हवन की महिमा

हवन क्या है? अपने जीवन को उजले कर्मों से और चमकाने का संकल्प! अपने सब पाप, छल, विफलता, रोग, झूठ, दुर्भाग्य आदि को इस दिव्य अग्नि में जला डालने का संकल्प! हर नए दिन में एक नयी उड़ान भरने का संकल्प, हर नयी रात में नए सपने देखने का संकल्प! उस ईश्वर रूपी अग्नि में खुद को आहुति बनाके उसका हो जाने का संकल्प, उस दिव्य लौ में अपनी लौ लगाने का संकल्प और इस संसार के दुखों से छूट कर अग्नि के समान ऊपर उठ मुक्त होने का संकल्प! हवन मेरी सफलता का आर्ग है. हवन मेरी मुक्ति का मार्ग है, ईश्वर से मिलाने का मार्ग है.

हवन / यज्ञ/ अग्निहोत्र मनुष्यों के साथ सदा से चला आया है। हिन्दू धर्म में सर्वोच्च स्थान पर विराजमान यह हवन आज प्रायः एक आम आदमी से दूर है। दुर्भाग्य से इसे केवल कुछ वर्ग, जाति और धर्म तक सीमित कर दिया गया है। कोई यज्ञ पर प्रश्न कर रहा है तो कोई मजाक। इस लेख का उद्देश्य जनमानस को यह याद दिलाना है कि हवन क्यों इतना पवित्र है, क्यों यज्ञ करना न सिर्फ हर इंसान का अधिकार है बल्कि कर्त्तव्य भी है. यह लेख किसी विद्वान का नहीं, किसी सन्यासी का नहीं, यह लेख १०० करोड़ हिंदुओं ही नहीं बल्कि ७ अरब मनुष्यों के प्रतिनिधि एक साधारण से इंसान का है जिसमें हर नेक इंसान अपनी छवि देख सकता है. यह लेख आप ही के जैसे एक इंसान के हृदय की आवाज है जिसे आप भी अपने हृदय में महसूस कर सकेंगे..

हवन- मेरी आस्था

हिंदू धर्म में सर्वोपरि पूजनीय वेदों और ब्राह्मण ग्रंथों में यज्ञ/हवन की क्या महिमा है, उसकी कुछ झलक इन मन्त्रों में मिलती है-

अग्निमीळे पुरोहितं यज्ञस्य देवमृत्विजम्. होतारं रत्नधातमम् [ ऋग्वेद १/१/१/]

समिधाग्निं दुवस्यत घृतैः बोधयतातिथिं. आस्मिन् हव्या जुहोतन. [यजुर्वेद 3/1]

अग्निं दूतं पुरो दधे हव्यवाहमुप ब्रुवे. [यजुर्वेद 22/17]

सायंसायं गृहपतिर्नो अग्निः प्रातः प्रातः सौमनस्य दाता. [अथर्ववेद 19/7/3]

प्रातः प्रातः गृहपतिर्नो अग्निः सायं सायं सौमनस्य दाता. [अथर्ववेद 19/7/4]

तं यज्ञं बर्हिषि प्रौक्षन् पुरुषं जातमग्रतः [यजुर्वेद 31/9]

अस्मिन् यज्ञे स्वधया मदन्तोधि ब्रुवन्तु तेवन्त्वस्मान [यजुर्वेद 19/58] 

यज्ञो वै श्रेष्ठतमं कर्म [शतपथ ब्राह्मण 1/7/1/5]

यज्ञो हि श्रेष्ठतमं कर्म [तैत्तिरीय 3/2/1/4]

यज्ञो अपि तस्यै जनतायै कल्पते, यत्रैवं विद्वान होता भवति [ऐतरेय ब्राह्मण १/२/१]       

यदैवतः स यज्ञो वा यज्याङ्गं वा.. [निरुक्त ७/४]

इन मन्त्रों में निहित अर्थ और प्रार्थनाएं इस लेख के अंत में दिए जायेंगे जिन्हें पढकर कोई भी व्यक्ति खुद हवन करके अपना और औरों का भला कर सकता है. पर इन मन्त्रों का निचोड़ यह है कि ईश्वर मनुष्यों को आदेश करता है कि हवन/यज्ञ संसार का सर्वोत्तम कर्म है, पवित्र कर्म है जिसके करने से सुख ही सुख बरसता है.

यही नहीं, भगवान श्रीराम को रामायण में स्थान स्थान पर ‘यज्ञ करने वाला’ कहा गया है. महाभारत में श्रीकृष्ण सब कुछ छोड़ सकते हैं पर हवन नहीं छोड़ सकते. हस्तिनापुर जाने के लिए अपने रथ पर निकल पड़ते हैं, रास्ते में शाम होती है तो रथ रोक कर हवन करते हैं. अगले दिन कौरवों की राजसभा में हुंकार भरने से पहले अपनी कुटी में हवन करते हैं. अभिमन्यु के बलिदान जैसी भीषण घटना होने पर भी सबको साथ लेकर पहले यज्ञ करते हैं. श्रीकृष्ण के जीवन का एक एक क्षण जैसे आने वाले युगों को यह सन्देश दे रहा था कि चाहे कुछ हो जाए, यज्ञ करना कभी न छोड़ना.

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जिस कर्म को भगवान स्वयं श्रेष्ठतम कर्म कहकर करने का आदेश दें, वो कर्म कर्म नहीं धर्म है. उसका न करना अधर्म है.

हवन- मेरा जीवन   

मेरा जन्म हुआ तो हवन हुआ. पहली बार मेरे केश कटे तो हवन हुआ. मेरा नामकरण हुआ तो हवन हुआ. जन्मदिन पर हवन हुआ, गृह प्रवेश पर हवन हुआ, मेरे व्यवसाय का आरम्भ हुआ तो हवन हुआ, मेरी शादी हुई तो हवन हुआ, बच्चे हुए तो हवन हुआ, संकट आया तो हवन हुआ, खुशियाँ आईं तो हवन हुआ. एक तरह से देखूं तो हर बड़ा काम करने से पहले हवन हुआ. किस लिए? क्योंकि मेरी एक आस्था है कि हवन कर लूँगा तो भगवान साथ होंगे. मैं कहीं भी रहूँगा, भगवान साथ होंगे. कितनी भी कठिन परिस्थिति हों, भगवान मुझे हारने नहीं देंगे. हवन कुंड में डाली गयी एक एक आहुति मेरे जीवन रूपी अग्नि को और विस्तार देगी, उसे ऊंचा उठाएगी. इस जीवन की अग्नि में सारे पाप जलकर स्वाहा होंगे और मेरे सत्कर्मों की सुगंधि सब दिशाओं में फैलेगी. मैं हार और विफलताओं के सारे बीज इस हवन कुंड की अग्नि में जलाकर भस्म कर डालता हूँ ताकि जीत और सफलता मेरे जीवन के हिस्से हों. इस विश्वास के साथ हवन मेरे जीवन के हर काम में साथ होता है.

हवन- मेरी मुक्ति     

हवन कुंड की आग, उसमें स्वाहा होती आहुतियाँ और आहुति से और प्रचंड होने वाली अग्नि. जीवन का तेज, उसमें डाली गयीं शुभ कर्मों की आहुतियाँ और उनसे और अधिक चमकता जीवन! क्या समानता है! हवन क्या है? अपने जीवन को उजले कर्मों से और चमकाने का संकल्प! अपने सब पाप, छल, विफलता, रोग, झूठ, दुर्भाग्य आदि को इस दिव्य अग्नि में जला डालने का संकल्प! हर नए दिन में एक नयी उड़ान भरने का संकल्प, हर नयी रात में नए सपने देखने का संकल्प! उस ईश्वर रूपी अग्नि में खुद को आहुति बनाके उसका हो जाने का संकल्प, उस दिव्य लौ में अपनी लौ लगाने का संकल्प और इस संसार के दुखों से छूट कर अग्नि के समान ऊपर उठ मुक्त होने का संकल्प! हवन मेरी सफलता का आर्ग है. हवन मेरी मुक्ति का मार्ग है, ईश्वर से मिलाने का मार्ग है. मेरे इस मार्ग को कोई रोक नहीं सकता.

हवन- मेरा भाग्य     

लोग अशुभ से डरते हैं. किसी पर साया है तो किसी पर भूत प्रेत. किसी पर किसी ने जादू कर दिया है तो किसी के ग्रह खराब हैं. किसी का भाग्य साथ नहीं देता तो कोई असफलताओं का मारा है. क्यों? क्योंकि जीवन में संकल्प नहीं है. हवन कुंड के सामने बैठ कर उसकी अग्नि में आहुति डालते हुए इदं न मम कहकर एक बार अपने सब अच्छे बुरे कर्मों को उस ईश्वर को समर्पित कर दो. अपनी जीत हार उस ईश्वर के पल्ले बाँध दो. एक बार पवित्र अग्नि के सामने अपने संकल्प की घोषणा कर दो. एक बार कह दो कि अब हार भी उसकी और जीत भी उसकी, मैंने तो अपना सब उसे सौंप दिया. तुम्हारी हर हार जीत में न बदल जाए तो कहना. हर सुबह हवन की अग्नि में इदं न मम कहकर अपने काम शुरू करना और फिर अगर तुम्हे दुःख हो तो कहना. जिस घर में हवन की अग्नि हर दिन प्रज्ज्वलित होती है वहाँ अशुभ और हार के अँधेरे कभी नहीं टिकते. जिस घर में पवित्र अग्नि विराजमान हो उस घर में विनाश/अनिष्ट कभी नहीं हो सकता.

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हवन- मेरा स्वास्थ्य   

आस्था और भक्ति के प्रतीक हवन को करने के विचार मन में आते ही आत्मा में उमड़ने वाला ईश्वर प्रेम वैसा ही है जैसे एक माँ के लिए उसके गर्भस्थ अजन्मे बच्चे के प्रति भाव! न जिसको कभी देखा न सुना, तो भी उसके साथ एक कभी न टूटने वाला रिश्ता बन गया है, यही सोच सोच कर मानसिक आनंद की जो अवस्था एक माँ की होती है वही अवस्था एक भक्त की होती है. इस हवन के माध्यम से वह अपने अजन्मे अदृश्य ईश्वर के प्रति भाव पैदा करता है और उस अवस्था में मानसिक आनंद के चरम को पहुँचता है. इस चरम आनंद के फलस्वरूप मन विकार मुक्त हो जाता है. मस्तिष्क और शरीर में श्रेष्ठ रसों (होर्मोंस) का स्राव होता है जो पुराने रोगों का निदान करता है और नए रोगों को आने नहीं देता. हवन करने वाले के मानसिक रोग दस पांच दिनों से ज्यादा नहीं टिक सकते.

हवन में डाली जाने वाली सामग्री (ध्यान रहे, यह सामग्री आयुर्वेद के अनुसार औषधि आदि गुणों से युक्त जड़ी बूटियों से बनी हो) अग्नि में पड़कर सर्वत्र व्याप्त हो जाती है. घर के हर कोने में फ़ैल कर रोग के कीटाणुओं का विनाश करती है. वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि हवन से निकलने वाला धुआँ हवा से फैलने वाली बीमारियों के कारक इन्फेक्शन करने वाले बैक्टीरिया (विषाणु) को नष्ट कर देता है. अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर जाइएhttp://articles.timesofindia.indiatimes.com/2009-08-17/health/28188655_1_medicinal-herbs-havan-nbri

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया भर में साल भर में होने वाली ५७ मिलियन मौत में से अकेली १५ मिलियन (२५% से ज्यादा) मौत इन्ही इन्फेक्शन फैलाने वाले विषाणुओं से होती हैं! हवन करने से केवल ये बीमारियाँ ही नहीं, और भी बहुत सी बीमारी खत्म होती हैं, जैसे-

१. सर्दी/जुकाम/नजला

२. हर तरह का बुखार

३. मधुमेह (डायबिटीज/शुगर)

४. टीबी (क्षय रोग)

५. हर तरह का सिर दर्द

६. कमजोर हड्डियां

७. निम्न/उच्च रक्तचाप

८. अवसाद (डिप्रेशन)

इन रोगों के साथ साथ विषम रोगों में भी हवन अद्वितीय है, जैसे

९. मूत्र संबंधी रोग

१०. श्वास/खाद्य नली संबंधी रोग

११. स्प्लेनिक अब्सेस

१२. यकृत संबंधी रोग

१३. श्वेत रक्त कोशिका कैंसर

१४. Infections by Enterobacter Aerogenes

१५. Nosocomial Infections

१६. Extrinsic Allergic Alveolitis

१७. nosocomial non-life-threatening infections

और यह सूची अंतहीन है! सौ से भी ज्यादा आम और खास रोग यज्ञ थैरेपी से ठीक होते हैं! सबसे बढ़कर हवन से शरीर, मन, वातावरण, परिस्थितियों और भाग्य पर अद्भुत प्रभाव होता है. घर परिवार, बच्चे बड़े सबके उत्तम स्वास्थ्य, आरोग्य और भाग्य के लिए यज्ञ से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता! दिन अगर यज्ञ से शुरू हो तो कुछ अशुभ हो नहीं सकता, कोई रोग नहीं हो सकता.

हवन- मेरा सबकुछ

यज्ञ/हवन से सम्बंधित कुछ मन्त्रों के भाव सरल शब्दों में कुछ ऐसे हैं

– इस सृष्टि को रच कर जैसे ईश्वर हवन कर रहा है वैसे मैं भी करता हूँ.

– यह यज्ञ धनों का देने वाला है, इसे प्रतिदिन भक्ति से करो, उन्नति करो.

– हर दिन इस पवित्र अग्नि का आधान मेरे संकल्प को बढाता है.

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– मैं इस हवन कुंड की अग्नि में अपने पाप और दुःख फूंक डालता हूँ.

– इस अग्नि की ज्वाला के समान सदा ऊपर को उठता हूँ.

– इस अग्नि के समान स्वतन्त्र विचरता हूँ, कोई मुझे बाँध नहीं सकता.

– अग्नि के तेज से मेरा मुखमंडल चमक उठा है, यह दिव्य तेज है.

– हवन कुंड की यह अग्नि मेरी रक्षा करती है.

– यज्ञ की इस अग्नि ने मेरी नसों में जान डाल दी है.

– एक हाथ से यज्ञ करता हूँ, दूसरे से सफलता ग्रहण करता हूँ.

– हवन के ये दिव्य मन्त्र मेरी जीत की घोषणा हैं.

– मेरा जीवन हवन कुंड की अग्नि है, कर्मों की आहुति से इसे और प्रचंड करता हूँ.

– प्रज्ज्वलित हुई हे हवन की अग्नि! तू मोक्ष के मार्ग में पहला पग है.

– यह अग्नि मेरा संकल्प है. हार और दुर्भाग्य इस हवन कुंड में राख बने पड़े हैं.

– हे सर्वत्र फैलती हवन की अग्नि! मेरी प्रसिद्धि का समाचार जन जन तक पहुँचा दे!

– इस हवन की अग्नि को मैंने हृदय में धारण किया है, अब कोई अँधेरा नहीं.

– यज्ञ और अशुभ वैसे ही हैं जैसे प्रकाश और अँधेरा. दोनों एक साथ नहीं रह सकते.

– भाग्य कर्म से बनते हैं और कर्म यज्ञ से. यज्ञ कर और भाग्य चमका ले!

– इस यज्ञ की अग्नि की रगड़ से बुद्धियाँ प्रज्ज्वलित हो उठती हैं.

– यह ऊपर को उठती अग्नि मुझे भी उठाती है.

– हे अग्नि! तू मेरे प्रिय जनों की रक्षा कर!

– हे अग्नि! तू मुझे प्रेम करने वाला साथी दे. शुभ गुणों से युक्त संतान दे!

– हे अग्नि! तू समस्त रोगों को जड़ से काट दे!

– अब यह हवन की अग्नि मेरे सीने में धधकती है, यह कभी नहीं बुझ सकती.

– नया दिन, नयी अग्नि और नयी जीत.

हे मानवमात्र! हृदय पर हाथ रखकर कहना, क्या दुनिया में कोई दूसरी चीज इन शब्दों का मुकाबला कर सकती है? इस तरह के न जाने कितने चमत्कारी, रोगनाशक, बलवर्धक और जीत के मन्त्रों से यह हवन की प्रक्रिया भरी पड़ी है. जिंदगी की सब समस्याओं का नाश करने वाली और सुखों का अमृत पिलाने वाली यह हवन क्रिया मेरी संस्कृति का हिस्सा है, धर्म का हिस्सा है, आध्यात्म का हिस्सा है, यह सोच कर गर्व से सीना फूल जाता है. हवन मेरे लिए कोई कर्मकांड नहीं है. यह परमेश्वर का आदेश है, श्रीराम की मर्यादा की धरोहर है. श्रीकृष्ण की बंसी की तान है, रण क्षेत्र में पाञ्चजन्य शंख की गुंजार है, अधर्म पर धर्म की जीत की घोषणा है. हवन मेरी जीत का संकल्प है, मेरी जीत की मुहर है. मैं इसे कभी नहीं छोडूंगा.

अग्निवीर घोषणा करता है कि अब हम हर घर में हवन करेंगे और करवाएंगे. न जाति का बंधन होगा और न मजहब की बेडियाँ. न रंग न नस्ल न स्त्री पुरुष का भेद. अब हर इंसान हवन करेगा, सुखी होगा!

जो कोई भी व्यक्ति- हिन्दू,  मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, यहूदी, नास्तिक या कोई भी, हवन करना चाहता है, संकल्प करना चाहता है, वह कर सकता है। कोई जाति धर्म- मजहब या लिंग का भेद नहीं है।

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93 Comments on "हवन की महिमा"

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Abdu an Ex Muslim
आर्यसमाज में प्रभु आश्रित जी का यश व कीर्ति यज्ञों के प्रचारक के रूप में आज भी सर्वत्र विद्यमान है। उनके एक अनुगामी दम्पती ऐसे थे जो उनके सत्संग में सम्मिलित होते थे परन्तु उनके पास धन का नितान्त अभाव था। वह उन दिनों यज्ञ करने के लिए घृत व… Read more »
ANAND
आज मनुष्य जाती ने सारी सृष्टि पर इतनी मनमानी की हैं की सारा पर्यावरण का सन्तुलन बिग़ड चूका है पाँचो -तत्व प्रदूषित हो चुके है वही तत्व आज सारे मनुष्य जाती के लिए प्रदूषित होनेके कारण कभी भी विनाशकारी रूप धारण कर सकते है उसके लिए एक ही उपाय है… Read more »
Goutam

All geniuses asking what havan gives?
They should also ask what the exhaust pipes of cars & bike is giving us?
most of them used American style English.cheap imports.Arya samaj is an ideology a part of Hinduism.Havan is useful as it purified air.My indian brothers stop thinking from others’ brains use yours.

Prashant Dixit
Many people ask as to why one should worship Shivling. Here is a simple explanation as to why one should worship Shivling and it certainly does not represent a symbol of sex. When someone equates it with sex, it shows they have forgotten that they themselves have taken birth because… Read more »
Chander Shekhar
Article to bahut achha thaa aur Yahan par likhe comments se bhee bahut khuchh seekhane ko mila. Sabhi logon ne kafi atm manthan kya hai. Lekin hum log kahte wahi hain jo kuchh hum padhate hain. Jaisa ki sabhi comments main lag raha hai ki hum log apne sanatan dharm… Read more »
kaushik dana
Par havan /homama/yagna me sabse mahatwapurna baat hai… usme padne waali smaagri agar goumata kaa shuddha desi ghee ke jagah bhains kaa ghee yaa jersey/cross cow kaa ghee pade yaa pashu charbi se nirmit ghee se ahuti dee jati hai to havan karna bekar hai isse dev shaktia rushta hoti… Read more »
rajk.hyd
shri kaushik ji apki bahut si bate saty ho sakti hai lekin jo apne yah kaha ki dev shktiya rusht ho jati hai aur kripa ke bajaye shrap de deti hai isse ham sahamat nahi ho pa rahe hai ! agar shrap aur vardaan kripa adi ki bat saty hoti… Read more »
vinod gupta
jai shree krishna sir vinod from mathura u. p. om klim krishnay vasudevay hare parmatmne prant klesh nashay govinday namo namah swah in mantra se havan kar sakte hain kya havan karte samay rahu kaal dekhana padta he thanks
ANAND
सबसे बड़ा हवन या यज्ञ है ज्ञान यज्ञ जो परमात्मा का सही ज्ञान का सारे विश्वमे प्रचार प्रसार करे और इस यज्ञ में मनुष्य की विकार रूपी बुराइओकी आहुति दे,नैतिक मूल्योंका पाठ पढ़ाये , हम सब मिलकर एक साथ स्वाहा करके अंदरकी बुराइओको जलाकर भस्म करे तब विश्वमे शांति की… Read more »
Truth Seeker

@Agniveer

Please explain How to do Havan? I want to start it without any delay.

Uddipayan
Vedic practices have been followed to serve the purpose of civilization at that period of time. A Rishi living in a Jungle with his family & shishyas lives by domesticating a cow and living on the jungle produce. He and his shishyas collect dead wood and cow milk which is… Read more »
sulagna
आप अखंड ज्योत चालू रखें उससे हमें सकारात्मक परिणाम मिलते हैं ध्यान रखेँ घी बाजारू न होकर अपने घर का हो क्योकि बाहरी घी में मिलावट होती हैं। अगर आपको सुद्ध घी नहीं मिल रहा हैं, किसी भी कारण तो आप अरण्डी के तेल से ज्योत कर सकते हैं। कारण… Read more »
raj.hyd

akhand jyoti jalane se kya sakaratmak parinam hota hai vah bhi aap batlaiye
ghar me ghi aaj ke jamane me kaise a sakta hai ajkal vah kisi janvar palne me aksham hai .

sulagna
कृप्या हवन में कभी भी उन अमुल्य वस्तुओं की आहुति (त्याग या बलिदान) नहीं देवे जो आपको चाहिये या सभी जीवो के लिए उपयोगी हैं। आहुति उन्ही चीजो के देवे जो सभी जीवो के लिए हानिकारक हें। आप अपने अंदर की लालच , क्रोध, घृणा इत्यादी अवगुणों की आहुति देवें।… Read more »
raj.hyd

krodh, ghrina, laalach adi ke liye havan ki ahuti ki jarurat hi kaha padti hai !
yagy me achhi samagri hi dali jati hai usme meva adi bhi ho sakta hai .

KRISHAN
अति उत्तम लेख! हवन हर मनुष्य को प्रेणना देता है की वह मनुष्यता की सर्वोत्तम शिखर पर जाने का संकल्प करे ! आप अपना आत्म परीक्षण करे और सर्वदा शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रयास करे ! आपका जीवन सफल बने ! KRISHAN SHEORAN
suresh

hawan

sandeep shrivastav
आपने हवन की महिमा का बहुत अच्छे से वर्णन किया । लेकिन हवन किया कैसे जाता कृपा कर इसकी पूरी विधि बतलाए । जैसे हवन की पूरी विधि क्या है ? हवन करते समय किन बातो की सावधानी रखनी (क्या करना और क्या नही करना) ? हवन के मंत्र कौनसे… Read more »
navin

kya hawan daily kiya ja sakta hai. ya agni wass ke anusaar hawan karna chahiye

Narayan

Navin ji, Namaste!

Dainik havan prati din karna chaahiye. Grihasth ke liye tho dainik havan anivaarya hai.

Vitthal Patil
कोरी बकवास | शायद हवन उस ज़माने (आर्यों के समय ) में ठीक होगा लेकिन अभी के समय में तो यह सिर्फ मुर्खता हैं । इतनी सारी सामग्री व्यर्थ नष्ट करना जबकि हमारे देश में भूख से लोग मरे जा रहे हो । केवल अन्धविश्वास । हम यह क्यूँ नहीं… Read more »
Ashok
Dear friends, Who says time has changed? Does the sun rise the same time daily? How do we survive daily? Try surviving in a airtight container for one day. Its us people who have changed thus bringing upon us all the problems that we have today!! Accept this simple fact!!!… Read more »
Ankur
श्री विट्ठल , आपके वक्तव्य से प्रत्यक्ष है की आपको नहीं तो वेदों का ज्ञान है नहीं मनुस्मृति का । वेदों में जन्मजात जतिव्यस्था है ही नहीं और जाती शब्द का प्रयोग भी अनुचित है , शब्द है वर्ण । कृपा करके agnikart.com पे मिलने वाले वेद एवं मनुस्मृति का… Read more »
Seeker
Hello Agniveerji, I want to start performing havan in near future and iam new to it. Please guide me how to start and get the material locally. Can it be done by asthmatic patient without any problem in breathing due to smoke? Can It be done inside the room without… Read more »
Manish
Namaste Panditon ne dakshina ke liye yeh propeganda bana rakha hai……. India ke karib karib 2 crore log…. bhukhe pet so jaate hai…… 10 lakh children ‘bhikari bana diye jaate hai…. Hum havan karke doodh, ghee, samaan agni ke hawaale kar de…. Bhagwan bhi sochta hoga….. hum hindu’s ka andhvishwas…..… Read more »
dev
Rashmi Be practical,if swami Ramswarup days that havan will burn karma then it doe snot become correct.Even Bhikari on street can say same.Nothing can burn karma every axtion has reaction and that is truth of this life….Havan is good for environment but apart from this it will not give crap.Coward… Read more »
harish
havan don’t burn sins committed but potential sins ie attachment or sanskars that lies in your inner mind provided that you are devoted to it..Moreover ,havan is very good as it purifies water,air,land,plants,animals and humans.So that’s why its always better than any idol ritual which is a waste.Those who do… Read more »
Meera

Agniveerji,

How can havan burn the sins committed in this life? Say somebody has committed major sins and after realisation , he starts doing havan for all his life. how come he will know that the sins are burnt? does that mean God forgives the sins if havan is done.

Thanks

dev

your provided links are not working

time of india is page not found

and tagna kit also have the same

do correct

Rashmi
Instead of listening to Deepak i suggest following should be read and thougt deeply. Questioner: Yajh ka laksh kya hai…iske atma kya hai aur kya iske bhi koi prann hai… kriya kar vistar se batiye. Swami Ramswarup : Yajya ka lakshya bhautik aur adhyatmik donon hee labh prapt karna hai.… Read more »
omsun

krishna and ram r our role model..we respect them

Test

hi

Gyan Surya
Deepak Article simply sings the glory of Havan. Where does it say only by performing havan all things will be taken care of? Where does it says that just perform havan, and do not fight against injustice, don’t be patriotic, do not try to enhance knowledge. — —-Rana PRatap never… Read more »
Dependra

Article is good but not practical,I like points made by Deepak..Anyway Good night…Deepak had made points which tear apart this Article and shows it just an article.

Gaurav

I cannot stop laughing,we should close all medical hospitals and all Doctors and just to Havan when all diseases can be cured by Fire…

Namo
Indeed though provoking by Deepak, Agniveer can you please let us know what we will get by Havan,will it give me food in todays world where land is scarce and jobs are scarce.Will it cure my disease without going to Doctor….will it save me from enemy without fighting….will it make… Read more »
Ankur

@Namo : does doing the 20 min arms up and down and flooding your body with oxygen and feeling hallucinated help your in getting a job and fighting and enemy ? its the same logic as your have applied.

Deepak

Seems agniveer is follower of Gandhi .. -:)

Deepak
Now read that agniveer has already given up as this is one of the code of conduct..Now tell me how can you win when you do not follow Geeta…One has to break laws of land to regain lost glory else this crap will keep on going..Read point 1 and it… Read more »
Deepak

Sorry to all and do not worry about my words like crap etc but do read my other comments….

Deepak
ONe Simple question to all If all this is True why people do not follow Arya Samaj or VEdic Followers…Reality is open Vedass and read you will find that all meaning of mantras are nearly without sense…….I have all vedas whcih agniveer has mentioned and it is nothing but crap…I… Read more »
Ankur

@Deepak : i am sorry, i too have a copy have ordered from agniakrt , but i don’t seem to have any problem in understanding the Vedas, you have no-one but only yourself to question.

gopal

Hindu vivah Me ladke ka hath ladki k hatoo me date h
Hawan hota h.us time use kapde se kyo dhakte h..?

Deepak

Because that all is sheer idiotness..Hinduism has nothing logical now a days all superstitious…

Deepak
Because these Hindu and Arya Samajis have gone crazy..Havan does help environment but it will not save you from enemies or make not even single wish true….this is indeed crap….Yes plants,bacteria,virus does get removed but when we have to fight against islam or xianitythen Havan will not do anything otherwise… Read more »
Satyamevajayate
@Deepak I agree with you upto the extent that we should be practical in today’s society to fight against those evil terrorists. But this does not imply that you need not do anything for spiritual enlightenment. For example,if your goal is to become an engineer, ofcourse you have to study;… Read more »
Ankur
@Deepak : yes as a conclusion you are right, Krishn himself says in Geeta that one should not do a karma, out of place. How does one get the will to stand up if the whole world is against you, will you continue to fight for what is right validate… Read more »
Deepak
Oh My Friend Deepak……I am not here to Argue…..It is so simple…..Rana PRatap never did any Havan his havan was his patriotism……Shivanji was not highly involved in Havan and was not Arya Samaji or follower of Rishi Dayanad…None of the Sikh Gururs did even single havan and whole life they… Read more »
Ankur
@Deepak : all your question stem from the ill understanding of the act of yagnya. where does the article mention that yagnya will help to physically defeat enemies? does brushing the teeth help to win a war or defeat your enemy , of course no, so as a conclusion should… Read more »
Ankur

besides it s good to question everything, but just don’t stop there seek for the right answers.

Rashmi

what this article says is true. My experience of havan , vedas and astang yoga tallies 100% with this. This path path of vedic worship protects you and helps in destroying results of your bad deeds.

OM
Rashmi

Deepak
Rashmi Ask Agniveer whther you are correct.. “This path path of vedic worship protects you and helps in destroying results of your bad deeds.” Here you say your karma will be burned out but do you know Karma cannot burn or destroyed as per Vedas…..You will have to suffer for… Read more »
Rashmi
Deepak why pakistan, bangladesh, afganistan etc all ancient cultures got wiped out .Why india only sustained all bloodiest attempts, still its fighting. You are talking of only material front, but world has two dimensions spiritual and worldly. Both are important. I don’t need agniveer i will always myself surrender to… Read more »
Deepak
Oh my Sister you do not know we are not fighting,we have lost all battles.5000Yrs back whole earth was vedic and today we do not have a nation.In our own country we do not have Hindus but we have caste.Know the reality.Kashmir is gone and so is eastern states,south is… Read more »
Ankur

correction *against the Adharmi

Ankur
besides why do you think today kerela is xtian and kashmir is gone? kerela is gone because the people who get converted do not have the real knowledge of dharma, so they fell prey to the xtian missionaries as they cannot answer their doubts about their own religion. they don’t… Read more »
Ankur
@Deepak : Agreed! one has to fight to the last breath and with no mercy for the adharmi in the best possible and feasible manner , but that is not because of hate but understanding the real nature of dharma adharma and Karma . Bhagvat geeta was recited to ONLY… Read more »
Rashmi
Deepak samveda mantra 495 refers 810 bad deeds are destroyed by God. Doing havan is a order from God for aryas. Further Mere prayers in havan will not do but actions on ground are required. If you do havan but your conduct is not as per vedas then vedas also… Read more »
Deepak

Sister that is not the meaning,please quote the mantra here.Swah does not mean only burn it has 6-7 other meanings

ahraz

you worship humans ………you worship ram who died ,krishna who died……….how can GOD DIE??????the idol of shiva was submerged in floods ..WHAT KIND OF MAHADEV IS HE WHEN HE CAN’T SAVE HIMSELF……….IDOL WORSHIPPERS

omsun

is there is anything sane in Islam………………………..terrorism ,rape,loot,child-sex,child-marriage,sex slavery,cousin marriage ……..and so on…………

arya rudra garg
ayaz tya to understand in vedic philosophy the atma never dies. i.e. only body ends. every one is atma not body. in islam human is body and has atma (rooh). but in vedic dharma we are atma and we have body. so by mere end of body, the atma doenot… Read more »
Deepak
Ashraz We worship so we can meet them in heaven and then ask them to cull Muhammaed……the reason why all muslims worship Muhammad by cleaning shit like him,doing intercourse like him,,,marrying like him…drinking and eating like him… and Muhammad who himself was idol worshipper as he kissed the black stone… Read more »
Vashi

ahraz

1. Anything on graves (literally dead!) that 90% of subcontinent Muslims worship?

2. Ok, so Mahadev was submerged in floods and all mosques and graves were flying in air?

Thanks

Deepak
Oh My Friend Vasi a great arguer……I am not here to Argue…..It is so simple…..Rana PRatap never did any Havan his havan was his patriotism……Shivanji was not highly involved in Havan and was not Arya Samaji or follower of Rishi Dayanad…None of the Sikh Gururs did even single havan and… Read more »
Big Dipper

@ Vashi, LOL

Acharya Yogendra Shastri Nirmohi
Acharya Yogendra Shastri Nirmohi

yagna manushhya ke jeevana ka sarvashreshhTha karma hai, Pratyek manushhya ko yagna karma karate huye apne jeevan ko unnatasheel banaanaa chaahiye.

88979803697

Deepak
Acharya Yogendra Shastri Nirmohi Ji you are really shameless creature and you think about yopur selfish intereset…see this is problem of havan…you get benefits in the form of ego and society does not get anything.Learn from SIlam and Xtianity what society needs not this holy shit like Havan people need… Read more »
Arya

मेरी प्रभु से प्रार्थना है की वे आपकी शुभ कर्म करने की दृढ़ता और हिम्मत को कई गुनना बड़ा देवें

Deepak

Wow great reply……this is again Vedic GOD as he does not listen like this to anyone otherwise he will be interfering in his creations….Soul is independent and he just guides with signal..he never force so sorry this cannot be granted you emotional moron…

Rugved
What a moron you basically are is visible in your sense of understanding. It mostly shows you have a blunt mind with low level of capability. When we pray we are only connecting to the higher being which is the atman (also called brahm) by giving self suggestions as an… Read more »
kailash chandra Maurya
kailash chandra Maurya

Thanks agniveer for such great valuable information, I do Yagna every forthnight at home, now I will do it on sunday to sunday.
It will be helpful for us if you can give us list of हवनसामग्री-आयुर्वेद के अनुसार

Deepak

kailash chandra Maurya Ji

So what you get by doing Yagna…please explain otherwise do not do this fraud…

harish

benefits of yajyen – www .vedmandir.com/node/94
importance of yajyen — www .vedmandir.com/node/102

Rishika

अति उत्तम लेख! हवन हर मनुष्य को प्रेणना देता है की वह मनुष्यता की सर्वोत्तम शिखर पर जाने का संकल्प करे !
आप अपना आत्म परीक्षण करे और सर्वदा शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रयास करे !
आपका जीवन सफल बने !

GyanSurya
Deepak, Because crap people like you do not understand importance of hawan at the first place and don’t conduct it. Because crap people like you do not support and follow the wisdom delivered by any genuine arya samaji. Because crap people like you do not support the noble mission like… Read more »
Deepak

Please reply to my questions and not this crap whcih you have posted…..

arjun tandon
To reply to you, I have to break your statement into parts: “IS this not a crap,why then when most of Arya Samaj in world do Havan then why not they are able to propagate their religion ” First of Arya Samaj is not a separate religion. They are Hindus… Read more »
Krishnarao

Arjun,

Very well said.

Best,
Ravi

deepak

Agniveer

IS this not a crap,why then when most of Arya Samaj in world do Havan then why not they are able to propogate their religion and why they do no have any single country to live.

Thanks

Rugved

@ deepak You suffer from lack of co-ordination between your mind and speech 😀

Rugved

You suffer from lack of co-ordination between your mind and speech 😀

raj.hyd

YAGY KARNE SE TATKAL LAABH [KYA HOTA HAI ? ISKO SPASHT KIJIYE !

sanjay rawat
@raj ji yajya ek vegyanik tarika hai maharishi dayanand sarswati ji ne iski badi vegyanik vyakhya ki hai or ham aapse nivadan karte hai ki aap Swam practical kare aap jalti agni me lal mirch dal de or fir dekhiye aapko pta chalega ki jo mirch abhi tak niskiry thi… Read more »
raj.hyd
param adarniy shri sanjay ji , swami dayanand ji ne yah bhi kaha tha ki jo baat ham kahate usko sach bhale hi mat mano agar apki buddhi me hamari baat apeel kare tab usko mano ! batlaiye kis vaigyanik ne yagy ke laabh batlaye hai ! ap keval mirchi… Read more »
raj.hyd

param adarniy sri sanjay ji,agar apko taklif n ho aur jankari ho to saath me ham ek baat aur puchna chahenge ki “sarve bhavantu sukhin …” vala mantr , shlok ,pad ,vaky kis granth ka hai uska paraman sahit ham janana chahate hai !

Deepak

Nothing except you will have smoke in your house and you will sleep well for first few days as humidity and other bad bacteria and virus get killed…….

Rugved
When you don’t understand the subtle aspects of spirituality then stop making yourself look like a bumpkin. A yagna has both physical and metaphysical aspects. On physical plane it may look as just offering something in fire… still offering herbs can be beneficial in physical sense. On subtle level it… Read more »
prof. n m khandelwal

havan karaye har ghar me. great mission. May god bless you.

prof. n m khandelwal

excellent write-up. congratulations agniveer.

Deepak

Wow thanks for raking up his ego more……Please aks him that if we all 20 people do havan for one year then can we kill the corrupt politicians……crazy guys

Amit Dua

अति उत्तम अग्निवीर जी |

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