हमारे पाठकों को अपने विद्यालय के दिनों में पढ़े इतिहास में अकबर का नाम और काम बखूबी याद होगा. रियासतों के रूप में टुकड़ों टुकड़ों में टूटे हुए भारत को एक बनाने की बात हो, या हिन्दू मुस्लिम झगडे मिटाने को दीन ए इलाही चलाने की बात, सब मजहब की दीवारें तोड़कर हिन्दू लड़कियों को अपने साथ शादी करने का सम्मान देने की बात हो, या हिन्दुओं के पवित्र स्थानों पर जाकर सजदा करने की, हिन्दुओं पर से जजिया कर हटाने की बात हो या फिर हिन्दुओं को अपने दरबार में जगह देने की, अकबर ही अकबर सब ओर दिखाई देता है. सच है कि हमारे इतिहासकार किसी को महान यूँ ही नहीं कह देते. इस महानता को पाने के लिए राम, कृष्ण, विक्रमादित्य, पृथ्वीराज, राणा प्रताप, शिवाजी और न जाने ऐसे कितने ही महापुरुषों के नाम तरसते रहे, पर इनके साथ “महान” शब्द न लग सका.

हमें याद है कि इतिहास की किताबों में अकबर पर पूरे अध्याय के अन्दर दो पंक्तियाँ महाराणा प्रताप पर भी होती थीं. मसलन वो कब पैदा हुए, कब मरे, कैसे विद्रोह किया, और कैसे उनके ही राजपूत उनके खिलाफ थे. इतिहासकार महाराणा प्रताप को कभी महान न कह सके. ठीक ही तो है! अकबर और राणा का मुकाबला क्या है? कहाँ अकबर पूरे भारत का सम्राट, अपने हरम में पांच हज़ार से भी ज्यादा औरतों की जिन्दगी रोशन करने वाला, उनसे दिल्लगी कर उन्हें शान बख्शने वाला, बीसियों राजपूत राजाओं को अपने दरबार में रखने वाला, और कहाँ राणा प्रताप, क्षुद्र क्षत्रिय, अपने राज्य के लिए लड़ने वाला, सत्ता का भूखा, सत्ता के लिए वन वन भटककर पत्तलों पर घास की रोटियाँ खाने वाला, जिसका कोई हरम ही नहीं इस तरह का छोटा और निष्ठुर हृदय, सब राजपूतों से केवल इसलिए लड़ने वाला कि उन्होंने अपनी लड़कियां, पत्नियाँ, बहनें अकबर को भेजीं, अकबर “महान” का संधि प्रस्ताव कई बार ठुकराने वाला घमंडी, और मुसलमान राजाओं से रोटी बेटी का सम्बन्ध भी न रखने वाला दकियानूसी, इत्यादि. कहाँ अकबर जैसा त्यागी जो अपने देश को उसके हाल पर छोड़ कर दूसरे देश भारत का भला करने पूरा जीवन यहीं पर रहा, और कहाँ राणा प्रताप जो अपनी जमीन भी ऐसे त्यागी के लिए खाली न कर पाया और इस आशा में कि एक दिन फिर से अपने राज्य पर कब्ज़ा कर लेगा, वनों में धूल फांकता, पत्नी और बच्चों को जंगलों के कष्ट देता सत्ता का भूखा!

अकबर “महान” की महानता बताने से पहले उसके महान पूर्वजों के बारे में थोड़ा जान लेना जरूरी है. भारत में पिछले तेरह सौ सालों से इस्लाम के मानने वालों ने लगातार आक्रमण किये. मुहम्मद बिन कासिम और उसके बाद आने वाले गाजियों ने एक के बाद एक हमला करके, यहाँ लूटमार, बलात्कार, नरसंहार और इन सबसे बढ़कर यहाँ रहने वाले काफिरों को अल्लाह और उसके रसूल की इच्छानुसार मुसलमान बनाने का पवित्र किया. आज के अफगानिस्तान तक पश्चिम में फैला उस समय का भारत धीरे धीरे इस्लाम के शिकंजे में आने लगा. आज के अफगानिस्तान में उस समय अहिंसक बौद्धों की निष्क्रियता ने बहुत नुकसान पहुंचाया क्योंकि इसी के चलते मुहम्मद के गाजियों के लश्कर भारत के अंदर घुस पाए. जहाँ जहाँ तक बौद्धों का प्रभाव था, वहाँ पूरी की पूरी आबादी या तो मुसलमान बना दी गयी या काट दी गयी. जहां हिंदुओं ने प्रतिरोध किया, वहाँ न तो गाजियों की अधिक चली और न अल्लाह की. यही कारण है कि सिंध के पूर्व भाग में आज भी हिंदू बहुसंख्यक हैं क्योंकि सिंध के पूर्व में राजपूत, जाट, आदि वीर जातियों ने इस्लाम को उस रूप में बढ़ने से रोक दिया जिस रूप में वह इराक, ईरान, मिस्र, अफगानिस्तान और सिंध के पश्चिम तक फैला था अर्थात वहाँ की पुरानी संस्कृति को मिटा कर केवल इस्लाम में ही रंग दिया गया पर भारत में ऐसा नहीं हो सका.

पर बीच बीच में लुटेरे आते गए और देश को लूटते गए. तैमूरलंग ने कत्लेआम करने के नए आयाम स्थापित किये और अपनी इस पशुता को बड़ी ढिटाई से अपनी डायरी में भी लिखता गया. इसके बाद मुग़ल आये जो हमारे इतिहास में इस देश से प्यार करने वाले लिखे गए हैं! बताते चलें कि ये देशभक्त और प्रेमपुजारी मुग़ल, तैमूर और चंगेज खान के कुलों के आपस के विवाह संबंधों का ही परिणाम थे. इनमें बाबर हुआ जो अकबर “महान” का दादा था. यह वही बाबर है जिसने अपने काल में न जाने कितने मंदिर तोड़े, कितने ही हिंदुओं को मुसलमान बनाया, कितने ही हिंदुओं के सिर उतारे और उनसे मीनारें बनायीं. यह सब पवित्र कर्म करके वह उनको अपनी डायरी में लिखता भी रहता था ताकि आने वाली उसकी नस्ल इमान की पक्की हो और इसी नेक राह पर चले. क्योंकि मूर्तिपूजा दुनिया की सबसे बड़ी बुराई है और अल्लाह को वह बर्दाश्त नहीं. इस देशभक्त प्रेमपुजारी बाबर ने प्रसिद्ध राम मंदिर भी तुडवाया और उस जगह पर अपने नाम की मस्जिद बनवाई. यह बात अलग है कि वह अपने समय का प्रसिद्ध नशाखोर, शराबी, हत्यारा, समलैंगिक (पुरुषों से भोग करने वाला), छोटे बच्चों के साथ भी बिस्मिल्लाह पढकर भोग करने वाला था. पर वह था पक्का मुसलमान! तभी तो हमारे देश के मुसलमान भाई अपने असली पूर्वजों को भुला कर इस सच्चे मुसलमान के नाम की मस्जिद बनवाने के लिए दिन रात एक किये हुए हैं. खैर यह वो “महान” अकबर का महान दादा था जो अपने पोते के कारनामों से इस्लामी इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों से लिखवा गया.

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ऐसे महान दादा के पोते स्वनामधन्य अकबर “महान” के जीवन के कुछ दृश्य आपके सामने रखते हैं. इस काम में हम किसी हिन्दुवादी इतिहासकार के प्रमाण नहीं देंगे क्योंकि वे तो खामखाह अकबर “महान” से चिढ़ते हैं! हम देंगे प्रमाण अबुल फज़ल (अकबर का खास दरबारी) की आइन ए अकबरी और अकबरनामा से. और साथ ही अकबर के जीवन पर सबसे ज्यादा प्रामाणिक इतिहासकार विन्सेंट स्मिथ की अंग्रेजी की किताब “अकबर- द ग्रेट मुग़ल” से. हम दोनों किताबों के प्रमाणों को हिंदी में देंगे ताकि सबको पढ़ने में आसानी रहे. यहाँ याद रहे कि ये दोनों लेखक सदा इस बात के लिए निशाने पर रहे हैं कि इन्होने अकबर की प्रशंसा करते करते बहुत झूठ बातें लिखी हैं, इन्होने बहुत सी उसकी कमियां छुपाई हैं. पर हम यहाँ यह दिखाएँगे कि अकबर के कर्मों का प्रताप ही कुछ ऐसा था कि सच्चाई सौ परदे फाड़ कर उसी तरह सामने आ जाती है जैसे कि अँधेरे को चीर कर उजाला.

तो अब नजर डालते हैं अकबर महान से जुडी कुछ बातों पर-

अकबर महान का आगाज़

१. विन्सेंट स्मिथ ने किताब यहाँ से शुरू की है कि “अकबर भारत में एक विदेशी था. उसकी नसों में एक बूँद खून भी भारतीय नहीं था…. अकबर मुग़ल से ज्यादा एक तुर्क था” पर देखिये! हमारे इतिहासकारों और कहानीकारों ने अकबर को एक भारतीय के रूप में पेश किया है. जबकि हकीकत यह है कि अकबर के सभी पूर्वज बाबर, हुमायूं, से लेकर तैमूर तक सब भारत में लूट, बलात्कार, धर्म परिवर्तन, मंदिर विध्वंस, आदि कामों में लगे रहे. वे कभी एक भारतीय नहीं थे और इसी तरह अकबर भी नहीं था. और इस पर भी हमारी हिंदू जाति अकबर को हिन्दुस्तान की शान समझती रही!

अकबर महान की सुंदरता और अच्छी आदतें

२. बाबर शराब का शौक़ीन था, इतना कि अधिकतर समय धुत रहता था [बाबरनामा]. हुमायूं अफीम का शौक़ीन था और इस वजह से बहुत लाचार भी हो गया. अकबर ने ये दोनों आदतें अपने पिता और दादा से विरासत में लीं. अकबर के दो बच्चे नशाखोरी की आदत के चलते अल्लाह को प्यारे हुए. पर इतने पर भी इस बात पर तो किसी मुसलमान भाई को शक ही नहीं कि ये सब सच्चे मुसलमान थे.

३. कई इतिहासकार अकबर को सबसे सुन्दर आदमी घोषित करते हैं. विन्सेंट स्मिथ इस सुंदरता का वर्णन यूँ करते हैं-

“अकबर एक औसत दर्जे की लम्बाई का था. उसके बाएं पैर में लंगड़ापन था. उसका सिर अपने दायें कंधे की तरफ झुका रहता था. उसकी नाक छोटी थी जिसकी हड्डी बाहर को निकली हुई थी. उसके नाक के नथुने ऐसे दीखते थे जैसे वो गुस्से में हो. आधे मटर के दाने के बराबर एक मस्सा उसके होंठ और नथुनों को मिलाता था. वह गहरे रंग का था”

४. जहाँगीर ने लिखा है कि अकबर उसे सदा शेख ही बुलाता था भले ही वह नशे की हालत में हो या चुस्ती की हालत में. इसका मतलब यह है कि अकबर काफी बार नशे की हालत में रहता था.

५. अकबर का दरबारी लिखता है कि अकबर ने इतनी ज्यादा पीनी शुरू कर दी थी कि वह मेहमानों से बात करता करता भी नींद में गिर पड़ता था. वह अक्सर ताड़ी पीता था. वह जब ज्यादा पी लेता था तो आपे से बाहर हो जाता था और पागलो के जैसे हरकत करने लगता.

अकबर महान की शिक्षा

६. जहाँगीर ने लिखा है कि अकबर कुछ भी लिखना पढ़ना नहीं जानता था पर यह दिखाता था कि वह बड़ा भारी विद्वान है.

अकबर महान का मातृशक्ति (स्त्रियों) के लिए आदर

७. अबुल फज़ल ने लिखा है कि अपने राजा बनने के शुरूआती सालों में अकबर परदे के पीछे ही रहा! परदे के पीछे वो किस बेशर्मी को बेपर्दा कर रहा था उसकी जानकारी आगे पढ़िए.

८. अबुल फज़ल ने अकबर के हरम को इस तरह वर्णित किया है- “अकबर के हरम में पांच हजार औरतें थीं और हर एक का अपना अलग घर था.” ये पांच हजार औरतें उसकी ३६ पत्नियों से अलग थीं.

९. आइन ए अकबरी में अबुल फजल ने लिखा है- “शहंशाह के महल के पास ही एक शराबखाना बनाया गया था. वहाँ इतनी वेश्याएं इकट्ठी हो गयीं कि उनकी गिनती करनी भी मुश्किल हो गयी. दरबारी नर्तकियों को अपने घर ले जाते थे. अगर कोई दरबारी किसी नयी लड़की को घर ले जाना चाहे तो उसको अकबर से आज्ञा लेनी पड़ती थी. कई बार जवान लोगों में लड़ाई झगडा भी हो जाता था. एक बार अकबर ने खुद कुछ वेश्याओं को बुलाया और उनसे पूछा कि उनसे सबसे पहले भोग किसने किया”.

अब यहाँ सवाल पैदा होता है कि ये वेश्याएं इतनी बड़ी संख्या में कहाँ से आयीं और कौन थीं? आप सब जानते ही होंगे कि इस्लाम में स्त्रियाँ परदे में रहती हैं, बाहर नहीं. और फिर अकबर जैसे नेक मुसलमान को इतना तो ख्याल होगा ही कि मुसलमान औरतों से वेश्यावृत्ति कराना गलत है. तो अब यह सोचना कठिन नहीं है कि ये स्त्रियां कौन थीं. ये वो स्त्रियाँ थीं जो लूट के माल में अल्लाह द्वारा मोमिनों के भोगने के लिए दी जाती हैं, अर्थात काफिरों की हत्या करके उनकी लड़कियां, पत्नियाँ आदि. अकबर की सेनाओं के हाथ युद्ध में जो भी हिंदू स्त्रियाँ लगती थीं, ये उसी की भीड़ मदिरालय में लगती थी.

१०. अबुल फजल ने अकबरनामा में लिखा है- “जब भी कभी कोई रानी, दरबारियों की पत्नियाँ, या नयी लडकियां शहंशाह की सेवा (यह साधारण सेवा नहीं है) में जाना चाहती थी तो पहले उसे अपना आवेदन पत्र हरम प्रबंधक के पास भेजना पड़ता था. फिर यह पत्र महल के अधिकारियों तक पहुँचता था और फिर जाकर उन्हें हरम के अंदर जाने दिया जाता जहां वे एक महीने तक रखी जाती थीं.”

अब यहाँ देखना चाहिए कि चाटुकार अबुल फजल भी इस बात को छुपा नहीं सका कि अकबर अपने हरम में दरबारियों, राजाओं और लड़कियों तक को भी महीने के लिए रख लेता था. पूरी प्रक्रिया को संवैधानिक बनाने के लिए इस धूर्त चाटुकार ने चाल चली है कि स्त्रियाँ खुद अकबर की सेवा में पत्र भेज कर जाती थीं! इस मूर्ख को इतनी बुद्धि भी नहीं थी कि ऐसी कौन सी स्त्री होगी जो पति के सामने ही खुल्लम खुल्ला किसी और पुरुष की सेवा में जाने का आवेदन पत्र दे दे? मतलब यह है कि वास्तव में अकबर महान खुद ही आदेश देकर जबरदस्ती किसी को भी अपने हरम में रख लेता था और उनका सतीत्व नष्ट करता था.

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११. रणथंभोर की संधि में अकबर महान की पहली शर्त यह थी कि राजपूत अपनी स्त्रियों की डोलियों को अकबर के शाही हरम के लिए रवाना कर दें यदि वे अपने सिपाही वापस चाहते हैं.

१२. बैरम खान जो अकबर के पिता तुल्य और संरक्षक था, उसकी हत्या करके इसने उसकी पत्नी अर्थात अपनी माता के तुल्य स्त्री से शादी की.

१३. ग्रीमन के अनुसार अकबर अपनी रखैलों को अपने दरबारियों में बाँट देता था. औरतों को एक वस्तु की तरह बांटना और खरीदना अकबर महान बखूबी करता था.

१४. मीना बाजार जो हर नए साल की पहली शाम को लगता था, इसमें सब स्त्रियों को सज धज कर आने के आदेश दिए जाते थे और फिर अकबर महान उनमें से किसी को चुन लेते थे.

नेक दिल अकबर महान

१५. ६ नवम्बर १५५६ को १४ साल की आयु में अकबर महान पानीपत की लड़ाई में भाग ले रहा था. हिंदू राजा हेमू की सेना मुग़ल सेना को खदेड़ रही थी कि अचानक हेमू को आँख में तीर लगा और वह बेहोश हो गया. उसे मरा सोचकर उसकी सेना में भगदड़ मच गयी. तब हेमू को बेहोशी की हालत में अकबर महान के सामने लाया गया और इसने बहादुरी से हेमू का सिर काट लिया और तब इसे गाजी के खिताब से नवाजा गया. (गाजी की पदवी इस्लाम में उसे मिलती है जिसने किसी काफिर को कतल किया हो. ऐसे गाजी को जन्नत नसीब होती है और वहाँ सबसे सुन्दर हूरें इनके लिए बुक होती हैं). हेमू के सिर को काबुल भिजा दिया गया एवं उसके धड को दिल्ली के दरवाजे से लटका दिया गया ताकि नए आतंकवादी बादशाह की रहमदिली सब को पता चल सके.

१६. इसके तुरंत बाद जब अकबर महान की सेना दिल्ली आई तो कटे हुए काफिरों के सिरों से मीनार बनायी गयी जो जीत के जश्न का प्रतीक है और यह तरीका अकबर महान के पूर्वजों से ही चला आ रहा है.

१७. हेमू के बूढ़े पिता को भी अकबर महान ने कटवा डाला. और औरतों को उनकी सही जगह अर्थात शाही हरम में भिजवा दिया गया.

१८. अबुल फजल लिखता है कि खान जमन के विद्रोह को दबाने के लिए उसके साथी मोहम्मद मिराक को हथकडियां लगा कर हाथी के सामने छोड़ दिया गया. हाथी ने उसे सूंड से उठाकर फैंक दिया. ऐसा पांच दिनों तक चला और उसके बाद उसको मार डाला गया.

१९. चित्तौड़ पर कब्ज़ा करने के बाद अकबर महान ने तीस हजार नागरिकों का क़त्ल करवाया.

२०. अकबर ने मुजफ्फर शाह को हाथी से कुचलवाया. हमजबान की जबान ही कटवा डाली. मसूद हुसैन मिर्ज़ा की आँखें सीकर बंद कर दी गयीं. उसके ३०० साथी उसके सामने लाये गए और उनके चेहरे पर गधों, भेड़ों और कुत्तों की खालें डाल कर काट डाला गया. विन्सेंट स्मिथ ने यह लिखा है कि अकबर महान फांसी देना, सिर कटवाना, शरीर के अंग कटवाना, आदि सजाएं भी देते थे.

२१. २ सितम्बर १५७३ के दिन अहमदाबाद में उसने २००० दुश्मनों के सिर काटकर अब तक की सबसे ऊंची सिरों की मीनार बनायी. वैसे इसके पहले सबसे ऊंची मीनार बनाने का सौभाग्य भी अकबर महान के दादा बाबर का ही था. अर्थात कीर्तिमान घर के घर में ही रहा!

२२. अकबरनामा के अनुसार जब बंगाल का दाउद खान हारा, तो कटे सिरों के आठ मीनार बनाए गए थे. यह फिर से एक नया कीर्तिमान था. जब दाउद खान ने मरते समय पानी माँगा तो उसे जूतों में पानी पीने को दिया गया.

न्यायकारी अकबर महान

२३. थानेश्वर में दो संप्रदायों कुरु और पुरी के बीच पूजा की जगह को लेकर विवाद चल रहा था. अकबर ने आदेश दिया कि दोनों आपस में लड़ें और जीतने वाला जगह पर कब्ज़ा कर ले. उन मूर्ख आत्मघाती लोगों ने आपस में ही अस्त्र शस्त्रों से लड़ाई शुरू कर दी. जब पुरी पक्ष जीतने लगा तो अकबर ने अपने सैनकों को कुरु पक्ष की तरफ से लड़ने का आदेश दिया. और अंत में इसने दोनों तरफ के लोगों को ही अपने सैनिकों से मरवा डाला. और फिर अकबर महान जोर से हंसा.

२४. हल्दीघाटी के युद्ध में अकबर की नीति यही थी कि राजपूत ही राजपूतों के विरोध में लड़ें. बादायुनी ने अकबर के सेनापति से बीच युद्ध में पूछा कि प्रताप के राजपूतों को हमारी तरफ से लड़ रहे राजपूतों से कैसे अलग पहचानेंगे? तब उसने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है क्योंकि किसी भी हालत में मरेंगे तो राजपूत ही और फायदा इस्लाम का होगा.

२५. कर्नल टोड लिखते हैं कि अकबर ने एकलिंग की मूर्ति तोड़ी और उस स्थान पर नमाज पढ़ी.

२६. एक बार अकबर शाम के समय जल्दी सोकर उठ गया तो उसने देखा कि एक नौकर उसके बिस्तर के पास सो रहा है. इससे उसको इतना गुस्सा आया कि नौकर को इस बात के लिए एक मीनार से नीचे फिंकवा दिया.

२७. अगस्त १६०० में अकबर की सेना ने असीरगढ़ का किला घेर लिया पर मामला बराबरी का था. न तो वह किला टोड पाया और न ही किले की सेना अकबर को हरा सकी. विन्सेंट स्मिथ ने लिखा है कि अकबर ने एक अद्भुत तरीका सोचा. उसने किले के राजा मीरां बहादुर को आमंत्रित किया और अपने सिर की कसम खाई कि उसे सुरक्षित वापस जाने देगा. तब मीरां शान्ति के नाम पर बाहर आया और अकबर के सामने सम्मान दिखाने के लिए तीन बार झुका. पर अचानक उसे जमीन पर धक्का दिया गया ताकि वह पूरा सजदा कर सके क्योंकि अकबर महान को यही पसंद था.

उसको अब पकड़ लिया गया और आज्ञा दी गयी कि अपने सेनापति को कहकर आत्मसमर्पण करवा दे. सेनापति ने मानने से मना कर दिया और अपने लड़के को अकबर के पास यह पूछने भेजा कि उसने अपनी प्रतिज्ञा क्यों तोड़ी? अकबर ने बच्चे से पूछा कि क्या तेरा पिता आत्मसमर्पण के लिए तैयार है? तब बालक ने कहा कि उसका पिता समर्पण नहीं करेगा चाहे राजा को मार ही क्यों न डाला जाए. यह सुनकर अकबर महान ने उस बालक को मार डालने का आदेश दिया. इस तरह झूठ के बल पर अकबर महान ने यह किला जीता.

यहाँ ध्यान देना चाहिए कि यह घटना अकबर की मृत्यु से पांच साल पहले की ही है. अतः कई लोगों का यह कहना कि अकबर बाद में बदल गया था, एक झूठ बात है.

२८. इसी तरह अपने ताकत के नशे में चूर अकबर ने बुंदेलखंड की प्रतिष्ठित रानी दुर्गावती से लड़ाई की और लोगों का क़त्ल किया.

अकबर महान और महाराणा प्रताप

२९. ऐसे इतिहासकार जिनका अकबर दुलारा और चहेता है, एक बात नहीं बताते कि कैसे एक ही समय पर राणा प्रताप और अकबर महान हो सकते थे जबकि दोनों एक दूसरे के घोर विरोधी थे?

३०. यहाँ तक कि विन्सेंट स्मिथ जैसे अकबर प्रेमी को भी यह बात माननी पड़ी कि चित्तौड़ पर हमले के पीछे केवल उसकी सब कुछ जीतने की हवस ही काम कर रही थी. वहीँ दूसरी तरफ महाराणा प्रताप अपने देश के लिए लड़ रहे थे और कोशिश की कि राजपूतों की इज्जत उनकी स्त्रियां मुगलों के हरम में न जा सकें. शायद इसी लिए अकबर प्रेमी इतिहासकारों ने राणा को लड़ाकू और अकबर को देश निर्माता के खिताब से नवाजा है!

अकबर महान अगर, राणा शैतान तो
शूकर है राजा, नहीं शेर वनराज है
अकबर आबाद और राणा बर्बाद है तो
हिजड़ों की झोली पुत्र, पौरुष बेकार है
अकबर महाबली और राणा बलहीन तो
कुत्ता चढ़ा है जैसे मस्तक गजराज है
अकबर सम्राट, राणा छिपता भयभीत तो
हिरण सोचे, सिंह दल उसका शिकार है
अकबर निर्माता, देश भारत है उसकी देन
कहना यह जिनका शत बार धिक्कार है
अकबर है प्यारा जिसे राणा स्वीकार नहीं
रगों में पिता का जैसे खून अस्वीकार है.

अकबर और इस्लाम

३१. हिन्दुस्तानी मुसलमानों को यह कह कर बेवकूफ बनाया जाता है कि अकबर ने इस्लाम की अच्छाइयों को पेश किया. असलियत यह है कि कुरआन के खिलाफ जाकर ३६ शादियाँ करना, शराब पीना, नशा करना, दूसरों से अपने आगे सजदा करवाना आदि करके भी इस्लाम को अपने दामन से बाँधे रखा ताकि राजनैतिक फायदा मिल सके. और सबसे मजेदार बात यह है कि वंदे मातरम में शिर्क दिखाने वाले मुल्ला मौलवी अकबर की शराब, अफीम, ३६ बीवियों, और अपने लिए करवाए सजदों में भी इस्लाम को महफूज़ पाते हैं! किसी मौलवी ने आज तक यह फतवा नहीं दिया कि अकबर या बाबर जैसे शराबी और समलैंगिक मुसलमान नहीं हैं और इनके नाम की मस्जिद हराम है.

३२. अकबर ने खुद को दिव्य आदमी के रूप में पेश किया. उसने लोगों को आदेश दिए कि आपस में “अल्लाह ओ अकबर” कह कर अभिवादन किया जाए. भोले भाले मुसलमान सोचते हैं कि वे यह कह कर अल्लाह को बड़ा बता रहे हैं पर अकबर ने अल्लाह के साथ अपना नाम जोड़कर अपनी दिव्यता फैलानी चाही. अबुल फज़ल के अनुसार अकबर खुद को सर्वज्ञ (सब कुछ जानने वाला) की तरह पेश करता था. ऐसा ही इसके लड़के जहांगीर ने लिखा है.

३३. अकबर ने अपना नया पंथ दीन ए इलाही चलाया जिसका केवल एक मकसद खुद की बडाई करवाना था. उसके चाटुकारों ने इस धूर्तता को भी उसकी उदारता की तरह पेश किया!

३४. अकबर को इतना महान बताए जाने का एक कारण ईसाई इतिहासकारों का यह था कि क्योंकि इसने हिंदू धर्म और इस्लाम दोनों का ही जम कर अपमान किया और इस तरह भारत में अंग्रेजों के इसाईयत फैलाने के उद्देश्य में बड़ा कारण बना. विन्सेंट स्मिथ ने भी इस विषय पर अपनी राय दी है.

३५. अकबर भाषा बोलने में बड़ा चतुर था. विन्सेंट स्मिथ लिखता है कि मीठी भाषा के अलावा उसकी सबसे बड़ी खूबी अपने जीवन में दिखाई बर्बरता है!

३६. अकबर ने अपने को रूहानी ताकतों से भरपूर साबित करने के लिए कितने ही झूठ बोले. जैसे कि उसके पैरों की धुलाई करने से निकले गंदे पानी में अद्भुत ताकत है जो रोगों का इलाज कर सकता है. ये वैसे ही दावे हैं जैसे मुहम्मद साहब के बारे में हदीसों में किये गए हैं. अकबर के पैरों का पानी लेने के लिए लोगों की भीड़ लगवाई जाती थी. उसके दरबारियों को तो यह अकबर के नापाक पैर का चरणामृत पीना पड़ता था ताकि वह नाराज न हो जाए.

अकबर महान और जजिया कर

३७. इस्लामिक शरीयत के अनुसार किसी भी इस्लामी राज्य में रहने वाले गैर मुस्लिमों को अगर अपनी संपत्ति और स्त्रियों को छिनने से सुरक्षित रखना होता था तो उनको इसकी कीमत देनी पड़ती थी जिसे जजिया कहते थे. यानी इसे देकर फिर कोई अल्लाह व रसूल का गाजी आपकी संपत्ति, बेटी, बहन, पत्नी आदि को नहीं उठाएगा. कुछ अकबर प्रेमी कहते हैं कि अकबर ने जजिया खत्म कर दिया था. लेकिन इस बात का इतिहास में एक जगह भी उल्लेख नहीं! केवल इतना है कि यह जजिया रणथम्भौर के लिए माफ करने की शर्त राखी गयी थी जिसके बदले वहाँ के हिंदुओं को अपनी स्त्रियों को अकबर के हरम में भिजवाना था! यही कारण बना की इन मुस्लिम सुल्तानों के काल में हिन्दू स्त्रियाँ जौहर में जलना अधिक पसंद करती थी.

३८. यह एक सफ़ेद झूठ है कि उसने जजिया खत्म कर दिया. आखिरकार अकबर जैसा सच्चा मुसलमान जजिया जैसे कुरआन के आदेश को कैसे हटा सकता था? इतिहास में कोई प्रमाण नहीं की उसने अपने राज्य में कभी जजिया बंद करवाया हो.

अकबर महान और उसका सपूत

३९. भारत में महान इस्लामिक शासन की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि बादशाह के अपने बच्चे ही उसके खिलाफ बगावत कर बैठते थे! हुमायूं बाबर से दुखी था और जहांगीर अकबर से, शाहजहां जहांगीर से दुखी था तो औरंगजेब शाहजहाँ से. जहांगीर (सलीम) ने १६०२ में खुद को बादशाह घोषित कर दिया और अपना दरबार इलाहबाद में लगाया. कुछ इतिहासकार कहते हैं की जोधा अकबर की पत्नी थी या जहाँगीर की, इस पर विवाद है. संभवतः यही इनकी दुश्मनी का कारण बना, क्योंकि सल्तनत के तख़्त के लिए तो जहाँगीर के आलावा कोई और दावेदार था ही नहीं!

४०. ध्यान रहे कि इतिहासकारों के लाडले और सबसे उदारवादी राजा अकबर ने ही सबसे पहले “प्रयागराज” जैसे काफिर शब्द को बदल कर इलाहबाद कर दिया था.

४१. जहांगीर अपने अब्बूजान अकबर महान की मौत की ही दुआएं करने लगा. स्मिथ लिखता है कि अगर जहांगीर का विद्रोह कामयाब हो जाता तो वह अकबर को मार डालता. बाप को मारने की यह कोशिश यहाँ तो परवान न चढी लेकिन आगे जाकर आखिरकार यह सफलता औरंगजेब को मिली जिसने अपने अब्बू को कष्ट दे दे कर मारा. वैसे कई इतिहासकार यह कहते हैं कि अकबर को जहांगीर ने ही जहर देकर मारा.

अकबर महान और उसका शक्की दिमाग

४२. अकबर ने एक आदमी को केवल इसी काम पर रखा था कि वह उनको जहर दे सके जो लोग अकबर को पसंद नहीं!

४३. अकबर महान ने न केवल कम भरोसेमंद लोगों का कतल कराया बल्कि उनका भी कराया जो उसके भरोसे के आदमी थे जैसे- बैरम खान (अकबर का गुरु जिसे मारकर अकबर ने उसकी बीवी से निकाह कर लिया), जमन, असफ खान (इसका वित्त मंत्री), शाह मंसूर, मानसिंह, कामरान का बेटा, शेख अब्दुरनबी, मुइजुल मुल्क, हाजी इब्राहिम और बाकी सब मुल्ला जो इसे नापसंद थे. पूरी सूची स्मिथ की किताब में दी हुई है. और फिर जयमल जिसे मारने के बाद उसकी पत्नी को अपने हरम के लिए खींच लाया और लोगों से कहा कि उसने इसे सती होने से बचा लिया!

समाज सेवक अकबर महान

४४. अकबर के शासन में मरने वाले की संपत्ति बादशाह के नाम पर जब्त कर ली जाती थी और मृतक के घर वालों का उस पर कोई अधिकार नहीं होता था.

४५. अपनी माँ के मरने पर उसकी भी संपत्ति अपने कब्जे में ले ली जबकि उसकी माँ उसे सब परिवार में बांटना चाहती थी.

अकबर महान और उसके नवरत्न

४६. अकबर के चाटुकारों ने राजा विक्रमादित्य के दरबार की कहानियों के आधार पर उसके दरबार और नौ रत्नों की कहानी घड़ी है. असलियत यह है कि अकबर अपने सब दरबारियों को मूर्ख समझता था. उसने कहा था कि वह अल्लाह का शुक्रगुजार है कि इसको योग्य दरबारी नहीं मिले वरना लोग सोचते कि अकबर का राज उसके दरबारी चलाते हैं वह खुद नहीं.

४७. प्रसिद्ध नवरत्न टोडरमल अकबर की लूट का हिसाब करता था. इसका काम था जजिया न देने वालों की औरतों को हरम का रास्ता दिखाना.

४८. एक और नवरत्न अबुल फजल अकबर का अव्वल दर्जे का चाटुकार था. बाद में जहाँगीर ने इसे मार डाला.

४९. फैजी नामक रत्न असल में एक साधारण सा कवि था जिसकी कलम अपने शहंशाह को प्रसन्न करने के लिए ही चलती थी. कुछ इतिहासकार कहते हैं कि वह अपने समय का भारत का सबसे बड़ा कवि था. आश्चर्य इस बात का है कि यह सर्वश्रेष्ठ कवि एक अनपढ़ और जाहिल शहंशाह की प्रशंसा का पात्र था! यह ऐसी ही बात है जैसे कोई अरब का मनुष्य किसी संस्कृत के कवि के भाषा सौंदर्य का गुणगान करता हो!

५०. बुद्धिमान बीरबल शर्मनाक तरीके से एक लड़ाई में मारा गया. बीरबल अकबर के किस्से असल में मन बहलाव की बातें हैं जिनका वास्तविकता से कोई सम्बन्ध नहीं. ध्यान रहे कि ऐसी कहानियाँ दक्षिण भारत में तेनालीराम के नाम से भी प्रचलित हैं.

५१. अगले रत्न शाह मंसूर दूसरे रत्न अबुल फजल के हाथों सबसे बड़े रत्न अकबर के आदेश पर मार डाले गए!

५२. मान सिंह जो देश में पैदा हुआ सबसे नीच गद्दार था, ने अपनी बहन जहांगीर को दी. और बाद में इसी जहांगीर ने मान सिंह की पोती को भी अपने हरम में खींच लिया. यही मानसिंह अकबर के आदेश पर जहर देकर मार डाला गया और इसके पिता भगवान दास ने आत्महत्या कर ली.

५३. इन नवरत्नों को अपनी बीवियां, लडकियां, बहनें तो अकबर की खिदमत में भेजनी पड़ती ही थीं ताकि बादशाह सलामत उनको भी सलामत रखें. और साथ ही अकबर महान के पैरों पर डाला गया पानी भी इनको पीना पड़ता था जैसा कि ऊपर बताया गया है.

५४. रत्न टोडरमल अकबर का वफादार था तो भी उसकी पूजा की मूर्तियां अकबर ने तुडवा दीं. इससे टोडरमल को दुःख हुआ और इसने इस्तीफ़ा दे दिया और वाराणसी चला गया.

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अकबर और उसके गुलाम

५५. अकबर ने एक ईसाई पुजारी को एक रूसी गुलाम का पूरा परिवार भेंट में दिया. इससे पता चलता है कि अकबर गुलाम रखता था और उन्हें वस्तु की तरह भेंट में दिया और लिया करता था.

५६. कंधार में एक बार अकबर ने बहुत से लोगों को गुलाम बनाया क्योंकि उन्होंने १५८१-८२ में इसकी किसी नीति का विरोध किया था. बाद में इन गुलामों को मंडी में बेच कर घोड़े खरीदे गए.

५७. जब शाही दस्ते शहर से बाहर जाते थे तो अकबर के हरम की औरतें जानवरों की तरह सोने के पिंजरों में बंद कर दी जाती थीं.

५८. वैसे भी इस्लाम के नियमों के अनुसार युद्ध में पकडे गए लोग और उनके बीवी बच्चे गुलाम समझे जाते हैं जिनको अपनी हवस मिटाने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है. अल्लाह ने कुरान में यह व्यवस्था दे रखी है.

५९. अकबर बहुत नए तरीकों से गुलाम बनाता था. उसके आदमी किसी भी घोड़े के सिर पर एक फूल रख देते थे. फिर बादशाह की आज्ञा से उस घोड़े के मालिक के सामने दो विकल्प रखे जाते थे, या तो वह अपने घोड़े को भूल जाये, या अकबर की वित्तीय गुलामी क़ुबूल करे.

कुछ और तथ्य

६०. जब अकबर मरा था तो उसके पास दो करोड़ से ज्यादा अशर्फियाँ केवल आगरे के किले में थीं. इसी तरह के और खजाने छह और जगह पर भी थे. इसके बावजूद भी उसने १५९५-१५९९ की भयानक भुखमरी के समय एक सिक्का भी देश की सहायता में खर्च नहीं किया.

६१. अकबर ने प्रयागराज (जिसे बाद में इसी धर्म निरपेक्ष महात्मा ने इलाहबाद नाम दिया था) में गंगा के तटों पर रहने वाली सारी आबादी का क़त्ल करवा दिया और सब इमारतें गिरा दीं क्योंकि जब उसने इस शहर को जीता तो लोग उसके इस्तकबाल करने की जगह घरों में छिप गए. यही कारण है कि प्रयागराज के तटों पर कोई पुरानी इमारत नहीं है.

६२. एक बहुत बड़ा झूठ यह है कि फतेहपुर सीकरी अकबर ने बनवाया था. इसका कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं है. बाकी दरिंदे लुटेरों की तरह इसने भी पहले सीकरी पर आक्रमण किया और फिर प्रचारित कर दिया कि यह मेरा है. इसी तरह इसके पोते और इसी की तरह दरिंदे शाहजहाँ ने यह ढोल पिटवाया था कि ताज महल इसने बनवाया है वह भी अपनी चौथी पत्नी की याद में जो इसके और अपने सत्रहवें बच्चे को पैदा करने के समय चल बसी थी!

तो ये कुछ उदाहरण थे अकबर “महान” के जीवन से ताकि आपको पता चले कि हमारे नपुंसक इतिहासकारों की नजरों में महान बनना क्यों हर किसी के बस की बात नहीं. क्या इतिहासकार और क्या फिल्मकार और क्या कलाकार, सब एक से एक मक्कार, देशद्रोही, कुल कलंक, नपुंसक हैं जिन्हें फिल्म बनाते हुए अकबर तो दीखता है पर महाराणा प्रताप कहीं नहीं दीखता. अब देखिये कि अकबर पर बनी फिल्मों में इस शराबी, नशाखोर, बलात्कारी, और लाखों हिंदुओं के हत्यारे अकबर के बारे में क्या दिखाया गया है और क्या छुपाया. बैरम खान की पत्नी, जो इसकी माता के सामान थी, से इसकी शादी का जिक्र किसी ने नहीं किया. इस जानवर को इस तरह पेश किया गया है कि जैसे फरिश्ता! जोधाबाई से इसकी शादी की कहानी दिखा दी पर यह नहीं बताया कि जोधा असल में जहांगीर की पत्नी थी और शायद दोनों उसका उपभोग कर रहे थे. दिखाया यह गया कि इसने हिंदू लड़की से शादी करके उसका धर्म नहीं बदला, यहाँ तक कि उसके लिए उसके महल में मंदिर बनवाया! असलियत यह है कि बरसों पुराने वफादार टोडरमल की पूजा की मूर्ति भी जिस अकबर से सहन न हो सकी और उसे झट तोड़ दिया, ऐसे अकबर ने लाचार लड़की के लिए मंदिर बनवाया, यह दिखाना धूर्तता की पराकाष्ठा है. पूरी की पूरी कहानियाँ जैसे मुगलों ने हिन्दुस्तान को अपना घर समझा और इसे प्यार दिया, हेमू का सिर काटने से अकबर का इनकार, देश की शान्ति और सलामती के लिए जोधा से शादी, उसका धर्म परिवर्तन न करना, हिंदू रीति से शादी में आग के चारों तरफ फेरे लेना, राज महल में जोधा का कृष्ण मंदिर और अकबर का उसके साथ पूजा में खड़े होकर तिलक लगवाना, अकबर को हिंदुओं को जबरन इस्लाम क़ुबूल करवाने का विरोधी बताना, हिंदुओं पर से कर हटाना, उसके राज्य में हिंदुओं को भी उसका प्रशंसक बताना, आदि ऐसी हैं जो असलियत से कोसों दूर हैं जैसा कि अब आपको पता चल गयी होंगी. “हिन्दुस्तान मेरी जान तू जान ए हिन्दोस्तां” जैसे गाने अकबर जैसे बलात्कारी, और हत्यारे के लिए लिखने वालों और उन्हें दिखाने वालों को उसी के सामान झूठा और दरिंदा समझा जाना चाहिए.

चित्तौड़ में तीस हजार लोगों का कत्लेआम करने वाला, हिंदू स्त्रियों को एक के बाद एक अपनी पत्नी या रखैल बनने पर विवश करने वाला, नगरों और गाँवों में जाकर नरसंहार कराकर लोगों के कटे सिरों से मीनार बनाने वाला, जिस देश के इतिहास में महान, सम्राट, “शान ए हिन्दोस्तां” लिखा जाए और उसे देश का निर्माता कहा जाए कि भारत को एक छत्र के नीचे उसने खड़ा कर दिया, उस देश का विनाश ही होना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ जो ऐसे दरिंदे, नपुंसक के विरुद्ध धर्म और देश की रक्षा करता हुआ अपने से कई गुना अधिक सेनाओं से लड़ा, जंगल जंगल मारा मारा फिरता रहा, अपना राज्य छोड़ा, सब साथियों को छोड़ा, पत्तल पर घास की रोटी खाकर भी जिसने वैदिक धर्म की अग्नि को तुर्की आंधी से कभी बुझने नहीं दिया, वह महाराणा प्रताप इन इतिहासकारों और फिल्मकारों की दृष्टि में “जान ए हिन्दुस्तान” तो दूर “जान ए राजस्थान” भी नहीं था! उसे सदा अपने राज्य मेवाड़ की सत्ता के  लिए लड़ने वाला एक लड़ाका ही बताया गया जिसके लिए इतिहास की किताबों में चार पंक्तियाँ ही पर्याप्त हैं. ऐसी मानसिकता और विचारधारा, जिसने हमें अपने असली गौरवशाली इतिहास को आज तक नहीं पढ़ने दिया, हमारे कातिलों और लुटेरों को महापुरुष बताया और शिवाजी और राणा प्रताप जैसे धर्म रक्षकों को लुटेरा और स्वार्थी बताया, को आज अपने पैरों तले रौंदना है. संकल्प कीजिये कि अब आपके घर में अकबर की जगह राणा प्रताप की चर्चा होगी. क्योंकि इतना सब पता होने पर यदि अब भी कोई अकबर के गीत गाना चाहता है तो उस देशद्रोही और धर्मद्रोही को कम से कम इस देश में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए.

अब तो न अकबर न बाबर से वहशी
दरिन्दे कभी पुज न पायें धरा पर
जो नाम इनका ले कोई अपनी जबाँ से
बता देना राणा की तलवार का बल

इस धूर्त दरिन्दे के पर्दाफाश के बाद, भारत के सच्चे सपूत को अग्निवीर का शत शत नमन :

कोई पूछे कितना था राणा का भाला
तो कहना कि अकबर के जितना था भाला
जो पूछे कोई कैसे उठता था भाला
बता देना हाथों में ज्यों नाचे माला
चलाता था राणा जब रण में ये भाला
उठा देता पांवों को मुग़लों के भाला
जो पूछे कभी क्यों न अकबर लड़ा तो
बता देना कारण था राणा का भाला.

उपरलिखित तथ्यों का विस्तार जानने के लिए पढ़ें:

1. Akbar – the Great Mogul by Vincent Smith

2. Akbarnama by Abul Fazl

3. Ain-e-Akbari by Abul Fazl

4. Who says Akbar is Great by PN Oak

5. http://www.hindunet.org/hindu_history/modern/akbar_vs.html

6. http://www.hindunet.org/hindu_history/modern/akbar_ppg.html

This article is also available in English at http://agniveer.com/3175/akbar/

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908 Comments on "अकबर से महान कौन?"

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Dilip

All you have written is all rubbish. What you are telling in the name of history has come from your imagination. Stop misguiding readers.

Saddam Hussain

Pratap was egoistic person. He was enemy of peace in Rajputana. He was enemy of Islam & Allah. If he was not able to rule the whole world he must have support Jallaluddin Mohammad Akabr for his mission to win the world and make India proud.

ashok singh

यही तो इतिहास की असलियथ और रहेगी ही, वोटो की खातिर ही पिछली सरकारें पिछले ६० सालों से इस झूठ को पोषित करती आ रही थी पर सच्चेइतिहास को हर भारतीय को पढ़ाया जाना चाहिये

Khan

Beta itihaskar tum apni Maa ko chod kar paida hue ho kya kyon ki itni mangadant jhuthi kathae koi maderchod hi Rach sakta hai

sam

is katha to rachne wale bhi sab muslman he hain ..so mader…………………………. kon sab muslim he hain

Abdu

Is katha ko rachne wala Abu Fazl tha aur iss karya ko karne wala akbar tha

raj.hyd
kalpit kurani allah ke ati nikatatam shri haatim ji , jab ham kuran ko ek mazahabi kitab hi nahi mante to uski baat ham kyo nahi kar sakte hai is m anch me uski bat hoti hai isliye ham is manch me bat kar lete hai hamto zakir ji ke… Read more »
Haatim
Chakraborty Bhaisaab. Hope you remembered your Indra Bhagwaan 72 Vesshaye…Bhai Sayad aap apne Indra Bhagwaan ko bhul gaye Jinke Darbaar me apsara Nirtya Nach aur aayasiya karti hai…Ye kaun sa dharm hai …jha bhagwan aruto ka nach khud dekhta hai..wo bhi sare bhagwan ke sath …ye kaun sa dharm hai.Jaha… Read more »
rahul

first indra not a bhagwan he is a dev but jo kuch bi unhone kiya uski saza bhi kati h
lekin momden to ravan ki bahan surpankha ke vanshaj h

chakraborty
Bhai ye TV serial aur Islamist version of Hinduism se bahar niklo. Devatas are not infallible. Krishna ki kahaniyaan kahaan padhin aapne, 16000 ladkiyan jinhe abduct kar liya gaya tha unhe apna naam diya tha bas. Padhna hai to padho Kundalini ke baare me, Advaita ke baare me, Swami Vivekananda… Read more »
Haatim
chalo ab dimaag ankhe aur jo kholna hai woh khol ke in sawalo ka jawab dena ki taklif karna..Aap kaun se ved ko follow karte ho, Aapka Main bhagwan hai kaun, Jiv Hatya kiw pap hain, Marne ke baad parlok kya hain, Mare huwe wyakti ki Aatma ki shanti ka… Read more »
MaheMahe
Abe puri jankari le tb bat krna tu.. Ye teri soch se upr ki bate H.. Teri smjh me hnhi ayegi kyoki tu ochha H.. Kisi hindu ne videsh me jakr loot paat nhi ki.. Na hi kisi ki patniyo ko marA..or blatkar kiya.. Atayachar krte ha tmhre dhrm k… Read more »
raj.hyd
jab khud kuran ki bato ka javab nahi de pate to prashn puchne ka adhikaar bhi apko kaise mil gaya hai ! ved ek hai uske khand 4 hai fir “kis” vali bat kaise ho jayegi ? ishvar sirf ek hai vah nirakaar hai[ vah satve asman me ek singhasn… Read more »
Haatim
ha ha ha ha… aap toh bhadak gaye raj bhaisab itna gussa sehat ke liye achcha nahi phir bekar me doctor par aapko paise kharch karne pad jayege.. Calm down. phir bhi sabhi jawab aap thik tarike se nahi de paaye aapka gyan bhi adhura hai.. main aapko saari qurani… Read more »
Haatim
Are bhau quraan start se padh kar aao mere saamne. Tumne quraan padhi? Hadees padhi hai? bas internet par jo mila who utha ke chipka diya wo suna he hoga “neem hakim khatra e jaan” waisa bilkul tumhare sath hai ____Point 2. Bhai Sanatn me koi convert nahi hota, Sanatn… Read more »
raj.hyd
kya dharm ko manane ke liye kisi paigambar ki anuivaryta jaruri hoti hai ? kuran 2/65 me to kalpit kurani allah ne insano ko hi bandar banva diya tha jara batalaiye kis” tarike” se banaye the ! ya to yah kahiye ki yah sab gapp baji thi “bandarkya jane adark… Read more »
Haatim
are wo point ki dukaan @chakraborty bhaii u know what mujhe mithun da ki yaad aati hai ‘chakraborty’ yeh name sun kar jo bike ke piche se filmo me goliya chalet, toh kabhi goli ko catch kar baithte, aur kabhi toh hadh he kardete ungli se kisi ke sar me… Read more »
sam
yaar salwalo me dam hain unke aap k javabo me damnahi ..chalo wo to gau mutar pite hain jab ki islam me camel ka mut pina likha hain ..mohmmad har marz ko apne thuk se thik kar dete the ..ha ha ha ..16000 aurte rakhi koi luti nahi kisi 9… Read more »
raj.hyd
kya dargaho me jakar “hi ” unko yaad kiya ja sakta hai apne apane gahro me yaad nahi kiya ja skata hai fir fool agarbatti chadar chahdne ke kary kyo kiya jata hai kyo vahan jakar shish jhukaye jate hai ! jab quran svayam ulti sidhi pesh ki gayi hai… Read more »
raj.hyd
kya kuran ke pathak “gadhe ” hote hai ? muhammad ji ka jivan 40 saal ki umr ke pahale achha tha baad me to bahut kharab ho gaya tha jhuth ki buniyad meto kuran hai aur uska kalpit allah hai dekhe kuran 38/75 jisme vah “dono hath” hone ka daavaa… Read more »
Haatim
Chakraborty Bhaisaab. According to Manu Smruti that is; chapter 5 verse 31 says “EATING MEAT IS RIGHT FOR THE SACRIFICE,THIS IS TRADITIONALLY KNOWN AS A RULE OFTHE GODS”….ab aap kahenge ki is suttra ko badal diya gya hain …agar badal dete to baki sutra ko kyu nhi….wo kahte hain na….firkaparsto… Read more »
sam
Haatim.. na tasay prima asthi ..per according to quran .allah pratima asti …allah sarir dari hain …allah sighasan per baitha hain to sarir dhari hua na ..allah ne aadam ko apne hatho se banaya.aadam allah k kun fiyakun kahne se anhi bana.. ha ha ha tabhi allah nikrakar hain sarir… Read more »
Haatim
yaha par un bigde huye logo ki category me tum jaise log aate hai is liye waisa saaf likh kar diya gaya hai. Point 4- toh bhau pehle quraan jakar padhlo phir sab samajh me ajayega jaza kya hai aur saza kya hai, Point 5- are u kidding me or… Read more »
Haatim
Chakraboty bhaisaab GOOD Pet me nahi aapke kahan kahan dard hoga ab dekhte jao, aapne na to quraan padhi hai aur na hi aapko uska koi knowledge hai wo padh kar dekho usme sabhi paigambar aur nabiyo ke bare me detail me bataya gaya hai, Musa kaun hai Isa kaun… Read more »
chakraborty
Ha Ha Ha arre Hatim Tai, Alif Laila, Ali baba 40 chor bhaii. Itna weak argument shayad mujhe pehli baar kisi ne diya hai. Shayad aapne taalim nahi li hai. Koi nahi, aapko Gyaan dene ki zimmedaari mai leta hun, Dhyan se padhna samajhne ke liye, jawab dene ke liye… Read more »
raj.hyd
oont ka peshab dudh me milakar pine ka adesh muahammad ji ne apne shagirdo ko diya tha dekhe hadees bukhari 8/82/794 muhamamd ji ne 50 sal ki umr me ” bibiyo ka bandar” hote hye bhi sirf 6 saal poti saman aysha ji se nikah kiya tha aur 9 saal… Read more »
Haatim
@mul ki bhool raj ji aapko khud aapka dharam pata nahi aap kya islaam ke bare me hame batlayege aap khud kabhi krishna, raam aur shankar bhagwaan ko bhi kalpit keh dete hai agar real me aisa hai ke wo sab kalpit hai toh gujrat aur kerala me jakar aisa… Read more »
chakraborty
Point 3. I have read Quran from Islamic sources and couldnt find an iota of spirituality in it, Its the most shittiest book ever written which spreads hate and promotes violence against so called non believers Point 4. Bhai Anti Islam movements are active in Europe, Just Google Pegida, EDL… Read more »
raj.hyd
adarniy shri haatim ji ,afsos ! aap hamari ek bhi baat ka javab nahi de sake ! ulta arop ap lagane ko majbur ho gaye kitnaachha hota ki aap hamari bato ka javadete huye apni bhibaat rakhte ! ” mul ki bhul ” ham nahi hai koi insan bhi nahi… Read more »
Haatim
itihaas hume padhne ki zaroort hi nhi kyunki Itihaas to humi se hain ….parhne ki zaroorat to aapko hain wo bhi aank kholke ….Chand jhoota aur nafart bhara lekh likhkar tum satya ko Aastay nhi sabit kar pawoge tum jitni bhi koshish karoge sach ko badlne ki loog utni hi… Read more »
Haatim
@mul ki bhul.. agar quraan me koi khami hai toh usey kisi islamic site par jakar apne blog post karye yah baith kar aapko kya milega ‘babaji ka thullu’_______jaise surj chaand dharti adi hamari tumhari nahi hoti hai vaise dharm bhi hamara tumhara nahi hota ! vah ek saman sansar… Read more »
raj.hyd

kuran2/6-7
saath me yah bhi to batla dijiye ki kalpit kurani allah ne yah mohar kab lagayi thi ?
vah to 1400 saal purani baat hai ham par mohar kab lagayi iska gyan ab kaun dega ?

raj.hyd
shri tauheed ji , kuran 1/3 kya kalpit allah roj ka malik nahi hai? fir yah kyo kaha ki vah badala diye jan ke din ka malik hai! badla shabd hi galat hai !! hajaro salo ke karm ka fal sirf ek din me ? aur vah bhi tay nahi… Read more »
Tauheed
Dear Mr. TRP raj@ Ayat 1/3 ke mutabik allah talha duniya ul aakhirat yani k duniya aur aakhirat ka maalik hai waise duniya me aur b kuch logo ke pass powers h aaj bhi jaise desh ke PM,Governer, Bade Industrialist, Celebrities etc. par Qayamat k roz un sab ki power… Read more »
raj.hyd
kalpit kurani allah ke sabse nikatatam shri tauheed ji , kuran 1/3 me aisa nahi likahak dadale ke din ka “bhi ” malik hai “bhi’ kyo nahi kaha gaya ? yah galti kyo huyi ? pariksha ke PRINAM SAAL BHAR ME MIL JATAE HAI ! USE BHI KAI BAR TEST… Read more »
Tauheed
agey aap khud ka he baat ka mazak udha rahe hai beshak jin logo ko train me jala kar mardiya gaya tha wo galat tha main manta hu par jo us baat ka badla lene wale jo log they wo konse dharm ke they?? Kya wo quraan ko mante they?… Read more »
raj.hyd
jaise aap rail me yatriyo ke sath huyi ghatna ko bura kahane ka sahas karte hai yah apka vivek bol raha hai jo achha kar rahe hai vahi sahas kuran muhamma d aur any islamik tariko me bhi bura kaahne ka sahas kijiye 1 samajik dosh sangati se ate hai… Read more »
Tauheed
@mr.raj! Bilkul jaisa aap jo be buniyad batein kar rahe hai rahe hai jo ke kisi bhi muslim ko pasand nahi aayega waise maine jo kaha who kisi bhi hindu samajh ke wyakti ko pasand nahi ayega aapka kehna hai ke aap mujhe samjhana kya chahte they aur main kuch… Read more »
chakraborty
Bhai Afterlife, Judgement Day, False Gods, Final Prophet, Kufr, Shirk, Prophet, Book in sab cheezon se obsessed hokar duniya me gandh faila diya hai tum logon ne. Point 3 – Quraan, Ayat 2/6,7 – Imaan kuch logon ke naseeb me nahi hai !!!!!, hahahahahaha Bhai sabhi Ko Allah ne banaya… Read more »
Tauheed
waise he aap nabi SA ke bare me jo adhuri jankari de rahe hai wo sab kabhi aapne muslim mitro se janne ka kasht nahi kiya shayad, unki puri kahani ? but dont worry ek din main aapko fursat me batauga inshah allah! Aur yeh bhi hosakta hai ke maine… Read more »
chakraborty
Tauheed Bhai – Puri Duniya ka Sabr toot raha hai, aap logon ko Non Muslim countries me secularism chahiye aur Muslim countries me sharia, aap log kisi ke saath nahi reh sakte aur Jahaan upper Hand hota hai wahan minorities ko maar dete ho. 1. aap Jews ko hate karte… Read more »
raj.hyd
purvaj koi bhi ho unke paas bhi gyan simit tha aur hamare paas bhi gyan simit hai aur ham sab adhure hai aur vah bhi adhure the 1 hamko bhi 40 sal ki umr tak ke muahamma d ji achhe lagte hai uske baad ke nahi 1 isa bhi achhe… Read more »
raj.hyd
jab kuran 38/75 me “dono hatho” ka jikar hai ! yah kalpit allah ki ek tasir[khubi] hai tab usko mudda kyo n banaya jaye ? jin kalpit devi devtao ke 8-10hath hai to hami unko bhi kalpit kahte hai lekin krishn ji raam ji ko kalpit nahi kahate hai 1… Read more »
raj.hyd
ajij prem ji ne to apni 50% punji daan kar di jo 600 karod rupayethi roza ek mah tak lagatar din me upvas rakhana ek galat baat hai vah hindu ka navrati ho ya muslim ka roza ho ya isaiyo ka 40 din ka vrat ho jab sharir me bukhar… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji , aj ke samuday koi bhi ho “ek maind set” ho chuke hai parivarik sanskaar[jahar ] mil chuke hai usse alag sochn e vale 1% bhi nahi hai apki baat ho ya hamari ho vah kyo pasand ayegi 1 ham aisi bat bhi nahi karte kivah kisi… Read more »
chakraborty
Bhai Tauheed Muhammad ne kya kiya ye kahaniyaan mat suna. Tumhare Purvaj 2 katore chawal ke liye Hatwe ban gaye aur hume tumhare saath bahut sympathy hai, Jis Mazhab me Maut ke baad Sex ka sapna dikhaya Jaata Hai 72 Hooron ke saath, Jis Mazhab ka Prophet Rapist aur Dakait… Read more »
Tauheed
@chakraborty bhaii! Nice pj…. Ha..ha…aapki jankari ke liye batadu maine yeh sab aapke dharm ke logo ke munh se he suna hai aisa, aur wahi se yeh gyan lata hu jahan se aap jaise log islaam ke bare me gyan late ho! Waise he. Aap stya hai really?? kisne keh… Read more »
chakraborty
Ha Ha Ha Ha, Tauheed bhai sahi me haste haste pet me dard ho gaya. Sahi me Vishwas ho gaya ke Islam aadmi ki Aql pe taale laga deta hai aur use andha bana deta hai. Chalo ab dhyaan se mere reply padhna, jaldibaazi me nahi. Point 1. Jews, Christians,… Read more »
chakraborty
4. Tauheed bhai – Humne 2 katore chawal ke liye apna khatna nahi karwaya, Hume aapse poori humdardi hai. Hum Bharat ke bhumiputra hain, Hum me Aryabhatta, Brahmagupta, Charaka, Sushruta, aur Bharatvansh ka Rakht beh raha hai. aap to cocktail ho. aap ke poorvajon ko mar mar ke musalman banaya,… Read more »
Tauheed
Ayat.1/3- allah talha bahot rahem karnewala hai isliye usey ‘rahman e duniya ul akhirat’ bhi kaha jata hai duniya me uski rehmat aam/normal hai jis ki wajah se kafir aur momin sabhi fayda le rahe hai, akhirat me wo sirf raheem hoga uski rehmat sirf momino ke liya khas hogi,… Read more »
Tauheed
Quraan, Ayat 2/6,7.Aap nabi SA ki shadeed khwahish thi ke sabhi musalman hojaye aur isi hisab se aap SA koshish farmate they lekin allah talha ne farmaya ke imaan in ke naseeb me nahi hai yeh wo chand khaas log hai jin ke dil aur dimaag par ‘muhar’ lag chuki… Read more »
chakraborty
Bhai mujhe pata tha tu ganvaar hai par itna zyada jaahil hai ye nahi pata tha. Please refer the below points carefully 1. Aapne bola 1% Hindus – Hindus Population in the World is 15%. If you consider Buddhism which has its origins in Upanishads, Buddhists are 7.1%. Hindus are… Read more »
Tauheed
@bhai chakchakraborty. Waise mujhe bhi pata hai ke aap bhuddiman hai par sath me ghajni bhi h yeh nahi pata tha. Maine aapse kuch sawal kiye they unka jawab shayad dena bhool gaye aur ulte mujh se he dusre sawal karne lagey, phir aapka basic knowledge jo hai wo thoda… Read more »
Tauheed
aur mushkile usi ke raste me aati hai jinme unko face karne ki himmat aur hosla hota hai, Jaise kundan bhi tap kar sona banta hai, paththar ko bhi taraash kar hira banaya jata hai. aur tum jaiso se hum log yahi umeed karte hai thookna, nanga karna bla bla..… Read more »
Tauheed
@mr.raj!  [2] draoupadi ke paanch pati nahi they thik hai toh phir aapke hisaab se ek a vivahit kanya ka paanch purusho ke sath sambandh banana kya yeh thik baat hai. aur jab uska vastra haran horah tha tab unho ne usey kiyo nahi roka ya aapke ishwar ne aisa… Read more »
raj.hyd
hamar koi “vishesh ” guru nahi hai sare sansar se apni akal ke anusar gyan lete hai 1 isa ka koi guru nahi tha , mahaveer ka koi guru nahi tha buddh ka koi guru nahi tha . nanak ka koi guru nahi tha OSHO ka koi bhi guru nahi… Read more »
raj.hyd
koi bhi pati apni patni se , koi bhi patni apne pati se , koi bhi guruapne shishy se , mata pita bi apane bachhe se 1 aur koi bhi mitr apas meapne mitro se parsh kar saket hai kathin prashn ko pariksha bhi kaha ja sakta hai ! agar… Read more »
raj.hyd
mahila ho ya koi bhi purush ho uske anek sex sambandh nahi hone chahiye! bhale hi vah dashrath ho ya muhammad ho athva koi drupadi hi kyo n ho 1 jaise koipurush yah chahta hai ki sirf meri patni mujhse hi sex karvaye vaise hi patni bhi chahati hai ki… Read more »
chakraborty
Mere Bhaii Tauheed, kahan se itna Gyan Prapt kiya, Lolz. 1. Draupadi ko Hum poojte nahi hain, Draupadi Mahabharat ke samay ki Yagya se Utpann ek naari thi jiska Vivah Arjun se hua tha. Uske shraap aur Niyati ke chalte use 5 bhaiyon se vivah karna pada. To Draupadi ka… Read more »
Tauheed
@mr.raj! sab se pehle aap ko yaad dila du ke aap he ne kaha tha ke aapke nazar me ‘manavta’ wo hai ke jaisa bartav log aapke sath kare waisa he bartava aap unse kijiye..barabar? toh jis tarah be buniyad kuch thos sabut pesh na karte huye aapne ilzaam lagaye… Read more »
raj.hyd
yani do no hath artahat insani dono haath , yah kalpit allah bhi koi muhammad ji ke mitro me ek hoga jo muhaad ka niakh zainab se karva huka hai kya ishvar kisi ka vivah karvata firta hai 1 apse ham batchit kar rahe hai is liye aapse kuran par… Read more »
raj.hyd
tuaheed ji @ apki yaad dasht kitni “tej” hai jara dhyan dijye haamne kaha tha ki “dusreke saath vahi vyavhaar karo jo apen ko pasand aye aur apm ne thik ulata kiya ki dusra joj kare uske sath vahi karo ” , arthat koi apke gha mer yahchori kare to… Read more »
raj.hyd
adarniy tauheed ji , aapne javab nahi diya ? dekhe bukharee hadees 7/62/64-65 jise aysha ji kahati hai ki mera nikah sir 6 saal ki umrme ho gaya th aur 9 saal ki umr me ham bistar[sahavaas] aur 18 saal ki umr me vidhva ho gayi ! jab muahamd ji… Read more »
Tauheed
@mr.raj. Aap jaise logo me guts nahi hote bas munh khol kar jo munh me aaya wo bol diya 2002 me gujraat me kya hua tha yeh bhul gaye aap waha pe aapke pujniya dharm valo ne jo muslim mahilao, chote chote bachho yahan tak ke jo mahilaye garbh se… Read more »
raj.hyd
usi tarah se hanumana ji ne bhi vivah nahi kiya dayanad ji ne vivah nahi kiya vivekanad ji ne vivah nahi kiya ! bhishm ke putr shantnu ne apne pita ke khushi ke liye vivah nahi kiya , aaj ke baba ramdev ji ne vivah nahi kiya ! isi tarah… Read more »
Tauheed
@mr.raj! Aap jaise lato ke bhut baton se nahi maante.. ek toh pehle aap sawal karte hai phir aap ko sahi jawab do toh usme nuks nikalne lagte hai aapko hus sab idlam ke logo se zyada pata hai aap kiw apni naak ghused rahe hai isme kya aap bata… Read more »
raj.hyd
kalpit allah ke ati nikatatam shri tauheed ji aap aur apka samuday hamse takkar bhi nahi le sakta hai 1 age kya rahenge ! jo parashnhame kiye uska to uttara ap d enah paye ulta arop aur laga diay arop bhi vahi laagta ahai ki jske paas sahas kam hota… Read more »
Tauheed
@manav. wo nukta e siyah fayel kar uske pure dil par cha jata hai nabi SA ne farmaya yahi wo zang hai jise allah talha ne bayafarmaya hai yani ke inke kartuto ki wajah se inke dilon par zang chad gaya hai aur isi qayfiyat ko quran ne ‘muhar lag… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji, kya kuran any koi dharm manti hai ? agar manti hai to saoodee arab me gair muslimo ko apne dhang se ishvar ki aradhna kyo nahi karne dete hai aur duniya bhar ke muslim saoodee arab desh ki nitiyo ka virodh kyo nah karte hai ? yah… Read more »
Tauheed
@ manav. Apne munh ka jo gutter hai wo band rakh agar maine munh khol diya na to tujhe teri khud ki izzat kisi ne lut li hai aisa feel hone lagega, tere jaise qafir ne bhi quraan dekhi hai kya padhna to dur ki baat hai aur tu jo… Read more »
Manav Dharm
@Tauhid ______________tu jo bakwas kar raha hai wo sab teri tarah bullshit hai ____________ Bhai mene niche Hadith kar parmaan bhi diya hai aur agar aap meri koi bhi baat jhuth sabit karte ho to mai apna gunah bhi swikar karunga. Mai bhi chahta hu aap mujhe meri galti bataye.… Read more »
Tauheed
@manav! Aap jaiso ke sath problem kya hai pata hai aap internet par se adha adhura gyan lekar aajate ho yeh saari batien aapne padhi kis language me English? Hindi? Toh definitely usme galtiya h aur jo bhi batein likhi huyi h internet par wo yahudi aur isayio ne likhi… Read more »
truth always prevails
truth always prevails
…Bhai Raj ji un logon me se hai jo “munh ki bawasir kahe jate hai”. Aise logon ko aap sudhar nahi sakte, aap bas inhe bata de ki sach kya hai, waise munh ki bawasir ke liye aap kya ker sakte hai, agniveer site per jitne bhi articles hai sab… Read more »
raj.hyd
agar aap hamko nav bharat times ke apna blog me hamko nahi dekhpaye to aap ki yah nadani jhalkti hai! darwin ke likhn e me hamse galti ho sakti hai kyo hamko angreji ka gyaan nahi hai ! baki apki dharnaye hai jo apki marji ho vah likhe
raj.hyd
shri tauheed ji kuch log kahate hai ki “darvin ” ne kaha tha ki “bandar” se vyakti viksit hote hote manushy ban gaya hai aur kuran ne uska ulta kar ke dikhla diya 1 to kripya apki kripa ho jaye to , ya koi bhi islamik vidvan ya sabhi islamik… Read more »
Tauheed
@mr.raj aap kitne saal purane hai omg! Bandar ke zamane se aaj tak hai aap toh ‘adhbut’ hai waise jab aap aaj bhi jab hanste hoge toh logo ko yeh dekh zarur lagta hoga k insaan pehle bandar tha… aur ab naraz mat hona q ke agar aap ko gussa… Read more »
raj.hyd
tauheed ji kabhi apne bandar ko hanste dekha hai ? hamto to nahi dekh sake ap jyada saubhagyshali lagte ha i hamko gussa hone ki jarurat nahi padti hai, ham santosi kafi hai 1 darvin se hamari bhi mulakat nahi ho saki hai ! afsos ! kuran saty hoti? lekin… Read more »
Tauheed
Adhbut mr.raj! Aapne Waise ekbaar khud kaha tha ke aapka pura education school me nahi hua tha agar school me hojata tab aapko samajh me aajata, jab koi shishya galti karta hai toh uske guru usko galti ki saza is tarah dete hai ke usko zindagi bhar yaad rahe aur… Read more »
Manav Dharm
@Tauhid/ Faizi/Truth Always prevails Bhai aap Shrimaan Raj ji ke pichhe pade ho Jabki unki personality Muhammad se lakh guna Acchi hai. Unhone kisi 8 varsha ki kanya se nikah ke naam par rape/balatkar to nahi kiya.. Unhone apni beti samaan bahu se nikah ke naam par rape to nahi… Read more »
raj.hyd
kalpit kurani allah ke ati nikatatam shri tauheed ji, yah saty hai ki hamne kisi vidyalay me shiksha nahi prapt ki hai apne hi ghar me anek shikshako se thodi bahut shiksha li hai ! visyalayo me guru kis tarh kin saja dete hai vah hamare gyaan me hai bahuto… Read more »
truth always prevails
truth always prevails
@RAJ…Maine to apni problem bata di ki mere pas aap ke jaisa faltu samay nahi hai, agar waqai bat karni ho to WhatsApp per chat karen. Main pahle post Karun fir reply ke liye agle din ka wait Karun itna faltu time nahi hai mere pas. Aap itne hi intelligent… Read more »
raj.hyd
agniveer ji hamare kuch lagte nahi hai unki is saite ki TRP badhe athva n badh e hamko is baat se koi matlab nahi hai . ham sarvajanik baatchit chahate hai ! ham nabhata [nav bharat times] ke apna blog me ”samolochna” stambh menity likhte hai aap us manch me… Read more »
truth always prevails
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Raj(andho me kanwa Raj(Raja)…Bhai sahi se likho navbharat times me kahan per main wahi per tumse chat kerna chahta hun

raj.hyd
jab aap navbharat taims ko kholenge tab apko “vichar” namak “pvaint” dikhega usko k bhi kholiye tab apko “apna blog “milega fir usko kholiye usme anek vyaktiyo ke lekh milenge usi me se hamar “samalochna”” om ” bana hua stambh bhi milega aj ka lekh” ab viman me bhi chipkali… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji , ham to paidayshi zahil hai aap to kuran ke ati niktatam gyaani vyakti hai ! jo gyani hota hai usi ka kartavy hota hai ki vah zahil vyakti ki zahilta dur kare 1 quran virodhiyo ko kuran ke ati nikat laye ! kuran me dubo de… Read more »
Tauheed
@mr.raj! Aap ne jo 2/65 ki bat ki to main ne 2/73 tak jo tafseer likhi hai usme he uska zikar hochuka hai aur bandar ban jao yani real me bandar banjane ko nhi kaha gya hai is liye jo detail me kuraan sharif h wo padh kar mere samne… Read more »
raj.hyd
parvardigar taauheeed ji , apne 2/62 , 65 ki tafsir nahi pesh ki thi balki2/ 67-73 ki pesh ki thi hamko tarkik uttar chahiye tafseer nahi ! agar saty me bandar aur suar banane ki bat nahi hai to kuran ki vah aayat galat kahi jayegi 1 kya kurani allah… Read more »
truth always prevails
truth always prevails
@Raj…Bhai agar tumhe sahi me tmhare sare sawalo ka jawab chahiye to mere no. +919716129106 per WhatsApp per chat kero, agar tum sahi me truth seeker ho to , nahi to Agniveer ke site TRP badhate jao. Mere pas itna time nahi ki pahle post karun phir agle din reply… Read more »
raj.hyd
hamara to apse isi manch par parichay hua hai to kyo n isi manch me hi bat kar li jaye ? ham sirf apna bhala nahi chhate hai bahuto ke sath hamara bhi bhala ho is manch ki bate to any log bhi jan sakte hai aur phon se sirf… Read more »
tauheed

@ mr. raj! ha ha ha ha aap me guts nahi hai yeh saaf kahiye face 2 face aane ke yeh sab bahane hai aapke aap ek number ke fattu ho

raj.hyd
shri tauheed ji ! huzure aalaa !! hamto za hil vyakti hao ham kuran ke ati nikatatarm vyaktiyo ka mukabla kaise kar payenge ???/? afsos! aap to “kurani insaniyat” bhi nahi sikhla pate aur n hamko janvar banva pate hai kam se kam un bato ka uttar to dedijiye 1… Read more »
Tauheed
@mr.raj. aap kale kawwe ko lakh safed powder lagao usko cream lagao ya phir usko chahe jitna chune me dubokar rakho wo gora nahi hone wala ya fir kabutar nahi banjayega wo kawwa he rahega waise he aap kawwe ho aur usey kya khana pasand hai yeh bhi aapko pata… Read more »
raj.hyd

bahut achhe yahi baat ap par lagoo hoti hai !

raj.hyd

tauheed ji kuran 2/41 me bhi gair muslimo ko kuran na padhne ka adesh nahi hai aap fir se kuran ke nampar jhuth likha hai ! usmeto yahjarur likha hai ki tum inkar karane vale mat bano !

Tauheed
Kya khaak padha aapne isiliye aapko na sirf main balke koi bhi vidvan jahil he kahega koi baat nhi ek bar aur padiye aur phir bhi samajh me na aye toh apne bina hath wale ishwar se puch lijiye. 2/41 isme allah talha kehta hai ke is kitaab par imaan… Read more »
raj.hyd

is ayat ,me yah kahaa nlikha hai ki gair muslimo ko kuran mat padhne do

Tauheed
Agar aapko mayne samajh nahi aate to kisi vidvan se padvalo ‘ iska hargiz yeh matlab nahi hai ke agar zyada qeemat mile toh usey bech do, balki matlab yeh hai ke allah ke ahkamaat ke muqable me duniya me milne wale munafe ko ahmiyat na do’ isme clearly likha… Read more »
raj.hyd

hamara kuran 2/41 ke sandarbh me sirf itna kahan a hai ki isme yah nahi kaha gaya hai ki “gair muslimo ko kuran nahi padhane do” ka adesh nahi likha hai

truth always prevails
truth always prevails
@tauheed…Bhai ye Jo Raj naam ka banda hai na bilkul nadan hai, islam ke bare me WO aise question puchta hai Jo mai aur aap bachpan me apne parents aur Hafiz ji she pucha karts the, Raj ji un namuno me se hai Jo puchte hai alphabets me A ko… Read more »
Tauheed
@mr.raj…. 2/67-73 ‘yahud’ ye ba maani muhabbat ya ba maani tauba se bana hai aur yahoodi yeh naam asal me tauba karne ya ek dusre ke sath muhabbat rakhne ki wajah se padha hai is liye jo log hazrat musa As ko maante hai unhe yahud kaha jata hai. jab… Read more »
raj.hyd
jab musa maujud the kalpit farishto ki”fauj ” maujud thi to us mare huye vyakti ke hatyare ka nam kalpit allah n e unke madhyam se kyo nahi batla diya ? gaay ki hatay ki jarurat kyo padi kya gaay ke mans koi bhi insaan jivit ho sakta hai ?… Read more »
Tauheed
@mr.raj. wakayi aapse baat karne se behtar hai ke kutte ki doom ko sidha karna q ke aap to wo poison ho jo ajkal milna b band hogaya hai ya agniwar k dalaal ho isliye yaha pe he hamesha rehte ho aap me na to dum hai aur na he… Read more »
raj.hyd
tauheed ji@ apki majburi hai ki aap kuran ke viruddh kuch likhe ka sahas nahi kar sakte bhale hi vah kitni jhuthi bat hi kyo n ho “atarkik ” bhi kyo n ho 1 aur ham koi bhi kuran kia ayat ho agar vah achhi hogi to uski tarif karne… Read more »
raj.hyd
tauheed ji , ap bhale hi hamkom kutte ka udaharn de lekin ham apke liye iska pryog nahi karenge jab aap apni buddhi se baat karne me asfal ho jate hai tab apko bhi khees nikale ka koi tarika to kahan a hi hoga ! agar ham jahar hai to… Read more »
Tauheed
@mr.raj kon kya hai wo saaf dikhayi de raha hai. Aap khud ko shant swabhavi kehte hai par aap ki baton se saaf tor par aapka krod wyakt hota hua dikh raha hai. Aap ko alif be jim se shuruat karni hogi abhi aap quran k mamle me kacche hai… Read more »
Tauheed
 isliye chahe chupa kar ya khule aam ho har jagah acche kaam he kiya karo kiyu ke agar kabhi kisi waqt wo logo ke samne zahir bhi hojaye to sharmindagi na ho balke aapke ahetraam aur waqaar me izafa ho, aur badi/burayi kitni bhi chup kar he na ki jaye… Read more »
raj.hyd
achhe kam karne chahiye yah apki achhi bat hai ! yani alla h ko apna sabut usko mar kar fir jinda karke dena hota hai? y hdharti sury adi ko dekh kar ,hamare apke jvit aur marta hua dekhkar sabut kya kam padte hai ? batlaiye saty kise kahate hai… Read more »
truth always prevails
truth always prevails
@tauheed…Bhai ye Jo Raj naam ka banda hai na bilkul nadan hai, islam ke bare me WO aise question puchta hai Jo mai aur aap bachpan me apne parents aur Hafiz ji she pucha karts the, Raj ji un namuno me se hai Jo puchte hai alphabets me A ko… Read more »
raj.hyd
ja kisi ke paas thik se javab nahi hota to virodhiyo ke liye apni khees aise hi nikalni padti hai vahi aap kar rahe hai ! kuran tarkik kyo nahi , agar ved galat hai to usko mat man iye koi jaruri nahi hai ved ki sabhi bate saty mani… Read more »
Tauheed
@mr.raj.waise aap ne mujh se kuch sawal kiye they ya dusre lafzo me kaho to kuch galat jawab diye the toh yaha aap ke sawalo k kuch jawab 2/54 Yeh waqiya tab hua jab firaowniyo (jo ke firown ke pairokar/manne wale they) se bachkar unse chutkara pane ke baad bani… Read more »
raj.hyd
jinhon kuranki tafseer [vyakhya] likhne ka sahas kiya tha unhone likha hai ki suba h se dopahar tak 70 hajar vayktiyo ki hatya ho chuki thi 1 DEKHE IBNE KASEER pej 21-22 lekhak faijul devband , aaz mutt faseer pej 175 tafseer majahree pej 121 lekhak – allama kazi muhamamd… Read more »
Tauheed
@mr.raj bla bla bla bla…. will u shut the hell up! U know what aap sycho malum padhte hai jo khud he sawal kar rahe hai aur khud he jawab de rahe hai aap ke liye kuch aur bhi likha hai quran sharif me ke jab koi banda gunah karta… Read more »
raj.hyd
sri tauheed ji @ apne virodhiyo ko gali dena kuran ki adato me shumar hai isme apki baat bhi nayi hahi hai ! galti aapki bhi nahi hai yah bat to kuran ke sanskaro se aise hi milte hai jab hamne 2/54 ki baat kahi to apne kaha ki ap… Read more »
Tauheed
@mr.raj. aap na bhaukhla gaye hai yeh saaf aapke baton me jhalak raha hai aap hamare grantho ka mazak udate hai hamare pyare nabi aur allah k bare me anap shanap bolte rehte h wo aapko aapka dharm sikhata hai wah wah jai ho aise dharam ki aur maine do… Read more »
raj.hyd
tauheed ji ! jo gair muslim hai unke dilo ke bhi opreshan chiktsak karte hi hai jara unse puch lijiye ki unke dilo me koi kala dhabba milta hain ki nahi kam sekam kuran ke andhe bhkat to mat baniye jara uski janch kar ljiye 1 hambahut shant rahate ha… Read more »
Tauheed
@mr.raj aap shayad mand buddhi hai kala dhabba lagjata hai matlab ke dil kala hogaya hai aisa dikhayi nhi padta uske dil par acchi baton ka asar nhi hota aapko aadam aur hawa ka bhi kissa bataya hai aur surah bakra ke apke jo 2/54 aur 2/67-73 Ka bhi tarjuma… Read more »
Manav Dharm
@Tuahi ________________hamare pyare nabi aur allah k bare me anap shanap bolte rehte h wo aapko aapka dharm sikhata___________ Dharm Qya hota hai pahle ye jaano. Aapne Islam ko Dharm Qyo kaha? Kripya detail me bataye. To vyakti 8-8 saal ki bachhiyo ko bhi nikaah ne naam ap apni havas… Read more »
Tauheed
@man. Tum ne yeh sub manghadan kahiniya banakar likhi hai zara yeh batane ki takleef karoge ke kis islamic book me aisa likha hua h ya kis dharmic kitab me ye likha hua h kuch sabut hai? bas munh ka gutter khola aur bol diya kehne ko main agar kaho… Read more »
raj.hyd
kahni jhuthi hai ! tauheed ji kitni kuran ki bate batlaye jara in sabke uttar de dijiey baki aur kuran ki bate pesh kar denge ! “khuda ki kitab ko dekh kar hi khuda se munkir [inkar karnevali ] hui hai duniya jis khuda ka aisa ilm[gyaan ] ho, vah… Read more »
Tauheed
@mr.raj. aur aap ne jab quran khol kar thik se padhi hogi tab aapko yeh sab pata hoga na ke aane wale daur me log kis speed se gumrahi ki taraf badhege yeh bhi usme saaf likha gaya hai..chahe wo kisi bhi dharma ke log ho wo galtiya karege he… Read more »
raj.hyd
har zamane me vyakti kaharab rahe hai quran ke pahale ke bhi aur quran ke baad bhi fir kuran ki baat kaun si mahatvpurn ho gai 1 dono hath ka jkar quran me padha tha n ki sholy film se itihas ki bate itihas karta jyada jante hai hamare paas… Read more »
Tauheed
@mr.raj arey wohi toh quran me sab batlaya gaya h ke jab se duniya me insaan aaya hai tab se acche r bure dono insaan ate jate rahe hai aur fir aap he ne ye bat ki thi k aapke ishwar ke dono hath bhi nahi hai isliye maine thakur… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji.@ jo baat samany hai agar usko kuran ne bhi dohara diya to kaun si badi baat ho gai? janvar hans nahi pata aisi bate to samany hai ? kalpit kurani allah ke ‘dono haath” kyo hai uska to uttarade dihye ? ap bhi batlaiye ki kalpit allah… Read more »
Tauheed
@mr.raj. Aapko shabdo se khelna acche se aata hai yeh bat main janta hu thik hai jab aap ke paas koi jawab nahi rehta dene k liye tab aap aisa bol kar patli gali se khisak lete hai ke ‘aap devi devtao ke liye jab ham” kalpit “shabd kah kar… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji , shabdo se khelna apkoata hoga ham sirf vichar det hai ! hanne anek kuran ki ayate pesh ki hai kya aape unka javab de diaya ? geeta aur ved adi ki galtiya aapke samne rakhne se kya laabh hoga kya unka javab aap denge? jab kuran… Read more »
Tauheed
@mr.raj! Kya hota hai na jis ko jaise sanskar milte hai waise uske karya hote hai.. teacher ka kaam hota h gyan dena aur uske studend ka kaam hota h gyan lena to wo phir us gyan ka upyog kis tarah karta h yeh us student par depend karta h… Read more »
raj.hyd
2/20…….. agar a llh chahata to unke suune aur dekhne ki shakti bilkul hi chin leta , nisandeh allah ko har chij ki samarthy prapt hai ! kuran ke ane ke baad hajaro pidhiya gujar gayi aur kai arab ki jan sankhya kalpit kurani alalh ko mahi manti hai fir… Read more »
raj.hyd
“homo” hai ? “bechara” vah kalpit farishta jankari milneke baad us gandi basti me kyo jata ? kyo apni hansi ijjat udvata ? kya insab baato se lagta hai koi gambhir gyani ka updesh chal raha hai ? ya koi tatv sikhlaya ja raha hai ? jisse musllmo ki jindgi… Read more »
raj.hyd
[3/6] kya yah kalpit kurani allah ki nirasha ya krodh nahi dikhata ? 3/7 alalh n e unke dilo, kan, ankho me muhar lag di hai , unke liye badi yatnahai ….. kya yah ataychar ki nishni nahi hai ! kya vaykti me badalav nahi ata ? buddh ji mahavur… Read more »
raj.hyd
tauheed ji @ adhyapak ka kaam gya n dena hota hai aur saath me shishy ki galtiya batlana bhi aur usse sudhar karvana bhi ! kuran ke gyaan me” bhi “dosh hai uski buniyadi bhule hai tab kuran ko dosh kyo nahi diya jayega ? samajme sa bhi kitabe achhi… Read more »
Tauheed
@mr.raj! toh main aapko batadu ke aap jaise na jane kitne aaye aur chale gaye par kisi “mayi ke laal” me dum nahi ke duniya me quran ka kuch bigad sake maine pehle bhi kaha hai aap sirf munh ka baazar karna jante hai aap jo kehte hai ke Is… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji ! aapki yah baat sahi hai ki ham jaise bahut se aye aur chalegay ….. duniya me ki maai ka laal quran ka bigad nahi saka hai 1 ab yahi bat ulata bhi kar lijiye kin1435 saal baad bhi quran is duniya se murtipuja sampt nahi kar… Read more »
Tauheed
@mr.raj! Ek baat batadu aapko maine aapse kaha tha k aapke devi devtao ke hath me weapons kiw rehte h hamesha aap itne ishwar bhakt hai toh phir aap q nhi is sawal ka saral jawab de paye ya dusre lafzo me kahu toh sach q nhi maan paye yehi… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji @ devi devtao ke liye jab ham” kalpit “shabd kah rahe hai tab aap batalaye ki yah baat dil se huyi ya dimag se ! hamare abhibhavak mar chuke hai , unke marne ke kuch samay baad se ham lesh matr bhi unke divane nahi hote !… Read more »
Tauheed
@mr. raj !Hum jante hai mr. raj k future me is desh ka PM tak banne ki yogyata aapme hai.. baki quran aur islaam ke bare me aapki kya rai hai wo ek taraf side me rakh do q k aap ka gyan usme adhura hai to aap ko usme… Read more »
raj.hyd
tauheed ji ! apka anuman galat hai ham kisi bhi rajnaitik parti ke sadasy bhi nahi hai hamko rajniti karni bhi nahi ati hai fir ham desh ke P M kaise ab sakte hai aap kab se bhavishy vakta ho gaye yah aap jarur batlaiyega kuran to apke jivan ki… Read more »
Tauheed
@mr.raj! Quran ko lekar jo aapne sawal kiye they uska uttar maine usi quran me kahan par hai wo aapko bata diya par ab usme mera kya fault h k aap ke paas urdu translated quran nhi h ya fir aapko urdu nhi aati toh isme main kya karsakta hu… Read more »
raj.hyd
jis nirakar ishvar ko hamne mahasus kiya hai usme yah sab dosh nahi hai uske” dono hath’ bhi nahi hai jo kalpit kurani allah ke hai kuarn 38/75 1 yah saara sansaar kam se kam kai lakh salo se insan rahate hai tabhi se hamare purvaj bhi hai aur baad… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji @ ham sirf hindi bhasha jante hai baki nahi angre ji kuran ka anuvad bhi dusre se samajhkar teli kar lete hai 1 ab jin islamik vidvano ne hindi me kuran ka anuvad karne me hoshiyar the unke anuvad ki buniyad par ham kuran ki alochna kar… Read more »
Afridi
Ha ha haa Mul ki bhul @ raj ji Manu smiriti me bhi milawat ki gyi hain…matlab jo suttra tumhe accha lage wo haqiqat aur jo khraab usme milawat ..wah bhai wah kya baat hain…Amma kabhi to jaake ved ki kitabo ko aur unke suttro ko samjhne ki kosish karo…Tumhare… Read more »
raj.hyd
afreedi ji @ jab 4 haath vale devi – devta ko kalpit kahe ja sakte hai to kuran38/75 ki ayat ke anusar” dono hatho vale ” kurani allah ko kalpit kyo nahi kaha ja sakta hai kurann ko mul ki bhul bhi kyo nahi kaha ja sakta hai kya aap… Read more »
Afridi
Ha ha haa Mul ki bhul @ raj ji Manu smiriti me bhi milawat ki gyi hain…matlab jo suttra tumhe accha lage wo haqiqat aur jo khraab usme milawat ..wah bhai wah kya baat hain…Amma kabhi to jaake ved ki kitabo ko aur unke suttro ko samjhne ki kosish karo…Tumhare… Read more »
truth always prevails
truth always prevails
Mr. Raj Hi(self claimed intellectual)… Maine apke do prasno ka uttar diya hai, 1)- Quran ek bar me reveal kyun nahi hui, 2)-muhammed me kalima kyun nahi padha Aap mere ek prasn ka uttar dijiye ki jitne bhi creature hai including human ko kisne banaya, kaise banaya aur kyun banaya……answer… Read more »
raj.hyd
truth……ji @ aapne hamare kisi bhi prashn ka uttar nahi diya ! hane puch tha ki —– kalpit kurani allah ne is kaaynat [brahmand ,srishti] ko bana eke pahale kya karta tha ! kalpit kurani allah ki kuran ki ayate kalpit fairshta “kis tarike se ” lata tha [kis vaahan… Read more »
Afridi
Ha ha haa Mul ki bhul @ raj ji Manu smiriti me bhi milawat ki gyi hain…matlab jo suttra tumhe accha lage wo haqiqat aur jo khraab usme milawat ..wah bhai wah kya baat hain…Amma kabhi to jaake ved ki kitabo ko aur unke suttro ko samjhne ki kosish karo…Tumhare… Read more »
raj.hyd
ji haan ! kitab koi bhi ho uske jo baat achhi lagegi bas vahi baat many hogi bakki nahi 1 ham apa jaise muslimo ki tarah kisi kitab ke gulam nahi hai ! ham kisi ke bhi prati” andha”imaan nahi rakhte hai ! ham hargij murtipujak nahi hai ! kya… Read more »
Afridi
Mul ki bhul @ raj ji Muh khola bahk se bola are bolne se pahle zra to tula…Mul ki bhul raj ji..ha ha ha yaar tum to Muh ke Daroga ho jab bolte apni parvarish kaisi kiya aapke manwata wale ghar ne zaroor bta dete ho jaise..Kalpit ..bla bla..ye apki… Read more »
raj.hyd
jo paakhandi hai vah hamare marg darshak nahi hai ! jo pakahandi hai unke prati aapke vaichar bahut a chhe hai ! kaash ! aise hi vichaar un muslimo ke liye bhi hote jab kuran hi kharabhai to muahmma d ji kaise achhe ho sakte hai jins e muhamma d… Read more »
Manav Dharm
@Truth Always Prevails _______________jitne bhi creature hai including human ko kisne banaya, kaise banaya aur kyun banaya________________ Allah ne sabhi ko Iss liye Banaya taki ye sabhi Allah ki Ibbabat kar sake. Agar Wo Isko karne me fail ho jate hai to Qurani Allah sabhi ko narak me dal deta… Read more »
Afridi
Mul ki bhul @ Raj ji…Wo kahte hain na …Afsos hota hain teri bewqufi pe aai Agni ke Bhaqt …Tu samjh hi nhi saka ..Ya to Smajhna hi nhi Chahta kya sahi hain aur kya hain Galat….Accoriding TO Qurane Pak ..Kuch log aise bhi honge jinke Dilo par gard zma… Read more »
raj.hyd
afreedi ji @ afsos hamko hota hai ki aap anek baar is mach ko chod kar bhag jate hai ! abhi ap jaise kai logokka buddhi ka dvar 1-2 % ke aspas khul saka ha baki nahi! jo prashn aap hamse kar rahe hai usi tarah ke parshn kuran se… Read more »
Manav Dharm

@Truth Always Prevails (Satya Hamesh Rahe)

Bhai Jab Islamic Kalima Sanatan/eternal Nahi hai to wo hamesha kaise prevail/ sdev rah sakta hai? To aap kon se sach ki hamesha rahne ki baat kar rahe hai.

Tauheed
@mr.raj! phir baki aap ki marzi hum kisi par zor zabardasti nahi karte aur har ek ko apne pasand ki life guzarne ka pura adhikaar hona chahiye. par maine aisa isliye kaha Q ke jab bhi koi building tayyar ki jati hai toh khas tor par uske foundation par dhyan… Read more »
raj.hyd
tauhee ji 1 jo apki nazar me islami vidvan hone daava karta ho use hamari di huyi apatti janak kuran ki ayato ke vishay me baat kijiye jo uttra apko sahi lage vah javab aap hamko de sakte hai hamko iski koi jaldbaji nahi hai ! abapko bhi sochna chahye… Read more »
raj.hyd
tauheed ji @ aap hamko ek andh vishvas kuriti pakahd sikhla rahe hai usko ham kai se man sakte hai1 afsos aap abhi tak manvta hi nahi samajh paye jindgi me aur kya sikhenge manvta islam adi se bahut oopar hai ! manvta kisi ko gulam nahi banati hai !… Read more »
Tauheed
@mr.raj! Main jo keh raha hu aap usko samajhne ki koshish he nahi kar rahe hai aur najaane konse manavta ki baat kar rahe hai aap! Yahi toh fark hai mujhme aur aap me! maine gita me jo points nikale wo sirf aap ko dikhane ke liye, mera aisa kehna… Read more »
Tauheed
@mr.raj! Aap khud na toh mere sawal ke jawab de paye hai (ke aap ke hisab se dharti par sabse pehle jo log aaye they un ke naam kya they) aur na he yeh samjha paye hai ke aap yeh sab karke kya jatlana chahte hai aur phir baccho jaise… Read more »
raj.hyd
adarniy sri tauheed ji ! quran ki asliyat jo samaj me chipi huyi hai usko ujagar karna bhi ek achha kary hai ! hamne batlaya thak srishti ke arambh me anek vyakti huye the vah sab vikhyat nahi the samany vyakti the , tab unke nam ka koi mahatv nahi… Read more »
Tauheed
(Q ke agar swimming sikhni hai toh pehle paani me utarna padhta hai kinare bar baith kar ya swimming ke related books padh kar swimming nahi sikhi jasakti waise he jab aap muslim ban jayege toh aapko sab samajh me aane lagega) Aap khud konse dharm ke hai yeh bhi… Read more »
raj.hyd
tauheed ji @ hamare liye vyaopar dusre darje me hai pahala kary andh vishvaso ka virodh karna hota hai1 ek prabhvshali neta ne kaha tha ! jiska rashtriy T.V me adhikar tha ! achhe din ane vale hai ka nara rajnaitik hai ! jab “garibi hatao” ka nara lagakar satta… Read more »
Tauheed
@mr.raj Aapke prashno ke uttar kahan par hai wo maine bata diya wo ayaat itni badhi h ke mujhe type karne me 5 se 6 din aur aapko samjhne me 6 saal lag jayege fir bhi samajh me nahi ayegi aapke aur mujhe batayiye uske bad kya aap islam ko… Read more »
raj.hyd
tauheed ji ab aisa lagta hai ki aap hamse baatchit karte- karte thak chuke hai tabhi apke tevar bhi badal chuke hai ! madarse ke chatr bhi aisa bolte rahate hai ! fir bhi apko aisa karne ka bhi pura adhikaar rahega har vyakti ko galat kary karne bhi adhikaar… Read more »
raj.hyd
tauheed ji ya any koi “maai ka lal “muslim batalaye k iyah kalpit kurani allah ke” dono haath” kis mata ji ke garbh me bane the kyki sharir ke ango ka nirman ato matav jike garbh meho hote hai 1 hamne bahut si kuran ki bahkt muslim mahilao ke bich… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji jab hamane kuran par rok ki bat kahi thi tab apko bahut taklif huyi hogi aaj B.B.C hindi [intarnet ] me dekh lijiye needarlaind ke islam virdhi neta ne bhi apne desh me kuran par rok lagane ki mang kar di hai vah T.V me muhamma d… Read more »
truth always prevails
truth always prevails
Manniye mahodaya Raj ji(self claimed intellectual) 1). Kyun Quran ek bar me reveal nahi hui Ans..Quran ki ayats me logon me sawalo ka jawab diya gaya hai , Jo us time ke kafir aur mushrik log pucha karte the jaise ruh (spirit) kya hai, ashabe kahaf kaun the, Cain aur… Read more »
Manav Dharm
Tahid/Faizi Islam ke anusar qyamat ke din Allah faisla karega kon jannat me jayega aur koin dojakh me jayega. Tab tak log apni kabro me rahenge. Phir log kaise qyamat ke din se pahle hi dojakh or jannat me pahuch gaye. Krpiya iss hadis ko padhiye jaha muhmmad kah raha… Read more »
Tauheed
@pata nahi konsa par manav dharma u know what jab main manav ye name sunta hu to mujhe ‘dhamaal’ movie k aadi manav ka manav yad aata h so “shut the hell up” .jab qayamat ayegi na toh tum jaise log he first row me khade hoge to tumko  tabhi… Read more »
raj.hyd

agar hamne kuran nahi padhi hai to ap is khushfahami me rahne ko azad hai ! jo prash hamne rakhe hai uska javab aap hi de djiye

truth always prevails
truth always prevails
@rRaj…. Apna question pucho aur usi se related bahas hogi, ek bar me jitne question ho sab pucho . tmhari adat hai ki tum ek bar me ek question puchte ho aur jab answer de do to unrelated duniya bhar ki bate karte ho, so now, ask one question for… Read more »
raj.hyd

kaynaat banane ke purv kalpit kurani allah kya karte the?
batlaiye kuran ki ayate ki tarike se aayi kis vahan se kalpit farishte asman se se dhrti me ate the ?

Tauheed
@mr.raj aapki yad dasht bahot kamzor hai! muhar aur stamp ka muddha uthaya kisne maine ke aapne! Zara apni buddhi par zor daliye..aur baat samjhane me aap asafal huye jab koi jawab nahi mila toh devi devtao k hathiyar ko raksha karne ka bahana bataya khud aap ek bhi baat… Read more »
Manav Dharm
@truth always prevails Bhai truth qya hai? Aur konsa truth always pevaills / sdev/nitya rahta hai? Kewal eternal/snatan truth hi hamesh rahta hai. Islamic Kalima to eternal/sanatan nahi hai to wo kaise hamesha rah sakta hai? Kisi bhi vaykti ko musalmaan banne ke liye kalima bolna padta hai lekin muhammad… Read more »
truth always prevails
truth always prevails
@manav dharma….Bhai mujhe to ab lagta hai yahan bewakufo aur pshyco ka pura mela laga hua hai, Bhai pahle internet per ja ker kalima ka hindi me translation padho fir tum ye nahi puchoge ki kyun muhammed(pbuh) ne kalima nahi pasha. Unhone kalima ka first part la ilaha illahu jiska… Read more »
Manav Dharm
@fAIZI _______–Bhai hadith me sahi hai ki bewakufo se bat nahi karni chahiye, ____________ Hadis me ye bhi hai Hira ki gufa me jab pahali baar muhammad Jibreel frishte se mila to Jibreel ne muhammad khoob toture kiya / partadit kiya ki muhammad uska dard bhi sahan nahi kar ska.… Read more »
raj.hyd

sirf ishvar ko hi manane taklif kyo hai ? muhamma d ko kalima me kyo joda jaye isi tarah se shiya muslim bhi ali ji ko kalima me jodne lage hai 1 ham sabko ishvar se jivan milta hai muhamamd adi se nahi !

Manav Dharm
@Raj/Faizi/Truth Always prevails/Dalbir Bhai ek baat aur aap ko kalima Arbi me hi bolna hoga Allah ko tabhi swikar hai, yadi aap Hindi ya anya kisi apni bhasha me kalima bologe to Qurani Allah ko vo savikar nahi hoga. Arbi bhasha nahi bolne par aapko Qurani Allah hamesha ke liye… Read more »
Tauheed

@mr. Raj. Baki sabhi bewaqoof hai itna he lekin aapke bare me quran me tafseel se malumat di gayi hai toh kon kon si bato ko jhutlaoge!

Tauheed
@ mr raj. aap jo keh rahe hai ke devi devtavo ne raksha ke liye weapons uthaye huye hai to hindu devi devta ko hathyaro se kis ki rakhsha karne ke zarurat padhti hai! khud ki? Toh phir aise logo ki puja he q karte ho jo khud ki raksha… Read more »
raj.hyd
kuran aur “paak “? parspar virodhi bate hai! kuran ek kuch vichar kafi jaharile hai jara sochiye badhiya kesar[jafran] dar khir bani ho koi sirf yah kah de ki is khir ke paas kutte ne peshab kar diya hai “shayd ” “kuch bunde ” us khir me bhi gir gayi… Read more »
raj.hyd
jab vah kalpit devi devta hai to unek ke haath me kya hai aur kya nahi hai usse bhi kya matlab rahega? vaise sarsvati gayatri lakshmi vaishnav devi ke hathi mek hathiyaar nahi hai aur brahma ke haath me bhi koi hatiyaar nahi hai inka kabhi astitv hi nahi raha… Read more »
Tauheed
@Mr. Raj sabse pehle aap mujhe bataye ke aap par kon si muhar lagi hai jo sach ko jhut bana kar logo k samne rakh rahe hai aap ko bhi usi ne banaya hai aur hazaro saal pehle is baat ko usne kaha tha ke aap jaise log bhi is… Read more »
raj.hyd
tauheed ji @insano me koi mohar nahi lagi hoti ! agar lagi hoti hai to aap kisiki dikhla dijiye ya ki si chiktsak se sampark karke batla djie jab islam buniyadi rup se hi galat hai to us jhuth ko kaise sach kahe ? ham puri garanti s e kahate… Read more »
Afridi
Mul ki bhul @ raj ji …According to Qurane Pak kuch log aise bhi honge jo lankh nishaniya dekhne ke baad bhi yahi kahenge ki main nhi manta .. usime ke aap hain…to aap jaise chand chindiyu ke baare me to 1400 saal pahle hi Qurane Pak ne bhviswani kar… Read more »
raj.hyd

manusmrti me bhi bahut si bato ki milav t kar di gayi hai jo hamko amany hai ham koi chij kuranki tarah jabardasti hargij nahi mante hai

Afridi
Mul ki bhul raj ji..Ab aap hume batawanege ki jahiliyat kun kar rha hain ha ha ha ha ha ha …Zra niche parhe.. Nauwjawaan…aurto..ko Nage Marodo ki ling ki uppasana karne ki liye kinke gharo ki aurte jaati hain…? Nuawjawaan istiriyu..ko nicha latakar unki uppar se Nawzawaan baaba kiseke bhagte… Read more »
Tauheed
Bilkul thik kaha aapne afridi bhai in jaiso ko samjha ke kuch fayda nhi hum logo ko sirf apne imaan par mehnat karte rehna chahiye…allah hum sabko nek rah par chalne ki taufeek ata kare…ameen. aur sabhi log amn wa amaan me rahe aisi dua karte rehna chahiye..
raj.hyd
adarniy sri tauheed ji jab koi apni bat samjahne me asfal ho jata hai ta usko kuch to kaha hi hota hai vahi aap kar rahe hai jab islam jhuth ki buniyad par hai tab aap kaise uska bachav kar sakenge ! uska bhi karan hai ki kuran bhi tarkik… Read more »
raj.hyd
manaiy sri afreedi ji jitne bhi apne nam ginaye hai vah sab bahut bureadmi hai ham unki ninda ham karate hai saath me mujhamamd ji ke naati hasanji jinhone 90 nikah kiya the bibiya ati gayi jati gayi vah kya the? unki ninda karne ka sahas apke paas hai ?… Read more »
raj.hyd
tauheed ji @ apki nigah me puja kya hai ? puja arthat satkar 1 jo kuran ki kitab ko ankho se lagaye ek samaany kitab s e jyada usko mahatv de vah bhi jadta ki nishani hai aur vyarth ke samman ki baat hai ! vah m urtipuja ho ya… Read more »
raj.hyd
aur yahi haal baibal aur purno adi ka bhi hai ! jaise ek premi premika ko pane ke liye bahut si sachhi jouthi bate pesh karta atirekta batlata hai vaisa hi haal in dharmik kahi jane vali bato ka bhi hai ! aapne kaha ki apne kuran kyo padhi ?… Read more »
Tauheed
@mr. Raj. meraz zarur Huyi thi, aisa sambhav q nahi hai ki koi ek hi rat me hi saat ve asman me jakar laut aye! jab wo puri qaynat bana sakta hai toh uske liye sab kuch sambhav hai! aur yeh aap aur hum jaiso ke liye sapna ho sakta… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji , hamko nahi pata ki apki shiksha kisi madarse me huyi ya any kisi jagaha! agar aap islamki vajah se meraz jaisi asmbahv baat sviakr kar sakte hai , aur yah kahate hai ki alalh sab kuchkar sakta hai to ishvar bhi kyo nahi raam krishn ki… Read more »
Tauheed
hai par jub exam ka result ata hai to usme se ek acche percentage ke sath pass ho jata hai toh dusra buri tarah fail aisa q hota hai? jaante ho ‘lagan aur mehnat’ wohi same baat yaha pe lagu hoti hai) toh uske liye yeh chahiye ke aap kitni… Read more »
raj.hyd
adarniy shri tauheed ji ! gandhi ji to gita ke bahkt the kuran ke nahi ! unka ek beta hira lal galat sangati me pa d karislam kabul kar chuka tha baad me kuch hi din me usne islam ko bhi tyag diya tha unki mata ji itni si baat… Read more »
raj.hyd
bahut khub shri tauheed ji , apka kathan jo sari kaynaat bana sakta hae to vah meraz bhi karva sakta hai! jara apne kalpit allah se savdhan ho jaiyega kahi raat ko sone ke bad jab aap dusare din subah uthe to aap purush n hokar ek stri ke rup… Read more »
Tauheed

kehlata hai phir 2/6, 2/7, 2/9 is me aap jaise logo ka pahle se he zikr hua hai aur specially 2/11 aur 2/13 aap ke liye hai.

raj.hyd
MANYAVAR SHRI TAUHEED JI ! jab koi asfal ho jata hata tab vah yahi kahata hai ki vah samajhne vale nahi hai aur vah andhe hai bahare gunge hai , hamne unke dilo me moahar laga di hai aur agar unme se koi islam svikar kar lete tab vah “mohaar”… Read more »
raj.hyd
ek tarah se kuran hamare liye ek “guru” ban gayi us dukandar ne bahut se muslim vidvano se hamari bata karvai koi bhi hamko santusht nahi kar saka vah dukandaar hamari umr se bade the unki maut ke 2-3 din pahale u nho ne yahi kahaki agar ham muslim nahi… Read more »
Tauheed
Dear Mr. raj. hosakta hai aap ne mera muqable zyada mehnat ki hogi in sab baton par lekin jaisa ke aap bata rahe hai ke dange fasad ki baat toh insaan koi bhi ho jab un dono ke vichar aapas me nahi milti toh phir jhagde aur ladayi jaisi cheezo… Read more »
raj.hyd
muhammad ji ne us ladaai ko aur badhaya hai jabki buddh ji aur mahavir ji ne nanak ji ne usko shant karne ki koshish ki hai 1 in sab ne kisi ki hatya nahi ki apni baat ko shanti se parchaar kiya jabki unke bahut jyada virodhi bhi the is… Read more »
raj.hyd
adarniysri tauheed ji @isai samaj me bahut se vichar hai jaise kaitholik aur roman kaitholik.. c.p m vale bhi lekin yah apas me nahi ladate hai ‘ hindu kahe jane vale samaj me shav, vaishnav kabir panthi nanak panthi ary samaji murtipujak jain samaj aur usme bh karib15 firke aur… Read more »
raj.hyd
paarmadarniy shri ! tauheed ji hamko kuran ke any bhashao me anuavd preshit hone se bhi koi taklif nahi hai ! baibal to duniya me sabse jayda bhashao me preshti huyi jaise 2000 hajar se bhi jyada anuvad uske hai ! sanyog se hamari sabs e pahali badi kitab padhen… Read more »
Manav Dharm
@Raj Bhai aap bahut hi sache, ache aur purusharthi purush hai. Agar muhammad me aap jaise ek bhi gun hota to bhi me uska sammaan kar leta. Lekin usne to logo ko hamesh loot kar hi khaya. Aaj hame ISIS le ladne ki bajay ISISI ki factory ko band karna… Read more »
raj.hyd
manav dharm ji @ apnejo kuranke udaharandiye hai usme 54/22,32.,40 me ek hi baat hai ! jiski koi jarurat bhi nahi thi ! sirf ek ayat se kam chal hi jata aisi hi bahut si bate bahut baar doharayi gayi hai lekin usi kalpit allah ko 5 baar namaz padhane… Read more »
raj.hyd
tauheed ji hamne aapse kaha tha ki kitabo me apna paraya nahi hota ! hamn e geeta bhi padhi hai jab gita panthi bat kare hai tab ham geeta ki bat karte hai ap se ham s irf kuran ki bat karte hai gita vale yah nahi kahate ki sirf… Read more »
Tauheed
@Mr. Raj. Dekho pehli baat yeh ke aapko kisi ne nahi kaha hai ke quran padho ok. Aur phir bhi agar showk hai toh jo b uski khamiya aur khubiya hai wo khud tak he simit rakho q k zaruri nhi k jo aap ko lagta h wo sab ko… Read more »
Manav Dharm
@ Tauhid Kripya hadith ko padhe Muhammad ji swyam kah rahe hai ki mujhe prophet na manane walo se ladne se pahle unko Islam me aane ke liye kaho qyoki abhi Islam ke shuruat hai. Ibn ‘Aun reported: I wrote to Nafi’ inquiring from him whether it was necessary to… Read more »
Tauheed
@ Sirf Naam ka Manav Dharam! tere jaise log duniya me ayege yeh bhi quran me likha hua hai. zara quran ki 2/6, 2/7, 2/9 jakar padhna aur phir hadees aur quran ki baat karna tere jitni age nahi hogi na usse zyada baar maine quaran sharif padhi hai. waise… Read more »
raj.hyd
manniy shri tauheed ji , kya meraz sach me huyi thi? kya aisa sambhav hai? ki koi ek hi rat me hi satveasman me jakar laut aye ! ek sapna jarur ho sakta hai ! burrak namak janavr kya udta tha ? aaj vah burrak namak janvar kahaan hai ?… Read more »
raj.hyd
paramadarniy shri tahuheed ji@ yah” pahali baat” itni der baad likhne ko kyo majbur ho rahe hai? jab gair muslim ka quran padhne se itna jyada kasht hai to kitab ko bajaro me bikti hi kyo hai? any bahashao me anuvad hi kyo hua.? kuran me yah kyo nahi likha… Read more »
Tauheed
@Mr. Raj. Kitab ki baat agar ki jaye toh islam ke log zaruri nahi ek he medium ke school me jakar shiksha le koi English, koi urdu toh koi apne state language me kisi na kisi wajah se shiksha prapt karta hai is liye un ko unki language me ya… Read more »
Tauheed
yehi meri hamesha koshish hoti hai aur rahi baat mere “ghabrakar” kahin jane ki toh main kahin ja nahi raha hu mere kehna ka aim aap thik se samajh nahi paye k aap ne quran padhi thik hai uske baad aapko usme kuch so called fault nazar aaye fir aapne… Read more »
Tauheed
@Mr.raj! Aap ke grantho ke anusar kya aap yeh bata sakte hai ke aapka yeh kitwa janm chal raha hai! waise yeh bhi kathan hai ke kalpik yogi jungle me ghor tappassya karke wardaan prapt karte the to aap aisa q nahi karte ya phir aaj wo q possible nhi… Read more »
raj.hyd
shri tauheed ji ! hamare pichle janm kitne huye yah mukhy bat bhi nahi hai aur usko yaad bhi nahi kiya ja skata agar ham pich le janm me bahut amir honge to aaj taklif hogi ki ham aaj vah sthan nahi prapt kar paye agar ham bahut garib honge… Read more »
Abdu Rasul
@Raj, Ji Aap Islam kabul quo nahi kar lete? Ye bahut aasan hai aapko sirf kalima bolna hai pure viswas ke sath aur apna naam change karna hai koi bhi arbi nam rakh kar. Kewal tabhi aap hinduo ki kami ujagar kar sakte hai. Ye nahi socho tum akelo ho… Read more »
Manav Dharm
@Tauhid ____________Aap ke grantho ke anusar kya aap yeh bata sakte hai ke aapka yeh kitwa janm chal raha hai_____________ Qya aap bata sakte hai aapke purvajo ne kab Islam kabul kiya? _____________-waise yeh bhi kathan hai ke kalpik yogi jungle me ghor tappassya karke _____________- Katha to ye bhi… Read more »
Tauheed
@manav dharm! Hamare me kya h na koi janam wanm kariwaz nhi h hum ek bar he jite h aur ek bar he marte h. Aur Mere purvaj jab se islam ki shruat huyi tab se muslim he h aur wo pidhi dar pidhi se chale arahe hai. Aur aap… Read more »
raj.hyd
tauheed ji @ a[e kahaki janm ek baar hi hota hai ! ham apse puchna chahenge ki apaka kalpit allah kabseha ?\ tabi apka uttar ho sakta hai ki vaha anadi hai ! tab hamara parshn hoga ki jab yah kaynat banane ke pahale kalpit allah kya karta tha ?… Read more »
raj.hyd
abdul ji ,kalima padhna bhi bahut galat hai bagair kalma ke isjhvar ko kyo nahi mana ja skata hai ! hindu samaj ki kamjori hindu samaj me rahate huye bhi khub ki ja skati hai kabir ji , raja ram mohanaray jia di iski misal hai ! islam me rahakar… Read more »
prateek

Bhai islam fake hai isme kai aisi bate hai jo samaj se pare hai . or in logo ko is bat par bhot ghamand hai .

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