मण के बारे में. तो इसलिए मनु के उसूल इस मन्त्र पर घटते ही नहीं क्योंकि मनु का श्लोक ब्राह्मण के लिए ही है!

जाकिर भाई:
मन्त्र में ऋषि का नाम मामह है. हिन्दुस्तान में किसी ऋषि या पैगम्बर का नाम यह नहीं था…… कुछ संस्कृत की किताबें इस पैगम्बर का नाम मोहम्मद बताती हैं…..असल में इससे मिलता जुलता लफ्ज़ और मतलब तो पैगम्बर मुहम्मद पर ही घटता है.
अग्निवीर:
१. मन्त्र में लफ्ज़ “मामहे” है न कि “मामह”! जाकिर भाई ने किस किताब में इसका मतलब मुहम्मद या मोहम्मद देखा यह बात बड़े पते की है क्योंकि-

मन्त्र में “मामहे” लफ्ज़ एक क्रिया (verb) है ना कि कोई संज्ञा/आदमी (noun)! इस पूरे मन्त्र में केवल यही एक क्रिया (verb) है और कोई नहीं! अगर इस लफ्ज़ “मामहे” से किसी आदमी का मतलब लेंगे तो पूरे मन्त्र का कोई तर्जुमा ही नहीं बन सकता क्योंकि फिर इस मन्त्र में कोई क्रिया (verb) ही नहीं बचेगी!

२. और भी, यह क्रिया (verb) दो से ज्यादा लोगों के लिए आई है (बहुवचन), किसी एक आदमी के लिए नहीं! तो इस तरह इस लफ्ज़ से एक आदमी को लेना नामुमकिन है!

जाकिर भाई:
मन्त्र में जो सौ अशर्फियों की बात है, वो मुहम्मद पैगम्बर के साथियों और शुरू के ईमान लाने वालों के लिए है जिस वक़्त मक्का में हालात ठीक नहीं थे….
अग्निवीर:
१. यह एक और मौजजा (चमत्कार) ही समझना चाहिए कि अचानक सोने की अशर्फियाँ मोमिनों में तब्दील हो गयीं! लेकिन जाकिर भाई इस मौजजे का जिक्र कुरान में तो नहीं है, तो क्या अब आप पर भी इल्हाम …..? अल्लाह इमान सलामत रखे!
२. किसी इस्लामी किताब में सहाबा और शुरू के ईमान वालों की गिनती सौ तक नहीं गयी! कुछ सीरत चालीस तक ही बताती हैं. देखें http://www.religionfacts.com/islam/history/prophet.htm

जाकिर भाई:
दस हारों का मतलब यहाँ १० सहाबाओं से है. ये वे हैं जिनको खुद पैगम्बर ने यह खुश खबरी सुनाई कि वे सब जन्नत में दाखिल होंगे-अबू बकर, उमर, उथमान, अली, तल्हा, जुबैर, अब्दुर रहमान इब्न आउफ, साद बिन अबी वकास, साद बिन जैद, और उबैदा…
अग्निवीर:
१. वही मौजजा! गले के हार = सहाबा
२. वैसे ये १० गले के हार मूसा के दस उसूल (Ten Commandments) क्यों न माने जाएँ?
३. यहाँ रुक कर हम अपनी मुसलमान माताओं और बहनों से एक बात कहेंगे. ऊपर दिए गए दस लोगों में से एक भी औरत नहीं है, जिसकी जन्नत जाने की खबर मुहम्मद ने अपन मुहँ से सुनाई थी. आप सोच लें की आपकी इज्जत इस्लाम में कितनी है. हमें इस पर और कुछ नहीं कहना.

जाकिर भाई:
संस्कृत के अल्फाज़ गो का मतलब है लड़ाई के लिए जाना. गाय भी “गो” कही जाती है और वह लड़ाई और अमन दोनों की निशानी है. मन्त्र में दस हज़ार गायों से मुराद असल में मुहम्मद के उन दस हज़ार साथियों से है जो फ़तेह मक्का में उनके साथ थे जो कि दुनिया की पहली ऐसी फ़तेह (जीत) थी जिसमें कोई खून नहीं बहा. जहाँ ये दस हज़ार साथी गाय की तरह ही अच्छी आदत वाले और प्यारे थे वहीँ दूसरी तरफ ये ताकतवर और भयानक थे जैसा कि कुरान के सूरा फतह में आया है कि “जो मुहम्मद के साथ हैं वे काफिरों के खिलाफ ताकतवर हैं, लेकिन आपस में एक दूसरे का ख्याल करने वाले हैं” [कुरान ४८:२९]
अग्निवीर:
१. संस्कृत के कौन से उसूल से गो का मतलब “लड़ाई पर जाना” निकलता है? कहीं जाकिर भाई अंग्रेजी के “go” से तो जाने का मतलब नहीं निकाल रहे? वैसे संस्कृत में गो लफ्ज़ के कई मायने हैं जैसे गाय, धरती, घूमने वाली चीज वगैरह. लेकिन इस मन्त्र में गो का मतलब गाय ही है क्योंकि यहाँ बात लेने देने की है.
गाय का दान करना वैदिक धर्म का बहुत पुराना रिवाज है जो आज भी काफी चलता है. जितने भी वैदिक धर्म के बड़े लोग हुए, वे सब गाय और बाकी जानवरों की हिफाजत करने के लिए जाने जाते थे. यहाँ तक कि गाय वैदिक सभ्यता के रीढ़ की हड्डी समझी जाती है. ईश्वर बहुत जल्द वह दिन दिखाए कि कोई दहशतगर्द कातिल चाहे अल्लाह के नाम पे और चाहे देवी के नाम पे फिर कभी किसी मासूम के गले न चीर सके.

२. खैर, बात यह है कि वेद में हर जगह सब जानवरों की और ख़ास तौर से गाय की हिफाज़त करना राजा और लोगों पर जरूरी बताया गया है. जाकिर भाई के हिसाब से भी गाय मुहम्मद के साथियों की तरह प्यार करने लायक और हिफाज़त करने लायक है. लेकिन मुहम्मद और उनपर ईमान लाने वाले मुसलमान तो गाय के सबसे बड़े मारने वाले लोग हैं. ईद पर गाय काटना बहुत सवाब (पुण्य) देने वाला काम समझा जाता है. तो बात यह है कि अगर दस हजार गायों से मुहम्मद के साथियों से मुराद है तो मुहम्मद या कोई और मुसलमान गाय को नहीं मारते. पर ऐसा नहीं है. यह इस बात की दलील है कि जाकिर भाई की दस हज़ार गाय वाली बात भी मन घड़ंत, संस्कृत के इल्म से बेखबर, और मन्तक पर खारिज हो जाने वाली है.

३. जाकिर भाई के हिसाब से इस मन्त्र में आने वाले लफ्ज़ “गो” का मतलब लड़ाई की निशानी, अमन की निशानी, और लड़ाई के लिए जाना है! यानी एक ही वक़्त में यह लफ्ज़ noun भी है और verb भी! जाकिर भाई इस नए इल्म के खोजकार ठहरते हैं और इस लिए उनको बहुत मुबारकबाद!

जाकिर भाई:
इस मन्त्र में लफ्ज़ “रेभ” आया है, जिसका मतलब है तारीफ़ करने वाला और इसका अरबी में तर्जुमा करने पर “अहमद” बनता है जो मुहम्मद (सल्लo) का ही दूसरा नाम है.
अग्निवीर:
१. और रेभ से मुहम्मद तक का भी सफ़र ऐसा ही है जैसा सफ़र जहर से इस्लाम तक था! जहर = मौत = पूरा आराम = अमन चैन = इस्लाम
इसलिए, जहर = इस्लाम
२. इसी तरह- बिस्मिल्ला हिर्रहमानिर्रहीम = दयानंद की जय

और क्या कहें इस उल जलूल तर्क पर!

जाकिर भाई:
अथर्ववेद [२०/२१/६]- “ओ सच्चे लोगों के स्वामी! ……जब तुम दस हजार दुश्मनों से बिना लड़ाई किये जीते….”
यह मन्त्र इस्लाम की तारीख की जानी मानी लड़ाई, अहजाब की लड़ाई का जिक्र करता है जो मुहम्मद के जीतेजी ही लड़ी गयी थी. इसमें पैगम्बर बिना किसी लड़ाई के ही जीत गए थे जैसा की कुरान [३३:२२] में लिखा है.
इस मन्त्र में लफ्ज़ “करो” का मतलब है इबादत करने वाला, और जब इसका तर्जुमा अरबी में करते हैं तो यह अहमद बनता है जो मुहम्मद का दूसरा नाम है.
मन्त्र में आये दस हजार दुश्मन असल में मुहम्मद के दुश्मन थे और मुसलमान केवल तादात में तीन हजार थे. और मन्त्र के आखिरी लफ्ज़ “अप्रति नि भाष्या” के मायने हैं कि
दुश्मनों को बिना लड़ाई के ही हरा दिया गया.
अग्निवीर:
असली तर्जुमा (पंडित खेम करण): “ओ सच्चे लोगों को बचाने वाले! तुम उनसे खुश होते हो जो दुश्मनों को लड़ाई में अपनी जांबाजी और हौंसले से सबको खुश कर देते हैं. अपने बेहतरीन कामों से दस हज़ार दुश्मन बिना किसी तकलीफ के हरा दिए गए हैं.”

१. अगर ये मन्त्र अहज़ाब की लड़ाई की बात करता है तो इसमें पैगम्बर के लश्कर (सेना) की तादाद क्यों नहीं दी गयी?
२. मन्त्र में आये लफ्ज़ “दश सहस्र” वेदों में कई ठिकानों पर आये हैं, और इसके मायने बहुत बड़ी तादाद के हैं. कई बार ना गिने जा सकने वाले भी!
३. वैसे इस मन्त्र में “करो” जैसा कोई लफ्ज़ ही नहीं! नजदीक से नजदीक एक लफ्ज़ “कारवे” तो है पर इसका मतलब है “काम करने वाले के लिए” न कि “इबादत करने वाला” जैसा जाकिर भाई ने लिखा है! अब क्योंकि मुहम्मद का कोई नाम “काम करने वाले के लिए” नहीं है तो इस मन्त्र में उनके होने की सब दलील ख़ाक में मिल जाती हैं.
४. असल में यह मन्त्र ख़ास तौर से रूहानी (आध्यात्मिक) लड़ाई, जो हर वक़्त आदमी के जेहन में अच्छाई और बुराई के बीच चलती रहती है, के बारे में बताता है और इसे जीतने का हौंसला भी देता है. इसी वजह से बिना खून खराबे के लड़ाई जीतने की बात है. दूसरी तरफ यह सूक्त लड़ाई में अच्छे दांव पेच लगाकर बिना खून बहाए अपने दुश्मन को जीतने का रास्ता भी दिखाता है. पर इसमें, जैसा कि हम दिखा चुके हैं, कोई तारीखी वाकया (ऐतिहासिक घटना) शामिल नहीं है.

जाकिर भाई:
मक्का के मुशरिकों की हार की दास्ताँ अथर्ववेद [२०/२१/९] में इस तरह है- “ओ इंद्र! तुमने बीस राजाओं और ६००९९ आदमियों को अपने रथ के भयानक पहियों से हरा दिया है जो तारीफ़ किये हुए और अनाथ (मुहम्मद) से लड़ने आये थे”
मक्का की आबादी मुहम्मद की वापसी के वक़्त करीब साथ हज़ार थी. साथ ही मक्का में बहुत से कबीले और उनके सरदार थे. वो कुल मिलाकर करीब बीस सरदार थे जो पूरी मक्का पर हुकूमत करते थे. “अबन्धु” मतलब बेसहारा जो कि तारीफ़ किये हुओं में से है. मुहम्मद ने अल्लाह की मदद से अपने दुश्मनों पर फतह पायी.
अग्निवीर:
१. जाकिर भाई क्या किसी सीरत या हदीस से ये ६०००० आबादी वाली बात बताने की जहमत गवारा करेंगे? या फिर जैसा हमने पहले कहा कि क्या जाकिर भाई पर भी इल्हाम …….! अल्लाह ईमान सलामत रखे!
२. इस मन्त्र का लफ्ज़ दर लफ्ज़ (शब्दशः) तर्जुमा यह है कि ६०००० से ज्यादा दुश्मन और उनके २० राजा भयंकर रथों के पहियों तले रौंद डाले गए. मतलब दुश्मनों के लश्कर में ६०००० सिपाही थे. इसका मतलब यह कि मक्का की पूरी आबादी (जवान, बूढ़े, बच्चे, औरत) सब ही उस लडाई में पहियों तले कुचल डाले गए! तो अगर इस मन्त्र में मुहम्मद है भी तो वह एक भयानक कातिल, जिसने बच्चों, औरतों, बूढों किसी को नहीं छोड़ा, साबित होता है. क्या अब भी कोई मुहम्मद और इस्लाम के अमन के पैगाम पर सवालिया निशान लगा सकता है?

३. असल में, मक्का की लड़ाई एक छोटी सी कबीलों की जंग थी जिसमें हज़ार के आस पास मक्का के और तीन सौ के आस पास मुहम्मद के मुजाहिदीन शामिल थे. तो इस लड़ाई में ६०००० की बात सोचना नामाकूल बात है.

२. ऋग्वेद में मुहम्मद (सल्लo)

जाकिर भाई:
इसी तरह की भविष्यवाणी ऋग्वेद (१/५३/९) में मिलती है.
संस्कृत लफ्ज़ जो यहाँ आया है वो है “सुश्रमा” जिसका मतलब है “तारीफ़ किये जाने के काबिल” जिसका अरबी तर्जुमा मुहम्मद ही है.
अग्निवीर:
इसका मतलब भी पिछले मन्त्र जैसा ही है यानी उससे भी मुहम्मद पूरी काबा की आबादी का कातिल ठहरता है.
२. मन्त्र में कहीं भी “सुश्रमा” नहीं आया!
३. एक लफ्ज़ “सुश्रवसा” जरूर है जिसका मतलब है “सुनने वाला” और “दोस्त”, जिसका इस मन्त्र में मुहम्मद से कोई ताल्लुक ही नहीं!

३. सामवेद में मुहम्मद (सल्लo)

जाकिर भाई:
पैगम्बर मुहम्मद सामवेद (२/६/८) में भी पाए जाते हैं. “अहमद ने अपने स्वामी से इल्हामी इल्म हासिल किया. मैंने उससे वैसा ही नूर (प्रकाश) हासिल किया जैसा कि सूरज से”. इससे पता चलता है कि
इस पैगम्बर का नाम अहमद है. कई तर्जुमाकारों (भाष्यकारों) ने इसे गलत समझा और इसे अहम् अत ही लिखा और इसका मतलब निकला “मैंने ही अपने पिता से असली इल्म हासिल किया है”.
पैगम्बर को इल्हामी इल्म हासिल हुआ, जो कि शरियत है.
ऋषि को इल्म हुआ मुहम्मद की शरियत से. कुरान [३४:२८] में लिखा है- “हमने तुझे भेजा है सबके लिए न कि किसी एक के लिए, उनको समझाने के लिए और चेतावनी देने के लिए, पर अधिकतर लोग समझते नहीं”
अग्निवीर:
कोई कुछ समझा क्या? पहले हम भी नहीं समझे थे! पर समझ कर अब इस पर लिख रहे हैं. हो सकता है आप हमारी राय देख कर जाकिर भाई की बातों को समझ सकें!
१. जाकिर भाई को पहले यह सीखना चाहिए कि वेदों के हवाले (reference) कैसे दिए जाते हैं. सामवेद के हवाले इस तरह नहीं दिए जाते. इसलिए जब उनको यह मन्त्र सही हवालों के साथ कहीं मिले तो हमारी नजर कर दें, हम इसका भी हल कर देंगे! हमने बहुत खोजा पर यह मंत्र हमे कहीं नहीं मिला.
२. एक बड़ा सवाल यहाँ यह है कि जब वेद अहमद, सहाबा, मुहम्मद के साथियों की तादाद, मक्का की आबादी, उसके सरदारों की गिनती वगैरह बिलकुल ठीक से बताते हैं तो फिर सीधा “मुहम्मद” नाम क्यों नहीं लेते? अल्लाह मियां ने इतनी अफरा तफरी क्यों मचा के रखी है? क्यों नहीं सीधे सीधे इकट्ठे एक ही जगह पर कुछ मन्त्रों में मुहम्मद का नाम और उसकी पूरी सीरत (जीवन चरित्र) डाल देता की काफिरों को यकीन हो जाता कि मुहम्मद ही असली पैगम्बर है और जन्नत की चाबी लिए हुए है?

कुछ आखिरी बातें!

१. क्या अल्लाह को अपने आखिरी रसूल का नाम नहीं पता था कि इशारों में लोगों को समझा रहा था कि ऊँट की सवारी करेगा और ६०००० लोगों को कुचल देगा, वगैरह?
२. अगर हजारों साल पहले ही अल्लाह ने वेद में यह लिख दिया था कि कुछ लोग कुचले जायेंगे और कुछ जन्नत में भेजे जायेंगे तो फिर उसने सबके लिए जन्नत ही जन्नत क्यों नही लिखी?
३. जब वेद की बातें एकदम मुहम्मद (सल्लo) की जिन्दगी से मेल खा रही हैं (जाकिर भाई कि नज़रों में!) तो फिर वेद को इल्हामी किताब मानने में क्या तकलीफ है?
४. अगर वेद इल्हामी है तो जाकिर भाई किताबों के नाम वेद से शुरू न करके तौरेत से क्यों शुरू करते हैं? और कुरान में वेद का नाम क्यों नहीं?
५. अगर वेद इल्हामी नहीं तो झूठी किताब से मुहम्मद और अल्लाह की मजाक उड़ाने की हिमाकत जाकिर भाई ने कैसे की और सब उलेमा इस पर खामोश क्यों हैं?
६. अब जब यह बात खुल गयी है कि वेद में मुहम्मद मानने की कीमत मुहम्मद को एक पूरी कौम का कातिल मानने की है तो क्या अब भी यह सौदा जाकिर भाई को क़ुबूल है?
७. वेदों में मुहम्मद का फलसफा असल में कादियानी मुल्लाओं का है. वैसे भी जाकिर भाई बिना बताये कादियानियों की किताबों से सामान लेकर अपनी किताबें बनाते हैं तो क्या कादियानियों पर उनका घर जैसा हक समझा जाये? अगर ऐसा है तो फिर जाकिर भाई ने आज तक ये राज हमसे क्यों छिपाए रखा कि वो एक कादियानी हैं?

आखिर में हमारी जाकिर भाई और उनके सब साथियों और चाहने वालों से यही गुजारिश है कि सब झूठी भविष्यवाणियों और पैगम्बरों को छोड़ कर अपने असली घर वेद के धर्म में आ जाएँ. जहाँ जन्नत/सुख की चाबी किसी मुहम्मद के पास नहीं पर एक ईश्वर के पास है. जहाँ तारीफ करने के काबिल केवल वही एक ईश्वर है न कि कोई पैगम्बर.

वह एक है, जो कि पूरी कायनात को संभाले रखता है, जो सब के अन्दर घुसा हुआ, सबके बाहर फैला हुआ, हाज़िर नाजिर, बिना जिस्म, सारी कुव्वतों का एक अकेला मालिक, कामिल, न कभी पैदा हुआ, न कभी मरेगा, सदा रहने वाला और सबका सहारा ईश्वर ही है. उसके अलावा और किसी की इबादत हम न करें. [यजुर्वेद]

This article is also available in English at http://agniveer.com/528/prophet-vedas/

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Comments

  1. Manoj says

    Bahut hi badiya tarike se app ne zhut ka postmartem kiya ha Postmartem is liye kyoni zhut mara hua hi hota hai wo sacchai ki tarah jevant ho nhi sakta
    and the best part of tryh is u never have to remember it

    • Asif Rehman says

      Aap plz khud nishpaksh tahqik karen aur dekhen ki kya sachmuch me jhut ka postmartem hua hai ya kahin shayad sach hi ka qatl karni ki sajish to nahi ki gayi hai kyonki agar aisa hai to ye sajish kabhi bhi kamyab nahi ho sakti.
      sach ko usi tarhan janiye jis tarhan aapko agar kisi address par pahunchna hota hai to aap saaf man se uski tahqik karte hain.
      Kyonki Bhagwan ke bare me sach sabse bada sach hai jise janna sabse zaruri hona chahiye.

      • Anil says

        इस्लाम के नींव में ही खोट है !! आदम एंड इव से ज्यादा बड़ा मज़ाक कुछ नहीं हो सकता ! यह सोचना की सारी मानव जात एक ही माँ और बाप से आई है , इससे बड़ा मज़ाक और कुछ नहीं हो सकता ! विज्ञानं यह prove कर चुका है अब तक १०,००० विभिन्न तरह के डीएनए पाए गए है और अभी खोज जारी है ! इसका सीधा मतलब के हम १ माँ और बाप के संतान नहीं है !!कम से कम १०,००० मा बाप तो रहे होंगे इस मानव जाती के !! अब सवाल यह है की जब इस्लाम की नींव ही गलत है तो यह मज़हब कहाँ से ठीक होगा !!

    • tarukh siddiqui hashmati says

      @manoj jhoot mara hota hai jeevant nahi magar aapke dharm me to kayi baat hain jo na hote huye bhi jeevant hain jaise bachpan me hanumaan ne aam samajh ke suraj kha liya aur krishn ne chhoti ungli per pahad utha liya

      • Prithvi says

        tarukh ji
        pehle apney islam ko dekhiye
        udhta hua gadha , 72 hoorein , flat earth , kunwari mata , splitting moon , chasing stones ,shooting stars , splitting oceans yeh to kisi comics se bhi kam nahi hain.

        • tarukh siddiqui hashmati says

          are bewazuf ladki tujhe ye nahi pata ki sabse pehle glob ek muslim ne hi banaya tha aur wo goal tha uska naam al idreesi tha aur ye splitting ocean ki baat sirf islam me hi nahi eesai aur yahudi bhi mante hain to ek taraf 4 arab se zyada log hain aur ek taraf tum 50-60 karod . aur splitting ocean ka sabut hai ki firaun ki laash aaj tak egypt me rakhi hai. tumhare hanujmaan ji kahan hain indraprasth kahan hai kahan hai raam setu 10000 saal purana . jise tum raam setu kehte ho wo to 17 lakh saal purani chune ki chattane hain. are jhanko apne ander hamare paas sabut hain . baki marna to hai marne ke baad jab dozakh dekhoge to sab yazeen aa jayega

          • Prithvi says

            tarukh siddiqui hashmati
            lagta apey madrassah mullaoh ne apko itihaas thik se nahi padhaya hai. Globe to sab se pehle Greeks ne nikali thi , itna hi nahi spherical earth ki soochna to greeks aur Indians ne diya tha.Aur yeh splitting ocean ko to pehle yahudi aur isai log mante hain aur musalmanoon ne toh unse copy paste karke rakhe hain, Pharooah egypt me raha karte thain , un per toh aaplogon ne toh imaginary stories banake rakhe hain aur aap yeh kaise bol diya duniya bhar k log iss par yakeen karte hain jabki intellegient log isey bakwas mante hain. Ram sethu ka jaisey description hua hai woh toh bilkul samundar main hain, heaven aur hell per to karodo log viswas karte hain lekin aap logon ki tarah andh viswas me nahi jeete .

          • Mukul says

            @tarukh siddiqui hashmati : 50-60 karod aur 3-4 arab, yeh kya muqabla hai tarukh? 100 gadhey aur 1 ghoda dauda lo , race to wohi 1 ghoda he jeetega,
            human race is all about improvement of quality of thought, act, and spirit, ( man, karam aur atma ) a quanity can not be a possible criteria. sach to sach hai, woh sanatan( eternal) hai , wo nidar bhi hai, aur nishkaam bhi, usko iss baat se koi farak nai pad’ta ki koi usko maney ya na maney, issi liye sanatan dharam ek prachar prakriya hai na ki ek forced dharam parivartan based on fake and aggressive, mostly meaning less interpretations by that ‘zakir naik’

        • tarukh siddiqui hashmati says

          ji main bina kisi proof ke nahi bolta net pe al idrisi ka naam daalke dekh lo maine mulla maulvi hi nahi padhi hindu mythology bhi padhi hai aur computer science bhi ye bina sabutke aap bolte ho ham nahi
          chalo ye to mana ki ocean splitting pe isai aur yahoodi vishwas karte hain ab aap un logon ko intelligent mano ya na mano yaqeen to sab karte hain aur aapka ram setu 17 lakh saal purana hai aur raam aur ravan lafbhag 10000 saal purane according to you to fir sugrive ki sena ne kaise ye raam setu banaya. aur jannat aur dozakh ke bare me hindu dharm me kya likha hai mujhe bhi batawo main janna chahta hu

          • Prithvi says

            splitting ocean ek fairy tales hai jiska koi vaigyanik praman nahi hai .WAise duniya me toh bahut se log isey toh ab bakwas man ne lagey hain.
            hinduism key barey mein janne key liye hindu websites jao ,aur aap kaise man liya ki bina saboot k hum bolte hain , aap log to khud copy paste k mahir hain , apke al idriusi se pehle toh humare aryabhtaji aur anek greek scientists ne prove kiya tha earth spherical hai , aap khud net per check kar lijiye ,
            hell fire kuch bhi nahi hai yeh to bakwas hai kya mujhe bata sakte ho kitne heaven aur hell dekhe hain?

      • raj.hyd says

        manniy tarukh ji hanuman ji ne shayad sry nam ka koi fal hoga use khaya hoga , sri krishn ji ne koi bada pattahar choti ungli se uthaya hoga , jaise kisi ko sabji lene bajar me bhej diya jaye , aur agar vah jarurat se jyada sabji le aye to kuch log ulahne ke taur par kah diy karte hai ki kya sare bajar ki sabji le aye ho ?pata nahi kyo dharm me jhuthi bate bahut shamil ho jati hai isliye inki chanbeen jarur honi chahiye jaise muhammad ji ke liye kaha jata hai ki unhone ungli ke ishare se chandrma ke do tukde kar diye the kya yahsambhav hai , miraj bhi kar aye the kya koi ek rat me satve asman me jakar a sakta hai ? yah sab jhuthi bate hai 1 in sabko dharm se nikala jana chahiye 1 agar yah sab n nikal sake to unko hargij nahi manana chahiye ! jannat v jahunnum ki bate bhi jhuthi hai , usme 72 hure, gilme [ladke] milna yah sab ashobhniy hai ! farishte , jinn adi in sabko hargij nahi manana chhiye !

        • Almohsin says

          Allah ne Quran me kaha-E Muhammad beshak ap paigambron(messengers) me se aur khuda ki taraf se sidhe raste pr mukrar(select) kiye gaye ho taki tum un logo ko khabardar krdo jinke bap dadao ko khabardar nhi kiya gaya wo gafalat me pade hue hai aur kuch log aise hai jin par Allah ki bat puri ho chuki hai aur (a muhammad) wo tum par iman(dil se allah k ek hone aur muhammad ke last messenger hone ka yekin) nhi layenge”.
          (surah yaseen)
          Bhaiyo Beshak allah chahe jise hidayat de aur chahe jise gumrgh kare.Aur gumhrah allah unhi ko karta h jo kufr(kafirana kam) krte hai.
          Hindu bhaiyon se gujarish hai k wo dilo se islam nafrat nikalkar sachae ko jane Quran ko pad kr kudh jane.
          Muhammad ko makka ke 60,000 population ka katil batane wale napak logo ko janna chahiye k makka bina jang hue vijay hua h.jin logo ne muhammad ko watan se nikala apne unhe maf kiya.MAKKA FATAH ke waqat ap k ek sathi ne kaha-“suno,aaj badle ka din hai”. Muhammad ne kha-“la(nhi) aaj to raham(dya) krne ka din hai.
          Plz muhammad ki sachi jivani janne ki koshish kijiye.
          Hadiso ki kitabo se ye bat sabit hai ki muhammad ki talwar se koi kafir katal nhi hua. Ek jang me ik kafir apki talwar k niche aya apne use chod diya,apke sathi ne kaha apne use kyo nhi mara apne kaha”AGAR YE MERI TALWAR SE MARTA TO ISE ALLAH JAHNUM(NARAK) ME DAL DENGE”.
          Bhala wo kyo kisi ko katal karega jisne apne manne walo ko ye kaha ho-“TUM ZAMEEN WALO PAR RAHAM KARO,ASMAN WALA(ALLAH) TUM PAR RAHAM KAREGA”.
          Allah hame hidayat de.”AMEEN”

          • GOD IS GREAT says

            Almohsin!

            भाईजान ! आप कृपया लेख ध्यानपूर्वक पढ़े – उसके अनुसार आपके उस्ताद ज़ाकिर नाइक ने ही अप्रत्यक्ष रुप से यह कहा कि मुहम्मद ने 60,000 निरपराध मरवाए। वेदिक मंत्र के अनुसार 60,090 मनुष्य मारे गए। अब आपके प्यारे ज़ाकिर नाइक के अनुसार यह मक्का की जनसंख्या थी। अत: मुहम्मद ने ही उन 60,090 से संग्राम किया और बच गया। यदि 60,090 वास्तव में उस समय में मक्के की जनसंख्या थी तो उनमें से कुछ औरते और कुछ बच्चे भी होंगे जो मुहम्मद ने मरवा दिये। यह तो आपके आदरणीय ज़ाकिर नाइक ने स्वयं ही सिद्ध किया। यह तो कुछ भी नही – ज़ाकिर नाइक तो यहाँ तक कहते है कि हर मुसलमान को आतंकवादी होना चाहिए। जब उनकी चोरी पकड़ी गई तो उन्होने कहा कि उन्होने यह सब धर्मग्रंथो से कहा था। अत: क़ुरान ने आतंकवाद सिखाया है। इस्लाम में अन्य मुसलमानो की बुराई नही होती (हाँजी, यह भी इस्लाम के महापण्डित ज़ाकिर नाइक ने कहा) तो मुझे पता है कि चाहे ज़ाकिर नाइक कितना भी आतंकवादी क्यों न हो, अल्लाह गवाह है कि आप उसका समर्थन अवश्य करेंगे। यदि आप उनका समर्थन नही करेंगे तो यहाँ लिखकर उनकी पोल खोल दे

            चलिए उन्हे छोड़िए – अपने हादिस सही बुखारी पढ़िए — खंड 4 पुस्तक 52 संख्या 220 के अनुसार, अल्लाह के प्रेरित ने कहा – मैं आतंक से साथ विजयी हुआ हुँ। इसका क्या अर्थ है – बताइए। और यह क्या लिखा है – http://answering-islam.org/Silas/terrorist.htm

            शैतान ने न जाने कितनो को भटकाया है। जब तक वह जिवित है तब तक कोई सही मार्ग पर कैसे आएगा। कृपया अल्लाह से प्रार्थना करो कि वह शैतान को मार दे। धन्यवाद …

          • jaya says

            kya jruri h isi trh ldna……..hm sb isi trh ldtee rhenge to us ishvar us allah ,us ram us rahim ko kaun janega…..kya ishvar allah ishu ek nahi…..kya use dukh nh hoga k uske bache kaise dharham k naam pr lad rhe h,ek dusre se nafrat kr rhee h. akhir dharam bnaye kis liye gye h sirf is liye k sb apas me bahas ke..nh hargis nh dharam isliye bnaye gye h taki ek insan kse nek rah pr chle..kse muslim me zakat or hindu me dan khe jane wale nek kam hassil kr ske….or ye dharam bnaye bh to insan ne hi h.jo bh is dharti pr paida hua vo ek insan hi tha usse jayada kch nh pr usne hmesha logo ko nek raah dikhayi na ki logo me foot dalwayi ab chahe vo insaan krishn ho,sai ho,kabir ho,mohhamad ho,ishu rhe ho,……sb kewal ek hi raah logo ko sikhana chahte the pyaar ,aman or shanti. to hme apni zindagi k ye pal is trh bhs kr k nh….uski ibadat or use pane me bitane chahiye. mere khuda mere ishvar sb pr apni mehr rkhe or apna hath bnaaye rkhe. ammeen ..shri radhe!!!

        • tarukh siddiqui hashmati says

          yaar ye chand ki baat to ek hindu ne dekhi thi raja cheraman net per uske baare me padhna to pata chal jayga ab bolo . aur jannat aur dozakh pe to duniya ke 4 arab se zyada log yakeen rakhte hain lekin tum log kis per yakeen rakhte ho. please batana zarur. main janna chahta hu thoda concept kya hai ager koyi gunah kare to uske sath kya hoga aur marne ke baad kya hoga. yaar mujhe jawab dena hindu mythology se .
          aur jannat aur dozkh ke liye yahi kahunga
          JAISI KARNI WAISI BHARNI NA MAANE TO KAR KE DEKH
          DOZAKH BHI HAI JANNAT BHI HAI NA MAANE TO MAR KE DEKH

      • Anil says

        इस्लाम के नींव में ही खोट है !आदम एंड इव से ज्यादा बड़ा मज़ाक कुछ नहीं हो सकता !! यह सोचना की सारी मानव जात एक ही माँ और बाप से आई है , इससे बड़ा मज़ाक और कुछ नहीं हो सकता ! विज्ञानं यह prove कर चुका है अब तक १०,००० विभिन्न तरह के डीएनए पाए गए है और अभी खोज जारी है !! इसका सीधा मतलब के हम १ माँ और बाप के संतान नहीं है !कम से कम १०,००० मान बाप तो रहे होंगे इस मानव जात के ! अब सवाल यह है की जब इस्लाम की नींव ही गलत है तो यह मज़हब कहाँ से ठीक होगा !

    • hannan says

      anil sahab islam ki neenv main khot hai ya aapki paidish main wo pata chal rha hai….kher tum hote hi ho bilkul jis se dar gae use bhagwan bana liya or jo faeda de gai use bhagwan kehne lage……………..kya hai yar ye sab……bataie ganesh bhagwan ho kr rota phira………ki uski gardn kat gai….or shiv agr itne hi bade bhagwan hai to apne bete ki gardn kyon wapas nhi laga sake…or matlabi to tum bhut ho……hathi k bache ki gardn kati wo bhi apni aulad ko bachane k lie thu hai yar thu…or khuch bhi poochna ya behes karni hai to jana facebook pr abdul hannan mirza k nam se hu….jis bhi naapak mardut ko behes karni ho wo karsakta hai fb pr ok bie bie….kafironnnnn

      • raj.hyd says

        manniy hannan ji, kya yahan bahas karne se dar lagta hai ? firapne ghar me ghus kar [fb] bahas karna kyo pasand karte hai ?jara batlaiye muhmmad kurani allah ke rasool hone ka dava karne ke bavjud apni sabhi santano ko kyo nahi bacha paye ? “bhari jawani me” fatima ji ko maut svikar karni padi thi kya aj ke muslim apni santano ko apni ankho ke samne marna pasan d karenge ? muhammad ji ko kis karmo ki yah saza kurni allah ne di thi ? jo any muslimo ko aurkafiro ko bhi yah saza nahi di jati hai 1

      • My name is Hindu and i am not an infidel says

        हन्नान जी हम हिन्दू लोग इश्वर को सर्वव्यापी मानते है इश्वर को इस ब्रह्माण्ड का कारण और ब्रह्माण्ड को परिणाम मानते है !!! हम मानते है की कारण को परिणाम से अलग किसी भी कीमत पैर नहीं किया जा सकता ,जैसे सोने को अगर गहनों का कारण मानें और गहनों को परिणाम तो क्या आप सोने को गहनों से अलग कर सकते है ?क्या आप मिटटी को घड़े से अलग कर सकता है? पानी को समुन्द्र से अलग कर सकता है ? जब आप इनमे से किसी भी कारण को परिणाम से अलग नहीं कर सकते तो कैसे इश्वर को उसकी सृष्टि से अलग कर सकते है ?इसीलिए हम हिन्दू और भारतवर्ष में जन्मे सभी धर्म वाले लोग इश्वर को सर्वव्यापी मानते है!! लेकिन ईसाई और मुसलमान मानते है की खुदा इस कायनात का कारण तो है पैर वोह चौथे या सातवे माले पर रह कर पूरी सृष्टि को रिमोट से संचालित कर रहा है.!! जो की किसी भी तर्क की दृष्टि से संभव ही नहीं है !!अब बताओ किसकी नीन्व् में खोट हुआ ?आप लोग डार्विन के सिद्धांत को नहीं मानते है और अदम एंड इव को इंसानियत की शुरुआत मानते है, जो की विज्ञानं द्वारा गलत साबित हो चूका है !!विज्ञानं कहता है की इन्सान के कम से कम १०,००० माँ और बाप तो रहे होंगे!! यह सच डीएनए के परिणाम से आया है !!! अब बताओ की किसकी नींव में खोट है !!! मैं बहुत कुछ और कह सकता हूँ पर आप लोग बुरा मान जाओगे सो छोड़ो !! जहाँ टेक गणेश की कहानी का सुम्बंध है यह सब कथाएं है और इनका कुछ प्रतीकात्मक महत्व है,वास्तव में पुरानों का निर्माण ही सिर्फ प्रतीकात्मक है जिसे मजेदार कहानियों के द्वारा समझाया गया है !! आप लोगों को यह समझ नहीं आयेगा !! रमजान का महिना चल रहा है कुछ आचे काम करो और खुदा की इबादत करो और ईद की तैयारियां करो सेवेयां खाओ और कुछ हम काफिरों को भी खिलाओं क्योंकि हम तुम्हारे खुदा ली तरह से एक मुस्लिम और गई मुस्लिम में भेद नहीं करते :)Anil

  2. YASHPAL UBHAN says

    परिवार नियोजन पर जाकिर नायक कहते हैं कि वह अपने मां बाप की पांचवी औलाद हैं और अगर उनके माँ बाप ने परिवार नियोजन किया होता तो वह शायद पैदा नहीं होते, और वह समाज के लिए वरदान हैं ,इसलिए परिवार नियोजन का इस्लाम विरोध करता है ,….मेरा यह कहना है कि,लादेन भी शायद अपने माँ बाप की पांचवी या छठी औलाद हैं, और उनके माँ बाप दो में बस कर लेते तो शायद दुनिया इतनी दहशतगर्दी से बच जाती

    • aknan shaikh says

      parivaar niyojan… hinduism me khud kahaa gayaa h jo mne ek social science ki book me parha tha k kisi hindu ko tab talak moksh hi nhi mil skta jb talak uska beta na ho……….. to hinduism bhi parivaar niyojan me vishwaas nhi rakhta….. aur aap mujhe bataa sakta h k raam kitne bhai the……. krishna ji apne mata pita ki kon si santaan the……….

      • raj.hyd says

        manniy aknan ji ,aap jisamay ki bat kar rahe hai , us samay jamin jyada thi abadi kam thi aaj jamin kam hai abadi jyada hai abadi ka bahutayat pan bahut se desho ki samasya ban gai hai jisme muslim desh indoneshiya , pakistan ,bangla desh adi bhi is samasya se grast hai ? tab bhi ap batlaiye muhammad ji ne daarjan se jyada bibiya rakhte huye bhi kitne bachhe paida kiye jab unka intkal[maut] hua /hui tab kitne bachhe jivit the ? ek matr bachi hui fatima ji bhi kuch mah bad vah bhi khuda ji ko pyari ho gai thi ! jab ki muhammad ji to khuda ji ke rasool hone ka bhi dava karte hai tab bhi vah apne bachhe jivit nahi rakh paye ! aap ram ji ke bhaiyo ki bat kar rahe hai ? iske bad bhi us jamane me ram ji ne bhi matr do santan ko janm diya tha ! krishan ji ki santan bhi ek matr “pradumn ” namak balak the ! fir bhi aj ke samay me santan bahut kam hi honi chahiye ! ab aj ke kuch log santan to jyada paida kar dete hai lekin unko thik se pal nahi pate shiksha nahi de pate ! unke bachhe saikil skutar ke panchar jodne me hi kaam a pate hai bas unka ek matr kary khuda se santan lekar sarkar ko naukri na milne par galiya dete jivan vyatit kar dete hai ! jab khuda ji ne bachhe diye hai vahi unko naukri bhi dilayega naukri n milne par khuda ji ko “hi “galiya bhi deni chahiye ya apne parivar ke mukhiya ko deni chahiye n ki sarkar ko ? moksh apne karmo se milta hai usme santan utpatti karna bhi anivary nahi hai 1 anek log sadhu -sa jivan jite huye bhi “moksh ” lene ka prayas karte hai vah bhi “santanheen” hote huye bhi , mokash prapt karne ke liye “santan van” hona koi shart nahi hai ! apne jivan ko pavitrta banaye huye hi prapt kiya ja sakta hai uske liye hindu hona bhi anivary nahi hai ! mukhy bat achhe karm hai , n ki hindu adi hona ?

        • Muslim says

          tumne jo Mohammad(pbuh) ki aulad aur unki wafat ki bat ki ,to unhone kabhi nahi kaha ki unko duniya se rukhsat nahi hona hai. .Quran me pehle hi bata diya Mohammad (pbuh) ke rukhsat hone ke bare me. Mohammad (pbuh) ishwar nahi messenger they ,aur har messenger dniya se rukhsat hua. hai.Jesus(pbuh) was also messenger,Moses(pbuh) Moosa .Devid(pbuh) dauood koi bacha kya?.magar in logo ne dawa bhi nahi kiya immortal hone ka aur bhgwan banne ka.Krishna ,ram to bhagwan hokar bhi nahi bache.Quran batata hai ki jo aasmani kitabe hai usme Mohammad (pbuh ) ka zikar hai.par ved asmani kitab hai ,nahi hai bol nahi sakte,agar hai bhi to itne badlao ke bad isko yaqeen karne layaq nahi hai.aur ham jo is me resaech karte hai wo ek possibility par ki hosakta hai kisi nabi ka sahifa ho .
          The better way to check is ,jo bate charo asmani kitabo me same hai aur ved me bhi hai to wo truth hai.aur jo nahi milti wo interpolate ho chuki hai.

        • sameer khan says

          aaj ke youg main bhi to hinduism ki jansankhya hindustan main kahin jayada hai ,agar hinduon ne thik se parivaar niyojan kiya hota to aaj itne saalon ki muslim hukumat ke baad bhi hinduon ki aabadi itni jayada na hoti, kewal musalmano ki hoti.

        • tarukh siddiqui hashmati says

          main to ye janta hu ke usne gandhi ji ko goli mari thi ab aap uske bachav me aaye hain iske do matlab ho sakte hain ki ya to apka usse door ka rishta ho sakta hai ya aap ye mante ho ki usne gandhi ji ko goli marke galat kaam nahi kiya

          • Prithvi says

            aap nathuram godse ki kitab padhiye , pura desh ab jann raha hai gandhiji k barey mein , mein nathuram ko support nahi kar raha hoon, nathuram ko ghussa aya tha kyonki unone pakistan creation ka support kiya tha aur itna hi nahi pakistan 55 crore rupees dene k liye unohone fasting k liye taiyar ho gaye the .
            ab aap mujhe bataiye osama bin laden , dawood ibrahim , ajmal kasab aur baki muslim terrorist apni maa baap ki kaunsi aulad hain?

          • Anil says

            मुसलमानों को महात्मा गाँधी की चिंता कब से होने लग गयी.वोह तो एक मुशरीक थे अल्लाह ने उनके लिए दोजख नस्सेब लिखी है !! ओसामा मामा जन्नत में जायेंगे ७२ हूरों के साथ क्योकि वोह इस्लाम के सव्व्हे सिपाही थे.

  3. रवि शंकर says

    ये जाकिर नायक बहुत ही मुर्ख किस्म का आदमी है इस्लाम की गलतियों को मानने और सुधरने की जगह यंहा वंहा से झूटे और गलत उधाहरण ढूँढकर इस्लाम को मान्यता दिलवाने की कोसिस कर रहा बेचारा और मजे की बात है इस चक्कर मैं वेदों को कुरान से श्रेष्ठ साबित किये दे रहा है.

    • Asif Rehman says

      Islam ko manyata to Brahma ne di hai, dr. naik to uska prachar kar rahe hain.
      agar apko sandeh hai to plz kamaskam ek bar Khud swatantr vichar se vedas padhiye, phir do hi baaten ho sakti hain ya to apke apke abhi ke vicharo ko mazbooti mil jayegi ya koi aur dran vichar apko mil jayega.Phir aap jo kahenge wo apki nishpaksh tahqik ka parinam hogi.

      • Anil says

        जाकिर निक सौदी अरब का दलाल है उसके चैनल में दौड़ अब्राहिम और आइ एस आइ का पैसा लगा है इसे कारन से इंडिया में पास टीवी बैन है !! कुछ सोचो मुसलमानों हिन्दुअतानी होकर क्यों एक गद्दर का साथ दे रहे हो

    • ahmad sarwar ali says

      dr. naiyek murkh nhi.
      sbse bdi murkhta to bina kisi ke bare me puri trh se jankari na ho or kuch v bol dena hai.
      dr. naiyek jee kya hai iska pehle aap shi se andaja to lga liya hota.

      • raj.hyd says

        manniiy ahamad ji , zakir ji to islam ke vakeel matr hai ! dhyan rakhiyiyega vakeel apni bat ko siddh karne ke liye jhuth ka bhi sahara lete hai ! hamne kuch prashn quran ke sandarbh me e mail se puche the uska javab abhi tak zakir ji se nahi mil saka hai ! aur unke karyalay me bhi jakar bhi unke shishyo se puch chuke hai vahan bhi santosh janak javab nahi mil saka ? zakir ji se bhi sarvjanik rup se kuch prashn kar chuke uska bhi javab vah sahi dhang se nahi de sake ! ab chahe to batlaye ki quran me 38 /75 allah ji svaym svikar kar rahe hai ki hamne “dono hatho “se adam ji ko banaya ! kya allah ji ke dono hath hai ? vah hath kisi tarah ke ke hai ? farishto jaise ? kisi manushy jaise ya kisi vishesh janvaro jaise ? fir jiske hath ho, usko sarvshaktiman allah kaise kaha ja sakta hai ? quran me anek jagah batlaya gaya hai ki allah ji ek singhasan par baithe huye hai , jisko 8 farishte uthaye huye hai ! jo allah kisi sighasn par baithta ho vah “simit ” ho jayega, jo simit ho use khuda ji kaise kaha ja sakta hai ?batlaye aap apka kya uttar rahega is vishay me ? ab yah mat kahiyega ki khuda ki bate khuda jane ?

  4. says

    quran me likha hai sabse pehla sajda (seer jukana) allha ko yahi ved main bhi likha hai parmahatma ek hai wahi jo dene wala hai phir muslim bhai 5 waqt ki namaz main sabse pehle kaba ka sajda kar lete hai yani allha se pehle nabhi ko sajda jo haram hai

    • Vajra says

      arpit
      Itna hi nahi, Allah ne ek baar sabse Aadam ko bhi sajda karvaaya tha! Aur jisne Aadam ko sajda nahi kiya aur yah kaha ki main keval Allah ko sajda karunga, usko Allah ne jannat mein se nikaal diya. Us bechaare ko aajkal Shaitaan kahte hain. Sanjhe! Jo insaan ko sajda na kare wo Shaitan aur jo insaan ko sajda kare wo Farishta! Is liye sab Musalmaan bhai Insaan Muhammad ko praarthna mein yaad karte hain aur patthar Kaba ko Sajda karte hain.

      • Ajay says

        Namaste Vajra ji,
        zakir naik ke anusaar yadi ved sruti(ishhwarya pustak) hai to ishwar ko dusri pustak quraan q banani padi. agar unki baat maan le ki yeh us waqt ke logo ke liye thi aur is waqt ke logo ke liye hi nazir thi to isse ye sidh hota he ki ishwar or allah param gyani nahi hai. uske niyam samay anusaar badalte rahate hai arthaat ishwar alpagya hai. parantu ved ke anusaar ishwar param gyani, sarvagya hai uske niyam kabhi nahi badalte. vah acche ka badla accha aur bure ka badla uske karm anusaar hi deta hai. iska matlab ya to allah kuch baate likhne se bhool gaya ya fir quraan ishwarya pustak nah hai.

          • Ajay says

            Namaste vajra ji,
            maine Dr. Zakir ke bhasano ki vajah se quraan padhi socha itna bhasan deta hai to kuch khas hi hoga lekin allah ne 80% Quraan me har aayat ke peeche yeh zaroor joda hai ki islaam na manne walo ke liye dozakh hai, insaan ko itna daraya hai ki veh sachaai ke bare me soch bhi nahi sakta. bas ek baat zaroor ved se milti hai ki ishwar ek hai veh bhi aadhi. Kiyon ki Ishwar lashareek hai par quraan me mohmd sahab khuda ke saath purn roop se shareek hain. Per ek baat to maanni padegi ki quraan banaane wale ne quraan banaya badi soch samajh ker hai. Usne quraan ko one way banaya ki kuraan me pravesh to hai lakin nikaasi nahi. Aur ek baat usne quraan ko antim aur ekmatra kitaab sabit karne ke liye ye bhi jod diya ki mohmd sahab antim pagamber the aur kuraan unka aakhiri kalam hai. bahut hi chalaki se kuch vedas ke usul va niyam chura ker ek sadharan kitaab likhi gayi hai. Aur Naik usko shirashth sabit karne ke liya tamaam vedo ke udaaharan de raha hai par saare galat yahaan tak ki vedas me mohmd sahab ko bhi ghused diya.

    • Asif Rehman says

      Aap plz Quran ka pura hissa padhen, phir aap dekhenge ki shaitn darhaqikat khuda ke hukm ka inkaar kiya phir kaha-“main isse(Adam(pbuh)) behtar hun” is tarhanIblis ne ghamnd kiya.
      Aur is ummat se pahle paighambar ke liye uski izzat me sajda jayaz tha lekin is ummat me har sajda haraam hai siwaye khuda ke liye.
      Khuda ke hukm ke mutabik hi ho jane ko muslim kahte hain, naam rakhne na rkhne se koi muslim nahi ban sakta.Musalman kabhi kaba ko sajda nahi karte.Kaba ke upar khade hokar to Hazrat Bilal(Raz.) ne azan di thi.Iske alawa ek sahi hadieth me hai ki jisne ye sochkar sajda kiya ki main kaba ko sajda kar raha / rahi hun usne kufr kiya.

    • Asif Rehman says

      Muslim kabhi kaba ko sajda nahi karte.Kaba ke upar khade hokar to Hazrat Bilal(Raz.) ne azan di thi.Iske alawa ek sahi hadieth me hai ki jisne ye sochkar sajda kiya ki main kaba ko sajda kar raha / rahi hun usne kufr kiya.
      asal me ye ek direction hai jo Allah ne muqarrar ki hai.
      Aap khud hi sochh lijiye ki kabhi bhi kahin par koi function, program,class ya koi prayer hoti hai to sabhi logo ki direction lacturer ki taraf hoti hai take concentration, unity,khoobsurati paida ho.
      ye ek wajah ho sakti hai aur iske ulta agar dekhe to usme concentration aur khoobsurati dono iske barabar paida nahi ho sakte.

    • says

      agar saare log islam kabul karte hai to sari duniya me rehne ko ghar nahi hoga sabhi kabristan hoga population itni ho jayegi ki prathvi kam padegi fir log kaha rahege sathve aasman par

    • Hamid Ali says

      Arpit Bhai,

      Kahan se dhoond k late ho ki kaabe ti taraf namaz padh ne se sizda Nabi ku hota hai, agar islam k baare mein jaane ka itna shok hai tho sache dil se jaane ki koshish karo allah tumein Iman ki taufiq de dega.

      • Tarun says

        Hamid, tum sach aur jhoot janna chahte ho to dar tyag kar ved padho. Fir apne aap samajh jaoge aur ishwar ki or unmukh ho jaoge.

    • javed mansuri says

      arprit..jo pata hai vahi bolo kaba sharif me nabi nahi hai……….nabi madina sharif me hai…..ham sajada nabi ko nahi allah talla ko karate hai

      • raj.hyd says

        kaha jata hai ki satve asman me allah rahate hai tab asman ki or munh karke [let karke ] namaz kyo nahi karte ? kaba to ek patthar hai vah kaun kis ka bhala ya bura kar sakta hai ? maddena me muhammad ji dafan huye honge , jo dafan ho gaye , unka madeene me kya milna ho sakta hai ?

  5. Asif Rehman says

    Maine apka analysis achchhi tarhan padha aur main is natije par pahuncha hun ki aap log ghalat fahmiyon ka shikar ho gaye hain ya phir apni sach se nafrat ki aag me jhulas rahen hain jaisa ki apke kalam e andaz se zahir hai kyonki apka ek bhi analysis safe nahi.
    Main apke sare analysis ko mantq aur science aur us subject se jisse apke analysis ka talluq hai, radd(cancel) kar sakta hun aur apke analysis ke pichhe chhupi apki na samjhi aur ghutan ko waze kar sakta hun.
    Aur ALLAH fasiqo ko hidayat nahi deta.

    • SANJAY says

      BHARTIY MUSLIM LOG KAB SAMJHENGE KI JIS BHARAT KE DHARMA KO DUNIYA SALAM KARTI THI, WAHA NAYA DHARMA KI JAI JAIKAR HO RAHI HAI…, CHIN JAPAN BAUDH KE MANNE WALE UDAHARAN HAIN, JIS ARAB NE BHARAT SE GANIT SIKHA , WAHI APNI CHALANE LAGA… KABHI AAP KHUD DIL SE SOCHOGE TAB JANOGE KI BHARAT KA DHARMA KYA HAI. JAHA VED ME NARI BHI RISHI HAI, NARI BHI YODHA HAI, …..AAPNE BHARAT ME RAHKAR HINDUTWA KO NAHI JANA ..AISE LOGO KO DHIKKAR HAI. AAP KAHTE HAIN KI ISLAM KO SAMJHO , KYO SAMJHE KYA MERE HINDU DHARM NE MUJHE SATAYA HAI JO KOI AUR DHARMA KO MAI MAANU, JAB SAB BAAT MERE DHARMA PAHLE SE HAI AISA KUCH NAYA NAHI JISE MAI JANNE KE LIYE ISLAM KO MAANU….. JARURAT AAP LOGO KO HAI , NAHI TO ARAB KE LOGO KO YAHI SIKSHA DIJIYE.

  6. Asif Rehman says

    Musalman kabhi kaba ko sajda nahi karte.Kaba ke upar khade hokar to Hazrat Bilal(Raz.) ne azan di thi.Iske alawa ek sahi hadieth me hai ki jisne ye sochkar sajda kiya ki main kaba ko sajda kar raha / rahi hun usne kufr kiya.
    asal me ye ek direction hai jo Allah ne muqarrar ki hai.
    Aap khud hi sochh lijiye ki kabhi bhi kahin par koi function, program,class ya koi prayer hoti hai to sabhi logo ki direction lacturer ki taraf hoti hai take concentration, unity,khoobsurati paida ho.
    ye ek wajah ho sakti hai aur iske ulta agar dekhe to usme concentration aur khoobsurati dono iske barabar paida nahi ho sakte.

  7. Asif Rehman says

    Har insaan ko chahiye ki wo sachh ki tahqik kare jitna bhi waqt use mile.Lekin kisi ki baat par
    andhdhund vishvaas na kare phir bhale hi wo zakir naik hon ya agniveer,Khuda ne insaan ko do aankhen do kaan diye aur use sochne samjhne aur mahssos karne wala banaya.Lihaza hum apne saaf man aur swatantr vichar se nishpaksh tahqik karen aur khuda ko pukaren apne man me ye kahkar ki E mujhe aur zameen aasman ko banane wale meri madad kar ki mujhe gyaan ho jae ki sach kya hai aur jhut kon kah raha hai.Mere doston jis tarhan aap ko agar kisi address par pahunchna ho to aap uske liye achchhi tarhan tahqik karte hain aur us waqt aap jitne saaf man se ye ummeed karten hain ki mujhe meri rah mil jaye aur akhir apko rasta maloom pad jata hai usi tarhan sachha deen talash karo apni nishpaksh soch se kyonki kal aap apne apko ye dosh na de sako ki maine khud sach ko talash kyon nahi kiya.

  8. sandeep says

    हेलो आसिफ़ भाई,

    अगर एक इंसान मुसलमान है तो वो मुसलमान मुसलमान चिल्लाएगा, अगर हिंदू है तो हिंदू हिंदू, सब अपने धर्म को सर्ब श्रेस्थ बताने की कोसिस करते हैं, लेकिन मैं मुस्लिम की जो सोच है वो ग़लत है की नही इसका जवाब हम कैसे दे सकते हैं| लेकिन यह तो सच ही है की इस्लाम आया कहाँ से? अगर हम इतिहास निकाल के देखें तो पता चलेगा की इस्लाम को हिन्दुस्तान लाने वाले लोग डाकू और लुटेरे थे. जो लूटते हुए इस्लाम धर्म हिन्दुस्तान लेके आए थे. उनके साथ उनके सिपाही आते और हिंदू धर्म को मानने वालों पर अत्याचार करते(जान से मार देते और हिंदू औरतों को उठा ले जाते बलात्कार करते) इसके बाद हिंदू धर्म वाले जो लोगों ने तलवार की नोक पे इस्लाम मान लिया उन्हे और औरतों को अपनाते नही थे. इस तरह से बहिष्कृत लोग ही हिन्दुस्तान के मुस्लिम हैं| इसके लिए मैं आपको एक बात बताता हूँ ! मेरे परिवार में ही इस तरह की घटना हुई थी आज भी मेरे परिवार से अलग हुए लोग मुस्लिम बने हैं शादी और बाकी त्योहारों में आते हैं उनका भी जाती हिंदू ही है लेकिन उनका नाम मुस्लिम लिखते हैं| और वो हमारे यहाँ सबसे कट्टर मुस्लिम हैं . तो इसके लिए हिन्दुस्तान के मुसलमानो कृपया कर के आप लोग परेशान ना हों इस तरह के पोस्ट से.

    • Asif Rehman says

      Hello brothers, pls thoda ghor kare-
      Isai-jo Hazrat Isamasih (AS) ko mante hain to phir ISAmasih kon the?
      Yahood-jo Hazrat Musa (AS) ko mante hain / / / / / / / / /
      Bodh-jo gotum Budh ko mante hain. / / / / / / / / /
      Jain-jo Mhaveer swami ko mante hain. / / / / / / / / /
      Sikh-jo Guru Nanak Dev ko mante hain. / / / / / / / / /
      Hindu-jo Hindustan me rahte hain athwa jo sindhu nadi ke pas rahte hain.
      Is tarhan se geographically wo sab hindu hue jo hindustan me rahten hain.
      Muslim-jo arabi word salam se bana hai jiska arth hai jo salamti me aajaye ya jo apni saari ichhayen khuda ko sonp de.Aur Hazrat Muhammad(SAW) khud bhi muslim the….

    • tarukh siddiqui hashmati says

      jhoot apni khud ki itihas bana ke likh dene se koyi jooth baat sach nahi ho jayegi 690 iswi ke baad ki baat hai raja dahir ke sainiko ne ek muslim jahaz ko pakad liya aur sabko giraftaar kar liya (ye wahi brahmin raja dahir hai jisne apni sagi bahen se shadi ki thi) wo log sirlanka se aa rahe the. tab hajjab bin yusuf ne apne bhatije muhammad bin qasim ko bheja tha jisne un logon ko chhudaya tha aur sindh ko jeeta tha.
      are apna bana banaya itihas mat padho sach padho

      • Prithvi says

        tarukh ji
        yeh pakistani history hai jisme sirf hinduon ko blame kia jata hai . Arab caliphon ne dusro desh , jaise spain ,persia , egypt , iraq aur baki north africa ka per hamley kie tha uski wajah kya thi , in khalifaon ko kisne izzat di un deshon per hamley k liye usi tarah arabon ne sindh per hamla kiya tha aur yehi sach hai sirf ek excuse chahiye real histroy ko shipane k liye

  9. sandeep says

    मुझे एक कहानी याद आ रही है एक राजा हुआ करता था वह सब धर्म मानने वाले बड़े बड़े पंडित और मौलबी को बुलाता और कहता की मूज़े धर्म परिवर्तन करना है | सब यही कहते की उसका धर्म सबसे आच्छा है कोई कृष्णा की कमी लिकलता कोई मुहम्मद की, सब अपनी अपनी बजाते कोई सही नही बता पाया की सबसे अच्छा धर्म क्या है. इस तरह समय बीतता गया और राजा बूढ़ा हो गया और और बीमार रहने लगा इस बात को सोच कर की अब क्या होगा मरने के बाद मैं कहाँ क्या होगा| इस बीच में एक दिन एक आदमी उनके घर आया और पूछा मुझे राजा से मिलना है उनको बोलना उनके सवाल का जवाब मेरे पास है| राजा ने बुलवाया और बोला क्या जवाब है उसने बोला अभी नही कल सुबेह नदी के पास मिलना तब बताऊंगा राजा ने कहा ठीक है, राजा सुबेह होने से पहले ही नदी के पास जा कर बैठ गया की आज उसे सालों पुराना जवाब मिलेगा और जो धर्म सबसे अच्छा होगा अपना लेगा और उसका काम बन जाएगा, आदमी सुबेह सूर्य निकल्लते ही आ गया. और राजा से बोला राजा उत्तर तो नदी के उस पार मिलेगा तो जल्दी से नदी के उस पार चलने की ब्यावस्था करो जो तुम्हारे राज्य में सबसे अच्छी नाव है माँगा लो, राजा ने कहा सबसे अच्छी नाव लाई जाए राजा का कहना ही था की बहुत सारी नाव आ गयी सब अपनी नाव को सबसे बेहतर बताते, कोई किसी नाव की रंग में कमी बताता तो कोई बताता मेरी नाव सबसे पुरानी है कोई कहता नया है कोई सही बताता तो कोई उसकी नाव को सबसे खराब बताता, सुबेह से शाम होने को आ गयी सबसे अच्छी नाव का इंतेजाम नही हो पाया शाम होते देख राजा ने कहा मतलब तो उस पार पहुचना है चलो हम और आप खुद ही तय्येर के पार कर लेते हैं वो आदमी तो बस इसी का इंतेजार ही कर रहा था उसने कहा यही है तुम्हारे सवाल का जवाब धर्म को खुद ही बनाया जा सकता है और सब धर्म इंसानो ने ही बनाया है कोई खुदा और भगवान को को ज़रूरत नही है किसी को बनाने की| धर्म एक अफ़ीम का नशा है भीड़ को सुलने के लिए.

  10. sandeep says

    और एक बात सब मुस्लिम धर्म को मानने वालों के लिए | सबसे पहले हिंदू कोई धर्म नही है यह तो एक सोच है सिर्फ़ जीने का तरीका है, कैसे रहना चाहिए जीना चाहिए बस, इस धर्म का नाम तो अँग्रेज़ों ने रखा था, और और कोई आदमी हिंदू नही बन सकता क्योंकि मुस्लिम बना जा सकता है ईसाई बना जा सकता है सब धर्म अपनाए जा सकते हैं लेकिन हिंदू तो हर इंसान पैदा होता है| आप सुनेगे की यह भाई साहब ईसाई बन गये यह भाई साहब मुसलमान बन गये आज तक तो हमने नही सुना की कोई हिंदू बन गया हो. सब धर्म पकड़े और छोड़े जा सकते हैक्यूंकी यह सब बने हुए धर्म हैं धर्म मतलब जड़ता जड़ मतलब मूर्खता पूरी दुनिया मैं कोई ३५० धर्म हैं| एक मज़े की बात अगर कोई मुसलमान बनेगा तो मसलमान उसको अपना लेते हैं ईसाई बनेगा तो ईसाई अपना लेते हैं और अपनी लड़की से शादी भी करा देते हैं लेकिन अगर कोई मुसलमान या ईसाई हिंदू बने तो कोई ही शायद उसे अपनी लड़की से शादी करने देगा. कोई हिंदू नही बन सकता इसके लिए तो यह हिन्दुस्तान में मुसलमान और ईसाई अपना धर्म फैला रहे हैं.

    • Asif Rehman says

      Hello, Sandeep bhai maine abhi hi apke vichar padhe aur apne kuchh ilzam bhi diye jiska koi reference bhi nahi bheja.Abhi jane dijiye kyon na hum milkar sach ko jane apni baat ko ahmiyat na dekar sirf nishpaksh sach ko ahmiyat den phir agar aap sach par hain to mujhe satya ko mankar uska prachar karne me khushi hogi kyonki apka aur mera paida karne wala EK hi hai;
      main apse kuchh sawal karna chahta hun-
      1-Aap plz mujhe reference bhejiye ki vedas me kahan par shabd “Hindu” aya hai aur iska kya arth hai?
      2-yajurved-40:9 me likha hai-“Andhatma prvishanti ye asambhuti mupaste..” ghor andhkar me pravesh karte hain wo jo sambhuti arthaat created things ki upasna karrahen hain.
      kya aap sahmat hain ki jo bhai murti puja karrahen hain wo andhere me hain?….

      • arya pathik says

        ASIF REHMAN JI,

        sirf murti pooja ke hi peeche kyon pade hain aap. Jo aadmi ye kehta hai ki “sirf islam ko mankar hi aadmi jaanta mein jaayega aur jo log islam ko nahi maante wo dozakh mein jaayenge wo bhi galat hain”.

        Appki quran ke hisaab se to bhagat Singh, Sukhdev, Rajguru, Subhash Chndra Bose, soldiers who died defending country against Islam sab ke sab bhi toh GALAT HAIN.

        App murti pooja ko pakadkar Hindu dharam ko bura dikhana chahte hain.

        app pls mujhe batao ki Quran ke hisaab se Bhagat Singh narak mein hain ya swarag mein ?

        pls answer if u have guts ?

      • krishna says

        Hum creating thing(s) ki upasana nahi karate, hum tou creating things ka sahara lete hai kisi ko respect dene k liya. We have only one Ishwar.

  11. sandeep says

    नमश्कार आसिफ़ भाई,
    बुद्दिस्म, जैन, सिख, यह सब धर्म हिंदू विचार धारा वाले लोग ही थे जो अपना नया ग्रूप बना कर नए सोच के साथ नई धर्म का स्थापना किया| पूरी दुनिया में कुल ३५० धर्म हैं. अब इसमे सबसे अच्छा कौन सा है, और बुद्दिस्म, जैन, सिख, यह सब धर्म यह सब धर्म चालू करने वाले गुरु तो हिंदू थे, लेकिन मुहम्मद साहब खुद क्या थे? और जो धर्म परिवर्तन करता है तो क्यूँ कर रहा है उसकी अपनी मजबूरी या पसंद होगी क्या ज़रूरी है की जो मुहम्मद साहब ने कहा सब सच हो या बाकी सब धर्म वाले कह रहे हैं वो सच है सब अपनी अपनी कह रहे हैं| और आसिफ़ भाई किस बात का रीफ़्रेंसे मुझे खुद अपने पीछे के ८-१० पूर्वाजो के नाम तो पता ही नही है, अगर आप अपने ८-१० पूर्वजों के नाम निकालो तो पता चलेगा तो आप खुद ही कोई रेफ़्रेंसे नही माँगेगे. लेकिन बात कोई धर्म की मानने या ना मानने की नही है बात तो है हम बस बेवजह किसी भी वेद या क़ुरान को माने चले जा रहे हैं, हम डरे हुए लोग हैं जो भीड़ में रहना चाहते हैं भेड़ बकरी की तरह, हम इंसान को तो मानते ही नही है हम वेद और क़ुरान की बात करते हैं.
    सत्य को जानने की दिशा में पहला जो बड़ा काम है, वह शब्दो को, शष्तरों को, संप्रदायों को, सिद्धांतो को छोड़ देना है| जो इन्हे जितना ज़ोर से पकड़ेगा उतना ही मुश्किल हो जाएगा उसे जो जानना है|
    शेष अगले प्रवचन में..

  12. sandeep says

    मुझे ज़्यादा शानश्कृत तो आती नही लेकिन
    अंधतमा प्रविशांति ये असंभूति मुपस्ते – इसका मतलब आप मूर्ति पूजा से क्यों निकल रहे हो, इसका मतलब तो यह है की यह दुनिया में प्रकृत को भूल कर हम खुद की बनाई हुई चीज़ों जैसे यह मेरा घर यह मेरी वाइफ यह मेरा बच्चा मेरा मतलब नश्वर चीज़ को अपनाने लगते हैं और जब इससे हमे दुख मिलता है. अगर हम पैसा और बाकी नस्वर चीज़ो को अपनाए गें तो हम अंधेरे में ही हैं वो चाहे कोई भी हो.
    धर्म प्रयोग है, विचार नही| धर्म प्रक्रिया है, चिन्त्ना नही| धर्म बिज्ञान है, दर्शन नही, धर्म साइंस है, आपके भीतर ही सारा का सारा प्रयोग फलित होने वाला है

    • Asif Rehman says

      Sambhuti ka arth khud apke staement se bhi pata chalta hai-khud ki banyi chizen, aur sanskrit shlok par aga aap thoda dhyan den to usme shabd apnana nahi balki upasna aya hai jiska matlab aap khud nahi nakar sakte ki -upasna ya puja karna.
      To phir bhai aap batayen ki murti khud hamari banayi hui cheez hai ya khud Brahma ki, to iska matlab murti puja kyon nahi?
      Iske alawa aap charo vedas me kamaskam ek shlok le aaye jisme Brhma ne Murti puja me use dhoondne ke liye kaha ho agar aap satya se prem rakhte hain.
      Iske bhi alawa aur shlok apko bhej raha hun shayad inse bat aur ssaf ho jaye-
      “na tasya prtima asti”[yajurved32:3][Svetasvatara upnishad4:19] Uski(BHAGWAN) koi pratima nahi hai

  13. sandeep says

    नमस्कार सभी को,
    एक हिटलर पैदा होता है
    तो पूरे जर्मनी को अपना विचार दे देता है
    और पूरे जर्मनी का आदमी समझता है की यह मेरे विचार हैं
    ये उसके विचार नही है
    एक बहुत डाइनेमिक आदमी अपने विचारो को विकीर्ण कर रहा है और लोगों में डाल रहा है
    और लोग उसके विचारों की प्रतिध्वनिया हैं
    और यह डाइनेमिशम इतना गंभीर और इतना गहरा है
    की मुहम्मद को मरे हज़ारो साल हो गये
    जीसस को मरे हज़ारों साल हो गये
    क्रिस्चियन सोचता है की में अपने विचार कर रहा हूँ
    वह दो हज़ार साल पहले जो आदमी छोड़ गया है तरंगे,
    वे अब तक पकड़ रही हैं
    महावीर या बुध या कृष्ण या क्राइस्ट
    अच्छे या बुरे कोई भी तरह के डाइनेमिक लोग
    जो छोड़ गये हैं वह तुम्हे पकड़ लेता है
    उनकी तरंगे पूरे वक्त डोल रही हैं
    तुम जिस तरंग को पकड़ने की हालत में होते हो
    उसको पकड़ लेते हो

  14. sandeep says

    asif ji,
    first of all you dont try to understand and read what i had written. read my all article then question.

    now your question is upasana – you read it with mind or soul.
    both are diff.

    your question is upasana – who said upasana means murti pooja karna,

    Upasana – Upasana literally means to sit near the Almighty. To elaborate more Upasana means to concentrate on God as if you are in God and God is in you. In other words turn your mind inwards away from the objects, like a tortoise completely pulling all the limbs inside the shell, and concentrate on God.

    as you talking hinduism there is 30 crore gods – you can pray god without murti.

    • Asif Rehman says

      hello sandeep bhai, mein apse ye maloom karna chahta hun vedas me kahan likha hai ki murti puja me Brhma ko talash karo aur ye ki kahan likha hai ki Bhagwan 30 crore hain agar aap apni bat me sachche hain to layie koi sahi refernce khud aap apni kitabo me.
      Baat behes ki nahi balki ye hai ki bhala 30 crore khuda behtar hain ya phir ek Allah (Brahma).
      Quran me Allah farmata hai ki agar ek khuda ke siwa koi khuda hota to yun hota ki saare khuda aapas me yudh karte.Aap yahi dekh len ki kon si bat vedas aur Quran ke bhi karib hai ki khuda sirf ek hai ya 30 crore/
      Quran me Allah Pak farmate hai ki jab insaan par koi musibat aati hai to us waqt wo sirf Allah hi ko pukarta hai lekin jab uski pareshani usse dur ho jati hai to phir Allah ke sath dusre khuda ko jodne lagta hai.”
      aap khud apni zindagi me ghor kar lijiyega.
      ……salam……..

      • arya pathik says

        Asif Rehman,

        Vedo mein toh ye bhi likha hai ki Ishwar ke saath koi AGENT nahi chahiye.

        quran ke hisaab se bina AGENT ke Allah ki pooja karna PAAP hai.

        phir aap VEDO ki sirf murti pooja kyon dekhte ho ?

        baaki baat bhi dekh lo.

        • Hamid Ali says

          Arya Bhai,

          Jis k baare mein aap ko na pata ho tho mat kahein, Kya Muje aap batayenge ki Quran Pak aisa kahan lika hai bina Agent k ibadat karna paap hai. Aur mein yeh jaana chata hun aap yeh Agent jkise keh rahe hain. Jab Banda namaz k liye kada hota hai tho uske aur allah pak k darmiyan koi nahi hota.

  15. Asif Rehman says

    Why Islam?…There r some signs 4who use to think.
    1-QUR’AN:-Duniya ki ekmatr kitab jise 9-9saal ke bachche tak yad kar lete hain aur ju ka tun suna bhi dete hain. 2-Dharmik kitabon me Quran hi ek aisi kitab hai jo duniya me sabse zyadah padhi jati hai.
    3-dharmik grantho me aaj sabse zyadah vyakhyan Quran par hi milte hain. 3-Duniya me islam hi ek aisa deen hai jiske pas khud apna complete constitution hai jo 1400baras se kamaskam ek country me to lagu hai jaisa const. kisi dharm me nahi aur koi zabardasti kare bhi to wo lagoo kab hai.
    4-Kya baat thi ki ek hi shakhs ne apni 23salah zindagi me logo ko dhero burayion se nikalkar ek hukumat qayam kar di aur wo aaj tak qayam bhi hai. 5-kon shakhs aisa raha hai jisne siyasi aur akhlaqi dono field me behetreen namuna insaaniyat ke liye pesh kiya. 6-kon shakhs aisa raha hai jiske torr-tariqe, aur jiske sikhaye hue zindagi ke bade usulon ko insaniyat ka ek giroh aaj bhi manta hai aur us par amal bhi karta hai.
    7-kon shakhs aisa raha hai jiske bol, adyen,tor tariqe aur uski seerat ka har nuqta jaise kitabon me quamath tak zabt kar liya wo bhi reference ke sath(international level par dekhiye).
    8-kya baat hai ki muslims ke pas ek aisa mahina hai jisme wo saari duniya se numaya dikhte hain aur jaisa kisi ke pas nahi. 9-yahi nahi saptah me ek aisa din bhi jisme bina kisi koshish ke muslims ek sath ikaththa hokar namaz padhte hain jaisa saptahik din kisi dharm ke pas nahi aur agar hai to uspar practice kahan?
    10-kya baat hai ki sabse aasan islam Qubul karna hai ye dil me manna ki-There is no god but Allah One and Muhammad(saw) is the final messenger of Allah.
    Aur aakhir me ye ki jo bhi Islam ki mukhalfat karega to ye koi nayi baat nahi Rasool Allah(saw) ne pahle hi ye bhavishyevaniya kar di thi aur Quran me surah kosar ki aakhiri verse me hai ki-JO ALLAH KE RASOOL KI MUKHALFAT KARTA HAI ALLAH USKI JAD KATTA HAI.

    • arya pathik says

      Asif ,

      m replying to one part of ur post.

      u say that just because Quran is most read book in the world that the proof that Quran is good.

      MY ANSWER :-

      Thats not CRITERIA AT ALL TO DECIDE ABOUT THINGS.

      because if we apply the same principles in LANGUAGES than u wl find that ARABIC is not most spoken language which would prove that ARABIC is not the worlds best language.

      do u agree that ARABIC is not the worlds BEST LANGUAGE ?

      1. Mandarin Chinese – 882 million
      2. Spanish – 325 million
      3. English – 312-380 million
      4. Arabic – 206-422 million
      5. Hindi – 181 million
      6. Portuguese – 178 million
      7. Bengali – 173 million
      8. Russian – 146 million
      9. Japanese – 128 million
      10. German – 96 million
      SOURCE :
      http://geography.about.com/od/culturalgeography/a/10languages.htm
      http://en.wikipedia.org/wiki/List_of_languages_by_number_of_native_speakers

      i am awaiting ur reply.

  16. sandeep says

    नमस्कार आसिफ़ भाई,

    धर्म एक अफ़ीम का नशा है भीड़ को सुलने के लिए.
    धर्म वह है जो हमेशा अपना मार्ग खुद बनाए. पकड़ लेना या रुक जाना. जैसे रुकने से पानी में कीड़े पद जाते हैं उसी तरह धर्म को निरंतर बदलते रहना चाहिए. अब यह नही की वेद-क़ुरान लाखों सालों से ज्यों की त्यों रही है. अरे चेंज करो. कुछ नया ले के आओ.

    अब में आपका थोड़ा ध्यान सोचने के लिए कहूँगा , सबसे पहले. आप पढ़े फिस सोचे फिर लिखें आप बात को घुमा रहे हैं, बात है और सवाल है. जिस तरह में आपके सवाल का जवाब १-१ करके दूँगा आपसे भी जवाब की इक्षा रखूँगा.
    सवाल आपके.
    १. वेदो में कहाँ लिखा है मूर्ति पूजा में ब्रम्‍हा को तलाश करो?
    जवाब: जैसे मेने पहले आपसे कहा है हिंदू धर्म तब से है जब अरब के लोग यहूदी धर्म के थे और यहूदी धर्म के लोग यहूदी धर्म अपनाने से पहले आर्यन थे.
    http://library.thinkquest.org/J002592/historyofhin.html
    ऐसे ही आपको हज़ारो लिंक मिल जाएँगे हिंदू धर्म के बारे में, और हिंदू धर्म में कितने भगवान हें लिंक
    http://forums.catholic.com/showthread.php?p=1768468
    हज़ारों लोग बहस कर रहे हैं आर्यन बेवकूफ़ थे ठीक है बेवकूफ़ हे सही लेकिन वो लोग जो लाखों सालों से इस पृथ्वी पे हैं और अपने तरीके से ईश्वर की आराधना कुछ भी मूर्ति पूजा या करोड़ो देवी देवताओं की पूजा कर के अपनी जीवन को जी रहें हैं, अब अगर किसी का विस्वास है की आत्मा ही परमात्मा है आप उसे क्यूँ ज़ोर जबारजस्ति ना मानने की कोशिश कर रहें हैं.
    इस ज़ोर जबारजस्ति का नाम है इस्लाम धर्म, नही लिखा है क़ुरान में तो यह ग़लत है, अरे क़ुरान आज से सिर्फ़ २००० साल भी नही हुए होंगे लिख के, और हिंदू धर्म कब से है लिंक पढ़ें.
    अगर आपके दादा जी जो करते रहें होंगे सब ग़लत है आप यह कैसे सिध्द करेंगे. क्यूंकी आपके दादा जी आपसे पहले आएेथे उनको जो सही लिखा उनोंे किया.
    अब आप जैसा होसियार तो आपके पुर्बाज नही थे की मुहम्मद साहब के आने से पहले ही क़ुरान लिखा था उसका नाम वेद है, आप जैसा नया होसियार आता गया और नया ग्रूप और धर्म बनता गया. तो कहाँ से ग़लत हुआ अब आप खुद ही सोचिए. किसने ग़लत किया. और क्यूँ किया.
    और रही बात मूर्ति पूजा तो हिंदू ऐसा मानते है क्यूँ मानते है फिर घूम के आ जाती है सदियों की बात. फिर कब और क्यूँ और कैसे जो में पहले ही कह चुका हूँ.

    और आपका लास्ट सवाल
    क़ुरान क्यूँ?
    अरे क़ुरान ही क्या हिंदू लोग तो कोई भी किताब पे बिसवास कर सकते हैं बस सवाल ईश्वर का होना चाहिए.
    वो अल्ला या जीसस ही क्यूँ ना हो जिसके वजह से आज तुम खुद मुसलमान बन के क़ुरान क़ुरान चिल्ला रहे हो.

    अब मेरा आपसे सवाल और जवाब भी चाहूँगा.
    १. किसी भी हिन्दुस्तानी मुस्लिम या आपका १० पीढ़ी (गेनालोजियी ट्री).
    २. अगर वो हिंदू थे तो किस कारण से मुस्लिम बने.
    ३. अगर मुस्लिम बन भी गये तो अपने हिंदू भाइयों से इतनी नफ़रत क्यों और वो भी उनके धर्म के प्रति. ग़लत या सही जो भी करते हैं.

    शेष अगले प्रवचन में

    • Asif Rehman says

      sandeep bhai aap ne itni lambi baat to likh bheji par afsos kamaskam ek reference bhi apni kitabon ka khud na bhej sake jisme sri Raamchandra ya krishna ne ye kaha ho ki unki murat banakar puja karna.
      Dharm ke naye purane hone se zyadh zaruri hai concept ki bat.Akhir murti puja ki concept aap lete kahan se hain?Aakhir kya baat hai ki apka sara zor naye purane par hai agar aisi hi baat hai to ye computer kyon use karrahen hain aap purane zamane ka computer le lijiye na shayad usse apke kaam jaldi ho jayenge.Lekin aap aisa hargiz nahi karenge to phir islam ko aap naya dharm kyon samajh rahe hain ye bhi to sanatan dhrm ka dusra naam hai.
      EK bahut hi aham baat ye ki Raja Ram Mohan Ray, Kabir Das Swami Vivekananda ye log kon the vedik dharm ke manne wale hi the na ye phir inhone bhi murtipuja ka virodh kyon kiya aap khud hi school ki kitabon me ye baat padh lena………..

    • SANJAY says

      bahut badhya jawab diya aapne sandeep ji, jo log khud ke paitrik iman par kayam nahi rah paye , we hiaaj imaan lane baat karte hain, bharat ke muslimo ko apne purwaj ke baare janna chahiye, ….. hindu dharma me kisi vyakti ka wansawli janna hoto ganga ke pando se jankari mil jati hai, kyoki har hindu pariwar ya gotra ka ek purohit hota hai ,jo us pariwar ke vyakti ke marne par asthi visarjan ke samay uska naam likhta hai, shayad log is baat ko nahi jaante nahi to har vyakti apna pura byora janta….., kai sau salo ka byora inke paas mil jayega, muslim log purwaj ka gotra jankar waha jakar pura wans jan sakte hai………. ye hai itihas likhne ki parampara.

  17. sandeep says

    आसिफ़ भाई,
    चलिए मैं भी मूर्ति पूजा का विरोध करता हूँ, लेकिन बात आकर रुक जाती है की क्या आप नही चिपक गये हैं, एक आदमी जिंदगी से हार कर सन्यासी बन जाता है वह आदमी जिंदगी से हार कर ना की बना हुआ सन्यासी है ना की सन्यासी हो गया| ध्यान दीजिए बनना अलग बात है और हो जाना अलग, भगवान महावीर सन्यासी हो गये थे, और भगवान बुद्ध भी सन्यासी हो गये थे सन्यासी बने नही थे अगर आप कुछ भी बनेगें तो आप अपने उपर एक आवरण चढ़ा लेते हैं चोला चाहे वह धर्म का हो या चाहे वह सन्यासी का. अगर आप सन्यासी बनेगे तो अलग बात होती है क्योंकि आप चाह के भी नही रोक सकते अपने आप को. एक बार में ट्रेन से सफ़र कर रहा था तो बड़े सन्यासी थे उनके बहुत सारे चेले मानने वेल उन्हे ट्रेन में बीदा करने आए. बिठा के चले गये, मुज़े पता चला बाबा जी बड़े ज्ञानी हैं बड़े त्यागी हैं इन्होने अपना सारा धन दौलत सब कुछ छोड़ दिया और सन्यास ले लिया. बाबा जी के पास कुछ भाई नही था एक पोटली के सिवाय एक पोटली लिए हुए थे, बाबा जी थोड़ी थोड़ी देर बार हाथ लगा के देख लेते की पोटली उनके पास है की नही. हो गयी ना प्राब्लम इसी तरह से आप भी एक क़ुरान को ले के अटक गये हो सब कुछ तो छोड़ दिया लेकिन क़ुरान पकड़ लिया है ज़ोर से छूट गयी तो प्राब्लम हो गाएगी. आपके अल्ला – ईश्वर -परमात्मा सब तो ठीक है. लेकिन क़ुरान में लिखा है अल्लाह एक है, लेकिन आप क़ुरान – और मुहम्मद आप से चिपक गये हैं.
    अगर है दम तो छोड़ो यह अल्ला अल्ला क़ुरान ग्रंथ गीता बाइबल और मानो एक परमात्मा को कोई जारोरत नही है नमाज़ – पूजा – गिरजा घर जाने की.
    सिर्फ़ आत्मा को मानो और जो सबके अंदर है.
    लेकिन आप तो एक किताब से चिपके हुए लोग हो आपकी सारी सोच बस क़ुरान – पूजा – मोहम्मद – राम तक ही सीमित है.
    छोड़ो पुरानी किताबों को आपकी की मेरी सबकी सब किताबों में कूड़ा करकट लिखा हुआ है.
    अगर सीखना है की कैसे जिया जाए तो रिप्लाइ करना. और कृपया करके जो उसी की बात करो जो हो सके. जीवित आत्मा की. ना की मरे हुआ लोग की तो आज से सालो साल पहले मर चुके हैं. और अपने पीछे लोगो को चलने की बात करते हैं मूज़े नही जििना उनकी तरह.
    आप उठो और में और आप दोनो मिलकर मूर्ति पूजा और नमाज़ मुहम्मद अल्ला क़ुरान सब बंद कर देंगे.
    यह है हिंदू धर्म कितना खुला पन बूलने की अज्जादी आपके धर्म में नही है सोच आके अटक जाती है.
    बस यही क़ुरान – यही मुहम्मद अल्ला ताला छोड़ो सब में और आप ट्राइ करेंगे सब कुछ रोकने की.

    शेष अगले प्रवचन में

    • Asif Rehman says

      Salam(for peace) !sandeeo bhai,m sorry to let replying@……,
      Yaqinand Allah ko hamari namaz aur ibadaat ki zara bhi zarurat nahi……magar kya?….sochkar jawab dena ki kya hame bhi khuda ki zarurat nahi.Main yahan ummeed karta ki apka jawab zarur yahi hoga ki haan hame khuda ki zarurat hai,tab main ye apse janna chahunga kya khuda ko ek sahi vichaar aur dusra saaf man se jane baghair aap khuda ki madad hasil kar sakte hain?
      Har machine ko opreate karne ke liye ek booklet ki zarurat padti hai phir INSAAN to sabse mushqil machine hai kya use kisi booklet ki zarurat nahi aur usi ko hum WAHIY yaaani aasmaani kitaaben aur sahifen kahten hain jinme sabse zyadah latest Quran hai jiski saari insaaniyat ko aaj zarurat hia agar aap ghorr karen to.
      Iske alawa hame is theorey Quran ke ek practically human example ki bhi zarurat padegi jinhe hum MUHAMMAD(SAW) kahte hain……..

      • sandeep says

        हमें खुदा अल्लाह ईश्वर जीसस या किसी की इबादद करने की ज़रूरत नही है, क्या किसी ने परमात्मा को देखा है? जब नही तो हम जिस किसी के इबादत करेंगें चाहे वह अल्लाह की हो या किसी और की सब ग़लत है. आप के लिखने में अल्लाह और मुहम्मद पे ज़्यादा ज़ोर रहता है जो आप उनकी मार्केटिंग कर रहे हो. अरे आप थोड़ा उससे हट के सोचो. अगर ईश्वर ग़लत है तो मुहम्मद ग़लत है, मुहम्मद ग़लत है तो जीसस ग़लत है.

        और रही बात उपर वाले की पूजा या इबादत करने की यही तो भूल हो जाती है . भगवान और इंसान में,
        भगवान कौन – भगवान तो आप भी हो सकते हो लेकिन कर्म करना पड़ेगा. इबादत नही. इबादत से आप फकीर या साधु बन सकते हो भगवान नही. और भगवान बनने के लिए आपको अछा कर्म करना पड़ेगा.
        इंसान कौन – इंसान हम जैसे लोग जो एक धर्म या मज़हब से जुड़ कर उसकी बड़ी बड़ी करने से नही चूकते फालतू की बातों पर.
        और आसिफ़ भाई आप एक की सोच एक आख़िर मुहम्मद और क़ुरान पे जा के अटक जाती है.
        बात करते हो की पूजा ग़लत है और क़ुरान की बात करते हो की क़ुरान सही है. इस किताब ने आपकी सोच को बंद कर दिया है. थोड़ा इससे उपर उठ कर जवाब दिया कीजिए.
        आप बचों जैसे मेरा सही है मेरा सही है चिल्लाना छोड़ो.

        • Man says

          Mr. sandeep

          apki tarah mere khyalat nastikon jaise nahin hai.

          nastik ka koi dharm nahi hota phir ap yahan kya sidh karna chahte hai

          insaan achche kaam tabhi kar sakta hai jab wo dharmic ho.

          agar ap bhagwan ho sakte hain to suraj ko pachim se nikaliye
          hai dum?

          • raj.hyd says

            manniy man ji bhgagvan ka kya arth ap lena chahte hai ? keval sarvshaktiman ? hargij nahi ! agar koi rahaman hai ya rahim hai , to kya use ap allah kahenge ? vais bhagavan eshvary shali vyakti ko kaha ja sakta hai 1 andhvishvasi hone se kuritiya manne se to jyada achha hai ki vaykti nastik hi rahe dhyan rahe ham nastik ka hone hargij samarthan nahi karte hai ham to ishvarko janne vale hai , tabhi usko manna bhi chahte hai lekin andh vishvas adi nahi !

        • Abhishek Pant says

          बहुत बेहतरीन लेख लिखा है संदीप जी आपने ।
          तथाकथित लोगों के तर्को को जरूर शांत करने के लिए काफी है ।
          ये लेख मैं आज पढ़ रहा हूँ , शायद आगे आने वाली कई पीढ़ी इसे पढ़ेगी और सीख लेगी ।

      • Anil says

        इस्लाम के नींव में ही खोट है !! आदम एंड इव से ज्यादा बड़ा मज़ाक कुछ नहीं हो सकता !! यह सोचना की सारी मानव जात एक ही माँ और बाप से आई है , इससे बड़ा मज़ाक और कुछ नहीं हो सकता !! विज्ञानं यह prove कर चुका है अब तक १०,००० विभिन्न तरह के डीएनए पाए गए है और अभी खोज जारी है !! इसका सीधा मतलब के हम १ माँ और बाप के संतान नहीं है !!कम से कम १०,००० मान बाप तो रहे होंगे इस मानव जाती के !! अब सवाल यह है की जब इस्लाम की नींव ही गलत है तो यह मज़हब कहाँ से ठीक होगा !!

  18. Ajay says

    @sandeep, fist of all i want to say *Thanks* for your great information. i agree with you we have to change(Thinking of right way) because of we are human, and we know love , kindness etc .

    Mujhe ye samjh me nhi aata Muslim bhai chide kyun rahte hain? End me mar jawoge aur new generation(child) kko ladai karwakar.

    Best ever thinkable Quote of
    Alexander’s Last Words:
    “Burn my body & keep my hand outside, So that the World knows, The Man who won the world had nothing In hand, In the End”

    Thank you!!!!

    Happy new year to All Agniveer users, member……………………

    • Asif Rehman says

      salam for peace sandeep bhai aur other reader!
      aap khud apne lafzon par consider kijiye ki jesus PBUH jo manushya the,Gurunanakdev jo bhi manushya the,Raamchandraji bhi manushya the aur bodh jain bhi manushya the lekin jis khuda ki muslim puja karte hain wo manushya nahi hai Allah nam ka koi manushya nahi aya jiski hum puja karte hain balki Allah ko tum jesus ya Hazrat Muhammad(saw) ki tarhan kyon samajhte ho jinhe aankh se kabhi dekha gaya hai..
      Vedas me likha hai-“aankh (chakshu) se dikhne wali jis cheez ki log upasna karrahain hain wo Brahma nahi hai;…jo log bhi prakritik chezon jaise Hawa,pani aag aadi ki puja karrahe hain wo andhkar me dube hue hain.”
      reference apko pahle bhi bhej chuka hun.
      ab rahi baat meri soch ki to apko bata dun ki apki soch sahitya ke zamane ki hai kyonki science ke bare me bhi koi knowledge nahi rakhte shayad apko nahi maloom aaj khud science ye maanne par majbur ho rahi hai ki zarur is brahmand ka koi rachnakar hai jistak physical power se nahi pahuncha ja sakta magar wo bhi ye nahi jante ki ustak pahunchne ka zariya sirf ibadat hai aur ibadat me achchhekarm karna bhi shamil hai….

      • Indian Agnostic says

        Asif Bhai Namaste!

        aap ne baast to pate ki kari , lekin ab ye jaanna zaroori hai hai ki aap kya ye kehte hain ki La lilah il allah ya phir vuske saath prophet Muhammad ka naam bhi jodte hain ya nahi?

        ye bhi jaanna zaroori hai ki aap Muhammad aur unke pariwar waalon pein apni peace bhejte hain ki nahin?

        ye jaanna zaroori t0o nahin par phir bhi Quran ke jalaaye jaane ke baare mein aapke kya khayaal hain?

        bas itni baatein pataaa chalein to guftagu sahi direction mein chal sakegi

        shukriya

      • sandeep says

        नमस्ते आसिफ़ भाई,
        जैसे आपने कहा की हिन्दुइस्म साइन्स के खिलाफ है, ठीक है खिलाफ है मान गया, लेकिन आप भी तो परमात्मा को छोड़ कर मुहम्मद और क़ुरान लेकर चल रहे हो. मेरे हिसाब से यह भी ग़लत है. तो हम दोनो को वेद और क़ुरान दोनो जला देना चाहिए. ना रहेगा वेद ना रहेगा क़ुरान. सिर्फ़ अल्लाह रहेगा और परमात्मा रहेगा. है आपमें दम?.

          • sandeep says

            नफीस जी,
            नमस्कार, अगर आप मेरी भाषा समz रहे हें तो में एक वही हुआ जो आप हें, लेकिन आप की सोच एक क़ुरान के नीचे डब गयी है उससे उपर कुछ दिखता ही नही.

          • arya pathik says

            Nafis,

            Jaanwar waali baat to aapne ki hai.

            aur aapki kuran ke hisaab se to muslaman ko chodkar baaki sab jaanwar se bhi gaye gujre hain.

            musalmaan bhi 73 fikre main bata hai aur 1 hi jaanat mein jaayega. Aap kaun se fikre mein hain ?

        • ashif khan says

          sandip bhai mera man na aur shochna samjhna ye h ke inshniyt ke shath jwo to kishi dharm ke pche bhagne ki jarurat nahi h

          • raj.hyd says

            manniy shri asif ji, tab to koi bhartiy nam bhi chun lijiye sath me yah bhi vichar lijiye ki yah “khan ” shabd kahan se aya? ap sabhi khan kab se ho gaye ? shayad arbi prajati se to ap log aye bhii nahi hoonge fir nam ke sath khan kyo ? bharat me sabse jyada v sabse pahale insaniyat ka janm hua hai [ bhale hi ab insaniyat kam ho gai ho ]fir bhi kyo n bharat me janm lete huye koi bhartiy nam bhi rakh le !aap bhale hi kuran va muhammad ji ashik rahe lekin bhartiy nam to rakha ja sakta hai ! isme kya taklif hai kuch to bhartiyta ki pahachan honi bhi chahiye !

          • SANJAY says

            aasif ji aapne kaha ki ram krishna aadi manushya the , ye baat hindu bhi kahte hain, koi nayi baat nahi hai, isliye to ram ko maryada purushottam kaha gaya, sab awtar ke rupa maane jaate hain, kya aapne kabhi suna ki bramha ji, vishnuji, ya shiv ji ki mrityu hui hai…….aisa kisi jaga likha ho batao. wo bhi to hamaare dewta hain. indra, warun surya wayu adi sabhi hamaare dew hai unka bhi kabhi maran nahi huwa kyoki prakriti hai. inhi dewo ne manushya roop me janm liya aur dushto ka naash kiya….. jo sahi me dushta hai unhe to bhagwaan janta hai ek din dobara wo awtaar jaroor lenge.

        • SANJAY says

          sandeep ji , aasif ji ko lagta hai ki allah ya ishwar ko islam bankar hi paya ja sakta hai, are hum hindu murti puja karen ya na karen aapko kyo aaptti hai, rahi baat inki ye sabit karne ki ved me murti puja mana hai… evolution bhi kuch hota hai, pahle murti puja nahi thi baad me hone lagi , nirakar ki puja hoti hi hai , sakar rup me puja kar li kya huwa. chalo mai aasif ji ko hi bhagwaan kar sachche dil puja karunga , bhale hi aap sochenge ki aasif jiki puja ho rahi , par man me aastha hai to bhagwaan ko hi milegi. bhagwaan janta hai hum kiski puja kar rahe hai ek murti ki ya us bhagwaan ki. hindu dharma nit naye puja vidhi banate rahta hai, koi islam jais anahi ki bas muhammad quran ibadat. sab chhoot hai, yah ghar me alag dewta, gaaw me alag dewta , rajya me alag dewta tatha rashtra me alag dewta itna vistar hai , aasif ji kya jane , inke hisab se allah kahkar puja karenge to allah jaldi sunega, kyoki ye allah rupi machine arbi bhasha samajhta hai, ram krishna kahe to kafir ho jayenge hum…… wah re islaam . allah maaf kare.

      • arya pathik says

        Asif Reham,

        1. Kya Jesus ka jise aap Prophet maante ho, ka bina maa-baap ke paida hona science ke khilaaf nahi hai ?

        2. Kya Mohammed ji ka Gadhe [Al Burqa] par jaanat ki sawari karna science ke khilaaf nahi hai ?

        3. Chaand [moon] ke 2 tukde kar dena kya science ke khilaaf nahi hai ?

        app krupya karke in baaton ka jawaab dena.

        Islamic aadmi jo Miracles / chamatkar ki baat mein vishwash / yakeen karta hai wo science ki baat kaise kar sakta hai ?

  19. raj.hyd says

    mahamahim shri asif ji , ap kaha rahe hai ki allah koi manushy nahi hai , lekin kuran 38/75 me kaha gaya hai ki khuda ji ne “dono hatho ” se adam ji ko banaya hai ! hath to kisi manushy ke “hi ” ho sakte hai ! keval “ek ” khuda matr kahane se kaam nahi chalta ? sabhi dekhte hai ki chandrma ek hai, sury ek hai ,dharti adi bhi ek hai to kya unko bhi khuda, kaha jaye ? jab khuda ji ka singhasan satven asman me hai us singhasan ko bhi 8 farishte uthaye huye hai sighasan bhi simit va farishte bhi simit! aur sighasan par baithne vala khda ji bhi simit! jo simit hai vah sansar ka banane vala kaise hua ? fir sansar bhi keval 6 din me banae ka dava karne vala? vahi khuda ji ko ham dekhte hai ek manushy ke bachha mau mah garbh me raha kar bhi pura nahi ban pata hai. usko bhi sahare ki jarurat rahati hai ! kaba bhi ek patthar hai fir us disha me “hi ” namaj kyo ? jab kathit khuda ji asman me hai to us disha me namaj kyo nahi ? abhi to itne hi prashn ham rakh rahe hai baki aur bhi rakh denge ! asha hai ki koi bhi muslim kahalane vala chahe to uska javab de sakta hai ? nahi to islam ka tyag kar sakta hai !kyoki islam matr ek kahani hi bhar hai , aur kuch nahi ! asif ji apne yah bhii kaha ki jab koi mashin hoti hai to uske liye ek pustika bhi rahati hai , kaise is mashin ko chalaya jaye ?aisi hi bat jakir nayak ji bhi kaha karte hai ! ham is par prashn karna chahenge ki apka kahana hai sabse pahala manushy adam ji the, unko kaun si pustak kathit khuda ji ne di thi. jisse vah apne bachho ko v ane valii pidhi ko shiksha de sakte the ! va kathit khuda ji ne sury chandrma dharti adi banai hai to uske vishay me kaun si jankari de hai ki manushy log uska kaise upyog kare , jaise samudr ke pani ka upyog sury se bijali adi prapt karne ka upyog dharti me kause si fasal kab boi jaye uska upyog adi kaun se ped me fal kis mausam hoga registan ke kshetr me kaun se ped lagaye jaye ya us dharti me kya chij ki fasal jyada ho sakti hai uske anya upyog adi ! sambhav hai kuch muslimo ko hamare prashno se taklif pahunche uske liye ham asankhy bar kshama chahenge lekin in prashno ka javab jarur chahte hai koi bhi kathit khuda ji banda kahalane vala chahe to iska javab de sakta hai !

  20. rajkumar lalbangla says

    “manushya ka sabse bada dosh , kisi bhi dodh ka gyan na hona hai ” usi sandarbh me karib 60 sal pahale kunvar sukh lal ji arya musafir ek geet gaya karte the us ko ham yana preshit kar rahe hai aryon [ hinduon] ki nasl ho, muslim kahalamna chhod do ,chhod do islam ka jhutha fisana chhod do , satysanatan dharm se apna nata jod lo ! hai majahab islam ganda isse ulfat chhod do , saty vaidik dharm jo hai usse preeti jod lo .sunke hathkande kuran ke dharm se gafil n ho bibi aur laundon se miyan dil lagana chhod do. hai khuda makkar sabit ho gaya kuran se , panch vakta usko sir ragadna chhod do , ,nek rahi badchalni jab khuda ke hath me din me, raat bhar kha kar din me roja rakhna chhod do .naam lekar us khuda ka ,jeevon ke mat praan lo ,jaan apni si samajhkar haddiyan chabana chhod do , ninda ab ho chali hai dekh lo ab kuran ki is kuran gandi par ab iman lana chhod do .” dayalu’ agar khvaish hai apne moksh ki uth muda dadhi ko ab sunnat karana chhod do ! [yah geet aaj ke aryon ke liye hai ] jo shayad is geet se parichit na hon! hamne to matr jhuthan pesh ki hai , aj kisi ki himmat nahi hai ki is tarah ke milte julte geet bana sake va prsarit kar sake ! iske liye to naitik sahas ki jarurat padti hai , jiska aaj behad abhav hai ! ,

  21. anwar says

    @sandeep Bhai,

    sabse pehle thank you very much, kya khoj nikali hai aapne. asliyat to yeh hai muslim mane ki na mane.

    anwar

  22. Dipankar says

    Only in history,a lord was comes,but all peoples does not understand that time and this time.because three gunas are bounding of man.Kansa ,shishupala,duryodhana,dushasana,shakuni,jarasandha,karna never understand lord,because this three guna bounding.Beyond three guna lord are understand,before you does not understand.Lords are six powers,aishvarya,vibhuti,lavanya,yash,power and knowledge,Lord krisha get this six power,first aishvarya,his city name dwarka is a golden,second his vibhutis are sun and moon,third lavanya krishnas body devine,it is very attractive and beautiful,fourth yash,any work of krisha has sucessess,he does not fail.fifth ,krishnas power was very big,his small ages he get a kaliyadaman snake fighting.sixth knowledge gita is very pure knowledge books in this worlds,he influances all scientists,business,religious.The lord krisha was a only one Lord,others god are half and not perfectly complited lords conditions. Bolo jai shri krishna….

  23. Dipankar says

    MERE LIYE AAPKO DENE JAISA EK HI PRASAD HAI AUR WAH HAI BHAKTI,BHAKTI ME HI SHATI HAI, MAINE SARE VED,PURAN,UPNISHADA.CHE SHASTRA,ASTAVAKRA GITA.KAPIL GITA,BHAGVAD GITA.TANTRA SHASTRA,DEVI BHAGWAT,MADH BHAGWAT,VEDANTA,VICHAR SAGAR,SHANKAR BHASYA,ATMABODH,JAINA,BUDHHA,ZEN,KURAN,BIBLE,ALL SAINTS BOOKS,KABIR,RAMANAND,RAIDAS,DADU,SUNDAR DAS,SURDAS,TULSIDAS,NANAK,NAMDEV,SUFI SAHITYA,LAOSTU,SCIENTIST BOOKS,OSHO,JOURGE GURJIEFE,KRISHNMURTI,RAMAN MAHARSHI,ARVIND,YOGANAND,VIVEKANAND,CHITANYA MAHAPRAHU.YOG VASHISTA,YOG DARSHAN,ALL MEDITATION BOOKS,RAVINDRA NATH TAGOR,RAMKRISHNA PARAMHANSA,NIRANKARI,SATYARTH PRAKASH,SWADHAY PARIVAR,SANATAN PRABHAT,CHANAKYA NITI, VIDUR NITI.MANU SMRUTI.GULABRAO MAHARAJ,DATTABAL,DATTA MAHTMYA,VALMIKI RAMAYAN,ADHYATM RAMAYAN,MAHABHARAT,THEOSOPHICAL SOCIETY,DR.AAMBEDKAR,TILAK,SAVARKAR,RADHA KRISHNAN,RAMTIRTH,RAM GITA,GURU GITA,UDDHAV GITA,HARI VIJAY,DHYANESHWARI,TUKARAM GATHA,DAS BODH,SAINT EKNATH, YE SAB PADHE HAI,ES ME SE BHAUT NAAM RAH GAYE HONGE, UPROKTA KE ANUSAR MERA SAAR NIRNAY YAHI NIKALTA HAI KI KEVAL BHAGWAN TO SHRI KRISHNA HI HAI, TO BOLO JAI SHRI KRISHNA!

  24. Dipankar says

    Top secrets are open: Bhagvad gita ko aur quran ko sath me rakhakar padho to rahasya ka pata chalta hai,kuran me krishna dikhega,sura me sutra dikhega,bhasha to aalag dikhegi par artha ek sa dikhega,muhammad saab ne gita ko padha tha aur usko hi khayal me rakhkar quran ko gadha.muhammad ka naam dekho madanmohan se pada hai. Quran me suraj ko aur chand ko allah ki nishani mana hai,wo gita se hi,bhagwan ka sihasan satve aasman me hai,ye bhi “aabrahmma bhuvana loka punravruti” es ke adhar par hi kaha hai.muhammad jis allah ki bat kar rahe hai wah krishna lallah hi hai.

  25. Dipankar says

    Osama bin laden was kill by american army.This times Allah not help to osama why?Osama read quran, pray allah, but nothing anybody help provided by allah why? Allah are knowledgeble why he can not understand to help osama bin laden? All muslims are peaceful but osama has a terrorists man and he mis guide to muslim childrens of jihad.corrupted brain and mind in small childrens to create a aatmakhati sucide bombers.it is not a islam,only non islamic activity and allah does not help by osama bin laden,hence he was killed, learning of this examples all muslims are aware and get through a peaceful islam, and understanding to jihad was a war of inner body not a outer body.Take care and starts now inner jihad. Aameen, jai shri krishna.

  26. answer says

    Dipankar says:
    May 2, 2011 at 10:10 AM

    Osama bin laden was kill by american army.This times Allah not help to osama why?Osama read quran, pray allah, but nothing anybody help provided by allah why? Allah are knowledgeble why he can not understand to help osama bin laden? All muslims are peaceful but osama has a terrorists man and he mis guide to muslim childrens of jihad.corrupted brain and mind in small childrens to create a aatmakhati sucide bombers.it is not a islam,only non islamic activity and allah does not help by osama bin laden,hence he was killed, learning of this examples all muslims are aware and get through a peaceful islam, and understanding to jihad was a war of inner body not a outer body.Take care and starts now inner jihad. Aameen, jai shri krishna.

    Simple

    he killed innocent victims from all religion who never initiate any war against him then why Allah will help. simple logic

  27. Dipankar says

    @Answer my dear friend, what is the inteligence brain of your think.what a great answer, and your name is answer what a brain. But logic is simple and it is not critical but thinking is critical because he never depends upon truth. You say, no no your simple logic is he killed innocent victims from all religion who never initiate any war against him then why allah will help simple logic” simple. It is not simple it is biger critical why because your statments declared that anybody can read quran and pray allah and kill innocent victims.allah does not help because he never war against him.Your allah muhammads help because he killed innocent childrens and womens where going allah ? And your muhammad long long say he has a merciful,and powerful why? Because he needed help of allah against war.and he pray lot of time of allah he defence against eniemy.why ? Innocent people not against war means it was not permit to he kill him. Lord buddha not against war anybody can not permit to it was kill him. Only crual and terrorist are misguide of his peaceful path and he get started war, But his inner soul was peaceful but total blind, he does not understand, what is peace and what is innocence,

  28. answer says

    @dipankar

    you cannot take your emotions and throw your comments illogically. Problem with you is you want
    God to be nice olny, and you want to carry on doing sins & get forgiven.

    Well its simple understanding
    if someone attack you, you have to do some self defence. Look at Mahabharat or Ramayan or Krishna story.

    ‘if people take advantage of this situation and harm innocent, the person not doing right.’ – important

    “It is clearly understandable that Prophet Muhammad(pbuh) clearly stated prohibition of killing women and children during combat. Wage combat only who harms or attacks you, not innocent ones who
    doesnt harm or attack you.

    So there is no questions of this.

  29. Dipankar says

    @Answer, my dear friend i am emotionless person, because truth is beyond emotions.You dont worry about me,my writing and saying is totally illogically,because logical or illogical are both same.Not present of the logical and illogical term in awaken life.You say someone attack a innocent people he defence him,But this is natural process.Any animal attacks he get defence. I am not animal,mans well developed its supramacy thinking,that known is Nonviolance.Nonviolance is a newly evalutionarry mans philosophy. old mans violance philosopy are outdated.Muhammad say prohibations of childrens and women but another innocent peoples are kill them Why? Innocent peoples are kill he attacks muhammad but you are messager not get war you are stoping to war and this peoples talking to peaceful way,but muhammad not do this nonviolance idea.His mind totally full of war he get not solution of peace. But another messangers are peaceful activitity ,jijus every point of talking peaceful, he think and work peaceful,but its totally opposite life of muhammad why he not use peaceful theory.Islam means peace but where? Muhhamad was not leave peaceful then he started war,a peaceful person not liked war,because there is no reasons of that.Jijus,lord mahaveer,lord buddha are peaceful,he dont like war,but islam means peace and he get only war and more war.is difficult to understand,what is peace.please help me,my dear friend.

    • answer says

      @Dipankar

      Well sorry to hear your emotionless story. Well you do no know history of islam.

      Islam was meant to spread peacefully. Unfortunately the kings at that time
      thought Prophet Mohammad(pbuh) pose threat to their daily incomes which people offer at temples they built. Kings started murdering those who supported him. If actions were not taken at that time. Today we were seeing the same process what kings did. end of the day is upto you to decide. what perspective you look at?

  30. Dipankar says

    @Answer, my dear friend, you say i am emotionless story but i clearly said that i am emotionless person but you are not understand.you use of word story, story means more emotions are considers that.You loose your mind power and brain power strongly,because my point was totally absent of your talking.your thingking is a every person are need to war,but my thinking is only sorrowful and unpeaceful persons doing war.why war was happens ?what is the reason of war? Only the unpeaceful mind are thinking a war.I am not interested in history because i am watch only present,that is true.but you leave only past and think depends upon history.what are doing muhammad,that was the muhammads questions,but are not muhammad. But you hypnotise with muhammad and his history and join your present life at this time.you are totally wrong thinking,because history means what happens in past time,and memory can rembered that point.but this only think.existance thinking what is the mans capacity power of memory,he only store how he needed,but another extra memory power are goes in brains dust been.Man are not face to rembered total one day memory,he get fully mad.But you are not mad only loose of mind and brain power,You get awaken and see only truth.you forgot past and future only see present,that is truth,but your quran and muhammad are not help in present time,because present time is YOU. You see only your,not other see you. You are special,full of power and full of knowledge,but he slept down, only thinking of past and future.You say thought a prophet muhammad (pb uh) pose threat to their daily income which people offer that temples they built,………if actions were not taken at that time.Today we were seeing the same process what kings did….But that is a not your problem? It is a muhammads problem. What is a motive of you looks at this problems was get your problems,simple you are belief.but belief is totally false, i explain that think,when you are a small children then what is your belief god? Allah or mother? But when you are matured and younger your beliefs are changing (?),why you understand what is a mother,mother depends on father, and both depends on family, and again family depends on peoples,peoples depends on leader,leaders depends on god. Hence your beliefs is finally god,but you think again, what is my god,you leave which situations your god is that type.means a small beliefs started in children to mature he is changeble not stable.Changable beliefs are not true. True only seeing changeble and that is YOU.So i am not worry what kings are did,i am happy and blissful of god,uncapabled me he gifted a life. Understand my dear friend.

  31. answer says

    @Dipankar

    Well if you emotionless then where your feeling towards mother/god comes?

    Anyways my beliefs remain same Allah and not mother. I thanks Allah for giving my mother
    strength to keep me for 9 months. End of the day you believe it or you dont.

  32. Dipankar says

    @Answer, my dear friend, why you are not forgo ting your emotions, i think it is not possible to you.why You doubt about my emotionless,you use ‘IF’ but you not perfectly accept i am emotionless,why? Your emotions are connected with allah and muhammad?.yet you don’t understand allah and muhammad. I am leave allah,eat allah,swept allah,without emotions,Allah understand only emotionless conditions, “JIM JIMME HAI TERE;JINDA MURDA BAN ||1||ZINDGI MAI DO ZAHAR VASANA AUR MAAN ||2|| you say my beliefs remain same allah,not mother. I thanks allah for giving my mother streangth to keep me for 9 months. End of the day you believe it or dont…..I am not accept any kind of beliefs,because beliefs are get totally bliend.Man are not see truth in beliefs,because beliefs are very limited it was not abroad.hence man life are junked and finishes this limited boundry.Truth or allah are Boundryless,it is infinate,and it understands not limited beliefs only.I not believe in end of day,because all time are already eneded,only I is present it is never the ends,Understand it or again explations are needed.

  33. radhika says

    Shiva Linga is referred as a phallic symbol by other religious people to criticize it. Those people don’t know truth behind it. It can take criticism & and the praise in equal state, but at the sametime still it keep expressing the universal truth in both the cases.
    Criticism: If your mind is too small it will appear as a phallic symbol. As a phallic symbol, it represents the gateway for every human soul to emerge out to this world. The most pleasureful part of human body is their sexual organ and no one is ready to hate it in this world. So there is nothing wrong worshipping a phallic symbol.
    Praising: If your mind is broad enough, you will see the whole Universe & beyond in it. The union of lingam represents the indivisible two-in-oneness of male and female the passive space and active time from which all life originates. Lingam represents the beginningless and endless Stambha pillar, symbolizing the infinite nature of Shiva, the female portion is Universe and the male portion is the infinite emptiness outside it. When you do meditation, the shape of Linga is the most easily visualizable in our mind for concentration than any other object in this world.

  34. Truth Seeker says

    @All Vedic Scholars
    This is Mantra of Atharveda below but here is number used like sixty thousand “nav navatim” means nine and ninety i.e., ninety-nine or nine into ninety i.e., eight hundred and ten etc. what the purpose of mentioning number here what are significance of these numbers. Please clarify the numbers meaning here. (See the below)

    TVAMETAAM JANARAAJYOO DWIRDASHAABANDHUNAASUSHRVASOPJAGMUSHAH
    SHASHTIM SAHASTRA NAVTIM NAVA SHRUTO NI CHAKRENNRATHYAA DUSHPADAVRINNAK
    (Atharvaveda mantra 20/21/9)

    O King “Abandhuna” means lack of friends and “Sushravasa” means with the man who has great fame, “shrutaha” means famous ” tvam” means by you “etaan”means these “dwihadash” means twice ten i.e., twenty “Janrajyahan” means king of lower men and “shashtim sahastra” means sixty thousand “nav navatim” means nine and ninety i.e., ninety-nine or nine into ninety i.e., eight hundred and ten “upjagmushaha” means friends of those ” dushpada” means which were not able to be caught “rathaya” means like the wheel of chariot ” chakrann” means circle i.e., with special army “niavrinak” means has been destroyed.

    Meaning: O! King you have killed the enemy king and their sixty thousand and ninety nine or sixty thousand eight hundred and ten soldiers which were not able to be caught. You have destroyed them with special army like a wheel of chariot.

    Idea:
    It is a duty of king to kill the enemies to maintain the peace in the nation. The king must destroy the enemies quickly like a wheel of chariot going ahead while flying the dirts all over.

  35. Binod shaw says

    @asif; ved me aisa kuch bhi nahi hai, aur agar aap kalki avatar k bare me baat kar rahe hai to usme kalyug k anth me janm ki baat hai, to aise me murakhtapurvak baat na kare.

  36. aryamusafir says

    Namaste Saurabh Bhai

    Kripya Islam sambandhi vichar satyagni.com par vyakt karen. Is site ka uddeshya maatr Ved aur darshan sambandhi vicharon kaa aadaan pradaan hai.

    Dhanyawad

  37. says

    Zo characteristics Ravan me thi wo sabhi zakir me hai
    1- bhagwaan shiv ( black stone of kaba ) ka puzari
    2- Extra mind ( 10 head / brain )
    3- High Tech ( Doctor )
    4- Pandit ( good speaker and teacher )
    5- Ghamandi ( Islaam is right and other are wrong )
    6- A man can mary any no. of women ( ravan have many wives )

  38. mohd aqil says

    agar itna hi zakir naik ko galat samjhte ho to apne hindu dharm ke thekedaro ko kyo nahi samjhate hai hai jo zakir naik ke tareef karte nahi thakte ya phir zakir naik se deabate kar lo lungi khul jaige .

  39. raj.hyd says

    माननीय अकील जी , हमने जाकिर जी को ई- मेल के माध्यम से कुछ प्रश्न किये थे उन्होंने उसका जवाब देना उचित नहीं समझा !जब जवाब ही नहीं देना था, तब क्यों अपना ई-मेल का पता दिया था !हम उनके कार्यलय जाकर भी जाकिर जी के शागिर्दों से अपनी बात रख चुके है उन्होंने भी संतोष जनक उत्तर नहीं दिया !और जो लोग जाकिर जी की तारीफ करते है वह नादान है इस देश में नादान लोगों की कमी नहीं है ,अगर लोग नादान नहीं होते तो यह देश हज़ार साल तक गुलाम क्यों रहता ? आप को अगर अपनी कुरान पर बहुत नाज है तो बतलाइए खुदा जीने कुरान की आयते देते हुए फरिश्तो की सहायता क्यों ली ? जो अल्लाह इतनी बड़ी कायनात स्वयं बना सकता है, किसी फ़रिश्ते की सहायता नहीं लेता,तब वही कथित खुदा जी उस कायनात के मुकाबले एक छोटी सी कुरान की आयते देने में [वह भी २३ साल के दौरान ] फरिश्तो की सहायता क्यों ली ? क्या अल्लाह जी मुहम्मद जी को कोई आयत सीधे देने में कमजोर थे ? क्या आपको कोई नया विचार सीधे नहीं आता ? नयी नयी खोज आइडिया लोगो के पास कैसे आ जाते है ? कुया ईश्वर किसी को सीधे प्रेरणा नहीं देता ? बतलाइए अकील जी, इसका क्या जवाब आप देना चाहेंगे ?

  40. ravi shankar says

    अग्निवीर जी.. आपने हमेशा की तरह शानदार लिखा है बस एक निवेदन है अगर आप लेख मैं संस्क्रत मैं असली मंत्र भी लिख दें तो बड़ी मेहरबानी होगी. इससे संस्क्रत भी बची रहेगी और संकृति भी.

  41. Prashant V. Prabhu says

    Sachi Dharam ki palana sakshatkar me dekhne ko milti hai. Hindu Dharma ( Vedonka ) ka bataye huve marg pe chal kar aatma sakshatkar kiye huve hajaro log Hindu dharm me milenge. Raman Maharshi , Ramkrihna Param Hams , Guru Raghavendra, Sheela Prabhupada, Gondavale Maharaj, Samarth Ramdas, Shri Chaitanya Prabhu , Santh Kabeer , Shri Shridhar Swami, Shirdi Ke Sai Baba, Goutham Budh , Jejus ( He practice hinduism ) etc etc etc…
    Can anyone say , kisi aur dharmo me kisi ek ne bhi Aatma Sakshatkar kiya ho? Jo kitab padke bade bade baaten bolne ( Zakir Naik ) se unki Dharm bada hota hai na vo bade hote hai. Jo bade log kabi bolte nai vo apne aapko Ishwar ki taraf le jate hai uska benefit saare duniya ko milti hai.

  42. swami pranavanand says

    भविष्य पुराण में मुहम्मद साहब के विषय में लिखा है वे त्रिपुर असुर थे……

    बभुवात्र महामायी योसौ दग्धो मया पूरा / त्रिपुरो बलि दैत्येन प्रेषितो पुनरागत: //भविष्य पुराण. ११,४.प्रतिसर्ग पर्व//
    योनीनि: स वारो मत्त: प्राप्तवान दैत्यत्यवर्धन: / महामद इतिख्यात: पैशाचकृति तत्पर://भविष्य पुराण. १२,४.प्रतिसर्ग पर्व//
    उस भीषण मरुदेश (रेगिस्थान ) में बलि दैत्य से प्रेरित होकर वही त्रिपुरासुर पुन: आ गया है. जिस मायावी को मैंने भस्म कर दिया था.वह योनी से उत्पन्न दैत्य वंश का वर्धक है.महामद (मुहम्मद) जिस का नाम है.जो सदैव पिशाच कर्म ही करता रहता है.लिंग काटना,शिखा रहित होकर केवल दाढ़ी रखना, बड़ी बड़ी बातें करना और सर्व भक्षी उनके लोग है.

    • Ram says

      @All/Agniveer
      One query in my mind if Puran mentions that a monster named Tripurasur will come again in desert land who will do exact opposite of Dharma like Cuting of panish skin, Keeping only beards, Meat eater, Engage in sex scandals, Pedophilia, Rapist, Looter of property, making women slaves after killing their husband. If all this mentioned in Bhavishya Puran why are you claiming Bhavisya Puran & Other Puran are wrong. Whatever written in Puran same has happened. That means Purans are correct. Mohamad came & did the same.

      • VEDIC GOD IS GREAT says

        प्रणाम राम जी!

        आपने सत्य कहा – महामद वास्तव में त्रिपुरासुर का पुनर्जन्म है। उसने जो सम्प्रदाय चलाया उसे पैशाच धर्म तथा धर्म दूषक ऐसा कहते है – इस्लाम ऐसे ही फैलाया गया है। त्रिपुरासुर वास्तव में पाखंडी था जिसने भक्ति का ढोंग किया । महामद ने बही किया – मजहब का प्रयोग अपने व्यक्तिगत लाभ हेतु। दुनिया के महानतम विचारवान यह सत्य स्वीकारते है। भविष्य पुराण में लिखा है कि शिव ने राजा भोज को बताया कि महामद त्रिपुरासुर का पुनर्जन्म है। शिव सनातन धर्म के सर्वश्रेष्ठ महात्मा माने जाते है – हो सकता है यह कथा प्रक्षिप्त न हो क्योंकि इस्लाम तो ऐसा ही धर्म है। ऐसी कथाओ का अर्थ यह नही निकाला जा सकता कि शेष कथाए भी सत्य है। अब मुसलमानो को भविष्य पुराण पढने का समय नही मिला होगा अत: इसे बदल नही पाए। मुसलमान कहते है कि अग्निवीर / आर्य समाज केवल इस्लाम के प्रति शत्रुता फैलाता है जबकि सत्य तो यह है कि मोहम्मद के पुजारी इसी के लायक है।

        किंतु विश्व में कुछ मूर्ख अवश्य है – Dr. Zakir Naik, Engineer Q S Khan, Mushafiq Sultan. इन मूर्खो को 1% भी सत्य पता नही है किंतु भोली भाली जनता को मूर्ख बनाते है। आधा अधूरा ज्ञान झाडकर सोचते है कि धर्म का कार्य किया है। अग्निवीर इत्यादि का आक्रोश इनके प्रति है – अच्छे मुसलमानो के प्रति नही। इस्लाम को शांति का मजहब तो तभी माना जाए जब इन तीनो का अंत हो और विश्व से आतंकवाद सदा के लिए समाप्त हो। अन्यथा इस्लाम न कभी शांति का मजहब था न कभी हो सकता है।

  43. sunny arya. says

    yar humne aap sub logo ka view padha… apni jagah koi galat nahi, par hume ye jarur dhyan me rakhna chahiye ki hum ek loktantrik desh ke rahne vale log hai.. joki duniya ke subse bade loktantra ke rup me jana jata hai. aur ye kisi hindu, mushlim ya isaai desh ke rup me nahi jana jata. humare yaha har dharm ko barabar ka samman mila hai. na to duniya ka koi majhab galat hai aur na to us dharm se sambandh rakhne vale mahapurus… chahe vo maryada purusottom “SRI RAM” ho, “HUZRUT PAIGAMBAR SAHAB” ho ya koi v mahan vyakkti ho.. subne alag-alag jagah janm liya,aur vaha ke samay ke anusar vyashaen di.. jo ki ek deen ke rup me jana gaya. isliye accha yahi hai ki hum apne dharmo me batayi gayi manviya bato se ek dusre ka sahyog kare.. aur apni “RASHTRA” ki akhandata aur dharmnirpkchta ko banae rakhe, isi me hum sub ki bhali hai…

    • Vinay Arya says

      Hey,sunny buddy
      are you really an arya who would call terrorists as great persons?Have your eyesnot been opened?kya satyarth prakash nahi padha hai kabhi bhi.aur apane aap ko arya kahate ho.are jara apani ankhein kholke to dekho.,asaliyat kya hai.aur tum kin murkho ke nammo ka gungan karate ho.

    • GOD IS GREAT says

      Sunny brother!

      Please don’t compare Ram with Mohammed. Ram – a pure monogamous noble man & Mohammed – a pedophile who married 12 times. Kripayaa dharmanirapekshataa kaa artha bataaye! Mujahideen said – I will finish India if it does not convert to Islam. All terrorist say that they hate India & so do Muslim on this website. Aap ek baar vichaar avashya kare ki dharma nirapekshataa keval theoretical hai yaa practical bhi? Yeh satya hai ki bhaarat ek loktantra desh hai – parantu uskaa koi faaydaa nahi – yeh Muslim loktraatmak desh ke laayak na kabhi the aur naahi ho sakte hai. Chaahe to terrorist attack ki details dekh lijiye.

      • Slim Shaikh (Follower to truth e.i. Islam) says

        @GOD(Allah) IS GREAT
        अबे ढक्कन here you correct not comparing Rama with Prophet Mohammed(PBUH). Rama never helped of any women. But Mohammed helped of many women. Prophet married with an old women who was a widow. But prophet realized her feelings to get life partner & to respect her feeling prophet married with her.

        • VEDIC GOD IS GREAT says

          @ FOLLOWER OF SATAN SLIM SHAIKH,

          ढक्कन तु ! शैतान तेरा खानदान । तेरा मुहम्मद त्रिपुरासुर है — वह ब्रह्मराक्षस है। तु उसी मुहम्मद की नाजायज औलाद है। मुहम्मद के पाप का परिणाम है कि तु पैदा हुआ। यदि मुहम्मद राम के समय होता तो राम तो उसका एक ही बार में अंत कर देते। छोडो – जो ब्रह्मराक्षस को अच्छा माने वह किसी राक्षस की नाजायज औलाद ही हो सकता है। तु कितना भी सत्य से भागकर दिखा दे – उसे छिपा तो नही सकता। मैं तेरे अल्लाह को चुनौती देता हु – यदि दम है तो सामने आकर दिखा। देखा – अल्लाह अभी तक नही आया। काफिरो से डरकर अल्लाह आसमान में छिपा बैठा है – तेरे जैसो की औकात है ही क्या ?

          Before challenging me! first get your kindergarten examination clear. I know that it is impossible for Satanic follower like you but at least try. Hope you will pass after 10000 attempts.

        • Slim Shaikh (Follower to truth e.i. Islam) says

          @VEDIC GOD IS GREAT
          ________ढक्कन तु ! शैतान तेरा खानदान । तेरा मुहम्मद त्रिपुरासुर है — वह ब्रह्मराक्षस है। तु उसी मुहम्मद की नाजायज औलाद है। मुहम्मद के पाप का परिणाम है कि तु पैदा हुआ।____________
          You seems to be good entertainer here. I enjoyed your comment. One suggestion to you try in Film industry as role of Joker. Very Good act.
          _______यदि मुहम्मद राम के समय होता तो राम तो उसका एक ही बार में अंत कर देते। छोडो – जो ब्रह्मराक्षस को अच्छा माने वह किसी राक्षस की नाजायज औलाद ही हो सकता है__________
          Ram who was weeping just for separation from his wife would have dared to Challenge to prophet Mohammed (PBUH).
          ________उसे छिपा तो नही सकता। मैं तेरे अल्लाह को चुनौती देता हु – यदि दम है तो सामने आकर दिखा_____
          Abe Joker firstly you need to handle a mere human being like me before reaching to Allah. I give you my address please not down & come to me. I will teach you a proper lesson for defaming Islam. Address is Gali No. 4, House No. 151, Jama Masjid ke Pichhe, Muslim Mohala, Dariayganj (New Delhi)
          _____मैं तेरे अल्लाह को चुनौती देता हु – यदि दम है तो सामने आकर दिखा_________
          Abe Dhakkan God is formless. YOu can not see him.
          ______तेरे जैसो की औकात है ही क्या ________
          Abe donkey there are more than 20% people muslim in India. If Hindu have dared to get us out from this country. Would’not you do?We have much power than you & we are in rule in this country. Government works in Muslim control.

          • Slim Shaikh says

            @MOHAMMED = …………………
            ________You Arabic are born dickhead_____________
            I am Indian not Arabic.
            _______You are using English too Arabic way_________
            There may be grammatical & other errors in my English. That does not mean I should feel ashamed. After All English is not my mother tongue. I have been always Hindi speaker & writer. But due to English as international language I am writing in English. Before raising figure on me you should check your religion & its custom. Now you are here propagating Veda. But you have given up your own mother tongue i.e. “Sanskrit” & language of Veda. I was not interest in Sanskrit in my school days because sanskrit considered as mean / low language by Indian & its Government.
            ____________This proves that you are a backward guy as supported by a backward religion._____________
            Yes, India is backward country & I am backward because my country is backward.

        • Vishal Rai says

          Yes we can’t compare Shri Ram with that type fake paigambar and all..
          as i know paigambar killed his own son… and u all muslim are fallowing ur paigambar..
          tum unki yad me har saal bakrid ke din bakra kaat dete ho…
          Ab koi insan apne bete ka gala kaat de to tumhare allah khush hote hain???
          dusri bat agar yeh sach hai to tum log apne paigambar ko only half fallow kyun karte ho??
          tum bhi apne bete kaata karo har bakrid par……. bakra kyun katte ho?????

          • says

            Heyyyyyyyyy, Whatever your name is please be informed that never try to expose the unavoidable information if you don’t know anything about the Muslim religion and you should not speak any more We all knows that every Hindus people respect Muslim religions and we all Muslims do also but except you kind of people spoils the whole environment .I request you to all people who thinks like that person who has written unacceptable .

            Nouzobillah

  44. Rahul Bhadoriya says

    Namaste Agniveer & all Veer Hindus,

    I am studying Islam and Vedas since a decade and has came to the conclusion that indeed Quran contains the Vedic teachings and presents it in a more standard and subtle form. Afterall Muhammad is a tonne year senior than Dayanand!

    Here people are speaking bad of the Islamic concept of God and Prophet and vis-s-vis referring Allah as the God in Vedas (see Agniveer’s facebook page also) that is but only their kid’s approach of mental gratification. I am sure your these dichotomous approach will win nothing but hatred against you only. Yet I am sure you people are not having a missionary zeal but you are there only to count the convert’s figure so to report your NRI fund-givers/donors (so that you may exploit the name of your poor barren million years old dharma for your evil ends). I found you as fearful of Zakir Naik for whom I must tell you that he is stale now, better to check for Zaid Hamid. He is a one over your millions Pandits if you are bothering of the growing Muslim intelligentsia all over.

    And yes, last but not the least, this Rajput Hindu has proudly accepted your ‘brutal Islam’ (as you illiterates used to refer). Afterall, it is the best religion I found who teaches to be ever ready to die for the truth and not to merely shouting a cowardice at the bank like you Hippocrates.
    May the zeal of ALLAH be with you.
    ALLAH hu Akabr.
    Wassalam,
    Rahil (Rahul) Bhadoria

    • Hamid Ali says

      Assalaamualiakum, Marhaba Marhaba Rahil Bhai. These People are the biggest Fanatics i have ever seen and they call us. it’s actually not Agniveer’s problem it’s not they who are talking it’s the poison talking in their veins which is filled by RSS and i have no doubt that this website is also run by them itself. they claim that they are not against Islam or Muslims but actually if you see the author of this website have written only against Muslims. They are the hatred people and would do everything they can to be innocent. Such a Great Warrior the First Freedom Fighter of India, The Only King who died on the battlefield Hazrath Shaeed Tipu Sulatn who gave away his life to chase way the British out of India they say that he waqs Barbarian. The history what they have is written by them by their masters and every one knows that they have changed the history and wrote which is absolutely not true. He was secular King who always looked Hindus and Muslims as his two eyes. They say that he was against hindus and they also say that at 4th Mysore war he was busy doing Havan, Pooja for good fortune wow guys what double standards if he was so against then why would that great king would do that. You try how much ever you want to pull him or Islam Down. It would all go in Vain. You still have time guys go through the Holy Quran and choose the right path cause a day will come on that day no Mercy will be showed by the Almighty Allah. May Allah Bless you to choose the right path. Allahu Akbar.

  45. Rahul Bhadoria says

    Salam to all,

    I am indebted to ALLAH who showed me the way of Paighambarshree Muhammad (pbuh) and is amazed with the modes-operandi of this agniveer’s bravery. Infact it is only a platform where the poor Hindus who dreamt of having their Hindu homeland with all the varnashrama vyavastha elements that they strive to establish with the inspiration from Israel comes just to SATISFY THEIR VENGEANCE only.

    The first thing is that they lacks is the enthusiasms of sacrifice. They can only shout and could speak a bad of others that clearly reflects their silly attitude.

    The second thing is that they accuse Muslims of being terrorist but are themselves spreading intellectual terror on this site and one another as Satyangi. (In Satyartha Prakash, Dayanand spoke a bad against Jainism, Budhdhism, Christianity and Islam and thought it as his mental superiority! Amazing!)

    The last but not the least, Arya Samaj is a shhudhi movement and can never represent the vast Hindu society as they themselves lacks in the basic tenets of Hinduism of worshiping multiple gods. They are trying to design it so to present it as a competitor against Abrahamic religions without regretting that this is but only their fool’s play.

    I am happy after accepting Islam last year. Afterall I am able to claim now that I am the part of the society who never speaks the bad of other’s (Give me an instance of any bad words against Hindu icons from an Official Muslim website) but believes in defending their faith only without hurting other’s sentiments.
    Wassalam,
    ALLAH hu Akbar

    Rahil (Rahul) Bhadoria

    • Hamid Ali says

      Who ever you are but u r insulting a such a persons name Jin k sadqe mein yeh duniya banai gayi hai allah tumara bohot bura hashar karega aur jis din bhi aisa howa na tho samaj na ki kis gunah ki saza mil rahi hai tumein aur maafi maangle na sachhe dil se shayad allah maaf karde..

      • a human says

        Dear Sir I love all the religions but I want to ask a gud muslims like you three question
        1. If a person is very gud to all, full of non violence,lovable to all and never hurts anyone . but he does not believe in Allah. Will he go to heaven.
        2. But if a person like Osama bin laden wdo killed millions of people was a sex addict but he had full faith in god and used to do all the islamic duties like namaz etc. Wii he go to hell of heavan.
        3. If a father in law rapes his daughter in law . What will happen to the daugher in law as per Quran.

  46. Prithvi says

    tarukh ji
    aap yeh bataiye allah ne adam aur eve kab banaya tha kaun se year mein , kya koi saboot hai inke existence ka ?

    • raj.hyd says

      sath me yah bhi batlaiye :- dekhiye kuran38 /75 jisme kurani allah kahate hai ki hamne adam ko “‘dono hatho ” se bnaya hai , jiske dono hath ho , vah kaise sansar ko bananevla ho sakta hai / jaise adam ko bana ya vaisa hi havv a ko kyo nahi banaya ada, se havv a kyo banayi gayi? fir unse sex karvaya ek taraah se beti v pita ke bich me sex kitn sharmnak kary kiye kurani allah ne? fir jo unki santane huyi un sage bhau bahano ne bhi sex kiya unse bhi bachha paida kiya / kya kisi allah ka yah kary ho sakta hai ? kurani allah ne anek purush v mahila kyo nahi banaye ? allah ne jannat se adam v havva ko kis tarike se jamin par laye the , yah bhi koi bhi muslim kya batlayega ?

  47. Vishal Rai says

    क्या ईश्वर ही ब्रह्माण्ड के रचनाकार हैं? Did God Create the Universe ??
    .
    कृपया ध्यान दें- यह लेख आप को मानसिक रूप से विचलित कर सकता है.. कृपया अपने विवेक से से काम ले…
    मै इस लेख से किसी के धार्मिक आस्था को ठेस नहीं पहचाना चाहता हूँ..
    मेरा यह लेख अलबर्ट आइंस्टाइन पुरस्कार प्राप्त मशहूर वैज्ञानिक “स्टीफेन होकिन्स” के प्रयोगों और सिद्धांतों पर आधारितहै..
    .
    वो सिलसिला शुरू होता है जिससे ब्रह्माण्ड लगातार गतिमान रहता है.. बदलता रहता है…
    तो हमारे पास है पदार्थ और हमारे पास है उर्जा.. एक ब्रह्माण्ड को बनाने के लिए जिस तीसरी चीज की जरुरत पड़ेगी वो है अंतरिक्ष.. एक विशाल अंतरिक्ष..
    आप बहुत कुछ कह सकते हैं… अद्दभुत, खूबसूरत, हिन्षक.. लेकिन इसे एक उपमा नहीं दी सकती..
    आप यह नहीं कह सकते कि यह तंग है…
    हम जहा भी देखे हमे अंतरिक्ष नज़र आता है.. अंतहीन अंतरिक्ष.. चारो तरफ फैला हुआ.. बस इतना सर चकरा देने के लिए काफी है…
    .
    तो फिर सारा पदार्थ, उर्जा और अंतरिक्ष आया कहा से..???
    हमे २०वीं शताब्दी तक इसके बारे में कुछ भी पता नहीं था..
    इसका जवाब एक ब्यक्ति कि समझदारी से मिला.. शायद धरती पर अब तक का हुवा सबसे अद्दभुत वैज्ञानिक…
    उनका नाम था “अलबर्ट आइंस्टाइन” अफ़सोस कि मुझे उनसे मिलने का मौका नहीं मिला.. जब उनकी मौत हुई.. तब मै पैदा भी नहीं हुवा था..
    .
    आइंस्टाइन ने एक बड़ी ही अजीब चीज देखी… ब्रह्माण्ड को बनाने के लिए जो २ मुख्य चीजे चाहिए थी… पदार्थ और उर्जा असल में वो एक ही है… ये कहा जा सकता है कि वो एक ही सिक्के के दो पहलू है..
    उनके मशहूर सूत्र E= mc2 का मतलब है कि पदार्थ को उर्जा और उर्जा को पदार्थ कि तरह समझा जा सकता है…
    इसलिए बजाय तीन चीजों के हमे ब्रहमांड बनाने के लिए सिर्फ दो ही चीजें चाहिए…
    उर्जा और अंतरिक्ष… तो फिर ये सारी उर्जा और अंतरिक्ष आया कहा से?
    इसका जवाब वैज्ञानिको कई कई दसहक लंबी खोज के बाद मिला…
    .
    उर्जा और अंतरिक्ष एक घटना के बाद अपने आप पैदा हुवे थे… जिसे आज हम बिग बैंग के नाम से जानते हैं…
    बिग बैंग के समय एक पूरा ब्रह्माण्ड उर्जा से भरपूर अस्तित्वा में आया.. जिसका एक अपना अंतरिक्ष भी था… ये ऐसे फूल रहा था जैसे किसी गुबारे को फुलाया जा रहा हो…
    तो फिर ये अंतरिक्ष और उर्जा आये कहा से?
    उर्जा से भरपूर ये पूरा ब्रह्माण्ड.. अंतरिक्ष का ये अद्दभुत विस्तार…

  48. Vishal Rai says

    और इसमें मौजूद हर चीज क्या अचानक पैदा हो गयी?
    कुछ लोग मानते थे कि ये तो ईश्वर का ही किया गया था.. उर्जा और अंतरिक्ष दोनों कि रचना ईश्वर ने ही की.. बिग बैंग रचना का वो पल मात्र था..
    .
    लेकिन विज्ञान कुछ और ही कहानी कहता है… हम पदार्थ और उर्जा के उस फोर्मुले के पार जा सकते हैं जिसकी खोज आइंस्टाइन ने की थी…
    हम कुदरत के नियमों का इस्तेमाल ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति को समझने के लिए कर सकते हैं..
    जब मै १९९२ में अपने माता पिता के साथ गांव से शहर में आया.. तो मुझे ये सिखाया गया था की कोई भी चीज मुफ्त में नहीं मिलती..
    .
    लेकिन आज जिंदगी भर के अनुभवों को समझने के बाद मुझे जो समझ में आया वो ये की हमे ये पूरा ब्रह्माण्ड मुफ्त में ही तो मिला है…
    बिग बैंग से जो सबसे बड़ा रहष्य जुड़ा हुवा है.. वो ये की अंतरिक्ष और उर्जा का ये भीमकाय विशाल अंतरिक्ष आखिर अचानक कैसे पैदा हो गया होगा.. इसका रहष्य ब्रह्माण्ड से जुड़े एक बड़े ही अजीब तथ्य से जुड़ा हुवा है..
    .
    भौतिकी के नियम नकारात्मक उर्जा नाम के एक चीज के अस्तित्वा की मांग करते हैं…
    इस अजीब लेकिन महत्वपूर्ण अवधारणा को समझाने के लिए मै आप को एक उदहारण देता हूँ..
    कल्पना कीजिये की एक आदमी एक सपाट मैदान में एक पहाड़ बनाना चाहता है.. ये पहाड़ ब्रह्माण्ड को दर्शायेगा.. इस पहाड़ को बनाने के लिए वो जमीन में एक गड्ढा खोदता है.. और इस मिटटी से अपना पहाड़ बनाता है..
    लेकिन इस तरह वो सिर्फ एक पहाड़ ही नहीं बना रहा है… बल्कि वो एक गड्ढा भी बना रहा है..
    इसे हम पहाड़ का नकारात्मक रूप भी कह सकते हैं..
    जो मिटटी अबतक गड्ढे में थी अब वो पहाड़ बन चुकी है.. तो इस तरह से एक शानदार संतुलन बन गया…
    .
    ब्रह्माण्ड के शुरुवात में क्या हुवा होगा उसके पीछे भी यही सिद्धान्त काम करता है… जब बिग बैंग ने बड़ी मात्र में सकारात्मक उर्जा पैदा की होगी.. तो उसके साथ ही उसने उतनी ही मात्रा में नकारात्मक उर्जा भी पैदा की होगी…
    इस तरह से नकारात्मक और सकारात्मक मिला कर शुन्य बनाते हैं हमेशा… ये कुदरत का एक और नियम है…
    तो फिर आज वो सारी नकारात्मक उर्जा कहा है… ??
    ये अंतरिक्ष में है… ये भले ही अजीब लगे मगर कुदरत के गुरुत्वा और गति के नियमों के मुताबिक, वो नियम जो विज्ञान के सबसे पुराने नियम भी हैं…अंतरिक्ष अपने आप ने नकारात्मक उर्जा का एक विशाल भण्डार भी है..
    इतना बड़ा भण्डार की सारी…

  49. Vishal Rai says

    इतना बड़ा भण्डार की सारी चीजें मिल कर शुन्य बनाये… मुझे पता है की अगर आप की गणित में गहरी दिलचस्पी ना हो तो ये समझना अआप के लिए मुश्किल होगा… मगर यह सच है…
    लाखो करोणों आकाश गंगाओं का अंतहीन जाल जिसमे हर आकाश गंगा एक दूसरे को गुरुत्वा की ताकत से खीच रही है.. एक विशाल स्टोरेज डिवाइस की तरह काम करती है.. ब्रह्माण्ड एक विशाल बैटरी की तरह है.. जिसमे नकारात्मक उर्जा जमा होती रहती है…
    .
    अब जरा सकारत्मक रूप देखें… हम जो पदार्थ और उर्जा आज देखते हैं.. वो एक पहाड़ की तरह है.. और इसी के पास बना गड्ढा या नकारात्मक रूप असल में अंतरिक्ष में फैला हुवा है…
    तो क्या सचमुच कोई ईश्वर है??
    इस सवाल का जवाब खोजने में इसका क्या मतलब होगा??
    इसका मतलब ये है की अगर ब्रह्माण्ड कुल मिला कर शून्य ही है तो फिर उसकी रचना के लिए ईश्वर की जरुरत नहीं है…
    ब्रह्माण्ड कुछ नहीं से बनने वाली सबसे अद्दभुत चीज है…
    .
    चूँकि हम जानते हैं की ब्रह्माण्ड के नकारात्मक और सकारात्मक रूप मिला कर शून्य बनाते हैं…
    तो हमे बस ये समझना है की क्या या मै कहू कीवो कौन है जिसने इस प्रक्रिया को पहली बार शुरू किया होगा?
    ऐसा क्या हुवा जिससे अचानक ब्रह्माण्ड उभर आया होगा??
    पहली नज़र में ये परेशान कर देने वाली समस्या लगती है… क्यूँ की हमारी रोज मर्रा की जिंदगी में चीजें अचानक प्रकट नहीं हो जाती…
    क्या ऐसा हो सकता है की अगर इच्छा हो तो हम चुटकी बजाएं और एक कप काफी सामने आ जाये.. ??
    इसे हमे दूसरी चीजों से मिल कर बनाना पड़ता है.. जैसे काफी पावडर और पानी और शायद थोडा दूध और शक्कर…
    .
    लेकिन अब ज़रा काफी के इस कप के अंदर जाईये… तो दूध के कणों से गुजरते हुवे आप एटमिक स्तर पर पहुचे.. फिर सब एटमिक स्तर पर चले जाईये… तो आप एक ऐसी दुनिया में पहुच सकते हैं जहाँ कुछ नहीं से कुछ प्रकट हो जाना मुमकिन है…
    ऐसा इसलिए क्यूँ की इस स्तर पर प्रोटोन जैसे कण कुदरत के नियमों के मुताबिक काम करते हैं.. जिसे हम क्वांटम मेकेनिक्स कहते हैं…
    वो सचमुच अचानक प्रकट हो सकते हैं… थोड़ी देर तक रुक सकते हैं.. और फिर दुबारा गायब हो सकते हैं… ताकि कही और प्रकट हो सके…
    .
    चूँकि हमे पता है की ब्रह्माण्ड कभी बहुत ही छोटा था.. एक प्रोटोन से भी छोटा… इसका एक बड़ा ही असाधारण मतलब है… इसका मतलब है अपने असीम और चकरा देने वाले विस्तार और जटिलता के बावजूद ब्रह्माण्ड…

  50. Vishal Rai says

    विस्तार और जटिलता के बावजूद ब्रह्माण्ड कुदरत के नियमों को तोड़े बिना अस्तित्वा में आ गया होगा….
    उस पल के बाद से बड़ी तादात में उर्जा निकली और अंतरिक्ष फ़ैल गया… एक ऐसी जगह जहा सारी नकारत्मक उर्जा जमा हो सकती थी… ताकि सबकुछ संतुलित हो सके…
    .
    लेकिन अब फिर एक अहम सवाल खड़ा हो गया है… क्या क्वांटम फिजिक्स के नियम ईश्वर ने बनाये.. जिससे बिग बैंग की घटना हुई??
    कुल मिला कर क्या हमे ईश्वर की जरुरत है.. जो सारा इतंजाम करे.. ताकि बिग बैंग की घटना हो सके???
    मै किसी की भी आस्था को चोट नहीं पहुचना चाहता हूँ… पर मुझे लगता है की अलौकिक रचनाकार की बजाये विज्ञान के पास कुछ बेमिशाल स्पष्टीकरण है..
    ये स्पष्टीकरण कारण और परिणाम के बीच में एक अजीब बात से मुमकिन हुवा…
    रोज मर्रा के अनुभव से हमे ये पूरा विश्वास है की जो कुछ होता है वो इससे पहले घटी किसी घटना का प्रभाव ही है…
    इसलिए हमारे लिए यह मानना सहज ही है की किसी चीज ने शायद ईश्वर ने ही ब्रह्माण्ड की रचना की होगी….
    लेकिन जब हम पुरे के पुरे बब्रह्माण्ड की बात करते हैं तो ये जरुरी नहीं है…
    .
    मै आप को समझाता हूँ… पहाड़ से नीचे बहती एक नदी की कल्पना कीजिये…
    नदी किसने बनायीं होगी??
    शायद बारिश ने…
    वो बारिश जो पहाडों पर पहले गिरी होगी…
    पर यह बारिश किसने की होगी??
    इसका सही जवाब होगा सूरज ने…. सूरज समुद्र पर चमका होगा.. जिससे पानी भाप बन कर असमान में गया होगा.. और बदल बने..
    ठीक है… अब सवाल ये है की सूरज को किसने चमकाया होगा…???
    अगर हम सूरज के अंदर देखे तो हमे फ्यूजन नामक एक प्रक्रिया घटती नज़र आएगी… जिसमे हाइड्रोजन के परमाणु मिल कर हीलियम बना रहे हैं… और इससे बड़ी तादात में उर्जा पैदा हो रही है…
    .
    अब तक ठीक है… पर यह हाइड्रोजन कहा से आई होगी… ???
    जवाब है- बिग बैंग से…
    लेकिन अब आया है एक अहम हिस्सा… कुदरत के नियम हमे बताते हैं की ब्रह्माण्ड ना केवल एक प्रोटोन की तरह अचानक अस्तित्वा में आ सकता है जिसके लिए उर्जा की जरा भी जरुरत नहीं है….. बल्कि ये भी की ये मुमकिन है की बिग बैंग की भी कोई वजह नहीं रही होगी… कोई भी नहीं…
    इसे “आइंस्टाइन” के सिद्धांतों से समझाया जा सकता है… उसकी समझ से.. जिसमे उनको ने बताया है की ब्रह्माण्ड में अंतरिक्ष और समय बुनियादी रूप से एक दूसरे से गुथे हुवे हैं…
    .
    बिग बैंग के समय एक हैरत…

  51. Vishal Rai says

    बिग बैंग के समय एक हैरत भरी घटना घटी होगी… और वो थी समय की शुरुवात… दिमाग चकरा देने वाले इस विचार को समझने के लिए जरा इस बात पर विचार करिये…
    अंतरिक्ष में एक ब्लैक होल तैर रहा है… एक आम ब्लैक होल एक बहुत विशाल तारा होता है…
    इतना विशाल की वो अपने ही भीतर ढह जाता है…
    ये इतना विशाल होता है की इसके गुरुत्वा से प्रकाश भी बहार नहीं जा सकता… इसलिए ये हमेशा घना काला होता है… इसका गुरुत्वा क्षेत्र इतना ताकतवर होता है… की ये ना सिर्फ रौशनी को अपने में खीच लेता है… बल्कि समय को भी…
    इसे समझने के लिए कल्पना कीजिये की एक घडी ब्लैक होल की तरफ खिची चली जा रही है…
    घडी जैसे जैसे ब्लैक होल के करीब जा रही है.. वो और धीमी और धीमी होती जा रही है… समय खुद भी धीमा होता जा रहा है…
    अब कल्पना कीजिये की वो घडी ब्लैक होल में घुस रही है… हम ये मान लेते हैं की वो इसके भयानक गुरुत्वा बल में भी सही सलामत है… तो अंदर जा कर घडी रुक जाती है…
    वो इसलिए नहीं रुकी की वो बिगड गयी है… बल्कि इसलिए क्यूँ की ब्लैक होल के अंदर समय का अस्तित्वा ही नहीं है…
    .
    और ब्रह्माण्ड की शुरुवात में ठीक यही हुवा होगा… ब्रह्माण्ड की शुरुवात में समय ने क्या भूमिका निभाई होगी… अगर यह समझ ले तो यह पक्का हो जायेगा की ब्रह्माण्ड की रचना के लिए किसी महान रचयिता की जरुरत नहीं थी… बल्कि ब्रमांड ने अपने आप ही खुद को रचा होगा…
    अगर हम समय में पीछे चले वहाँ जहा बिग बैंग की घटना घटी होगी… तो ब्रह्माण्ड और छोटा और छोटा होता चला जाता है…
    तबतक की जबतक एक ऐसी स्थिति ना आ जाये.. जहा पूरा ब्रह्माण्ड इतना छोटा है… की वो अकेला एक अत्यन सूक्ष्म और अत्यंत सघन ब्लैक होल है…
    और वो आज के ब्लैक होल की तरह अंतरिक्ष में तैर रहा है…
    ऐसे में कुदरत के नियम एक बड़ी ही असाधारण बात बता सकते हैं… वो हमें बताते हैं की यहाँ भी समय रुक गया होगा… यानि आप बिग बैंग से पहले के समय में नहीं पहुच सकते हैं… क्यूँ की बिग बैंग से पहले कुछ भी नहीं था…
    .
    आखिरकार हमने एक ऐसी चीज खोज ली है..जिसका कोई कारण नहीं था.. क्यों की तब समय था ही नहीं.. तो फिर कारण भला कैसे होता…
    इसका मतलब ये है की ब्रह्माण्ड का कोई रचनाकार हो ही नहीं सकता…
    क्यूँ की जब समय ही नहीं था तो फिर भला कोई रचनाकार कैसे हो सकता है… ??
    क्यूँ की खुद समय भी बिग बैंग के समय ही…

  52. Vishal Rai says

    क्यूँ की खुद समय भी बिग बैंग के समय ही शुरू हुवा था…. इसका मतलब ये एक ऐसी घटना थी जिसका कोई कारण या कोई रचनाकार नहीं था..
    .
    तो हम जिस सवाल का जवाब खोजने निकले थे विज्ञानं ने उसका जवाब हमे दे दिया है…
    एक असीसा जवाब हो ३००० साल की इंसानी कोशिशों के बाद मिला…
    .
    इसलिए जब लोग मुझसे पूछते हैं की की क्या ब्रह्माण्ड की रचना ईश्वर ने की है??
    तो मै विशाल कुमार राय उन्हें यह बताता हूँ की… इस सवाल का वैसे भी कोई मतलब ही नहीं है…
    बिग बैंग से पहले तो समय का अस्तित्वा ही नहीं था… इसलिए ईश्वर के पास ब्रह्माण्ड बनाने के लिए समय ही कहा था…ईश्वर का कोई अस्तित्वा ही नहीं है

    इससे मुझे एक बड़ी अद्दभुत बात पता चलती है… ना तो ईश्वर का कोई अस्तित्वा है… ना ही कोई हमारे भाग्य को निर्धारित करता है.. ना तो कही स्वर्ग है.. ना ही मौत के बाद का कोई जीवन…
    ब्रह्माण्ड के विराट स्वरुप को समझने के लिए हमारे पास बस एक ही जीवन है…

  53. says

    agniveer ji mujhe maanf karna mai aapki bahot izzat karta hun but mujhe padhne mein kuch samajh nahi aa raha tha plz apni explanation thoda easy kijiye taki log pura padhein dhanywad

  54. says

    bhai ye anab shanab ki batein post karna band karo.tumhare dharm me kitni sachhai hai ye tumhari abadi se hi pata chalta.agar tumhara dharm sacchha hota to tum itni chhoti si jagah me sikude na hote .pls ghaflat ki duniya se bahar aao….

    • raj.hyd says

      kya doctar profesar, injiniyar, mantri, saansad , vidhayak adi bahut kam aur prbhavshali nahi hote hai ? faishan, sinema premi ,sharabi , v any nasheele padartho ka sevan karne vale, suar adi ka mans khane vale, jahil, kuriti, mannevale andh vishvasi adi bahusankhyak nahi hai? kya fir inko sahi mana jaye ?

      • zsumone says

        ^that reply is for sohail brother…Brother aapne bilkul sahi kaha in hinduon k bare mein

  55. Rahil EX Muslim says

    There are several questions that I have which to my knowledge have not yet been answered by Islam:
    1- If the whole universe (all the stars and planets) were created for the earth then it should surround the earth, but here the earth is surrounding the sun and that surrounds the galaxy. The Quran failed to mention this.
    2- The whole universe was created for humans, the stars at night are used to find your path, etc., but there are billions of planets in the universe. Are they too created for us? What is the use for humans in this?
    3- Allah created all humans from two humans (Adam and Hawwa). Their sons and daughters were sisters and brothers, how could they marry and reproduce among themselves?
    4- Prophet Nooh collected a pair of all the animals on the earth in his Ark. How would it be possible to collect them all? There are still unnamed and unidentified animals on earth. There are also many variety of animals in its own genus, for example; there are more than 200 types of frogs, 300 types of snakes and etc.,
    5- Human and chimpanzee DNA match over 99%, why is it so?
    6- Science has proved that millions of animals lived before the human, why?

    I have left islam for my self respect and for future of my kids as I dont want them to be called terrorists….I feel islam is not for current age and shud be voided.I considering following Buddhism and Hinduism..

    Let me know if any muslim can answer me…

    • Zeee says

      If u (writer) have the guts ,have an open debate with Dr. Zakir Naik..he likes it!!
      And We know that u are just a coward!!Who can only make back-conspiracy for any person .

      Hell is waiting for You if u r not reverted(maybe)
      dont reply me as i will not come to this FOOLISH POST again!!lol

    • zsumone says

      You are such a foolish fellow…..lol
      when u were in Islam(if u r not telling lie) u never read Al-Quran.
      And if u r telling lie,then watch down into urself,what an image of ur religion(hinduism ,etc as u say) ,u r showing!!

      I have got all the answers for ur question..but i dont want to write…tired..kabhi aur thik hai chotu..
      else read quran ,it has all answers!!

  56. dipankar says

    Satya ek mukta aakash ke jaisa hai,jaha koi asahajata nahi,dharma vahi hai jo tumhe mukta karta hai sabhi se aur chode deta hai aghyat main… Taki tum vahi jano jo hain tumame aur sarva main…noor to hai bas aankh ki taraf eshara jo dikha de ….dharm keval eshare hai satya ki taraf jane ke,isiliye to dharm aanek hai aur satya ek….

  57. vicharak says

    अगर आप सिर्फ वेदों को मानते है तो राम के अस्तित्व का क्या होगा? वेदों में कही भी राम या कृष्ण के बारे में नहीं कहा गया है और (पौराणिक ग्रंथो के अनुसार) इनका जन्म भी वेदों के बहुत बाद में हुआ है! तो क्या राम का कोई अस्तित्व ही नहीं है? तो क्या अयोध्या मुसलमानों को सौंप दिया जाना चाहिए? राम का अस्तित्व होने का आप क्या सबूत ले कर आयेंगे! अस्तित्व नहीं तो मंदिर भी नहीं! राम भी नहीं! इस बात को पूरे हिन्दू समाज के आगे कह कर दिखाओ! अभी तो बेचारे भोले भले भक्तो की समझ में ये षड़यंत्र ही नहीं आ रहा है, कि कितनी आसानी से राम को दिलो से मिटाया जा रहा है! अगर राम को मानते हो तो क्या सबूत पेश करोगे उनके अस्तित्व का क्योंकि आप कोई भी पुराण या ग्रन्थ नहीं मानते हो सिवा वेदों के!

    • Taruth Seeker says

      @vicharak
      Mante to ham Gandhi Ji, Shivaji, Manmohan Singh, Soniya Gandhi ko bhi hai. Agar Ved me inka nam nahi hai to qya desh khatam ho jayega.

  58. zsumone says

    Why are people coming to Islam as so a high rate!!INDEED IT IS THE TRUE RELIGION.
    And if the writer have guts(he is a coward ,we know) have an open debate with Dr. Zakir Naik..He loves it!!lol

    if u do not revert back before death..hell fire is waiting for you(may be)

  59. zsumone says

    for writer-dunia me aise log bhi paida honge socha na tha..chutia log jo apna dharam to jante nahi..bakaiti jhadhte hai….tumahre hindu dharm ka naam bhi saala hamne rakha tha geographically,tum usi ko le ke baith gye…chuuutiya..

    • raj.hyd says

      sahi kaha apne hajar sal ki gulami aki adat nahi gayi hindu me ? bahut kuch dusre ka apna lete hai 1 pahale arbi, farsi padhte rahe fir urdu padhte rahe , ab angreji padh rahe hai , pahale aryvarat is desh ka nam tha bad hindustan bangaya ab india kahane garvkarne lage ! ab ao jaise log islam ko chod karinke samudy me aiye fir inko sudhariye tabhi kuch sudhar ho skega yah hindu jat apne logo ka kahana nahi manti jab dusre akar jagayenge tab vah jag pati hai !

    • thakur says

      Bhagwan/Allah jiska bhi lena hai naam lo …or chain se jio or jine do……Kin lafdon main fuse ho ……

      Pata kisi ko nahin hai…Bus aise hi mar rahe ho aik dusre ki burai karke….

      Agar tum main se ya tumhare main se koi bhi VED/Kuran ko samjh gaya hota to ladai hi nahin ho rahi hoti….

      In saari kitaabon ko jala do or sirf insaniyat seekho ….

      Dharam se nahin insaaniyat se jeeto…..Nahin to BIG BANG Phir se hone wali hai….

      Yeh kitabein self enlightenment ke liye hai…or aap log to aik dusre se ladke darkness ki taraf ja raha ho….Kayun bhool jate ho ki in ladayin se humare apne hi marte aayein hain…

      Acche or burre ki pahchaan dharam se nahin karam se hoti hai…..

      • Ankur says

        @thakur : bhai bat to aise kar rahe ho jaise tumhe ved aur kurna ka sab gyan ho gaya hai..Islam me Allah ka nam lene se kuch nahi hoti,tu shayad Islam ko hindu manyta ke tarazoo mein tol rahe ho aur frustrate ho rahe ho.. Islam chahata hai ki sab sirf Allah ka nam le na ki bhagwaan ya kisi aur ka , kyon Sirf Islam aur Allah hi ek akeli sachai hai aur jo bhi usse alag hai who galat hai aur jahannum ki hakdar hai.
        bhai kuch bolene se pehle sonchan aur tar vitark avayshak hai kyonki iske bina sachahi ka pata nahi lag sakta.
        Mera ek sakhta sujhaav hai ki pehle tum Quran padho phir dekho ki usmein kitin englightment ki batein hai.. .Islam me Enlightenment ka koi concept hi nahi hai,Is jeevan ka ek hi maksad hai ISlam mein Jannat ko hasil karna aur whan bhi koi englightemnet jaise cheez nahi hai.. wahan mardon ko milenge hooren aur jawan ladken.(quran mein likha hai) for reference
        http://wikiislam.net/wiki/72_Virgins
        aur baki wine(sharab) bhi peene ko milegi (isliliey yeh log sharab nahi pete kyon doosri duniya mein to milegi hai

        Isiliye hum jsise bewakoof hinduo ki wahjah se Islam aaj apne ko bahut takatwar samajta hai aur Hinduo ko neecha kyon humne kabhi effort hi nahi kiya Islam ki sacchai janne ki taki pata chal sake ki Islam kitna vahiyat hai isliey vedon ke ishwar ki description aur Allah mein koi samanta ho hi nahi sakti

  60. syed kamaal haider says

    natatsay partemastay,?yae kya hay eshwar ka kooe chetra nahe hay,ishwar sirf ek hay dusrta nahe hay nahe hay zara bhe nahe hay,kya yae ved k shabd nahe hay ,kya ek eshwar ke pooja chor kar>shew leng,,,ganesh (hathe ka sar aor manushya k shrer wala bhagwan? kya yae sanbhaw hay,tarkek hay?kya eshwar aisa ho sakta hay?bilkl nahe hargez nahe sachcha eshwar andekha hay,na he uske kooe murat hay aor na he kooe taswer jo log es parkar ka pakhand kartay hay wo adharm par hay aor nark unka sthaan ho ga ameen

    • raj.hyd says

      manniy shri kamaal ji. thik kaha apne! yah sab ishwar nahi hai yah sab adharm hai fir bhi vah nark me nahi jayenge kyoki nark koi sthan nahi hai! aur vaise hi darghaho me jakar mnnat mangne vale muslim ko agar kahi jahannum bhi hai to usko jahannum bhi nahi milegi ? sath me jara yah bhi batliye ki muhammad ji ne allah se milne satve asman kyo gaye the? kya qurani allah satve asman par rahta hai ?kya vah simit hai ? kya vah simit sthan par rahata hai ? muhammad ji yah bhi dava karte hai ki quran ki bakqar antim do ayte qurani allah ne apne singhasan ke niche se di thi[meraz ki rat ko ] yani sara quran jibril nam ka farishta nahi laya tha? do ayte muhammad ji ko qurani allah ne apne hatho se di thi ? dekhe quran ki tafseer karne vale muslim vidvan allama jalaludden siyusi kitab ka nam hai” tafseer itteqan” prkaran7aur 15 dekhe, pej 56 aur 100 ! quran38/75 jisme qurani allah apne “dono hatho ” se adam ji ko banane ka dava karte hai! dekhe quran 5/64 jisme qurani allah apne “dono hatho” ko khula hona ka dava karte hai ? dekhe quran39/67jisme qurani allah kayamat ke bad asman ko apne “dayen hath me” lapetne ka dava karte hai kya asman ka vajud hai? kya qurani allah ke dayan hath hai ?sansar me dekhne me to yahi ata hai ki yah dono hath to kisi mata ji ke garbhashay me bana karte hai ! vah garbhashay manushy ko ya janwar ka batlaiye yah qurani allah ke dono hath ka jikar kyo hai kya dono hatho ka jikar nkarta to usko kya taklif thi? jahil se jahil banne ka yah kaun sa tareeka hai ? kya quraniallah bagair dono hatho ke adam ka nirman nahi kar sakta tha ? jabvah adam ke sharir se havva bagair hath ke bana sakta hai ? vaise dekhne me yahi ata hai ki nari se nar v nari ka nirman hota hai ? vaisa hi adam ko banane me bagair dono hatho ka jikar kiye bhi kya banane me “kamjor tha ?agar qurani allah apne daye hath me asman ko n lapete to kya kaynat nahi ayegi ? agar yahudi ke dono hath khule ya band ho to allah ke bhi dono hathkhule hona chahiye ? kya in bato ka jawab aap ya any koi muslim dena chahega ?

      • rsdfgg says

        Nahi pagal to bakwas karte rhtein hn to kiya sahi dimaag log unka jawab dedekar apne aap ko pagal krlein.. tu manta hi nahi h to kiya fayeda? Ja kar ved parh agar quran samajh nahi aaraha.

        • raj.hyd says

          ham to kuran ki bate yahan par rakh rahe hai uska jawab dene me apko kyo taklif ho rahi hai ? kuran ki ek ek bato ka javab dijiye varna kuran ki sangati prem se chod dijiye isi me jyada samajhdari hai !

  61. jai shankar says

    Dr.zakir naik ka man kamjor ho gaya hai.Jo kamjor man ka hota hai use hi sidhant,tark,vichar ka sahara lena padta hai,taki kamjori ko chipa sake.Manyshya ka man aisa hi hai, sahara pakadene ki aadat janmo janmo se lagi hui hai,bina sahare ke admi ka man ek pal bhi rahneko taiyar nahi hota. Man ko kuch na kuch sahara chahiye.nahi hai to izzad karo,dhund nikalo aur usko chati se lagaye rakho.dr.zakir naik khud nahi janta ki quran ya allah usko kab tak sahara denge,zannat me to na koi masjid hai,na koi quran hai.sab akhir chodna hai to ye deh,ye zamin ye sab kuch chodna hai,jab aadmi sab chod deta hai to wo kya islam ka hota hai? Kaise hoga kyo ki islam hone ke liye pahle kisi muslim ke ghar me janmana padega,phir quran ko hadis ko padna padega,phir namaz ada karni padegi,phir muhammad aur allah ko yaad karna padega ye sab jab hoga tab saccha muslman hoga.Lekin jab janma tha tab koi sahara inmese pas nahi tha,marega tab bhi pas nahi hoga.To bina matlab ke jo chij saath nahi denewali usko zindgi bhar dhote rahna koun si bhudhimani hai?Quran ko mat padho par jo quran ko padh raha hai usko jano.allah ko mat dekho par jo allah ko dekh raha hai usko dekho.ektarfa mamla nahi hota dharm me.isi karan hindu jo dharm hai wo bhitar ki aur mudne ko kahta hai ,bhar kuch bhi dikhai pad raha wo bhitar ke karan hai isliye bhitar ka sabse pahle hai bad me bahar ka.Bhita na quran hai na allah bhitar to sirf aadmi hai.Akela aadmi yahi sacchai hai par is sacchai ko koi nahi janega.HIMMAT AUR TAKAT KI JARURI HAI KAHNE KE LIYE KI “ANHALAK” “MAIN KHUD ALLAH HU” MANSUR NE KAHA THA YE. Wo saccha tha,himmatwar tha.aise hi himmatwar logo ki aaj zarurat pad gayi hai duniya ko.

  62. jai shankar says

    @jai shankar (fake id banane wala),manushya yudh karta hai to wo bahar ke khshetra me jeet jata hoga par aksar ye paya jaata hai ke wo antas ke khshetra me hara hua hi paya jata hai, sikandar mahan bahar to jeeta par bhiter ki ladai wo haar gaya, jaate waqt dono haat khali chod gaya,hara hua mara.Is liye ye maat samjana jo bahar jeet jata hai wo bhitar bhi jeet jayega.Tum abhi mera fake id bananewale,bahot hi kacche ho,kunkune ho.Dr,zakir naik kya kahta hai is se kya sabit hoga,koi pagal sannipat me bukhar me badbadata hai to bhudhimani usko dekhte nahi balki haste hai,aur uske nadani par taras khate hai, karuna se usko dekhte hai ki ye abhi tak bhimar kyo hua hai balki swastya ki aushadhi to uske bhitar hi padi hai.uska upyog na kar ke wo bhimar hi hone ko raji hai.VED ME YA PURAN ME ZIKRA HONE SE KOI MAHAN HOTA HOGA TO VED ME RAKSHASONKA BHI VARNAN HAI,TO WO BHI KYA MAHAN HO GAYE? Keval varanan hone se ya naam hone se koi bhi praman satya siddha nahi hota,ex. Deta hu maine ek quran ke jaisi kitab likhi aur usme likha ki bachho tum raat me bahar der tak ghumne mat jana BHAHAR BADA HI KHUNKAR OSMA LADEN tumko pakad lega.To kya koi mere kitab KO OSAMA LADEN KI KITAB KAHEGA,YA FIR MERE KITAB ME OSAMA KA ZIKRA HAI TO OSAMA MAHAN HOGA KYA? Tum socho ki osama ko tum mahan kahoge to tumara dimag kharab nahi ho gaya hai.DR.ZAKIR NAIK JAB VED AUR PURAN KA HAWALA DETA HAI TO HINDU HASTE HAI KI DR.ZAKIR NAIK KA DIMAG KHARAB HO GAYA HAI.BIMARI ME KUCH KA KUCH BADBADA RAHA HAI.Ravi shankar jab zakir naik se dialogue karne gaye to peace peace kahne lage.tumara matlab phir kya unko khoon khoon ,maro maro kahna tha kya? Zara socho agar wo dr.zakir naik ko ek ZORDAR GAL PAR TAMACHA MARTE TO KYA HOTA KHUD DR.ZAKIR NAIK PEACE PEACE KAHTE TALIYA BAJATE AUR BAKI KE LOG USKA SWAGAT KARTE KI DEKHO DR.ZAKIR NAIK PEACE PEACE KAH RAHE HAI.Tab sharam se pani pani hone ka bhi khyal unko na aata log bhala itni tarif kar rahe hai aur main sharam se pani pani ho raha hu,kaisa kanbakt hu.AB KITAB TO LIKH CHUKE AUR LAKHO NE PADHA TAB USKO GALAT SABIT KAR NE KYA HOGA .LOG KAISI GALATI KI HAI YE DEKNE KE LIYE PAHALE HINDU HI USKO PADHTE THE PAR MUSALMAN BHI PADH RAHE HAI,DEKHE TO KOUN SI GALTI HAI IS ME.TAB BEWAKUF KOUN BANA RAVI SHANKAR KI DR ZAKIR NAIK.HINDU KI KOI BHI KTAB KHASKAR DHARMIK SOCH VICHAR SE NAHI LIKHI JATI.MOUJ SE ,AANAND SE, MASTI SE,PREM SE LIKHI JATI HAI.SOCH VICHAR SE TO KOI MASHIN ,YANTRA KE MAN JAISA ,JADBUDDHI WALA HI KAR SAKTA HAI JISKO APNA ULLU SIDHA KARNA HO WOHI AISE KAAM KAREGA.HINDU TO MAJE LETE HAI,ANAND ME DUBTE HAI AUR TUM UNKO BEWAKUF KAH RAHE HO. Abhi bhi der nahi hui jaag jao Atta dipa bhav khud ke diye khud bano.

  63. Naushad Khan says

    Is bahas ka koi ant nahi hai ki kaun dharam sabse achha hai lekin note karne wali baatein-

    1. Koi bhi dharma jhoot bolne ki izazat nahi deta
    2. Koi bhi dharam apne maan baap ko ghar se bahar karne ki izaazat nahi deta
    3. Koi bhi dharam Chori karne ki izazat nahi deta
    4. koi bhi dharm Bahle logon ko maarne ki izaazat nahi deta aur bure logon ka maara jaana zaroori hai
    5. Koi bhi dharm apne bhai ki bibi ko zabran hathiya len ki izaazat nahi deta
    6. Koi bhi dharm Padosi ke yahan aag lagane ki izaazat nahi deta
    7 Koi bhi dharam doosron ke dharam sthal todne ki izaazat nahi deta
    Isliye doston kisi bewkoof insaan ke lekh ko padhkar iss tarah mat bhadko koi faayda nahi hai asal mein yeh gussa kahin aur ka hai aur hum nikal kahin aur rahe hain jaise maslan Muslmano mein Cow ka gost margoob hai lekin hum gali gali nahi chillate firte ki aaj gaay katunga ya fir uska gost khaoonga zaroori baat hai shanti byvastha to zaroorat hai ki humein apna dimag lagane ki jab iss tarah ka gadha koi lekh likhe to padhkar apna dimag lagakar sahi baat ko jaanna nahi to aap aur zanvar mein kya fark hai jidhar haank diya gaya chal pade poonch uthakar

  64. raj.hyd says

    manniy shri naushad ji , [1] islam ke liyebjhutbolo quran sikhlata hai [2] agarmata pita gair muslim ho tounka kahana mat mano yah quran sikhlata hai [3] chori karne ko islam bhi rokta hai ! lekin dusro ki patniyo ko apna gulam banakar bagair nikah ke unse sex karo yah kuran sikhlata hai ![4] kuran sikhlati hai ki gar muslimo ki hatya kar do dekhe kuran 9/123,33/61 vah bhale ho ya bure jo islam ko nmane vah bura kahalata hai ! agar koi bura bhi hai to uski hatya kyo karna chahiye ishwar svaym usko marne ki kshamat rakhta hai vah svayam kyo nah mar deta ! [5] kurankahata hai ki gair muslimo[ isai v yahudi] ki mahilao ko apna gulam banakar usse sex[nikah] kar lo dekhe kuran 5./5 ! [6]kuran kahata hai ki apne aspas ke gair muslimo se lado , unko apni sakhti dikhlao dekhe kuran 9/123![ 7] muhammad ji ne svayam kaba me 360 murtiyo toda hataya ! aur anek deshome dusre kechrch tode masjid banayo misr me charch todne ke sabutr hai kamalpasha ne bad me us masjid ke badle ek isai pustkalay banaya afgan me talibano ne buddh ji ki vishal prtima todi aur is desh me ane muslimbadshaho ne bahut se mandir tode ! jab itna dushit islamv kuran ho tab uski ninda kyo nahi ki jaye ?

  65. rsdfgg says

    @agniveer yeh ved prakash upadhyaye jinki book tum show r rahe ho kiya yeh bhi qadiyani hn? hahaha. phans gaye guru

    • raj.hyd says

      kabhi gulam muhammad qadiyani ko ya unke manne valo ko jawab diya hai ? ali seena dot com me kabhi unki bato ka jawab diya hai / JAIYE, UNKE BLAG ME QURAN KI, ISLAM KI , MUHAMMAD JI KI DHAJJIYAN UDAYI JA RAHI HAI ISLAM KI DHOL ME POL KHOLI JA RAHI HAI ISLIYE ISLAM KA SUDHAR KARNE KI KOSHISH KIJIYE! MANVTA KA BHALA HO SAKEGA !

  66. jai shankar says

    @rsdfgg,@raj.hyd, mere mitra, tum ne jo jai shankar ka arth nikala hai wo bilkul hi galat hai, is liye ki tum galat par tike ho, akhir bacche galti karte hai koi baat nahi, main thik karta hu,JAY SHANKAR ISKA ARTH JAY JAY KAR NAHI AUR NAHI SHANKAR KI KOI JAI HOTI HAI.JAY AUR SHANKAR YE EK HI NAAM HAI,ALAG ALAG NAHI.DYAN SE DEKHO JO JAI AUR SHANKAR ME FASLA DIKHTA HAI WO TUMARI KAMJORI HAI. BEECH ME SPECE HONE SE TUM FANS GAYE.HINDU AISE HI GAP ME FASATE HAI.AB DEKHO ALLAHU AKABAR YE SHABD EK HAI YA DO ,EK HOTE TO TUM ALLAH AKABAR KYO NAHI BOLTE,HU BEECH ME KYO LATE HO .TUM NE YE HU BEECH ME LAKAR HI TO GALTI KI MERE BHAI.HU,HAI ISKA ARTH AB HAI AISA NIKALA KYO KI TUM NE HI HU KAHA.MAINE TO KABHI JAI JAI KAR NAHI KI PAR TUM HU HU KAR RAHO HO.GOD IS GREAT ,IS ME DO SHABD ‘IS’ SE JUDE HAI .ISKA ARTH IS JO HAI WO PRESENT TENCE KA HUA TO PAST ME GOD WAS GREAT HO JATA HAI.AB JAB TUM GOD IS GREAT KAHOGE TO PAHLE NAHI THA AISA ARTH NIKLTA HAI,AUR TUM JAB GOD WAS GREAT KAHOGE TO PAHLE MAHAN THA AB NAHI HAI AISA NIKALTA HAI.TO YE SENTENCE HI GALAT HO RAHA HAI,SHURUWAT JISKI GALAT SE HOGI TO TUM HI SOCHO AAGE USKE KYA HOGA.

    • raj.hyd says

      allah kabhi mahan raha hoga aj “kam” ho gaya hai ! pahale bhi kam tha uski buddhi bhi kam thi ! jab quran koi padhta hai tab usko maloom hota hai ki adam ke sharir se havva banayi , bad me usne sudha rkiya ab nari se nar ka janm karne lage ! agar allah mahan hota to pahale hi nar se nari kyo n banata ? fir usme sudhar kyo karta ? fir adam ke bachhe huye ladki huyi v ladke bhi huye apas me sage bhai bahan hone ke bavjud sex karne lage , bachhe paida karne lage bad me qurani allah ne sudhar kiy aur kah ki sage bhai bahan apas me nikah n kare ?kurani alalhi ne apni buddhi thik ki ! ab pata nahi kisi ki ray se thik ki ya uskosvayam” atm gyan” hua, tab apni buddhi thik ki ! kuran ke anuyai dava karte hai ki 124000 nabi rasool kurani allah ne bheje ?[are, kahan se bheje? kaha par the jo bheje gay,kya bahu sankhyame nab irasool adi jamakar ke rakhe the ? ] lekin ab nahi bhejta yani kurani allah ka yah gun[ tasir sifat] ab gayab ho gaya ab fir se uski nabi v rasool bhejne ki mahanta “kam” ho gayi ! ya to usne pahale bhi nabi rasool bheje nahi aur muslim us par jhutha lanchan laga rahe hai ya uske gun samapt ho gaye ! yani mahanta kam ho gayi! muslim dava to karte hai ki 124000nabi rasool aye hai lekin unse inke nam pucho aur pucho ki yah kab aye kin desho me aye unke kya nam hai bas “chuppi ” lagane ko majbur ho jate hai batlaiye koi” maai ka laal “muslim hai jo ek lakh chaubis hajar nabi rasoolo le nam batla paye ? are , ham to kahate hai ki 124000 ke nam to bahut dur ki bat hai bas ,1240 [ek hajar do sau chalis nabi rasoolo ke namo ki lisht de dijiye batlaiye vah kab aye kin desho me aye, aur unke kya nam the vah bhi koi muslim nahi batla payega ? fir itna bhari jhuth jis islam me ho jis rasool ki bato me ho fir usko kyo mante hai ?apne kitabo ki janch kyo nahi karte ?dusro ke samne kyo juthe kahalana pasand karte hai ? “chod do islamka jjutha fasana chod do, hai kuran gandi kitab usse ulfat chod do” ?jab azan ka pahala nara [vaky] hi galat hai to age to aur bhi bahut si galtiya hai batlaiye ab kaha raha alla ho akbar ? kisne kaha ki allah bahut bada hai uske gun kam ho rahe hai fir kyo kaha jaye ki vah bahut bada hai ?apne desh ke muslim ek janmjat sammanit nagrik hai ham unko dukhit karna pasand nahi karte hai! ham nai chahte ki vah dukhiho isliye , ham unse kahancha henge ki kuran ki sangati jitna jaldi ho chod de isi me bhalai hai ! padhe likhe muslim intarnet me batchit karne vale muslim samajhdarmusli manvta vadi muslim hamari bat par prem se vichar kare ,varna hamko kuran ke prati sandeho ko dur karne ki koshish to kare ? abkya ap muslimo ko manjurhai vah bi prem se batlaye ? aaj jitne bhi dharm hone ka dava karte hai sabhi me jhuth shamil hai ! isiliye hamkahate hai ki apni kitabo ki jancha karo, isme manvta ki bhalai hogi !

    • rsdfgg says

      @ja shankar, lagta hai tum koi pagal aadmi ho kiyunki tumhein na to SPACE ka pata hai aur na hi sandhi vichched ka??

      kiya school mein bilkul nahi parhe??? ja kar agniveer se hi puchlo ki jai shankar kiya matlab hota hai aur space agar na ho to uska sandhivichched kiya hoga.

      tumne jo likha hai ki hindu hamesha “spece” mein hi phansate hain yeh sach likha hai….lakho saal tak ved ka naam lekar shudron ka dum ghont te rahe ab keh rahe ho ki bodh bhi hindu hotein hain kiyunki shudra hindu dharam ko laat markar bodh ban gaye….hahaha

      ho gaya na spece ka chakkar…jo hindu aur bodh mein spece tha use tumne khatm kar diya hain na bachu?????

      saare hindu har taraf moorti poojte hain aur ramayan, mahabharat, gita, puraan aur har baat ko maante hain aur yeh 2.05% arya(?)samaji kehte hain ki hindu dharam mein moorti nahi, vedon k alawa kuch sahi nahi??? to phir sahi kiya hai??? iska matlab asli hindu tum ho ya moorti poojak?? kiyunki satyarthprakash k according tumhari baat ghalat ho jayegi..

      kiya pehle shankar ki jai nahi hoti thi jo ab shuru kar di?? jawab do?? agar mein ID banaun ki “jai shankar ka baap balatkari hai” to tumhein bura to nahi lagega jai shankar? kiyunki agar bura lagega to tum phans jaoge,,,,,,, yaani accept kar loge ki fake id ki baat sahi hai?

      tum apne baap ko bhi yehi kehte hoge ki aye balatkari..agar unhone bura maana to woh phans jate honge hain na?? agar unhone rape nahi kiya hoga aur koi balatkari kahe to tumhein ya unhein boora kiyun lagega??

      phans gaye bachua

      • raj.hyd says

        @rsdfgg…? yah jay shankar kya hota hai? yah shankar ji ke bhakto ki matr ek kamna [ichha] hoti hai ki shankar ji ke vicharo ki karmo ki jay ho ? kamna, shubh kamna ka jyada koi mahatv nahi hota ? matr ek achhe vicharo ki abhivaykti hi hoti hai 1 jo aisa kahata hai uske prati ek achha khyala banane me sahayta ho jati hai ! agar sabhi kamnaye sach hone lage to burai fir apna kahan sthan banayegi ?ishwar bhi burai ko samapt karne abtak asfal raha hai ! usse bada to sansar me bhi koi nahi hai !

      • raj.hyd says

        @rasdfgg …? “dusre ke sath vahi vyavhar karo jo apne liye bhi pasand aye” jab koi muhammad ji ko balartkari ki id banana pasand nahi karega to kisi jay shankar ke pita ko balatkari ki id kyo banana pasand karna chahata hai is tarah ki kalpnik bat ka kya mahatv hai ?

  67. rsdfgg says

    @jai shankar, tumhara to mental level bilkul bachon wala hai….tum ne likha hai ki

    //AINE TO KABHI JAI JAI KAR NAHI KI PAR TUM HU HU KAR RAHO HO.GOD IS GREAT ,IS ME DO SHABD ‘IS’ SE JUDE HAI .ISKA ARTH IS JO HAI WO PRESENT TENCE KA HUA TO PAST ME GOD WAS GREAT HO JATA HAI.AB JAB TUM GOD IS GREAT KAHOGE TO PAHLE NAHI THA AISA ARTH NIKLTA HAI,//

    agar mein yeh kahun ki earth is round to iska matlab hua ki pehle gol nahi thi? agar mein kahun ki ” jai shankar’s father is human” to iska matlab ki pehle tumhare baap bhaaloo the??

    tumne tense parhein bhi hain??? tumhein present aur past ki spelling to pata nahi to yeh kaise pata hoga ki agar kahin is use kiya jaye to uska kiya matlab hota hai?

  68. anti agni says

    @raj.hyd, kiya tune bhavishya puran parha hai? mere paas gita press gorakhpur ka bhavishya puran hai agar tu kahe to usmein jo likha hai hazrat muhammad s.a.w ke bare mein woh yahn likh dun taki tu yeh bata sake ki ismein se kiska matlab rakshas hai??

    mere paas hindi mein hai bhavishya puraan..

    doosri bat yeh ki tujhe jo agniveer bewaqoof banata hai tu ban jata hai?? hunare andar aag/fire/agni kahan hain?? humare andar heat/garmi/ushma/temperature hai..

    tere saath problem yeh hai kiparha likha hai nahi aur english aati nahi jo google search kar le aur negative aadmi hai.. kabhi satyarth prakash k baare mein kuch farma diya kar bhai yeh to satyarth prakash walon ki site hai??

    ya satyarth prakash se poora sehmat hai aur vedon se bhi?? warna tujhe vedon ka jawab dene wale truth siker bhi yahan mil jayengein.

    khair jab hum kuch karye karte hain to garam hotein hain humari ushma/heat loss hoti hai energy k liye ..jab mar jayeinge to thande ho jayenge..

    lekin agar agni hogi to jaleinge aur uske baad raakh/ash bachega to samjhe agni aur heat mein farq?

    yeh heat agni se nahi aati humari body mein kiyunki agni jalati hai aur humari body mein heat work se aati hai.

    isliye ANTI AGNI

  69. raj.hyd says

    @anti agni…?jara kuran ko chod kar bhi bat kar liya kijiye har chij me agni, vayu, jal ,mitti v spece ke uchit mishran se bane padarth hai kisi me kuch jyada hai aur kisi me kuch kam hai !agar ap teji se apne hat ka gharshan[ragdna] karenge to hath me bhi garmi a jayegi yah garmi ki biniyad “hi ” agni hai ! yah sara sansar jo bana hi usme prakriti ke anuo se bana hai jisme agni bhi shamil hai ! kuran ki bat chod dijiye ki manushy” sirf”mitti se banaya gaya hai ? ” sirf” mitti se to matka bhi nahi bana karta hai ! usme bhi adhikansh mitti hote huye bhi jal agni hava adi ka sahayog liya gaya hai ! petrol adi jo bahut taral padarth hai usme bhi agni hoti hai jo jara si bahari agni milte hi aag ka vikral roop dharan kar leti hai ! bhavishy puraan ke sholk ka sabut apne kyo nahi diya jab ki apke pas kitab bhi hai ! agar kisi sthan me moh, mad likha ho to kya ap usko turant muhammad samajh lenge / kya isko buddhimani yukt bat kahi jayegi ? agar kahir khir likha ho to kya nadan log usko khira [fal ] samajhne ki nadani kar le to usme kya buddhi man purush uski buddhi par taras nahi khayennge ? fir bhi apko bhavishy puran me ” muahmmad ” ke namke darshan ho jate hai to turant kuran ki sangatichod karke “bhavishy puran ki bate manna svilkar kar lijiyega kyoki kuran se bhavishy puran jyada badi ho gayi ek vyakti ne agar muhmmad ji ke janm ke pahale hi ek bhavishyvani kar di to vah us kuran se aur muhammd ji se bada kyo nahi hua ?agar ham isi manch me apke pita ka nam ,mata ji ka nam v apka bhi asli nam aur apke kary adi batla de toapke kitne bchhe hai apki patni ji ka bhi nam batla de aur hone vale bachhe ka bhi nam batla de to kya ap hamko bahut jyada buddhiman nahi kahenge ?bahut sa bhavishy to ishwar bhi nahi janta ? ham apna agla kadam ek sal bad kya uthayenge ishwar kaise jan payega ? kyoki manushy ek azad vicharo vala vayktitv rakhta hai vah kisi bhavna me bahakar kaun sa agla kadamuthayega vah ishvar bhi nahi janta ? manushy koi gulamnahi hai ki uske bhagy me jo likjh diya gaya hai vah vaisa hi karega ?aisevichatr karay purush jarur rakhte hai han kay karana ka sambandh jarur rahata hai agar kisan ne koi bij dharti me dala hai, aurusko achhitarah se dhup pani adi mil gaya hai to usko uska fal bhi milega! bin badal barsat nahi hua karti ! agar koi jyotishi [bhavishy vakta ] apke hone vale bachhe ke vivah me hone vali patni ka nam v gun aur kis sthan me vivah hoga yah sab batla de to kya ap us jyotishi ko kuch khush hokar usko inam denge ya nahi agar vah bat saty sabit ho jaye to ? isliye ab ap jab is bat ka sabut de rahe hai ki bhavishy puran se “muhammad “sabit ho rahe hai tab to bhavishy puran ko bhi ishvariy granth man lijiyega aur uske adarsho par chalne ki bhi koshish kijiyega sabhi puran murtipujak ke poshak hai tab to ap murtipujak bhi ban sakte hai ?sath me kuranva bhavishy puran me jo antara ho us jagah par apne “vivek ” ka istemal karke us disha me apne kadam bi badha lijiyega kya ap iska vayda karenge ? yah bat saty hai ki hamko angreji bhasha nahi ati hai hamto matr hindi bhasha se kuch parichit hai! hai ham agniveer ji ke gulamnahi hai agar apki bhi koi bat achhi lagegi vah hamko svikar hogi kuran ki bat muahmmd ji ki bat agar hamo uchit lagegi vah bhi svikar hogi ham apki tarah kisi ke bhi gulam nahi haikikuran me jolikha hai muahmmad ji ne jo kaha diya bvah patthar ki lakir ho gayi 1 agar kuran kahati ki suawar ka man kha lo ap bhi suwar ka mans kaha lete ? jara apni buddhi par rtars kahiye jis mata pita ne apko jam diya haai apko pala posa hai apke upar bahut sa dhan parishram lagaya hai uski bhi 100 % bat nahi mante honge kabhi n kabhi unki bat ka inkar ya andekha avshy kiya hoga aur jisko ap allah kaha karte hai muahammd v kuran ki gulami sviikar karte hai kitni ajib bat hai ! mata pita aadi ko kabhi andekha bhi kar diya aur kuran ki gulami svikarkar li jo sabjhi manushyo ko bhatka rahi hai !

  70. jai shankar says

    @rsdfgg,Are mental ka hawala kyo deta hai, tu hi apna mental kis kachre se bhara hai pahle wo to dekh,arbi bhasha kis bhasha se bani pahle us bhasa ko dekh.urdu kis se bani us bhasha ko dekh. YEMEN ME JO QURAN MILA USKI BHASHA DEKH YE TERE HAAT ME JO QURAN HAI WO CORRUPTED HAI.ALLAH KI KITAB QURAN NAHI.HUM HAI JAB BOLTE HAI TAB KOUN SA TENCE HOTA HAI? Hosh se dekh tune ex.to galat diye phir bhi akal me nahi aa raha tere. Earth is round ,ye admi ne kab jana ki earth round hai?mental ke saath rahoge to aise hi fansoge. Quran me to round nahi kaha flat kaha hai???? Ha ha ha…. Ab jab quran me earth is flat hai to tune kab jana ki round hai, kis ne bataya ki round hai? SCIENCE KI KHOJBIN KARNE SE EARTH ROUND HAI PATA CHALA HAI NA? Tab tak to wo quran aur bible ke SATYA GYAN SE FLAT HI THI AB JAB JAB WO KABHI FLAT THI USKO HI TUM ROUND KAH RAHE HO BHAI.ZARA DIMAG KA ISTEMAL KARO ,DIMAG TUMARA AISE KACHRE SE NA BHARO KI KUDA DAN HO JAYE AUR USME SE GANDGI FAILE. God is hai ka matalab kabhi wo nahi tha kabile tak simit tha,muhammad tak simit tha is liye to tumko gyan ho jaye ki wo ab mahan hai adan karna pad raha hai.BOLTE JAO MAHAN HAI- MAHAN HAI PAR YE BHI YAAD RAHO USKE SAATH SIMIT BHI,CHOTA BHI HONA JUDA HAI. Ya to past me ya to future me wo simit hoyega.Hindu tumse kai upar hai, WO SIRF MAHAN NAHI KAHTE AANU RENU SE BHI CHOTA US KE SAATH JODTE HAI.TUMARA ADAN KA PAHALA SENTENCE HI WRONG HAI,TO AAGE KYA HOGA ?

    • rsdfgg says

      @jai-shankar, bhai apna mental level chor kisi doctor se mil kiyunki lagta hai tu pagal hai.

      maine kiya example diya aur tune kiya bana diya?? agar tere aspas koi insaan ho ya tere bachche school jatein hon ya koi bachcha tujhe school jata hue dikhe to uske haath apna comment ka print out bhej dena phir tujhe pata lagega ki locha kahan hai mere example mein ya tere dimahg mein???

      tujhe to bha tense ki spelling bhi nahi aati phir yahan aakar kiyun hero ban raha hai???

      maine doosra example bhi to diya tha //agar mein kahun ki “jai shankar’s father is human” to kiya iska matlab yeh hoga ki pehle tera baap bhaloo tha??//

      isko bhi quran se sidh karde??

      aur quran ne to sabse pehle yeh hi batay hi ki earth is oval.. example dun???
      agar de bhi dun to tu nahi manega lekin agar chahe to answering-islam.com par jakar dekhle..

      lekin sabse pehle yeh bata ki baap wala example kiyun chor diya tere gande dimagh ne? uske baare mein bhi bata.

  71. jai shankar says

    @rsdfgg,BHIVISHYA PURAN ME KAHA HAI KI MUHAMMAD JO HAI WO SHAITAN KI PUJA KAREGA.KYA ALLAH SHITAN HAI? SARE HINDU TO MANEGE NAHI DAYAWASH,KARUNAVASH KYO KI KISI KI BHI BURAI MAT KARO AISA HINDU DHARM SIKHATA HAI PAR SARE KHRICHAN JO HAI WO ALLAH KO SHAINTAN,AUR MUHAMMAD KO JADU ZARA KAHTE HAI .KYA ISME KOI RAJ CHIPA HAI? Deho muhammad ne kaise badi galti ki hai moses ki sister jo miriam hai usko hi mary samja hai are ye shaitan ka kaam ho sakta hai .khrichan to pukta tour se allah ko shaitan mante hai. JEJUS KE AUR MUHAMMAD KE BATO ME KITNA FARK KYO HAI? Jejus kahte hai tumare ek gal par agar koi mare to tum dusra gal age karo , MUHAMMAD KAHTA HAI TUMARE JO BICH MAIN AAYE US KE GAL PAR HI NAHI KHUD USKO HI MAR DALO. Ab ye shaitan hi kahega na ki ,maro khoon karo kisi ka bhi? MUHAMMAD YE NAAM BHI SANSKRIT SE UDHAR LIYA HAI MUHAMMAD SHABD ARBI NAHI HAI. To YE PUKTA HUA KI MUHAMMAD TRIPURASUR SHAITAN KA PUJARI THA.AL LAT,AL UJJA AUR MANAT YE TEEN BETIYA IS SHAITAN KI THI.AUR YE TEEN TRIPURASUR SHAITAN KE TEEN JO PUR (NIWAS )THE UNME VIRAJMAN THI.LOG TRIPURASUR KE BHAY SE UNKI BETIYONKO KI PUJA KARTHE THE.JAB SHAITAN TRIPURASUR KO PATA CHALA KI ARABWASI MERE BETIYONKI PUJA KAR RAHE HAI,TAB USNE MUHAMMAD KO KAHA KI ,YE SIRF MERI PUJA KARE ,MERI KOI BHI BETI NAHI AUR BETA NAHI HAI.isko hi satanic verses kahte hai. BHAVISHYA PURAN ME SAAF LIKHA HAI .HINDU KORI BATE NAHI KARTE PRAMAN DETE HAI ,JAGO SHAITAN KE PAAS MAT JAO ,US NE TUM KO KAISE BAHAKAYA HAI KI TUMARA DIMAG HI KAAM NA KARE. US NE PURA INTJAM KIYA HAI.HIPNOTISE KIYA HAI NAMAJ PACH BAAR,KOI BUT NAHI,QURAN ,HAJJ KARNA,HALAL BEAF KHANA .KOI SHAQ MAT KARNA YE SAB US SHAITAN KO BHULNE NAHI DEGA. Do do minuts main INSHAALLAH NIKALNA HIPNOTIZE HONA HAI.MANSIK VIKRUTI KA LAKSHAN HAI JAGO DER NAHI HUI ,HOSH SE BHARO PHIR DEKHO SACCHAI APNE AAP SAMNE AAYEGI.

  72. Ekinshan says

    ऊस परवत नीगार को हम कया देवे भले बुरे का गीयान ।
    दुनीया मे हर ईनसान भरोशा एसान नही भुलता,उसी परकार हमे भी अपने अपने खुदा की ईबादत करनी चाहीये, सेर ईनसान खाता हे ,कुछ जानवर गास खाते हे। ईनशान जो भी करे उस की सोच भीन हे ,तुमने ह्म को कया दीया कीसी ने कमपीयुटर बना दीया कीस ने दुनीया को जीत लीया,फ़ीर हम कयुं नही ? हमारी सोच ईतनी हे। हमे अपने अपने कारये करने चाहीये चाहे वो अछा हे या बुरा मेरे मा बाप ईंगलीस बोलेंगे तो मे भी बोलुंगा । मे जो हुं अपने आस पास की गतीवीधी के कारन हुं वीअरथ मे चीनता मत करो ।हम ईनशान हे बेइमनी सवारथ घमंड बुरा पन ह्म मे हे अपने फ़ाईदे की बात हम सोचते हे। हमे मालुम हे पर जलन होती हे ना जाने क्युं कया कोई अपना घर ना पाल के पडोसी का घर पालेगा अगर हा तो वो ईनसान कया कहेलायेगा ?

  73. raj.hyd says

    kuran ka sabse bada dushman kaun hai ? murti, chitr, murti puja ? murti puja ke dar se muhammad ji ne apna chitr banvane se parhej kiya ? muhammad ji ki itni himmat nahi padi uki ki vah apna foto banava dete ? kahi muslim unki puja n chalu kar de ? fir bhi kai karod muslim dargaho me jakar ke , kabro me jakar ke shish jukana pasand karte hai chadar chadhate hai , phool agarbatti jalate hai mannte mangte hai . kya koi muslim batlayega ki kuran ka sabse bada dushman murti puja kyo hai / muslim jhuth bol le manushy ki hatya kar de , janwaro ki hatyye roj kare, ek tyohar pashu hatya ka jordar tarike se bakreed ka manaye sab jayaz hai . fir murti se kurani alalh ko taklif kyo hai kya murti se kuch gyan nahi milta ? ham thode se samajhdar muslimo ko bhi chunauti dete hai ki kabhi bhi koi “porn film” dekhe kya unki mansikta me badlav nahi aa jayega kya yah chitr ka kamal nahi hai? kai karod muslim film v siriyal bhi dekhte honge bhale hi islam ne mana kar diya ho? apni foto bhi banvate honge aaj to chunav me vot dene vale kai karod muslim apni foto sahit id bhi rakhte hai! jab koi muslim ya anay koi bhi film v siriyal dekhta hai tab anek bar aise chitr a jate hai jab vah tali bajane ko majbur ho jate hai , kabhi hansne ko bhi majbur ho jate hai , kabhi vahi fim dekh kar krodh bhi jagrat ho jata hoga aur kabhi bhavukta bhare seen ko dekh karke apne” aansu” bhi nikalne ko majbur ho jate honge ? yah aansu kaise nikle ? aansu nikalna bahut mushikl bat hoti hai lekin vah bhi nikal padte hai ? yah chitr nakli, kahani nakli, sanvad nakli, fir bhi ansu asli nikal padte hai kya yah chitr ka kamal nahi hai ? fir islam ne is par rok kyo lagayi ek vigyan par rok kyo ? jab koi bhi kisi bhi chitr me, nakli kahani me bhi dub jayenge , tab apke aansu bhi nikal sakte hai aursexy chitr dekh karke ” viry”[seeman] bhi nikal sakta hai ? yah khel hai dubne ka ? isliye islam to ek vigyan virodhi kary ko bhi rokta hai ? jo nahi rokna chahiye tha? yah islam ki “mul ki bhul hai ” ! chitr dekhe bura hargij nahi hai ,manushyo ki hatya karna jyada bura hai, janvaro ki hatya karna bhi bura hai kaash kuran is par rok lagati ?isko apna dushman manti. ahinsa ko mukhyta deti , vaise islam thoda ahinsa pasand karta hai , jaise kisi masjid me janvaro ki hatya nahi ki jati . kaba me janvaro ki hatya karne par rok hai lekim muslim apni jindgi me bhi ahinsa se rahate tab aur bhi jyada achha rahata. kitni azeeb bat hai masjid ko pavitr ka kaha jata vaha janvaro ki hatya karne par rok hai manushy ka jivan pavitr nahi hai? isliye manushy apne jivan me janvaro ki hatya kar sakta hai agar manushy kajivan pavitr rakha jata to masjid adi to apne ap pavitr ho jati !jara batlaye manushy ka jivan bada hai ya masjid badi hai /manushy ne masjid banayi hai isliye masjid choti hai manushy ka jivan bada hai ?

    • anti agni says

      @raj.hyd, please answer it.
      //
      THE ORBIT OF THE MOON

      The word “Qamar,” referred to as a heavenly body in the Qur’an and meaning “Moon” appears 27 times. The elliptical orbit of the Moon around the Earth also takes 27 days. But this is not a number that someone looking from Earth could determine.

      Because since there is a 29-day between full moons, it used to be thought it took the Moon 29 days to travel around the Earth.

      The fact is, however, that as the Moon revolves around the Earth, the Earth is also travelling round the Sun. Because of the movement of the Earth, the Moon completes its orbit with a 2-day delay.

      This is another reference in the Qur’an consistent with modern astronomical findings. (Allah knows the truth.)

      Number of times the word “Moon” appears in the Qur’an = 27
      Time it takes the Moon to travel round the Earth (in days) = 27//

  74. raj.hyd says

    kitne azeeb hai ! muslim kuran ko sharif kahate hai , jab ki usme adam ke bacho me sage bhai bahano me sex sambandh ki bat hai hajarat loot jo nabi thi rasool thi unke yaha kabhi farishte aye honge , vahi ki basti ke logo ne unse sex karne ki ichha rakhi ua hajarat loot ne kaha ki farishto ke bajaye hamari ladkiyo se sex kar lo ? kuran me muahammd jike liye sex ka intjam karne ke liye yuddh me me kaid mahilao se sex ki chut di gayi hai manushyio ki hatya karne ki chut di gayi hai balki hatya karne ka adesh diya gaya hai janvaro ki hatya karne ka adesh diya gaya hai ? iske bavjud bhi kuran”sharif”ho gayi ? maccah me bahut se muslim galiya bhi dete honge apna mal v mutr bhi tyagte honge iske bavjud maccah “sharif” kaha jata hai kaba sharifkahajata hai madeena sharif bhi kaha jata hai ? aur bihar me loi sthan hai usko bhi bihar sharif kaha dete hai uttra prdesh me barabanki jile me koi deva namka gram hai vahkoi dargah hai usko deva sharif bhi kah dete hai , ajmer me ek dargah iske karan us ajmer ki sharif jod kar ajmer sharif kaha dete hahamne vah dekha hai ki ajmer me suwar bhi rahte hai manushyo ki hatya bhi hoti janvaro ki hatya bhi hoti isle bavjud ajmer shareef kahane me nahi chuka jata fir delhi me hajara nijamudeen ki dargah hai fir bhi dilli shareef kyo nahi kaha jata ? ham apne muslim bandhuyo se yah janna chahte hai? kya koi muslim iska javab dega ?

  75. jai shankar says

    @rsdfgg, are akal ke andhe… Earth flat hai ye tere quran me hi likha hai.muze kyo dosh deta hai ab oval bhi likha hoga to kya ye allah ka dimag kharab hai ki ek baar kahe flat aur ek baar kahe oval. Zara tu hi bata tu khud ko kahe male aur khud ko kahe female to kisko pagal kahe? Muze to lagta hai allah hi pagal hai. ye siddha hua na ki koun pagal hai ? Ha ha ha.. Mera baap human hai iska matalab wo kabhi bhalu tha. Are akal ke andhe main bhi yaha hu aur mera baap bhi yaha hai,par TERA ALLAH KAHA HAI USKA BAAP KOUN HAI PAHLE YE TO BATA? Akela hai to kaise janma? ALLAH ACHANAK ARAB ME KAHA SE AAYA? Dikta to nahi par zibrail se kis muh se bolta hai? Allah bina ma baap ka hai? To bina ma baap adam aur havva ke ,duniya kyo banai? ALLAH KHUD AKELA HAI AUR INTEREST LE RAHA MANUSHYA KI BHEED ME .WA KYA ALLAH KE KARNAME HAI ?? Aur tu main tence aisa likhu ki tense aisa tuze pata to chala na ki kya likha? Mere keybord ki mistek hai .par Tu meri baato ko dekh raha hai ya shabd ko? TU ZARA APNA DIMAG MUHAMMAD PAR LAGA JO BILKUL ANPADH THA.KAISE KAISE BHARI GALTIYA USNE QURAN ME KI HAI PAHLE WO TO DEKH.TUZE MERI TENSE KI GALTI DIKHI MUHAMMAD NE ITNI GALTIYA KI HAI KI USKO SUDHARA BHI JA SAKTA.MOSES KI SISTER MERIUM KO JEJUS KI MAA MERI KAH RAHA HAI.KAHA MERIUM AUR KAHA MERI. Aur to aur jejus ko bhi ALLAH KA BANDA BATA RAHA HAI . Ye kitni badi galti ki hai muhammad ne? Zara hindustan ko bhi dekhta, arjun ko bhi allah ka banda kahta .ha .ha .ha.JIJUS TO APNE FATHER KA ZIKR KAR RAHE HAI PAR YE MUHAMMAD UNKO FATHER KAHNE ME BHI DAR RAHA HAI.ARE PHIR MAA KISKO BANAYEGA? Teen bete betiyonka kya hoga? PAGAN ARAB TO UNKO HI MANTE THE.YE BEECH ME ALLAH UNKA FATHER KAISE HOGA? Male sirf arabwalo ko aur female kisko denge? Are ye ALLAH KHUD TO FEMALE NAHI HAI? AISA HI LAGTA HAI .KYO KI O ALLAH,HEY ALLAH KI BAJAY SAARE USKO YA ALLAH BOLTE HAI.YA FEMALE KO BHI LAGATE HAI . Allah male hai ki female chupa hua gahra raaj hai,koi musalman nahi janata..

    • rsdfgg says

      @pagal-shankar, kyun munh se jhaag chor raha hai?? maine kaha na kisi school going lad se hi pooch leki “tence” ki spelling kiya hoti hai aur “spece” ki bhi pooch lena??

      koi bhi dekh sakta hai kis mental level ka aadmi hai aur quran k upar laaf zani kar raha hai??

      apne be sir pair ki baat tere samajh nahi aarahi kiya?? agar mein yeh kahun ki ” your mind IS ok” to iska matlab hoga ki pehle tu pagal tha?? to kiya ab theek ho gaya??

      bawle kiyun apna mazaq banwa raha hai sabke samne?? agar english aati hai to parh..
      //He has created the Heavens and the Earth for Truth. He wraps the night up in the day, and wraps the day up in the night. (Qur’an, 39:5)
      In the Qur’an, the words used for describing the universe are quite remarkable. The Arabic word which is translated as “to wrap” in the above verse is “takwir.” In English, it means “to make one thing lap over another, folded up as a garment that is laid away.” For instance, in Arabic dictionaries this word is used for the action of wrapping one thing around another, in the way that a turban is put on. The information given in the verse about the day and the night wrapping each other up includes accurate information about the shape of the world. This can be true only if the Earth is round. This means that in the Qur’an, which was revealed in the 7th century, the roundness of the world was hinted at.

      However, it should be remembered that the understanding of astronomy of the time perceived the world differently. It was then thought that the world was a flat plane and all scientific calculations and explanations were based on this belief. However, the Glorious Qur’an has employed the most definitive words when it came to describing the universe. These facts, which we could only correctly fathom in our century, have been in the Qur’an for a vast length of time.//
      //After that He smoothed out the earth. (Qur’an, 79:30)n the above verse, the word “daha” is used in the original Arabic. It, translated as “smoothed out,” comes from the word “dahv,” meaning “to spread.” Although the word “dahv” also means to cover or to set out, the meaning of the verb is more than just a prosaic setting out, since it describes setting out in a circle.

      The concept of roundness is also present in other words derived from “dahv.” For example, the word “dahv” also refers to children dropping a ball into a hole in the ground, games involving throwing stones into holes and games played with walnuts. Words derived from that root are also used for an ostrich making a nest, cleaning stones from where it is about to lie down, the place where it lays its eggs and the egg itself.

      Indeed, the Earth is round, in a manner reminiscent of an egg. The slightly flattened spherical shape of the Earth is known as geoid. From that point of view, the use of the word “daha” contains important information about the shape that Allah has given to the Earth. For hundreds of years, people imagined the Earth to be completely flat and only learned the truth thanks to technology. Yet, this fact was revealed in the Qur’an fourteen centuries ago.//
      ab bol???kuch samjha ya translate karun Hindi mein??

  76. jai shankar says

    @rsdfgg, zara thande dimag se padh, Wal-arda baAAda thalika dahaha Sahih International And after that He spread the earth. I don’t know why Sahih International translates the word ‘Dahaha’ as Spread out here. They must have misunderstood the word, so we can rely on other Muslim Translators of Qur’an. Almost all other translation by Islamic scholars are as follows: Muhsin Khan And after that He spread the earth; Pickthall And after that He spread the earth, Yusuf Ali And the earth, moreover, hath He extended (to a wide expanse); Shakir And the earth, He expanded it after that. Dr. Ghali And the earth, after that He flattened it (for life). This is really amazing, why not a single Scholar translates the word as Egg Shaped or Spherical etc. But yes, we do have scholars like Dr. Zakir Naik, and Bassam Zawadi do translates the word ‘Dahaha’ as egg shaped. Now, to authenticate their claim, we have to rely on Qur’anic dictionaries and Lexicon Arabic Dictionaries. Lets see how Lane Lexicon dictionary explains this word Dahaha. See the explanation below:- Daha (., MM_b;,, 1,) first pers. Dahouth aor, yad’hoo inf. N. dahoo He spread; spread out, or forth; expanded; or extended; (S, Msb, K; ) a thing; (K; ) and, when said of God, the earth; (Fr, S, Mb, 1V; ) As also daha first pers. dahaithu (K in art. daha) aor. yaad’heae inf. n. dahae: (Msb, and K in art. dahae : ) or He (God) made the earth wide, or ample; as explained by an Arab woman of the desert to Sh: (TA : ) also, said of an ostrich, (S, TA,) he expanded, and made wide, (TA,) with his foot, or leg, the place where he was about to deposit his eggs: (S, TA : ) and, said of a man, he spread, &c., and made plain, even, or smooth. (TA in art. dhaha) [Source] So, it is not egg as Few Islamic apologists claim, it is the place which Ostriches expand or stretch to lay eggs. Daha does not mean eggs of Ostrich, but yes it is the laying place of the egg. Other meanings as per this above quote is, He spread out, or forth, or
    Expanded etc. None of these meanings resemble to the shape of Earth. Another dictionary which is quoted by Answering-Christianity team, to prove the word ‘Daha’ mean ‘Egg Shaped’body is Lisan Al Arab. Let’s also see what this dictionary says. Lisan Al Arab says:- ُّﻲِﺣْﺩُﻷﺍ ﻭ ُّﻲِﺣْﺩﻹﺍ ﻭ ﺔَّﻴِﺣْﺩُﻷﺍ ﻭ ﺔَّﻴِﺣْﺩﻹﺍ ﻭ ﺓّﻮُﺣْﺩُﻷﺍ ﺾﻴِﺒَﻣ ﻡﺎﻌﻨﻟﺍ ﻲﻓ ﻞﻣﺮﻟﺍ , ﻪﻧﺯﻭ ﻝﻮُﻌْﻓُﺃ ﻦﻣ ﻚﻟﺫ , ﻥَﻷ ﺔﻣﺎﻌﻨﻟﺍ ﻩﻮُﺣْﺪَﺗ ﺎﻬﻠْﺟِﺮﺑ ﻢﺛ ﺾﻴِﺒَﺗ ﻪﻴﻓ ﺲﻴﻟﻭ ﻡﺎﻌﻨﻠﻟ ٌّﺶُﻋ . ﻭ ﻰَﺣْﺪَﻣ : ﻡﺎﻌﻨﻟﺍ
    ﻪﻴﻓ ﺥِّﺮَﻔُﺗ ﻱﺬﻟﺍ ﺎﻬﻌﺿﻮﻣ ﺎﻬُّﻴِﺣْﺩُﺃ ﻭ , ﺎﻬﻀﻴﺑ ﻊﺿﻮﻣ .ِ English Translation:- Translation: Al-udhy, Al-idhy, Al-udhiyya, Al-idhiyya, Al- udhuwwa:The place in sand where an ostrich lays its egg. That’s because the ostrich spreads out the earth with its feet then lays its eggs there, an ostrich doesn’t have a nest. The above definition, again support my claim. It proves that Daha is the place on Earth, where Ostriches lays egg. Now, we will see another dictionary. It is Wehr- Coman Dictionary, pg 273 . It says:- Daha- To spread out, flatten, Level, unroll.

    • rsdfgg says

      @pagal-shankar, tu samjhe ga in baton ko? jise “is” ka prayog na aata ho jise “tence” aur “spece” ki spelling na pata ho woh kiya upar likhe hue ko samajh sakta hai?

      maine answering-islam.com/ kaha tha aur tu ghus gaya islam virodhi sites mein? aur english ka copy paste kardiya jo tere liye alien language hai?

      arabi bahut rich language hai aur ismein eik word k kai kai meanings hote hain aur answering-islam.com walon ne to bahut se example diyein jahan arabi mein da-ha-ha se bane word use huein hain baat jab hai jab ki yeh islam virodhi website yeh sabit kare ki yeh examples ghalat hain??

      phir yeh to high level k arabi ki baat hai tumhare kuch smajh bhi ayegi?

      agar mein kahun ki ” jai shankar is fool” t o kiya iska matlab yeh hoga ki pehle tumhara dimagh sahi tha?

      khair tumhare samajh to nahi ayega par phir bhi bata deta hun kisi musalman ya arabi parhne wale se check karwalena bhir answer dena .. —– ki surah insan surah number 76 mein ayat 1-2 mein insaan ke creation ki baat hui hai aur usmein word khalaqana meaning created tak exactly 46 arabic albhabets hain aur insan ka chromosome no bhi 46 hota hai…

      khalaqnal insan – yani – created human mein jo created hai surah shuru hone se yane first alphabet se khalaqna k alif tak 46 ALPHABET?? kiya yeh mahaz sanyog hai?

      iske liye arabi ka vidwan hone ki bhi zaroorat nahi hain koi bhi check kar sakta hai.

      doosri baat eik hi ayat mein do miracle hain doosara yeh ki ismein ” nutfatinn amshajinn” use hua yaani mila jula nutfa yani sperm+ovum= zygote . Allah farmata hai ki humne insaan ko mile jule nutfe se paida kiya. ab batao kiya kisi ko pehle yeh pata tha ? aur translate karne wale bhi mile jule k alawa kiya samajh sakte the?

      aise bahut cheezein hain jo asani se samajh mein aa sakti hainiska jawab lao islam virodhi websites s???

      //Hal ata AAala al-insani heenun mina alddahri lam yakun shay-an mathkooran
      Inna khalaqna al-insana min nutfatin amshajin nabtaleehi fajaAAalnahu sameeAAan baseeran//76:1-2

  77. jai shankar says

    @rsdfgg,Are kya hua, pol khul gayi kya? DAHAHA KA ARTH SPREAD OUT,HAI .YE ANDE KA AAKAR TUMNE KAHA SE LIYA BHAI.SARE QURAN KE EDITION TO SPREAD OUT KAH RAHE HAI .KYA YE SAB EDITION FALSE HAI KYA?NAHI HAI TO USKE ARTH KO KYO JHUTLA RAHE HO,AGAR JHUTLANA HI HAI TO QURAN KE PURE EDITIONS KO JHUTLAO . EK HI QURAN KA EDITION RAKHO ,JISME LIKHA HO KI DAHAHA MEANS EGG SHAPED.SARE LOG DAHAHA KO SPREAD OUT BATA RAHE HAI AUR EK HI DR ZAKIR NAIK BECHARA USE EGG SHAPE KA KAH RAHA HAI.KYA ALLAH ITNA SAAF DEKHTA THA TO SIDHA KYO NAHI KAHA KI WO ROUND HAI .AUR 1400 SAAL MUSLIMS KYA USKO ROUND SAMAJTE THE KYA? Zara akal ka istemal karo.tum logonko murkh bana sakte ho HINDU KO NAHI.ARE ZERO KA PATA TO HINDU NE HI LAGAYA TUM TO HINDU KI UDHAR CHIZE LEKAR KHUD KO HOSHIYAR SAMAJNE LAGE HO? Are ALLAH AGAR ROUND EARTH KO JANTA AUR SURAJ KE CHAKKAR KATATE EARTH KO DEKHTA TO USKA ZIKR KARTA.GHUMNE KA ZIKRA KARTA YE SPREAD OUT KYO KAH RAHA HAI ? Aur dr zakir naik jaise usko egg shape bata rahe hai. Allah SACCHA HOTA TO SIRF EGG SHAPE EARTH KA ZIKR NA KARTA WO SURAJ KA KAISE CHAKKAR KAT RAHI HAI ISKO BHI BATATA.SIRF EGG SHAPE BATANE SE ALLAH MOTION KI JANKARI NAHI RAKHTA THA YE SIDDHA HOTA HAI.ALLAH KO PURA GYAN NAHI HAI KYA ,JAO KISI SCHOOL ME ALLAH KA DAKHILA BHARO, TAKI ALLAH KO PURA GYAN HO SAKE .

    • rsdfgg says

      @pagal-shankar, baat ko tum ghuma kiyun rahe ho? agar mein kahun ki “jai shankar is fool” to kiya iska yeh matlab hoga ki pehle tum fool nahi the?

      khair aadmi apne apne mental level k hisaab se baat karta aur samajh sakta hai yeh jo dahaha hai yeh tumhare se upar ki baat hai aur zyada load mat dalo apne domagh par jakar is aur are ka prayog sikho thik hai aur yeh samjho ki —

      quran jo hai woh science nahi hai lekin chunki yeh eik maujza hai/chamatkar hai aur qayamat tak k liye hai to ismein har zamane mein aisa milta rahega ki log chonkte raheinge.. ab batao ki pehle kiya logon ko bata tha ki zameen gol hai ya zameen suraj k charon taraf chakkar laga rahi hai jo woh yeh meaning lete?

      jo appropriate laga woh meaning liya par jab ab sabit ho gaya aur yeh meaning us word mein maujud bhi hai to kiyun na lein ?

      phir surah yaseen mein hai ki kullun fi falakin yasbahuun- yani zameen suraj chand aur poori galaxy tair rahi hai to yeh pehle kaise samajh mein aata?

      tum log jabhi to pareshan hote ho ki saari cheezein aaj hi bata dein??? jaise jaise science taraqqi karega aur meanings khuleinge lekin jo ab samajh aarahein hain hum woh meaning lein ge aur us par iman rakheinge ki yeh Allah ki taraf se hai

  78. raj.hyd says

    ham apne desh ke janmjat sammanit muslimo ke lesh matr bhi dushman nahi hai , fir bhi muslimo ke andh vishvas kuriti , muhammad ji ke kuch galat v nindniy kary, quran va hadees kuch galat bato se matbhed avshya rakhte hai ! vahui matbhed ham sabhi ke samne prastut karte hai ! quran par prashn to muhammad ji ke samay se bhi rakhe jate the, agar ham bhi rakhte hai to isme hamare muslim bandhuon ko koi taklif nahi honi chahiye! dekhe kuran 41/9-12– kaho:” kya tum uska inkar karte ho,jisne dharti ko do dino[kal] me paida kiya haiaur tum uske samkash thaharate ho? vah to sare sansar ka rab hai ! aur usne us dharti me uske upar se pahad jamaye aur usme barkat rakhiaur usme uski khurako ko thik andaje se rakha mang karne valo ke liye saman rup se yah sab char din me hua ! fir usne akash ki or rukh kiya , jab ki vah matr dhuan tha –aur usne usse aur dharti se kaha aao sveksha ke sath ya anichha ke sath unhone kaha: ham sveksha ke sath aye !– fir do dino me unkoarthat saat]7] akash ko banakar pura kiya pratyek akash meusse sambandhit adesh ki prkashna kar di aur duniya ke[nikatvarti]akash ko hamne dipo se sajaya [rat ko yatriyo ke disha nirdesh adi ke liye]aur surakshit karne ke uddeshy se ! yah atyant prabhutv shali , sarvagy ka thaharaya hua hai !” ab dekhiye quran 79/27-33 jisme kha gaya hai —kya tumhe paida karna adhik kathin kary hai ya akash ko ?allah ne use banaya uski unchai ko khub uncha karke use thik thak kiya aur uski rat ko andhrkarmay banaya aur uska divas prkash prakat kiya aur dharti ko dekho uske pashchat use failaya usme se uska pani aur uska chara nikala,aur pahado ko dekho unhe us [dharti] me jama diya tumhare liye aur tumhare maveshiyoke liye jivan samagri ke rup me ! ham musklim bandhu se puchna chahenge ki [1] allah ne dharti ko banaya ya paida kiya ? kuran me paida kiya aisa kyo likha hai ? [2] dharti pahale bani ya akashkyoki sura 41 me dharti pahale bani hai aisa allah kahate hai aur sura79 me aksh pahale banaya iske bad dharti bani aisa dava qurani allah karte hai quran kaun si ayat sachhi mani jaye [3] dharti se kaha dharni ne javab diya ? kya dharti bhi javab deti hai [4] dharti me pahad jamaye jara batlaiye pahad upar se gade gaye ya yah pahad dharti ke andar se nikle hai[5] allah kahate hai hamne rat me taro ko yatiyon disha nirdesh dene ke liye banaya ! jara muslimbatlaye taro se kitni roshni milti hai jisee ap rat me koi disha nirdesh le sake , yatra to muslim bhi karte hi honge ? yah kaynaat ek hi bar bani hai leki dono suro me uske dhang par bhari antar kyo hai ?[6] jara batlaiye akash ko padarth hai jo usko banaya hai ?aur sat akasha banane ka bhi dava kiya gaya hai ? [7] kya isse siddhnahi hota hai kurani alalh ko is sambandh me kuch bhi sahi gyan nahi tha ? [8] isliye ham kaha karte hai ki kuran to “mul ki bhul hai ” varna itni galtiya nquran me nahi hoti ? isliye padhe likhe muslimo ko,manvtavadi muslimo ko , intarnet par likhne vale muslimo ko turant kuran ki sangati chod deni chahiye, isi me jyada samajhdari kahalayi jayegi ! varna in bato ka javab dijiye !

  79. jai shankar says

    @rsdfgg,are akal ke diwane,zara hosh se bhar,zara to samjdari dikha,agar hai to?kyo quran ko sahi sabit kar raha hai? AB TU WI-FI AUR INTERNET KO BHI QURAN ME DIKHAYEGA KYA? Teri to buddhi hi kam nahi kar rahi hai? Jo WI-FI HAI WOHI WAHYA HAI,BINA KISI SE JUDE ZIBRAIL ALLAH SE MESSAGE LETA THA KYA ,YAHI TO WAHYA ARTHAT WI-FI KA ZIKR HO SAKTA HAI.aur ITNI SARI ZANKARI BINA INTERNET KE HO NAHI SAKTI,KIS SERVER SE ALLAH ITNI ZANKARI??? De raha hai.kya usko internet ke babat bhi koi gyan tha? Ha..ha..ha…. Aur kya kya dhund nikaloge quran me se ?kya jenova ke sarn lab me jo prayog hua,GOD PARTICAL HIGSBOSON KANO KA KYA USKA BHI ZIRK QURAN ME HAI .KYA ZARA YE TO BATAO? JAB KI BOSE NAAM KE HINDU KA NAAM DIYA UN KANO KO ,TO KYA USKA BHI ZIKR QURAN ME HOGA HI NA? Sabit karo,praman dedo.HINDU KORI BAATE NAHI KARTE PRAMAN DETE HAI.WO TUMSE UPAR HAI AUR TUM ZAMIN PAR HI HATH -PAV CHALA RAHE HO.ZAGO HOSH SE BHARO,SATYA SAMNE HI MOUZUD HOGA.

    • rsdfgg says

      tabhi to hindu jai-shankar likhte hain??? hahahah brahma ko chor dete hain kiyunki unhone prithvi se baat ki??

      hum theories ko quranse sabit nahi karte facts ko karte hain aur higsboson abhi theory hai aur koi sabit karega to humein usse koi lena dena nahi

      lekin tumhare aryasamaji ise sabit kar rahe hain ved mein ?? ab bolo??

      vedon k ishwar ne pehle kiyun nahi bataya ki “higsboson” naam hoga? aur agniveer parhte nahi ho kiya ? vedon se to sab kuch sabit ho raha hai yaani stars tak unki speed aur doori tak….

      jaise jahan gaye khane ka zikr ho use gyan bata do yani gaye = gyan to aap gyan kha sakte hain aur milk veg hota hai kiyunki yeh tree par lagta hai aur cow tree hota hai??

      lage raho shankar bhai jai jai mein.

      • rsdfgg says

        correction ” prithivi ko paida kiya aur shadi ki” aur maze ki baad yeh hai ki brahma kuch paida hi nahi kar sakte kiyunki unhein primary particle ki zaroorat hoti hai aur yeh hi GOD particle hai????? phir creator kahan hue??? assembler ho gaye?? aatma/soul bhi nahi bana sakte aur na khatm kar sakte hain??

        have you sen the flaw?

        • raj.hyd says

          agar kurani allah ne dhatrti ko paida kiya hai to allah ke gun dharti me kyo nahi aa paye ? isliye kuran ki yah bat jhuthi hai ! jisse jo chij paida hoti hai usme kuch gun usme jarur ate hai! dharti kya bolti hai jo usne kurani allah ko javab diya tha ? brahma ek gun vachak shabd hai koi vyakti nahi hai ? ishwar ko brahma bhi kaha jata hai !

      • SDC says

        Sabse pehle toh reference dene ka kasth kare.

        Saath mein aapke gyan ki kami ko duur kiye deta hun. Bhojan ko teen hisso mein bata gaya hain — satvik, rajasik, aur tamasik. Doodh satvik shreni ka aahar hain aur bilkul bhi shakahari nahi hain. Ummed hain aapke gyan mein vriddhi huyi hogi.

        • rsdfgg says

          @SDC, bhai gyan mein izafa karne k liye shukriya.

          bhai shakahari vegetarian hi hota hai…. aur har jagah dudh peene wale apne aapko vegetarian hi kehte hai jaise cow tree ho?

          aryasamajiyon ki eik university hai gkvharidwar.org woh kisi bhi post per apply karne k liye yeh mandatory karti hai ki candidate must be vegetarian????

          ab do batein hain eik to yeh ki yeh ugc se fully funded hai,,jaise amu, agar AMU walein bhi kahein ki candidate must be meat eater to kiya hoga?
          isi wajah se anaryasamajiyon ki univ mein eik bhi musalman job par nahi hai..isse bara bhedbhav aapne kahin dekha hai?

          AMU mein hindu bhare pare hain..

          khair wahan jo candidate affidavit dete hain vegetarian ka woh doodh peete hain aur har vegan doodh peeta hai phir yeh jhut kiyun ki hum vegan hain?

          • SDC says

            Diets bahut prakar ke hote hain: Vegan, vegetarian, lacto-vegetarian, fruitarian, non-vegetarian. But basically Shakahar/vegetarianism mein normally doodh ko shamil samjha jata hain. More appropriately, jo phal, sabzi, aur doodh lete hain unhe lacto-vegetarian kehna chahiye. Vegan diet ek alag diet jisme animal products shamil nahi hota. Vegetarian diets mein vividhta hain jo ki mamuli hain. Moolatah, yeh jeev hatya nahi karte apna pet bharne ke liye.

            BHU mein bhi bahut saare muslim bacche padte hain.

  80. raj.hyd says

    kaha jata haui ki namaz padhne ke pahale vaju karna anivary hai usme sir munh adi ka ekkatra bhi bagair pani chulaye nahi hona chahiye kuhani tak hth bhi dhule hona chahiye peshab ka ek katra[boond] bhi kapde me na lagne paye namaz padhte huey agar mal dvar se paad [buri hava] bhi nikal jaye to namaz kabool nahi hoti dubara namaz padhni hoti hai!jara batlaye jhuth bolne vale muslim dhokha dene vale muslim sharab pine vale muslim, insano v janvaro ki hatya karne vale muslim islami atankvadi ban karke, fidayin bankarke kai lakh muslimo v manushyo ki hatya karne vale muslimo ki namaz kaise kabool ho jjati hai , vah bhi to 5 bar namaz padha karte hai ! unke viruddh namaz n padhne ka fatwa kyo nahi jari kiya jata ? namaz padhi jati hai ya kari jati hai ? padhna to uske kaha jayega jab koi parcha ya kitab samne ho usko dekhkar padha jaye ?

    • anti-agni says

      @raj.hyd, tumhare saath problem yeh hai ki tumhein sirf hindi aati hai aur usi ko lekar kudte rehte ho??

      aise logon ko jahil kaha jata hai jo yeh samjhein ki duniya mein sirf eik hi language hai?

      quran mein kahin bhi namaaz parhne ka lafz istemaal nahi hua

      ab mein bata ta hun tumheinki kiya use hua par tum insaaan roopi pagal ho jo islam virodh mein jaal jal kar har samyein mar raha hai to manoge to ho nahi hain na??

      jaldi se baat ko mor doge taki tumhari pol na khul jaye??

      quran iqamatiss salat – namayaz qayam karna, hifazat karna aur jari rakhna word use hua hai ki woh log namaz qayam kartein hain, kahin kaha ki namaz ki hifazat kartein hian.

      english kahin bhi read ya do ka word use nahi hota ki reading namaz etc

      balki “offer salat” word use hota hai.
      yeh to INdia mein use hota hai namaz parh rahein hain.

      doosri baat kiya agar kuch yaad ho to use hum bina dekhe namaz mein nahi parh sakte ? parhne k liye arabi mein sabsa pehlai ayat ka word “iqra” use hota hai.

      to hum namaz mein bina parcha dekhe jo yaad hai use parhte hain samjhe?

      • raj.hyd says

        duniya me sabse jyada boli jane vali dusri bhasha hindi hai ! agar ham”keval” hindi jante hain usko jahil kadapi nahi kaha ja sakta !fir bhi agar ham hindi ke alava any koi dusri bhasha bhi jante to aur jyada behatar hota ? hamko maloom hai ki kuran me salat ka jikar hai lekin jab ham is desh me dekhte hai to namaz padhna kah jata hai ! joyad ho usko sunna kaha jayega ki n ki padhna? jo kuran ke hafiz hai vah kuran ki ayato ko sunate hai n ki padhte hai ?aap hamari pol beshak khole hamko apki tarah koi taklif nahi hogi balki ham uska svagat karna chahenge !

        • anti-agni says

          @islam-virodhi-raj, maine yeh nahi kaha ki sirf hindi janne wala jahil hai balki maine kaha ki
          //aise logon ko jahil kaha jata hai jo yeh samjhein ki duniya mein sirf eik hi language hai?//
          tum baat ghuma kiyun rahe ho?

          dusri baat yeh ki hindi mein jo suna ya parha use aakhir samajhte ho jabki humein arabi se samajhna parega.

          phir itne shareef na bano aur dekho tum kaise language use karte ho Allah k barein mein aur kitne dambh se ilzam lagate ho ki namaz parhi jaati hai jabki original text ka koi gyan nahi?

          • raj.hyd says

            ham is desh ke muslimo ka vyavhar jo dekhte hai usko bhi yahan par paesh karte hai ! hame islam virodhi ke bajaye islam me jo kuritiya v andh vishvas aur sath me jo agyan hai uska virodhi ap jarur kah sakte hai beshk kuran me kuch achhe adesh bhi hai ! isko svikar karne me hame koi dikkat nahi hai !agar hamare ilzam galat hai to uska jawabkyo nahi de dete ?

  81. jai shankar says

    ISLAM KI SACCHAI- YE JO ALLAH HAI YE EK MITHAK,EK FALSE CONCEPT HAI.KYO?1)Muhammad ke siva kisi ko nahi pata.2) abhi tak kisi ko nahi mila.3) siva muslims bane kisi ko nahi dikhega,bhale hi uske banaye chand,suraj bina muslim huye dikte rahenge par wo nahi dikhega.4) bina hajj kiye muslims ko bhi nahi dekhega. Kaba me uski bahot jaan hai. kaba nahi hogi to allah bhi nahi,hoga socho kyo? 5)ALLAH KABA SE KYU JUDA HAI.KAHTA DO KHUD KO DUNIYA KA HAI AUR KABA ME ITNA RAS KYO LE RAHA HAI? 6) ALLAH MALE HAI,FEMALE HAI YA DONO HAI.7)YE ALLAH RAHTA KAHA HAI,JO BOLTA HAI,DARATA HAI,DUNIYA BANATA HAI TO USKA THIKANA KAHA HAI.8)ALLAH NE DUNIYA BANAI TO KRAMO SE KYO KYO BANAI? SAB EK SAATH HI BANATA.HO JA TO HO JA AISE DUNIYA BANATA TO PAHLE DHARTI,CHAND SURAJ PHIR SAAT AKASH AISE EK KE BAAD KE BANANE KA KARAN KYA HAI? 9) ALLAH NE MUHAMMAD KO KAHA RAKHA HAI? Jannat me ya jahnnam main. Agar muhammad jannat me hai to kya kar raha hai? Kya waha par bhi quran likh raha hai?10) ALLAH KOUN SE AASMAN ME CHIPA HAI,SAATVE AASMAN ME CHIPA HAI TO YE CHOTI SI DHARTI PAR USKI RUCHI KYO HAI?AUR BHI DHARTIYA HONGI ,SOCHO EK AASMAN ME HI ARABO-KHARBO TARE HAI.MILKY WAYS HAI .HAMRI JAISI DHARTIYA BHI KARODO HAI.AB SAAT AASMAN KA ANDAJA LAGAO AUR BATAO KI YE ALLAH HAMARI DHARTI PAR HI KYO ATKA HAI?11) ALLAH AGAR ITNA BUT SE NAFARAT KARTA TO DIL KO BHI VAISE BANATA.KHUD MUHAMMAD KE SHARIR BUT KA SAHARA NA LETA? Aadmi ko bina aakar ka banata. Are na rahta bans na bajti bansuri.12)ALLAH KYA BEWAKUF HAI? Jo bahar but na bane is ki itani sakt saja de raha hai?Aur jo man me but bana raha hai uska kya kar raha hai? Chota baccha apni ma ko dekhta hai to uske man me uska but ban jata hai .chahe kitna hi allah kahe but na banao par ye ma ka but,man me banta hi hai.YAHI TO RAJ HAI ALLAH NE SABSE BADI GALTI BAHAR NAHI BHITAR KI HAI.BHITAR KE BUTO KI WO BAAT BHI NAHI KARTA.USKA KAHNA HAI SIRF BAHAR BUT MAT BANAO ANDAR TUM KUCH BHI BANA SAKTE HO.KOI BHI MAI KA LAL BHITAR KE BUT BINA EK PAL BHI JI NAHI SAKTA.ARE MAN KISKO KAHTE HAI JO BUT DIKHAYE USKO HI NA? Nahi to samaj me kaise aayega ki koun kya hai,kaisa hai?ALLAH KI SABSE BADI GALTI HAI YE JISKO US NE NAJAR ANDAJ KIYA PAR HINDU BAHOT AAGE JA CHUKE HAI.ALLAH KI GALTI KO JAAN GAYE HAI.

  82. rsdfgg says

    @raj.hyd, duniya koi bhi creator/khalique nahi hai maan baap bhi nahi to gun wali baat khatm ho gayi.

    kiyunki maan baap bhi duniya ki cheezein khatein hain jisse khoon banta hai jisse sperm aur ovum banta hai. to maan baap eik zariya to ho sakte hain par khud creator nahi.

    mujhe eik example dedo kisi aur k creator hone ka ALLAH k alawa???

    rooh kon dalta hai?

    • raj.hyd says

      mata pita ka DNA bachho me ata hai aks[shakl] ata hai ! aur kuch gun bhi ate hai ! ishvar sharir me atma dalta hai, aur nikalta bhi hai, allah aur ishwar me buniyadi antar bhi hai !

  83. jai shankar says

    @rsdfgg, kya hua quran ki pol khulne lagi to dimag kam nahi kar raha? Tu muze hi,jai shankar is fool to kya ab nahi hai? Aise ex.de raha,zara dimag ko bahar nikal aur dekh TENSE KA UPYOG AADMI KARTA HAI.IS LIYE KI USE PAST -PRESENT- FUTURE KA GYAN HOTA HAI.APNA YE TENSE KA GYAN TU SIRF MUZE HI LAGA RAHA HAI .ARE ZARA ALLAH KE BAARE ME SOCH WO BHI TO BECHARA TERE TENSE KA INTAZAR KAR RAHA HAI.ALLAH IS GREAT YE KOUN KAH RAHA HAI JO TEEN TENSE KO JANANEWALA.ALLAH MAHAN HAI – PRESENT ,ALLAH MAHAN THA -PAST,ALLAH MAHAN RAHEGA -FUTURE . Ab zara apne dimag ka istemal kar aur bata ki ALLAH IS GREAT YE PRESENT TENSE KA PAST AUR FUTURE TENSE KYA HO RAHA HAI.TU SARA DYAN JAI SHANKAR PAR HI LAGA RAHA HAI,AB ALLAH PAR LAGA AUR USKA PAST ALLAH MAHAN THA YE HOTA HAI.TO JO THA WO AB NAHI HOGA KYOKI AB PRESENT TENSE HOGA.JO SAMAY ME HOGA USKO HI TENSE LAGEGA.ALLAH BHI AADMI HOGA IS LIYE USE BHI TENSE LAGA RAHE HO .ALLAH NE KHUD MAHAN NAHI KAHA YE MUHAMMAD NE KAHA HAI.TIME KA GYAN AADMI RAKHTA HAI. ALLAH BHI TIME ME AAYEGA TO AADMI HOYEGA SAMJE?AUR TUM ADAN ME USKO TIME ME LA RAHE HO ISKA MATLAB TUMARA ALLAH BHI SIMIT HAI,YE SIDDHA HUA.AGAR TUM KAHTE “”ALLAH MAHAN”” TO YE SATYA HOTA .PAR TUMNE USE APNE HI HATHO SE ASATYA KAR DIYA.ZAGO ZARA HOSH SE BHARO ,GAHARAI SE DEKHO TAB PATA CHALEGA. Tumne kaha hai ki quran me 46 arabi word aate hai iska arth ye 23 +23 ke chromosoms hai.Dimag kaha gaya tera ,aise agar word ki ginti se tu science ki dhajjiya udayega to ye sciencewale atmahatya nahi karenge? QURAN SACH ME MIRACLE HOTA TO LOG US SE DUR BHAGTE? Are logonko to jadu chahiye uski hi raah me wo hai.par quran ki taraf koi bhi nahi aa raha,kyo dekh uski ek pole khul rahi hai ab,zara dimag se padh.Muslims lie. Every one of them lies to themselves and to others.
    They are so desperate to make their religion sound logical and
    miraculous that they instinctively try to give meanings to the
    verses of the Quran that do not exist. The verse 76:2 says: ٍﺝﺎَﺸْﻣَﺃ ٍﺔَﻔْﻄُّﻧ ﻦِﻣ َﻥﺎَﺴﻧِﺈْﻟﺍ ﺎَﻨْﻘَﻠَﺧ ﺎَّﻧِﺇ The word Amshajin is translated by each translator in a
    different way. Pickthall
    Lo! We create man from a drop of thickened fluid to test him; so We make him hearing, knowing.
    Yusuf Ali
    Verily We created Man from a drop of mingled sperm, in order to try him: So We gave him (the gifts), of Hearing and Sight.
    Hilali-Khan
    Verily, We have created man from Nutfah drops of mixed semen (discharge of man and woman), in order to try him, so We made him hearer, seer.
    Shakir
    Surely We have created man from a small life-germ uniting (itself): We mean to try him, so We have made him hearing,
    seeing.
    Sher Ali
    WE have created man from a mingled sperm-drop that WE might try him; so WE made him hearing, seeing.
    Khalifa
    We created the human from a liquid mixture, from two parents, in order to test him. Thus, we made him a hearer and a seer.
    Arberry
    We created man of a sperm-drop, a mingling, and We made him hearing, seeing.
    Palmer
    Verily, We created man from a mingled clot, to try him; and we gave him hearing and sight.
    Rodwell
    We have created man from the union of the sexes that we might prove him; and hearing, seeing, have we made him:
    Sale
    Verily we have created man of the mingled seed of both sexes, that we might prove him: And we have made him to hear and to see.
    Transliterated Arabic
    Inna khalaqna al-insana min nutfatin amshajin nabtaleehi
    fajaAAalnahu sameeAAan baseeran As you can see some have gone even as far and interpret it as
    union of both sexes. There is only one translation that is right
    here and that is that of Pickthal. Amshajin means thickened.
    There is no science in this verse. Any kid who masturbates
    knows nutfa is a thickened liquid. If in doubt, all you have to do is see verse 32: 8 where
    Muhammad says: “Then He made his seed from a draught of
    despised fluid;” The word used is ma-in maheenin. It means: despised, worthless, lowly, insignificant water. Please stop tying to find miracles and meaning is this stupid
    book. You are wasting your time. Please read the Quran
    critically, the way you would read any other book and dare to
    question its assertions. Only then you’ll see how everything
    this book says is stupid and irrational.

  84. jai shankar says

    @rsdfgg,are jab muhammad toraht,engils ko copy past kar raha hai to main bhi kar raha hu,muhammad koi nai jankari thode hi de raha hai? Tu hi bata quran eshwar ki kitab hoti to usme repetition hota?bar bar bar allah wahi wahi bate dohrata? Koi akalmand ??? Zakir naik ek hi baat ko dohrane lage to tum usko pagal khane nahi pauchaoge?insan agar apne speech me ek shabd baar baar dohray to hum usme confidance ki kami mante hai.AUR ALLAH KO APNI BATO PAR KOI CONFIDANCE DIKTA MALUM NAHI HOTA.AGAR USNE KAHA DUNIYA KO HOJA TO HO GAYI TO YAHI CONFIDANCE AADMI KE BABAT KYO KAMJOR PADA?KYO ALLAH KO BAR BAR YE SATYA KITAB HAI KAHANA PAD RAHA HAI.KHUD AAPNE HI CONFIDENCE LEVAL KO NICHE KAR RAHA HAI.YE BATUNI ALLAH ME KOI CONFIDENCE NAHI LAGTA GENETIC KE 46 SUTRO KO SHABD ME GIN RAHA HAI.ARE HIMMAT HOTI TO EK HI SHABD ME KAHTA FOUTRYSIX ITNA SAMAY KYO BARBAD KARTA.ALLAH KA KAAM AASAN BANANA HAI KI ULZHANA?

  85. raj.hyd says

    kurani allah kahate hai hamne kaha “kun “[ho ja ]aur vah ho gayi ? kurani allah ne kisse kaha ?kaun tha sunne vala ? aur agar kahane matr se yah sansar ban gaya hai to fir 6 din kyo lag gaye ek maushy ka bachha garbh me banne me karib 9 mah ka samay lagta hai lekin jhuta kurani allah sara sansar 6 dinme banane ka dava krata hai kya yah uski jhuthi bat sabit nahi hoti hai ? kurani allah ka yah”doharapan” hai. ektaraf kahata hai ki hamne “kun ” kaha aur vah ho gayi fir sansar banane me 6 din kaise lage / din ka nirman to sury banne ke bad hi maloom padega jab usne 4 din jamin , pahad, ped adi banane me laga diye tab usko din kaise kah ja sakta hai ? fir aj bhi sabhi dekhte hai ki janwar v manushy ke garbh me bachhe ke nirman me 89 mah lag jate hai yani ek choti chij me jyada samay v sansar banne me bahut kam samay fir jhuta kurani allah kyo nahi hua ?

  86. jai shankar says

    /// MUSLIMS KE LIYE EK AASAN SAWAL??? “EK BANDAR AGAR TYPEWRITER PAR BAITHE AUR ANANT KAAL TAK WO TYPE KE BATANO KO PITATA RAHE TO EK SAMAY AAYEGA KI USME QURAN KI AAYATE BHI AA SAKTI HAI.YE MAHAJ EK SANYOG HOGA.BANDAR QURAN KO NAHI JANTA SIRF SHABD KO THOK RAHA HAI .SHABD KE JOD SE KUCH SHABD QURAN KE JAISE NIKLENGE.TO KYA KOI BANDAR KO PROFET MANEGA? “

  87. jai shankar says

    /// MUSLIMS KE LIYE EK AASAN SAWAL??? “EK BANDAR AGAR TYPEWRITER PAR BAITHE AUR ANANT KAAL TAK WO TYPE KE BATANO KO PITATA RAHE TO EK SAMAY AAYEGA KI USME QURAN KI AAYATE BHI AA SAKTI HAI.YE MAHAJ EK SANYOG HOGA.BANDAR QURAN KO NAHI JANTA SIRF SHABD KO THOK RAHA HAI .SHABD KE JOD SE KUCH SHABD QURAN KE JAISE NIKLENGE.TO KYA KOI BANDAR KO MUSALMAN MANEGA? “

  88. jai shankar says

    @rsdfgg,fourtysix,ho ki fortysix ab hindi me cheyalis,to tu ab gyan par dhyan nahi de raha.be matlab ke Spelling misteaks dhund raha hai? zara asli baat ko dekh..kaisi pol khul rahi hai .. kamjor dimagwale shabd par hi atake rah jate hai,ARTH KO NAHI SAMAJ PATE.SAMAJ SAMAJ SE SAMAJ TU KYO NASAMJI DIKHA RAHA HAI BHAI.AKAL KA ISTEMAL KAR TUZE AGAR QURAN KE SHABD ME GENETICS KE 46 SUTRA DIKHAI PAD RAHE HAI TO MERE FOURTYSIX ???hahaha fortysix kyo nahi dikhai de raha? FANS gaya na aapne hi zaal me. Yahi to mai samaja raha tha ki quran ek sadharan kitab hai,usko padhnewala jyada mulya ka hai.par tu samaj nahi raha.kori kitab ko chati se laga raha hai.ZARA HOSH SE BHAR SAB SE MUKTA HO JA DEKH KITNA AANAND HAI.

  89. jai shankar says

    ISLAM KI SACCHAI- dekho kisi bhi manasvid ke paas jao.use kaho ki muze sanmohit hona hai.aap kripa kare aur muze sanmohit kare,main sanmohit hone ko raji hu.SAATH ME USE QURAN KI AUR EK KOI BHI DUSRI KITAB DE DE. Aur us se kahe ki jab main deep sanmohit awasta me jau to tum is me se koi bhi kitab mere haat me rakhna.aur kahna ki ye quran hai.jab tum sanmohit deep awasta me jaoge to tumare haath me ek kitab di jayegi,jaise tumne kaha .tumko bataya jayega ye quran hai.AUR TUM SAMJOGE KI MAI JO HAATH ME LIYE HU WO QURAN HAI,TUM USE CHUMOGE,SEER SE LAGAOGE.AB DHIRE DHIRE TUMARI AAKHE KHUL RAHI HAI.JAISE HI TUM HOSH ME AAOGE TO TUMARE HAATH ME JO KITAB HAI WO DUSRI HI KITAB HOGI.TUM NE KORI KITAB KO HI QURAN KI KITAB SAMJA,CHUMA,SEER SE LAGAYA. Ab tume hairani ho rahi hai,ye kaise hua? SABHI MUSALMAN KO YAHI HAIRANI HO RAHI HAI KI UNKA JO DEEP MIND HAI WO DUSRI HI KITAB PAKDE HUE HAI AUR SAMAJ RAHA HAI KI QURAN PAKDI JA RAHI HAI.HINDU KE SAATH RAHTE RAHTE YE MUSALMAN MAN SE HINDU HUYE HAI PAR SAMAJ RAHE HAI KI HUM MUSALMAN HAI.

  90. jai shankar says

    ISLAM KI SACHHAI-Question 13: How could the writers of the Qur’an 1400 years ago know that when the universe reaches its maximum size we will have Judgment Day ? Dr. Sten Odenwald of NASA responds by saying: Well…the best model we have to account for the data we have is that THE UNIVERSE
    WILL CONTINUE TO EXPAND FOREVER . There has never been evidence that suggests we live in a closed universe slated to recollapse in the future. So, your question is
    answered by saying that ancient writings either got the right answer or the wrong answer. IN THIS INSTANCE THEY ‘GUESSED’ INCORRECTLY so there is really no
    historical mystery to explain . (Quran on Judgment Day; found at Big Bang Cosmology – Miscellaneous ; Posted on NASA Astronomy Site)

  91. jai shankar says

    CHALLENGES OF DR.ZAKIR NAIK-ISLAM KI SACCHAI 2- 1)ALLAH JO HAI USKO KOI BHI DEKH NAHI SAKTA,JO DIKHAI NA DE SIRF US PAR BELIEF KARE YE ISLAM HAI.TO PHIR JO JO DIKHAI NA DE UNKO BHI MANO EX.DETA HU TAKI AASANI SE SAMAJ ME AAYE- ULLAH,JULLAH,KULLAH YE BHI DIKHAI NAHI DETE TO KYA INKO BHI MANANA PADEGA.2) ALLAH AKELA HAI USKA KOI SANGI-SATHI NAHI HAI.JAB ALLAH AKELA HOTA TO DUNIYA KE BAHAR HAI YA DUNIYA KE ANDAR?BAHAR HAI TO DUNIYA SE USKA KYA SANBAND,KYA LENADENA HAI?DUNIYA KYO BANAI?ANDAR HAI TO AKELA KAISE HOGA? YE AKELA HAI ,ISKO KAISE PATA CHALA KOI DUSRE ALLAH KO DEKH KE, KI KOI INSAN KO DEKH KE?WO APNE KO AKELA KIS KO SAMNE RAKH KAR TOUL RAHA HAI?AGAR WO INSAN SE TOUL RAHA HAI TO BILKUL HI CHOTA HO GAYA AUR KISI AUR BADE ALLAH SE TOUL RAHA HAI TO AKELA NA RAHA.3)ALLAH DUNIYA BANATE WAQT BAHOT SHAKTIWAN THA SIRF US NE HO JA KAHA AUR HO GAYI,TO PHIR YE QURAN KO SATYA KITAB HAI AISA BAR BAR KYO KAH RAHA HAI EK BAR HI KAHTA KI YE SATYA HO JA AUR HO GAYI HOTI.YE AADMI KE SAMNE BUJDIL KYO HO RAHA HAI?4) YE ALLAH MIRACLE KARTA HOTA TO PAHLE PROFET KE LIYE MIRACLE KARE ,LAKDI SE SAAP,PANI KO BEECH ME SE TODA,UPAR SE SHOLE BARSAYE.MURDE KO ZINDA KIYA.PAR LAST PROFET KE LIYE KOI MIRACLE NAHI KIYE,KYO USKI TAQAT KHATM HO GAYI KYA?

  92. jai shankar says

    ISLAM KI SACCHAI 3-KOI BHI HINDU DR.ZAKIR NAIK KO YE SAWAL KARE 1) ALLAH NE SABKO BANAYA,IS ME INSSAN KO BHI BANAYA TO YE ALLAH AADMI KO KYA SAMAJTA HAI? “BODY” “MIND” YA “SOUL” AADMI KI BODY 5 WAYS SE KNOWLEDGE LETI HAI ,AANKH,KAAN,NAAK,ZIB,CHAMDI AUR BRAIN JO HAI WO KNOWLEDGE COLLECT KARTA HAI,MEMORY STORE KARTA HAI.MIND JO HAI WO CHINTAN, SOCH,MANAN IS KA KAM KARTA HAI AUR JO IN SABKO MAI MAI KARKE JODTA HAI USE SELF YA EGO KAHTE HAI .TO ALLAH AADMI KE IN SAB TATVA SE JUDA HAI.AB AADMI IN ME SE KIS KE SAATH JUDA HAI.JAB AADMI KO PUCHA JAYEGA TUM KOUN HO TO WO YAH NAHI KAHTA KI MAI AANKH,KAAN,NAAK,ZIB,CHAMDI HU.WO KAHATA HAI MAI INSAN HU.TO YE SIDDHA HUA KI WO BODY NAHI HAI,NA HI US KE 5 GYAN-INDRIYA.HOTA TO KHUD KO AANKH,KAAN,NAAK SAMJTA PAR WO MERI AANKH,MERE KAAN AISE KAHTA HAI IS SE SIDDHA HUA KI WO US SE ALAG HAI.TO AADMI KHUD KO TO EK MAN MANTA HAI SELF MANTA HAI AUR ALLAH AADMI KO BODY MANTA HAI TO YE ALLAH MIND KE BAARE ME CHARCHA KYO NAHI KAR RAHA?JO KI KHUD AADMI APNE KO MIND HI SAMAJTA HAI.QURAN ME MIND CONTROL KE BAARE ME AUR USKI VRUTTI KE BAARE ME KYO BAAT NAHI KARTA?AADMI JO MAN CHAHE WOHI KARTA HAI TO YE MAN KO SHANT AUR ZERO BANANE KA UPAY KYO NAHI BATAYA? YE ALLAH MAN KI SHANT AWASTA KO JANTA HAI YA MAN KI ASHANT AWASTA KO JANTA HAI?BHARE MAN KO JANTA HAI KI KHALI MAN KO JANTA HAI? VIKALP SAHIT JANTA HAI KI NIRVIKALP SAHIT JANTA HAI? PRDGYA SAHIT JANTA HAI KI PRDYA RAHIT JANTA HAI?AGAR WO MAN KE BHITAR KO JANTA HAI TO MAN KE BHITAR HI GYAN KYO NAHI DE RAHA HAI? JAB MUHAMMAD KA JANM BHI NAHI HUA THA TAB,VASISTA,ASTAVAKRA,VYAS,KRISHNA ,PATANJALI,MAHAVEER,GUTAM BUDDHA,AADI SHANKARACHARYA.IN SAB NE MAN KO AVIDHYA ARTHAT AAGYAN KAHA HAI.TO YE MAN HI ZUTH HAI TO YE ALLAH KISKO GYAN DE RAHA HAI?????AASLI SATYA SE ALLAH WAKIF HAI TO MAN KI GAHARAI KI AUR MAN KI LAYERS KI BAATE KYO NAHI KAR RAHA? JAB TAK BHITAR KA DRASTA HAI TAB TAK HI BAHAR KA JAGAT DRUSHYA HAI .DRASTA NAHI HOGA TO JAGAT BHI NAHI HOGA.ISLIYE PAHLE DRASTA HAI PHIR DRUSHYA HAI,FIR ALLAH IS DRASTA KI BAAT CHOD KE BAHAR KE JAGAT KI BAATE HI KYO BATA RAHA HAI?DRASTA KI BAAT KYO NAHI KAR RAHA KI WO KYA HAI AUR KAISA HAI? DR.ZAKIR NAIK KO YE SAWAL KARO AUR DEKHO USKI HALAT KAISE HOTI HAI.JIS ALLAH KO MAN KE BARE ME KOI BHI GYAN NAHI HAI ,AUR HINDU NE JAHA MAN PAR SABSE JYADA KHOJ KI ,WORLD KA PAHLA MANAS SHASTRA PAIDA KIYA JISE HUM YOGSHASTRA KAHTE HAI WAHA PAR YE MAN KE GULAM,MAN SE PIDIT AUR SABSE ASHANT LOG JAGAT ME MUSALMAN HI HAI.JISNE BHI MAN JANA WO SHANT HO GAYA .KYOKI MAN KA SHODHAN KARNA HI SATYA KI KHOJ KARNA HAI.JISNE MAN KA SHODHAN KIYA AADHA MUKTA TO TABHI HUA AISE AADI SHANKARACHARYA VIVEK -CHUDAMANI ME KAHTE HAI .”ARYA DHARM ME JO HAI WO BAKI DHARM ME NAHI HAI,AUR BAKI DHARM ME JO HAI WO ARYA DHARM HAI” TO SOCHE-VICHAR KARE HINDU JAISA SAHISNU,SABSE PURANA BHI AUR NAYE KO SWIKAR KARNEWALA BHI.SABKO AAPNA SWATATRA AASTITVA DENEWALA.SATYA KI KHOJ SIKHANEWALA.

  93. rsdfgg says

    @all visitors, please tell me that can u read jai shankar’s comment and if yes then can u understand?

  94. jai shankar says

    CHALLENG TO DR.ZAKIR NAIK 2- koi bhi hindu dr.zakir naik se ye sawal kare -ALLAH EK HAI YA ANEK? EK HAI TO ANEK KO KYO BANAYA? ANEK HAI TO BAKI KE ALLAH KAHA HAI? ALLAH EK HAI TO DUNIYA KIS SE JUDI HAI? ALLAH SE JUDI HAI TO WO EK NA RAHA AUR NAHI JUDI HAI TO BINA ALLAH SE KAISE BANI? ALLAH EK HAI TO DO CHIZE KYO BANAI?MALE-FEMALE,ZANNAT -JAHANNAM,JANAM-MRUTU,AKASH-ZAMIN,PAAP-PUNYA,ANDHERA-UZIYARA,DIN-RAAT,AWWAL-AAKHIR.ALLAH AKELA HAI TO SABKI ALAG-ALAG KHABAR RAKTA HAI?KI EKSAATH KABAR RAKTA HAI? ALAG-ALAG KHABR RAKHTA HAI TO KAISE AKELA HUA.KYOKI ZAB MUZE GARMI LAGTI HAI TAB MAI THAND LAG RAHI HAI AISA KYO NAHI KAHTA? EK HI KABAR RAKTA HAI TO ALAG-ALAG LOG EK HI KAAM KAR RAHE HAI AISA MANANA PADEGA HATYA KARNA AUR HAAJ KARNA EK HO JAYEGA.AALAH EK MAN KA HAI KI ANEK MAN KA? EK MAN KA HUA TO ANEK MAN KE AADMI KO KAISE BANAYA? ANEK MAN KA HAI TO EK ALLAH ME ANEK MAN KAISE HONGE?AADMI MERE ANDAR SE HAZAR MAN BOL RAHE HAI AISA KYO NAHI KAHTA?ALLAH SABKA HAI TO EK KA KAISE HOGA?ALLAH SABKA NAHI HAI TO ANEK KA KAISE HOGA?ALLAH KA KOI AAKAR HAI KI NAHI? AAKAR,BUT NAHI HAI TO BOLTA KAISE HAI?YE BUT JAISE AADMI KO APNI HI SHKAL ME KYO BANAYA?BUT KE JAISI DUNIYA KYO BANAI? AAKAR HAI TO DHIKHAI KYO NAHI DETA?

  95. My name is Hindu and i am not an infidel says

    हन्नान जी हम हिन्दू लोग इश्वर को सर्वव्यापी मानते है इश्वर को इस ब्रह्माण्ड का कारण और ब्रह्माण्ड को परिणाम मानते है !!! हम मानते है की कारण को परिणाम से अलग किसी भी कीमत पैर नहीं किया जा सकता ,जैसे सोने को अगर गहनों का कारण मानें और गहनों को परिणाम तो क्या आप सोने को गहनों से अलग कर सकते है ?क्या आप मिटटी को घड़े से अलग कर सकता है? पानी को समुन्द्र से अलग कर सकता है ? जब आप इनमे से किसी भी कारण को परिणाम से अलग नहीं कर सकते तो कैसे इश्वर को उसकी सृष्टि से अलग कर सकते है ?इसीलिए हम हिन्दू और भारतवर्ष में जन्मे सभी धर्म वाले लोग इश्वर को सर्वव्यापी मानते है!! लेकिन ईसाई और मुसलमान मानते है की खुदा इस कायनात का कारण तो है पैर वोह चौथे या सातवे माले पर रह कर पूरी सृष्टि को रिमोट से संचालित कर रहा है.!! जो की किसी भी तर्क की दृष्टि से संभव ही नहीं है !!अब बताओ किसकी नीन्व् में खोट हुआ ?आप लोग डार्विन के सिद्धांत को नहीं मानते है और अदम एंड इव को इंसानियत की शुरुआत मानते है, जो की विज्ञानं द्वारा गलत साबित हो चूका है !!विज्ञानं कहता है की इन्सान के कम से कम १०,००० माँ और बाप तो रहे होंगे!! यह सच डीएनए के परिणाम से आया है !!! अब बताओ की किसकी नींव में खोट है !!! मैं बहुत कुछ और कह सकता हूँ पर आप लोग बुरा मान जाओगे सो छोड़ो !! जहाँ टेक गणेश की कहानी का सुम्बंध है यह सब कथाएं है और इनका कुछ प्रतीकात्मक महत्व है,वास्तव में पुरानों का निर्माण ही सिर्फ प्रतीकात्मक है जिसे मजेदार कहानियों के द्वारा समझाया गया है !! आप लोगों को यह समझ नहीं आयेगा !! रमजान का महिना चल रहा है कुछ आचे काम करो और खुदा की इबादत करो और ईद की तैयारियां करो सेवेयां खाओ और कुछ हम काफिरों को भी खिलाओं क्योंकि हम तुम्हारे खुदा ली तरह से एक मुस्लिम और गैर मुस्लिम में भेद नहीं करते :)

  96. jai shankar says

    @antiagniveer,aapni philosophy par sharm mahsus kar rahe ho.hahaha…hindu jab tahakikat karta hai tab sab tarike apnata hai.islam ki philosophy ALLAH ke irdgird ghumti hai,isliye allah ki tahakikat karna hi islam ki philosophy hai.kyo ghabra raha hai???hum to eswar ki tahkikat me nahi ghabrate.hahaha..hindu ki sary philosophy drasta yane dekhanewale ki baat karti hai.rup drushya hai,netra drasta hai,wo netra bhi drushya hai man uska drasta hai.aur sab buddhivrutti drushya hai,uska dekhnewala(drasta) hai sakshi.jo kisi ka bhi drushya nahi hai.EK hi netra ANEK neele peele,barik,mote rup ko dekhta hai.EK hi man netra ka andhapan,kam dikhana,aadi dharm ko dekhta hai.usi prakar aur indriyonki babat hai.is ka arth hua gyan ki indirya panch hai par drasta ek hai man hai.ab ye man bhi agar drushya hoga to us me bhi anektaye hongi.kam,krodh,lobh,moh,mad,matsar,bhay,laaj,dhiraj. In sab man ki vruttiyonko ek hi chaitanya saksi hokar dekh raha hai.uske prakashit hone se hi sab prakashit hote hai,ye sakshi hi ved ka eswar hai.ab tu ye nahi kah sakta ki muze sakshi dekhai nahi padta???to tu zuth bol raha hai,sota hai tab aankh band honepar bhi tu sapna kaise dekhta hai??kis aankh se??jagne par tu kyo kahta maine sapna DEKHA.iska arth hua koi bhitar sakshi hai,jo tere sone ki awasta ko bhi dekh raha hai.allah to tuze bhitar nahi dikhega par ved ka eswar jo sakshi hai dikhega.hahaha????

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    वेदों में पैगम्बर — Self-Help | Motivation | Spiritualism | Rationalism | Vedas | Hinduism | Anti-Casteism | Women Rights – Agniveer

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