हिन्दू धर्म में वैज्ञानिक गलतियाँ

Scientific-Errors-in-Hinduism
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पिछले कुछ समय से इन्टरनेट पर हिंदू धर्म के सम्बन्ध में जेहादी बमबारी जारी है. कभी वेद और पुराणों में मुहम्मद का नाम तो कभी महाभारत और मनुस्मृति में माँस का विधान, ज़ाकिर नाइक और उनके समर्पित मुजाहिदीन इस काम को बखूबी निभा रहे हैं. परन्तु अभी एक आश्चर्यजनक बात सामने आई है. जिन वेदों और पुराणों में ज़ाकिर नाइक को मुहम्मद दीख पड़ा था उन्हीं में अब उन्हें गलतियाँ दिखने लगी हैं! जी हाँ! कुन फयकुन कह कर झटपट दुनिया बनाने वाले, पत्थर में से ऊँटनी निकालने वाले, बिना पिता के मरियम को पुत्र देने वाले, चाँद के दो टुकड़े कर देने वाले, आसमान को अदृश्य खम्बों की छत मानने वाले, आसमान की खाल उतारने वाले, दर्याओं को चीरने वाले, सातवें आसमान पर सिंहासन पर विराजमान अल्लाह के बन्दों अर्थात मुसलमान बंधुओं का अब यह विश्वास है कि धर्म को विज्ञान की कसौटी पर भी खरा होना चाहिए! इस हेतु से कि ऊपर लिखित कुरआन के विज्ञान के सामने वेदों की क्या हैसियत है, “वेदों में वैज्ञानिक गलतियाँ” शीर्षक से बहुत से लेख लिखे जा रहे हैं. वैसे इन लेखों की सत्यता उतनी ही प्रामाणिक है जितने प्रामाणिक कुरआन में “विज्ञान” के दावे! यदि कुन फयकुन कह कर मक्खी की टांग भी बन सके, बिना पुरुष के ही मुस्लिम माताएं बच्चे जना करें, पत्थर में से ऊँटनी तो क्या मच्छर भी निकल पड़े तो यह माना जा सकता है कि वेद विज्ञान विरुद्ध हैं कि जिनमें इतने ऊंचे स्तर की विद्या ही नहीं! परन्तु आज तक कुरआन में वर्णित इस विज्ञान के दीदार (दर्शन) असल जिंदगी में मुस्लिम भाइयों को छोड़ कर किसी को न हो सके.

खैर, अब एक एक करके उन दावों की पोल खोलते हैं जो जेहादी अक्सर वेदों के विरुद्ध किया करते हैं. हम पहले “जेहादी दावा” नाम से वेद मन्त्र के वो अर्थ देंगे जो जेहादी विद्वान करते हैं और फिर उसके नीचे मन्त्र के वास्तविक अर्थ अग्निवीर शीर्षक से देंगे. (जिहादियों द्वारा लिखे मूल लेख की प्रति यहाँ देखें:

Scientific Errors in Hinduism

१. पृथ्वी स्थिर है!

१. जेहादी दावा

वेदों के अनुसार पृथ्वी स्थिर है और ऐसा कई स्थान पर है. कुछ उदाहरण नीचे दिए जाते हैं

हे मनुष्य! जिसने इस कांपती हुई पृथ्वी को स्थिर किया है वह इंद्र है. [ऋग्वेद २/१२/१२]

अग्निवीर

वास्तविक अर्थ: सूर्य की सप्तरश्मियों का, वर्षा करने वाले बादलों का, बहने वाली वायु का, जीवन के लिए आवश्यक जलाशयों का, हमारे जीवन यापन हेतु समायोजन करने वाला इंद्र (ईश्वर) हमें सफलता देता है.

इस मंत्र में स्थिर पृथ्वी जैसा कुछ भी नहीं है.

२. जेहादी दावा

वह ईश्वर जिसने इस पृथ्वी को स्थायित्त्व प्रदान किया. [यजुर्वेद ३२/६]

अग्निवीर

दुर्भाग्य से महाविद्वान जेहादी लेखक को स्थिरता और स्थायित्व में भेद नहीं पता. भौतिक विज्ञान के “जड़त्त्व के नियम” (Law of Inertia) अनुसार कोई वस्तु चाहे रुकी हुई हो चाहे चलती हुई, अगर संतुलन में है तो उसको स्थायी कहते हैं. स्थायित्व का अर्थ गतिहीनता नहीं है.

बताते चलें कि यह मन्त्र हिंदुओं में रोज पढ़ा जाता है जिसका अर्थ है: हम उस परमेश्वर को अपने विचार और कर्म समर्पित कर दें जो सब सूर्य आदि प्रकाशमान लोकों, पृथ्वी, नक्षत्र और सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को स्थायित्व प्रदान करता है कि जिससे सब प्राणी सुखी हों और मोक्ष को प्राप्त हो पूर्ण आनंद को भोगें.

मन्त्र में बहुत स्पष्ट है कि उस सूर्य को भी स्थायी कहा गया है जो प्रत्यक्ष चलता हुआ दिखाई देता है. अतः मन्त्र में स्थायित्व का अर्थ गति हीनता नहीं हो सकता.

३. जेहादी दावा

इन्द्र उस फैली हुई पृथ्वी की रक्षा करता है जो स्थिर है और कई रूप वाली है. [अथर्ववेद १२/१/११]

अग्निवीर

यह मन्त्र अथर्ववेद के प्रसिद्ध भूमि सूक्त का है जो सब देशभक्तों के अंदर देश पर मर मिटने की भावनाओं का मूल स्रोत है. परन्तु जैसा सबको विदित है कि देशभक्ति और वफादारी जेहादियों के लिए सदा ही दूर की कौड़ी रही है, इस बार भी ऐसा ही निकला. इस मन्त्र में जेहादियों को स्थिर पृथ्वी दीख पड़ी! अब इसका वास्तविक अर्थ देखिये

हे पृथ्वी! तू हिम से ढके पर्वतों, घने वनों, वर्षा, भोजन आदि को धारण करने वाली है कि जिससे में सदा प्रसन्नचित्त, रक्षित और पोषित होता हूँ. तू वह सब कुछ देती है जिससे मैं ऐश्वर्यों का स्वामी होता हूँ. अगला मन्त्र कहता है- हे पृथ्वी! तू मेरी माता है और मैं तेरा पुत्र हूँ! हम सब शुद्ध हों और अपने शुभ कर्मों से तेरा ऋण चुकाएं.

४. जेहादी दावा

हम सब फैली हुई स्थिर पृथ्वी पर चलें. [अथर्ववेद १२/१/१७]

अग्निवीर

वास्तविक अर्थ: हम सब इस पृथ्वी पर आवागमन करें जो हमें धन, सम्पन्नता, पोषण, औषधि आदि से तृप्त करती है. यह हमें आश्रय देती है.

इस मन्त्र में महाविद्वान जेहादी ने “ध्रुव” शब्द देखा और बस “स्थिर” शब्द दे मारा! उसको इतना पता ही न चला कि मन्त्र में यह शब्द आश्रय देने के लिए आया है न कि खुद के स्थिर होने के लिए!

इन सबके उलट वेद में बहुत से मन्त्र हैं जिनमें पृथ्वी के गतिमान होने का स्पष्ट वर्णन है. जैसे

ऋग्वेद १०.२२.१४- यह पृथ्वी विना हाथ और पैर के भी आगे बढती जाती है. यह सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है.

ऋग्वेद १०.१४९.१- सूर्य ने पृथ्वी और अन्य ग्रहों को अपने आकर्षण में ऐसे बांधा है जैसे घोड़ों को साधने वाला अश्व शिक्षक नए शिक्षित घोड़ों को उनकी लगाम से अपने चारों ओर घुमाता है.

यजुर्वेद ३३.४३- सूर्य अपने सह पिंडों जैसे पृथ्वी को अपने आकर्षण में बाँधे अपनी ही परिधि में घूमता है.

ऋग्वेद १.३५.९- सूर्य अपनी परिधि में इस प्रकार घूमता है कि उसके आकर्षण में बंधे पृथ्वी और अन्य पिंड आपस में कभी नहीं टकराते.

ऋग्वेद १.१६४.१३- सूर्य अपनी परिधि में घूमता है जो स्वयं भी चलायमान है. पृथ्वी और अन्य गृह सूर्य के चारों ओर इसलिए घुमते हैं क्योंकि सूर्य उनसे भारी है.

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२. सूर्य पृथ्वी के चारों ओर घूमता है

५. जेहादी दावा

सूर्य प्रकाशमान है और सब मनुष्यों को जानता है, इसलिए उसके घोड़े उसे आकाश में ले जाते हैं कि जिससे वह विश्व को देख सके. [ऋग्वेद १/५०/१]

अग्निवीर

यह मन्त्र भी हिंदुओं के रोज की प्रार्थना का भाग है. इसका अर्थ है-

जिस प्रकार सूर्य की किरणें विश्व को देखने योग्य बनाती हैं, उसी प्रकार सब सज्जनों को उचित है कि वे अपने शुभ गुणों और कर्मों से श्रेष्ठता का प्रचार करें.

इस मन्त्र में कहीं घोड़ा नहीं आता और न ही सूर्य कहीं पृथ्वी के चारों ओर घूमा है!

६. जेहादी दावा

हे प्रकाशित सूर्य, सात घोड़ों वाले हरित नाम का एक रथ तुझे आकाश में ले जाता है. [ऋग्वेद १/५०/८]

अग्निवीर

वास्तविक अर्थ- जिस प्रकार सूर्य की सप्त रश्मियाँ इसके प्रकाश को दूर दूर तक पहुंचाती हैं उसी प्रकार तुम वेदों के सात प्रकार के छंदों को समझो.

इस मन्त्र से सूर्य का गतिमान होना समझा जा सकता है पर फिर रश्मियों का घोड़ों से कैसे सम्बन्ध रहेगा? क्योंकि किरणें तो सूर्य के चारों ओर निकलती हैं, केवल सूर्य के चलने की दिशा में नहीं, तो फिर किरणें सूर्य के घोड़े के समान कैसे होंगी? वेद तो सूर्य को गतिमान मानता ही है और इसी प्रकार कोई भी पिंड गतिमान होता है. परन्तु इस मन्त्र या किसी और में भी सूर्य का पृथ्वी के चारों ओर गति का कोई वर्णन नहीं है. वेद के अनुसार सूर्य की अपनी अलग परिधि है जिसमें वह घूमता है. [देखें ऋग्वेद १.३५.९]

७. जेहादी दावा

हे मनुष्य, सूर्य जो सबसे आकर्षक है, वह अपने स्वर्ण रथ पर सवार होकर पृथ्वी के चक्कर काटता है और पृथ्वी का अन्धकार दूर करता है. [यजुर्वेद ३३/४३]

अग्निवीर

वास्तविक अर्थ: सूर्य अपने आकर्षण से अन्य पिंडों को धारण करता हुआ अपनी परिधि में घूमता रहता है.

इस मन्त्र की बात को खगोल विज्ञानी भी स्वीकार करते हैं. खगोलशास्त्र विषय का आधार भी ऐसे तथ्य ही हैं. वास्तव में जेहादी विज्ञान में खगोलशास्त्र का वर्णन न होने के कारण उनके महाविद्वान इन मन्त्रों पर ही प्रश्न उठाने लगे हैं!

८. जेहादी दावा

बैल ने आकाश को धारण किया है. [यजुर्वेद ४.३०]

अग्निवीर

महाविद्वान जेहादी ने मन्त्र में वृषभ शब्द देखा और इसको बैल बनाने पर तुल गया! परन्तु संस्कृत भाषा से बेखबर जेहादी को यह पता नहीं कि “वृषभ” के यौगिक अर्थ “शक्तिशाली”, “सामर्थ्यवान” और “उत्तम” हैं. रूढ़ी अर्थों में बैल को वृषभ कहा जाता है क्योंकि बैल कृषि क्षेत्र में शक्ति का प्रतीक है.

वास्तविक अर्थ- हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर! आप समस्त ब्रह्माण्ड में रम रहे हो. पृथ्वी की उत्पत्ति और पालन पोषण, सूर्य की स्थिरता, समस्त आकाशस्थ पिंडों और आकाश की व्यवस्था करने वाले हो, तथा एक आदर्श राजा की भांति सबको नियम में रखते हो. यह तो आपका स्वभाव ही है.

९. जेहादी दावा

बैल ने आकाश को धारण किया है. [यजुर्वेद १४.५]

अग्निवीर

इस मन्त्र में कोई शब्द ऐसा नहीं जिसका अर्थ बैल किया जा सके. यह मन्त्र पत्नी के कर्तव्यों पर प्रकाश डालता है.

वास्तविक अर्थ- हे पत्नी! तू अपने पति को सुख देने वाली हो और सदैव उत्तम कर्मों को करने वाली हो. तू अत्यंत बुद्धिमती हो और सदैव अपनी विद्या को सूर्य के समान बढाने वाली हो. तू सबको सूर्य के समान सुख देने वाली हो जैसे वह भोजन, प्रकाश और शुद्धता प्रदान करने वाला है. तू सबको जल के समान तृप्त करने वाली हो. तू सब ओर ज्ञान का प्रकाश करने वाली हो.

लगता यह है कि स्त्रियों को पशुओं व वस्तुओं की भांति उपयोग करने वाले जेहादियों से यह मन्त्र सहन ही नहीं हुआ!

३. अन्य कुछ आक्षेप

१०. जेहादी दावे और अग्निवीर का उत्तर

कई और दावे पुराणों को लेकर किये जाते हैं और सिद्ध करने की कोशिश की जाती है कि हिंदू धर्म अवैज्ञानिक है. परन्तु ध्यान रखना चाहिए कि पुराण धर्म के सम्बन्ध में प्रमाण नहीं हैं. केवल वेद ही अपौरुषेय (ईश्वरीय) हैं और हम यह दिखा चुके हैं कि जेहादियों ने वेदों को अवैज्ञानिक बता कर अपनी ही अज्ञानता सिद्ध की है. जहां तक पुराणों का प्रश्न है तो उनमें मुहम्मद, अकबर, विक्टोरिया आदि के किस्से भी मिलते हैं जो इस बात का प्रमाण हैं कि ये उन्नीसवीं शताब्दी तक लिखे गए हैं और विदेशी आक्रान्ताओं के शासन काल में बलपूर्वक लिखवाये गए हैं. अतः पुराणों के बारे में इस प्रकार की बातें मिल भी जाएँ तो आश्चर्य नहीं और इनसे हिंदू धर्म का सम्बन्ध भी नहीं. तो भी हमें अंदेशा है कि महाविद्वान जिहादियों ने वैसी ही मूर्खता दिखाई होगी जैसी कि उन्होंने मुहम्मद को भविष्य पुराण में वर्णित एक राक्षस बताने में दिखाई थी! इसको यहाँ पर देखें. http://agniveer.com/479/prophet-puran/

११. जिहादी दावा – सूर्य और आँख

वेद/पुराण सूर्य को नग्न आँखों से देखने का सुझाव देते हैं. वेद और पुराण यह कहते हैं कि हिंदुओं को सूर्य भगवान कि पूजा करनी चाहिए, और यदि तुम रोज सुबह सूर्य को देखोगे तो तुम्हारी आँखें तेज होंगी. इस तरह बहुत से हिंदू यह पूजा करते हैं पर आँखें तेज होने के बजाय, भारत में विश्व के सर्वाधिक नेत्रहीन लोग रहते हैं (पच्चीस लाख). सूर्य की पूजा करने के पीछे कोई वैज्ञानिक सत्य नहीं है और उल्टा वैज्ञानिक और डॉक्टर नग्न आँखों से सूर्य को देखने से मना करते हैं. अब कौन सत्य पर है, वैज्ञानिक या हिंदू धर्मग्रन्थ? आप निर्णय करें!

अग्निवीर

१. महाविद्वान जेहादी बस प्रमाण देना भूल गए कि सूर्य की पूजा करना वेद में कहाँ लिखा है!

२. हाँ, उगते सूर्य को देखना एक प्राकृतिक चिकित्सा है. आज तक दुनिया में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं हुआ जो सूर्योदय या सूर्यास्त देखकर नेत्रहीन या कमजोर नेत्र हो गया हो. अधिक जानकारी के लिए देखें Solar observing and Eye Safety http://mintaka.sdsu.edu/GF/vision/Galileo.html

३. वैसे पाकिस्तान में अंधापन भारत से अधिक फैला हुआ है! WHO के रिपोर्ट पढ़ें.

१२. जेहादी दावा – गाय

वेद कहते हैं कि गाय पवित्र है और उसकी पूजा करनी चाहिए. (ब्राह्मण कहते हैं कि गाय के गोबर की राख में औषधीय गुण होते हैं). परन्तु पश्चिम जर्मनी की एक जानी मानी परीक्षण प्रयोगशाला में शोध हुआ तो यह बात झूठी पायी गयी.

अग्निवीर

१. हाँ! वेद स्पष्ट घोषणा करते हैं कि गाय मनुष्य मात्र के लिए अत्यंत मूल्यवान है और जो अपने जिव्हा के थोड़े से स्वाद के लिए इसे मारते हैं वे धूर्त हैं. एक गाय चाहे दूध न भी देती हो तो भी वह वातावरण के लिए मरी हुई गाय से सदैव अच्छी है. गाय के सब उत्पाद जैसे दूध, गोबर, मूत्र आदि शरीर और वातावरण पर लाभदायक प्रभाव डालते हैं. बुद्धिमान लोग केवल गोपालन करके भी अपना जीवन अच्छी प्रकार से निर्वाह कर सकते हैं.

२. वैसे क्या कोई जेहादी यह बताएगा कि पश्चिम जर्मनी कि उस प्रयोगशाला का नाम क्या है जहाँ गाय के गोबर की राख का परीक्षण किया गया था? ऐसा इसलिए क्योंकि पश्चिम जर्मनी सन १९९० से अस्तित्त्व में नहीं है! यह ऐसा ही है जैसे डॉक्टर जाकिर नाइक कैलीफोर्निया के किसी अनपढ़ किसान के परीक्षणों का प्रमाण देकर हलाल माँस का बचाव करते हैं.

३. गाय का गोबर कई लाभों के साथ साथ ईंट बनाने में भी उपयोगी सिद्ध हुआ है. केवल गोमूत्र पर ही चार अन्तर्राष्ट्रीय पेटेंट (अमेरिका और यूरोप) हमारी जानकारी में हैं. गूगल पर cow urine patent डालकर देखें, और अधिक जानकारी प्राप्त करें.

४. इस तरह ठीक ही है कि हिंदू गाय को माता के सामान महत्वपूर्ण समझते हैं.

अब इससे पहले कि यह लेख समाप्त करें, कुछ बिंदु उठाने आवश्यक हैं.

क. विज्ञान न केवल हिंदुओं की पुस्तकों में है बल्कि उनकी संस्कृति के आधार में भी ओतप्रोत है. यहाँ तक कि सामान्य से सामान्य रीति रिवाज, जो अंधविश्वासों और विदेशी प्रभाव में पुते हुए हैं, भी वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित हैं. हाथ जोड़कर नमस्ते, स्त्रियों की चूड़ी और कुंडल, प्रातःकाल अधिक जल पीना जिसे उषापान कहते हैं, माँस का त्याग, एक पत्नी/पति वाद, प्राणायाम, ध्यान, व्यायाम, झूठा न खाना, कई बार हाथ धोना, और अंगों को भली प्रकार से धोकर स्वच्छ रखना जिससे खतना आदि कराने की आवश्यकता ही न पड़े, इत्यादि सब बातें वैज्ञानिक हैं.

ख. इसीलिये एक आम पढ़ा लिखा हिंदू वैज्ञानिक और बौद्धिक माहौल में अच्छे से सामंजस्य बैठाकर आगे बढ़ जाता है.

ग. अब जरा इस्लाम का हाल देखें. पूरी दुनिया में आज पचास से अधिक इस्लामिक देश हैं. क्या किसी एक ने भी कोई बड़ा वैज्ञानिक, शोधकर्ता या व्यवसायी पैदा किया? आज तक केवल एक मुस्लिम वैज्ञानिक हुआ है जिसका नाम यहाँ लिया जा सकता है- पाकिस्तान के नोबल पुरस्कार विजेता डॉ अब्दुस सलाम. परन्तु उन्हें भी पाकिस्तान से काफ़िर कह कर बाहर खदेड़ दिया गया क्योंकि वो एक कादियानी थे. आज कोई भी ज़ाकिर नाइक कभी अब्दुस सलाम का नाम भी नहीं लेगा भले ही वह इस्लाम को विज्ञान का आधार बताता रहे! जब अब्दुस सलाम मरे तो उनकी कब्र पर “पहला मुस्लिम नोबेल पुरस्कार विजेता” लिखा गया. पर मुल्लाईयत के दबाव में पाकिस्तानी सरकार ने “मुस्लिम” शब्द हटा दिया. अब वहाँ “पहला नोबेल पुरस्कार विजेता” लिखा है!

नीचे पकिस्तान के प्रसिद्ध मुस्लिम विद्वान और लेखक हसन निसार की वीडियो देखें जिसमें वो बड़ी बेबाकी से मुसलमान उम्मत की बौद्धिक क्षमताओं पर सवाल उठाते हैं. उन्होंने इस बात को कई बार जोर देकर कहा कि सदियों से एक बड़ा दिमाग भी मुसलमानों ने पैदा नहीं किया और उस पर भी वे अपने आप को सबसे अच्छा समझते हैं और यही प्रवृत्ति उनको और अधिक अन्धकार में ले जा रही है.

अब हिंदुओं से इसकी तुलना कीजिये. बहुत कमियों के बाद भी आज वो हर जगह पर अच्छे स्थान और पदों पर होते हैं. मानव सभ्यता के आरम्भ से इस संस्कृति ने एक से बढ़कर एक हीरे मानवता को दिए हैं और आज भी दे रही है. इसका एकमात्र कारण यहाँ की सभ्यता का आधार वैज्ञानिक होना है. यह प्रकट है कि जहाँ स्वतंत्रता के बाद पाकिस्तान अपने ही बोझ से टूटा जा रहा है वहीँ भारत उसकी तुलना में बहुत आगे है बावजूद इसके कि यहाँ के धूर्त राजनेता केवल अपना स्वार्थ साधते हुए अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की नीति को ही राजनीति समझते हैं.

हम उन सबसे, जिन्हें गैर मुस्लिमों खासकर हिंदुओं से नफरत करना ही सिखाया गया है, कहेंगे कि एक बार ठन्डे दिमाग से इस पर विचार करें. अग्निवीर पर वेदों से सम्बंधित लेख पढ़ें. सबसे आवश्यक बात यह जान लें कि वे बाहर किसी देश से आये लुटेरों की संतान नहीं हैं. वे तो सदा से भारत देश में रहने वाले अपने हिंदू पूर्वजों का ही खून हैं. वेद किसी हिंदू की जागीर नहीं, तुम्हारे भी हैं क्योंकि तुम्हारे पूर्वज इन्ही वेदों का पाठ करके तृप्त होते थे. अब अपने ही खून के भाइयों से झगडा बंद करो और वापस अपने घर अर्थात वैदिक धर्म में आ जाओ, आपका स्वागत होगा.

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Comments

  1. प्रशंसक says

    सुभान अल्लाह! क्या मुहँ तोड़ जवाब दिया है !
    बधाईयाँ !!

  2. अर्पिता says

    पाकिस्तान का नाम लिए भी यह काम हो सकता है;
    प्रयास इतने सराहनीय है कि मेरे पास शब्द ही नहीं; इन्हें लगातार पढकर ज्ञान प्राप्त कर रहीं हूं

    • says

      नमस्ते,
      शुभेच्छा के लिए धन्यवाद. एक बात स्पष्ट करना चाहेंगे – न हमे मुसलमानों से कोई आपत्ति है न पाकिस्तान से. ये तो हमारे भाई बांधव ही हैं. हमारा जिहाद तो उन शिकस्तखुरदार मस्कशुदा नेताओं (राजनीतिक व मजहबी) से है जिन्होंने हमारे मुसलमानों भाइयों को सदियों से जानबूझकर कुचल कर रखा है. हसन साहब का ही एक और विडियो देखिये इस विषय पर:
      http://www.youtube.com/watch?v=xL5tbU9_Kgc

      • SONU MALIK says

        KYA KOI YE BATAYGA KI PHLE KITNE DHARMA THEY OR AB KITNE HO CHUKE HAI , AGAR VEDIC DHRAM PHLE SE HI THA TO YE ITNE DHARM KU BANE

        • raj.hyd says

          vaidik dharm ke mananevalo ke nichata purn amal ke karan vah apna achha dhqrm bhool chuke the akarmandy ho chuke the tabhi vah barbaad bhi huye gulami bhi jhelni padi aur ashant snsaar me aj anek smudaay dharmke rup me samne aya
          aaj bhi agar achhi ba to ka achran kiya jaye aur achhi bato ka dhuaa dhaar prachaar kiya jaye to in tathakathit dharm ke samudayo ko samapt bhi kiya ja sakta hai !

  3. विजय says

    मुसलमान विद्वान (?) हिन्दू धर्म का वैज्ञानिक आधार कभी स्वीकार कर ही नहीं सकते क्योकि यदि वो इसे स्वीकार किए तो ये उनके कूरआन के विरुद्ध होगा ।
    विज्ञान जितना विकसित होता जाएगा उतना ही हिन्दुत्व का पूरक होता जाएगा इसी बात से मुसलमान विद्वान (?) डरे हुए है उन्हे ये भी डर है की काही मुसलमान हिन्दुत्व की ओर न मूड जाये जो हिन्दुत्व आधुनिक विज्ञान का जनक है ।

    जय माँ भारती, हर हर महादेव !!!

      • narender sharma says

        dharam, mazhab ki baat karne walo tum sab log aise hi ek dusre par comments karte karte mar jaaoge lekin koie hal nahi niklega sab apni jagah sahi hai keval apne dekhne ka nazariya aur apni soch badlo aise dharam k naam par comments karke logo ko mat bhadkaao. insaan ho keval insaaniyat dikhaao.
        sab ek hai

        • NIDHI MEHRA says

          AAP BILKU SAHI KAH RAHE HAI,LOGO KE DILO DIMAG ME BUS DHARM HI RAH GAYA HAI, KOI
          INSAN KO KUCH SAMJTA HI NAHI HAI, JAHA DEKHOGE SUNOGE TO DHARMA KI HI BATAIN HOTI HAI INSANIYAT PATA NAHI KAHA KHO GAI,PAHLE TO HUM DHARM KE NAME PAR LADTE HAI OR DUSRI
          OP YE GAAN GATE HAI KI MAZHAB NAHI SIKHATA AAPAS ME BAIR RAKHNA.

          • abdul says

            Sabhi kahte hai ek din hamare dharmka rajya hoga to kya jab ek dharm hoga to shanti ho jayegi nahi kyu ki do hi tarah ke log hai duniya me ek bure aur ek acche jo ki kisi bhi dharm me ho sakte hai ek parivar me panch bhai hote hai phir kuchh logome nahi pat ta jabki ek sanskrati ek mabap hote hai tab bhi jhagra hota hai.isi liye vivad ko chhor ke milke rahne ki koshish karni chahiye.

        • Mohd mustakeem says

          Narendra bhai ki baat sabse badiya lagi n ye h asli samajhdari ki pehchan
          Jo is baat ko agree nhi krte wo jaahil maan jaye ki “hindu muslime sikh isai”sab bhai bhai h jo is baat ko agree nhi krta wo apne aapko terrerists se compare kr le

    • Suryaacharua says

      Muslmano ko kitna samjo wo to apnna hi baat mane unhe samjane ka koi fayda nhi,jo hindu ved or puran padta ha dakha to unke dill pe lagta ha jo baaki hindu jinhe ved nhi pade ya geeta nhi suni unhe kya matalb wo unhe pagl kahte ha, hindu abb sirf icha purti ke liye kisi ko poojne ke liye teyar ha or kisi mandir maschid gurdwara ya kai par bhi bus unki icha puri honi chiye na ki
      unhe or kisi se bhi koi matlab nhi
      me ye dekta hu to ye sochta hu ki kya hoga inke jese jo pada hui ha.

    • madhusudan das says

      कुरआन लिखने का मतलब था ,भटके लोगो को जीने का तरीका सीखाना , लेकिन कुछ इस्लामीक विद्वानो ने तोड़ मड़ोड़ कर उसे लोगो के बीच पेश किया , और एहि सिलसिला आज तक चलता आ रहा है , सोचने की बात है ,मुसलमान कहते है कुरान जन्नत से उतारी गयी अल्लाह की किताब है , अब इन्हे कौन समझाए की जन्नत में पेपर कहा से आएगा , न कोई प्रिंटिंग प्रेस है वहां , हां ये कह सकते है की अल्लाह की नसीहतें इस किताब में लिखी है ,ये एक जीने का तरीका सीखने की किताब है , जबकि हिन्दू धर्म में कहीं भी, ये बताया है की इस वेद की रचना इन्होने की , इस ग्रन्थ को इन्होने लिखा , वेद में हर क्षण , भाव , स्वभाव, अबस्था ,समय ,आदि को एक नाम दे कर समझाया गया है , इसके वाबजूद भी कोई समझ कर इसे गलत कहे तो ये उनकी गलती है /

      • omveer sharma says

        your all right becouse muslim ghar me peda hone wala bhi hindu hota h par janm ke bad us ko sanskar ulte de diye jate h

  4. sanjeev says

    hindu dharm ke prati kise bhi dushprachar karne wale ko aise he muh tor jabab daine chahiye. mai umid rakhta hu aap aage bhi eise prakar se jabab denge.
    thanks.

  5. says

    अति सुन्दर !! ईश्वर आपको दीर्घायु और स्वस्थ बनाये रखे. आप अपनी साईट का ऑरकुट फेसबुक ट्विटर आदि पर भी प्रचार करें. मैं अब से अपने ब्लॉग के साथ आपकी साईट का भी लिंक रेफरेन्स के लिए दिया करूँगा. वैसे तो मेरा आज कल लिखना-पढ़ना छूट सा गया है किन्तु जल्द ही फिर से आरम्भ करता हूँ.

  6. रवि शंकर says

    बहुत ही बढ़िया लिखा है अग्निवीर जी .. बस एक निवेदन है अगर आप वो सभी वेदिक मंत्रो को जिनके आपने अनूदित करके बताया है अगर साथ मैं संस्कृत मैं भी देदे तो बहुत ही अच्छा लगता कुछ मंत्र संस्कृत मैं भी पढ़ने को मिल जाते.

    • says

      नमस्ते
      इन्टरनेट पर मन्त्रों को लिपिबद्ध करना सरल नहीं है. इसलिए यहाँ हमने मन्त्रों के अर्थ दिए हैं किन्तु चारों वेद संहिता भी downloads में उपलब्ध हैं. आप वहां से मिलान कर सकते हैं.
      धन्यवाद

      • says

        plz agniveer ji aap ne jo id ke bhare main likha tha wo english main tha plz use hindi main likh de jis se main aur jine english acche se nahi aati hai wo use padh sake

  7. Sanjay says

    Looking at this video, I thought at first it was about the Islamic state of India, the Babus raj. Yes, there is ample evidence India is an Islamic State as most mandhirs are under control by government controlled secular trust like Balaji, Tripati, Vashnudevi, and etc…We also live under separate laws, which Muslims are ruled by Muslims, and Muslims law board following the Islamic religion, and Hindus ruled under secular lok Sabha including the likes of non religion communist, Muslims, and others.. Hindu mandhirs are taxed the money goes to fund the Islamic and Christian religion.

  8. says

    ” namste sabhi ko pehle main agniveer ji ka bahut thanks kehna chahta hu sabhi se reguest karna chahta hu plz save our sanatan dharma plz join my orkut community “sanatan dharma “

  9. om parkash sharma says

    thanks Sir Hindutva ki Raksha me Apke Yogdan Ko Parnam . AAjJ Ke is Bhotiktawadi Yug Me Aap Dwara Diye ja Rahe Samay Ke liye Parnam

  10. shubham says

    om,
    bahut achha lekh hai bhai.
    bhartiya vijyaan pracheen samay se hi unnat tha.google par search kijiye “ancient indian science”.uttar mil jayega.
    musalmaan ardh shikshit kaum hai.vo zakir nayak ki ghatiya aur jhooti baataun par khush hote hain,”andho main kaana sardaar”.
    maine swayam dekha hai un BRAINWASHED logo se baat ki hai.

    apka karya bahut uttam hai….
    bhartiya/hindu jati ko aadhaar pradaan karne vala aryatva….

  11. Harish says

    Namaste Agniveer ji,

    simply Great !
    I am sharing this great information with my friends and make them more aware of their Identity.

    Long live this campaign.. keep it up , your good work will be multiplied by many of us.

    Jai Bharat

  12. Vaibhav says

    Refutation of Jihadi claims was well done, but I don’t agree with the demeaning of the entire Muslim community at the end. Some Jihadi’s made baseless claims doesn’t make the entire community bad. Yes, they may have their negative aspects, but I think it was unnecessary to point them here. Such comments only widens the divide between the two communities. There are bad people on both groups, and our job is to put an end to only those bad people, and not let people have negative feelings against entire communities. Let there be brotherhood among everyone!

    • Vajra says

      Vaibhav
      Dear Brother, where did you find in article written that entire Muslim community is bad? Rather it talks about the corrupt and cruel ruling elite which has deliberately kept Muslim community illiterate so that the seeds of hatred can be sowed in their hearts for getting political gains. Please watch the videos carefully, in which great thinker of Muslim world Hasan Nisar exposes the same.

      thanks

    • says

      Please refer “What Agniveer stands for” whose link is provided above every article. We have nothing against Muslims in general and consider them to be our brothers. That is why we proudly write about Ashfaqullah Khan as our role model. Our stand is against the fanatic version of Islam that puts all non-believers in permanent Hell. Our stand is also against the ruling elite of Islam that has nothing to do with the message of Muhammad and has deliberately kept common Muslims in darkness and ignorance for selfish reasons. This is not our personal view but shared by Muslim intellectuals like Hassan Nisar, Parvez Hoodbhoy and Ghulam Jilani.

      Thus we do not blame common Muslims and on contrary consider them to be victims of the misdeeds of their ruling elite. We are all out to support and help them out of this in all possible ways. We want them to emulate Ashfaq, Azim Premji, Abdus Salam and Abul Kalam.

      Admin

      • nehal121 says

        wakai aapne bahot achha likha hai , meri ek guzarish hai, k ap aisa ku nahi karte k aap zakir naik se debate karain aur khud unhe muh tod jawab dain,

        • says

          isme aapko kya achha laga bahan ye to sara bakwas hai zara apni aatma se chintan kar ke dekhe kya aap muslim aur sanatan dharma me koi antar nikal payengi ye log jo sirf apne apne dharmo ko uncha batane me lage hai inhe to khud nahi pata ke inka dharm kya kahta hai aur sahi mayne me dharm kya hai

          • raj.hyd says

            agar sanatan dharm aur islam ek jaise hote to ek murtipujak n hota aur islam panthi murti ko todne vale n hote! aise hi ek gaay ki puja karne vale n hote aur dusri or gaay ki hatya karne vale n hote ek shakahari hai dusra mansahaar ko jyada pasnad karta hai !

  13. Ashok Pareek says

    islam ek dharm jisko khud pata nahi ki kahan jaa raha hai. aaj apni hi juthi dalilo or khokle niymo me jakda ja raha hai.
    islam puri tarah se khatm ho chuka hai or aaj jo hai wo to sirf aadamber hai.
    kattarta hai. lekin agar yahi kattarta rahi to islam ek din khud b khud khatm ho jayea or uska jimeedar bhi khud islam hi hoga.

    • Shad khan says

      Apko badi knowledge hai hamare Islam k baare me.. Kitni baar aapne Qur’an ko samjha hai.
      and my brother , Islam kaha khatm ho gya hai, shayad apko maalumaat nahi hai ki world me doosre no. PE Islam hai, Hinduism ki baat karu to ye sirf India me hi paaenge, yahaan par bhi AP log 100% nahi hai. Aur Jo Hindu India k bahar hain , Wo bhi Indian origin k hi hain, kaam karne bahar gye hue hain.
      Islam ko khatam karne ki auqaat kisi insaan me nahi hai,
      to behtar yahi hoga ki AP Islam k baare me na hi bole , or agar bol rahe hain to knowledge lele.

      • raj.hyd says

        quran to mul ki bhul hai kalpit allah, kalpit farishte, kalpit jannat, kalpit hure- gilme ,kalpit rasool -nabi adi , jahan tak sankhya ki baat hai ti suar ka mans khane vale nasha karne vale zahil , andh vishvasi is duniya me bahut jyada hai tab kya in sabko bhi adar ki drishti se dekh liya jaye ? is duniya me quran ke aneke itne saal baad bhi murtipujko ka bahuly hai , hindu aur buddh mat ko jod lenge to sabse jyada unki sankhya ho jayegi !

  14. says

    namashkar agniveer ji aapka jawab kabiley tarif hai parantu mere man mein ek sawal utha hai ki aapne kaha ki musalmano mein ek hi scientist hua par A.P.J abdul kalam bhi to scientest hai na to aapne aisa Q kaha kripya mere is sawal ka nivaran kare or aksar musalman shivling ke bare mein bahut hi gandi bhasha ka prayog karte hain wo kahten hain ki wah shiv ka guptaang wikipedia mein bhi yai likha hai hai kya aap shivling ke bare mein ashpasht batayenge. ( DHANYWAD)

    HAR HAR MAHADEV

    • says

      नमस्ते संतोषजी

      १. हमने ये नहीं कहा कि मुसलमानों में एक ही वैज्ञानिक हुआ है. हमने यह कहा है कि यदि उन देशों को देखें जहाँ इस्लाम संवैधानिक मजहब है, तो एक ही वैज्ञानिक पैदा हुआ है. जहाँ तक कलाम जी का सवाल है, वो तो आर्य हैं. वैदिक धर्मी हैं. आर्य या वैदिक धर्मी कोई जन्म से नहीं होता, कर्म से होता है. कलाम जी राम और कृष्ण को आदर्श मानते हैं, मांसाहार नहीं करते, उपनिषद् और गीता का अध्ययन करते हैं, मजहब कि संकुचित दलदल से उठकर संपूर्ण मानवता का कल्याण सोचते हैं. जाकिर नायक जैसे लोग उनपर कितना गर्व महसूस करते हैं, मुझे नहीं पता. पर हमारे लिए तो वो भारत के गौरवशाली सपूत हैं.

      २. रही बात शिवलिंग की – तो इस बारे में http://agniveer.com/2006/hinduism-obscene/ देखें

      धन्यवाद
      प्रबंधक

      • SAGAR says

        MR..ANGVEER JI AGAR AAP SARVE KRENGE HINDU BHAIYO KA TO AAP PAYENGE KI AAJ KI DATE MAI SBSE ZYADA MANSAHAR HIND HI KR RHE HAI WO SHRAB PEETE HAI CHIKAN KE SATH YE JO CHIKAN SHOP CHAL RHI HAI MUSALMANO KI WO HMARE PYARE HINDU BHAIYO KE HI KARAN CHAL RHI HAI.SHARAB PEENA KAUN SE VED MAI LIKHA HAI YA MANS KHANA KAHA LIKHA HAI…KYU HMARE 90%HINDU BHAI SHARAB KA SEVAN KRTE HAI..KYU SBSE ZYADA BALATKARI HINDU HOTE HAI..NEWS DEKH LO JITNE BHI REP HUE HAI UN MAI SB HINDU HI HAI

        KUCH KHE IS BARE MAI….

        • raj.hyd says

          adarniy shri sagar ji , jab is desh me hindu jyada hai tab buraiya bhi apko hindu me jyada mil sakti hai 1
          pakistan v bangladesh adi me apko iska ulta bhi jyada mil sakta hai !
          99% muslim mans khne vala milega ! aur 50 % se kam hindu mns khane vala milega ! ab aap kah sakte hai ki hindu ki sankhya u=itni kam kyo batlai !
          adhikansh manshari ki patniya mans nahi khati hai! yahi baat sharab pine valo ki bhi mil jayegi !
          rep karne vale hindu jyada milenge kyoki unki abadi jyada hai !rep kyo hote hai polise ki achhi vyavstha nahi adalat ke faisle der se ate hai ashlil sinema, sharab ka prasar jyada hai sarkaro ko sharb se tex lene ki buriadat jo pad gayi hai janta jaye bhad me ,lekin unka pad nahi aye aad me ” !
          ved ka jyada parchar nahi hai aam janta ka jhukav pakahndo me jyada hai saty ko samjhane me bahut kam hai
          ham asha karte hai ki apko apni bato ka samadhaan mil gaya hoga !

    • Chakraborty says

      APJ Kalam practicing muslim nahi hai. Wo sirf musalman ghar me paida hua hai,
      Wo roz subah Gita padht hain, Unke interviews padhiye

  15. says

    namshkar agniveer ji

    maine aapki ki batai hui website http://agniveer.com/2006/hinduism-obscene/
    pe
    visit kiya par chama chahunga mujhe mere sawal ka jwab nai mila jo maine shivling ke bare mein pucha tha kya aap mujhe sanchep mein batayenge ki shivling ka nirman kab or kyun hua kyun ki agar humen shankar bhagwan ko pujna hai to unki murti kyun nai hai or devtaon ki tarah. shivling kyun kripiya aap shivling ke bare mein sanchep mein batadijiye.

    Dhnyawad

    HAR HAR MAHADEV.

  16. raj.hyd says

    MANNIY SANTOSH JI , THO UPAR BADHIYE ! KEVAL SHIVLING ME HI N ATKE RAHIYE ! PQRAM PITA PARMESHVAR “SARVOCHH” HAI , VAH NIRAKAR, SARVSHAKTIMAN SARVYAPAK ADI ASANKHY GUNO VALE HAI ‘OM ‘ PAR DHAYAN LAGAIYE 1 ISHVAR KE GUNO PAR DHYAN LAGAIYE USKE GUNO KO DHARAN BHI KIJIYE ! JAB JAIN SAMUDAY KE LOG MURTIPUJA KARNE LAGE VABHARI SANKHYA ME JAIN SAMPADAY KI OR JANTA JANE LAGI TAB USKO ROKNE KE LIYE ANEK TARAH B KI MURTIYAN BHI GADHI GAI , USME SHIVLING , SALAIGRAM ADI BHI PUJNIY BANA LIYE GAYE ! JISKI JARURAT NAHI THI 1 KHAIR US SAMAY KI BAT AUR HOGI LEKIN AJ TO AISI PARISTHITI BHI NAHI HAI !SABSE PAHALE JARURI HAI KI HAM SAB ACHHE GUNO KO DHARAN KARE APNA VYVHAR SARVOCHH RAKKHE 1 “DUSRE KE SATH VAHI VYVHAR KARE JO APNE LIYE BHI PASAND AYE ” YAHI DHRM KA EK MATR SUTR HI MANUSMRITI 6/92 ME DHARM KE LAKSHAN KAHE GAYE HAI, KI ”DHRITI, KSHAMA , DAMOASTEYAM ,SHAUCHAM INDRIYNIGRAH , DHI ,VIDYA SATYAM AKRODHO DASHAKAM DHARM LAKSHAANAM, JAB HAM SAB APNE VIKARO KO NIKALENGE ACHHE SANSAKAR KO JIVAN ME APNAYENGE , TABHI APNA V SAMAJ TATHA DESH SANSAR KA BHALA HO SAKEGA 1 JINKO HAM DEVTA MANA KARTE HAI VAH SACH ME KUCH BHI NAHI HAI UNKA ASTITV BHI NAHI HAI, FIR KYO PARESHAN HON ?

    • msj says

      @raj.hyd

      Bahut Badiya bhai. Aapko Bahut Gyan hai. Bhai Agniveer ke naye article ” I am non arab muslim ko bhi jarur padiye” aur comments bhi likhiye.

      • raj.hyd says

        hamari angrji bahut kamjor hai , jab hindi me preshit hoga tab ham apne vichar rakh payenge ! ham apni kamjori chipate nahi hai !

    • says

      raj.hyd

      ji namashkar mai yain pe atka nai baitha hun par aksar is tarah ke sawal samne aajate hain jiski jankari hume pahle se hona chahiye mai sirf ye janana chahta hun ki shivling ka nirman pahli bar kab or kahan or kyun hua tha agar kisi ko pata hai to kripaya jawab dijiye

      Dhanyawad.

      Har Har mahadew.

      • raj.hyd says

        manniy santosh ji ,ham to matr itna jante hai ki jain mat ke failav ke bad hi shivling adi ki puja arambh huithi, baki apke prashno ka hame gyan nahi hai ! samay ke pravah va desh ki gulami ke dauran hajaro pustkalay ko ag ke havale kar diye gaye the sambhav hai ki uske karan bhi nasht ho gaye ho?

    • Abhishek Srivastava says

      राज भाई और संतोष भाई,
      शिवलिंग के बारे में मैं आपकी भ्रांतियां दूर करना चाहता हूँ | आप सभी ने जहाँ भी शिवलिंग देखा होगा वहा अर्घा भी देखा होगा क्यों की शिवलिंग बिना अर्घे के नहीं पाया जाता है शिवलिंग + अर्घा स्वयम अर्धनारीश्वर परमेश्वर को निरुपित करता है| आगे की बात बताने से पहले मैं आपसे एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ | की जब किसी के घर में शिशु का जन्म होता है तो लोग ये कैसे पहचानते हैं की शिशु का लिंग क्या है अर्थात वह लड़का है या लड़की ???? उत्तर तो सभी को पता है इसी प्रकार शिव लिंग पुरुष और अर्घा स्त्री शक्ति का स्वरुप है क्योकि इन दोनों के बिना श्रृष्टि का निर्माण संभव नहीं है|
      अतः परम पिता परमेश्वर जो सम्पूर्ण श्रृष्टि की रचना करने वाला है उसने अपना स्वरुप अर्धनारीश्वर दर्शाया है| इस स्वरुप को हम शिवलिंग और अर्घे के रूप में पूजते हैं इसमें कोई बुराई नहीं है नहीं कोई अश्लीलता है अश्लीलता केवल हमारे मन में होती है|
      श्रद्धा से देखो तो हर कण में इश्वर का ही वास है इश्वर ने यह स्वरुप दिखा कर हमें बताया है की मनुष्य और सभी जीव जंतु की रचना नर और नारी के संयोग से ही हुयी है जो की परम सत्य है|
      अब बात आती है की शिवलिंग को बनाया किसने तो मैं बता दूं की प्रथम शिवलिंग जो की विश्वेश्वर महादेव वाराणसी में स्थापित है वह स्वयं से प्रकट हुआ था न की किसी ने गढा कालांतर में इस अति प्राचीन शिव लिंग को इस्लामिक आक्रान्ताओ ने मंदिर में ही स्थित कुएं में फेंक दिया जो की आज भी कुए में पड़ा हुआ है|
      विश्वेश्वर महादेव के प्रकट होने की भी एक कथा है लेकिन वो फिर कभी
      आशा है की आप की जिज्ञासा का निवारण हुआ होगा
      ||जय बाबा अघोर प्रचंड||

      • raj.hyd says

        pram adarniy sri abhishek ji ! ishvar ek chetan shakti hai uska koi rup nahi hai ! jab vah nirakar hai tab usko ardhr narisvr kahana bhi thik nahi rahega ! gita me shivlimg ki charcha nahi hai! ! jab jain mat ke mahavir ji ki nagn pratima puji jane lagi jan mat ke mandir bahut bhavy akarshak banne lege tab anishvar vaadi jain mat me jane valo ko rokne ke liye yah nagn shivling bana diya gaya ! aur usme vah safal ho gaye 1 ishvar ki aradhna keval OM v gayatri mantr ke maadhyam se kyo nahi ki ja sakti hai 1 shiv ling ya anyo ko madhyam hi kyo banaya jaye ? samaj ekta ki disha banaye vikhandan ki disha ne samaj me matbhed ka janm de diya hai !

      • sandip says

        राज भाई और संतोष भाई, aisa hai shiv+ling shiv wah hai jisne isbrahmand ko banaya hai. Ling- ling ka arth hai barhmand isliye shivling ka arth hai shiv ka brahmand inhi artho me bhuwneshwar ke shiv mandir ka nam LINGRAJ hai arth huwa brahmand ke swami na ki guptang ke swami pls apne dharm pe vishwas rakhe kuch bhi hamare dharm me ant sant nahi hai problem jankari ki hai logo ko pata nahi hai ved parhne se pahle brahman, ekrey, kautikiya, aarnyak ityadi grantho ko parhne kaha jata hai tabhi ved ka vastavik gyan milta hai anyatha isitarah arth ka anarth samajhliya jata hai

        • raj.hyd says

          adarniy sandeep ji jab ishvar nirakaar hai tab usne brahmand banaya hai, shiv ka gun rudr bhi hai aur vinshak bhi hai ! isliye shiv ki aabt to is brahmand ke liye ati bhi nahi hai apki yah baat thik hai ki brahman granth adi bhi padhne chahhiye !

  17. Dipankar says

    Muhammad was a talking with allah why? Which power of muhammad hands? why muslims are not understands? What is the origins of hell and heaven? Why mohammads helping jibrial? Mohammad was uneducated but why he starts reading and writing?muhammad creates more power but he did not use why? All prophets and massiha’s are leaving but where? What is the original miracle of allah gifts to muhammad without quran? Muhammads main power was different,he meeting one thousands mirrors of allah at a time and one hundread quran also be see but how? I understand it but not openly talk about, so please forgive me.

  18. Om Prakash says

    Agniveer ji aapko bahut bahut sadhuvad, main shuru mein communist ban gya tha. Soch yeh thi ki apne shashtron mein to pakhand ke atirikt kuch nahin hai jo manav ke liye labhkari hone ke bajay uska bhautik aur mansik shoshan hi karne ki liye hai. marx mujhe vaigyanik aur manav kalyan ke path par chlne ke prerna dene wale lage to us par chal pada. Parantu kisi ne apne granthon ko padhne ki n to prerna di aur n hi purwagrah se grisit hone ke karan maine khud pryas kiya. Parantu aapka hradya se abhari hoon ki apke madhyam se mujhe apne purvajon ko janne ka jitna mauka mila uspar main gaurav anubhav kar raha hon. ki scince aaj kuch bhi nahin hai. bina bhautik sudhaon ke kitne vigyan ka unhone srajan kar dala chamtkarik hai. kripya yeh avashya batane ki kripa kar den ki hum aaryon ka nam hindu kisne rakh diya. kya hamari yeh pahchan apurn nahin hai kya. jahan tak islam ka swal hai to koi quran ke hukam ke anusar sacha musalman ban jaye to hindu aur musalman ka antar apne aap khatam ho gya.

    • raj.hyd. says

      manniy om prkash ji , jab se ham muglon ke gulam huye tab hi se unhone gair muslimon ki hindu nam se pukara , tabhi se ham hindu kahaalaye jane lage ,jaise angrejo ke samay se ham bhartiy n hokar indiyan kahalane me bhi garv karne lage bhartita ko bhul gaye hai aj bhi ham aggreji kanun ke gulam hai 1

  19. Shamshad Alam says

    Dear Agniveer, arpita ne theek kaha pakistan ka naam liye bina bhi aap apni bhawna ko prakat kar sakte the…any way aap ne kafi achchi jankari di hai…thanks and i think u have good knowledge about ur religion….aur honi bhi chahiye….har insan ko apne religion ke bare me pta hona chahiye…..but mai aap se anurodh karunga ki aap apni history bhi strong kar le…go through the original history books and find who invent the medical science, astronomy, the calender system, the mathematics..etc…..why are u dependent on mr. hasan sahab to improve your history..

    • Reshmi Sharma says

      Muslim was mostly Pirates in the middle east and yes they has good knowledge of astronomy beyond doubt. For medicines we have ayurved thousands of year back and still gong parallel to English. regarding calender system you believe that there is 355 days in year whereas our calender 2000 years back hae said that there is 365.25 days in a year, which again is proved right by modern science, so please do some more research before just commenting in anger.

    • siddharth says

      namaskar shamshad ji, accha laga dekhke ki aapne aadar se baat ki . Aapne kaha ki history strong kerni chahiye , ye baat mujhe aapse kehni chahiye kyuki aapki history strong nahi he . Jaha tak “invention” ki baat he to koyi bhi field ho invention sanatan dharm ko maane vale hinduo ne hi ki he . Kripya aap is history ko jaane ki koshish kare . Chahe medical science ho , astronomy ho , mathematics ho gyaan sanatan dharm se he . Bhaut hi sidhi si baat he , numbersystem se leke differentiation tak almost sara math hinduo ne banaya he , jisme haal ka ( recent history ) ka mathematics ho ya aetihasik ( historical ) mathematics ho . Astronomy me hinduo ne vo maharath hasil ki he jiska koyi duur tak mukabla nahi he . Aetihasik ( historical ) medical science me bhi unka koyi mukabla nahi he .Yahi se hi gyan bahar gaya jisse bahar ki duniya viksit huyi .

  20. Aaryavart says

    namaste agniveer team,
    we should use the word ‘arya’ and ‘aryavart’ . We should not use the word hindu etc. Maharshi dayanand ji kabhi bhi hindu etc word use nahi kiya. Agniveer ji please comment on this issue. Thanks :)

    • narsing says

      http://www.scribd.com/doc/8255671/HINDU-sacred-word-Hindu-in-Vedik-Scriptures
      Antiquity and Origin of the Term ‘Hindu’
      By Dr. Murlidhar H. Pahoja
      Hindu is one who discards the mean and the ignoble.
      Starting from Himalaya up to Indu waters is this God-created country Hindustan
      . For instance in the Jaugadha, separate rock edict II, the lines 3 & 4, read:
      All men are my people. I desire for my people that they may be provided with all welfare and happiness. I desire for my people, including the people of Hind and beyond and I desire for all men.
      The Edict further, says in lines 7 & 8
      Dhamma may be followed and the people of Hind and beyond may be served.
      In the Avesta, Hapta-Hindu is used for Sanskrit Sapta-Sindhu, the Avesta being dated variously between 5000-1000 B.C. This indicates that the term ‘Hindu’ is as old as the word ‘Sindhu.’ Sindhu is a Vedik term used in the Rigveda. And therefore, ‘Hindu’ is as ancient as the Rigveda.
      In the Avestan Gatha ‘Shatir’, 163rd Verse speaks of the visit of Veda Vyas to the court of Gustashp and in the presence of Zorashtra, Veda Vyas introduces himself saying ‘man marde am Hind jijad.’ (I am man born in ‘Hind.’) Veda Vyas was an elder contemporary of Shri Krishna (3100 B.C.).

  21. BUNTY says

    SIE U R RIGHT. KOI TO AAJ AISA HAI JIS KO HAMARE SANATAN DHARM VEDO KI CHINTA HAI. YE MUSLIM /AARAKSHAN LE DUBEGA.KOTI 2 NAMASKAR

  22. hari shanker tiwari says

    bahut gudh vishya ko apne uthaya hai dhanyawad lekin mitra acharya chanakya ne kaha hai

    ((JISKI HATYA KARNA HO USKI CHARCHA BAND KAR DO ))

    JAB TAK USKI CHARCHA RAHEGI USE MARNA ASAN NAHI MITRON JAB TAK ISLAM KURAN KA VISHLESHAN KARTE RAHENGE TAB TAK USKI CHARCHA AUR JIWAN BANA RAHEGA AT AV BHAIYON YE BHUL JAO KI ISLAM KURAN KOI DHARM AUR GRANTH HAI JUST LIKE GOSIP HAI SUNA NIKAL DIYA

  23. CHETAN'S KARMA says

    Samshad Alam bhai phele tu check who invent what?bcz tmhe sayad pata ni hai tum 1400saal pehle aaye ho?

    • zahid says

      kaun pehle aaya kaun bad mey ye disscuss mat karo ye dekho ki aaj tum log bache kitne hou,muslim dharam ka patan karne wale ye dekhey ki kaise unke dharam ka patan ho gaya dhere dhere ,jo abadi bachi hai hindu ki wo bhi bahut jald he samapt kar di jayegi ,tumhare dharam ka end hota ja raha hai dikhayi nahi deta tum logo ko ,
      mujhe ek bat samajh me nahi aati ki bhagwan agar puri dharsti ka vidhata hai to wo sirf bharat me he kyo paida hua aur yahi tak simit reh gaya,kya bhagwan sirf india walo ke liye hai tou baki ko kaun sambhalta hai,definetly ALLMIGHTY Allah

      • raj.hyd says

        baibal tauret jaboor quran bhi to keavl ashiya me hi ayi hao sansaarke any sthano me kyo nahi ayi ! mukhy bat sankhya nahi hoti gunvatta hoti hai machhar bahut hote hai sher to bahut kam hote hai , fir raza sher hi khalata hai is samay america duniya ka raza hai, aur bahut se muslim desh uska charan chumban karte hai !

        • zahid says

          raj brother
          agar itni gunvatta hai tou logo ne tyag kyo diya ,aur islam apna liya, Quran puri duniya me padhi jane wali kitab hai sirf asia se kya maltab hai aapka ,duniya ke har kone mey islam hai ,so sad ki itna gun hote huey bhi log tyagte gaye hindu dharam ko ,gun to islam me tha tabhi log uske gun dekh kar hindu dharam choad diya

          • raj.hyd says

            agar sankhya ki baat karenge to sabse jyada duniya me murtipujak jyada hai aur kai karod muslim bhi kabr parasti , dargaah parasti karne se nahi chukte hai 1 sansar me sabse jyada isaaihai baibal jyada padhi jati hai! yahudee ti ek karod bhi duniya me nahi hai fir bhi america me unka parbhav jyada hai bahut se arab muslim desh bhi usse darte hai ,
            \jiska jyada prachar hota hai usko manane vale bhi jyada ho sakte hai lekin uska yah arth nahi hota ki vah sachhe v achhe ho gaye. 1450 saal me bhi muslim sirf 25 % hone ka dava karte hai aur usme bhi 72 se jyada firke ! ek dusre ki hatya karne me bhi sankoch nahi karte hai yah hai islam ki gunvatta !

          • Reshmi Sharma says

            Sahi kaha. Ab dhire dhire duniya ke samne tumare av “guun ” samne aah rahe hai. isse liye sab jagah kapde utaar ker check karte hai,

        • zahid says

          agar samay rehte ankh khul jaye tou accha hai ,aap bhi apni aankhe khol lejeiy aur jis quran ka aap log jikr kar rahe hai ya jo burayi bata rahe hai wo burayi quran ki sirf vedo me hui hogi ,aur hamey mat samjhayeiy ki quran me kya burayi hai aapse jayada knowledge rakhte hai ,apne ved ki burayio ke bare mey socheiy ,aur logo ke sath usper vichar vimarsh kejeiy ,

          • raj.hyd says

            ham to har jagah sudhar ki gunjaish dhudhte hai ! aap muslim kuran ki buraiyan dhudhne me asfal rahate hai tabhi hamko quran ki buraiya batlane ka kasht uthana padta hai 1 agarved me buraiya hongi to usme sudhar ki disha sabse pahale ham khud kar lenge ! ved mane gyan hota hai uske liye hamko ap muslim ka bharosa karne ki bhi jaruurat nahi hai ! gyan ka rasta talashne me usme sudhar karne me koi dikkat hamsabhi nahi ati hai1 apka gyan quran ki buraiyan dhudhne me nahi hoga agar aap dhudh sake to hamko avashy batlaye !

          • says

            Aap raj syd ko ye rply dedena- {sure touba-1to7}-( isme allah tala farmate he ki kafiro ke sath ak sandhi thii or unhone wh sandhi tod di tabhi ye huqm aya tha ki jha kafiro ko pao unka ktl kro fir age farmaya gya agr koi kafir aman chahe to tum use sir chhhodo hi nhi blki use shanti ke sat mehfooj wali jagh pr choodo jaha wo safe ho.)

            koi bhi armi jenrel apne sipa salhar ki himmat afjahi ke liye unse yahi khega ki dushman jaha bhi mile unka qtl kro or dat ke mukabla kro wo ye nhi khega ki maidane jang se tum dar ke bhag jao ya dushmano ke aage hathyar fek do, or agr koi armi jenral aman pasand hoga or kafi achha shaks ho to wo yeh kega ki agr dushman aman chahe, apne hathiyar dalde to tum use chhod dena.
            jbki kuran me allah tala ye farmate ki dushman ko shanti ke sath aman wali jghe pr le jakr chhodna.
            zahid ji aap zakir naik ke lecture suna kariye unme kafi knowlege hoti he non muslimo ko dawat dene me mdad milti he.

            raj ji se kho ki ak dusre ke majhab me galti nikalne se achha ye he ki am apne majhabi books khud pde or jo aksa he uspr amal kre aktelaf kre se kuchh nhi hoga isme kisika fayeda nhi.or raj ko bhi Dr.zakir naik ke lecture sunne ko kahiye bager sune ya jane kisi bhi topic pr arguments krna bekufo ki nishani he wo bina sach jane suni sunai bato ko sach janlete he or uspr discussion krne lagte he.
            forward this msg to raj hyd

  24. DEV says

    Agniveer Ji

    Please let me know any logical point when GOD is all powerfull why he cannot create Soul and Matter.

    Thanks

  25. Satyapal Singh says

    Agniveer ke Shansthapak Mhoday aap ko Sadar Prnam…………..
    Aaj mai pahli baar aap ke Agniveer ka hissa ban ke bada hi garv mahsus kar raha hu
    Aap ki sabhi bate nayay sangat hai parntu mai aap ko ek chota sa slah dena chahunga
    Ki aap baar-baar muslimo ko nisana naa bnaye kyoki mere hisab se koi Dharm galat nahi hota usko dharan karne vala galat hota hai Example- Ek Police vala jab ghus leta hai to eske liye vardi jimedar nahi ho skti kyoki vardi pahnne vale ke liye to kanun bana hota hai ki vo humare samaj ki racha krega lekin us vardi me chupe ensan rupi setan ko to janta ko paresan karna hota hai, Aap ko apne lekho me Hindu- Muslim ki yekata par jor dena chahiye. Mai manta hu ki aap ke paas gyan hai lekin aap apne me Bhakti bhi jgaeye kyoki bina Bhakti ke Gayan vayrth hai. Humare Hindu Dharan me bhi to log Devi-Devtao ko Pashuo ki Bali cdate hai aur fir uske mans ko Prasad maan kar bade chav se khate hai kya jine ka hak keval ensano ka hai un Janvro ka nahi aur kis Dharm Granth me likha hai ki Devi-Devata Pasuo ki bali magte hai aur agar kahi yesa likha hai to bhi mai nahi manta aur eske liye mujhe kisi ko koi tark nahi dena hai. Mere hisab se dunya me keval ek hi dharm hai aur vo hai “ensaniyat” mai to naa Hindu hu naa Muslman aur naa koe aur jati mai sirf aur sirf ensan hu. Ek baat bataeye duniya me jab ensan aaya hoga to mere hisab se Bhgvan ne ek Jodi bana ke beje honge aur usi se ensan smaj aaj etna jyade ho gaya hai to fir Mai Hindu Tu Muslman kaha se aagya. Kyoki jad to humari ek hi hai. Fir kyo aur kese etni jatiya.
    “Agar aaj bhi aap log mai Hindu tu Muslman aur na jane kya kya kahna band nahi kiya to Kisi jati ka to pata nahi lekin Ensan aur Ensaniyat Jarur es Duniya se Humesa -Humesa ke liye Khatm ho jayegi aur sirf rah jayengi Jatiya Jese ki Janvro me hoti hai Mai Sher Tu Kutta aur naa jane kya kya Tum jatibad ko nahi apne Vinash ko hawa de rahe ho Agar yesa hi chlta raha to ye smaj ek Jangal ban jayega aur Jisme honge ye Jati rupi Janvar jo ek dusre ko Maar khane ki taak me humesa bethe rhenge.
    Ensaniyat Jinda Baad. Ensaniyat Jinda baad

    • says

      Satyapalji. Aapke prem bhare sandesh se hum dravit ho gaye. Aapse vinamra nivedan hai ki aap humare facebook page par jaiye aur is site ke lekhon ko dhyan se padhiye. Humne kabhi kisi majhab ko nishana nahi banaya. Humne to bus insaniyat ko hi apne lakshya banaya hai. Ulte hum vishesh roop se aise musalmano ke baare me likhte hain jo insaniyat ke liye udaharan hai. Jaise Ashfaq, Abdul Hamid, Syed Ibrahim, Hakim Khan aadi. Aaj tabhi hazaaron musalmaan bhai aur bahan Agniveer ke parivar ka hissa hain. We bhi humari tarah insaniyat ki ibadat karte hain aur Peace TV ka virodh karte hain.

      Hum to khud yahi kahte hain ki tu hindu banega na musalman banega, insan ki aulaad hai insan banega. Aap humare facebook ke post padhiye aur fir aap janenge ki Agniveer to keval insaniyat ka hi naam hai. Aap aur hum ek hi parivar ka hissa hain.

      • Follower of prophet says

        @Agniveer
        agniveer tum Apni Badai sunkar bahut khus ho rahe hai. Murkh logo ko bevkuf bana sakto ho muslmani ko nahi.

        • ANTI MUSLIM GUY says

          Musalmanon ko bewakuf banane ki koshish kar kaun raha hai?waise bhi tum logon ko bewakuf banane ki jaroorat hi kya hai.Tum to paidaish bewakuf ho.DR JOKER NALAYAK M.B.B.S. oh sorry dr zakir naik mbbs tum logon ko aur zyada bewakuf bana raha hai.Tumhara majhaab hi bewakufi ki buniyad par khada hai.Suraj paschim se kaise uday hota hai ye batani ki himmat kisi main nahin hai.Duniya sapat kaise hai ye batane ki himmat kisi main nahin hai.Islam bewakufiyon ka e dariya hai.Is par ek puri kitab likhi ja sakti hai.Apna nam follower of prophet ki jagah par follower of the bewakuf likhna chahiye.Ken ke mendhak bechare musalman.HA HA HA

          • Farhan says

            bhai anti muslim
            ham log agar paidaishi bewakoof hai to aap log kya hai ,aapke dharam ka koi scientific reason nazar nahi aata , jisko dekho bhagwan man kar pujne lagte hou ,chahe wo currept baba Ram dev hou ya rapist asharam babu ,tumhe apne majhab ki knowledge nahi hai chale dusre ke mazhab ki bat karne,bhagwan ram bhagwan Krishna jo asal me insan they unki pooja karte hou ,hamari quran me tou duniya ki shuruwat se lekar ant kaise hona hai bahut pehle he likha ja chuka hai ,tumhare dharam ki kin bewakoofiyo ko samne rakho kitab tou kya sadi beet jayegi lekin tumhare dharam ki bewakoofiya aur galtiya khatam nahi hogi

          • One Query says

            Maa Parvati ne apne sharir ki gandagi se Ganesh ko paida kaise kiya.

            Ganesh ji ke chote se gardn me hathi ka itna bada suund kaise adjust hua .

            Koi hai, Jo iska jawab De?

  26. says

    Vedas kaa purna her admit ka perm dharm hia .vedas kaa arth he jankari hai kum gain whale se uljna murkhta kahlati hai. Tulsidass ji ne sunder kaha hai ? murkh ke hum dass hain giani ke hum GURU .MANUR BUV? BE a Man arthat Nek Insan bun.

  27. पंकज says

    अग्निवीर के प्रयास बहुत ही सराहनीय है| कृपया अपने इन विचारो का और वेदों का पूरे भारत और दुनिया में प्रचार करे ताकि असली हिन्दू धर्म का ज्ञान सभी को हो सके |हर प्रकार से हम आपके साथ है|

  28. Anku Arya says

    Chhama Karna Pankaj Apki Line Mujhe churani Padi
    अग्निवीर के प्रयास बहुत ही सराहनीय है| कृपया अपने इन विचारो का और वेदों का पूरे भारत और दुनिया में प्रचार करे ताकि असली हिन्दू धर्म का ज्ञान सभी को हो सके |हर प्रकार से हम आपके साथ है|

  29. Ashish tiwari says

    Bahut uttam baat likhi hai…….lekin me ye samajhta hoon ki agyani logon se bahas nahi karni chahiye…..unko apne haal per chor dena chahiye ……ek din sab nashth ho jayenge.

    • raj.hyd says

      ham, sabko kis ko bhi apne haal me nahi chodna hai jitni koshish ho sakti ho utni koshish jarur karni hai dosh to gyaniyo ka hai ki unhone apne gyan ka parchar nnahi kiya hai 1 agayniyo ki galti bhi kam kahi jayegi 1 parteyk vtyakti ko sahi gyandena gyaniyo ka param kartavy hai1 nadan logon ko apne hal me kadpi nahi choda ja skta hai1 yah aspatal kyo banaye jate hai? yah vidyalay kyo khole jate hai ? bimar vyakti ka ilaj sahanubhuti se ho, pyar se ho usko rog mukt kiya jaye agyaniyo ko shiksha bhi prem se diya jaye !

      • raj.hyd says

        QURAN TO “MUL KI BHUL” hai, kalpit allah, kalpit farishte – jinn, kalpit hure- gilme , kalpit jannat v jahannum . kalpit nabi rasul, satve asman ki kahani , gaay ki hatya karke murda jigvit hone ki kahani , farishto se” homo” ki kahani , gair muslimo se jehad , haytayaye adi ki bate maujud hai ! jiske karan duniya me hinsa maarkat muaham d se lekra ajn tak chala a raha hai ! galti unki bhi nahi ! quran ka pardafash karne valo ki kami hai ! ki vah parbhavshali dhang se quran ka pardafash nahi kar pate jiska jyada prachar hoga samaj me vahi parbhavshali ho sakega 1

        • ZOYA says

          kalpit allah,kalpit fariste-jinn hure sab kalpit hai hamare dharam mey ,ab aap bataye ki aapke bhagwan indra,bhramma ,Mahesh ,shiv ,ganesh parwati in sabko kisne dekha ,unhone jinhone ved likha,ya aap logo ne ,jinhone ved likha unko bhagwan ne apne pass bula kar apni mahanta ginwayi ,ya ye sab bhi sirf ek kalpana hai ,kyoki indra bhrama etc ka koi praman ho to bataye,kisne dekha kab dekha ye hame bataye ,aur agar aisa kuch hai tou ye bataye ki unhone duniya banayi kaise ,duniya pehle bani ya pehle ved likh liye gaye phir ved ke anusar duniya ko akaar diya gaya ,how ? pehle wo aaye jisne ved likha ya bhagwan ,
          aur bhi kalpit cheese hai jaise hanuman ji ne apni tail se lanka mey aag laga di kisne unhe ye sab karte dekha tha koi tha waha ,jabki sri ram ji 10 lakh saal pehle aaye they jabki ramanyan bahut bad mey likhi gayi hai ,aur valmiki jo ki 400 b.c ke aas pass aaye tou ,to phir unko kaise itna itihas pata chal gaya ,kya bhagwan ram khud aa kar apna itihas likhwa gaye ya phir ye sab unki soch hai ,ek insan ek kalpana bana li aur likh diya wo such kaise maan ley koi jo bina praman key likhi gayi ho,kya aapka dharam kalpit nahi hai ,agar nahi to iska answer dejeiy

          • raj.hyd says

            adarniy shri zoya ji kitna achha hota agaraap pahale hamare rakhh gaye prashno ka uttradete! baad apne prshn bhi rakhte 1 chaliye koi baat nahi ham hi uttar dedete hai.
            brahma indr adi gun vachak naam hai ! agarinko aap vyaktivchak mante hai toyah bhinkalpita hai ! aap bhi guno se brahma ho sakte hai koi bhi ho sakta hai !
            ishvarkya hai ek chetan nirakar shakti ka naam ishvar hai 1 jaise aapko ya kisi ko bhi naye vichar ate hai vaise hi samadhi avstha me lin vyakti ko srishti banne ke bad jo gyan aya usko bhi ved ka naam diya gaya, ved ka ek arth gyan bhi hai! usme hindu hit ya muslim hit ki baat nahi hai ,vah manav matr ke hit ke liye gyan hai! ved ka gyan sunte sunte shishyo ko mila isliye usjko” shruti” bhi kahajata hai ! hanuman ji ke”punch” nahi thi balki vah itne karmath the us samay unki “pooch” thi ! apbhrnsh hokar pooch se punch ban gaya 1 samaj me vahi parampara se chalne laga ! jo galat hai !
            apke paas kya praman hai ki valmimki 400 b.c me huye, sambhav hai ki raam ji ki kahani bhi anek pidhiya sunti rahi ho baad me valmiki ji usko likhit rup diya ho.
            jaise tulsi daas ji apne anuman se ramcharit mans likhi hai .ramayan ki koi dharmik bunuiyad nahi hai. raam ji k jivan ke kary jarur hai !
            dharm kya hai?” dusre ke saath vahi vyavhaar kijiye jo apne liye bhi pasand aye ” yahi sutrmanvta v dharm ka hai 1 manusmrti 6./92 me dharm ke 10 lakshan batlaye gaye hai — “dhriti shama damo asteyam shaucham indriy nigrah dhi vidya satyamakrodhio dashkam dharm lakshanam !” isme kahi nahi kaha gaya hai ki jo manu ji ko manega ,raam ji ko manega , hanuman, sri krishn, buddh, mahavir, nanak, isa, musa ,muhammad adi ko jab manega tabhi vah dharmik kaha jayega 1 yah sab gunvachak vichar rakhe gaye hai sansar ka koi bhi vyakti kisi bhi samudaay ka ho vah in guno ko jo dharan karega usi ko hi dharmik kaha jayega 1aurparshn ho unko bhi rakhiye !
            saath me jo hamne parshn rakhe hai unka bhi uttra dijiye!

  30. Kashif says

    These all are fake not even you Mr. Publisher also Zakir Naik is a big fraud , you both have shown wrong picture of ISLAM , I would only like to mention here that just think and focus about your religion do not try to interfere or comment on ISLAM bcoz its not your cup of tea , so its better do not say any thing about if you do not have faith.

  31. shekh says

    कोई भी कितना भी बड़ा ही ज्ञानी होने का दावा करे चाहे ज्ञान वीर हो या अग्निवीर स्वामी दयानंद जी के मूर्खता के दावे सही साबित कर के दिखाए की सूर्य और चन्द्रमा पर मानव आबादी बसी हुयी है और धरती ही की तरह जातियां भी हैं !!! और बच्चा बच्चा जानता है की पाताल इस धरती के भीतर है लेकिन ज्ञानी दयानंद ने पाताल का नया ही रहस्योद्घाटन कर डाला की पाताल अमेरिका को कहते हैं इससे ही स्वामी जी के ज्ञान का स्तर पता चल जाता है उनके अनुयायी अंधे हो सकते हैं लेकिन कोई भी मामूली अकल रखने वाला भी हंस देगा इस तरह के दावों पर की निरी मूर्खता है ये बिलकुल स्पष्ट लिखा है इसको कोई ये कह कर बचाव भी नहीं कर सकता की प्रक्षिप्त हैं या तोडा मरोड़ा है कोई बच्चा भी समझ ले कोई गूढ़ अर्थ भी नै अब देखे की स्वामी जी के इन शेखचिल्ली दावों को सही कैसे ठहराया जाता है

    • raj.hyd says

      swami dayanand ji ne kab kaha ki sury me manav baste hai chandrma ek grah hai usme is dharti ke manushy ja chuke hai 1 kya dharti me amerika nahi basta hai patal ka arth apne desh ke niche hai aur america thik 12 ghante ke samay ka antar bharat se hai ! ab ap sabit kijiye muaham md ji meraz yatra kaise saty kaha ja sakta hai ! chandrma ko ek ungli ke ishare se kaise vibhajit kiya ja sakta hai !quran ko farishte kis “tarike “se laye ? kis vaahan ka upyog unhone dharti me ane ke liye kiya ? kya qurani allah sidhe muahammd ji apna sandesh dene kamjor the ?dekhe quran 11/77-81 jisme hazarat loot ki basti me rahane valo ki bhid farishto se” homo” sex karne ko utavle the ! yani farishto se sex sambhav tha ! dekhe quran 2/-67-72 jisme ek gaay kihatya karke uske maans se murda jivit ho jata hai ! batlaiye kya aaj bhi ho sakta hai/ fir usko jhuthi kahani kyo n samjha jaye ! dekhe quran 2/65 aur 5/60 jisme qurani allah ki nafarmani karne ke karan kisi giroh ko bandar vsuar bana diya tha batiye “kis tarike” se qurani allah ne unko janwar bana diya tha ! aaj 1440 saal ke baad bhi aaj to sansar kikarib 600 karod ki abadi qurani allah ko hargij nahi manti hai batlaiye kitne manushyo unhone janwar bana diya hai ! aap iska atmanthan kar lijiye qurani allah ki kahani kitni shekh chilli ki hai ap muslimo ka dava hai ki qurani alalh sansar ke nirmata hai ! jab ki swami dayanand ji ek manushy the unse kuch galti bhi sambhav hai !swami dayanand ji ne yah kaha tha ki jo kuch bhi ham kahate hai vah saty nahi hai jo apko apni buddhi me hamari bat apeel kare usko ap saty maan sakte hai ! ham swami dayanand ji ke gulam nahi hai ! ap sab qurani allah aur muhamm d ji ke ankhmeechkar gulami karte hai !

      • zoya says

        quran kis vahan se layi gayi ? ye ques hai aapka ,quran layi nahi gayi nazil hui ,kabhi aap logo ne apne dharam mey miracle nahi dekha na ham log hote hai bahut se miracle ,aur jo 600 karod ki abadi quran ko nahi manti khuda ne such me bandar vsuar bana diya ,lekin aap logo ko pata nahi chal raha hai bandar isiliye kyo aap log ka mind kam nahi karta aur aap log Quran aur nabi rasool ki tabhi burayi kar rahe hai ,aur asur isiiye kyoki aap log aisa karne key bad bhi nahi soch pa rahe hai ki aap log kar kya rahe hai,aur ye aap kya explain kar rahe hai homo sex and all ,ye aap logo ne nayi quran likh di kya ,quran me itni behayi nahi di hai kahi bhi

    • raj.hyd says

      hamne isalm ke sambandh me kuch prashn rakhe hai kya koi” maai ka laal” muslim jo muhammad ji ka “ashikane rasul” samajhata hai jo quran ko allah ki kitab ki narebaji karta hai ! hamunse apne parshno ka javab chahenge varna un muslim ko quran ki sangati turant chod dena chahiye !

  32. गोकुल सिंह says

    धन्यवाद आप ने हिन्दू धर्म के बार में इतना अच्छा लिखा। पर हम अपने धर्म की सफाई इन बेवाकुफ्न्फो को किन्यु दे ।अगर हिन्दू धर्म ग्रन्थ को वेज्ञानिक अधर पर परखना ही है तो पहले सअरे हिदू ग्रंथो को पड़ओ अपने आप गायन बेध जायेगा ।अध् जल गगरी छलकत जाए वाला हाल है इनका

  33. narender sharma says

    pyare bhaion, bacha jab paida hota hai usko nahi pata hota uska dharam kya hai jab thoda bada hota hai usko bataya jata hai baad mei wo usi dharam ka gungaan karta hai.dharam jaati k naam par is tarah k comment karna samjhdhaari nahi hai sab thik hai lekin insaan ki soch galat ho jati hai.
    dhanyavaad

  34. Dnyaneshwar patil says

    thnks for admin ji aap ne ek bhau mule dnyan diya hai jo ki aaj kal ke hindu yuvoko bhaut jarure hai aapna hindu dharum aise hi nahi sanatan bola jata hai jay shree ram

  35. raj.hyd says

    adarniy farhan ji bhartiy samaj me to jo galtiya hai usme sudhar ki gunjaish bhi hai lekin islamic samaj me koi sudhar ka rasta bhi nahi hai ! kalpit allah, kalpit farishte- jinn, kalpit jannat aur jahannum, kalpit nabi rasul kalpit 124000 nabiyo ki fauj , kalit hure- gilme kalpit saat asman adi ski lisht to baut lambi hai

  36. zahid says

    raj ji ,aap kyo galti karte ye batane mey ki dargah aur qabr per pooja hoti ,dargah aur dua hoti hai pooja nahi ,jis cheez ki aapko knowledge na ho uski bat na karey tou accha hai ,waha ja kar bhi dua allah se he mangi jati hai, itni bat bhi jante nahi hai chale hamey quran ki bat batane ,jis Quran ka zikr aap ya agniveer ji kar rahe hai wo sirf vedo me milta hai ,ab aap he batayeiy dosh kisme hai vedo me ya quaran me kyoki vedo me sahi knowledge di nahi gayi balki dusre dharmoh ki burayi batayi gayi hai ,aur terriorst musalman oh my god aap log america aur hindu ka nam lena kyo bhool jate hai ,ek america hai jo puri duniya me tabahi machaye hai use bhi terriorst kahiey aur hindu kya musalman ko nahi marte ,aisa nahi hai bus hindustan me uska zikr nahi hota ,

    • raj.hyd says

      param pujy shri zahid ji kya apki nigah me dargahe aur kabr masjid ke “hi” barabar hai ? kya dargaho me jakar muslim shish nahi jhukate hai ,fool agarbatti chadar nahi chdhate hai ? kyabyahi kary vah masjid me karte hai? ky jo dargaho me karte hai kyavah kisi mandirme kar sakte hai! fir yah pakshpaat kyo yah doharapan kyo ? dargaho me jakar duaye mangne ka adesh kis quran ki ayat me hai kya aap batla sakenge ? apki nazar me quran badi hai ya vah dargahe ?
      kya quran ko ved ki nazar se aap padhte hai ?
      batlaiye kitne hindu dusre desho me jakar atankvad failata hai, kiytne abtak pakde gaye hai kya islami atankvadi begunah manushyo ki hatyaye nahi kar rahe hai agar america galti karta hai to uske viruddh kaun ladega ? muslim desho ki sarkare ya ek aam muslim ? aap bhi to muslimhonh=ge aap kyo nahi america jakar yuddh karne chale gaye ? kya aap sachhe muslim nahi ho ?fir kyo un islami atankvadiyo ka samarhan karte hai? iraq me shiya muslimo ki hataye ki jati hai ,kenya ke maal me aammanushyo ki hataye ki jati hai pakistan me isaiyo ki hataye ki jati hai kya isko nislami atankavaad nahi kahajayega ?
      jab is desh me naksalbvadi hamla karte hai tab kya koi muslim ko dosh deta hai ? tabram vasi hindu hi dhudhe jate haijab bazarome bam visfot hote hai tab muslim pakad me ate hai unko islami atanjkvadi kyo nahi kaha jayega!

      • ashique ali says

        Bhai my sirf aap se sirf 1q.. Karna chahta hu ….
        Aap to itne bade gyani h to mere ashan se sawal ka jawab to aap de hi denge shayad aap jo mas machhi se itna ghiddna karte h ye bta sakte h ki jab ashw yag ke nam par pandit ji log kitne ghodo ka katl kya karte h aaur ur uska mans ko prashd bnakar aur som ras ka sewan karte the…
        Bas aap unhe aghori to nhi bulayenge kyu ki aghori to puja nhikarte….aur yek chij kijo aap log durga ji ko bali dete h fir aap aur aap pandit jiusi ko prashadbnakr kha jate h….
        Aur yek chij agar mhadew ji wakye me bhag wan the to wo aapne bhakto ko wardan dene ke bad khud jan ki duhai laga kar wha se kyu bhagne par wimarsh ho jate h… Balki unhe to pahle se andaja ho jana chahiye ta kiyuki akhir kar wo ek bhagwan jo tahre …
        Aap jab har yek chij jante h to aap ke liye ashan hoga batana shayad aap ko ye majak lag rha hoga jab bachcha galat rasto par jata h to uske pari warwale shahi rasta dikhate … So aap jyeshi hi mayne ne namr niwedan ke shath apna shwal rakha h wayse hi namrta se jawab chahta hu kyu ki mye jahil nhi hu ki khuda yek h aur use bulane ke ttarike alag h…
        Aap apni gyan ki kitab me ek cheptar aur notis kar lijiye gaki jab pyegambar ana sagar ko apne katore me samaneki takat rakhne wale pir the to aap to mohamad tak phuch rhe h…kkhane ko to bhut h batane ko bhi bahut h par bas ab aap jab math ki bate hi kar rhe hto shoch kar sawalo ke jawab dijiye ga kiyu ki galat jawab par jo ap ke fian h wo hi hamse aap ko milane ke liye majbur kar denge sare bhai yo ko mera good luck aap pyara dost ashique ali…

        • raj.hyd says

          adarniy shri ashiuqe ji aap apni baat dhang se rakh nahi paye ! ya ham apki baat thik sesaamjh nahi paye. fir bhi batlaiye aap apne jivan me kab ghode ki hatya karte huye kisi pandit ko dekh hai auruska prashd bantte huye dekha hai ! suni sunaai baat apne kar di hai ! ashvyagy ka arth hai ashv ka bhala chshna n ki uski bali chahna kyoki pahale log ghode ki savari kartethe ratho meusko jotate the !
          ab aap batlaye ki 124000 nabi rasul ki lisht kis islami sahity me mil jayegi ! ya yah keval ek “narbazi” matr hai
          agar alalh ke paas nabi rasul bhejne ki sifat [gun] the to kya ab allah ke yah gun samapt ho gaye ! agar allah anadi hai ananat hai to uske sabhi gun bhi anadi rahenge aur ananat bhi rahenge vah kabhi guno se apang [gunheen ] nahi ho sakega !
          simit karm ka fal bhi simit milega kyo anant fal mil sakta hai ! jannat v jahannum anant kyo milne ka vaada kiya gaya !
          allah hi to ananat hai n ki jahannum v jannat vale ananat rah sakenge tab to vah bhi is gun me allah ke barabar anant ho jayenge !

          • Krishnarao says

            And I forgot to point out, he has a Masters in English and Arabic. He used to be part of the Dawa society and he wrote four child’s books on islam. Later in is life he realized the religion wasn’t for him. I got a chance to send him a message. I asked him what he thought about meditation, and he said he would like to try it one day.

          • aashique ali says

            Ji aap ki bat se mye shaat hu par aa ne mrre pure sawalo ke jawab to dii jiye tab to kuchh samajh me aye … Khuda apni nabuat hata liya h magar apbando ko sifa pahuchane ke liye wo piro ko hamare pas bhejta h jo nek hote h jinka dil aina aur jinke chah re par nur hota h h jise dekh ka mano jannat ki jhalak dikhti ho jiski sarir khatm (parda)hone ke bad bhi apne jalwe se sare logo ka bhai karta h to jab hamare pir ki ye shan hoti h to hamare nabi aur allah ki takat ya uske anant hone ki bat ap kareng … khayer aapek shawal bataiye ki jis wastu ka nirmad hota h to wah khatam bhi hota h agar wah khatam ho jaye to aap use bhagwan ki jagha na denge lekin jab aap ye bataye ki jab duniya khatam ki ja rahi hogi to suraj chad mitti hawa pani matalab sari chije katm hojaye gi aur ye pure dharm ke akhir par likha gya h to jab aap ne inhi chijo ko apna khuda man rakha h to kya hoga agar ye khuda h to inhe jivit rhna hoga kiyu ki khuda kabhi bhi ni marte aap nalej me bata du ki mye nato koi hafij hu aur na hi koi maolvi hu bas mye to yek khuda ka nam lene wala mamuli sa ek banda hu..bas bataderaha hu ki khuda sab ka ek h jiski san me gustakhi mujh mamuli insan se bardas ni hoti chahole o bhagwan ho ya khuda ho agle pej ko dhyan se padiyega malum chal jaye ga..

    • Aurangjeb says

      Jahiliyat ki had hoti hi lekin kuch jahil apni hado ke paar hi wo waqt door nhi jab na inka saani hoga aur na saaya

  37. says

    we are one .to make a gentle man it is the aim of the human being.to make a gentle it is my Real RELIGEN .ARE you know this. TO MAKE A MAN > IT IS REAL RELIGEN. ALL THE BEST WE ARE ONE AND ALL ARE SONS OF GOD<ALHA <ISHVERok.

  38. raj.hyd says

    agar khuda jine nabuvat ahat li yani apne siddhant chod diye ! jo apne siddhant hi chod devah kis baat kka allah ? kal ko vah dusre sidhant gadh lega !
    bhagvaan v ishvar me bahut antar” bhi” hota hai doctor ko nyayadhaish ko bhi bhagvaan kahdiya jata bhagvan mane kya ? jo ahsvaryshali ho uskobhagvan bhi aam janta kah deti hai ! jaise ajkal sachin tendulkar ko bhagvan kah diya jata hai !
    alah me koi sachhai nahi hai ! is par ap gaur farmaiye !
    aap apni baat achhe dhang serakhiye apko utra bhi thik se milega !
    allah ko akela kahan muslim mante hai janangt jahannum farishto ki fauj . kalpirt rasulo nabiyo ki fauj ko bhi saath me manana padta hai ! fir akela alalh bhi kahaan raha ? ishvar ko akele bhi mana ja skata hai !

    • says

      YES..!!! ITS TRURE……..! JO LOG MURKH, AGYANI HOTE HAI, VAHI LOG EK DUSARE KE DHARM KO NICHA DIKHANE KA NICH-KARM KARTE HAI. VASTAV ME KISI DHARM NE INSANIYAT CHHOD KAR CHALANE KE LIYE NAHI KAHA… MANO-VAIGYANIK KAHTE HAI.., JO MANUSHYA AAPANE AAPKO UCHA DIKHANE KI KOSHISH KARTA HAI… VAH AADMI MANSIK DRUSHTI SE KAMJOR HOTA HAI.. …. HAM SAB EK HAI, IS BHAVNA KA ANAND HI KUCH AUR HAI. VIPRIT SOCH WALE MERE BHAINYO KO MERI HATH JODKAR BINTI HAI , KI NAI PIDHI , NAYE SAMAJ KO ACHHE SANSKAR SE SHU-SHOBHIT KARO….!!!!…

  39. raj.hyd says

    adarniy fatma ji , quran ki surat tauba me hinsa ki bate jyda hai katl ki bate hai !
    bangla desh bante samay pakistan ke 91000 fauji ne atmsamarpan kiya tha ! unme se kisi bhi sainik hatya nah ki gayi thi !
    maha bharat ke yuddh me din me yuddh hota tha , raat me apas bate hoti thi , hasi mazak hote the , dukh sukh ki bate hiti thi , nitiy ka sangharsh hota tha , vah ek saat kan yuud tha !
    muahamm ad ji ne nazar bin haris ko yuddh me kaid kiya iske bad uski hatya karvai ,aur kahaki yahbquran jaisi ayat banata hai isliye iski hatya zayaj hai !
    muhamma d ji ke sasur umar ji ne ek muslim ki is liye hatya kar di ki vah apne tarike se quran ka path kar raha tha ! muahamma d ji ne unko saza bhi nahi di ! itne jyada pakshpati the muahamma d ji .
    jab ishwar ek hai , dharti ek hai sury ek hai chndrma ek hai to dhrm ek kyo nahi hai ?
    dharti sury adi par vivad kyo nahi hota ?
    quran adi par vivad isliye hota hai ki usme paraspar virodhi bate bhi hai, manvta virodhi quran ke sandesh hai !
    dekhe quran 8/65,66 jisme gair muslmo se jehad karne ko kaha gaya hai , agli ayat me 100 ka mukabla 1000 se karne ki bat ka ulta 100 se 200 ka mukabla ki baat kah di yani qurani allah yah nahi jaan paye ki muslim ki shakti kamjor hai ! jo itni badi galti karta ho usko kya allah bhi kyo kaha jaye !
    hamzakir ke karyalay jakar unke shagirdo se batchit kar chuke hai vah hamari bato ka javab bhi nahi de paye the ?
    zakirji ne bhi hamko santusht nahi kiy tha ! zakir ji bhi yahkahate haiki quran ki 20% bate abhu saty nahi ho payi hai “inshaallah ” yah age saty ho sakti hai ? jo quran 1450 saal me saty n ho paya ho vah age bhi kaise saty ho sakta hai ! 1450 saak samay bahut jyada hota hai ?
    kisi ko bhi kisi bhi samuday ke vishy me bolne ka pura adhikaar hai ! sabhi apne hai, apno ki kamiya batlana usko dur karvana kyo bura kaha jayega !

  40. A.Raj says

    Aap sab jo kisi ke bhi dharm ko kuch bhi kah rhe ho ye sab galat h mai yah kahna chahta hu ki jab aap ko khud pta nhi h ki konsa dharm schcha h jabki maine hindu dharm ki kitabo Me maine kahi bhi nhi dekha hindu dharm shabd to phir aap sab kaha se hindu dharm sabd ka naam lete h.
    Mujhe btaeye

    • raj.hyd says

      A.RAJ ji. hamne kya galat likha hai vahto apne batlaya nahi hai ! fir jhuthi bat kahane se kya laabh hai ?
      apki yah baat saty hai ki hindu koi dharm nahi hai apitu vaidik sanatan dharm hai is desh ko hindustaan muglo ne kahana chalu kiya usi se is desh ke vasiyo ko hindu kaha jane laga hai !

      jaise angrejo ne is desh india kaha auris desh ke rahane valo ko indian kahne lage the !

    • raj.hyd says

      rajazez ji,hamne kuran ki ayat ki sankhya[sandarbh,saboot] pesh kiya hai vah ap dekh lijiye !jab galat nikle tab aap ham par bakvaas likhne ka arop jarur lagaiye !
      agar quran me bakvaas hai to uski bakvaas likhne me apko pareshani nahi honi chahiye!
      ham apka uttar jarur chhenge !
      bahut se muslim is manch se bhaag jarur jate hai
      aap aisa mat kijiyega

      • salman says

        musalman jo jankaar hai wo bhagta nahi hai bulki kuch hi time baad uske solid jaankari wale comment ko remoove kar diya jata hai.

        • raj.hyd says

          ham shri zakir ji se bhi baatchit ka chuke hai vah bhi hamko santudht nanhi kar paye hai unke mumbai sthit karyalay me bhi ham anek baar ja chuke hai unke shagirdo se batchit hoti hai unko bhi maun hona padta hai !
          zakir ji bhi anek baar aisa kah chuke hi ki quran me abhi tak 20% ayate saty nahi ho saki hai “inshaallah ” vah bhi saty ho jayengi !
          hamara kathan hai ki jab vah quran ki ayate 1450 saal ke lambe samay me saty nahi ho payi to ab kya saty ho sakengi
          quran to mul ki bhul hai ! ishvar ka apman hai , ishvar ki ijjjat usme bahut kam hai ! kalpit farishte ,kalpit jinn, kalpit hure,kalpit gilme , kalpit jannat v jahnnum adi !
          simit singhasan me baithane vala kabhi ishvar nahi ho sakta !
          simit karm ka fal kabhi asimit janant v jahannum ke rup me nahi mil sakta !
          ishvar apna gyan sidhe deta hai jaise musa ko dene ki baat quran me ati hai ishvar itna kamjor nahi hota ki usko gyan dene ke liye kisi farishte ki sahayta lene ko majbur hona pade !
          jaise koi apradhi kitna bhi shatir kyo n ho kabhi n kabhi usska raz khul hi jata hai vah aparaadh karne ke baad koi n koi chinh chod jata hai jiske karan vah pakda jata hai vahi haal qurani allah ka bhi hai !
          aap bhi nishpaksh roop se quran ko padhiye apko bhi usme bahut si galtiya nazar avashy ayengi ! bas, thoda sa dimag lagaiye , bhavukta se usko mat padhiye ! itni gujarish ham jarur karana chahenge !
          ap ya any koi bhi muslim kitni bhi koshish kar le vah quran ko 100 % saty nahi kar payega ! beshaq quran me bhu kuch achhi bate bhi hai ! lekin buniyadi rup se galtiyo ka” bhandar “usme shamil hai
          achhaiyan to raavan me thi ,aur raam ji me bhi kuch kamiya bhi jarur thi !

  41. A.Raj says

    raj.hyd ji apne kaha ki hindu shabd muglo ne kaha joki saty h kyonki muglo aur angrejo ne to sirph hmare bharat desh ke lie kaha tha dharm ke lie nahi
    Phir aaj eska use kyo kiya ja raha h joki sanatan dharm ke bilkulkhilaf h konki sanatan dharm ki kitabo me jo bhi kuch h kalki autar ke bare me

    • raj.hyd says

      A raj ji , jaise muslim ko musalmaan , mohammadan bhi kahate hai vaise hi sanatan dharm ke manane valo ko hindusrtani hone ke karan hindu dharm bhi kahane lagte hai jabki yatharth yah nahi hai !
      kalki avtara me kiis rakshas ke ane ka jikar hai ! zakir ji us baat ko thik se samajh nahi sake usko unhone muuhamamd maan liya 1 unke kahaneke anusaar apne bhi maan liya
      ham sabhi muslim samuday se puchna chahenge ki anjane me zakir ji bhavishy puraan ko saty maan rahe hai 1 kya kuran bhavishy puran ko svikaar karti hai ?
      kya islam bhavishvaktao ko svikaar karta hai ?
      falit jyotish ko kabse islam svikar karne laga ?
      avtarvaad kabse islam svikar karta hai
      iislam avtaravaad manta hai ya rasool nabi vad manta hai
      yah muslim samudaay tay kar le !

      fir kyo kalki avtar ki baat karke muslimo ko bhramit zakir ji karte hai ?
      bhole muslim unke bahakave me bhi aa jate hai !

  42. mohammadjaved says

    Mere sabhi hindu dosatonse kehna hai ki aap aapni baat aapnepashi rakho.hamlok tv.serial dekhte hai aur ham bachpanse dekh rahe hai najdikse hindu dharamko.aap safaiki bat karteho to aghory kaya saf rehte hai.jsha insani ling aur yony pujte hai ye koi pujneki baat hai.jis tarah pita ek matabho ekhi hoty hai isi tarah Allah bhi ekhi hai.ye baat aapto samaj nahi sakte jise ji chahe bhagwan bana liya.aap lok pehale aapne isharko samjo wahi bahot hai aapkeleye.

    • raj.hyd says

      t v siriyal saty nahi hota manoranjan usme hota hai. yah dharti kisi hai , sury kiska hai kya isme apna paraya dusra kuch hota hai ? fir usko banane vala ishwar apna parya kaise ho sakta hai !
      aghori samaj ke adarsh nahi hote hai ! kitne partishat unka acharan karte hai ?
      yah baat saty hai kiishvar ek hi hota hai lekin allah kabhi ishvar nahi hota hai ! allah to ishvar ki qvality girata hua quran me maloom hota hai ! patthara ko samman dena bura hai vah koi bhi de !’
      kaaba ko chumna. quran ki kitab ko chumna ,” sirf” kaba ki disha me namaz padhna yah bhi jadta hai usse toachhi tasbeeh ka dhang thik hai !
      haz ke dauran marva pahadiyo ke chakkar lagana , shaitaan kahe jane vale teen stambho ko kankar marna yah saba jadta ki nishani hai yah kuran v muahammad ji sikhla gaye hai usko bhi chodna chahiye !

  43. A.Raj says

    The name of the father of kalki avtar(prophet Muhammad) would be vishnuyash. Vishnu is not the name of a god in a trinity. It is the name of the attributes of one God(Rigveda 2:1:3; also R.V. 1:164:46). Yash means slave. Vishnuyash means the slave of God.
    Abdullah=
    Abd Allah=
    slave of Allah

    • Krishnarao says

      Bro, There is no such thing as aviators or prophets or son of god or godman or any of that nonsense. Vedas do not talk about any of that. There is just people and people who were enlighted, yogis. And anyone can reproduce what those Yogis/Rishis have done. Simple as that.

    • Krishnarao says

      prophethood is prejudice and more specifically racist. To make a claim that some specific person in some specific time period was the only person that can connect with God and no one else can reproduce the experience he or she had is racist. I’m sorry but prophethood and even godman or son of god or even aviator is all racist bullshit. I have no respect for those concepts. I believe in the liberating and equal system where anyone can learn the processes and techniques that some so called prophet or godman or son of god or aviator used to connect and download the knowledge from God so everyone can reproduce that experience personally in them. Anyone who claims to be a prophet or godman or son of god or aviator propagating racism because they are not pushing for a equal system where everyone has access to download God’s information and more importantly God’s experience directly.

  44. Om prakash says

    Dr.Zakir naik ko to khud pta nhi h ki islam dharm me kis tarh ka kapda pahnna chahie to wo kya btayenge ki kalki avtar kon h snatan dharm ki jo kitabe kalki puran,bhavishpuran,rigveda etc me jo kalki avtar ke bare me diya hua h to snatan dharm ke manne wale kya kahte h wo apni hi kitab se btae

  45. Om prakash says

    Mahabharat me Krinsh ji Arjun se kahte h
    Snatan dharm 5 chijo ka naam h
    1.Brham sutr (ekm brhama dutiye nash)
    2.Saastan krtabhyati(8 ango ko rakh kar eswar ki puja kro)
    3.Danpan krtabhyati
    4.Brtdhari
    5.Tirthyatra krtbhyati !
    Islam dharm me bhi h jo aap sab jan rhe h
    Ye 5 chij

    • raj.hyd says

      adarniy shri om prakash ji islam me 5 maulik chije kya hai, vah bhi aap jarur batlaye ? kya apne quran ko padha hai ?

  46. Om prakash says

    Mahabharat me Krinsh ji Arjun se kahte h
    Snatan dharm 5 chijo ka naam h
    1.Brham sutr (ekm brhama dutiye nash)
    2.Saastan krtabhyati(8 ango ko rakh kar eswar ki puja kro)
    3.Danpan krtabhyati
    4.Bratdhari
    5.Tirthyatra krtbhyati !
    Islam dharm me bhi h jo aap sab jan rhe h
    Ye 5 chij

  47. Krishnarao says

    There is no such thing as a prophet. Anyone who claims to be a prophet is a RACIST. And anyone who supports or promotes the concept of a prophet is supporting RACISM.

    • AGNIVEER ka dimag khrab he says

      PRIY AGNIVEER,
      aapne likha he ‘SCIENTIFIC ERRORS IN HINDUISM’ -PRITHVI STHIR HE
      yahan par apka sochne ka tarika bilkul galat he. ‘he manushya! jisne is kanpti hui prithvi ko shir kiya he woh indra he.’ yeh pankti RIGVEDA ki he aur iska matlab earth ke rotation aur revolution se bilkul nahi he. yahan pr sthirta ka mtlab prithvi ke ander chal rahi jeevan ki uthal-puthal ko sthir karne se hai. aur aap yeh bhi nahi jante ki pehle ke maharshi ‘LAW OF INERTIA’ se bhi kai bade-bade ‘LAWS’ se bhi acchi tarah parichit the. aapko apni CHHINN buddhi ka upyog POLITICS mein karna uchit rahega…..

  48. Satanand chaubey says

    mujhe kuch aishe raj ke bare me bat karna hai jo mai aishe khuleaam nahi kar sakta.. please help me and contect me on social network as like facebook.please search me … satanand chaubey

  49. Satanand chaubey says

    shayad wo hamare “DHARM AUR SCIENCE” dono ko ek sath jodta………… hai… aur uska topik hai BLACK HOLE..”STEFEN WILIAM HOKING” jo ki is mamle me kafi khyat pa chuke hai . par ise dharm aur hamare sience ko jod nahi pate . bas unke new event ko apne purane vedo se jhod dena chahta hu..aapka SATANAND G MAHARAJ……. BOLE TO CHAUBEY GGGG………..

  50. A.Raj says

    Om prakhash ji ne Mahabhart me 5 chijo ko btay jo sch h . Aap sab jante bhi honge. islam dharm me bhi yh 5 chij(buniyad) h-
    1.Allah ke siwa koe dusra nhi ibadt ke lie
    2.Namaz(saastan)
    3.Roza(brat)
    4.Jakat khairat(danpan)
    5.Haz(tirthyatra)
    Krishn ji arjun ko btate the aur krte bhi the.

    • raj.hyd says

      A .Raj ji , 1 jise aap allah kahate hai vah ishwar ki nakal karne ki ek” adhuri “cheshta matr hai [ek loola- langada type ka hai ] aal ko kahajayt hai ki vahsatve asman me ek singhasan me maujud hai ! uske singhsan ko farishteuthaye huye hai jabki ishvar sarvvyapak hai uska koi vishesh singhasan nahi hai 1 uskka koi sandesh vahak nahi hota hai , jabki allha uske liye mohtaaz hai !
      beshq ishvar ki aradhna honi chaiye !
      [2] namaz mebandish hai 5 baar karo tasbih me koi bandish nahi hai jab ichha ho tab karo kis bhi disha me karo,
      ishvar ki ardhna me bhi koi bandish nahi hai kisi bhi disha me karo jab ichha ho ta karo ! isliye namaz vyarth hai ! uthne khade hone, sizda karne se ishvar ki aradhana ka koi matlab nahi hai ! shanti se ek hi sthan me kahde hokar letkar ya baithkar jisme araam ho usi madhym se ishvar ki ardhna ho sakti hai
      [3] ekmaah lagatar vrat [roza ] vyarth hai ! jab vyakti bimar ho bhojan ki ichha n ho ajirn adi ho tab bhojan mat karo ! lagatararoza rakhne se kary karne ki shakti kam ho ti hai ek bechara majdur riksha khinchne vala vyakti bhukha rahne se jyada maehanat nahi kar pata uski majduri kam milpati hai ! to roza ek majdur ki majduri rokti hai isliye roza nahi hona chahiye ! achhe gun dharan kijiye achhe baniye ! n ki roza rakhiye
      [4] daan dijiye lekin daan ka koi badhyta nahi honi chahiye ! 2.5 % ki badhyta daan nahi kaha jata balki usko tex [majburi] kaha jata hai ! tex me shraddha nahi hoti 1 ek majahabi majburi hoti 1 daanme apni samarthyta hoti vah 2.5 % jyada v kam bhi ho sakti hai ! udyogpati prem ji ne apni puri kamai ka 25% se jyada , asmarth logo ke liye daan ka khajana khol diya ! microsoft vale ne to apni kamai ka 50% se jyada daan dene ki ghoshn akar di ! yahsab apni ichha se kiya koi isme badhyta nahi thi ! isko daan kahajata hai ! bahutpahale rana pratap ke liye bhama shah ne bhi apna sara dhan [thoda sa chod karke ]daan karne ki ghoshana ki thi
      islye daan sveksha se hota hai vahi sahi tareeka hai !

      • raj.hyd says

        A Raj ji ,[5] haz karna bahut bura kary hai 1
        jab ishvar sab jagaha hai tab haz kyo kiya jaye !
        kaba patthar ko kyo chuma jaye
        kyo uske chakkar lagaye jaye
        kyo marva pahadiyo ke chakkar lagaye jaye
        kyo shaitan kahe jane vale teen stmbho ko kankar mare jaye
        kyo kisi janvar ki hatya ki jaye ?
        haz karne ke liye is desh se karib ek laakh rupya barbad hota hai utne se to ek garib admi padh sakta hai
        uska rojgaar chaloo ho sakta hai !
        bahut se hamne haziyo ko dekha hai haz se lautne ke baad bhi purni tarah se galiya dete rahate hai 1
        vah hazi nahi baliki unko pazi kahana chahiye !
        koi haz ho ya tirthyatra sab vyarth hai !
        bhale hi koi bhi samudaay yah karta ho !
        bhid se vyakti ko bachhne ki koshish karni chaiye kab bhagdad mach jaye apni jaan vyrathm me chali jaye
        dhan ki barbadi samay ki barbadi jarur hoti hai
        jisko ghumne jana ho vah bat alag hai 1
        usme badhyta nahi balki ek ruchi jarur honi chahiye !

  51. A.Raj says

    Bahut sare mahan(great) mnushy aaye par ye bat nhi kahi ki tumsb mujhe God kaho
    Jaise Ramayan me likha h- Ramm mha prusham asti(Ram mhan prush the, yha tak ki mriyadaprushatam the).
    God nhi,
    God wah h jo hmesa se h aur hmesa rhege.Koe use dekh nhi skta.
    Kya God
    a. Only One h ya
    b. 33krors

    • raj.hyd says

      A .Raj -manushy koi ate nahi hai koi bheje nahi jate .
      balki svayam apni samarthy se achhe ya bure bante hai 1 raanm ji bhi apne achhe sanskar se apni samarth se achhe bane the 1 apki yah baat saty hai ki vah koi god[ishvar ] nahi the
      ——–
      33 karod nahi apitu 33 parakar devata kahe gaye hai
      devta kya hai? jo sabhi ko achha de 1
      jaise vayu dharti sury adi
      yah sabko dete hai !
      isliye inko devta ki sangya di gayi hai
      ! vah bhi pujniy hargij nahi hai kyoki yahsab jad padarth hai !
      “levta ” kaun hai jo samaj se chinkar, thagi karke loot karke khate hai vah” levata” kahe ja sakte hai !
      —–
      ishvar kaun hai?
      jo hamesha se hai aur hamesha rahega 1
      saath me uske sabhi gun bhi hamesha se the ,aur age bhi hamesha rahenge 1
      allah ko ishvar jnahi khaja sakta hai !
      kyoki allah kahata hai ki usne 124000 nabi rasul bheje hai 1]
      agar ishvar ke paas aisa gun hota to vah age bhi rahata !
      kya allah ka yah gun ab samapt ho gaya !
      jiska gun samapt ho jaye iusko ishvar kyo kaha jaye ?
      yani ishvar ek gun se ab vanchit ho gaya 1
      kya jiska gun samapt ho jaye usko ishvar kahana chahiye !

  52. A.Raj says

    Islam dharm k kanun ko janne k lie hindu log apni dharm k kitabo ko pdhe.
    Sirf ek Ishwar h usiki upasna kore. Rigved6:45:16
    Mitti patthar aadi ki Murtiya dev ya Bhagwan nhi hoti h. SrimadBhagwat Mahapuran10:84:11
    Ek ishwar hi puja k yogy aur sabhi pijatiyo m stuti k yogye h. Artharvved2:2:1

    • raj.hyd says

      isse bhi yahi siddh hota hai ki ved adi se hi kuran ne nakal karke ek ishvar ki adhuri kalpna pesh ki hai .
      isliye islam ka kanoon bhi kyo jana jaye ?

  53. A.Raj says

    raj ji apne kaha ki ved se nakal ki gyi h kuran jo ki dharm ke anusar saty nhi h. Par apke anusar kahna h ki ved se nakal krke islam dharm ved ke niymo pr chlte h aur kuran ke niymo pr to chlte hi aa rhe h. Pr aap sab to jis dharm ko mante h us pr to chal hi nhi rhe h. Aap se sidh hota h. God 1 h

    • raj.hyd says

      adarniy shri A.RAJ ji , bahut se apradhi bhi ek sardar[mukhiya ] ke kahane par chalte hai , kya usko sahi kaha jayega ?” kuran to mool ki bhool hai ! usme bahut si buniyadi bhule hai ! satva asman , ek singhasan me alalh ka virajman hona , farishte uske uthaye huye ho , adam ko sabka pita mana a rasulo ki faujmana aadi!
      bhartiy dharm me bhi kuch kamiya hai lekin vah buniyadi bhule usme nahi hai !”unka sudhar sambhav ahai
      lekin kuran ki bhule sudharna bahut mushki baat hai yah buniyadi anatar aap bhi samajh sakte hai !

  54. A.Raj says

    raj hyd ji apne kaha ki quran me jo gltiya h usko sudharna namumkin h. To sudhara usko jata h jisme gltiya ho. Quran me gltiya nhi h islie namumkin h es duniya walo k lie. Agar maa baap apne bacho ko sahi tarika btae Baad me wo glat trike pr chlajae to maa baap ki glti nhi hoti h bacho ki hoti h

    • raj.hyd says

      adarniy shri A. Raj. ji , agar quran me “galtiyo ke bhandar” nahi hote to aap allah ke singhasan ke vishay me bhi kuch bolte ! farishto ki fauz nabiyo -rasulo ki fauz ,huro -gilmo adi ki fauz yah sab kya hai ? kya yah jhuth ke bahddar nahi kahe jayenge ! jinka kabhi vajud nahi raha unko vishehsta dena , insse aam muslim hat hi nahi sakta ! batlaiye farishtio ki sankhya kitani hai? batlaiye 124000 kalpit nabi rasulo ke naam kya the? vah kis jagaha v kab aye the !
      is desh me sharab pina kanoon ke hisaab se sahi hai fir bhi kai karod log shaarb nahi pite hai , akhir kyo nahi pite hai ? kyoki unko is baat ke sanskaar mile hai ki sharb pina achhi adat nahi hai ! chori, milvat, rishvat, rep adi kanuni rup se jurm hai sanskarheen vyakti yah bhi kar lete hai ? agar koi santan galat raste par jati hai to usme mata pita bhi doshi ho sakte hai , kyoki unhone itne prabal sanskar nahi diye ki unke bachhe galat rah me n jane paye kahi n kahi dhil avashy mili !

  55. A.Raj says

    Aap agar sudhar skte h to sudharne ki kosis kre.
    Iswar ne nabi,rasul,friste bheja aur duniya jwani budhapa jindgi maut adi bnaya esme koe karn h jo quran me h.
    Iswar ne niymo ko bnaya, kyon? To Karn hoga. Bahut sare log swal krte h smjhte nhi. aap sab apni dharm ke anusar chale jo sahi ho.

    • raj.hyd says

      manniy shri A.R aj ji , ham har jagah sudhar ki hi baat rakhte hai ab jiski ichha ho mane, jiski ichha ho n mane ! ishvar bhi miyambaddh hota hai lekin kuran me to bahut si virodh bhasi bate bhi hai aur vah niyambadhha bhi nahi hai !
      dharm sirf ek hota hai vah hai manvta ka dharm ,
      quran manvta bhi nahi sikhla pati hai ! usme doharapan bahut hai patni 4 tak kar lo, lekin patni 2 pati bhi n kar paye pati ek pal me talaq- talaq -talaq kaha kar patni ji se zuda ho sakta hai utni hi jaldi me patni apne pati se alag nahi ho sakti !

    • raj.hyd says

      adarniy shri zubair ji thik kaha hai apne ! gayatri parivaar ke sasnthapak shri ram sharma ji ne bahut pahale kaha thai ki sansaar me 1000 me 999 vyakti dharmik nahi hai , manvtavadi nahi hai , lagbhag sabhi pakahandi jarur hote hai !
      kalpana kijiye kiduniya ke kisi bhi desh me sarkare n ho tab yahi manusy ek dusre ko jaan se marne me koi sankoch nahi karega ! tab ishvar bhakti, bandgi kya rahegi !

  56. A.Raj says

    raj hyd ji agar sbhi admi quran ko smajh jata to swal krne se pahle karn khojta. Apne kaha ki 1pti 4 ptniya rkh leta h. 1ptni 1se jyada pti nhi rakh skta. aap smajh skte the.Agar ptni 1se jyada pti rkhti h to uski jism se jo bchcha paida hogi to pta nhi chal payega ki uska father(baap)kon h.

    • raj.hyd says

      adarniy shri A.Raj ji , kisi bchhe ko mata ne janm diya usne kasht saha, pala- posa , pita kaun hai ska kya mahatv hai ? bchha kitna achaha nikata hai yah jyada mahatv purn baat hai !
      anathalay me palne vale anek bachhe achhe nikal ja te hai !
      jinke pita mar jate hai vah bhi vikhyat ho jayete hai jaise muhammad ji bhi !
      isa ji ke pita ka naam hi nahi tha vahi bhi vikhyat ho gaye !
      bachhe ki pahali shikshaika mata hoti baad me pita hota hai fir guru hota hai 1 padhi likhi mata samjhadaar mata pita v guru ki bhumika bhi pesh kar sakti hai !
      durbhagy se samaj pitrpradhan hai isliye apko ajuba jaisa lagta hai

  57. A.Raj says

    raj hyd ji
    Pita kon h iska kya mhatv h?Apne kaha.
    Aap btaye ki bina father ke bchha ho skta h.
    Kisi bchhe ki 1maa ho skti h.Par 1se jyada pita nhi ho skta h.
    Agar h to btaye.

    • raj.hyd says

      mannaiy shri A Raj ji , ped kisne lagaya yah mahatv nahi hai ped fal deta hai yah jyada mukhy baat hai ! dharti ne fasal di bone vala kisan kaun hai yah mukhy nahi hai ! ek paarmpara se chipke mat rahiye samarthvaan mahilao ko anek pati rakhane ki chhut di ja sakti hai ! agar sansar me iske pahale nahi hua to iska yah argth nahi hai ki usko ahe=ge bhi nahi kiya ja sakta hai 1
      jab patni ji ko sautan pasand nahi hai to pati ji bhi sautan pasand n kare yah to thik rahega 1
      lekin agar kuch log patini ji ke liye sautan ki vyavstha kar sakte hai to kuch mahilao ko bhi pati ke liye sautan ki vyavstha bhi jhelni chahiye !
      “dusre ke saath vahi vyavhaar kijiye jo apne liye bhi pasand aye ” .
      vaise yah koi bahut badi bat nahi hai 1
      jab avaidh samandh bante hai , tab anchahe anek patniya a v anek pati ka luke chipe “janm” bhi ho jata hai ! kuch pati to apni patniyo ko dusro ke samne parstut bhi kar dete hai aise bhi samachar mil jate hai! kuch patiniya bhi apne pati ki khushi ke liye anek kanyao se sex sukh karvane me bhi sahayog de deti hai. kuch majburivash bhi janm ho jata hai !
      jab koi mahila pati ke hote huye bhi kisi dusre mard se sambandh banati hai uska kya arth hota hai ! jab koi pati bhi patni ji ke hote huye bhi dusari mahila se samband joda karta hai tab vah kya kahalaya jata hai 1 bas yah sambandh dhake huye jarur hote hai !

  58. A.Raj says

    raj hyd ji, Agar Ped koe n lgaye to fal kaha se askta h, kisan bij n boye to dharti kaha se fasl uga skta h. To isme lgane walo ki mhatv h.
    Purane prampra ko to aap sab mante h.
    5pandov aur 1pti ke bare me aap sune honge .Mahabhart me likha hu h. Jo ki gangsex h Agar 1ptni 1se jyada pti rkhti h to

    • raj.hyd says

      manniy shri A Raj ji ,sabhi log ped ke fal ki gunvatta dekhte hai, kisne ped lagaya ya mukhy kabhi nahi hota ,
      kis kisan ne anaj ke bij boye yah bhi mukhy baat nahi hoti anaj ki gunvatta jarur dekhi jati hai kis gram ka anaj hai yah bhi nahi dekha jata !
      mahabharat me yah bat vikhyat jarur hai lekin saty nahi hai ! drupadi sirf yudhishthir ji ki patni thi ! arjun ki patni to shri krishn ji ki bahan subhadra thi ! agar arjun ji ka vivah draupadi ji se huya hota to gyani sri krishn ji kyo apni bahan ka vivah arjun se karte kyo apni bahan ko sautan banate ?

  59. Nilesh Kumar Singh says

    Agar hindu dharm ko niche kar dene se hi islam upar aa sakta hai to ye bilkul satya hai ki Islam ek dharm na hokar vastu hai. Ek average hindu kabhi kisi paigambar ka virodh nahi karta lekin ek average musalman hindu ka virodh karta hai aisa kyon.

    Agar saheb is baat ko bata de ki khatna, sunnat, hijab etc ka kya scientific value hai to ek light hoga ham logo ke liye.

  60. Sami khan says

    ahar hindu sahi tharam h to Ram ki pirja ke siva use kisi or ne suvikar ku ni kia.
    ku ke sab jante h yeh sirf anth vishvas h.
    hindu kisi cheez ko bhi dekh kar bol dete h ke kam us devta ne kia vesa kam us devta ne kia jabke esa kuch bhi h hi nahi.

    sab imagination h.

    • raj.hyd says

      jaise kalpit farishte hai vaise kalpit devta hai unka kabhi astitv nahi raha hai ! andhvaishvas sabhi jagaha hai , nabi rasul adi ka bhi kabhi astitv nahi raha hai yahsab bekar ke bate hai 1

  61. dhru says

    what the heck!

    Religion means what?

    And, God is single soul.

    the way Hindus have Gods and they highly respect Them, same way Muslims also have their single God and similarly they also highly respect Him.
    How can a hindu insult Quaran or a muslim insult Vedas.
    We are humans.

    the brain washers are the ppl in current time who wants to spread their religion so that they gain more followers and ultimately they can earn/rule in groups of ppl.

    Quaran n Vedas are written by humans years ago.
    Their intelectual level can not be challenged or compared by ppl like us, today.

    plz dont create hate-chain of replies. plz stop insulting each other.
    We are humans and not demons/morons..we are eductaed and rational and not saints/prophets/priest to comment negatively on eachothers.

    @agniveer, can not you control what comment contents should be posted on your sites?? :@
    very cheap publicity. grow up.

    • Krishnarao says

      Dhru,

      I will respond to your post later. But to let everyone know this kind of person is the problem in current day India. Because of people like him India is in the gutter today.

      Best

    • Krishnarao says

      Dhru,

      Do you just post your hate on Hindu sites or do you post it on Christian and other Abrahmic sites? Show me:

      1. a link with a post by “DHRU”
      2. The time stamp shows it was at least a year ago.
      3. Saying the same shit you said here on a Christian or other Abrahmic site where they are being critical of Hindus.
      4. From a blog that has history of many articles and posts, so we know you didn’t create it yesterday.

      If you believe in the crap you wrote, you can show that you do this on Abrahmic blogs too. Paste the link, so at least we know you put your money where you mouth is. I won’t agree with you, but at least you won’t be a coward in this case.

      Krishnarao

  62. says

    one query ji jis tarah ka ganesh apne prastut kiya hai us tarah ka ganesh ka janm hi nahi hota hai aur n kabhi hoga ,isliye yah kahani kalpnik hai janta me vikhyat jarur hai. jaise svarg- narak , bhoot adi !

  63. FAIZAN ALI says

    BOHOT ACHCHA LIKHA AAPNE BATEY ACHCHI GHUMAYI H BUT EK BAAT YAAD RAKHNA JIS NARANSH (WO INSAAN JISKI BOHOT TAREEF KI JAYGI YANI – (MUHAMMAD -ARBI MAIN -MUHAMMAD KA ARTH WO INSAAN JISKI BOHOT TAREEF KI JAYE H))AGAR AAP LOG APNE USI RAB KO AUR USKE BHEJE HUE MASSANGER KO THUKRA RHE HO TO SOCHO TUMHARA ANJAAM KYA HOGA US RAB KO KYA MUH DIKHAOGE.

    • Ek Manav says

      @Faizain Ali

      Aap ko kaise pata Muhammad paigamber tha? Qya aapko Allah ne aakar ke bataya? Qya pata Muhammad koi Shaitan ho jo apne aap ko paigamber bata raha ho.

    • raj.hyd says

      adarniy shri faizain ji , quran bhi mul ki bhul hai , qurani allah ka koi vazood nahi hai , kalpit farishte kalpit jannat jahannum kalpit hure gilme, kalpit rasool adi ! bhi ! kiis bhi likhi baat par vishvas tab tak mat karo jab tak uski sachhai svayam khoj n lo !

      • Ek Manav says

        @Faiazen

        Islam ke anusar 73 sects me se kewal 1 sect hi Zanat me jayega. Muslims Duniya ki aabadi ka 20% hai. Aur ye 20% bhi 73 sect me divide hai aur en 73 sect me se kewal 1 sect hai janat me hoga iska arth hai duniya ke 99.9% people hamesha ke liye Zahanum me honge. Qya tum Zanat me shanti se rah sakoge Yadi tumhare mata, Pita, Bhai, Mitar Zahnum me honge qyoki unhone Allah ko sahi tarike se Ibadat nahi ki.

        • raj.hyd says

          hamare paas muslim samuday ke315 firko ki lisht naam ke anusaar hai sabhi ke naam hai isliye 73 firko ki baat bahut purani ho gayi 1 islam ki kalpit jannat me mahilaye bahut kam jayengi agar unko saman rup se man liya jaye aur sirf73 firko ki hi baat ki jaye to muslim me hi sirf1.5% se kam vyakti kalpit jannat me jayenge fir aise islam ko hi kyo mana jaye isko to samajhdaar muslimo ko turanrt tyag dena chahiye.

  64. Abhinay Dwivedi says

    SABHI BHARATWASIYO KO SADAR PRANAM..JAI HIND…SUBAH SE HI MAI IS WEBSITE KE HAR EK POST AUR USKE ANDAR CMNT PADH RHA HOON..KABHI BEHAD KHUSHI HOTI HAI TO KABHI DUKH BHI HOTA HAI LIKIN BAHARAL YEH EK ACHHI WEBSITE HAI..AUR ISKE POST SE ACHHE AUR DILCHASP AAP LOGO KE SABHI CMNTS HAI..JAI SHRI RAAM..

  65. Abhinay Dwivedi says

    “जहां तक पुराणों का प्रश्न है तो उनमें मुहम्मद, अकबर, विक्टोरिया आदि के किस्से भी मिलते हैं जो इस बात का प्रमाण हैं कि ये उन्नीसवीं शताब्दी तक लिखे गए हैं और विदेशी आक्रान्ताओं के शासन काल में बलपूर्वक लिखवाये गए हैं. “-DHANYA HAI MAHARAJ MAHODAY AGNIVEER JI ,BHALA AISA HOTA TO KAHE KOI APNE PAIRO PE KULHARI MARTA..APNE HI KHILAF . APNE HI PROPHET KO BHALA KOI TRIPURASAR KAHE LIKHWATA….BHAVISHYA PURAN KO PADHE TO SAAF PATA CHALTA HAI ,..AARYASAMAJIYO KI TARAH AAPNE BHI YEH ACHHA TARIKA NIKALA HAI…AGNIVEER JI MAINE APKI SABHI MANYTAYE PADHI HAI ABHI ABHI APNE ISHPASHT SABDO ME APNE IS SANGTHAN KO AARYASAMAJI NAHI MANA HAI..BHALA AISA KYON….??JAWAB TO APKO BHI PTA HAI AUR HAME BHI…

  66. Abhinay Dwivedi says

    DAYANAND SARASWATI JI KI US SAMAY KI MANOISTHITI KO PAHLE SAMJHANA HOGA….UNHONE ISPASHT KAHA HAI KI WO KOI NAYA DHARMA NHI BANANA CHAHATE THE..LIKIN UNHONE SAPNE ME BHI NHI SOCHA HOGA KI 100 SAAL BAAD AARYASAMAJ HINDU DHARAM SE ITNA DUR CHALA JAYEGA….AUR HINDU DHARM KO APNA SABSE BADA DUSMAN SAMJHEGA…ANGREJO KI CHAL ME FAS GYE DAYANAND JI,,ANGREJ JANTE THE KI AGAR AISA DAYANAND JI KARTE HAI TO YAKINAN AAGE CHAL KE HINDU HI HINDU KA DUSHMAN BAN BAITHEGA…AUR ISKA FAYADA HUM ANGREJ YA PHIR YE MUSLIM UTHAIYEGE….KYUKI SATYARTH PRAKASH KO PADHKE KOI BHI SADHARAN HINDU ,JISNE GEETA YA VEDO KA ADHYAN NA KIA HO YA TO APNE APKO HEEN SAMJHEGA YA PHIR DHARMRUPI MAYAMOH CHHODKAR NASTIK BAN BAITHEGA…

    Isiliye hamare rishiyo ne puran banaye..Ha manata hoon ki kuch jagah purano ko prakhipt kiya gya hai…likin un se is tarah (agniweer/aaryasamajiyo ki tarah) muhn mod lena bhi uchit na hoga…aur wo bhojan me jahar wali baat to satyath prakash pe bhi lagu honi chahiye..kyuki Manushya krt koi bhi pustak purn roop se satya nhi ho skti…Yakinan satyath prakash me bhi kai galtiya hai..isiliye to samay samay par itne sansodhan hote rhte hai(to kya ye prakshipt na hogi)…
    MAHARISHI DAYANAND JI KA MAI ABHAR VYAKT KARTA HOON SANBHAVTA WO 19vi SATABDI KE SABSE PRAKAND VIDWANO ME SE EK THE tahapi unhone hindu dharm ka mool tinkeroopi vedo ko bachane ka safal prayas kia aur samast sanatani rishiyo ko phir se sochne -manam karne pe vivash kia…PARANTU AB WO SAMASYA DOOR HO CHUKI HAI..HAMNE NADI SE APNE MOOL TINKE TO BACHA LIE AB HAMARE UPYOGI AUR JAROORI BAKI ANYA DHARM PUSTAKO KO BHI BACHANA HOGA AUR AGNIVEER MAHODAY JI AAPSE KARBADHH PRARTHANA HAI KI HAMARE PURANO KO YUNHI BADNAAM NA KARE…
    DHANYAWAAD…,

    ABHINAY DWIVEDI
    Rajajipuram,Lucknow.

  67. Dr.Jyothish Vijay says

    I am a Hindu….and i will say that Agniveer was beating around the bush…I will explain myself with one example…….Does the Veda say “the sun revovles aroud the earth?”….this website has not mentioned a clear-cut answer

    Why do i say so?
    Ans: To explain what Veda did not say (or did say)…in the context of replying a non-hindu’s allegaton….what one must do is to give the sloka first (original words)…then the translation……still if its left unclear to the audience why the non-hindu’s think otherwise, ….then one must also explain why the non-hindu’s interpret otherwise

    What u have done here is to give a non-hindu angle……and then your angle…..well u must have then explained how both those explanations come from the same verse

    Since this has not been done….i will say that your endeavour was half baked

    What are u afraid of….? Are u afraid of putting the alternate angle here?

    U must have said the sloka is _ _ _ _ _ _ U must have then explained that non-muslims saw “this word” or “this sentence” and took its meaning as _ _ _ _ _ _ _ _, or that they took it for the literal meaning or something of that sort and then should have given your angle !!!

  68. says

    adarniy mujhe bs ek sawl ka jawab dijiye … pandit ved vyas ji ne bhawishy puran me kha he ki…charo dharam ko………….mirut ghirnadhi mirutghirnadi 31 time fir wo aage khte he he…. he balak antim pustak jo antim rishi le kr ayega us kitab me bhi ek mantr 31 bar likkha hua hoga…. or ab jab hm Qur’an kholte he to to usme “surah rhman me… fawe ayyi alaye rabbiku matu kazziban… ye mantr pure 31 bar ata he… ab is bare me apka kya vichar he… uttar dijiye

    • raj.hyd says

      islam kab se bahvishyvani manane laga ha vah aap batla dijiye ! koi baat ek baar boli jaye ya 31 baar athava usse kam ya jyada baar usse j kya anatar padna hai. bat me kitni sachhai hai usse matlab hota hai qurqn to mul ki bhul hai ! sirf satve asman me virasjman kalip allah , kalpit janant kalit farishte kalpit hur egilme adi uspar kya aur baat ki ja sakti hai !
      quran to ek bemel kitab hai kahi makki ayate kahihi madeeni ayate kahi fir makki ayate adi ! vartman quran muaham d ji ke markne ke karib 30 saal baad vajud me ayi hai usme anek ayte padhane kel iye hai amal ke liye nahi kyoki bahut si ayate nirst hai aur bahut si ayate is kitab me shamil nahi ki gayi aisa aysha ji ka kathan hai

      • rahul shiza says

        Ki bato se hat krAED Mujhe lagta hai hum sab log en bato ko kabhi Hal nahi kr payenge sahi mayne me hme apne karmo pr diyan dena chahiye Jo hanare liye important hai jese hamare karm hai hum duniya me kyu aaye hai kya sirf upar wale ne hame pooja karne ke liye beja h ya sirf nawaz padne ke liye beja h nahi hamhare en sabse pehle bhi kuch karm hai Jo hum se pehle hamare maa baap nibha rhe hote hai jese ki jab bacha bda hota hai to uska karm hota hai apne maa baap ki seva karna sabse phla or bda karm yahi h fir sadi hati hai aapni bibi ki raksha karna or uska palan poshan karna fir bache hote hai unko talim dilana or vo sabhi chize Jo uske liye kud uske maa bap ne ki h un bacho ko palna ya sadi krana; or apne privar ka diyan rakna or fir Jo zindgi bachti hai usme vo kisi bhi roop me upar wale ko maan sakta hai kyu ki vo sirf uski santi ke liye hai kisi bhi chiz ko aap bagwan khe ya kuda khe lekin ek chiz to saf hai ki sache Dil se kisi bhi chiz ko manne se aapko kud ek skun milta hai ese pta chalta hai ki upaar wala koi bhi ho pawar use aapne hi viswas se milti hai Jo vo us upar wale me rakta h yani ki Jo kuch bhi hme milta hai vo sahi mayne me hme hamare hi viswas ki takat se milta hai matlab ki sari takat insan ke us countretion me h Jo vo nawaz aada krne me ya pooja karne me lagata hai or ek last baat ye baat ek tarike se or katam ho sakti h hme sabhi darmo ka aadar karna chahiye pr sirf ye kehna ki hamara hi darm sahi h baki sab galat es tereh se kabhi bhi en bato ka samadan nahi nikal sakta ye kuch es tereh se haal ho sakti h ki jab ek Hindu kisi masjid ke samne sir juka sakta hai ya nawaz bhi pad sakta hai to Muslim bahiyo ko bhi chahiye ki vo bhi bekof hokr kisi mandir me jaa sake ese kisi ka darm nahi badalta Jo johai vo wahi rhega pr kuch esa bhi pda h ki Muslim bahi esa nahi kr sakte Muslim mazhab ke acodig PR hme en sab bato se upar utna hoga jab aap ktenge to dusra bhi krega pr aap khenge ki nahi mai esa nahi kr sakta to fir dusra bhi apne darm PR adega h

  69. Santrammaurya says

    Hindu darm me realy me bahut sari galtiya hai lekin darmo ki galtiyo ko ignore karke darmo ke tributs ke side dhyan dena chahiye because if ham koi granth likhte hai to usme galtiya karte hai vaise hi purano grantho ko likhne valo ne galtiya ki hai

  70. jack says

    kiska kitab kya kah rha h? aap pde dusro ki kitabo ko bina jane hue galat arth lgana sahi nhi h .
    mai jo likh rha hu agar aap gyani h to pahle kitobo ko pde agar nhi to islam ke bare me to kam pda hu admi galat arth lgata hi h.
    sirf ek Ishwar h usi ki upasna karo. – Rigved 6:45:16
    gyani log ek ishwar ko alag alag naamo se pukarte h.- Rigved1:164:46
    mere parm bhaav ko na janne wale murkh log mujhe sampoorn bhooto ke mahan Ishwar ko shareerdhari samajh kar mera apman karte h. – gita13:10
    mitti paththar aadi ki murtiyaa dev nhi hoti h. – srimad bhagwat mahapuran 10:84:11
    ek Ishwar hi puja ke yogye aur sabhi pijatiyo me stuti ke yogye h. – Artharaved2:2:1
    Mai aur bhi likhta pr mai aap sab ko jab agneevir ke web. pr dekha to kucch sacchae baat h use likh dena behtar samjha . to esse pta chlta h ki Islam dharm ke log jo h vo ek Ishwar ko mante h . pr hindu dharm ke kitabo me ye sab bhi likha h aur ye bhi likha h ki 33kror devi devta ki bhi puja krna aur sabhi devi devtao ke lie alag alag mantr bhi agar ek bhi devta nakhoosh rha to uski sari tpsya bhang . yani sabhi aadmi adharmi ho kar mrega . ye sabhi baat bhi likha h to esse pta chala ki kitobo me mix kiya gya h . esi vajah se aaj amare bhai ek dusre ke dharm ke bare me kuch bhi arth lga kar aag es web. pr h .

    • raj.hyd says

      dev ata 33 karod nahi apitu 33 koti hai. koti ka ek arth karod bhi hai aur “prakar ” bhi is jagha uska arth 33 prakar hona chhiye lekin aam janta me vah 33 karod jyada vikhyat ho gaya hai devta apujy hai uski puja karne se koi laabh nahi hai ! ishvar ka dhanyn mukhy hai uske guni o ko jivan me avtarit karna mukhy hai ! aur islam to koi dharm hi nahi hai kuran to mul ki bhul hai !beshak kuran me kuch achhibate bhi hai leki adhikansh kuran kibate fijul hai aur bhedbhav katne vali hai hinsa markaat adi ki bate hai !

  71. says

    namest mai vijay kumar tiwari maharishi vidya mandir ,maihar ka student hu aur apne school m hone wala bhavtit dhyan jo karwaya jata hai usse mai baught achaa feel karta hu aur man sant rahta hai padai m man lagta but ab hamare school m dhayan teacher k kame se students ka man bhatak raha hai aur faltu k kam m man jyda lag raha hai is liy ap se requst hai hamare school m ek dhyan teacher ko avilable kary

    vijay kumar tiwari
    class 10 (A)
    adress bose coony ,maihar madhya predesh
    phone -9752355947

    thank
    you

  72. raKESH says

    bhai log dharm to sirf 1 hai insaniyat ka sirf or sirf us par hi chalo……….
    likhne wale likh kar chale gye
    asli dharm sirf insaniyat hai …………………
    or jis desh me rehte ho uski kabhi ninda mat karna ………………
    JAI BHARAT………………

  73. Promod Thakur says

    Jaker nayak aap bahut bidwan banta ho n mara ak sabal ka jabab do aap ka alaha massangar vajta h sunat karna ko wo sunat kar ka ku nahi vajtay aap to pada Hota ho hindu jabardasti musalman ban jata ho muslman darm wakae bahut pak hay laken aap ka muslman aap ka darm ka ak ve laen ko neva nahi pata pura dunia ma aatakwad ka jar h aap ka muslman aap musalman
    Hona ka dawa karta ho aap musalman ka naam par kalank ho jo tali ma kata ho use ma hagto ho mut kar land ko dona sa serf pak nahi hota jes dase ma ho us dase ko apni maa samj kar uske kadar karo
    Jay hind
    Jay hindustan
    Jay barat

  74. harish says

    अग्निवीर जी मेँ आपके विचारोँ से सहमत हूँ ओर इन विचारोँ को मेँ एक किताब मेँ संगठित करके जितना हो सके उन हिंदुओं को पहुँचाना चाहता हूँ जो यह जानना चाहते हेँ कि उसने असली वेदिक धर्म मेँ चलना हे ना की अंय किसी बात पर इसलिए क्या मेँ आपके विचारोँ को संगठित करके छाप सकता हूँ उससे आपको कोई आपत्ति नहीँ हे अगर आपको कोई आपत्ति हो तो कृपया आप मुझे रिप्लाई करके उस बात का जवाब दे सकते हेँ

  75. prem prakash says

    eshwar ek hai bhai chahe unka jo name de do,jis rup me manoge apko usi rup me milege kuki unka koi wastwik rup nhi h.aur sabse bada dharm hai insaniyat ka dharm. kosis karo hamesa jo sahi aur sach lage wo emandari se kro.bina lobh ke nihswarth,ye ek sadhna hai ,dhire dhire apke andar khud achhe bichar ane lagege,kuki ap dimag se nhi,dil ka sunoge ,uske bad apko wed nhi ratna padega ki jiw hatya paap hai,dukhiyo ki madad karni chahiye ye khud apne ap apke dil me utpann hoga ,dukhi ko dekhte hi daya aegi,jivo pe daya ane lagegi,,ho apke man me bat aegi wo paripurna sach hoga,wohi wed hoga.

  76. inderji giri says

    [4:13PM, 18/09/2014] iamgoswamiinderjitgiri: 
    Jarur padhe

    अगर हिंदू धर्म बुरा है :-

    (1) तो क्यो
    “नासा-के-वैज्ञानीको”
    ने माना की

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