अक्सर इस्लाम के कादियानी फिरके के बड़े बड़े मौलाना और आज की मुस्लिम दुनिया के जाने पहचाने डॉ जाकिर नाइक अपनी तकरीरों (भाषण) और किताबों में अक्सर ये कहते मिलते हैं कि हिन्दू किताबों जैसे वेद और पुराणों में मुहम्मद पैगम्बर के आने की भविष्यवाणी है. पाठक जाकिर नाइक की वेबसाइट पर यहाँ http://www.irf.net/index.php?option=com_content&view=article&id=201&Itemid=131
उनके दावे को पढ़ सकते हैं. हम इस लेख में यह जानने की कोशिश करेंगे कि वेद में पैगम्बर मुहम्मद के होने का यह दावा कितना पुख्ता है और कितना धोखे से मुसलमान बनाने की नापाक साजिश.

पुराण और दूसरी किताबों के दावे आगे के लेख में दिए जायेंगे. इससे पहले कि हम जाकिर नाइक के हवालों (प्रमाण) और मन्तक (तर्क) पर अपनी राय दें, हम कुछ अल्फाज़ (शब्द) वेद के बारे में कहेंगे.

आज तक की वेद की तारीख (इतिहास) में किसी वेद के मानने वाले ने वेद में मुहम्मद तो क्या किसी पैगम्बर का नाम नहीं पाया. जितने ऋषि (वे पाकदिल इंसान जिन्होंने वेद के रूहानी मतलब अपने पाक दिल में ईश्वर/अल्लाह की मदद से समझे और दुनिया में फैलाए) अब तक हुए, सब ने वेद में किसी किस्म की तारीख (इतिहास) होने से साफ़ इनकार किया है. इससे किसी आदमी के चर्चे वेद में मिलना नामुमकिन है. इसके उलट वेद तो हर जगह, हर वक़्त, और हर सूरत ए हाल (देश काल और परिस्थिति) में एक सा सबके लिए है. वेद में जरूर कुछ नाम मिलते हैं, जैसे कृष्ण. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि वेद लाल कृष्ण आडवाणी की भविष्यवाणी करते हैं! इसका तो यही मतलब हुआ कि लोगों ने वेद में से कुछ अल्फाज़ (शब्द) अपने नाम के लिए चुन लिए. जैसे कोई मुहम्मद नाम का आदमी आज कहे कि कुरान तो उसके बारे में है और उस पर ही उतरती है तो इस पर उसके दिमाग पर अफ़सोस ही जताया जा सकता है!

खैर, इस लेख में हम यह बहस भी नहीं करेंगे कि वेद में इतिहास और भविष्यवाणी हैं कि नहीं! हम यहाँ यह साबित करेंगे कि अगर वेद में मुहम्मद पैगम्बर की कहानी सच्ची है तो वे एक पैगम्बर न होकर हज़ारों जिंदगियों को ख़ाक करने वाले एक दहशतगर्द थे, और साथ ही यह भी कि उनको गाय का मारा जाना गवारा नहीं था!

तो हमारा कहना जाकिर नाइक से ये है कि या तो वेद में मुहम्मद को मानना छोड़ दो और अगर नहीं तो मुहम्मद पैगम्बर को एक कातिल दहशतगर्द क़ुबूल करो जिसने मक्का के सारे इंसानों का कतल कर डाला, जैसा कि हम आगे दिखाएँगे! इतना ही नहीं, गाय का गोश्त सब मुसलमानों पर हराम ठहरता है क्योंकि पैगम्बर गाय को बचाने वाले थे और उसका मरना उनको गवारा नहीं था!

यह बात ऐसी ही है जैसे मुहम्मद को भविष्य पुराण में साबित करके जाकिर भाई ने मुहम्मद को एक भूत (ghost) और राक्षस (demon) जो कि शैतान के बराबर हैं, क़ुबूल किया है जो कि त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का अगला जन्म था! इससे जाकिर भाई न सिर्फ मुहम्मद पैगम्बर को एक शैतान और राक्षस बताते हैं बल्कि तनासुख (पुनर्जन्म) में भी यकीन करते हैं!

अब हम नीचे जाकिर भाई की वेबसाइट पर दिए मन्त्रों के तर्जुमे (अनुवाद) देंगे और फिर उस पर उनका नुक्ता ए नजर (दृष्टिकोण) भी. और उसके नीचे हम उनकी सोच पर अपनी राय देंगे.

१. अथर्ववेद में मुहम्मद (सल्लo)

जाकिर भाई:
अथर्ववेद के २० वीं किताब के १२७ वें सूक्त के कुछ मन्त्र कुंताप सूक्त कहलाते हैं. कुंताप का मतलब होता है सब दुखों को दूर करने वाला. इसलिए जब इसको अरबी में तर्जुमा (अनुवाद) करते हैं तो इसका मतलब “इस्लाम” निकलता है.
अग्निवीर:
१. इस मन्तक (तर्क) के हिसाब से तो दुनिया की हर रूहानी (आध्यात्मिक) और हौंसला अफजाई करने वाली किताब का मतलब इस्लाम होगा!
२. इससे यह भी पता चलता है कि मुहम्मद पैगम्बर के चलाये हुए दीन और इसका अमन का पैगाम तो पहले ही वेदों की शक्ल में मौजूद था!

जाकिर भाई की यह बात काबिल ए तारीफ़ है कि उन्होंने इस्लाम की पैदाईश को वेदों से निकाल कर यह साबित कर दिया कि वेद ही असल में सब अच्छाइयों की जड़ हैं और सबको वेदों की तरफ लौटना चाहिए!

जाकिर भाई:
कुंताप का मतलब पेट में छुपे हुए पुर्जे (अंग) भी होता है. लगता है कि ये मंत्र कुंताप इसलिए कहलाते हैं कि इनके असली मतलब छिपे हुए थे और बाद में खुलने थे. कुंताप का एक और छिपा हुआ मतलब इस धरती की नाफ (नाभि, navel) यानी एकदम बीच की जगह से है. मक्का इस धरती की नाफ कही जाती है और ये सब जगहों की माँ है. बहुत सी आसमानी किताबों में मक्का का जिक्र उस घर की तरह हुआ है जिसमें अल्लाह ने सबसे पहले दुनिया को रूहानी (आध्यात्मिक) ताकत बख्शी. कुरान [३:९६] में आया है-

“मक्का पहला इबादत (पूजा) का घर है जो इंसानों के लिए मुक़र्रर किया गया जो सब वजूद (अस्तित्त्व) वालों के लिए खुशियों और हिदायतों से भरपूर है”
इसलिए कुंताप का मतलब मक्का है.

अग्निवीर:
१. जाकिर भाई से यह गुजारिश है कि किसी लुगात (शब्दकोष) में कुंताप का मतलब “पेट के छिपे हुए पुर्जे” दिखा दें!
२. अगर मान भी लिया जाए कि जाकिर भाई एम बी बी एस की खोज ठीक है तो इन “छिपे हुए पुर्जों” का नाफ (नाभि) से क्या ताल्लुक है? पेट में आंत, लीवर वगैरह तो छुपे होते हैं लेकिन केवल नाफ ही छुपी नहीं होती! तो फिर कुंताप =छुपा हुआ का मतलब नाफ=न छुपा हुआ कैसे होगा?
३. वैसे गोल धरती का ‘बीच’ उसके अन्दर होता है न कि उसकी सतह पर! तो जब मक्का भी सतह पर है तो वह गोल धरती की नाभि नहीं हो सकती, लेकिन चपटी (flat) धरती की जरूर हो सकती है! अब फैसला जाकिर भाई पर है कि चपटी धरती पर रहना है कि गोल धरती पर! वैसे बताते चलें कि इस्लाम धरती को गोल मानता ही नहीं. इसी वजह से पूरी कुरान में एक भी आयत ऐसी नहीं जिसमें धरती को गोल माना गया है!

(इस्लाम में मक्का को इतना ऊंचा दर्जा दिए जाने के पीछे कुछ तारीखी वजूहात (ऐतिहासिक कारण) हैं. इस्लाम के वजूद से पहले भी मक्का की पूजा होती थी और वो लोगों में इतनी गहराई से बैठी थी कि मुहम्मद साहब इसका विरोध करके अपना मजहब नहीं फैला सकते थे. यही वजह है कि सातवें आसमान पर बैठे अल्लाह की इबादत करने का दावा करने वाले मुसलमान भाई दिन में पांच बार काबा को सर झुकाते हैं और जिन्दगी में एक बार वहां जाकर उसके चक्कर काटने से जन्नतनशीं होने के सपने देखते हैं! काबा को चूमना, उसके चक्कर काटना वगैरह सब बातें मक्का के मुशरिक पहले से ही करते थे और मुहम्मद साहब को भी इसको जारी रखना पड़ा, भले ही ये बातें सच्चे अल्लाह की इबादत से दूर हैं.)

४. जाकिर भाई का मन्तक (तर्क) कहता है
कुंताप = पेट के छिपे हुए पुर्जे = नाफ (नाभि) = केंद्र = धरती का केंद्र = मक्का
इसलिए,
कुंताप = मक्का

तो अब जाकिर भाई के इस मन्तक से देखते हैं कि क्या होता है
जहर = मौत = पूरा आराम = अमन चैन (शांति या peace ) = इस्लाम (जाकिर साहब खुद ही कहते हैं की इस्लाम का मतलब peace होता है, अपने कार्यक्रम का नाम भी Peace कान्फरेन्स रखा है)
इसलिए, जहर = इस्लाम

READ ALSO:  Why and how Zakir Naik is a terrorist

हम अपने दानिशमंद (बुद्धिमान) भाईयों और बहनों से पूछते हैं कि जाकिर भाई के मन्तक इस्लाम का रुतबा (स्तर) बढाने वाले हैं या उसका मजाक बनाने वाले?

जाकिर भाई:
कुछ लोगों ने इस कुंताप सूक्त के तर्जुमे (अनुवाद) किये हैं, जैसे एम ब्लूमफील्ड, प्रोफ़ेसर राल्फ ग्रिफिथ, पंडित राजाराम, पंडित खेम करण वगैरह.
अग्निवीर:
१. इन लोगों में से पहले दो तो ईसाई मजहब फैलाने के मकसद से किताबें लिखने वाले ईसाई थे. वेद के मामलों में ऐसे लोगों के मनमाने मतलब कोई मायने नहीं रखते.
२. वैसे इन लोगों ने कभी भी किसी मंत्र में मक्का या मुहम्मद या इनसे जुड़ी किसी बात का जिक्र तक नहीं किया! केवल एक लफ्ज़ “ऊँट” ही था जो इन लोगों के तर्जुमे और जाकिर भाई के तर्जुमे में एक सा है! जाकिर भाई ने सब मन्त्रों में जहाँ कहीं भी “ऊँट” आया है वहां जबरदस्ती मक्का और मुहम्मद को घसीट लिया है. यह अभी आगे साबित हो जाएगा. इस लेख को पढने वाले भाई बहन इन सब मन्त्रों पर ग्रिफिथ के तर्जुमे को http://www.sacred-texts.com/hin/av/av20127.htm यहाँ पर पढ़ सकते हैं और खुद फैसला कर सकते हैं कि जाकिर भाई सच बोल रहे हैं कि झूठ. हम नीचे पंडित खेम करण के किये तर्जुमे (अनुवाद) को दिखा कर आपसे पूछेंगे कि जाकिर भाई सच के उस्ताद हैं कि झूठ और मक्कारी के! आप इस तर्जुमे को http://www.aryasamajjamnagar.org/atharvaveda_v2/atharvaveda.htm यहाँ पढ़ सकते हैं.

जाकिर भाई:
कुंताप सूक्त मतलब अथर्ववेद [२०/१२७/१-१३] की ख़ास बातें हैं-
मन्त्र १. वह नाराशंस या जिसकी तारीफ़ की जाती है, मुहम्मद है. वह कौरम यानी अमन और उजड़े हुओं का राजकुमार, जो ६००९० दुश्मनों के बीच भी हिफाजत से है.
मन्त्र २. वह ऊँट पर सवार रहने वाला ऋषि है जिसका रथ (chariot) आसमानों को छूता है.
मन्त्र ३. वह मामह ऋषि है जिसको १०० सोने की अशर्फियाँ, १० हार, तीन सौ घोड़े और दस हज़ार गाय दी गयी हैं.
मन्त्र ४. ओ इज्जत देने वाले!
अग्निवीर:
असली तर्जुमा (पंडित खेम करण)
मन्त्र १. नाराशंस मतलब लोगों में तारीफ़ पाने वाला ही असली तारीफ़ को पायेगा. ओ कौरम (धरती पर राज करने वाले), हम बहुत तरह के तोहफे उन जांबाज (वीर) लोगों से पाते हैं जो दहशतगर्द कातिलों को ख़त्म करते हैं.

मन्त्र २,३. उसके रथ में तेज चलने वाले बहुत से ऊँट और ऊंटनी हैं. वह सौ अशर्फियों, दस हारों, तीन सौ घोड़ों और दस हजार गायों को मेहनतकशों (उद्यमी मनुष्यों) को देने वाला है.

मन्त्र ४. इस तरह से अच्छी बातें फैलाते रहो जैसे पंछी सदा पेड़ों से चिल्लाते रहते हैं.

अब तक जाकिर भाई और बाकी के तर्जुमाकारों में यह अंतर है कि जाकिर भाई ने कुछ लफ्ज़ अपनी तरफ से डालकर मुहम्मद पैगम्बर के वेदों में होने का रास्ता बनाया है जबकि औरों को जैसे यह खबर भी नहीं कि अरब में कोई तारीफ़ पाने लायक पैगम्बर अभी अभी होकर गुजरा है! हाँ एक बात जो दोनों तर्जुमों में एक सी है और वो है “ऊँट“!
अब देखें कि जाकिर भाई आगे क्या कहते हैं!

जाकिर भाई:
इस संस्कृत के लफ्ज़ नाराशंस का मतलब है “तारीफ पाया हुआ”, जो कि अरबी के लफ्ज़ “मुहम्मद” का तर्जुमा ही है.
अग्निवीर:
१. अरबी बिस्मिल्लाह यानी “बिस्मिल्ला हिर्रहमानिर्रहीम” को हिंदी में बदलने पर “दयानंद की जय” ऐसा मतलब निकलता है! इसका मतलब यह हुआ कि कुरान दयानंद की तारीफ़ से ही शुरू होती है! तो फिर हमारे मुसलमान भाइयों को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए अगर कल हिन्दू यह कहने लगें कि कुरान में दयानंद के आने की भविष्यवाणी है!
२. और नाराशंस से मुहम्मद तक का सफ़र ऐसा ही है जैसा सफ़र जहर से इस्लाम तक था! जहर = मौत = पूरा आराम = अमन चैन = इस्लाम
इसलिए, जहर = इस्लाम

जाकिर भाई:
संस्कृत के लफ्ज़ “कौरम” का मतलब है “अमन को फैलाने और बढाने वाला”. पैगम्बर मुहम्मद “अमन के राजकुमार” थे और उन्होंने इंसानियत और भाईचारे का ही पैगाम दिया. “कौरम” का मतलब उजड़ा हुआ भी होता है. मुहम्मद साहब भी मक्का से उजाड़े गए और मदीने में जाना पड़ा.
अग्निवीर:
१. “कौरम” का मतलब है “जो धरती पर अमन से राज करता है”. अब देखें, तारीख (इतिहास) गवाह है कि पैगम्बर मुहम्मद की जिंदगी खुद कितनी अमन चैन में गुजरी थी! कितनी अमन की लड़ाईयां उन्होंने लड़ीं, कैसे मक्का फतह किया और किस अमन का पैगाम कुरान में काफिरों के लिए दिया है, यह सब बताने की जरूरत नहीं!
२. वैसे जिस तरह मुहम्मद साहब मक्का से उजाड़े गए, उसी तरह कृष्ण जी भी मथुरा से उजाड़े गए और उन्हें द्वारिका में जाना पड़ा. कृष्ण के मायने भी “तारीफ किये गए” और “शांति दूत” मतलब अमन का पैगाम देने वाले हैं, फिर तो ये मन्त्र उन पर भी लागू होता है!
३. और कौरम से मुहम्मद तक का सफ़र भी ऐसा ही है जैसा सफ़र जहर से इस्लाम तक था! जहर = मौत = पूरा आराम = अमन चैन = इस्लाम
इसलिए, जहर = इस्लाम

जाकिर भाई:
वह ६००९० दुश्मनों से बचाया जाएगा, जो कि मक्का की उस वक़्त की आबादी थी.
अग्निवीर:
हमारा सवाल है कि कौन से आबादी नापने की तकनीक से जाकिर भाई ने अब से चौदह सौ साल पहले की मक्का की आबादी खोज निकाली? कहीं यह कोई इल्हाम तो नहीं?

जाकिर भाई:
वह पैगम्बर ऊँट की सवारी करेगा. इससे यह जाहिर होता है कि यह कोई हिन्दुस्तानी ऋषि नहीं हो सकता, क्योंकि किसी ब्राह्मण को ऊँट की सवारी करना मनु के उसूलों के खिलाफ है. [मनुस्मृति ११/२०२]
अग्निवीर:
१. पंडित खेम करण के तर्जुमे के हिसाब से उस रथ में बीस ऊँट और ऊंटनी होंगे. अगर यह बात है तो कौन सी सीरत और हदीसों में लिखा है कि मुहम्मद साहब ऐसे किसी रथ पर सवार भी हुए थे? और क्या पूरी इंसानी तारीख में केवल पैगम्बर मुहम्मद ही वाहिद (इकलौते) इंसान थे जो ऊँट की सवारी करते थे? अगर नहीं तो आपको इस मन्त्र में सिर्फ उनका नाम ही क्यों सूझा?
२. मन्त्र एक राजा के बारे में है ना कि ब्राह्मण के बारे में. तो इसलिए मनु के उसूल इस मन्त्र पर घटते ही नहीं क्योंकि मनु का श्लोक ब्राह्मण के लिए ही है!

जाकिर भाई:
मन्त्र में ऋषि का नाम मामह है. हिन्दुस्तान में किसी ऋषि या पैगम्बर का नाम यह नहीं था…… कुछ संस्कृत की किताबें इस पैगम्बर का नाम मोहम्मद बताती हैं…..असल में इससे मिलता जुलता लफ्ज़ और मतलब तो पैगम्बर मुहम्मद पर ही घटता है.
अग्निवीर:
१. मन्त्र में लफ्ज़ “मामहे” है न कि “मामह”! जाकिर भाई ने किस किताब में इसका मतलब मुहम्मद या मोहम्मद देखा यह बात बड़े पते की है क्योंकि-

मन्त्र में “मामहे” लफ्ज़ एक क्रिया (verb) है ना कि कोई संज्ञा/आदमी (noun)! इस पूरे मन्त्र में केवल यही एक क्रिया (verb) है और कोई नहीं! अगर इस लफ्ज़ “मामहे” से किसी आदमी का मतलब लेंगे तो पूरे मन्त्र का कोई तर्जुमा ही नहीं बन सकता क्योंकि फिर इस मन्त्र में कोई क्रिया (verb) ही नहीं बचेगी!

READ ALSO:  ईशोपनिषद - वैदिक धर्म का सार

२. और भी, यह क्रिया (verb) दो से ज्यादा लोगों के लिए आई है (बहुवचन), किसी एक आदमी के लिए नहीं! तो इस तरह इस लफ्ज़ से एक आदमी को लेना नामुमकिन है!

जाकिर भाई:
मन्त्र में जो सौ अशर्फियों की बात है, वो मुहम्मद पैगम्बर के साथियों और शुरू के ईमान लाने वालों के लिए है जिस वक़्त मक्का में हालात ठीक नहीं थे….
अग्निवीर:
१. यह एक और मौजजा (चमत्कार) ही समझना चाहिए कि अचानक सोने की अशर्फियाँ मोमिनों में तब्दील हो गयीं! लेकिन जाकिर भाई इस मौजजे का जिक्र कुरान में तो नहीं है, तो क्या अब आप पर भी इल्हाम …..? अल्लाह इमान सलामत रखे!
२. किसी इस्लामी किताब में सहाबा और शुरू के ईमान वालों की गिनती सौ तक नहीं गयी! कुछ सीरत चालीस तक ही बताती हैं. देखें http://www.religionfacts.com/islam/history/prophet.htm

जाकिर भाई:
दस हारों का मतलब यहाँ १० सहाबाओं से है. ये वे हैं जिनको खुद पैगम्बर ने यह खुश खबरी सुनाई कि वे सब जन्नत में दाखिल होंगे-अबू बकर, उमर, उथमान, अली, तल्हा, जुबैर, अब्दुर रहमान इब्न आउफ, साद बिन अबी वकास, साद बिन जैद, और उबैदा…
अग्निवीर:
१. वही मौजजा! गले के हार = सहाबा
२. वैसे ये १० गले के हार मूसा के दस उसूल (Ten Commandments) क्यों न माने जाएँ?
३. यहाँ रुक कर हम अपनी मुसलमान माताओं और बहनों से एक बात कहेंगे. ऊपर दिए गए दस लोगों में से एक भी औरत नहीं है, जिसकी जन्नत जाने की खबर मुहम्मद ने अपन मुहँ से सुनाई थी. आप सोच लें की आपकी इज्जत इस्लाम में कितनी है. हमें इस पर और कुछ नहीं कहना.

जाकिर भाई:
संस्कृत के अल्फाज़ गो का मतलब है लड़ाई के लिए जाना. गाय भी “गो” कही जाती है और वह लड़ाई और अमन दोनों की निशानी है. मन्त्र में दस हज़ार गायों से मुराद असल में मुहम्मद के उन दस हज़ार साथियों से है जो फ़तेह मक्का में उनके साथ थे जो कि दुनिया की पहली ऐसी फ़तेह (जीत) थी जिसमें कोई खून नहीं बहा. जहाँ ये दस हज़ार साथी गाय की तरह ही अच्छी आदत वाले और प्यारे थे वहीँ दूसरी तरफ ये ताकतवर और भयानक थे जैसा कि कुरान के सूरा फतह में आया है कि “जो मुहम्मद के साथ हैं वे काफिरों के खिलाफ ताकतवर हैं, लेकिन आपस में एक दूसरे का ख्याल करने वाले हैं” [कुरान ४८:२९]
अग्निवीर:
१. संस्कृत के कौन से उसूल से गो का मतलब “लड़ाई पर जाना” निकलता है? कहीं जाकिर भाई अंग्रेजी के “go” से तो जाने का मतलब नहीं निकाल रहे? वैसे संस्कृत में गो लफ्ज़ के कई मायने हैं जैसे गाय, धरती, घूमने वाली चीज वगैरह. लेकिन इस मन्त्र में गो का मतलब गाय ही है क्योंकि यहाँ बात लेने देने की है.
गाय का दान करना वैदिक धर्म का बहुत पुराना रिवाज है जो आज भी काफी चलता है. जितने भी वैदिक धर्म के बड़े लोग हुए, वे सब गाय और बाकी जानवरों की हिफाजत करने के लिए जाने जाते थे. यहाँ तक कि गाय वैदिक सभ्यता के रीढ़ की हड्डी समझी जाती है. ईश्वर बहुत जल्द वह दिन दिखाए कि कोई दहशतगर्द कातिल चाहे अल्लाह के नाम पे और चाहे देवी के नाम पे फिर कभी किसी मासूम के गले न चीर सके.

२. खैर, बात यह है कि वेद में हर जगह सब जानवरों की और ख़ास तौर से गाय की हिफाज़त करना राजा और लोगों पर जरूरी बताया गया है. जाकिर भाई के हिसाब से भी गाय मुहम्मद के साथियों की तरह प्यार करने लायक और हिफाज़त करने लायक है. लेकिन मुहम्मद और उनपर ईमान लाने वाले मुसलमान तो गाय के सबसे बड़े मारने वाले लोग हैं. ईद पर गाय काटना बहुत सवाब (पुण्य) देने वाला काम समझा जाता है. तो बात यह है कि अगर दस हजार गायों से मुहम्मद के साथियों से मुराद है तो मुहम्मद या कोई और मुसलमान गाय को नहीं मारते. पर ऐसा नहीं है. यह इस बात की दलील है कि जाकिर भाई की दस हज़ार गाय वाली बात भी मन घड़ंत, संस्कृत के इल्म से बेखबर, और मन्तक पर खारिज हो जाने वाली है.

३. जाकिर भाई के हिसाब से इस मन्त्र में आने वाले लफ्ज़ “गो” का मतलब लड़ाई की निशानी, अमन की निशानी, और लड़ाई के लिए जाना है! यानी एक ही वक़्त में यह लफ्ज़ noun भी है और verb भी! जाकिर भाई इस नए इल्म के खोजकार ठहरते हैं और इस लिए उनको बहुत मुबारकबाद!

जाकिर भाई:
इस मन्त्र में लफ्ज़ “रेभ” आया है, जिसका मतलब है तारीफ़ करने वाला और इसका अरबी में तर्जुमा करने पर “अहमद” बनता है जो मुहम्मद (सल्लo) का ही दूसरा नाम है.
अग्निवीर:
१. और रेभ से मुहम्मद तक का भी सफ़र ऐसा ही है जैसा सफ़र जहर से इस्लाम तक था! जहर = मौत = पूरा आराम = अमन चैन = इस्लाम
इसलिए, जहर = इस्लाम
२. इसी तरह- बिस्मिल्ला हिर्रहमानिर्रहीम = दयानंद की जय

और क्या कहें इस उल जलूल तर्क पर!

जाकिर भाई:
अथर्ववेद [२०/२१/६]- “ओ सच्चे लोगों के स्वामी! ……जब तुम दस हजार दुश्मनों से बिना लड़ाई किये जीते….”
यह मन्त्र इस्लाम की तारीख की जानी मानी लड़ाई, अहजाब की लड़ाई का जिक्र करता है जो मुहम्मद के जीतेजी ही लड़ी गयी थी. इसमें पैगम्बर बिना किसी लड़ाई के ही जीत गए थे जैसा की कुरान [३३:२२] में लिखा है.
इस मन्त्र में लफ्ज़ “करो” का मतलब है इबादत करने वाला, और जब इसका तर्जुमा अरबी में करते हैं तो यह अहमद बनता है जो मुहम्मद का दूसरा नाम है.
मन्त्र में आये दस हजार दुश्मन असल में मुहम्मद के दुश्मन थे और मुसलमान केवल तादात में तीन हजार थे. और मन्त्र के आखिरी लफ्ज़ “अप्रति नि भाष्या” के मायने हैं कि
दुश्मनों को बिना लड़ाई के ही हरा दिया गया.
अग्निवीर:
असली तर्जुमा (पंडित खेम करण): “ओ सच्चे लोगों को बचाने वाले! तुम उनसे खुश होते हो जो दुश्मनों को लड़ाई में अपनी जांबाजी और हौंसले से सबको खुश कर देते हैं. अपने बेहतरीन कामों से दस हज़ार दुश्मन बिना किसी तकलीफ के हरा दिए गए हैं.”

१. अगर ये मन्त्र अहज़ाब की लड़ाई की बात करता है तो इसमें पैगम्बर के लश्कर (सेना) की तादाद क्यों नहीं दी गयी?
२. मन्त्र में आये लफ्ज़ “दश सहस्र” वेदों में कई ठिकानों पर आये हैं, और इसके मायने बहुत बड़ी तादाद के हैं. कई बार ना गिने जा सकने वाले भी!
३. वैसे इस मन्त्र में “करो” जैसा कोई लफ्ज़ ही नहीं! नजदीक से नजदीक एक लफ्ज़ “कारवे” तो है पर इसका मतलब है “काम करने वाले के लिए” न कि “इबादत करने वाला” जैसा जाकिर भाई ने लिखा है! अब क्योंकि मुहम्मद का कोई नाम “काम करने वाले के लिए” नहीं है तो इस मन्त्र में उनके होने की सब दलील ख़ाक में मिल जाती हैं.
४. असल में यह मन्त्र ख़ास तौर से रूहानी (आध्यात्मिक) लड़ाई, जो हर वक़्त आदमी के जेहन में अच्छाई और बुराई के बीच चलती रहती है, के बारे में बताता है और इसे जीतने का हौंसला भी देता है. इसी वजह से बिना खून खराबे के लड़ाई जीतने की बात है. दूसरी तरफ यह सूक्त लड़ाई में अच्छे दांव पेच लगाकर बिना खून बहाए अपने दुश्मन को जीतने का रास्ता भी दिखाता है. पर इसमें, जैसा कि हम दिखा चुके हैं, कोई तारीखी वाकया (ऐतिहासिक घटना) शामिल नहीं है.

READ ALSO:  Kaba rule NOT about direction BUT dictation

जाकिर भाई:
मक्का के मुशरिकों की हार की दास्ताँ अथर्ववेद [२०/२१/९] में इस तरह है- “ओ इंद्र! तुमने बीस राजाओं और ६००९९ आदमियों को अपने रथ के भयानक पहियों से हरा दिया है जो तारीफ़ किये हुए और अनाथ (मुहम्मद) से लड़ने आये थे”
मक्का की आबादी मुहम्मद की वापसी के वक़्त करीब साथ हज़ार थी. साथ ही मक्का में बहुत से कबीले और उनके सरदार थे. वो कुल मिलाकर करीब बीस सरदार थे जो पूरी मक्का पर हुकूमत करते थे. “अबन्धु” मतलब बेसहारा जो कि तारीफ़ किये हुओं में से है. मुहम्मद ने अल्लाह की मदद से अपने दुश्मनों पर फतह पायी.
अग्निवीर:
१. जाकिर भाई क्या किसी सीरत या हदीस से ये ६०००० आबादी वाली बात बताने की जहमत गवारा करेंगे? या फिर जैसा हमने पहले कहा कि क्या जाकिर भाई पर भी इल्हाम …….! अल्लाह ईमान सलामत रखे!
२. इस मन्त्र का लफ्ज़ दर लफ्ज़ (शब्दशः) तर्जुमा यह है कि ६०००० से ज्यादा दुश्मन और उनके २० राजा भयंकर रथों के पहियों तले रौंद डाले गए. मतलब दुश्मनों के लश्कर में ६०००० सिपाही थे. इसका मतलब यह कि मक्का की पूरी आबादी (जवान, बूढ़े, बच्चे, औरत) सब ही उस लडाई में पहियों तले कुचल डाले गए! तो अगर इस मन्त्र में मुहम्मद है भी तो वह एक भयानक कातिल, जिसने बच्चों, औरतों, बूढों किसी को नहीं छोड़ा, साबित होता है. क्या अब भी कोई मुहम्मद और इस्लाम के अमन के पैगाम पर सवालिया निशान लगा सकता है?

३. असल में, मक्का की लड़ाई एक छोटी सी कबीलों की जंग थी जिसमें हज़ार के आस पास मक्का के और तीन सौ के आस पास मुहम्मद के मुजाहिदीन शामिल थे. तो इस लड़ाई में ६०००० की बात सोचना नामाकूल बात है.

२. ऋग्वेद में मुहम्मद (सल्लo)

जाकिर भाई:
इसी तरह की भविष्यवाणी ऋग्वेद (१/५३/९) में मिलती है.
संस्कृत लफ्ज़ जो यहाँ आया है वो है “सुश्रमा” जिसका मतलब है “तारीफ़ किये जाने के काबिल” जिसका अरबी तर्जुमा मुहम्मद ही है.
अग्निवीर:
इसका मतलब भी पिछले मन्त्र जैसा ही है यानी उससे भी मुहम्मद पूरी काबा की आबादी का कातिल ठहरता है.
२. मन्त्र में कहीं भी “सुश्रमा” नहीं आया!
३. एक लफ्ज़ “सुश्रवसा” जरूर है जिसका मतलब है “सुनने वाला” और “दोस्त”, जिसका इस मन्त्र में मुहम्मद से कोई ताल्लुक ही नहीं!

३. सामवेद में मुहम्मद (सल्लo)

जाकिर भाई:
पैगम्बर मुहम्मद सामवेद (२/६/८) में भी पाए जाते हैं. “अहमद ने अपने स्वामी से इल्हामी इल्म हासिल किया. मैंने उससे वैसा ही नूर (प्रकाश) हासिल किया जैसा कि सूरज से”. इससे पता चलता है कि
इस पैगम्बर का नाम अहमद है. कई तर्जुमाकारों (भाष्यकारों) ने इसे गलत समझा और इसे अहम् अत ही लिखा और इसका मतलब निकला “मैंने ही अपने पिता से असली इल्म हासिल किया है”.
पैगम्बर को इल्हामी इल्म हासिल हुआ, जो कि शरियत है.
ऋषि को इल्म हुआ मुहम्मद की शरियत से. कुरान [३४:२८] में लिखा है- “हमने तुझे भेजा है सबके लिए न कि किसी एक के लिए, उनको समझाने के लिए और चेतावनी देने के लिए, पर अधिकतर लोग समझते नहीं”
अग्निवीर:
कोई कुछ समझा क्या? पहले हम भी नहीं समझे थे! पर समझ कर अब इस पर लिख रहे हैं. हो सकता है आप हमारी राय देख कर जाकिर भाई की बातों को समझ सकें!
१. जाकिर भाई को पहले यह सीखना चाहिए कि वेदों के हवाले (reference) कैसे दिए जाते हैं. सामवेद के हवाले इस तरह नहीं दिए जाते. इसलिए जब उनको यह मन्त्र सही हवालों के साथ कहीं मिले तो हमारी नजर कर दें, हम इसका भी हल कर देंगे! हमने बहुत खोजा पर यह मंत्र हमे कहीं नहीं मिला.
२. एक बड़ा सवाल यहाँ यह है कि जब वेद अहमद, सहाबा, मुहम्मद के साथियों की तादाद, मक्का की आबादी, उसके सरदारों की गिनती वगैरह बिलकुल ठीक से बताते हैं तो फिर सीधा “मुहम्मद” नाम क्यों नहीं लेते? अल्लाह मियां ने इतनी अफरा तफरी क्यों मचा के रखी है? क्यों नहीं सीधे सीधे इकट्ठे एक ही जगह पर कुछ मन्त्रों में मुहम्मद का नाम और उसकी पूरी सीरत (जीवन चरित्र) डाल देता की काफिरों को यकीन हो जाता कि मुहम्मद ही असली पैगम्बर है और जन्नत की चाबी लिए हुए है?

कुछ आखिरी बातें!

१. क्या अल्लाह को अपने आखिरी रसूल का नाम नहीं पता था कि इशारों में लोगों को समझा रहा था कि ऊँट की सवारी करेगा और ६०००० लोगों को कुचल देगा, वगैरह?
२. अगर हजारों साल पहले ही अल्लाह ने वेद में यह लिख दिया था कि कुछ लोग कुचले जायेंगे और कुछ जन्नत में भेजे जायेंगे तो फिर उसने सबके लिए जन्नत ही जन्नत क्यों नही लिखी?
३. जब वेद की बातें एकदम मुहम्मद (सल्लo) की जिन्दगी से मेल खा रही हैं (जाकिर भाई कि नज़रों में!) तो फिर वेद को इल्हामी किताब मानने में क्या तकलीफ है?
४. अगर वेद इल्हामी है तो जाकिर भाई किताबों के नाम वेद से शुरू न करके तौरेत से क्यों शुरू करते हैं? और कुरान में वेद का नाम क्यों नहीं?
५. अगर वेद इल्हामी नहीं तो झूठी किताब से मुहम्मद और अल्लाह की मजाक उड़ाने की हिमाकत जाकिर भाई ने कैसे की और सब उलेमा इस पर खामोश क्यों हैं?
६. अब जब यह बात खुल गयी है कि वेद में मुहम्मद मानने की कीमत मुहम्मद को एक पूरी कौम का कातिल मानने की है तो क्या अब भी यह सौदा जाकिर भाई को क़ुबूल है?
७. वेदों में मुहम्मद का फलसफा असल में कादियानी मुल्लाओं का है. वैसे भी जाकिर भाई बिना बताये कादियानियों की किताबों से सामान लेकर अपनी किताबें बनाते हैं तो क्या कादियानियों पर उनका घर जैसा हक समझा जाये? अगर ऐसा है तो फिर जाकिर भाई ने आज तक ये राज हमसे क्यों छिपाए रखा कि वो एक कादियानी हैं?

आखिर में हमारी जाकिर भाई और उनके सब साथियों और चाहने वालों से यही गुजारिश है कि सब झूठी भविष्यवाणियों और पैगम्बरों को छोड़ कर अपने असली घर वेद के धर्म में आ जाएँ. जहाँ जन्नत/सुख की चाबी किसी मुहम्मद के पास नहीं पर एक ईश्वर के पास है. जहाँ तारीफ करने के काबिल केवल वही एक ईश्वर है न कि कोई पैगम्बर.

वह एक है, जो कि पूरी कायनात को संभाले रखता है, जो सब के अन्दर घुसा हुआ, सबके बाहर फैला हुआ, हाज़िर नाजिर, बिना जिस्म, सारी कुव्वतों का एक अकेला मालिक, कामिल, न कभी पैदा हुआ, न कभी मरेगा, सदा रहने वाला और सबका सहारा ईश्वर ही है. उसके अलावा और किसी की इबादत हम न करें. [यजुर्वेद]

This article is also available in English at http://agniveer.com/528/prophet-vedas/

 

Facebook Comments

Disclaimer: By Quran and Hadiths, we do not refer to their original meanings. We only refer to interpretations made by fanatics and terrorists to justify their kill and rape. We highly respect the original Quran, Hadiths and their creators. We also respect Muslim heroes like APJ Abdul Kalam who are our role models. Our fight is against those who misinterpret them and malign Islam by associating it with terrorism. For example, Mughals, ISIS, Al Qaeda, and every other person who justifies sex-slavery, rape of daughter-in-law and other heinous acts. For full disclaimer, visit "Please read this" in Top and Footer Menu.

Join the debate

248 Comments on "वेदों में पैगम्बर"

Notify of
avatar
500
trackback

this amazing website

वेदों में पैगम्बर — Self-Help | Motivation | Spiritualism | Rationalism | Vedas | Hinduism | Anti-Casteism | Women Rights – Agniveer

trackback

my review here

वेदों में पैगम्बर — Self-Help | Motivation | Spiritualism | Rationalism | Vedas | Hinduism | Anti-Casteism | Women Rights – Agniveer

jai shankar
@antiagniveer,aapni philosophy par sharm mahsus kar rahe ho.hahaha…hindu jab tahakikat karta hai tab sab tarike apnata hai.islam ki philosophy ALLAH ke irdgird ghumti hai,isliye allah ki tahakikat karna hi islam ki philosophy hai.kyo ghabra raha hai???hum to eswar ki tahkikat me nahi ghabrate.hahaha..hindu ki sary philosophy drasta yane dekhanewale ki… Read more »
My name is Hindu and i am not an infidel
My name is Hindu and i am not an infidel
हन्नान जी हम हिन्दू लोग इश्वर को सर्वव्यापी मानते है इश्वर को इस ब्रह्माण्ड का कारण और ब्रह्माण्ड को परिणाम मानते है !!! हम मानते है की कारण को परिणाम से अलग किसी भी कीमत पैर नहीं किया जा सकता ,जैसे सोने को अगर गहनों का कारण मानें और गहनों… Read more »
jai shankar
CHALLENG TO DR.ZAKIR NAIK 2- koi bhi hindu dr.zakir naik se ye sawal kare -ALLAH EK HAI YA ANEK? EK HAI TO ANEK KO KYO BANAYA? ANEK HAI TO BAKI KE ALLAH KAHA HAI? ALLAH EK HAI TO DUNIYA KIS SE JUDI HAI? ALLAH SE JUDI HAI TO WO EK… Read more »
rsdfgg

@all visitors, please tell me that can u read jai shankar’s comment and if yes then can u understand?

jai shankar
ISLAM KI SACCHAI 3-KOI BHI HINDU DR.ZAKIR NAIK KO YE SAWAL KARE 1) ALLAH NE SABKO BANAYA,IS ME INSSAN KO BHI BANAYA TO YE ALLAH AADMI KO KYA SAMAJTA HAI? “BODY” “MIND” YA “SOUL” AADMI KI BODY 5 WAYS SE KNOWLEDGE LETI HAI ,AANKH,KAAN,NAAK,ZIB,CHAMDI AUR BRAIN JO HAI WO KNOWLEDGE… Read more »
jai shankar
CHALLENGES OF DR.ZAKIR NAIK-ISLAM KI SACCHAI 2- 1)ALLAH JO HAI USKO KOI BHI DEKH NAHI SAKTA,JO DIKHAI NA DE SIRF US PAR BELIEF KARE YE ISLAM HAI.TO PHIR JO JO DIKHAI NA DE UNKO BHI MANO EX.DETA HU TAKI AASANI SE SAMAJ ME AAYE- ULLAH,JULLAH,KULLAH YE BHI DIKHAI NAHI DETE… Read more »
jai shankar
ISLAM KI SACHHAI-Question 13: How could the writers of the Qur’an 1400 years ago know that when the universe reaches its maximum size we will have Judgment Day ? Dr. Sten Odenwald of NASA responds by saying: Well…the best model we have to account for the data we have is… Read more »
jai shankar
ISLAM KI SACCHAI- dekho kisi bhi manasvid ke paas jao.use kaho ki muze sanmohit hona hai.aap kripa kare aur muze sanmohit kare,main sanmohit hone ko raji hu.SAATH ME USE QURAN KI AUR EK KOI BHI DUSRI KITAB DE DE. Aur us se kahe ki jab main deep sanmohit awasta me… Read more »
jai shankar
@rsdfgg,fourtysix,ho ki fortysix ab hindi me cheyalis,to tu ab gyan par dhyan nahi de raha.be matlab ke Spelling misteaks dhund raha hai? zara asli baat ko dekh..kaisi pol khul rahi hai .. kamjor dimagwale shabd par hi atake rah jate hai,ARTH KO NAHI SAMAJ PATE.SAMAJ SAMAJ SE SAMAJ TU KYO… Read more »
jai shankar
/// MUSLIMS KE LIYE EK AASAN SAWAL??? “EK BANDAR AGAR TYPEWRITER PAR BAITHE AUR ANANT KAAL TAK WO TYPE KE BATANO KO PITATA RAHE TO EK SAMAY AAYEGA KI USME QURAN KI AAYATE BHI AA SAKTI HAI.YE MAHAJ EK SANYOG HOGA.BANDAR QURAN KO NAHI JANTA SIRF SHABD KO THOK RAHA… Read more »
jai shankar
/// MUSLIMS KE LIYE EK AASAN SAWAL??? “EK BANDAR AGAR TYPEWRITER PAR BAITHE AUR ANANT KAAL TAK WO TYPE KE BATANO KO PITATA RAHE TO EK SAMAY AAYEGA KI USME QURAN KI AAYATE BHI AA SAKTI HAI.YE MAHAJ EK SANYOG HOGA.BANDAR QURAN KO NAHI JANTA SIRF SHABD KO THOK RAHA… Read more »
raj.hyd
kurani allah kahate hai hamne kaha “kun “[ho ja ]aur vah ho gayi ? kurani allah ne kisse kaha ?kaun tha sunne vala ? aur agar kahane matr se yah sansar ban gaya hai to fir 6 din kyo lag gaye ek maushy ka bachha garbh me banne me karib… Read more »
jai shankar
@rsdfgg,are jab muhammad toraht,engils ko copy past kar raha hai to main bhi kar raha hu,muhammad koi nai jankari thode hi de raha hai? Tu hi bata quran eshwar ki kitab hoti to usme repetition hota?bar bar bar allah wahi wahi bate dohrata? Koi akalmand ??? Zakir naik ek hi… Read more »
jai shankar
@rsdfgg, kya hua quran ki pol khulne lagi to dimag kam nahi kar raha? Tu muze hi,jai shankar is fool to kya ab nahi hai? Aise ex.de raha,zara dimag ko bahar nikal aur dekh TENSE KA UPYOG AADMI KARTA HAI.IS LIYE KI USE PAST -PRESENT- FUTURE KA GYAN HOTA HAI.APNA… Read more »
rsdfgg
@raj.hyd, duniya koi bhi creator/khalique nahi hai maan baap bhi nahi to gun wali baat khatm ho gayi. kiyunki maan baap bhi duniya ki cheezein khatein hain jisse khoon banta hai jisse sperm aur ovum banta hai. to maan baap eik zariya to ho sakte hain par khud creator nahi.… Read more »
raj.hyd

mata pita ka DNA bachho me ata hai aks[shakl] ata hai ! aur kuch gun bhi ate hai ! ishvar sharir me atma dalta hai, aur nikalta bhi hai, allah aur ishwar me buniyadi antar bhi hai !

jai shankar
ISLAM KI SACCHAI- YE JO ALLAH HAI YE EK MITHAK,EK FALSE CONCEPT HAI.KYO?1)Muhammad ke siva kisi ko nahi pata.2) abhi tak kisi ko nahi mila.3) siva muslims bane kisi ko nahi dikhega,bhale hi uske banaye chand,suraj bina muslim huye dikte rahenge par wo nahi dikhega.4) bina hajj kiye muslims ko… Read more »
raj.hyd
kaha jata haui ki namaz padhne ke pahale vaju karna anivary hai usme sir munh adi ka ekkatra bhi bagair pani chulaye nahi hona chahiye kuhani tak hth bhi dhule hona chahiye peshab ka ek katra[boond] bhi kapde me na lagne paye namaz padhte huey agar mal dvar se paad… Read more »
anti-agni
@raj.hyd, tumhare saath problem yeh hai ki tumhein sirf hindi aati hai aur usi ko lekar kudte rehte ho?? aise logon ko jahil kaha jata hai jo yeh samjhein ki duniya mein sirf eik hi language hai? quran mein kahin bhi namaaz parhne ka lafz istemaal nahi hua ab mein… Read more »
raj.hyd
duniya me sabse jyada boli jane vali dusri bhasha hindi hai ! agar ham”keval” hindi jante hain usko jahil kadapi nahi kaha ja sakta !fir bhi agar ham hindi ke alava any koi dusri bhasha bhi jante to aur jyada behatar hota ? hamko maloom hai ki kuran me salat… Read more »
anti-agni
@islam-virodhi-raj, maine yeh nahi kaha ki sirf hindi janne wala jahil hai balki maine kaha ki //aise logon ko jahil kaha jata hai jo yeh samjhein ki duniya mein sirf eik hi language hai?// tum baat ghuma kiyun rahe ho? dusri baat yeh ki hindi mein jo suna ya parha… Read more »
raj.hyd
ham is desh ke muslimo ka vyavhar jo dekhte hai usko bhi yahan par paesh karte hai ! hame islam virodhi ke bajaye islam me jo kuritiya v andh vishvas aur sath me jo agyan hai uska virodhi ap jarur kah sakte hai beshk kuran me kuch achhe adesh bhi… Read more »
jai shankar
@rsdfgg,are akal ke diwane,zara hosh se bhar,zara to samjdari dikha,agar hai to?kyo quran ko sahi sabit kar raha hai? AB TU WI-FI AUR INTERNET KO BHI QURAN ME DIKHAYEGA KYA? Teri to buddhi hi kam nahi kar rahi hai? Jo WI-FI HAI WOHI WAHYA HAI,BINA KISI SE JUDE ZIBRAIL ALLAH… Read more »
rsdfgg
tabhi to hindu jai-shankar likhte hain??? hahahah brahma ko chor dete hain kiyunki unhone prithvi se baat ki?? hum theories ko quranse sabit nahi karte facts ko karte hain aur higsboson abhi theory hai aur koi sabit karega to humein usse koi lena dena nahi lekin tumhare aryasamaji ise sabit… Read more »
SDC
Sabse pehle toh reference dene ka kasth kare. Saath mein aapke gyan ki kami ko duur kiye deta hun. Bhojan ko teen hisso mein bata gaya hain — satvik, rajasik, aur tamasik. Doodh satvik shreni ka aahar hain aur bilkul bhi shakahari nahi hain. Ummed hain aapke gyan mein vriddhi… Read more »
rsdfgg
@SDC, bhai gyan mein izafa karne k liye shukriya. bhai shakahari vegetarian hi hota hai…. aur har jagah dudh peene wale apne aapko vegetarian hi kehte hai jaise cow tree ho? aryasamajiyon ki eik university hai gkvharidwar.org woh kisi bhi post per apply karne k liye yeh mandatory karti hai… Read more »
SDC
Diets bahut prakar ke hote hain: Vegan, vegetarian, lacto-vegetarian, fruitarian, non-vegetarian. But basically Shakahar/vegetarianism mein normally doodh ko shamil samjha jata hain. More appropriately, jo phal, sabzi, aur doodh lete hain unhe lacto-vegetarian kehna chahiye. Vegan diet ek alag diet jisme animal products shamil nahi hota. Vegetarian diets mein vividhta… Read more »
rsdfgg
correction ” prithivi ko paida kiya aur shadi ki” aur maze ki baad yeh hai ki brahma kuch paida hi nahi kar sakte kiyunki unhein primary particle ki zaroorat hoti hai aur yeh hi GOD particle hai????? phir creator kahan hue??? assembler ho gaye?? aatma/soul bhi nahi bana sakte aur… Read more »
raj.hyd
agar kurani allah ne dhatrti ko paida kiya hai to allah ke gun dharti me kyo nahi aa paye ? isliye kuran ki yah bat jhuthi hai ! jisse jo chij paida hoti hai usme kuch gun usme jarur ate hai! dharti kya bolti hai jo usne kurani allah ko… Read more »
raj.hyd
ham apne desh ke janmjat sammanit muslimo ke lesh matr bhi dushman nahi hai , fir bhi muslimo ke andh vishvas kuriti , muhammad ji ke kuch galat v nindniy kary, quran va hadees kuch galat bato se matbhed avshya rakhte hai ! vahui matbhed ham sabhi ke samne prastut… Read more »
jai shankar
@rsdfgg,Are kya hua, pol khul gayi kya? DAHAHA KA ARTH SPREAD OUT,HAI .YE ANDE KA AAKAR TUMNE KAHA SE LIYA BHAI.SARE QURAN KE EDITION TO SPREAD OUT KAH RAHE HAI .KYA YE SAB EDITION FALSE HAI KYA?NAHI HAI TO USKE ARTH KO KYO JHUTLA RAHE HO,AGAR JHUTLANA HI HAI TO… Read more »
rsdfgg
@pagal-shankar, baat ko tum ghuma kiyun rahe ho? agar mein kahun ki “jai shankar is fool” to kiya iska yeh matlab hoga ki pehle tum fool nahi the? khair aadmi apne apne mental level k hisaab se baat karta aur samajh sakta hai yeh jo dahaha hai yeh tumhare se… Read more »
jai shankar
@rsdfgg, zara thande dimag se padh, Wal-arda baAAda thalika dahaha Sahih International And after that He spread the earth. I don’t know why Sahih International translates the word ‘Dahaha’ as Spread out here. They must have misunderstood the word, so we can rely on other Muslim Translators of Qur’an. Almost… Read more »
rsdfgg
@pagal-shankar, tu samjhe ga in baton ko? jise “is” ka prayog na aata ho jise “tence” aur “spece” ki spelling na pata ho woh kiya upar likhe hue ko samajh sakta hai? maine answering-islam.com/ kaha tha aur tu ghus gaya islam virodhi sites mein? aur english ka copy paste kardiya… Read more »
jai shankar
@rsdfgg, are akal ke andhe… Earth flat hai ye tere quran me hi likha hai.muze kyo dosh deta hai ab oval bhi likha hoga to kya ye allah ka dimag kharab hai ki ek baar kahe flat aur ek baar kahe oval. Zara tu hi bata tu khud ko kahe… Read more »
rsdfgg
@pagal-shankar, kyun munh se jhaag chor raha hai?? maine kaha na kisi school going lad se hi pooch leki “tence” ki spelling kiya hoti hai aur “spece” ki bhi pooch lena?? koi bhi dekh sakta hai kis mental level ka aadmi hai aur quran k upar laaf zani kar raha… Read more »
raj.hyd
kitne azeeb hai ! muslim kuran ko sharif kahate hai , jab ki usme adam ke bacho me sage bhai bahano me sex sambandh ki bat hai hajarat loot jo nabi thi rasool thi unke yaha kabhi farishte aye honge , vahi ki basti ke logo ne unse sex karne… Read more »
raj.hyd
kuran ka sabse bada dushman kaun hai ? murti, chitr, murti puja ? murti puja ke dar se muhammad ji ne apna chitr banvane se parhej kiya ? muhammad ji ki itni himmat nahi padi uki ki vah apna foto banava dete ? kahi muslim unki puja n chalu kar… Read more »
anti agni
@raj.hyd, please answer it. // THE ORBIT OF THE MOON The word “Qamar,” referred to as a heavenly body in the Qur’an and meaning “Moon” appears 27 times. The elliptical orbit of the Moon around the Earth also takes 27 days. But this is not a number that someone looking… Read more »
Ekinshan
ऊस परवत नीगार को हम कया देवे भले बुरे का गीयान । दुनीया मे हर ईनसान भरोशा एसान नही भुलता,उसी परकार हमे भी अपने अपने खुदा की ईबादत करनी चाहीये, सेर ईनसान खाता हे ,कुछ जानवर गास खाते हे। ईनशान जो भी करे उस की सोच भीन हे ,तुमने ह्म… Read more »
jai shankar
@rsdfgg,BHIVISHYA PURAN ME KAHA HAI KI MUHAMMAD JO HAI WO SHAITAN KI PUJA KAREGA.KYA ALLAH SHITAN HAI? SARE HINDU TO MANEGE NAHI DAYAWASH,KARUNAVASH KYO KI KISI KI BHI BURAI MAT KARO AISA HINDU DHARM SIKHATA HAI PAR SARE KHRICHAN JO HAI WO ALLAH KO SHAINTAN,AUR MUHAMMAD KO JADU ZARA KAHTE… Read more »
jai shankar
@rsdfgg,Are mental ka hawala kyo deta hai, tu hi apna mental kis kachre se bhara hai pahle wo to dekh,arbi bhasha kis bhasha se bani pahle us bhasa ko dekh.urdu kis se bani us bhasha ko dekh. YEMEN ME JO QURAN MILA USKI BHASHA DEKH YE TERE HAAT ME JO… Read more »
rsdfgg
@jai-shankar, bhai apna mental level chor kisi doctor se mil kiyunki lagta hai tu pagal hai. maine kiya example diya aur tune kiya bana diya?? agar tere aspas koi insaan ho ya tere bachche school jatein hon ya koi bachcha tujhe school jata hue dikhe to uske haath apna comment… Read more »
raj.hyd
@anti agni…?jara kuran ko chod kar bhi bat kar liya kijiye har chij me agni, vayu, jal ,mitti v spece ke uchit mishran se bane padarth hai kisi me kuch jyada hai aur kisi me kuch kam hai !agar ap teji se apne hat ka gharshan[ragdna] karenge to hath me… Read more »
anti agni
@raj.hyd, kiya tune bhavishya puran parha hai? mere paas gita press gorakhpur ka bhavishya puran hai agar tu kahe to usmein jo likha hai hazrat muhammad s.a.w ke bare mein woh yahn likh dun taki tu yeh bata sake ki ismein se kiska matlab rakshas hai?? mere paas hindi mein… Read more »
rsdfgg
@jai shankar, tumhara to mental level bilkul bachon wala hai….tum ne likha hai ki //AINE TO KABHI JAI JAI KAR NAHI KI PAR TUM HU HU KAR RAHO HO.GOD IS GREAT ,IS ME DO SHABD ‘IS’ SE JUDE HAI .ISKA ARTH IS JO HAI WO PRESENT TENCE KA HUA TO… Read more »
jai shankar
@rsdfgg,@raj.hyd, mere mitra, tum ne jo jai shankar ka arth nikala hai wo bilkul hi galat hai, is liye ki tum galat par tike ho, akhir bacche galti karte hai koi baat nahi, main thik karta hu,JAY SHANKAR ISKA ARTH JAY JAY KAR NAHI AUR NAHI SHANKAR KI KOI JAI… Read more »
rsdfgg
@ja shankar, lagta hai tum koi pagal aadmi ho kiyunki tumhein na to SPACE ka pata hai aur na hi sandhi vichched ka?? kiya school mein bilkul nahi parhe??? ja kar agniveer se hi puchlo ki jai shankar kiya matlab hota hai aur space agar na ho to uska sandhivichched… Read more »
raj.hyd
@rasdfgg …? “dusre ke sath vahi vyavhar karo jo apne liye bhi pasand aye” jab koi muhammad ji ko balartkari ki id banana pasand nahi karega to kisi jay shankar ke pita ko balatkari ki id kyo banana pasand karna chahata hai is tarah ki kalpnik bat ka kya mahatv… Read more »
raj.hyd
@rsdfgg…? yah jay shankar kya hota hai? yah shankar ji ke bhakto ki matr ek kamna [ichha] hoti hai ki shankar ji ke vicharo ki karmo ki jay ho ? kamna, shubh kamna ka jyada koi mahatv nahi hota ? matr ek achhe vicharo ki abhivaykti hi hoti hai 1… Read more »
raj.hyd
allah kabhi mahan raha hoga aj “kam” ho gaya hai ! pahale bhi kam tha uski buddhi bhi kam thi ! jab quran koi padhta hai tab usko maloom hota hai ki adam ke sharir se havva banayi , bad me usne sudha rkiya ab nari se nar ka janm… Read more »
rsdfgg

@agniveer yeh ved prakash upadhyaye jinki book tum show r rahe ho kiya yeh bhi qadiyani hn? hahaha. phans gaye guru

raj.hyd
kabhi gulam muhammad qadiyani ko ya unke manne valo ko jawab diya hai ? ali seena dot com me kabhi unki bato ka jawab diya hai / JAIYE, UNKE BLAG ME QURAN KI, ISLAM KI , MUHAMMAD JI KI DHAJJIYAN UDAYI JA RAHI HAI ISLAM KI DHOL ME POL KHOLI… Read more »
rsdfgg
raj.hyd
manniy shri naushad ji , [1] islam ke liyebjhutbolo quran sikhlata hai [2] agarmata pita gair muslim ho tounka kahana mat mano yah quran sikhlata hai [3] chori karne ko islam bhi rokta hai ! lekin dusro ki patniyo ko apna gulam banakar bagair nikah ke unse sex karo yah… Read more »
Naushad Khan
Is bahas ka koi ant nahi hai ki kaun dharam sabse achha hai lekin note karne wali baatein- 1. Koi bhi dharma jhoot bolne ki izazat nahi deta 2. Koi bhi dharam apne maan baap ko ghar se bahar karne ki izaazat nahi deta 3. Koi bhi dharam Chori karne… Read more »
jai shankar
@jai shankar (fake id banane wala),manushya yudh karta hai to wo bahar ke khshetra me jeet jata hoga par aksar ye paya jaata hai ke wo antas ke khshetra me hara hua hi paya jata hai, sikandar mahan bahar to jeeta par bhiter ki ladai wo haar gaya, jaate waqt… Read more »
jai shankar
Dr.zakir naik ka man kamjor ho gaya hai.Jo kamjor man ka hota hai use hi sidhant,tark,vichar ka sahara lena padta hai,taki kamjori ko chipa sake.Manyshya ka man aisa hi hai, sahara pakadene ki aadat janmo janmo se lagi hui hai,bina sahare ke admi ka man ek pal bhi rahneko taiyar… Read more »
syed kamaal haider
natatsay partemastay,?yae kya hay eshwar ka kooe chetra nahe hay,ishwar sirf ek hay dusrta nahe hay nahe hay zara bhe nahe hay,kya yae ved k shabd nahe hay ,kya ek eshwar ke pooja chor kar>shew leng,,,ganesh (hathe ka sar aor manushya k shrer wala bhagwan? kya yae sanbhaw hay,tarkek hay?kya… Read more »
raj.hyd
manniy shri kamaal ji. thik kaha apne! yah sab ishwar nahi hai yah sab adharm hai fir bhi vah nark me nahi jayenge kyoki nark koi sthan nahi hai! aur vaise hi darghaho me jakar mnnat mangne vale muslim ko agar kahi jahannum bhi hai to usko jahannum bhi nahi… Read more »
rsdfgg

Nahi pagal to bakwas karte rhtein hn to kiya sahi dimaag log unka jawab dedekar apne aap ko pagal krlein.. tu manta hi nahi h to kiya fayeda? Ja kar ved parh agar quran samajh nahi aaraha.

raj.hyd

ham to kuran ki bate yahan par rakh rahe hai uska jawab dene me apko kyo taklif ho rahi hai ? kuran ki ek ek bato ka javab dijiye varna kuran ki sangati prem se chod dijiye isi me jyada samajhdari hai !

zsumone

for writer-dunia me aise log bhi paida honge socha na tha..chutia log jo apna dharam to jante nahi..bakaiti jhadhte hai….tumahre hindu dharm ka naam bhi saala hamne rakha tha geographically,tum usi ko le ke baith gye…chuuutiya..

thakur
Bhagwan/Allah jiska bhi lena hai naam lo …or chain se jio or jine do……Kin lafdon main fuse ho …… Pata kisi ko nahin hai…Bus aise hi mar rahe ho aik dusre ki burai karke…. Agar tum main se ya tumhare main se koi bhi VED/Kuran ko samjh gaya hota to… Read more »
Ankur
@thakur : bhai bat to aise kar rahe ho jaise tumhe ved aur kurna ka sab gyan ho gaya hai..Islam me Allah ka nam lene se kuch nahi hoti,tu shayad Islam ko hindu manyta ke tarazoo mein tol rahe ho aur frustrate ho rahe ho.. Islam chahata hai ki sab… Read more »
raj.hyd
sahi kaha apne hajar sal ki gulami aki adat nahi gayi hindu me ? bahut kuch dusre ka apna lete hai 1 pahale arbi, farsi padhte rahe fir urdu padhte rahe , ab angreji padh rahe hai , pahale aryvarat is desh ka nam tha bad hindustan bangaya ab india… Read more »
zsumone

Why are people coming to Islam as so a high rate!!INDEED IT IS THE TRUE RELIGION.
And if the writer have guts(he is a coward ,we know) have an open debate with Dr. Zakir Naik..He loves it!!lol

if u do not revert back before death..hell fire is waiting for you(may be)

vicharak
अगर आप सिर्फ वेदों को मानते है तो राम के अस्तित्व का क्या होगा? वेदों में कही भी राम या कृष्ण के बारे में नहीं कहा गया है और (पौराणिक ग्रंथो के अनुसार) इनका जन्म भी वेदों के बहुत बाद में हुआ है! तो क्या राम का कोई अस्तित्व ही… Read more »
Taruth Seeker

@vicharak
Mante to ham Gandhi Ji, Shivaji, Manmohan Singh, Soniya Gandhi ko bhi hai. Agar Ved me inka nam nahi hai to qya desh khatam ho jayega.

dipankar
Satya ek mukta aakash ke jaisa hai,jaha koi asahajata nahi,dharma vahi hai jo tumhe mukta karta hai sabhi se aur chode deta hai aghyat main… Taki tum vahi jano jo hain tumame aur sarva main…noor to hai bas aankh ki taraf eshara jo dikha de ….dharm keval eshare hai satya… Read more »
ritesh sharma

bhai agni veer jindabaad bahut pad liya jake kisi mulle ki ma bahen karta hoon

zsumone

chuuutiya saala..ek aur chutiya hai tu

Rahil EX Muslim
There are several questions that I have which to my knowledge have not yet been answered by Islam: 1- If the whole universe (all the stars and planets) were created for the earth then it should surround the earth, but here the earth is surrounding the sun and that surrounds… Read more »
zsumone
You are such a foolish fellow…..lol when u were in Islam(if u r not telling lie) u never read Al-Quran. And if u r telling lie,then watch down into urself,what an image of ur religion(hinduism ,etc as u say) ,u r showing!! I have got all the answers for ur… Read more »
Zeee
If u (writer) have the guts ,have an open debate with Dr. Zakir Naik..he likes it!! And We know that u are just a coward!!Who can only make back-conspiracy for any person . Hell is waiting for You if u r not reverted(maybe) dont reply me as i will not… Read more »
sohail azamgarhi

bhai ye anab shanab ki batein post karna band karo.tumhare dharm me kitni sachhai hai ye tumhari abadi se hi pata chalta.agar tumhara dharm sacchha hota to tum itni chhoti si jagah me sikude na hote .pls ghaflat ki duniya se bahar aao….

zsumone

sahi kaha aapne brother…

zsumone

^that reply is for sohail brother…Brother aapne bilkul sahi kaha in hinduon k bare mein

raj.hyd
kya doctar profesar, injiniyar, mantri, saansad , vidhayak adi bahut kam aur prbhavshali nahi hote hai ? faishan, sinema premi ,sharabi , v any nasheele padartho ka sevan karne vale, suar adi ka mans khane vale, jahil, kuriti, mannevale andh vishvasi adi bahusankhyak nahi hai? kya fir inko sahi mana… Read more »
santosh

agniveer ji mujhe maanf karna mai aapki bahot izzat karta hun but mujhe padhne mein kuch samajh nahi aa raha tha plz apni explanation thoda easy kijiye taki log pura padhein dhanywad

Vishal Rai
क्यूँ की खुद समय भी बिग बैंग के समय ही शुरू हुवा था…. इसका मतलब ये एक ऐसी घटना थी जिसका कोई कारण या कोई रचनाकार नहीं था.. . तो हम जिस सवाल का जवाब खोजने निकले थे विज्ञानं ने उसका जवाब हमे दे दिया है… एक असीसा जवाब हो… Read more »
Vishal Rai
बिग बैंग के समय एक हैरत भरी घटना घटी होगी… और वो थी समय की शुरुवात… दिमाग चकरा देने वाले इस विचार को समझने के लिए जरा इस बात पर विचार करिये… अंतरिक्ष में एक ब्लैक होल तैर रहा है… एक आम ब्लैक होल एक बहुत विशाल तारा होता है…… Read more »
wpDiscuz