यहां प्रस्तुत सामग्री वैदिक शब्दों के आद्योपांत और वस्तुनिष्ठ विश्लेषण पर आधारित है, जिस संदर्भ में वे वैदिक शब्दकोष, शब्दशास्त्र, व्याकरण तथा वैदिक मंत्रों के यथार्थ निरूपण के लिए अति आवश्यक अन्य साधनों में प्रयुक्त हुए हैं | अतः यह शोध श्रृंखला मैक्समूलर, ग्रिफ़िथ, विल्सन, विलियम्स् तथा अन्य भारतीय विचारकों के वेद और वैदिक भाषा के कार्य  का अन्धानुकरण नहीं है | यद्यपि, पश्चिम के वर्तमान शिक्षा जगत में वे काफ़ी प्रचलित हैं, किंतु हमारे पास यह प्रमाणित करने  के पर्याप्त कारण हैं कि उनका कार्य सच्चाई से कोसों दूर है | उनके इस पहलू पर हम यहां विस्तार से प्रकाश डालेंगे |  विश्व की प्राचीनतम पुस्तक – वेद के प्रति गलत अवधारणाओं के विस्तृत विवेचन की श्रृंखला में यह प्रथम कड़ी है |

हिंदूओं के प्राथमिक पवित्र धर्म-ग्रंथ वेदों में अपवित्र बातों के भरे होने का लांछन सदियों से लगाया जा रहा है | यदि इन आक्षेपों को सही मान लिया जाए तो सम्पूर्ण हिन्दू संस्कृति, परंपराएं, मान्यताएं सिवाय वहशीपन, जंगलीयत और क्रूरता के और कुछ नहीं रह जाएंगी | वेद पृथ्वी पर ज्ञान के प्रथम स्रोत होने के अतिरिक्त हिन्दू धर्म के मूलाधार भी हैं, जो मानव मात्र के कल्याणमय जीवन जीने के लिए मार्गदर्शक हैं |

वेदों की झूठी निंदा करने की यह मुहीम उन विभिन्न तत्वों ने चला रखी है जिनके निहित स्वार्थ वेदों से कुछ चुनिंदा सन्दर्भों का हवाला देकर हिन्दुओं  को दुनिया के समक्ष नीचा दिखाना चाहते हैं | यह सब गरीब और अशिक्षित भारतियों से अपनी मान्यताओं को छुड़वाने में काफ़ी कारगर साबित होता है कि उनके मूलाधार वेदों में नारी की अवमानना, मांस- भक्षण, बहुविवाह, जातिवाद और यहां तक की गौ- मांस भक्षण जैसे सभी अमानवीय तत्व विद्यमान हैं |

वेदों में आए त्याग या दान के अनुष्ठान के सन्दर्भों में जिसे यज्ञ भी कहा गया है, लोगों ने पशुबलिदान को आरोपित कर दिया है | आश्चर्य की बात है कि भारत में जन्में, पले- बढे बुद्धिजीवियों का एक वर्ग जो प्राचीन भारत के गहन अध्ययन का दावा करता है, वेदों में इन अपवित्र तत्वों को सिद्ध करने के लिए पाश्चात्य विद्वानों का सहारा लेता है |

वेदों द्वारा गौ हत्या और गौ मांस को स्वीकृत बताना हिन्दुओं की आत्मा पर मर्मान्तक प्रहार है | गाय का सम्मान हिन्दू धर्म का केंद्र बिंदू है | जब कोई हिन्दू को उसकी मान्यताओं और मूल सिद्धांतों में दोष या खोट दिखाने में सफल हो जाए, तो उस में हीन भावना जागृत होती है और फिर वह आसानी से मार्गभ्रष्ट किया जा सकता है |  ऐसे लाखों नादान हिन्दू हैं जो इन बातों से अनजान हैं, इसलिए प्रति उत्तर देने में नाकाम होने के कारण अन्य मतावलंबियों के सामने समर्पण कर देते हैं |

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जितने भी स्थापित हित – जो वेदों को बदनाम कर रहे हैं वे केवल पाश्चात्य और भारतीय विशेषज्ञों तक ही सीमित नहीं हैं | हिन्दुओं में एक खास जमात ऐसी है जो जनसंख्या के सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ें तबकों का शोषण कर अपनी बात मानने और उस पर अमल करने को बाध्य करती है  अन्यथा दुष्परिणाम भुगतने की धमकी देती है |

वेदों के नाम पर थोपी गई इन सारी मिथ्या बातों का उत्तरदायित्व मुख्यतः मध्यकालीन वेदभाष्यकार महीधर, उव्वट और सायण द्वारा की गई व्याख्याओं पर है तथा वाम मार्गियों या तंत्र मार्गियों द्वारा वेदों के नाम से अपनी पुस्तकों में चलायी गई कुप्रथाओं पर है | एक अवधि के दौरान यह असत्यता सर्वत्र फ़ैल गई और अपनी जड़ें गहराई तक ज़माने में सफल रही, जब पाश्चात्य विद्वानों ने संस्कृत की अधकचरी जानकारी से वेदों के अनुवाद के नाम पर सायण और महीधर के वेद- भाष्य की व्याख्याओं का वैसा का वैसा अपनी लिपि में रूपांतरण कर लिया | जबकि वे वेदों के मूल अभिप्राय को समुचित रूप समझने के लिए अति आवश्यक शिक्षा (स्वर विज्ञान), व्याकरण, निरुक्त (शब्द व्युत्पत्ति शास्त्र), निघण्टु (वैदिक कोष), छंद , ज्योतिष तथा कल्प इत्यादि के ज्ञान से सर्वथा शून्य थे |

अग्निवीर के आन्दोलन का उद्देश्य वेदों के बारे में ऐसी मिथ्या धारणाओं का वास्तविक मूल्यांकन कर उनकी पवित्रता,शुद्धता,महान संकल्पना तथा मान्यता की स्थापना करना है | जो सिर्फ हिन्दुओं के लिए ही नहीं बल्कि मानव मात्र के लिए बिना किसी बंधन,पक्षपात या भेदभाव के समान रूप से उपलब्ध हैं |

.पशु-हिंसा का विरोध

यस्मिन्त्सर्वाणि  भूतान्यात्मैवाभूद्विजानत:

तत्र  को  मोहः  कः  शोक   एकत्वमनुपश्यत:

यजुर्वेद  ४०। ७

जो सभी भूतों में अपनी ही आत्मा को देखते हैं, उन्हें कहीं पर भी शोक या मोह नहीं रह जाता क्योंकि वे उनके साथ अपनेपन की अनुभूति करते हैं | जो आत्मा के नष्ट न होने में और पुनर्जन्म में विश्वास रखते हों, वे कैसे यज्ञों में पशुओं का वध करने की सोच भी सकते हैं ? वे तो अपने पिछले दिनों के प्रिय और निकटस्थ लोगों को उन जिन्दा प्राणियों में देखते हैं |

 

अनुमन्ता विशसिता निहन्ता क्रयविक्रयी

संस्कर्ता चोपहर्ता च खादकश्चेति घातकाः

मनुस्मृति ५।५१

मारने की आज्ञा देने वाला, पशु को मारने के लिए लेने वाला, बेचने वाला, पशु को मारने वाला,

मांस को खरीदने और बेचने वाला, मांस को पकाने वाला और मांस खाने वाला यह सभी हत्यारे हैं |

ब्रीहिमत्तं यवमत्तमथो माषमथो तिलम्

एष वां भागो निहितो रत्नधेयाय दान्तौ मा हिंसिष्टं पितरं मातरं च

अथर्ववेद ६।१४०।२

हे दांतों की दोनों पंक्तियों ! चावल खाओ, जौ खाओ, उड़द खाओ और तिल खाओ |

यह अनाज तुम्हारे लिए ही बनाये गए हैं | उन्हें मत मारो जो माता – पिता बनने की योग्यता रखते हैं |

 

य आमं मांसमदन्ति पौरुषेयं च ये क्रविः

गर्भान् खादन्ति केशवास्तानितो नाशयामसि

अथर्ववेद ८। ६।२३

वह लोग जो नर और मादा, भ्रूण और अंड़ों के नाश से उपलब्ध हुए मांस को कच्चा या पकाकर खातें हैं, हमें उन्हें नष्ट कर देना चाहिए |

Nothing Found

अनागोहत्या वै भीमा कृत्ये

मा नो गामश्वं पुरुषं वधीः

अथर्ववेद १०।१।२९

निर्दोषों को मारना निश्चित ही महा पाप है | हमारे गाय, घोड़े और पुरुषों को मत मार | वेदों में गाय और अन्य पशुओं के वध का स्पष्टतया निषेध होते हुए, इसे वेदों के नाम पर कैसे उचित ठहराया जा सकता है?

 

अघ्न्या यजमानस्य पशून्पाहि

यजुर्वेद १।१

हे मनुष्यों ! पशु अघ्न्य हैं – कभी न मारने योग्य, पशुओं की रक्षा करो |

 

पशूंस्त्रायेथां

यजुर्वेद ६।११

पशुओं का पालन करो |

 

द्विपादव चतुष्पात् पाहि

यजुर्वेद १४।८

हे मनुष्य ! दो पैर वाले की रक्षा कर और चार पैर वाले की भी रक्षा कर |

 

क्रव्य दा – क्रव्य (वध से प्राप्त मांस ) + अदा (खानेवाला) = मांस भक्षक |

पिशाच — पिशित (मांस) +अस (खानेवाला) = मांस खाने वाला |

असुत्रपा –  असू (प्राण )+त्रपा(पर तृप्त होने वाला) =   अपने भोजन के लिए दूसरों के प्राण हरने वाला |  |

गर्भ दा  और अंड़ दा = भूर्ण और अंड़े खाने वाले |

मांस दा = मांस खाने वाले |

वैदिक साहित्य में मांस भक्षकों को अत्यंत तिरस्कृत किया गया है | उन्हें राक्षस, पिशाच आदि की संज्ञा दी गई है जो दरिन्दे और हैवान माने गए हैं तथा जिन्हें सभ्य मानव समाज से बहिष्कृत समझा गया है |

 

ऊर्जं नो धेहि द्विपदे चतुष्पदे

यजुर्वेद ११।८३

सभी दो पाए और चौपाए प्राणियों को बल और पोषण प्राप्त हो |  हिन्दुओं द्वारा भोजन ग्रहण करने से पूर्व बोले जाने वाले इस मंत्र में प्रत्येक जीव के लिए पोषण उपलब्ध होने की कामना की गई है | जो दर्शन प्रत्येक प्राणी के लिए जीवन के हर क्षण में कल्याण ही चाहता हो, वह पशुओं के वध को मान्यता कैसे देगा ?

 

२.यज्ञ में हिंसा का विरोध

जैसी कुछ लोगों की प्रचलित मान्यता है कि यज्ञ में पशु वध किया जाता है, वैसा बिलकुल नहीं है | वेदों में यज्ञ को श्रेष्ठतम कर्म या एक ऐसी क्रिया कहा गया है जो वातावरण को अत्यंत शुद्ध करती है |

 

अध्वर इति यज्ञानाम  – ध्वरतिहिंसा कर्मा तत्प्रतिषेधः

निरुक्त २।७

निरुक्त या वैदिक शब्द व्युत्पत्ति शास्त्र में यास्काचार्य के अनुसार यज्ञ का एक नाम अध्वर भी है | ध्वर का मतलब है हिंसा सहित किया गया कर्म, अतः अध्वर का अर्थ हिंसा रहित कर्म है | वेदों में अध्वर के ऐसे प्रयोग प्रचुरता से पाए जाते हैं |

 

महाभारत के परवर्ती काल में वेदों के गलत अर्थ किए गए तथा अन्य कई धर्म – ग्रंथों के विविध तथ्यों को  भी प्रक्षिप्त किया गया | आचार्य शंकर वैदिक मूल्यों की पुनः स्थापना में एक सीमा तक सफल रहे | वर्तमान समय में स्वामी दयानंद सरस्वती – आधुनिक भारत के पितामह ने वेदों की व्याख्या वैदिक भाषा के सही नियमों तथा यथार्थ प्रमाणों के आधार पर की | उन्होंने वेद-भाष्य, सत्यार्थ प्रकाश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका तथा अन्य ग्रंथों की रचना की | उनके इस साहित्य से वैदिक मान्यताओं पर आधारित व्यापक सामाजिक सुधारणा हुई तथा वेदों के बारे में फैली हुई भ्रांतियों का निराकरण हुआ |

 

आइए,यज्ञ के बारे में वेदों के मंतव्य को जानें –

अग्ने यं यज्ञमध्वरं विश्वत: परि भूरसि

स इद देवेषु गच्छति
ऋग्वेद   १ ।१।४

हे दैदीप्यमान प्रभु ! आप के द्वारा व्याप्त हिंसा रहित यज्ञ सभी के लिए लाभप्रद दिव्य गुणों से युक्त है तथा विद्वान मनुष्यों द्वारा स्वीकार किया गया है | ऋग्वेद में सर्वत्र यज्ञ को हिंसा रहित कहा गया है इसी तरह अन्य तीनों वेद भी वर्णित करते हैं | फिर यह कैसे माना जा सकता है कि वेदों में हिंसा या पशु वध की आज्ञा है ?

 

यज्ञों में पशु वध की अवधारणा  उनके (यज्ञों ) के विविध प्रकार के नामों के कारण आई है जैसे अश्वमेध  यज्ञ, गौमेध यज्ञ तथा नरमेध यज्ञ | किसी अतिरंजित कल्पना से भी इस संदर्भ में मेध का अर्थ वध संभव नहीं हो सकता |

 

यजुर्वेद अश्व का वर्णन करते हुए कहता  है –

इमं मा हिंसीरेकशफं पशुं कनिक्रदं वाजिनं वाजिनेषु

यजुर्वेद  १३।४८

इस एक खुर वाले, हिनहिनाने वाले तथा बहुत से पशुओं में अत्यंत वेगवान प्राणी का वध मत कर |अश्वमेध से अश्व को यज्ञ में बलि देने का तात्पर्य नहीं है इसके विपरीत यजुर्वेद में अश्व को नही मारने का स्पष्ट उल्लेख है | शतपथ में अश्व शब्द राष्ट्र या साम्राज्य के लिए आया है | मेध अर्थ वध नहीं होता | मेध शब्द बुद्धिपूर्वक किये गए कर्म को व्यक्त करता है | प्रकारांतर से उसका अर्थ मनुष्यों में संगतीकरण का भी है |  जैसा कि मेध शब्द के धातु (मूल ) मेधृ -सं -ग -मे के अर्थ से स्पष्ट होता है |

 

राष्ट्रं  वा  अश्वमेध:

अन्नं  हि  गौ:

अग्निर्वा  अश्व:

आज्यं  मेधा:

(शतपथ १३।१।६।३)

स्वामी  दयानन्द सरस्वती सत्यार्थ प्रकाश में लिखते हैं :-

राष्ट्र या साम्राज्य के वैभव, कल्याण और समृद्धि के लिए समर्पित यज्ञ ही अश्वमेध यज्ञ है |  गौ शब्द का अर्थ पृथ्वी भी है | पृथ्वी तथा पर्यावरण की शुद्धता के लिए समर्पित यज्ञ गौमेध कहलाता है | ” अन्न, इन्द्रियाँ,किरण,पृथ्वी, आदि को पवित्र रखना गोमेध |”  ” जब मनुष्य मर जाय, तब उसके शरीर का विधिपूर्वक दाह करना नरमेध कहाता है | ”

 

३.गौ – मांस का निषेध

वेदों  में पशुओं की हत्या का  विरोध तो है ही बल्कि गौ- हत्या पर तो तीव्र आपत्ति करते हुए उसे निषिद्ध माना गया है | यजुर्वेद में गाय को जीवनदायी पोषण दाता मानते हुए गौ हत्या को वर्जित किया गया है |

घृतं दुहानामदितिं जनायाग्ने  मा हिंसी:

यजुर्वेद १३।४९

सदा ही रक्षा के पात्र गाय और बैल को मत मार |

 

आरे  गोहा नृहा  वधो  वो  अस्तु

ऋग्वेद  ७ ।५६।१७

ऋग्वेद गौ- हत्या को जघन्य अपराध घोषित करते हुए मनुष्य हत्या के तुल्य मानता है और ऐसा महापाप करने वाले के लिये दण्ड का विधान करता है |

 

सूयवसाद  भगवती  हि  भूया  अथो  वयं  भगवन्तः  स्याम

अद्धि  तर्णमघ्न्ये  विश्वदानीं  पिब  शुद्धमुदकमाचरन्ती

ऋग्वेद १।१६४।४०

अघ्न्या गौ- जो किसी भी अवस्था में नहीं मारने योग्य हैं, हरी घास और शुद्ध जल के सेवन से स्वस्थ  रहें जिससे कि हम उत्तम सद् गुण,ज्ञान और ऐश्वर्य से युक्त हों |वैदिक कोष निघण्टु में गौ या गाय के पर्यायवाची शब्दों में अघ्न्या, अहि- और अदिति का भी समावेश है | निघण्टु के भाष्यकार यास्क इनकी व्याख्या में कहते हैं -अघ्न्या – जिसे कभी न मारना चाहिए | अहि – जिसका कदापि वध नहीं होना चाहिए | अदिति – जिसके खंड नहीं करने चाहिए | इन तीन शब्दों से यह भलीभांति विदित होता है कि गाय को किसी भी प्रकार से पीड़ित नहीं करना चाहिए | प्राय: वेदों में गाय इन्हीं नामों से पुकारी गई है |

 

अघ्न्येयं  सा  वर्द्धतां  महते  सौभगाय

ऋग्वेद १ ।१६४।२७

अघ्न्या गौ-  हमारे लिये आरोग्य एवं सौभाग्य लाती हैं |

 

सुप्रपाणं  भवत्वघ्न्याभ्य:

ऋग्वेद ५।८३।८

अघ्न्या गौ के लिए शुद्ध जल अति उत्तमता से उपलब्ध हो |

 

यः  पौरुषेयेण  क्रविषा  समङ्क्ते  यो  अश्व्येन  पशुना  यातुधानः

यो  अघ्न्याया  भरति  क्षीरमग्ने  तेषां  शीर्षाणि  हरसापि  वृश्च

ऋग्वेद १०।८७।१६

मनुष्य, अश्व या अन्य पशुओं के मांस से पेट भरने वाले तथा दूध देने वाली अघ्न्या गायों का विनाश करने वालों को कठोरतम दण्ड देना चाहिए |

 

विमुच्यध्वमघ्न्या देवयाना अगन्म

यजुर्वेद १२।७३

अघ्न्या गाय और बैल तुम्हें समृद्धि प्रदान करते हैं |

 

मा गामनागामदितिं  वधिष्ट

ऋग्वेद  ८।१०१।१५

गाय को मत मारो | गाय निष्पाप और अदिति – अखंडनीया है  |

 

अन्तकाय  गोघातं

यजुर्वेद ३०।१८

गौ हत्यारे का संहार किया जाये |

 

यदि  नो  गां हंसि यद्यश्वम् यदि  पूरुषं

तं  त्वा  सीसेन  विध्यामो  यथा  नो  सो  अवीरहा

अर्थववेद १।१६।४

यदि कोई हमारे गाय,घोड़े और पुरुषों की हत्या करता है, तो उसे सीसे की गोली से उड़ा दो |

 

वत्सं  जातमिवाघ्न्या

अथर्ववेद ३।३०।१

आपस में उसी प्रकार प्रेम करो, जैसे अघ्न्या – कभी न मारने योग्य गाय – अपने बछड़े से करती है |

 

धेनुं  सदनं  रयीणाम्

अथर्ववेद ११।१।४

गाय सभी ऐश्वर्यों का उद्गम है |

 

ऋग्वेद के ६ वें मंडल का सम्पूर्ण २८ वां सूक्त गाय की महिमा बखान रहा है —

१.आ  गावो अग्मन्नुत भद्रमक्रन्त्सीदन्तु

प्रत्येक जन यह सुनिश्चित करें कि गौएँ यातनाओं से दूर तथा स्वस्थ रहें |

 

२.भूयोभूयो  रयिमिदस्य  वर्धयन्नभिन्ने

गाय की  देख-भाल करने वाले को ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है |

 

 

३.न ता नशन्ति न दभाति तस्करो नासामामित्रो व्यथिरा दधर्षति

गाय पर शत्रु भी शस्त्र  का प्रयोग न करें |

 

४. न ता अर्वा रेनुककाटो अश्नुते न संस्कृत्रमुप यन्ति ता अभि

कोइ भी गाय का वध न करे  |

 

५.गावो भगो गाव इन्द्रो मे अच्छन्

गाय बल और समृद्धि  लातीं  हैं |

 

६. यूयं गावो मेदयथा

गाय यदि स्वस्थ और प्रसन्न रहेंगी  तो पुरुष और स्त्रियाँ भी निरोग और समृद्ध होंगे |

 

७. मा वः स्तेन ईशत माघशंस:

गाय हरी घास और शुद्ध जल क सेवन करें | वे मारी न जाएं और हमारे लिए समृद्धि लायें |

 

वेदों में मात्र गाय ही नहीं  बल्कि प्रत्येक प्राणी के लिए प्रद्रर्शित उच्च भावना को समझने  के लिए और  कितने प्रमाण दिएं जाएं ? प्रस्तुत प्रमाणों से सुविज्ञ पाठक स्वयं यह निर्णय कर सकते हैं कि वेद किसी भी प्रकार कि अमानवीयता के सर्वथा ख़िलाफ़ हैं और जिस में गौ – वध तथा गौ- मांस का तो पूर्णत: निषेध है |

 

वेदों में गौ मांस का कहीं कोई विधान नहीं  है |

 

 

संदर्भ ग्रंथ सूची

१.ऋग्वेद भाष्य – स्वामी दयानंद सरस्वती

२.यजुर्वेद भाष्य -स्वामी दयानंद सरस्वती

३.No Beef in Vedas -B D Ukhul

४.वेदों का यथार्थ स्वरुप – पंडित धर्मदेव विद्यावाचस्पति

५.चारों वेद संहिता – पंडित दामोदर सातवलेकर

६. प्राचीन भारत में गौ मांस – एक समीक्षा – गीता प्रेस,गोरखपुर

७.The Myth of Holy Cow – D N Jha

८. Hymns of Atharvaveda – Griffith

९.Scared Book of the East – Max Muller

१०.Rigved Translations – Williams Jones

११.Sanskrit – English Dictionary – Moniar Williams

१२.वेद – भाष्य – दयानंद संस्थान

१३.Western Indologists – A Study of Motives – Pt.Bhagavadutt

१४.सत्यार्थ प्रकाश – स्वामी दयानंद सरस्वती

१५.ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका – स्वामी दयानंद सरस्वती

१६.Cloud over Understanding of Vedas – B D Ukhul

१७.शतपथ ब्राहमण

१८.निरुक्त – यास्काचार्य

१९. धातुपाठ – पाणिनि

 

परिशिष्ट, १४ अप्रैल २०१०

इस लेख के पश्चात् उन विभिन्न स्रोतों से तीखी प्रतिक्रिया हुई जिनके गले से यह सच्चाई नहीं उतर सकती कि हमारे वेद और राष्ट्र की प्राचीन संस्कृति अधिक आदर्शस्वरूप हैं बनिस्पत उनकी आधुनिक साम्यवादी विचारधारा के | मुझे कई मेल प्राप्त हुए जिनमें इस लेख को झुठलाने के प्रयास में अतिरिक्त हवाले देकर गोमांस का समर्थन दिखाया गया है | जिनमें ऋग्वेद से २ मंत्र ,मनुस्मृति के कुछ श्लोक तथा कुछ अन्य उद्धरण दिए गए हैं | जिसका एक उदाहरण यहाँ अवतार गिल की टिप्पणी है | इस बारे में मैं निम्न बातें कहना चाहूंगा —

a. लेख में प्रस्तुत मनुस्मृति के साक्ष्य में वध की अनुमति देने वाले तक को हत्यारा कहा गया है | अतः यह सभी अतिरिक्त श्लोक मनुस्मृति में प्रक्षेपित ( मिलावट किये गए) हैं या इनके अर्थ को बिगाड़ कर गलत रूप में प्रस्तुत किया गया है | मैं उन्हें डा. सुरेन्द्र कुमार द्वारा भाष्य की गयी मनुस्मृति पढ़ने की सलाह दूंगा |

b. प्राचीन साहित्य में गोमांस को सिद्ध करने के उनके अड़ियल रवैये के कपट का एक प्रतीक यह है कि वह मांस शब्द का अर्थ हमेशा मीट (गोश्त) के संदर्भ में ही लेते हैं | दरअसल, मांस शब्द की परिभाषा किसी भी गूदेदार वस्तु के रूप में की जाती है | मीट को मांस कहा जाता है क्योंकि वह गूदेदार होता है | इसी से, केवल मांस शब्द के प्रयोग को देखकर ही मीट नहीं समझा जा सकता |

c. उनके द्वारा प्रस्तुत अन्य उद्धरण संदेहास्पद एवं लचर हैं जो प्रमाण नहीं माने जा सकते | उनका तरीका बहुत आसान है – संस्कृत में लिखित किसी भी वचन को धर्म के रूप में प्रतिपादित करके मन माफ़िक अर्थ किये जाएं | इसी तरह, वे हमारी पाठ्य पुस्तकों में अनर्गल अपमानजनक दावों को भरकर मूर्ख बनाते आ रहें हैं |

d. वेदों से संबंधित जिन दो मंत्रों को प्रस्तुत कर वे गोमांस भक्षण को सिद्ध मान रहे हैं, आइए उनकी पड़ताल करें –

दावा:- ऋग्वेद (१०/८५/१३) कहता है -” कन्या के विवाह अवसर पर गाय और बैल का वध किया जाए | ”

तथ्य : – मंत्र में बताया गया है कि शीत ऋतु में मद्धिम हो चुकी सूर्य किरणें पुनः वसंत ऋतु में प्रखर हो जाती हैं | यहां सूर्य -किरणों के लिए प्रयुक्त शब्द  ‘गो’ है, जिसका एक अर्थ ‘गाय’ भी होता है | और इसीलिए मंत्र का अर्थ करते समय सूर्य – किरणों के बजाये गाय को विषय रूप में लेकर भी किया जा सकता है | ‘मद्धिम’ को सूचित करने के लिए ‘हन्यते’ शब्द का प्रयोग किया गया है, जिसका मतलब हत्या भी हो सकता है | परन्तु यदि ऐसा मान भी लें, तब भी मंत्र की अगली पंक्ति (जिसका अनुवाद जानबूझ कर छोड़ा गया है)  कहती है कि -वसंत ऋतु में वे अपने वास्तविक स्वरुप को पुनः प्राप्त होती हैं | भला सर्दियों में मारी गई गाय दोबारा वसंत ऋतु में पुष्ट कैसे हो सकती है ? इस से भली प्रकार सिद्ध हो रहा है कि ज्ञान से कोरे कम्युनिस्ट किस प्रकार वेदों के साथ पक्षपात कर कलंकित करते हैं |

दावा :- ऋग्वेद (६/१७/१) का कथन है, ” इन्द्र गाय, बछड़े, घोड़े और भैंस का मांस खाया करते थे |”

तथ्य :- मंत्र में वर्णन है कि प्रतिभाशाली विद्वान, यज्ञ की अग्नि को प्रज्वलित करने वाली समिधा की भांति विश्व को दीप्तिमान कर देते हैं | अवतार गिल और उनके मित्रों को इस में इन्द्र,गाय,बछड़ा, घोड़ा और भैंस कहां से मिल गए,यह मेरी समझ से बाहर है | संक्षेप में, मैं अपनी इस प्रतिज्ञा पर दृढ़ हूँ कि वेदों में गोमांस भक्षण का समर्थक एक भी मंत्र प्रमाणित करने पर मैं हर उस मार्ग को स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ जो मेरे लिए नियत किया जाएगा अन्यथा वे वेदों की ओर वापिस लौटें |

This article is also available in English at http://agniveer.com/68/no-beef-in-vedas/

Author: Sanjeev Newar

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736 Comments on "वेदों में गोमांस?"

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Akash

Thanks Yaar

Anil Chaprana
Kuch log koi bhi galat kaam karte hain aur apne neeji swaarthon ki poorti ke liye un galat kaaryon ko sahi thahraane ke liye wo dhaarmik granthon ki galat vyakhya karte hain ya unko bilkul tod-marodkar pesh karte hain. Aur kaafi log unki baaton par aasaani se vishwaas bhi kar… Read more »
Anil Chaprana
Vedas ya anya kisi bhi Granth mein pasuvaddh karne ki anumati nahi di gayi hai. Jab Shankaracharya apni digvijay karte huye Himachal Pradesh pahunche us samay wahan ke tantrik sampradayon mein narbali ki pratha thi aur wo usko Vedas ke anusaar bataate the. Shankaracharya ne unko shaastraarth ke liye bulaya… Read more »
Anil Chaprana
Sanjeev Ji main aapke mat se poori tarah se sahmat hoon. Ek baar bahut samay pahle mujhe bhi is vichitra sawaal ka saamna karna pada jab ek debate ke dauraan kuch logon ne kaha ki Vedas mein likha hai ki aap Gau Maans kha sakte hain. Us samay maine unke… Read more »
sadafkarim

watch my channel assma randi for more sexy video daily update mein chudwana chahti hon please watch https://www.youtube.com/channel/UC63uEeeV_OJ1NB2lTTyW6eg like subcried watch myy video n subcried my channel assma randi share my channl to your friend hit my channel

trackback

[…] ‘वेदों में गोमांस? ‘ प्रथम भाग में हम ने वेदों पर लगाए गए गोमांसाहार और पशुबलि के आरोपों की गहराई से जाँच की और पर्याप्त प्रमाणों से यह बताया कि- […]

Gulzar
Mr sanjeev newer agr aapko lgta h k aap logon ko sahi disha ki taraf le ja rahe ho to ek debate kijiye na zakir naik se.. doodh ka doodh or paani ka paani ho jaye.. ho sakta h humein bhi aapki baat samajh me aa jaye..varna hum sab log… Read more »
Arjit
Hum me se kisi kobhi Zoker Naik se behes karne ki jaroorat hi nahi hai, vo bus apne Agenda ko fela raha hai, Islam me kuch batien achchi hien lekin sab batien achchi nahi hai, or Jakir bas yahi galti karta hai vo apne ko sab sahi or doosre ko… Read more »
Abdu
@Gulzar Tum kaha tak bhago ge me tumbe ek aur Quran ki ayat Deta hu jisme Muhammad kah raha ke Allah ne prithvi ko bed ki tarah banaya hai Yaha par iss ayaat me “mahdan” word hai jiska arbi me arth bed hota hai. Allathee jaAAala lakumu al-arda mahdan wajaAAala… Read more »
GULZAR
Abdu Rasul check kijiye bhaag main nahin raha balki tum bhaag rahe ho baar baar topic badal badal kar .,tum har baar topic badal dete ho jab tumhare paas jawab nahin hota., or aap is aayat ka matlab bhi galat nikal rahe ho., sahi matlab padiye. QURAN 43.10 wah jisne… Read more »
Hindu

Zakir bhi yahi kar raha hai

Abdu
@Gulzar Ansari Abe Arbi me padh. iss ayat me kahi farsh shabd hai Qya Quran 43.10. Tu mujhse jyada janta hai arbi? “Mahdan” shabd ko dekh arbi me aur iska arth check kar. Muhammad bevkoof tha aur tum uske jhuth ko sach banane me lage huye ho. Quran 43.10 Allathee… Read more »
GULZAR
tu check kar mr abdu., mahdan ke kitne meanings nikalte hain., tu to zyada padha likha hai na,. tab bhi teri samajh me is aayat ka matlab samajh ni aata., ki ye aayat kya batati hai., tu english me translate padh raha hai main arbi hindi urdu., yahi to fark… Read more »
Gulzar Ansari
Kyon nahin bata raha mr abdu. Ke aakhir tu kis dharm ko maanta hai… ? Maanavta ti har dharm me hai.. hindu dharm me manavta nahin hai kya jo tu khud ko hindu bhi kahalwana nahin chahta.? Bta bhai agar haram ka jana nahin hai to topic bina badle bata..… Read more »
Abdu Abdu
@Gulzar Ansari Raam ka Qya dharm tha? Hanumaan ka Qya dharm tha? Krishan ka Qya dharm tha? Isha ka Qya dharm tha? Gautam ka Qya dharm tha? Mahavir ka Qya dharm Tha? Rishi Patanjali ka Qya dharm tha? Qya inhone kabhi kaha ham Muslim hai ya Hindu hai? Ye sab… Read more »
Gulzar Ansari
Mr abdu yahin to teri samajh ki kami hai.. tu muslim ya hindu ka arth tak nahin jaanta. Tu jaanta hi nahin hai ki achhha kya hai or byra kya hai. Tujhe pata hai chori karne wale chor ko lagta hai ki uske liye chori karna achha hai. Or ek… Read more »
Rahul srivastava

Mr. Abdul maanavta ka koi dharam nahi hota jis tarah aatankwaad ka koi dharam nahi hota lekin. Insan ko doosre insaan ki madad karna ki maanavta ka dharam hai. Aur har dharm sabse pehle maanavta ka dharm hi sikhata hai..

Abdu

@Rahul

Quran 9:5 – Murti poojako ko jaha pao katl kar do

Muhammad aur uski army ne gair Muslimo ka dhan aur unki aurto ki ijjat looti qya aisa vyakti paigamber kahlane layak hai?

Qya ye dharm hai?

vinod

nahi

vinod

sanatan dharm jaisa koi dharm nahi hai jitne bhi dharm bane wah sanatan dharm se churaye gyan se bane hai

Abdu

@Gulzar Anszari

Abe murkh mujhe pata hai Quran 9:5 me aage likha “agar Mushrik ( Yani Hindu, Yahudi, Ishaai and other non-muslim) Muhammad ko paigamber maan le to inhe mat maaro”.

Lekin aaj to Mushrik Musalmaano ko maar rahe hai.

GULZAR

or aage lika hai ki agar wo yani mushrik maafi mang le yani touba karle to us ko chhod do or ek mehfooz jagah le jao.,

GULZAR
MR ABDU kyon logon me galatfahmiyan faila rahe ho ., aap ko kya milega galatfahmi daal kar logon ke man me islam ke khilaf., quran 9.5 me mushrik ko katl karne ka hukm diya hai allah ne .,wo bhi jung ke maidan me.,or wo bhi jab .,jab wo sandhi tod… Read more »
Abdu
@Gulzar Ansari Aap Muhamamd ko bachaane ki kosis qyo kar rahe ho. Yadi Aisha aapki beti hoti to qya aap muhmaad ko bachate ya safiya aapki ma hoti to aap mohammad ko bachate? Are qya koi aurat apne bacho aur pita ke hatyare se nikah kar sakti hai? Muhammad ne… Read more »
Gulzar Ansari
Note Agar tu (mr abdu) hindu hai to naam muslim kyon rakh rakha hai.. hindu muslim me ladai karwane k liye na???? Badalta kyon nahin.. kyonki tu wi hai jo khush nahin hai ki is article par sachai zahir ho… Isliye tumhare comment bhi ese hi hai.. gande gande… bina… Read more »
Rajiv

Looking at how Muslims behave in general it becomes clear what is written in Quran.

Gulzar Ansari
mr.. .Quran virodhi. aap wakai me quraan shareef ko jaanna nahin chahte isi liye aap jaan bhi nahin paate., ,kahte hain insaan khud apna raasta chunta hai., aapne quraan me khamiya nikalna chuna to aap ko english translate mil gayi.,,mera aapse anurodh hai., ye dua karein ki allah, ishwar., bhagwan… Read more »
Rajiv

कुरान का printout लेके अपने पिछवाड़े में डाल ले|

Nastik_ex hindu
@Rajiv (Ghatiya Vichro ki Murat) Qyo Tum Vedas Ke Sath Aisa He Karte Ho Hai Na? Us Hisab Se Tumhare Phichwade Me Agar Garam Sariya Dal Du To Bhi Tum Ko Koi Appati Nahi Honi Chahiye! Tum Ko Toh Is Bat Ki Adat Hogayi Hogi To Phir Kisi Bhi Chiz… Read more »
Rajiv

घटिया इंसान
गरम सरिया तो बर्मा के बोध लोग डाल रहे हैं
कहाँ पर। ..यह बताने की जरुरत नहीं हे

Rajiv

kuran karid li he maine

quran ke panne fad kar apne kutte ki tatti uthaunga ab me

Nastik_ex hindu
Acha?? Jis Ki Spelling Thik Se Likhni Nahi Ati Usko Kharid Kar Kya Fayda Tera! Tujh Me Aur Kutte Me Humko Koi Fark Nazar Nahi Ata Hai Balke Kutta Bhi Tumse Adhik Gunvan Sabit Hojayega Wo Bat Aur Hai. Par Nazar To Sab Par Rehti Hai Us Paramatma Ki Toh… Read more »
Gulzar Ansari
MR rajiv shayad aap apne maa baap, bhai behan,, or pariwar walon se bhi isi tarah pesh aate honge .,kitna achha lagta hoga na aapko is tarah ke comment apke pariwar walon ko bhi., apne maa baap bhai or behan ., shayd apne bete ya .,.betiyon.,., ko bhi yahi sikhayenge,.,… Read more »
Rajiv

नहीं मैँ सिर्फ तुम जैसे नीच लोगों से ऐसे बात करता हूँ

Gulzar Ansari

mr rajiv.,

is waqt to tu hi.,.,,,,,…><> kaam kar raha hai.,. NEECH insaan NEEEEECH.,.soch.,. tu nukssaan khud ka kar raha hai., ye baat alag hai ki tu jaanta nahin.,. isi ko agyanta kahte hain,.

Rajiv

नीच तो तुम्हारी पूरी कौम हे
मुझे सबूत देने की भी जरुरत नहीं , तुम्हारे कर्म ही सबूत हैं

rajk.hyd
adarniy ati quranbhakt ji , hamn equran”nangi ankho ” se padha hai, beshak usme achhi bate bhi shamil hai saval to is baat ka hai ki quran ko jab allah ki kitab kaha jata hai to usme bhari galtiyo kyo hai ? kuran me kafi khamiya thi tabhi ham usko… Read more »
Gulzar Ansari
Mr raj Ye jo aspne post kiya h .. ye baat zahir karti hai ki jo aap sochte hain wesa hona chahiye tha… jo aapko sahi lagta hai wo hona chahiye …. aapki problem yahi hai ki aap khud ko sahi samajhte hain.. jbki aap sahi or galat ki defination… Read more »
rajk.hyd

shri gulzar ji dekhe kuran 8/65 aur66 jisme in do ayato me hi 500% ka anatar maujud hai

Gulzar Ansari

comment image

Gulzar Ansari

comment image

Abdu Abdu

. Ye kon se ayat hai aur kis liye

Gulzar Ansari
Mr raj.. Aap to refrence denge nahin.. lijiye hum aapki galatfahmi door kar dete hai…quran 8/65 or 8/66 padh lijiye.. bina wajah ke apne aap ko turram khan mat samajhiye… aap ko bimari hai khud ko achha batane ki or bina wajah islam ki burayi karne ki… aap ki poori… Read more »
Abdu Abdu

Are akl ke dushman. Tum kon se Ayat de raho ho, Jara check bhi kar lo.

Gulzar Ansari
Mr abdu. Aap apne aap ko dekho badtameez insaan.. aapko ko to sharm ke maare doob marna chahiye.. jo insaan apne dharm ko chhupata ho usme kya eeman bacha hoga.. are wo to eemaan ko janta bhi nahin hoga ki aakhir eemaan bhi kuchh h. . aapka ulta pulta bolna… Read more »
Shiva B
Wahi eeman, by hook or crook convert karne ki izaajat dethi hai tu kis eeman ki bat kartha hai… Ek choti si takleef hai ye kaisi pareeksha aur kyon? 0. God has no image/form but he created human in his image? [Confused?] 1. Different for everyone but we all start… Read more »
Abdu Abdu
@Shiva I was also an ignorant Muslim. When I read the Quran I had had to make a choice. The choice was to become a terrorist or to leave Islam. Many Muslims leave Islam after they learn the truth about it but the vast majority don’t. Instead they become radicalized.… Read more »
Gulzar Ansari

Hindi please… i will try to give u all ur anwer … agar aap hindi me sawal kar sake to..

Abdu Abdu

@Gulzar
Tum Mujhe Saudi ki Sachi Aulad lagte ho ! Jehad karo, jehad
1 Muslamman 5 Issa-iyo ya Hinduo ke brabar hai Quran 8/65.

Gulzar Ansari

Jung k maidan me….

Poora to bataya karo …

Gulzar Ansari

Jung k maidan me

Abdu Abdu

@Gulzar
Tum Mujhe Saudi ki Sachi Aulad lagte ho ! Jehad karo, jehad
1 Muslamman 2 Issa-iyo ya Hinduo ke brabar hai Quran 8/66.

Abdu Abdu

Jung to pichle 1400 saal se chhidi hui hai. Muslmaano ne kaffiro ki sharan le rakhi hai.

Gulzar Ansari

Aapka yah sochna galat hai.. aapko galatfahmi hai ki islam 1400 saal se hai bahut logon ko yah galatfahmi hai.. problem aapki ye hai ki aapko islam ka matla. Hi nahin pata.. or jihad ka matlab bhi nahon pata… aapki jaankari bilkul galat hai..

Abdu Abdu
@gulzar_ansari: Jihad ka artha hai gair Muslimo se ladna jo Muhammad ko paigamber nahi mante. Aur Jihad ka Inaam hoga 80000 nokar aur 72 sunder kanya sex karne ke liye. Qyo na Muslim Jihad kare? Read the Hadith The Prophet Muhammad was heard saying: “The smallest reward for the people… Read more »
Gulzar Ansari
mr abdu., aapki ye jhoonthi baatein aapse gunaah karwa rahi hain., shaitan aap par poori tarah se haavi hai., gour karke dekhiye aap khud ko kya aap kisi ko bura kahna chahte honge .,.,nahin., magar aap kah rahe hain., kyonki shaitan aapse apna kaam karwa raha hai., shaitan ko hasil… Read more »
Abdu Abdu

@Gulzar
Qya tum English jante ho qyoki kaffiro ki Hindi bhasha me likhna mere liye mushkil ho raha hai.Yadi ha to me aapko turant jawab deta hu.

Gulzar Ansari
ji nahin mujhe english bahut kam hi samjh aati hai. ., or mujhe aapke jawab ki koi zarurat nahin. , jo insaan apne dharm ko chhupata ho jise yahi nahi pata ho ki dharm aakhir hota kya hai., mujhe nain lagta wo insaan sach me insaan hai., mujhe wo shaitaan… Read more »
Abdu Abdu

@Gulzar
English nahi aati to Qya aata hai tumhe? Arbi Aati hai? Ya wo bhi nahi aati? Kaffiro ki bhasha bolte ho aur kaffiro se hi nafrat karte ho. Wah miya kitne bade murkh ho tum.

Gulzar Ansari
Lagta h dil pe lag gai aapke.. shyad bhadas nikal rahe ho… koi baat nahi… halke ho jao… H Or haan hum kisi se nafrat nahin karte mere bhai. Balki nafrat to aapki baton se zahir ho rahi hai muslims ke liye… aapki baaton se lav raha h aap gair… Read more »
Abdu Abdu

Haa me nafrat karta hu muhammad se aur Allah. Ye dono Shaitan hai. par me mohbaat karta hu Hinduo se yahudiyo se aur Ishaiyo se.

Gulzar Ansari

ye isliye hai ki un logon ne khuda or uske rasool ki mukhalif ki or jo shakhs kuda or uske rasool ki mukhalfat karega to yaad rahe ki khuda bada sakht azaab karne wala hai.,(QURAN 8/13)

Nastik_ex hindu

@abdu abdu
Tum muslim ke name par bahot bada dhabba ho jo hindu ko support kar raha hai.

Shiva B
“Jo admi khud apne dharm ko thik se nahi samajh paya wo dusre ko kya khak samjhayega.” You are an Ex_Hindu, so you must be well aware of hinduism? Hinduism = Purans + Rituals + ManuSmriti + Brahmin up rule? I’m confidant that you don’t even know a thing about… Read more »
Abdu Abdu
The following is the story of Safiyah Bint Huyai Ibn Akhtab, the Jewish woman who was captured when Muhammad’s troops attacked Khaibar and brought her to the Prophet as part of his share of the booty. Muhammad ordered Kinana, the young husband of Safiyah to be tortured to death to… Read more »
Abdu Abdu
Cont.. However, when he went to their quarter, accompanied by six of his close companions, the Jews were too frightened to argue and agreed to collect the money. Muhammad and his companions then sat beneath the shade of a wall while the Jews went to collect the money that he… Read more »
Abdu Abdu
@nastik_ex_hindu:disqus What makes one a human is sympathy and empathy, the ability to feel the pains of others and the understanding that other humans have the same rights as we do. Therefore we must not do to others what we don’t like done to us. This ability which we call… Read more »
Nastik_ex hindu
Bahot badhiya!! Hum Ko Jara Is Bat Ka Ref. De Sakte Ho Ke Kis Hadith Me Yeh Bat Batayi Gayi Hai?? I Dont Thing So….. Yeh Apni Manghadant Kahani Bayan Kar Rahe Ho Tum Is Liye Hum Kehte Hai Ke Islamic Core Philosophy Ko Padho “Milawati” Bato Se Bacho Aur… Read more »
Abdu Abdu

@nastik_ex_hindu:disqus

Mere guru ko aaj tak koi debate me nahi hara saka hai. Unka naam sunte hi Muslim scholars ki Chaddhi gili ho jaati hai.

Dr. Ali Sina an Ex Muslim from iran & founder of faithfreedom.org

Nastik_ex hindu
Dear Abdu, Dr, Ali Sina Insaan Hai Koi Bhagvan Ka Avtar Nahi Hai Jo Unki Har Baat Saty Hojayegi.Har Wyakti Ko Kisi Na Kisi Profession Me Expertness (Maharat) Hoti Hai Jaise Koi Sabse Adhik Shakti Shali Wyapari Hota Hai To Koi Sabse Dabangg Wrestler Jis Ko Koi Patkhani Nahi Desakta… Read more »
Abdu Abdu
Just shut up ! Do not talk nonsense. Dr. Ali Sina offers $ 1,00,000 (US Dollars) if any one have guts to disprove his accusations Muhammad was a pedophile, a rapist, a mass-murder. a Mad man, a looter, a terrorist, a narcissist, a lecture, a misogynist, an assassin, a cult… Read more »
Nastik_ex hindu
Lolz…. Qyo Tumhare “Hero” Ke Bare Me Do Shadb Sach Ke Kya Boldiye Tum to Bura Man Gaye! Chalo Koi Nahi Waise Tumko Batadu Bander Ko Sunder Bol dene Se Wo ‘Sunder’ Nahi Kehlata Wo Name & Reality Se Bander He Rehta Hai Like Your Hero……. Ek Bar Jungle Me… Read more »
Abdu Abdu
@Shiva Read this interview on Faithfreedom And, what about the Holy Qur’an? Well, the Holy Qur’an was actually the Holy terrorist manual of Muhammad. No God had written this book. Today from Taliban warlords to ISIS fanatics – practically every Muslim terrorist can justify his destructive acts by citing Qur’anic… Read more »
Nastik_ex hindu
Caste (varna): Brahmin = Priest Caste; Ksatriya = Rajanya/Ruler/Warrior Caste; Vaisya = Commoner Caste; Sudra = Servant/Slave Caste; and Avarna = Outcaste/Untouchable/Dalit/Candala/Dog-eater. There are also many subsets in each caste. Dvija = twice-born (twice-born = upper 3 castes or sometimes just Brahmin caste particularly). Some Hindus have a delusion that… Read more »
Shiva B
Wow amazing!! really wow.. You have gathered all the knowledge you need to hate hinduism… Classic..Must appreciate you for this. I can prove otherwise on Gita and Chandogya verses (ambedkar also agreed, but im not sure you would) + I don’t give a damn about Ramayan later versions.. Dr. Charles… Read more »
Nastik_ex hindu
@Shiva, Raam ko kya mana jata hai? bhagwan or Insan? agar tum kahoge bhagwan to ek bhagwan itna krur kaise ho sakta hai jisne chal aur dhoke se pehle sugreev ke sath dosti karke uske bhai bali ko mar diya aur phir vibhishan ke sath mitrata kar ke ravan jaise… Read more »
Shiva B
Hypocrisy ka matlab dund lena… thum jo upar likhe ho wo exactly wahi hai.. Agar koi Ravan ko hero bol bhi detha me samajath jatha par thu tho ajeebsa confused bandha hai.. ” ravan chupa hua hero tha jiska ekmatra uddesh ye tha ke wo ram ke hatho se mar… Read more »
Nastik_ex hindu
Hypocrisy!!! Wo to ajkal humare hindu samaj me bahot dekhne ko milti hai. Aur koi hamare ‘Hypocrisy’ ko exposed kare wo bhi hum log bardasht nhi karte jaise PK movie ko le kar jhamela hua tha usko abhi rehne dete hai. Dekho mene ravan ko chupa hua hero isliye kaha… Read more »
Shiva B
Check my answer to PK & OMG… https://www.facebook.com/Answer.to.PK.and.OMG/posts/1660568174183707 “Wo to ajkal humare hindu samaj me bahot dekhne ko milti hai.” Mere bhai.. Samaj aur Ramayan & Gita are entire different aspects… Samaj economy ki dhum par chalthihai, brahmanone paise lootne hethu bahuth saare rasthe doond nikale Ex: Satynarayan puja and… Read more »
Shiva B
Ramayan ki baath chodo thumari baat karthe hai.. ” ravan chupa hua hero tha jiska ekmatra uddesh ye tha ke wo ram ke hatho se mar kar moksha pana chahta tha isi karan usne seeta ka apharan kiya tha” This is your statement in first comment, based on which I… Read more »
Nastik_ex hindu
Bhai Apka Gyan Mujh Se Jayada Hosakta Hai Is Bat Se Mujhe Koi Appati Nahi!! But The Fact Is Aaj Ke Dor Me Hamare Hinduism Me Kitni Milawati Batein Chal Rahi Hai (Ex:Ram vs Ravana) Toh Jab Itna Confusion Hai Koi Kuch Manta Hai Toh Koi Kuch Sachayi Jan ne… Read more »
Shiva B
Cast-system; untouchability, mindless ritualism, dharshan lines with price tags at big temples, and babas & gurus dramas ye sab ki kadapi defend nahi kartha hun.. Aur ye sab insaniyath pe nahi balki Gita / Upanishadompe dabba hai… Inko har giz rokna tho padega, lekin is aad me thumjaise koi Gita… Read more »
Nastik_ex hindu
Bhai Hum to Insaniyat Ke Dharm Me Bharosa Rakhte Hai Jo Koi Galat Tarike Se Kisi Ki Alochna Kar Raha Hai Usko Uski Asliyat Zarur Yad Dilate Hai, Hamara Tarika Galat Hosakta Hai Lekin Hamara Uddesh Galat Nahi Hai! Krishna Ko Bhi Mante Hai Muhammed (pbuh) aur Jesus Adi Ko… Read more »
Shiva B
Koi Jaathi/Janam se Rakshas nahi balki karmonse hotha hai.. Sathya ko sweekarne ke liye himmath ki jaroorath hai jab wo hamare kilaf hai.. Bible & Quran are anti humanity.. and unlike hindu religion they are rigid.. How ridiculous it would be if god says I will give you 100yrs of… Read more »
Shiva B
Me sirf uski saar aur neethi wa philosophy pe dyan dethe hai.. Shiv ka thathv yahi ki na koi mahan na koi bura; Shiv ka drishti me Ram koi mahan nahi aur Ravan koi bura nahi.. Aur Sanathan me har kisi ko unnathi ki mauke diye jathe hai naki bas… Read more »
Abdu Abdu
@nastik_ex_hindu:disqus Hypocracy to tum me bhi hai. Tum kaffiro ke culture ko apnaate ho unki bhasha bolte ho aur unkee tarah rahte ho. Tum kaha se muslmaan ho? Kisi kaffir ko tumne maara nahi aur sochte ho Allah tumhe 72 sunder aurte dega jannat me . Prophet ne hazaaro kaffiro… Read more »
Nastik_ex hindu
Wow! True islamic knowledge & eye opening statement!! @abdu miya Kis ne tum ko kahdiya ke sirf khun bahane se he jannat aur angels milegi? Zara gaur se padho usme Namaz, Roza, Zaqat, Tauhid aise Amal mojud hai uska tumhe pata nahi Deen ka kuch Wasta nahi. Sirf Sex &… Read more »
Abdu Abdu
@Nastik_ ex hinu Bhai tumhare raam ki ek baat achhi thi ki usne lanka ko jitne ke baad bhi vaha ki aurto ko bandi nahi banaya aur na hi unki ijat looti aur na hi lanka ki sampati looti jabki hamre muhammad ne usko paigamber na manane walo ki aurto… Read more »
Gulzar Ansari
Mr abdu.. Tu kitna bada haram ka jana hai.. are tu muhammad (saw) ko apna kaise kah ra hai haramkhor.. Hum samajh rahe hain tu muslim bankar hindu or muslim me ladai karwane ke liye aisa bol raha hai.. Asal me tera koi deen dharm nahi hai… are laanat hai… Read more »
Nastik_ex hindu

@abdu,

Wow…..

I mean awsome knowledge u hv about islam..
Muhammad (pbuh) ne kisi ki izzat nhi luti un ko islam apnane ki dawat di thi.

Abdu Abdu
Interview Do you mean hate and violence are at the core of Islam? Yes, this is exactly what I want to say again and again. Hate is the basic tenet of Islam and violence is the conclusion. The more devoted a Muslim is, the more hateful he is. There are… Read more »
Nastik_ex hindu
And what about Maulana Abul kalam azad…. Ashfaq ulla khan…. APJ Abdul kalam?? ye log Kya Mars par raha karte thay? Apjaise logo ki isi choti soch ki wajah se aaj desh aur duniya ka ye hal hai har jagah apni manmani karte ho aur phir munh ke bal ulte… Read more »
Nastik_ex hindu
“A Ksatriya in adversity may also make a living by all of these (means); but he should never be so proud as to assume the livelihood of his betters. If a man of the lowest caste should, through greed, make his living by the innate activities of his superiors, the… Read more »
Nastik_ex hindu
CASTE IN THE GITA There is ample justification in the Gita alone to maintain caste divisions & oppressions; here are Lord Krsna’s words: “It is far better to perform one’s svadharma (prescribed duties), even though faultily, than another’s duties perfectly. Destruction in the course of performing one’s own duty is… Read more »
Shiva B
“In Hinduism, it is understood that women cannot sacrifice or conduct official yajnas (nor become priests of course) because a male relative is required.” Half truth; have ever seen a male alone doing yagna? without wife? [yes gurus might but normal single males cant perform yagna without wife] And sadhakas… Read more »
Nastik_ex hindu
Dr. Charles claims that Ramayana contains much pornographic material and cannot be read in public. He gives the following examples: Rama’s description of Sita’s beauty which is lewdly detailed (refer to C.R. Srinivasalyengar’s translation of Aranya Kandam – chapter 46). In Kiskind Kandam, Rama explains to Lakshmana of his sexual… Read more »
Abdu Abdu
What is the origin of this unjustified hate and dark force? All the evils what we can see today are rooted in Muhammad. Muslims receive their destructive mindset from Muhammad. Muhammad had died several centuries ago but still he is very much present amongst Muslims in spirit long after he… Read more »
Nastik_ex hindu
Great… Apka knowledge aur IQ level kamal ki hai uski dad deni hogi.. Tum ne islam choda qyo ke wo tumhare hisab se voilent religion hai jabke islam ka arth hota hai peace. Ishwar ne agar is ki rachna nahi ki hoti to phir ye itna kaise badhta? Qyo Muhammad… Read more »
Shiva B
Aswamedtha Yaga – Unification of kingdoms literally war to unify India… Dhasharatha wanted sons but waited till Ashwamedha yaga finished, did yagna for gods and had 4 sons in peace time.. Later even Ram does Aswamedha Yagna. Rajasuya Yagna of Yudhistir – same Akanda Bharath of Chanakya all same.. If… Read more »
Nastik_ex hindu
@Shiva, Ye sare jo granth hai like: vedas, manusmriti, Srimad Bhagavad Gita wo ishwar dwara bheji gayi pustake nahi hai. yeh to swayam rishi muniyo aur kuch vidvan purusho ki khoj aur unke gyan ka lekha jokha hai aur to aur isko bad me dharm ke kuch ati gyani logo… Read more »
Shiva B
“Bible & Quran to God/ishwar ki taraf se bheji huyi hone ka dawa karte hai” Dawa karne se kuch nahi hota.. 10 commandments are weak students memory of Yama + Niyama Seems that our Pathanjai much more greater than your God of “Books” As Yama-Niyama are more broader and universal… Read more »
Nastik_ex hindu
Mahesh or Shiv : The third one in the trio is known as Mahesh or Shiv. Not too many incarnations are registered in his name. He is known as God of Death. All ghosts, demons, draculas and evil spirits are his followers. He is believed to be God of Shudras.… Read more »
Nastik_ex hindu
Their another book Ling Puran i.e. History of Penis tells another story. It says once Brahma and Vishnu were fighting over their supremacy. Suddenly a giant penis appeared between them. Both agreed whosoever would find one end of the penis, would be Supreme God. Both travelled thousands of miles but… Read more »
Shiva B
Wow!!!!! Eye opener about your thoughts… and way of thinking…. Stri Ling, Pu Ling, Shiv Ling…. Ling – Symbol or Sign sort of thing Stri Ling – Women Penis Pu Ling – Men Penis Shiv Ling – Shiv’s Penis Wow! Really Wow … Forget about Shiv its beyond your contemplation.… Read more »
Nastik_ex hindu
@Shiva, I am not fluent in english so will try to speak in hindi.. humko is ling wing se koi lena dena nahi hai yeh sirf me ne apko udharan ke tor par dikhaya tha.tumhare uttar ke bhi hum sarahna karte hai par hinduism me bahot si kamiya hai ye… Read more »
Nastik_ex hindu
At one time Indra was called the supreme god (―Supreme is Indra over all” – Rig Veda X.86) “Indra is sovereign Lord of earth and Heaven.Indra is Lord of waters and of mountains.Indra is Lord of prosperers and sages. Indra must be involved in rest and effort (Rig Veda X… Read more »
Nastik_ex hindu
1. मत्स्यावतार: आर्यों के वेदों और पुराणों में वर्णित मत्स्य अवतार का गहन अध्ययन करने से और हजारों शोधों का अध्ययन करने से पता चलता है कि यह एक झूठी कहानी है। ना तो कभी मत्स्य अवतार हुआ और ना ही आज तक पूरी दुनिया में कोई ऐसा इंसान हुआ… Read more »
Nastik_ex hindu
आस पास के द्वीप पानी में स्थित थे और आर्यों का उन द्वीपों पर से राज्य समाप्त हो गया था। तो इस घटना को पृथ्वी को पानी के अन्दर ले जा कर छुपाना प्रचारित किया गया। हिरणायक्ष को हराने के लिए एक बार फिर विष्णु ने छल कपट का सहारा… Read more »
Gulzar Ansari

Bina allah kimarzi ke koi kuchh nahin kar sakta … agar insaan mo esa lagta hai ki wo karta hai.. wo bahut kuchh bana sakta hai. To bina kisi cheez ke koi ek cheez bana kr dikhaye..

Jaise allah ne humien banaya jbki hum kuchh bhi nahin the…

Gulzar Ansari
Mr abdu… Kis baat ka gussa dikha rahe ho mere bhai.. main tumse kb kaha ki main tum jaise insaanon se nafrat krta hoon..?? Main to tum jaise logon se or zyada pyaar karta hoon . Kyonki mujhe bahut afsos hota hai jb aap jaise kisi insaan se mujhe jhoonthi… Read more »
Abdu Abdu

@Gulzar
Tum koi Hindu lagte ho jo Muslim naam se comment kar raha hai. Tumhari bhasha me confirm hu tum koi Hindu ho aur mere sath maje le rahe ho

Nastik_ex hindu

Jis tara se tum bat karte ho wo dekh kar mujhe lagta hai ke tum khud kisi hindu ki santan ho apne parents se confirm karo.

Qyo ke koi bhi religion ka insan apne mazhab se hindu dharm me convert nhi ho sakta.

Abdu Abdu

@Nastik & Gulzar
kabhi sabhi Hindu the. Makka me 100% log Muhammad se pahle Hindu hi the.

Gulzar Ansari

Are tu khud to chhupa raha hai apna dharm ki tu hindu hai ya kya hai… dusron ko kya bta raha hai.. teri ragon me jhoonth hi jhoonth hai .. tera eeman sirf paisa hai.. tu kya jaane deen dharm

Abdu Abdu

@Gulzar
Are bhai chhupane ki qya baat hai me to sweekar karta hu mere poorvaj bhi hindu the prophet muhammad ki tarah. Pahale Muslamman prophet bane ye to hadiso me bhi likha hai.

Gulzar Ansari

Mr abdu

Ye jaankari bhi galat hai aapki.. aap vumrahi me hain

Nastik_ex hindu

@disqus_caKfg0vZCB:disqus
us se pehle bhi duniya thi abdu miya kya wo bhool gaye tum?
kya wo log kahi par se download kiye gaye the? lolz….

Abdu Abdu
@gulzar_ansari:disqus Muhammad khud Hindu tha apne jivan ke 40 Varsho tak. Agar Vaha ke Hindu Muhammad ko shuru me hi maar dete aur usko naya dharm laane ki agya nahi dete to aaj islam bhi nahi hota, Muhammad ne vaha ki democracy ka phayada uthaya aur baad me apne hee… Read more »
Gulzar Ansari
Mr abdu Tum hindu ki defination tak nahin jaante.. pata bhi hai aakhir hindu kahte kise hain? Nahin pata hoga pta hai to zaroor batana saboot ke saath… Kyonki main achhi tarah samajh gya hoon. Na tu hindu hai na muslim.. tera busness hai ye blog tu is blog ko… Read more »
Abdu Abdu
@gulzar_ansari:disqus Aapne sahi pakda hai me Hindu kahlaana pasand bhi nahi karta. Me manavta me viswas karta hu aur usi ko dharm manta hun Me sochta hu ki prophet muhammad ne qyo gair Muslim aurto se balaatkar ki ijaajat di apni army ke logo ko aur unhone khud bhi yahudi… Read more »