मैं जाति नहीं, जातिवाद के विरुद्ध हूँ. आप अपनी जाति को श्रेष्ठ मानते हैं तो मैं भी आपके साथ आपके पूर्वजों को नमन करता हूँ. क्योंकि वे मेरे भी पूर्वज हैं. DNA से नहीं तो प्रेरणा से तो निश्चित रूप से.
इस देश को समाज को इस लायक बनाने में कि मुझ जैसा निकृष्ट भी गौरव कर सके, देश धर्म के लिए स्वाहा की सोच सके तो इस में हर जाति का, उनके पूर्वजों का महती योगदान है. सबको बारम्बार नमन.
बस अपने जाति अभिमान में दूसरों की जाति को तुच्छ समझने की भूल न करें. हर वो जाति जिसके पूर्वजों ने अस्मिता के लिए, यवन आक्रमण के विरुद्ध गर्दन ऊंची की, इतने लंबे काल की दुर्घटना के बावजूद धर्म बचाए रखा, वो सब मेरे अपने पूर्वज हैं पितर हैं. उनकी संतानों को एक कर उनके अधूरे कार्य को समाप्त कर सकूं, यही मेरा स्वप्न है, मेरी श्रद्धांजलि है.
Agniveer Shakha – How to start an Agniveer Chapter in your Locality?
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