हिन्दू धर्म में वैज्ञानिक गलतियाँ

Scientific-Errors-in-Hinduism
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पिछले कुछ समय से इन्टरनेट पर हिंदू धर्म के सम्बन्ध में जेहादी बमबारी जारी है. कभी वेद और पुराणों में मुहम्मद का नाम तो कभी महाभारत और मनुस्मृति में माँस का विधान, ज़ाकिर नाइक और उनके समर्पित मुजाहिदीन इस काम को बखूबी निभा रहे हैं. परन्तु अभी एक आश्चर्यजनक बात सामने आई है. जिन वेदों और पुराणों में ज़ाकिर नाइक को मुहम्मद दीख पड़ा था उन्हीं में अब उन्हें गलतियाँ दिखने लगी हैं! जी हाँ! कुन फयकुन कह कर झटपट दुनिया बनाने वाले, पत्थर में से ऊँटनी निकालने वाले, बिना पिता के मरियम को पुत्र देने वाले, चाँद के दो टुकड़े कर देने वाले, आसमान को अदृश्य खम्बों की छत मानने वाले, आसमान की खाल उतारने वाले, दर्याओं को चीरने वाले, सातवें आसमान पर सिंहासन पर विराजमान अल्लाह के बन्दों अर्थात मुसलमान बंधुओं का अब यह विश्वास है कि धर्म को विज्ञान की कसौटी पर भी खरा होना चाहिए! इस हेतु से कि ऊपर लिखित कुरआन के विज्ञान के सामने वेदों की क्या हैसियत है, “वेदों में वैज्ञानिक गलतियाँ” शीर्षक से बहुत से लेख लिखे जा रहे हैं. वैसे इन लेखों की सत्यता उतनी ही प्रामाणिक है जितने प्रामाणिक कुरआन में “विज्ञान” के दावे! यदि कुन फयकुन कह कर मक्खी की टांग भी बन सके, बिना पुरुष के ही मुस्लिम माताएं बच्चे जना करें, पत्थर में से ऊँटनी तो क्या मच्छर भी निकल पड़े तो यह माना जा सकता है कि वेद विज्ञान विरुद्ध हैं कि जिनमें इतने ऊंचे स्तर की विद्या ही नहीं! परन्तु आज तक कुरआन में वर्णित इस विज्ञान के दीदार (दर्शन) असल जिंदगी में मुस्लिम भाइयों को छोड़ कर किसी को न हो सके.

खैर, अब एक एक करके उन दावों की पोल खोलते हैं जो जेहादी अक्सर वेदों के विरुद्ध किया करते हैं. हम पहले “जेहादी दावा” नाम से वेद मन्त्र के वो अर्थ देंगे जो जेहादी विद्वान करते हैं और फिर उसके नीचे मन्त्र के वास्तविक अर्थ अग्निवीर शीर्षक से देंगे. (जिहादियों द्वारा लिखे मूल लेख की प्रति यहाँ देखें:

Scientific Errors in Hinduism

१. पृथ्वी स्थिर है!

१. जेहादी दावा

वेदों के अनुसार पृथ्वी स्थिर है और ऐसा कई स्थान पर है. कुछ उदाहरण नीचे दिए जाते हैं

हे मनुष्य! जिसने इस कांपती हुई पृथ्वी को स्थिर किया है वह इंद्र है. [ऋग्वेद २/१२/१२]

अग्निवीर

वास्तविक अर्थ: सूर्य की सप्तरश्मियों का, वर्षा करने वाले बादलों का, बहने वाली वायु का, जीवन के लिए आवश्यक जलाशयों का, हमारे जीवन यापन हेतु समायोजन करने वाला इंद्र (ईश्वर) हमें सफलता देता है.

इस मंत्र में स्थिर पृथ्वी जैसा कुछ भी नहीं है.

२. जेहादी दावा

वह ईश्वर जिसने इस पृथ्वी को स्थायित्त्व प्रदान किया. [यजुर्वेद ३२/६]

अग्निवीर

दुर्भाग्य से महाविद्वान जेहादी लेखक को स्थिरता और स्थायित्व में भेद नहीं पता. भौतिक विज्ञान के “जड़त्त्व के नियम” (Law of Inertia) अनुसार कोई वस्तु चाहे रुकी हुई हो चाहे चलती हुई, अगर संतुलन में है तो उसको स्थायी कहते हैं. स्थायित्व का अर्थ गतिहीनता नहीं है.

बताते चलें कि यह मन्त्र हिंदुओं में रोज पढ़ा जाता है जिसका अर्थ है: हम उस परमेश्वर को अपने विचार और कर्म समर्पित कर दें जो सब सूर्य आदि प्रकाशमान लोकों, पृथ्वी, नक्षत्र और सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को स्थायित्व प्रदान करता है कि जिससे सब प्राणी सुखी हों और मोक्ष को प्राप्त हो पूर्ण आनंद को भोगें.

मन्त्र में बहुत स्पष्ट है कि उस सूर्य को भी स्थायी कहा गया है जो प्रत्यक्ष चलता हुआ दिखाई देता है. अतः मन्त्र में स्थायित्व का अर्थ गति हीनता नहीं हो सकता.

३. जेहादी दावा

इन्द्र उस फैली हुई पृथ्वी की रक्षा करता है जो स्थिर है और कई रूप वाली है. [अथर्ववेद १२/१/११]

अग्निवीर

यह मन्त्र अथर्ववेद के प्रसिद्ध भूमि सूक्त का है जो सब देशभक्तों के अंदर देश पर मर मिटने की भावनाओं का मूल स्रोत है. परन्तु जैसा सबको विदित है कि देशभक्ति और वफादारी जेहादियों के लिए सदा ही दूर की कौड़ी रही है, इस बार भी ऐसा ही निकला. इस मन्त्र में जेहादियों को स्थिर पृथ्वी दीख पड़ी! अब इसका वास्तविक अर्थ देखिये

हे पृथ्वी! तू हिम से ढके पर्वतों, घने वनों, वर्षा, भोजन आदि को धारण करने वाली है कि जिससे में सदा प्रसन्नचित्त, रक्षित और पोषित होता हूँ. तू वह सब कुछ देती है जिससे मैं ऐश्वर्यों का स्वामी होता हूँ. अगला मन्त्र कहता है- हे पृथ्वी! तू मेरी माता है और मैं तेरा पुत्र हूँ! हम सब शुद्ध हों और अपने शुभ कर्मों से तेरा ऋण चुकाएं.

४. जेहादी दावा

हम सब फैली हुई स्थिर पृथ्वी पर चलें. [अथर्ववेद १२/१/१७]

अग्निवीर

वास्तविक अर्थ: हम सब इस पृथ्वी पर आवागमन करें जो हमें धन, सम्पन्नता, पोषण, औषधि आदि से तृप्त करती है. यह हमें आश्रय देती है.

इस मन्त्र में महाविद्वान जेहादी ने “ध्रुव” शब्द देखा और बस “स्थिर” शब्द दे मारा! उसको इतना पता ही न चला कि मन्त्र में यह शब्द आश्रय देने के लिए आया है न कि खुद के स्थिर होने के लिए!

इन सबके उलट वेद में बहुत से मन्त्र हैं जिनमें पृथ्वी के गतिमान होने का स्पष्ट वर्णन है. जैसे

ऋग्वेद १०.२२.१४- यह पृथ्वी विना हाथ और पैर के भी आगे बढती जाती है. यह सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है.

ऋग्वेद १०.१४९.१- सूर्य ने पृथ्वी और अन्य ग्रहों को अपने आकर्षण में ऐसे बांधा है जैसे घोड़ों को साधने वाला अश्व शिक्षक नए शिक्षित घोड़ों को उनकी लगाम से अपने चारों ओर घुमाता है.

यजुर्वेद ३३.४३- सूर्य अपने सह पिंडों जैसे पृथ्वी को अपने आकर्षण में बाँधे अपनी ही परिधि में घूमता है.

ऋग्वेद १.३५.९- सूर्य अपनी परिधि में इस प्रकार घूमता है कि उसके आकर्षण में बंधे पृथ्वी और अन्य पिंड आपस में कभी नहीं टकराते.

ऋग्वेद १.१६४.१३- सूर्य अपनी परिधि में घूमता है जो स्वयं भी चलायमान है. पृथ्वी और अन्य गृह सूर्य के चारों ओर इसलिए घुमते हैं क्योंकि सूर्य उनसे भारी है.

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२. सूर्य पृथ्वी के चारों ओर घूमता है

५. जेहादी दावा

सूर्य प्रकाशमान है और सब मनुष्यों को जानता है, इसलिए उसके घोड़े उसे आकाश में ले जाते हैं कि जिससे वह विश्व को देख सके. [ऋग्वेद १/५०/१]

अग्निवीर

यह मन्त्र भी हिंदुओं के रोज की प्रार्थना का भाग है. इसका अर्थ है-

जिस प्रकार सूर्य की किरणें विश्व को देखने योग्य बनाती हैं, उसी प्रकार सब सज्जनों को उचित है कि वे अपने शुभ गुणों और कर्मों से श्रेष्ठता का प्रचार करें.

इस मन्त्र में कहीं घोड़ा नहीं आता और न ही सूर्य कहीं पृथ्वी के चारों ओर घूमा है!

६. जेहादी दावा

हे प्रकाशित सूर्य, सात घोड़ों वाले हरित नाम का एक रथ तुझे आकाश में ले जाता है. [ऋग्वेद १/५०/८]

अग्निवीर

वास्तविक अर्थ- जिस प्रकार सूर्य की सप्त रश्मियाँ इसके प्रकाश को दूर दूर तक पहुंचाती हैं उसी प्रकार तुम वेदों के सात प्रकार के छंदों को समझो.

इस मन्त्र से सूर्य का गतिमान होना समझा जा सकता है पर फिर रश्मियों का घोड़ों से कैसे सम्बन्ध रहेगा? क्योंकि किरणें तो सूर्य के चारों ओर निकलती हैं, केवल सूर्य के चलने की दिशा में नहीं, तो फिर किरणें सूर्य के घोड़े के समान कैसे होंगी? वेद तो सूर्य को गतिमान मानता ही है और इसी प्रकार कोई भी पिंड गतिमान होता है. परन्तु इस मन्त्र या किसी और में भी सूर्य का पृथ्वी के चारों ओर गति का कोई वर्णन नहीं है. वेद के अनुसार सूर्य की अपनी अलग परिधि है जिसमें वह घूमता है. [देखें ऋग्वेद १.३५.९]

७. जेहादी दावा

हे मनुष्य, सूर्य जो सबसे आकर्षक है, वह अपने स्वर्ण रथ पर सवार होकर पृथ्वी के चक्कर काटता है और पृथ्वी का अन्धकार दूर करता है. [यजुर्वेद ३३/४३]

अग्निवीर

वास्तविक अर्थ: सूर्य अपने आकर्षण से अन्य पिंडों को धारण करता हुआ अपनी परिधि में घूमता रहता है.

इस मन्त्र की बात को खगोल विज्ञानी भी स्वीकार करते हैं. खगोलशास्त्र विषय का आधार भी ऐसे तथ्य ही हैं. वास्तव में जेहादी विज्ञान में खगोलशास्त्र का वर्णन न होने के कारण उनके महाविद्वान इन मन्त्रों पर ही प्रश्न उठाने लगे हैं!

८. जेहादी दावा

बैल ने आकाश को धारण किया है. [यजुर्वेद ४.३०]

अग्निवीर

महाविद्वान जेहादी ने मन्त्र में वृषभ शब्द देखा और इसको बैल बनाने पर तुल गया! परन्तु संस्कृत भाषा से बेखबर जेहादी को यह पता नहीं कि “वृषभ” के यौगिक अर्थ “शक्तिशाली”, “सामर्थ्यवान” और “उत्तम” हैं. रूढ़ी अर्थों में बैल को वृषभ कहा जाता है क्योंकि बैल कृषि क्षेत्र में शक्ति का प्रतीक है.

वास्तविक अर्थ- हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर! आप समस्त ब्रह्माण्ड में रम रहे हो. पृथ्वी की उत्पत्ति और पालन पोषण, सूर्य की स्थिरता, समस्त आकाशस्थ पिंडों और आकाश की व्यवस्था करने वाले हो, तथा एक आदर्श राजा की भांति सबको नियम में रखते हो. यह तो आपका स्वभाव ही है.

९. जेहादी दावा

बैल ने आकाश को धारण किया है. [यजुर्वेद १४.५]

अग्निवीर

इस मन्त्र में कोई शब्द ऐसा नहीं जिसका अर्थ बैल किया जा सके. यह मन्त्र पत्नी के कर्तव्यों पर प्रकाश डालता है.

वास्तविक अर्थ- हे पत्नी! तू अपने पति को सुख देने वाली हो और सदैव उत्तम कर्मों को करने वाली हो. तू अत्यंत बुद्धिमती हो और सदैव अपनी विद्या को सूर्य के समान बढाने वाली हो. तू सबको सूर्य के समान सुख देने वाली हो जैसे वह भोजन, प्रकाश और शुद्धता प्रदान करने वाला है. तू सबको जल के समान तृप्त करने वाली हो. तू सब ओर ज्ञान का प्रकाश करने वाली हो.

लगता यह है कि स्त्रियों को पशुओं व वस्तुओं की भांति उपयोग करने वाले जेहादियों से यह मन्त्र सहन ही नहीं हुआ!

३. अन्य कुछ आक्षेप

१०. जेहादी दावे और अग्निवीर का उत्तर

कई और दावे पुराणों को लेकर किये जाते हैं और सिद्ध करने की कोशिश की जाती है कि हिंदू धर्म अवैज्ञानिक है. परन्तु ध्यान रखना चाहिए कि पुराण धर्म के सम्बन्ध में प्रमाण नहीं हैं. केवल वेद ही अपौरुषेय (ईश्वरीय) हैं और हम यह दिखा चुके हैं कि जेहादियों ने वेदों को अवैज्ञानिक बता कर अपनी ही अज्ञानता सिद्ध की है. जहां तक पुराणों का प्रश्न है तो उनमें मुहम्मद, अकबर, विक्टोरिया आदि के किस्से भी मिलते हैं जो इस बात का प्रमाण हैं कि ये उन्नीसवीं शताब्दी तक लिखे गए हैं और विदेशी आक्रान्ताओं के शासन काल में बलपूर्वक लिखवाये गए हैं. अतः पुराणों के बारे में इस प्रकार की बातें मिल भी जाएँ तो आश्चर्य नहीं और इनसे हिंदू धर्म का सम्बन्ध भी नहीं. तो भी हमें अंदेशा है कि महाविद्वान जिहादियों ने वैसी ही मूर्खता दिखाई होगी जैसी कि उन्होंने मुहम्मद को भविष्य पुराण में वर्णित एक राक्षस बताने में दिखाई थी! इसको यहाँ पर देखें. http://agniveer.com/479/prophet-puran/

११. जिहादी दावा – सूर्य और आँख

वेद/पुराण सूर्य को नग्न आँखों से देखने का सुझाव देते हैं. वेद और पुराण यह कहते हैं कि हिंदुओं को सूर्य भगवान कि पूजा करनी चाहिए, और यदि तुम रोज सुबह सूर्य को देखोगे तो तुम्हारी आँखें तेज होंगी. इस तरह बहुत से हिंदू यह पूजा करते हैं पर आँखें तेज होने के बजाय, भारत में विश्व के सर्वाधिक नेत्रहीन लोग रहते हैं (पच्चीस लाख). सूर्य की पूजा करने के पीछे कोई वैज्ञानिक सत्य नहीं है और उल्टा वैज्ञानिक और डॉक्टर नग्न आँखों से सूर्य को देखने से मना करते हैं. अब कौन सत्य पर है, वैज्ञानिक या हिंदू धर्मग्रन्थ? आप निर्णय करें!

अग्निवीर

१. महाविद्वान जेहादी बस प्रमाण देना भूल गए कि सूर्य की पूजा करना वेद में कहाँ लिखा है!

२. हाँ, उगते सूर्य को देखना एक प्राकृतिक चिकित्सा है. आज तक दुनिया में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं हुआ जो सूर्योदय या सूर्यास्त देखकर नेत्रहीन या कमजोर नेत्र हो गया हो. अधिक जानकारी के लिए देखें Solar observing and Eye Safety http://mintaka.sdsu.edu/GF/vision/Galileo.html

३. वैसे पाकिस्तान में अंधापन भारत से अधिक फैला हुआ है! WHO के रिपोर्ट पढ़ें.

१२. जेहादी दावा – गाय

वेद कहते हैं कि गाय पवित्र है और उसकी पूजा करनी चाहिए. (ब्राह्मण कहते हैं कि गाय के गोबर की राख में औषधीय गुण होते हैं). परन्तु पश्चिम जर्मनी की एक जानी मानी परीक्षण प्रयोगशाला में शोध हुआ तो यह बात झूठी पायी गयी.

अग्निवीर

१. हाँ! वेद स्पष्ट घोषणा करते हैं कि गाय मनुष्य मात्र के लिए अत्यंत मूल्यवान है और जो अपने जिव्हा के थोड़े से स्वाद के लिए इसे मारते हैं वे धूर्त हैं. एक गाय चाहे दूध न भी देती हो तो भी वह वातावरण के लिए मरी हुई गाय से सदैव अच्छी है. गाय के सब उत्पाद जैसे दूध, गोबर, मूत्र आदि शरीर और वातावरण पर लाभदायक प्रभाव डालते हैं. बुद्धिमान लोग केवल गोपालन करके भी अपना जीवन अच्छी प्रकार से निर्वाह कर सकते हैं.

२. वैसे क्या कोई जेहादी यह बताएगा कि पश्चिम जर्मनी कि उस प्रयोगशाला का नाम क्या है जहाँ गाय के गोबर की राख का परीक्षण किया गया था? ऐसा इसलिए क्योंकि पश्चिम जर्मनी सन १९९० से अस्तित्त्व में नहीं है! यह ऐसा ही है जैसे डॉक्टर जाकिर नाइक कैलीफोर्निया के किसी अनपढ़ किसान के परीक्षणों का प्रमाण देकर हलाल माँस का बचाव करते हैं.

३. गाय का गोबर कई लाभों के साथ साथ ईंट बनाने में भी उपयोगी सिद्ध हुआ है. केवल गोमूत्र पर ही चार अन्तर्राष्ट्रीय पेटेंट (अमेरिका और यूरोप) हमारी जानकारी में हैं. गूगल पर cow urine patent डालकर देखें, और अधिक जानकारी प्राप्त करें.

४. इस तरह ठीक ही है कि हिंदू गाय को माता के सामान महत्वपूर्ण समझते हैं.

अब इससे पहले कि यह लेख समाप्त करें, कुछ बिंदु उठाने आवश्यक हैं.

क. विज्ञान न केवल हिंदुओं की पुस्तकों में है बल्कि उनकी संस्कृति के आधार में भी ओतप्रोत है. यहाँ तक कि सामान्य से सामान्य रीति रिवाज, जो अंधविश्वासों और विदेशी प्रभाव में पुते हुए हैं, भी वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित हैं. हाथ जोड़कर नमस्ते, स्त्रियों की चूड़ी और कुंडल, प्रातःकाल अधिक जल पीना जिसे उषापान कहते हैं, माँस का त्याग, एक पत्नी/पति वाद, प्राणायाम, ध्यान, व्यायाम, झूठा न खाना, कई बार हाथ धोना, और अंगों को भली प्रकार से धोकर स्वच्छ रखना जिससे खतना आदि कराने की आवश्यकता ही न पड़े, इत्यादि सब बातें वैज्ञानिक हैं.

ख. इसीलिये एक आम पढ़ा लिखा हिंदू वैज्ञानिक और बौद्धिक माहौल में अच्छे से सामंजस्य बैठाकर आगे बढ़ जाता है.

ग. अब जरा इस्लाम का हाल देखें. पूरी दुनिया में आज पचास से अधिक इस्लामिक देश हैं. क्या किसी एक ने भी कोई बड़ा वैज्ञानिक, शोधकर्ता या व्यवसायी पैदा किया? आज तक केवल एक मुस्लिम वैज्ञानिक हुआ है जिसका नाम यहाँ लिया जा सकता है- पाकिस्तान के नोबल पुरस्कार विजेता डॉ अब्दुस सलाम. परन्तु उन्हें भी पाकिस्तान से काफ़िर कह कर बाहर खदेड़ दिया गया क्योंकि वो एक कादियानी थे. आज कोई भी ज़ाकिर नाइक कभी अब्दुस सलाम का नाम भी नहीं लेगा भले ही वह इस्लाम को विज्ञान का आधार बताता रहे! जब अब्दुस सलाम मरे तो उनकी कब्र पर “पहला मुस्लिम नोबेल पुरस्कार विजेता” लिखा गया. पर मुल्लाईयत के दबाव में पाकिस्तानी सरकार ने “मुस्लिम” शब्द हटा दिया. अब वहाँ “पहला नोबेल पुरस्कार विजेता” लिखा है!

नीचे पकिस्तान के प्रसिद्ध मुस्लिम विद्वान और लेखक हसन निसार की वीडियो देखें जिसमें वो बड़ी बेबाकी से मुसलमान उम्मत की बौद्धिक क्षमताओं पर सवाल उठाते हैं. उन्होंने इस बात को कई बार जोर देकर कहा कि सदियों से एक बड़ा दिमाग भी मुसलमानों ने पैदा नहीं किया और उस पर भी वे अपने आप को सबसे अच्छा समझते हैं और यही प्रवृत्ति उनको और अधिक अन्धकार में ले जा रही है.

अब हिंदुओं से इसकी तुलना कीजिये. बहुत कमियों के बाद भी आज वो हर जगह पर अच्छे स्थान और पदों पर होते हैं. मानव सभ्यता के आरम्भ से इस संस्कृति ने एक से बढ़कर एक हीरे मानवता को दिए हैं और आज भी दे रही है. इसका एकमात्र कारण यहाँ की सभ्यता का आधार वैज्ञानिक होना है. यह प्रकट है कि जहाँ स्वतंत्रता के बाद पाकिस्तान अपने ही बोझ से टूटा जा रहा है वहीँ भारत उसकी तुलना में बहुत आगे है बावजूद इसके कि यहाँ के धूर्त राजनेता केवल अपना स्वार्थ साधते हुए अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की नीति को ही राजनीति समझते हैं.

हम उन सबसे, जिन्हें गैर मुस्लिमों खासकर हिंदुओं से नफरत करना ही सिखाया गया है, कहेंगे कि एक बार ठन्डे दिमाग से इस पर विचार करें. अग्निवीर पर वेदों से सम्बंधित लेख पढ़ें. सबसे आवश्यक बात यह जान लें कि वे बाहर किसी देश से आये लुटेरों की संतान नहीं हैं. वे तो सदा से भारत देश में रहने वाले अपने हिंदू पूर्वजों का ही खून हैं. वेद किसी हिंदू की जागीर नहीं, तुम्हारे भी हैं क्योंकि तुम्हारे पूर्वज इन्ही वेदों का पाठ करके तृप्त होते थे. अब अपने ही खून के भाइयों से झगडा बंद करो और वापस अपने घर अर्थात वैदिक धर्म में आ जाओ, आपका स्वागत होगा.

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Comments

  1. प्रशंसक says

    सुभान अल्लाह! क्या मुहँ तोड़ जवाब दिया है !
    बधाईयाँ !!

  2. अर्पिता says

    पाकिस्तान का नाम लिए भी यह काम हो सकता है;
    प्रयास इतने सराहनीय है कि मेरे पास शब्द ही नहीं; इन्हें लगातार पढकर ज्ञान प्राप्त कर रहीं हूं

    • says

      नमस्ते,
      शुभेच्छा के लिए धन्यवाद. एक बात स्पष्ट करना चाहेंगे – न हमे मुसलमानों से कोई आपत्ति है न पाकिस्तान से. ये तो हमारे भाई बांधव ही हैं. हमारा जिहाद तो उन शिकस्तखुरदार मस्कशुदा नेताओं (राजनीतिक व मजहबी) से है जिन्होंने हमारे मुसलमानों भाइयों को सदियों से जानबूझकर कुचल कर रखा है. हसन साहब का ही एक और विडियो देखिये इस विषय पर:
      http://www.youtube.com/watch?v=xL5tbU9_Kgc

      • SONU MALIK says

        KYA KOI YE BATAYGA KI PHLE KITNE DHARMA THEY OR AB KITNE HO CHUKE HAI , AGAR VEDIC DHRAM PHLE SE HI THA TO YE ITNE DHARM KU BANE

        • raj.hyd says

          vaidik dharm ke mananevalo ke nichata purn amal ke karan vah apna achha dhqrm bhool chuke the akarmandy ho chuke the tabhi vah barbaad bhi huye gulami bhi jhelni padi aur ashant snsaar me aj anek smudaay dharmke rup me samne aya
          aaj bhi agar achhi ba to ka achran kiya jaye aur achhi bato ka dhuaa dhaar prachaar kiya jaye to in tathakathit dharm ke samudayo ko samapt bhi kiya ja sakta hai !

    • says

      Ektarfa bakwas hai ye..
      zara ye bhai sahab ya koi Hindu zakir naik k se aamne samne baat kar k dikhaye tab na inki baat ki sachchaai saamne aaye.
      Akele gali me to gadha bhi sher bna phirta hai.

      • raj.hyd says

        ham zakir ji ke samne bhi apni baat rakh chuke hai aur unke E.mail se bhi apni baat rakh chuke hai unke karyalay me bhi anek baar ja chuke hai unke shagird bhi javab nahi de paye vah srvajanik rup se yah kahane ko majbur hai ki 20% quran ki bate ab tak saty nahi ho payi hai”inshaalah” age ho jayegi hamara kahana hai ki jab 1450 saal me yah bate saty nahi ho payi to age bhi kya hongi ? isliye quran to “mul ki bhul” hai . isme bahut se bate jhuthi hai! jo usme sachhai hai vah bh buniyadi rup me uski nahi hai vah pahale ki jhuthan hai , jitna jaldi ho sake quran ki sangati chod deni…

      • यशवर्धन says

        हम तो शास्त्रार्थ करने के लिए सदैव तैयार हैं हमारे पंडित महेन्द्रपाल आर्य के सामने आने का साहस नहीं है जाकिर नैक में आया था उसका गुरु एक बार तब पंडित जी ने ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया के तब से दर के मारे न फिर वो कभी आया और अपने चेले ज़ाकिर को भी मन कर दिया

  3. विजय says

    मुसलमान विद्वान (?) हिन्दू धर्म का वैज्ञानिक आधार कभी स्वीकार कर ही नहीं सकते क्योकि यदि वो इसे स्वीकार किए तो ये उनके कूरआन के विरुद्ध होगा ।
    विज्ञान जितना विकसित होता जाएगा उतना ही हिन्दुत्व का पूरक होता जाएगा इसी बात से मुसलमान विद्वान (?) डरे हुए है उन्हे ये भी डर है की काही मुसलमान हिन्दुत्व की ओर न मूड जाये जो हिन्दुत्व आधुनिक विज्ञान का जनक है ।

    जय माँ भारती, हर हर महादेव !!!

        • ahsan says

          Waigyanic treeko se tosare vedo me galtiya payi gayi hai jaise –
          Surya b apni alag paridhi par ghoomta hai .. surya ko subah dekhne se ankh hi roshni tej hoti hai jab ki doctor khud aisa karnese mana karate hai aisa karne se aj tak kisi ki b roshni tej nahi hui hai phir bi hindu log ise manne se inkar karte hai aisa kyu…?
          Kya koi batayre ga….?

          • raj.hyd says

            agar apke hisabse vedo me galtiya hai to us baat ko mat maniye yah bhi sambhav hai ki un ved ke mantro ka arth galat kiya gaya ho
            kya kuran vaignyanik hai ?
            kalpit qurani allah jo sirf satve asman k me ek simit singhasan me baitha hua hai ?
            kalpit fa rishte
            kalpit 124000 nabi rasul
            kalpit adam
            kalpit iblis
            kalpit jannat
            kalpit hure
            kalpit gilme
            kalpit burrak jaanvar aadi bhi.

      • ather umar says

        Agni veer h aap itne vidwan h to aap dr .zakir nayik aur molana jarjish ansari jese logo se munazra kre whi dhood ka dhood aur pani ka pani ho jaega zra hme bhi pta chale akhir sachchai kya h

        • raj.hyd says

          zakir ji to to islam ke vakil matr hai dhyan rahe vakil apne anukul jhuth bolne me bhi koi sankoch nahi karta hai ! zakir ji e mail kajavab bhi bahi dete hai aur n unke shagird bhi !
          islam to” mul ki bhul” hai !
          aap bhi chahe to kisi bhi maulana se yah puch sakte hai ki quran kia ayte kis tarike se ayi ! kya satve asman me kalpit qurani allah baitha ho sakta hai ? kya uska koi singhasan ho sakta hai jab singhsan simit hai to uski shakti bhi simit kyo nahi hogi ? jo simit ho vah puri kaaynaat bhi kase bana sakata hai ?

          • Rehan says

            Mul ki bhul Raj ji..Zra parhne ka kast kare…

            Renowned personality Dr Zakir A Naik, who is a non- Arabic Indian Scholar has won the esteemed King Faisal International Prize for his service to Islam.

            Professor Omar Mwannes Yaghi from the US and Professor Michael Gratzel from Switzerland were declared the co-winners of the prize in the Science category (Chemistry). Professor Jeffrey Ivan Gordon from the US was declared winner of the prize in medicine.
            Mul ki bhul Raj ji…Aap kaha se aaye Baap se Ya Mata ji se ya us chudra Raqt se zra batane ka kast kare….

          • says

            Aap log zakir se kyu ghabray hua ho kyki usne hajaro hindu ko musalman bana diya h dr zakir se munazra karlo aap kiya unke samne to isai ke bade 2 alimnahi tik pay meri ray h aap 1 bar mulaqat kar lo dr zakir se aap bhi islam qubol kar loge inshaallah allah aap ko hidayat de

      • narender sharma says

        dharam, mazhab ki baat karne walo tum sab log aise hi ek dusre par comments karte karte mar jaaoge lekin koie hal nahi niklega sab apni jagah sahi hai keval apne dekhne ka nazariya aur apni soch badlo aise dharam k naam par comments karke logo ko mat bhadkaao. insaan ho keval insaaniyat dikhaao.
        sab ek hai

        • NIDHI MEHRA says

          AAP BILKU SAHI KAH RAHE HAI,LOGO KE DILO DIMAG ME BUS DHARM HI RAH GAYA HAI, KOI
          INSAN KO KUCH SAMJTA HI NAHI HAI, JAHA DEKHOGE SUNOGE TO DHARMA KI HI BATAIN HOTI HAI INSANIYAT PATA NAHI KAHA KHO GAI,PAHLE TO HUM DHARM KE NAME PAR LADTE HAI OR DUSRI
          OP YE GAAN GATE HAI KI MAZHAB NAHI SIKHATA AAPAS ME BAIR RAKHNA.

          • abdul says

            Sabhi kahte hai ek din hamare dharmka rajya hoga to kya jab ek dharm hoga to shanti ho jayegi nahi kyu ki do hi tarah ke log hai duniya me ek bure aur ek acche jo ki kisi bhi dharm me ho sakte hai ek parivar me panch bhai hote hai phir kuchh logome nahi pat ta jabki ek sanskrati ek mabap hote hai tab bhi jhagra hota hai.isi liye vivad ko chhor ke milke rahne ki koshish karni chahiye.

        • Mohd mustakeem says

          Narendra bhai ki baat sabse badiya lagi n ye h asli samajhdari ki pehchan
          Jo is baat ko agree nhi krte wo jaahil maan jaye ki “hindu muslime sikh isai”sab bhai bhai h jo is baat ko agree nhi krta wo apne aapko terrerists se compare kr le

          • SOEB RIZWI says

            YAHI JO AAP KI SOCH HAI MASAALLAH BOHUT KHOOB HAI AGAR SARE LOG AAP KI TARAH SOCHTE HOTE TO AAJ APNE MULK MAI BOHUT SOKUN OR AMAN KI ZINDEGI LOG JITE KABHI KOI HINDU KI WAJAH SA NA MUSLIM MARTE NA KOI MUSLIM KI WAJAH SA HINDUON KA KHOON BAHETA .

        • Mohammed Zubair khan says

          bilkul sahi farmaya aapne samay ke hisab se sab sahi hai koi bhi dharam bura nahi hota allah (iswar) ek hai samay samay per uske doot (pagamber) is duniya me aaye aur unhone achchi bate batai ham aaps me ek dusre ko galat batate rahege sabko koi na koi logic mil jayega INSANIYAT SE BADH KAR KOI DHARAM NAHI HOTA JIYADA DIMAG AUR SALAHIYAT KA NA HONA FASAD KI JAD HAI

    • Suryaacharua says

      Muslmano ko kitna samjo wo to apnna hi baat mane unhe samjane ka koi fayda nhi,jo hindu ved or puran padta ha dakha to unke dill pe lagta ha jo baaki hindu jinhe ved nhi pade ya geeta nhi suni unhe kya matalb wo unhe pagl kahte ha, hindu abb sirf icha purti ke liye kisi ko poojne ke liye teyar ha or kisi mandir maschid gurdwara ya kai par bhi bus unki icha puri honi chiye na ki
      unhe or kisi se bhi koi matlab nhi
      me ye dekta hu to ye sochta hu ki kya hoga inke jese jo pada hui ha.

    • madhusudan das says

      कुरआन लिखने का मतलब था ,भटके लोगो को जीने का तरीका सीखाना , लेकिन कुछ इस्लामीक विद्वानो ने तोड़ मड़ोड़ कर उसे लोगो के बीच पेश किया , और एहि सिलसिला आज तक चलता आ रहा है , सोचने की बात है ,मुसलमान कहते है कुरान जन्नत से उतारी गयी अल्लाह की किताब है , अब इन्हे कौन समझाए की जन्नत में पेपर कहा से आएगा , न कोई प्रिंटिंग प्रेस है वहां , हां ये कह सकते है की अल्लाह की नसीहतें इस किताब में लिखी है ,ये एक जीने का तरीका सीखने की किताब है , जबकि हिन्दू धर्म में कहीं भी, ये बताया है की इस वेद की रचना इन्होने की , इस ग्रन्थ को इन्होने लिखा , वेद में हर क्षण , भाव , स्वभाव, अबस्था ,समय ,आदि को एक नाम दे कर समझाया गया है , इसके वाबजूद भी कोई समझ कर इसे गलत कहे तो ये उनकी गलती है /

      • omveer sharma says

        your all right becouse muslim ghar me peda hone wala bhi hindu hota h par janm ke bad us ko sanskar ulte de diye jate h

      • Mohammed Zubair khan says

        Madhusudan ji apne to bachcho jaisi bat kah di quran Allah ki kitab hai yeh kahi per nahi likha ki quran chap ker paper per utari gai hai quran mohammed sallalahowasallam per utari gai hai jise sansar me sankalit kiya gaya hai her dharm ko gaur se dekho tamam bate hamari samsjh me nahi aayegi 19svi SADI ME AGAR KOI GOGGLE KI BAT KARTA TO LOG HASTE USKA MAZAK UDATE USI TARAH MERE BHAI ISWAR KI MOUJUDGI PER SAWAL NA UTHAYE JAB ISLAM NAHI AAYA THA TAB BHE ALLAH THA KISI NA KISI ROOP ME

    • afjal says

      Jab aapka bed dharam yatna parbausali hai to shrif india me kyo hai other countary kahi v nahi hai ? Other countary srif kritchan aur muslim hai bed dharam ka nam tak nahi hai

      • raj.hyd says

        kuch log kahate hai taj mahal bahut khub surat hai , fir sirf bharat me hi kyo ?
        any desh bhi to banva sakte the ?
        ayurved sabse purani aur achhi chikitsa hai fir bhi sare sansaar me nahi hai ,
        profesar , doctor , injiniyar, vigyanik adi bahut kam hote huye bhi prbhavshali hote hai . mukhy baat qvality kihoti hai n ki jyada sankhya ki !
        pistaul ki ek goli jahar ka ek ansh dava ki sirf ek goli adi apna prbhavshali asar chodti hai

  4. sanjeev says

    hindu dharm ke prati kise bhi dushprachar karne wale ko aise he muh tor jabab daine chahiye. mai umid rakhta hu aap aage bhi eise prakar se jabab denge.
    thanks.

  5. says

    अति सुन्दर !! ईश्वर आपको दीर्घायु और स्वस्थ बनाये रखे. आप अपनी साईट का ऑरकुट फेसबुक ट्विटर आदि पर भी प्रचार करें. मैं अब से अपने ब्लॉग के साथ आपकी साईट का भी लिंक रेफरेन्स के लिए दिया करूँगा. वैसे तो मेरा आज कल लिखना-पढ़ना छूट सा गया है किन्तु जल्द ही फिर से आरम्भ करता हूँ.

  6. रवि शंकर says

    बहुत ही बढ़िया लिखा है अग्निवीर जी .. बस एक निवेदन है अगर आप वो सभी वेदिक मंत्रो को जिनके आपने अनूदित करके बताया है अगर साथ मैं संस्कृत मैं भी देदे तो बहुत ही अच्छा लगता कुछ मंत्र संस्कृत मैं भी पढ़ने को मिल जाते.

    • says

      नमस्ते
      इन्टरनेट पर मन्त्रों को लिपिबद्ध करना सरल नहीं है. इसलिए यहाँ हमने मन्त्रों के अर्थ दिए हैं किन्तु चारों वेद संहिता भी downloads में उपलब्ध हैं. आप वहां से मिलान कर सकते हैं.
      धन्यवाद

      • says

        plz agniveer ji aap ne jo id ke bhare main likha tha wo english main tha plz use hindi main likh de jis se main aur jine english acche se nahi aati hai wo use padh sake

  7. Sanjay says

    Looking at this video, I thought at first it was about the Islamic state of India, the Babus raj. Yes, there is ample evidence India is an Islamic State as most mandhirs are under control by government controlled secular trust like Balaji, Tripati, Vashnudevi, and etc…We also live under separate laws, which Muslims are ruled by Muslims, and Muslims law board following the Islamic religion, and Hindus ruled under secular lok Sabha including the likes of non religion communist, Muslims, and others.. Hindu mandhirs are taxed the money goes to fund the Islamic and Christian religion.

  8. says

    ” namste sabhi ko pehle main agniveer ji ka bahut thanks kehna chahta hu sabhi se reguest karna chahta hu plz save our sanatan dharma plz join my orkut community “sanatan dharma “

  9. om parkash sharma says

    thanks Sir Hindutva ki Raksha me Apke Yogdan Ko Parnam . AAjJ Ke is Bhotiktawadi Yug Me Aap Dwara Diye ja Rahe Samay Ke liye Parnam

  10. shubham says

    om,
    bahut achha lekh hai bhai.
    bhartiya vijyaan pracheen samay se hi unnat tha.google par search kijiye “ancient indian science”.uttar mil jayega.
    musalmaan ardh shikshit kaum hai.vo zakir nayak ki ghatiya aur jhooti baataun par khush hote hain,”andho main kaana sardaar”.
    maine swayam dekha hai un BRAINWASHED logo se baat ki hai.

    apka karya bahut uttam hai….
    bhartiya/hindu jati ko aadhaar pradaan karne vala aryatva….

  11. Harish says

    Namaste Agniveer ji,

    simply Great !
    I am sharing this great information with my friends and make them more aware of their Identity.

    Long live this campaign.. keep it up , your good work will be multiplied by many of us.

    Jai Bharat

  12. Vaibhav says

    Refutation of Jihadi claims was well done, but I don’t agree with the demeaning of the entire Muslim community at the end. Some Jihadi’s made baseless claims doesn’t make the entire community bad. Yes, they may have their negative aspects, but I think it was unnecessary to point them here. Such comments only widens the divide between the two communities. There are bad people on both groups, and our job is to put an end to only those bad people, and not let people have negative feelings against entire communities. Let there be brotherhood among everyone!

    • Vajra says

      Vaibhav
      Dear Brother, where did you find in article written that entire Muslim community is bad? Rather it talks about the corrupt and cruel ruling elite which has deliberately kept Muslim community illiterate so that the seeds of hatred can be sowed in their hearts for getting political gains. Please watch the videos carefully, in which great thinker of Muslim world Hasan Nisar exposes the same.

      thanks

    • says

      Please refer “What Agniveer stands for” whose link is provided above every article. We have nothing against Muslims in general and consider them to be our brothers. That is why we proudly write about Ashfaqullah Khan as our role model. Our stand is against the fanatic version of Islam that puts all non-believers in permanent Hell. Our stand is also against the ruling elite of Islam that has nothing to do with the message of Muhammad and has deliberately kept common Muslims in darkness and ignorance for selfish reasons. This is not our personal view but shared by Muslim intellectuals like Hassan Nisar, Parvez Hoodbhoy and Ghulam Jilani.

      Thus we do not blame common Muslims and on contrary consider them to be victims of the misdeeds of their ruling elite. We are all out to support and help them out of this in all possible ways. We want them to emulate Ashfaq, Azim Premji, Abdus Salam and Abul Kalam.

      Admin

      • nehal121 says

        wakai aapne bahot achha likha hai , meri ek guzarish hai, k ap aisa ku nahi karte k aap zakir naik se debate karain aur khud unhe muh tod jawab dain,

        • says

          isme aapko kya achha laga bahan ye to sara bakwas hai zara apni aatma se chintan kar ke dekhe kya aap muslim aur sanatan dharma me koi antar nikal payengi ye log jo sirf apne apne dharmo ko uncha batane me lage hai inhe to khud nahi pata ke inka dharm kya kahta hai aur sahi mayne me dharm kya hai

          • raj.hyd says

            agar sanatan dharm aur islam ek jaise hote to ek murtipujak n hota aur islam panthi murti ko todne vale n hote! aise hi ek gaay ki puja karne vale n hote aur dusri or gaay ki hatya karne vale n hote ek shakahari hai dusra mansahaar ko jyada pasnad karta hai !

          • jis naam se bulana chahe says

            Dunia ka koi bhi dharm ek he kunki wo ek jaisi shiksha deta he bhai. Mughe bataiye ki qooraan me ye likha he ki doosare dharm ki izzat karo kisi ko jabardasti apane dharm me convert naa karo likha he ki nhi likha he na or hindu dharm me bhi same yahi he he na .ab aap kahenge ki musalmaan to butparast nhi hote aur hindu murtipoojak hote he . bhai isme kya he ki hamara bhai jab pooja karta he to koi murti saamne nhi rakhta ya isme kya rakha he ki hamara bhai murti saamne rakhta he.sabka malik ek

  13. Ashok Pareek says

    islam ek dharm jisko khud pata nahi ki kahan jaa raha hai. aaj apni hi juthi dalilo or khokle niymo me jakda ja raha hai.
    islam puri tarah se khatm ho chuka hai or aaj jo hai wo to sirf aadamber hai.
    kattarta hai. lekin agar yahi kattarta rahi to islam ek din khud b khud khatm ho jayea or uska jimeedar bhi khud islam hi hoga.

    • Shad khan says

      Apko badi knowledge hai hamare Islam k baare me.. Kitni baar aapne Qur’an ko samjha hai.
      and my brother , Islam kaha khatm ho gya hai, shayad apko maalumaat nahi hai ki world me doosre no. PE Islam hai, Hinduism ki baat karu to ye sirf India me hi paaenge, yahaan par bhi AP log 100% nahi hai. Aur Jo Hindu India k bahar hain , Wo bhi Indian origin k hi hain, kaam karne bahar gye hue hain.
      Islam ko khatam karne ki auqaat kisi insaan me nahi hai,
      to behtar yahi hoga ki AP Islam k baare me na hi bole , or agar bol rahe hain to knowledge lele.

      • raj.hyd says

        quran to mul ki bhul hai kalpit allah, kalpit farishte, kalpit jannat, kalpit hure- gilme ,kalpit rasool -nabi adi , jahan tak sankhya ki baat hai ti suar ka mans khane vale nasha karne vale zahil , andh vishvasi is duniya me bahut jyada hai tab kya in sabko bhi adar ki drishti se dekh liya jaye ? is duniya me quran ke aneke itne saal baad bhi murtipujko ka bahuly hai , hindu aur buddh mat ko jod lenge to sabse jyada unki sankhya ho jayegi !

  14. says

    namashkar agniveer ji aapka jawab kabiley tarif hai parantu mere man mein ek sawal utha hai ki aapne kaha ki musalmano mein ek hi scientist hua par A.P.J abdul kalam bhi to scientest hai na to aapne aisa Q kaha kripya mere is sawal ka nivaran kare or aksar musalman shivling ke bare mein bahut hi gandi bhasha ka prayog karte hain wo kahten hain ki wah shiv ka guptaang wikipedia mein bhi yai likha hai hai kya aap shivling ke bare mein ashpasht batayenge. ( DHANYWAD)

    HAR HAR MAHADEV

    • says

      नमस्ते संतोषजी

      १. हमने ये नहीं कहा कि मुसलमानों में एक ही वैज्ञानिक हुआ है. हमने यह कहा है कि यदि उन देशों को देखें जहाँ इस्लाम संवैधानिक मजहब है, तो एक ही वैज्ञानिक पैदा हुआ है. जहाँ तक कलाम जी का सवाल है, वो तो आर्य हैं. वैदिक धर्मी हैं. आर्य या वैदिक धर्मी कोई जन्म से नहीं होता, कर्म से होता है. कलाम जी राम और कृष्ण को आदर्श मानते हैं, मांसाहार नहीं करते, उपनिषद् और गीता का अध्ययन करते हैं, मजहब कि संकुचित दलदल से उठकर संपूर्ण मानवता का कल्याण सोचते हैं. जाकिर नायक जैसे लोग उनपर कितना गर्व महसूस करते हैं, मुझे नहीं पता. पर हमारे लिए तो वो भारत के गौरवशाली सपूत हैं.

      २. रही बात शिवलिंग की – तो इस बारे में http://agniveer.com/2006/hinduism-obscene/ देखें

      धन्यवाद
      प्रबंधक

      • SAGAR says

        MR..ANGVEER JI AGAR AAP SARVE KRENGE HINDU BHAIYO KA TO AAP PAYENGE KI AAJ KI DATE MAI SBSE ZYADA MANSAHAR HIND HI KR RHE HAI WO SHRAB PEETE HAI CHIKAN KE SATH YE JO CHIKAN SHOP CHAL RHI HAI MUSALMANO KI WO HMARE PYARE HINDU BHAIYO KE HI KARAN CHAL RHI HAI.SHARAB PEENA KAUN SE VED MAI LIKHA HAI YA MANS KHANA KAHA LIKHA HAI…KYU HMARE 90%HINDU BHAI SHARAB KA SEVAN KRTE HAI..KYU SBSE ZYADA BALATKARI HINDU HOTE HAI..NEWS DEKH LO JITNE BHI REP HUE HAI UN MAI SB HINDU HI HAI

        KUCH KHE IS BARE MAI….

        • raj.hyd says

          adarniy shri sagar ji , jab is desh me hindu jyada hai tab buraiya bhi apko hindu me jyada mil sakti hai 1
          pakistan v bangladesh adi me apko iska ulta bhi jyada mil sakta hai !
          99% muslim mans khne vala milega ! aur 50 % se kam hindu mns khane vala milega ! ab aap kah sakte hai ki hindu ki sankhya u=itni kam kyo batlai !
          adhikansh manshari ki patniya mans nahi khati hai! yahi baat sharab pine valo ki bhi mil jayegi !
          rep karne vale hindu jyada milenge kyoki unki abadi jyada hai !rep kyo hote hai polise ki achhi vyavstha nahi adalat ke faisle der se ate hai ashlil sinema, sharab ka prasar jyada hai sarkaro ko sharb se tex lene ki buriadat jo pad gayi hai janta jaye bhad me ,lekin unka pad nahi aye aad me ” !
          ved ka jyada parchar nahi hai aam janta ka jhukav pakahndo me jyada hai saty ko samjhane me bahut kam hai
          ham asha karte hai ki apko apni bato ka samadhaan mil gaya hoga !

    • Chakraborty says

      APJ Kalam practicing muslim nahi hai. Wo sirf musalman ghar me paida hua hai,
      Wo roz subah Gita padht hain, Unke interviews padhiye

  15. says

    namshkar agniveer ji

    maine aapki ki batai hui website http://agniveer.com/2006/hinduism-obscene/
    pe
    visit kiya par chama chahunga mujhe mere sawal ka jwab nai mila jo maine shivling ke bare mein pucha tha kya aap mujhe sanchep mein batayenge ki shivling ka nirman kab or kyun hua kyun ki agar humen shankar bhagwan ko pujna hai to unki murti kyun nai hai or devtaon ki tarah. shivling kyun kripiya aap shivling ke bare mein sanchep mein batadijiye.

    Dhnyawad

    HAR HAR MAHADEV.

  16. raj.hyd says

    MANNIY SANTOSH JI , THO UPAR BADHIYE ! KEVAL SHIVLING ME HI N ATKE RAHIYE ! PQRAM PITA PARMESHVAR “SARVOCHH” HAI , VAH NIRAKAR, SARVSHAKTIMAN SARVYAPAK ADI ASANKHY GUNO VALE HAI ‘OM ‘ PAR DHAYAN LAGAIYE 1 ISHVAR KE GUNO PAR DHYAN LAGAIYE USKE GUNO KO DHARAN BHI KIJIYE ! JAB JAIN SAMUDAY KE LOG MURTIPUJA KARNE LAGE VABHARI SANKHYA ME JAIN SAMPADAY KI OR JANTA JANE LAGI TAB USKO ROKNE KE LIYE ANEK TARAH B KI MURTIYAN BHI GADHI GAI , USME SHIVLING , SALAIGRAM ADI BHI PUJNIY BANA LIYE GAYE ! JISKI JARURAT NAHI THI 1 KHAIR US SAMAY KI BAT AUR HOGI LEKIN AJ TO AISI PARISTHITI BHI NAHI HAI !SABSE PAHALE JARURI HAI KI HAM SAB ACHHE GUNO KO DHARAN KARE APNA VYVHAR SARVOCHH RAKKHE 1 “DUSRE KE SATH VAHI VYVHAR KARE JO APNE LIYE BHI PASAND AYE ” YAHI DHRM KA EK MATR SUTR HI MANUSMRITI 6/92 ME DHARM KE LAKSHAN KAHE GAYE HAI, KI ”DHRITI, KSHAMA , DAMOASTEYAM ,SHAUCHAM INDRIYNIGRAH , DHI ,VIDYA SATYAM AKRODHO DASHAKAM DHARM LAKSHAANAM, JAB HAM SAB APNE VIKARO KO NIKALENGE ACHHE SANSAKAR KO JIVAN ME APNAYENGE , TABHI APNA V SAMAJ TATHA DESH SANSAR KA BHALA HO SAKEGA 1 JINKO HAM DEVTA MANA KARTE HAI VAH SACH ME KUCH BHI NAHI HAI UNKA ASTITV BHI NAHI HAI, FIR KYO PARESHAN HON ?

    • msj says

      @raj.hyd

      Bahut Badiya bhai. Aapko Bahut Gyan hai. Bhai Agniveer ke naye article ” I am non arab muslim ko bhi jarur padiye” aur comments bhi likhiye.

      • raj.hyd says

        hamari angrji bahut kamjor hai , jab hindi me preshit hoga tab ham apne vichar rakh payenge ! ham apni kamjori chipate nahi hai !

    • says

      raj.hyd

      ji namashkar mai yain pe atka nai baitha hun par aksar is tarah ke sawal samne aajate hain jiski jankari hume pahle se hona chahiye mai sirf ye janana chahta hun ki shivling ka nirman pahli bar kab or kahan or kyun hua tha agar kisi ko pata hai to kripaya jawab dijiye

      Dhanyawad.

      Har Har mahadew.

      • raj.hyd says

        manniy santosh ji ,ham to matr itna jante hai ki jain mat ke failav ke bad hi shivling adi ki puja arambh huithi, baki apke prashno ka hame gyan nahi hai ! samay ke pravah va desh ki gulami ke dauran hajaro pustkalay ko ag ke havale kar diye gaye the sambhav hai ki uske karan bhi nasht ho gaye ho?

    • Abhishek Srivastava says

      राज भाई और संतोष भाई,
      शिवलिंग के बारे में मैं आपकी भ्रांतियां दूर करना चाहता हूँ | आप सभी ने जहाँ भी शिवलिंग देखा होगा वहा अर्घा भी देखा होगा क्यों की शिवलिंग बिना अर्घे के नहीं पाया जाता है शिवलिंग + अर्घा स्वयम अर्धनारीश्वर परमेश्वर को निरुपित करता है| आगे की बात बताने से पहले मैं आपसे एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ | की जब किसी के घर में शिशु का जन्म होता है तो लोग ये कैसे पहचानते हैं की शिशु का लिंग क्या है अर्थात वह लड़का है या लड़की ???? उत्तर तो सभी को पता है इसी प्रकार शिव लिंग पुरुष और अर्घा स्त्री शक्ति का स्वरुप है क्योकि इन दोनों के बिना श्रृष्टि का निर्माण संभव नहीं है|
      अतः परम पिता परमेश्वर जो सम्पूर्ण श्रृष्टि की रचना करने वाला है उसने अपना स्वरुप अर्धनारीश्वर दर्शाया है| इस स्वरुप को हम शिवलिंग और अर्घे के रूप में पूजते हैं इसमें कोई बुराई नहीं है नहीं कोई अश्लीलता है अश्लीलता केवल हमारे मन में होती है|
      श्रद्धा से देखो तो हर कण में इश्वर का ही वास है इश्वर ने यह स्वरुप दिखा कर हमें बताया है की मनुष्य और सभी जीव जंतु की रचना नर और नारी के संयोग से ही हुयी है जो की परम सत्य है|
      अब बात आती है की शिवलिंग को बनाया किसने तो मैं बता दूं की प्रथम शिवलिंग जो की विश्वेश्वर महादेव वाराणसी में स्थापित है वह स्वयं से प्रकट हुआ था न की किसी ने गढा कालांतर में इस अति प्राचीन शिव लिंग को इस्लामिक आक्रान्ताओ ने मंदिर में ही स्थित कुएं में फेंक दिया जो की आज भी कुए में पड़ा हुआ है|
      विश्वेश्वर महादेव के प्रकट होने की भी एक कथा है लेकिन वो फिर कभी
      आशा है की आप की जिज्ञासा का निवारण हुआ होगा
      ||जय बाबा अघोर प्रचंड||

      • raj.hyd says

        pram adarniy sri abhishek ji ! ishvar ek chetan shakti hai uska koi rup nahi hai ! jab vah nirakar hai tab usko ardhr narisvr kahana bhi thik nahi rahega ! gita me shivlimg ki charcha nahi hai! ! jab jain mat ke mahavir ji ki nagn pratima puji jane lagi jan mat ke mandir bahut bhavy akarshak banne lege tab anishvar vaadi jain mat me jane valo ko rokne ke liye yah nagn shivling bana diya gaya ! aur usme vah safal ho gaye 1 ishvar ki aradhna keval OM v gayatri mantr ke maadhyam se kyo nahi ki ja sakti hai 1 shiv ling ya anyo ko madhyam hi kyo banaya jaye ? samaj ekta ki disha banaye vikhandan ki disha ne samaj me matbhed ka janm de diya hai !

      • sandip says

        राज भाई और संतोष भाई, aisa hai shiv+ling shiv wah hai jisne isbrahmand ko banaya hai. Ling- ling ka arth hai barhmand isliye shivling ka arth hai shiv ka brahmand inhi artho me bhuwneshwar ke shiv mandir ka nam LINGRAJ hai arth huwa brahmand ke swami na ki guptang ke swami pls apne dharm pe vishwas rakhe kuch bhi hamare dharm me ant sant nahi hai problem jankari ki hai logo ko pata nahi hai ved parhne se pahle brahman, ekrey, kautikiya, aarnyak ityadi grantho ko parhne kaha jata hai tabhi ved ka vastavik gyan milta hai anyatha isitarah arth ka anarth samajhliya jata hai

        • raj.hyd says

          adarniy sandeep ji jab ishvar nirakaar hai tab usne brahmand banaya hai, shiv ka gun rudr bhi hai aur vinshak bhi hai ! isliye shiv ki aabt to is brahmand ke liye ati bhi nahi hai apki yah baat thik hai ki brahman granth adi bhi padhne chahhiye !

  17. Dipankar says

    Muhammad was a talking with allah why? Which power of muhammad hands? why muslims are not understands? What is the origins of hell and heaven? Why mohammads helping jibrial? Mohammad was uneducated but why he starts reading and writing?muhammad creates more power but he did not use why? All prophets and massiha’s are leaving but where? What is the original miracle of allah gifts to muhammad without quran? Muhammads main power was different,he meeting one thousands mirrors of allah at a time and one hundread quran also be see but how? I understand it but not openly talk about, so please forgive me.

  18. Om Prakash says

    Agniveer ji aapko bahut bahut sadhuvad, main shuru mein communist ban gya tha. Soch yeh thi ki apne shashtron mein to pakhand ke atirikt kuch nahin hai jo manav ke liye labhkari hone ke bajay uska bhautik aur mansik shoshan hi karne ki liye hai. marx mujhe vaigyanik aur manav kalyan ke path par chlne ke prerna dene wale lage to us par chal pada. Parantu kisi ne apne granthon ko padhne ki n to prerna di aur n hi purwagrah se grisit hone ke karan maine khud pryas kiya. Parantu aapka hradya se abhari hoon ki apke madhyam se mujhe apne purvajon ko janne ka jitna mauka mila uspar main gaurav anubhav kar raha hon. ki scince aaj kuch bhi nahin hai. bina bhautik sudhaon ke kitne vigyan ka unhone srajan kar dala chamtkarik hai. kripya yeh avashya batane ki kripa kar den ki hum aaryon ka nam hindu kisne rakh diya. kya hamari yeh pahchan apurn nahin hai kya. jahan tak islam ka swal hai to koi quran ke hukam ke anusar sacha musalman ban jaye to hindu aur musalman ka antar apne aap khatam ho gya.

    • raj.hyd. says

      manniy om prkash ji , jab se ham muglon ke gulam huye tab hi se unhone gair muslimon ki hindu nam se pukara , tabhi se ham hindu kahaalaye jane lage ,jaise angrejo ke samay se ham bhartiy n hokar indiyan kahalane me bhi garv karne lage bhartita ko bhul gaye hai aj bhi ham aggreji kanun ke gulam hai 1

  19. Shamshad Alam says

    Dear Agniveer, arpita ne theek kaha pakistan ka naam liye bina bhi aap apni bhawna ko prakat kar sakte the…any way aap ne kafi achchi jankari di hai…thanks and i think u have good knowledge about ur religion….aur honi bhi chahiye….har insan ko apne religion ke bare me pta hona chahiye…..but mai aap se anurodh karunga ki aap apni history bhi strong kar le…go through the original history books and find who invent the medical science, astronomy, the calender system, the mathematics..etc…..why are u dependent on mr. hasan sahab to improve your history..

    • Reshmi Sharma says

      Muslim was mostly Pirates in the middle east and yes they has good knowledge of astronomy beyond doubt. For medicines we have ayurved thousands of year back and still gong parallel to English. regarding calender system you believe that there is 355 days in year whereas our calender 2000 years back hae said that there is 365.25 days in a year, which again is proved right by modern science, so please do some more research before just commenting in anger.

    • siddharth says

      namaskar shamshad ji, accha laga dekhke ki aapne aadar se baat ki . Aapne kaha ki history strong kerni chahiye , ye baat mujhe aapse kehni chahiye kyuki aapki history strong nahi he . Jaha tak “invention” ki baat he to koyi bhi field ho invention sanatan dharm ko maane vale hinduo ne hi ki he . Kripya aap is history ko jaane ki koshish kare . Chahe medical science ho , astronomy ho , mathematics ho gyaan sanatan dharm se he . Bhaut hi sidhi si baat he , numbersystem se leke differentiation tak almost sara math hinduo ne banaya he , jisme haal ka ( recent history ) ka mathematics ho ya aetihasik ( historical ) mathematics ho . Astronomy me hinduo ne vo maharath hasil ki he jiska koyi duur tak mukabla nahi he . Aetihasik ( historical ) medical science me bhi unka koyi mukabla nahi he .Yahi se hi gyan bahar gaya jisse bahar ki duniya viksit huyi .

  20. Aaryavart says

    namaste agniveer team,
    we should use the word ‘arya’ and ‘aryavart’ . We should not use the word hindu etc. Maharshi dayanand ji kabhi bhi hindu etc word use nahi kiya. Agniveer ji please comment on this issue. Thanks :)

    • narsing says

      http://www.scribd.com/doc/8255671/HINDU-sacred-word-Hindu-in-Vedik-Scriptures
      Antiquity and Origin of the Term ‘Hindu’
      By Dr. Murlidhar H. Pahoja
      Hindu is one who discards the mean and the ignoble.
      Starting from Himalaya up to Indu waters is this God-created country Hindustan
      . For instance in the Jaugadha, separate rock edict II, the lines 3 & 4, read:
      All men are my people. I desire for my people that they may be provided with all welfare and happiness. I desire for my people, including the people of Hind and beyond and I desire for all men.
      The Edict further, says in lines 7 & 8
      Dhamma may be followed and the people of Hind and beyond may be served.
      In the Avesta, Hapta-Hindu is used for Sanskrit Sapta-Sindhu, the Avesta being dated variously between 5000-1000 B.C. This indicates that the term ‘Hindu’ is as old as the word ‘Sindhu.’ Sindhu is a Vedik term used in the Rigveda. And therefore, ‘Hindu’ is as ancient as the Rigveda.
      In the Avestan Gatha ‘Shatir’, 163rd Verse speaks of the visit of Veda Vyas to the court of Gustashp and in the presence of Zorashtra, Veda Vyas introduces himself saying ‘man marde am Hind jijad.’ (I am man born in ‘Hind.’) Veda Vyas was an elder contemporary of Shri Krishna (3100 B.C.).

  21. BUNTY says

    SIE U R RIGHT. KOI TO AAJ AISA HAI JIS KO HAMARE SANATAN DHARM VEDO KI CHINTA HAI. YE MUSLIM /AARAKSHAN LE DUBEGA.KOTI 2 NAMASKAR

  22. hari shanker tiwari says

    bahut gudh vishya ko apne uthaya hai dhanyawad lekin mitra acharya chanakya ne kaha hai

    ((JISKI HATYA KARNA HO USKI CHARCHA BAND KAR DO ))

    JAB TAK USKI CHARCHA RAHEGI USE MARNA ASAN NAHI MITRON JAB TAK ISLAM KURAN KA VISHLESHAN KARTE RAHENGE TAB TAK USKI CHARCHA AUR JIWAN BANA RAHEGA AT AV BHAIYON YE BHUL JAO KI ISLAM KURAN KOI DHARM AUR GRANTH HAI JUST LIKE GOSIP HAI SUNA NIKAL DIYA

  23. CHETAN'S KARMA says

    Samshad Alam bhai phele tu check who invent what?bcz tmhe sayad pata ni hai tum 1400saal pehle aaye ho?

    • zahid says

      kaun pehle aaya kaun bad mey ye disscuss mat karo ye dekho ki aaj tum log bache kitne hou,muslim dharam ka patan karne wale ye dekhey ki kaise unke dharam ka patan ho gaya dhere dhere ,jo abadi bachi hai hindu ki wo bhi bahut jald he samapt kar di jayegi ,tumhare dharam ka end hota ja raha hai dikhayi nahi deta tum logo ko ,
      mujhe ek bat samajh me nahi aati ki bhagwan agar puri dharsti ka vidhata hai to wo sirf bharat me he kyo paida hua aur yahi tak simit reh gaya,kya bhagwan sirf india walo ke liye hai tou baki ko kaun sambhalta hai,definetly ALLMIGHTY Allah

      • raj.hyd says

        baibal tauret jaboor quran bhi to keavl ashiya me hi ayi hao sansaarke any sthano me kyo nahi ayi ! mukhy bat sankhya nahi hoti gunvatta hoti hai machhar bahut hote hai sher to bahut kam hote hai , fir raza sher hi khalata hai is samay america duniya ka raza hai, aur bahut se muslim desh uska charan chumban karte hai !

        • zahid says

          raj brother
          agar itni gunvatta hai tou logo ne tyag kyo diya ,aur islam apna liya, Quran puri duniya me padhi jane wali kitab hai sirf asia se kya maltab hai aapka ,duniya ke har kone mey islam hai ,so sad ki itna gun hote huey bhi log tyagte gaye hindu dharam ko ,gun to islam me tha tabhi log uske gun dekh kar hindu dharam choad diya

          • raj.hyd says

            agar sankhya ki baat karenge to sabse jyada duniya me murtipujak jyada hai aur kai karod muslim bhi kabr parasti , dargaah parasti karne se nahi chukte hai 1 sansar me sabse jyada isaaihai baibal jyada padhi jati hai! yahudee ti ek karod bhi duniya me nahi hai fir bhi america me unka parbhav jyada hai bahut se arab muslim desh bhi usse darte hai ,
            \jiska jyada prachar hota hai usko manane vale bhi jyada ho sakte hai lekin uska yah arth nahi hota ki vah sachhe v achhe ho gaye. 1450 saal me bhi muslim sirf 25 % hone ka dava karte hai aur usme bhi 72 se jyada firke ! ek dusre ki hatya karne me bhi sankoch nahi karte hai yah hai islam ki gunvatta !

          • Reshmi Sharma says

            Sahi kaha. Ab dhire dhire duniya ke samne tumare av “guun ” samne aah rahe hai. isse liye sab jagah kapde utaar ker check karte hai,

        • zahid says

          agar samay rehte ankh khul jaye tou accha hai ,aap bhi apni aankhe khol lejeiy aur jis quran ka aap log jikr kar rahe hai ya jo burayi bata rahe hai wo burayi quran ki sirf vedo me hui hogi ,aur hamey mat samjhayeiy ki quran me kya burayi hai aapse jayada knowledge rakhte hai ,apne ved ki burayio ke bare mey socheiy ,aur logo ke sath usper vichar vimarsh kejeiy ,

          • raj.hyd says

            ham to har jagah sudhar ki gunjaish dhudhte hai ! aap muslim kuran ki buraiyan dhudhne me asfal rahate hai tabhi hamko quran ki buraiya batlane ka kasht uthana padta hai 1 agarved me buraiya hongi to usme sudhar ki disha sabse pahale ham khud kar lenge ! ved mane gyan hota hai uske liye hamko ap muslim ka bharosa karne ki bhi jaruurat nahi hai ! gyan ka rasta talashne me usme sudhar karne me koi dikkat hamsabhi nahi ati hai1 apka gyan quran ki buraiyan dhudhne me nahi hoga agar aap dhudh sake to hamko avashy batlaye !

          • says

            Aap raj syd ko ye rply dedena- {sure touba-1to7}-( isme allah tala farmate he ki kafiro ke sath ak sandhi thii or unhone wh sandhi tod di tabhi ye huqm aya tha ki jha kafiro ko pao unka ktl kro fir age farmaya gya agr koi kafir aman chahe to tum use sir chhhodo hi nhi blki use shanti ke sat mehfooj wali jagh pr choodo jaha wo safe ho.)

            koi bhi armi jenrel apne sipa salhar ki himmat afjahi ke liye unse yahi khega ki dushman jaha bhi mile unka qtl kro or dat ke mukabla kro wo ye nhi khega ki maidane jang se tum dar ke bhag jao ya dushmano ke aage hathyar fek do, or agr koi armi jenral aman pasand hoga or kafi achha shaks ho to wo yeh kega ki agr dushman aman chahe, apne hathiyar dalde to tum use chhod dena.
            jbki kuran me allah tala ye farmate ki dushman ko shanti ke sath aman wali jghe pr le jakr chhodna.
            zahid ji aap zakir naik ke lecture suna kariye unme kafi knowlege hoti he non muslimo ko dawat dene me mdad milti he.

            raj ji se kho ki ak dusre ke majhab me galti nikalne se achha ye he ki am apne majhabi books khud pde or jo aksa he uspr amal kre aktelaf kre se kuchh nhi hoga isme kisika fayeda nhi.or raj ko bhi Dr.zakir naik ke lecture sunne ko kahiye bager sune ya jane kisi bhi topic pr arguments krna bekufo ki nishani he wo bina sach jane suni sunai bato ko sach janlete he or uspr discussion krne lagte he.
            forward this msg to raj hyd

        • danish says

          raj bhai jis bare mai kuch jankari na ho to bolna nhi chahiye aap aur aapke ye bhai jo bhi bol rhe hai sab galat hai jo sahi history hai woh padho logo ko galat mt batao aur aap khud aapke mazhab ke bare mai nhi jante to kisi dusre mazhab ke bare mai kya jante honge science islam ki den hai aur ye baat khud science bhi kehta hai aur rahi baat kisi bade muslim scientist ki to aap Dr APJ abdul kalam ko bhul gye aur aise hi bohot se scientist hai bohot se scientist ne islam kubul kiya hai

          • raj.hyd says

            danish ji jitni hamko jankari hai ham utni hi bat rakh pate hai !
            jo hamari jankari galat ho vah aap thik karne ki koshish kar dijiye !
            kya rail motar jahaz viman top scootar, phon bijali intarnet leptop adi ki khoj muslimo ne ki thi ? aaj sabse jyada vaigyanik isaai aur yahudee hai
            jaise suraj chaand dharti adi me hamara tumhara nahi hota vaise hi majahab m e bhi hamara tumhara nahi hota hai 1 dharm sirf insaniyat ka hota hai baki koi nahi

  24. DEV says

    Agniveer Ji

    Please let me know any logical point when GOD is all powerfull why he cannot create Soul and Matter.

    Thanks

  25. Satyapal Singh says

    Agniveer ke Shansthapak Mhoday aap ko Sadar Prnam…………..
    Aaj mai pahli baar aap ke Agniveer ka hissa ban ke bada hi garv mahsus kar raha hu
    Aap ki sabhi bate nayay sangat hai parntu mai aap ko ek chota sa slah dena chahunga
    Ki aap baar-baar muslimo ko nisana naa bnaye kyoki mere hisab se koi Dharm galat nahi hota usko dharan karne vala galat hota hai Example- Ek Police vala jab ghus leta hai to eske liye vardi jimedar nahi ho skti kyoki vardi pahnne vale ke liye to kanun bana hota hai ki vo humare samaj ki racha krega lekin us vardi me chupe ensan rupi setan ko to janta ko paresan karna hota hai, Aap ko apne lekho me Hindu- Muslim ki yekata par jor dena chahiye. Mai manta hu ki aap ke paas gyan hai lekin aap apne me Bhakti bhi jgaeye kyoki bina Bhakti ke Gayan vayrth hai. Humare Hindu Dharan me bhi to log Devi-Devtao ko Pashuo ki Bali cdate hai aur fir uske mans ko Prasad maan kar bade chav se khate hai kya jine ka hak keval ensano ka hai un Janvro ka nahi aur kis Dharm Granth me likha hai ki Devi-Devata Pasuo ki bali magte hai aur agar kahi yesa likha hai to bhi mai nahi manta aur eske liye mujhe kisi ko koi tark nahi dena hai. Mere hisab se dunya me keval ek hi dharm hai aur vo hai “ensaniyat” mai to naa Hindu hu naa Muslman aur naa koe aur jati mai sirf aur sirf ensan hu. Ek baat bataeye duniya me jab ensan aaya hoga to mere hisab se Bhgvan ne ek Jodi bana ke beje honge aur usi se ensan smaj aaj etna jyade ho gaya hai to fir Mai Hindu Tu Muslman kaha se aagya. Kyoki jad to humari ek hi hai. Fir kyo aur kese etni jatiya.
    “Agar aaj bhi aap log mai Hindu tu Muslman aur na jane kya kya kahna band nahi kiya to Kisi jati ka to pata nahi lekin Ensan aur Ensaniyat Jarur es Duniya se Humesa -Humesa ke liye Khatm ho jayegi aur sirf rah jayengi Jatiya Jese ki Janvro me hoti hai Mai Sher Tu Kutta aur naa jane kya kya Tum jatibad ko nahi apne Vinash ko hawa de rahe ho Agar yesa hi chlta raha to ye smaj ek Jangal ban jayega aur Jisme honge ye Jati rupi Janvar jo ek dusre ko Maar khane ki taak me humesa bethe rhenge.
    Ensaniyat Jinda Baad. Ensaniyat Jinda baad

    • says

      Satyapalji. Aapke prem bhare sandesh se hum dravit ho gaye. Aapse vinamra nivedan hai ki aap humare facebook page par jaiye aur is site ke lekhon ko dhyan se padhiye. Humne kabhi kisi majhab ko nishana nahi banaya. Humne to bus insaniyat ko hi apne lakshya banaya hai. Ulte hum vishesh roop se aise musalmano ke baare me likhte hain jo insaniyat ke liye udaharan hai. Jaise Ashfaq, Abdul Hamid, Syed Ibrahim, Hakim Khan aadi. Aaj tabhi hazaaron musalmaan bhai aur bahan Agniveer ke parivar ka hissa hain. We bhi humari tarah insaniyat ki ibadat karte hain aur Peace TV ka virodh karte hain.

      Hum to khud yahi kahte hain ki tu hindu banega na musalman banega, insan ki aulaad hai insan banega. Aap humare facebook ke post padhiye aur fir aap janenge ki Agniveer to keval insaniyat ka hi naam hai. Aap aur hum ek hi parivar ka hissa hain.

      • Follower of prophet says

        @Agniveer
        agniveer tum Apni Badai sunkar bahut khus ho rahe hai. Murkh logo ko bevkuf bana sakto ho muslmani ko nahi.

        • ANTI MUSLIM GUY says

          Musalmanon ko bewakuf banane ki koshish kar kaun raha hai?waise bhi tum logon ko bewakuf banane ki jaroorat hi kya hai.Tum to paidaish bewakuf ho.DR JOKER NALAYAK M.B.B.S. oh sorry dr zakir naik mbbs tum logon ko aur zyada bewakuf bana raha hai.Tumhara majhaab hi bewakufi ki buniyad par khada hai.Suraj paschim se kaise uday hota hai ye batani ki himmat kisi main nahin hai.Duniya sapat kaise hai ye batane ki himmat kisi main nahin hai.Islam bewakufiyon ka e dariya hai.Is par ek puri kitab likhi ja sakti hai.Apna nam follower of prophet ki jagah par follower of the bewakuf likhna chahiye.Ken ke mendhak bechare musalman.HA HA HA

          • Farhan says

            bhai anti muslim
            ham log agar paidaishi bewakoof hai to aap log kya hai ,aapke dharam ka koi scientific reason nazar nahi aata , jisko dekho bhagwan man kar pujne lagte hou ,chahe wo currept baba Ram dev hou ya rapist asharam babu ,tumhe apne majhab ki knowledge nahi hai chale dusre ke mazhab ki bat karne,bhagwan ram bhagwan Krishna jo asal me insan they unki pooja karte hou ,hamari quran me tou duniya ki shuruwat se lekar ant kaise hona hai bahut pehle he likha ja chuka hai ,tumhare dharam ki kin bewakoofiyo ko samne rakho kitab tou kya sadi beet jayegi lekin tumhare dharam ki bewakoofiya aur galtiya khatam nahi hogi

          • One Query says

            Maa Parvati ne apne sharir ki gandagi se Ganesh ko paida kaise kiya.

            Ganesh ji ke chote se gardn me hathi ka itna bada suund kaise adjust hua .

            Koi hai, Jo iska jawab De?

  26. says

    Vedas kaa purna her admit ka perm dharm hia .vedas kaa arth he jankari hai kum gain whale se uljna murkhta kahlati hai. Tulsidass ji ne sunder kaha hai ? murkh ke hum dass hain giani ke hum GURU .MANUR BUV? BE a Man arthat Nek Insan bun.

  27. पंकज says

    अग्निवीर के प्रयास बहुत ही सराहनीय है| कृपया अपने इन विचारो का और वेदों का पूरे भारत और दुनिया में प्रचार करे ताकि असली हिन्दू धर्म का ज्ञान सभी को हो सके |हर प्रकार से हम आपके साथ है|

  28. Anku Arya says

    Chhama Karna Pankaj Apki Line Mujhe churani Padi
    अग्निवीर के प्रयास बहुत ही सराहनीय है| कृपया अपने इन विचारो का और वेदों का पूरे भारत और दुनिया में प्रचार करे ताकि असली हिन्दू धर्म का ज्ञान सभी को हो सके |हर प्रकार से हम आपके साथ है|

  29. Ashish tiwari says

    Bahut uttam baat likhi hai…….lekin me ye samajhta hoon ki agyani logon se bahas nahi karni chahiye…..unko apne haal per chor dena chahiye ……ek din sab nashth ho jayenge.

    • raj.hyd says

      ham, sabko kis ko bhi apne haal me nahi chodna hai jitni koshish ho sakti ho utni koshish jarur karni hai dosh to gyaniyo ka hai ki unhone apne gyan ka parchar nnahi kiya hai 1 agayniyo ki galti bhi kam kahi jayegi 1 parteyk vtyakti ko sahi gyandena gyaniyo ka param kartavy hai1 nadan logon ko apne hal me kadpi nahi choda ja skta hai1 yah aspatal kyo banaye jate hai? yah vidyalay kyo khole jate hai ? bimar vyakti ka ilaj sahanubhuti se ho, pyar se ho usko rog mukt kiya jaye agyaniyo ko shiksha bhi prem se diya jaye !

      • raj.hyd says

        QURAN TO “MUL KI BHUL” hai, kalpit allah, kalpit farishte – jinn, kalpit hure- gilme , kalpit jannat v jahannum . kalpit nabi rasul, satve asman ki kahani , gaay ki hatya karke murda jigvit hone ki kahani , farishto se” homo” ki kahani , gair muslimo se jehad , haytayaye adi ki bate maujud hai ! jiske karan duniya me hinsa maarkat muaham d se lekra ajn tak chala a raha hai ! galti unki bhi nahi ! quran ka pardafash karne valo ki kami hai ! ki vah parbhavshali dhang se quran ka pardafash nahi kar pate jiska jyada prachar hoga samaj me vahi parbhavshali ho sakega 1

        • ZOYA says

          kalpit allah,kalpit fariste-jinn hure sab kalpit hai hamare dharam mey ,ab aap bataye ki aapke bhagwan indra,bhramma ,Mahesh ,shiv ,ganesh parwati in sabko kisne dekha ,unhone jinhone ved likha,ya aap logo ne ,jinhone ved likha unko bhagwan ne apne pass bula kar apni mahanta ginwayi ,ya ye sab bhi sirf ek kalpana hai ,kyoki indra bhrama etc ka koi praman ho to bataye,kisne dekha kab dekha ye hame bataye ,aur agar aisa kuch hai tou ye bataye ki unhone duniya banayi kaise ,duniya pehle bani ya pehle ved likh liye gaye phir ved ke anusar duniya ko akaar diya gaya ,how ? pehle wo aaye jisne ved likha ya bhagwan ,
          aur bhi kalpit cheese hai jaise hanuman ji ne apni tail se lanka mey aag laga di kisne unhe ye sab karte dekha tha koi tha waha ,jabki sri ram ji 10 lakh saal pehle aaye they jabki ramanyan bahut bad mey likhi gayi hai ,aur valmiki jo ki 400 b.c ke aas pass aaye tou ,to phir unko kaise itna itihas pata chal gaya ,kya bhagwan ram khud aa kar apna itihas likhwa gaye ya phir ye sab unki soch hai ,ek insan ek kalpana bana li aur likh diya wo such kaise maan ley koi jo bina praman key likhi gayi ho,kya aapka dharam kalpit nahi hai ,agar nahi to iska answer dejeiy

          • raj.hyd says

            adarniy shri zoya ji kitna achha hota agaraap pahale hamare rakhh gaye prashno ka uttradete! baad apne prshn bhi rakhte 1 chaliye koi baat nahi ham hi uttar dedete hai.
            brahma indr adi gun vachak naam hai ! agarinko aap vyaktivchak mante hai toyah bhinkalpita hai ! aap bhi guno se brahma ho sakte hai koi bhi ho sakta hai !
            ishvarkya hai ek chetan nirakar shakti ka naam ishvar hai 1 jaise aapko ya kisi ko bhi naye vichar ate hai vaise hi samadhi avstha me lin vyakti ko srishti banne ke bad jo gyan aya usko bhi ved ka naam diya gaya, ved ka ek arth gyan bhi hai! usme hindu hit ya muslim hit ki baat nahi hai ,vah manav matr ke hit ke liye gyan hai! ved ka gyan sunte sunte shishyo ko mila isliye usjko” shruti” bhi kahajata hai ! hanuman ji ke”punch” nahi thi balki vah itne karmath the us samay unki “pooch” thi ! apbhrnsh hokar pooch se punch ban gaya 1 samaj me vahi parampara se chalne laga ! jo galat hai !
            apke paas kya praman hai ki valmimki 400 b.c me huye, sambhav hai ki raam ji ki kahani bhi anek pidhiya sunti rahi ho baad me valmiki ji usko likhit rup diya ho.
            jaise tulsi daas ji apne anuman se ramcharit mans likhi hai .ramayan ki koi dharmik bunuiyad nahi hai. raam ji k jivan ke kary jarur hai !
            dharm kya hai?” dusre ke saath vahi vyavhaar kijiye jo apne liye bhi pasand aye ” yahi sutrmanvta v dharm ka hai 1 manusmrti 6./92 me dharm ke 10 lakshan batlaye gaye hai — “dhriti shama damo asteyam shaucham indriy nigrah dhi vidya satyamakrodhio dashkam dharm lakshanam !” isme kahi nahi kaha gaya hai ki jo manu ji ko manega ,raam ji ko manega , hanuman, sri krishn, buddh, mahavir, nanak, isa, musa ,muhammad adi ko jab manega tabhi vah dharmik kaha jayega 1 yah sab gunvachak vichar rakhe gaye hai sansar ka koi bhi vyakti kisi bhi samudaay ka ho vah in guno ko jo dharan karega usi ko hi dharmik kaha jayega 1aurparshn ho unko bhi rakhiye !
            saath me jo hamne parshn rakhe hai unka bhi uttra dijiye!

          • pt. ashutosh tripathi says

            Mohatarma ji m ek bat apko btata hu bhgwan ko kisi ne dekha ni h vase apne v apne muhammad ji ko ni dekha hoga
            Mera dharm sanatan dharm maana jata h iska praman h ki aj v mahabharat k yudh m hariyana m dharti laal h .
            Aj v shri ram setu jo bharat ar lanka ko jodta h uska ek stone ap le aiye ar paani m rakhie vo tair jaega… Aj v afganistan m sbse purani devi ka mandir h . aj v vietnam me bhagwan ganesh ki murti milti h . indonesia m aj v 2000 saal purani bhagwan ki mandir h . hm bharatvasi h aj tk kisi ko chot ni phuchai h chahe vo muslim ho ya koi …..
            Jb dunia m gyan ka udbhav v ni hua tha to hmare yha takshshila ar nalanda jase vishwavidyalay the ……
            Hmare dharm jitna purana koi dharm ni ap janti h m ek

  30. Kashif says

    These all are fake not even you Mr. Publisher also Zakir Naik is a big fraud , you both have shown wrong picture of ISLAM , I would only like to mention here that just think and focus about your religion do not try to interfere or comment on ISLAM bcoz its not your cup of tea , so its better do not say any thing about if you do not have faith.

  31. shekh says

    कोई भी कितना भी बड़ा ही ज्ञानी होने का दावा करे चाहे ज्ञान वीर हो या अग्निवीर स्वामी दयानंद जी के मूर्खता के दावे सही साबित कर के दिखाए की सूर्य और चन्द्रमा पर मानव आबादी बसी हुयी है और धरती ही की तरह जातियां भी हैं !!! और बच्चा बच्चा जानता है की पाताल इस धरती के भीतर है लेकिन ज्ञानी दयानंद ने पाताल का नया ही रहस्योद्घाटन कर डाला की पाताल अमेरिका को कहते हैं इससे ही स्वामी जी के ज्ञान का स्तर पता चल जाता है उनके अनुयायी अंधे हो सकते हैं लेकिन कोई भी मामूली अकल रखने वाला भी हंस देगा इस तरह के दावों पर की निरी मूर्खता है ये बिलकुल स्पष्ट लिखा है इसको कोई ये कह कर बचाव भी नहीं कर सकता की प्रक्षिप्त हैं या तोडा मरोड़ा है कोई बच्चा भी समझ ले कोई गूढ़ अर्थ भी नै अब देखे की स्वामी जी के इन शेखचिल्ली दावों को सही कैसे ठहराया जाता है

    • raj.hyd says

      swami dayanand ji ne kab kaha ki sury me manav baste hai chandrma ek grah hai usme is dharti ke manushy ja chuke hai 1 kya dharti me amerika nahi basta hai patal ka arth apne desh ke niche hai aur america thik 12 ghante ke samay ka antar bharat se hai ! ab ap sabit kijiye muaham md ji meraz yatra kaise saty kaha ja sakta hai ! chandrma ko ek ungli ke ishare se kaise vibhajit kiya ja sakta hai !quran ko farishte kis “tarike “se laye ? kis vaahan ka upyog unhone dharti me ane ke liye kiya ? kya qurani allah sidhe muahammd ji apna sandesh dene kamjor the ?dekhe quran 11/77-81 jisme hazarat loot ki basti me rahane valo ki bhid farishto se” homo” sex karne ko utavle the ! yani farishto se sex sambhav tha ! dekhe quran 2/-67-72 jisme ek gaay kihatya karke uske maans se murda jivit ho jata hai ! batlaiye kya aaj bhi ho sakta hai/ fir usko jhuthi kahani kyo n samjha jaye ! dekhe quran 2/65 aur 5/60 jisme qurani allah ki nafarmani karne ke karan kisi giroh ko bandar vsuar bana diya tha batiye “kis tarike” se qurani allah ne unko janwar bana diya tha ! aaj 1440 saal ke baad bhi aaj to sansar kikarib 600 karod ki abadi qurani allah ko hargij nahi manti hai batlaiye kitne manushyo unhone janwar bana diya hai ! aap iska atmanthan kar lijiye qurani allah ki kahani kitni shekh chilli ki hai ap muslimo ka dava hai ki qurani alalh sansar ke nirmata hai ! jab ki swami dayanand ji ek manushy the unse kuch galti bhi sambhav hai !swami dayanand ji ne yah kaha tha ki jo kuch bhi ham kahate hai vah saty nahi hai jo apko apni buddhi me hamari bat apeel kare usko ap saty maan sakte hai ! ham swami dayanand ji ke gulam nahi hai ! ap sab qurani allah aur muhamm d ji ke ankhmeechkar gulami karte hai !

      • zoya says

        quran kis vahan se layi gayi ? ye ques hai aapka ,quran layi nahi gayi nazil hui ,kabhi aap logo ne apne dharam mey miracle nahi dekha na ham log hote hai bahut se miracle ,aur jo 600 karod ki abadi quran ko nahi manti khuda ne such me bandar vsuar bana diya ,lekin aap logo ko pata nahi chal raha hai bandar isiliye kyo aap log ka mind kam nahi karta aur aap log Quran aur nabi rasool ki tabhi burayi kar rahe hai ,aur asur isiiye kyoki aap log aisa karne key bad bhi nahi soch pa rahe hai ki aap log kar kya rahe hai,aur ye aap kya explain kar rahe hai homo sex and all ,ye aap logo ne nayi quran likh di kya ,quran me itni behayi nahi di hai kahi bhi

    • raj.hyd says

      hamne isalm ke sambandh me kuch prashn rakhe hai kya koi” maai ka laal” muslim jo muhammad ji ka “ashikane rasul” samajhata hai jo quran ko allah ki kitab ki narebaji karta hai ! hamunse apne parshno ka javab chahenge varna un muslim ko quran ki sangati turant chod dena chahiye !

  32. गोकुल सिंह says

    धन्यवाद आप ने हिन्दू धर्म के बार में इतना अच्छा लिखा। पर हम अपने धर्म की सफाई इन बेवाकुफ्न्फो को किन्यु दे ।अगर हिन्दू धर्म ग्रन्थ को वेज्ञानिक अधर पर परखना ही है तो पहले सअरे हिदू ग्रंथो को पड़ओ अपने आप गायन बेध जायेगा ।अध् जल गगरी छलकत जाए वाला हाल है इनका

  33. narender sharma says

    pyare bhaion, bacha jab paida hota hai usko nahi pata hota uska dharam kya hai jab thoda bada hota hai usko bataya jata hai baad mei wo usi dharam ka gungaan karta hai.dharam jaati k naam par is tarah k comment karna samjhdhaari nahi hai sab thik hai lekin insaan ki soch galat ho jati hai.
    dhanyavaad

  34. Dnyaneshwar patil says

    thnks for admin ji aap ne ek bhau mule dnyan diya hai jo ki aaj kal ke hindu yuvoko bhaut jarure hai aapna hindu dharum aise hi nahi sanatan bola jata hai jay shree ram

  35. raj.hyd says

    adarniy farhan ji bhartiy samaj me to jo galtiya hai usme sudhar ki gunjaish bhi hai lekin islamic samaj me koi sudhar ka rasta bhi nahi hai ! kalpit allah, kalpit farishte- jinn, kalpit jannat aur jahannum, kalpit nabi rasul kalpit 124000 nabiyo ki fauj , kalit hure- gilme kalpit saat asman adi ski lisht to baut lambi hai

  36. zahid says

    raj ji ,aap kyo galti karte ye batane mey ki dargah aur qabr per pooja hoti ,dargah aur dua hoti hai pooja nahi ,jis cheez ki aapko knowledge na ho uski bat na karey tou accha hai ,waha ja kar bhi dua allah se he mangi jati hai, itni bat bhi jante nahi hai chale hamey quran ki bat batane ,jis Quran ka zikr aap ya agniveer ji kar rahe hai wo sirf vedo me milta hai ,ab aap he batayeiy dosh kisme hai vedo me ya quaran me kyoki vedo me sahi knowledge di nahi gayi balki dusre dharmoh ki burayi batayi gayi hai ,aur terriorst musalman oh my god aap log america aur hindu ka nam lena kyo bhool jate hai ,ek america hai jo puri duniya me tabahi machaye hai use bhi terriorst kahiey aur hindu kya musalman ko nahi marte ,aisa nahi hai bus hindustan me uska zikr nahi hota ,

    • raj.hyd says

      param pujy shri zahid ji kya apki nigah me dargahe aur kabr masjid ke “hi” barabar hai ? kya dargaho me jakar muslim shish nahi jhukate hai ,fool agarbatti chadar nahi chdhate hai ? kyabyahi kary vah masjid me karte hai? ky jo dargaho me karte hai kyavah kisi mandirme kar sakte hai! fir yah pakshpaat kyo yah doharapan kyo ? dargaho me jakar duaye mangne ka adesh kis quran ki ayat me hai kya aap batla sakenge ? apki nazar me quran badi hai ya vah dargahe ?
      kya quran ko ved ki nazar se aap padhte hai ?
      batlaiye kitne hindu dusre desho me jakar atankvad failata hai, kiytne abtak pakde gaye hai kya islami atankvadi begunah manushyo ki hatyaye nahi kar rahe hai agar america galti karta hai to uske viruddh kaun ladega ? muslim desho ki sarkare ya ek aam muslim ? aap bhi to muslimhonh=ge aap kyo nahi america jakar yuddh karne chale gaye ? kya aap sachhe muslim nahi ho ?fir kyo un islami atankvadiyo ka samarhan karte hai? iraq me shiya muslimo ki hataye ki jati hai ,kenya ke maal me aammanushyo ki hataye ki jati hai pakistan me isaiyo ki hataye ki jati hai kya isko nislami atankavaad nahi kahajayega ?
      jab is desh me naksalbvadi hamla karte hai tab kya koi muslim ko dosh deta hai ? tabram vasi hindu hi dhudhe jate haijab bazarome bam visfot hote hai tab muslim pakad me ate hai unko islami atanjkvadi kyo nahi kaha jayega!

      • ashique ali says

        Bhai my sirf aap se sirf 1q.. Karna chahta hu ….
        Aap to itne bade gyani h to mere ashan se sawal ka jawab to aap de hi denge shayad aap jo mas machhi se itna ghiddna karte h ye bta sakte h ki jab ashw yag ke nam par pandit ji log kitne ghodo ka katl kya karte h aaur ur uska mans ko prashd bnakar aur som ras ka sewan karte the…
        Bas aap unhe aghori to nhi bulayenge kyu ki aghori to puja nhikarte….aur yek chij kijo aap log durga ji ko bali dete h fir aap aur aap pandit jiusi ko prashadbnakr kha jate h….
        Aur yek chij agar mhadew ji wakye me bhag wan the to wo aapne bhakto ko wardan dene ke bad khud jan ki duhai laga kar wha se kyu bhagne par wimarsh ho jate h… Balki unhe to pahle se andaja ho jana chahiye ta kiyuki akhir kar wo ek bhagwan jo tahre …
        Aap jab har yek chij jante h to aap ke liye ashan hoga batana shayad aap ko ye majak lag rha hoga jab bachcha galat rasto par jata h to uske pari warwale shahi rasta dikhate … So aap jyeshi hi mayne ne namr niwedan ke shath apna shwal rakha h wayse hi namrta se jawab chahta hu kyu ki mye jahil nhi hu ki khuda yek h aur use bulane ke ttarike alag h…
        Aap apni gyan ki kitab me ek cheptar aur notis kar lijiye gaki jab pyegambar ana sagar ko apne katore me samaneki takat rakhne wale pir the to aap to mohamad tak phuch rhe h…kkhane ko to bhut h batane ko bhi bahut h par bas ab aap jab math ki bate hi kar rhe hto shoch kar sawalo ke jawab dijiye ga kiyu ki galat jawab par jo ap ke fian h wo hi hamse aap ko milane ke liye majbur kar denge sare bhai yo ko mera good luck aap pyara dost ashique ali…

        • raj.hyd says

          adarniy shri ashiuqe ji aap apni baat dhang se rakh nahi paye ! ya ham apki baat thik sesaamjh nahi paye. fir bhi batlaiye aap apne jivan me kab ghode ki hatya karte huye kisi pandit ko dekh hai auruska prashd bantte huye dekha hai ! suni sunaai baat apne kar di hai ! ashvyagy ka arth hai ashv ka bhala chshna n ki uski bali chahna kyoki pahale log ghode ki savari kartethe ratho meusko jotate the !
          ab aap batlaye ki 124000 nabi rasul ki lisht kis islami sahity me mil jayegi ! ya yah keval ek “narbazi” matr hai
          agar alalh ke paas nabi rasul bhejne ki sifat [gun] the to kya ab allah ke yah gun samapt ho gaye ! agar allah anadi hai ananat hai to uske sabhi gun bhi anadi rahenge aur ananat bhi rahenge vah kabhi guno se apang [gunheen ] nahi ho sakega !
          simit karm ka fal bhi simit milega kyo anant fal mil sakta hai ! jannat v jahannum anant kyo milne ka vaada kiya gaya !
          allah hi to ananat hai n ki jahannum v jannat vale ananat rah sakenge tab to vah bhi is gun me allah ke barabar anant ho jayenge !

          • Krishnarao says

            And I forgot to point out, he has a Masters in English and Arabic. He used to be part of the Dawa society and he wrote four child’s books on islam. Later in is life he realized the religion wasn’t for him. I got a chance to send him a message. I asked him what he thought about meditation, and he said he would like to try it one day.

          • aashique ali says

            Ji aap ki bat se mye shaat hu par aa ne mrre pure sawalo ke jawab to dii jiye tab to kuchh samajh me aye … Khuda apni nabuat hata liya h magar apbando ko sifa pahuchane ke liye wo piro ko hamare pas bhejta h jo nek hote h jinka dil aina aur jinke chah re par nur hota h h jise dekh ka mano jannat ki jhalak dikhti ho jiski sarir khatm (parda)hone ke bad bhi apne jalwe se sare logo ka bhai karta h to jab hamare pir ki ye shan hoti h to hamare nabi aur allah ki takat ya uske anant hone ki bat ap kareng … khayer aapek shawal bataiye ki jis wastu ka nirmad hota h to wah khatam bhi hota h agar wah khatam ho jaye to aap use bhagwan ki jagha na denge lekin jab aap ye bataye ki jab duniya khatam ki ja rahi hogi to suraj chad mitti hawa pani matalab sari chije katm hojaye gi aur ye pure dharm ke akhir par likha gya h to jab aap ne inhi chijo ko apna khuda man rakha h to kya hoga agar ye khuda h to inhe jivit rhna hoga kiyu ki khuda kabhi bhi ni marte aap nalej me bata du ki mye nato koi hafij hu aur na hi koi maolvi hu bas mye to yek khuda ka nam lene wala mamuli sa ek banda hu..bas bataderaha hu ki khuda sab ka ek h jiski san me gustakhi mujh mamuli insan se bardas ni hoti chahole o bhagwan ho ya khuda ho agle pej ko dhyan se padiyega malum chal jaye ga..

    • Aurangjeb says

      Jahiliyat ki had hoti hi lekin kuch jahil apni hado ke paar hi wo waqt door nhi jab na inka saani hoga aur na saaya

  37. says

    we are one .to make a gentle man it is the aim of the human being.to make a gentle it is my Real RELIGEN .ARE you know this. TO MAKE A MAN > IT IS REAL RELIGEN. ALL THE BEST WE ARE ONE AND ALL ARE SONS OF GOD<ALHA <ISHVERok.

  38. raj.hyd says

    agar khuda jine nabuvat ahat li yani apne siddhant chod diye ! jo apne siddhant hi chod devah kis baat kka allah ? kal ko vah dusre sidhant gadh lega !
    bhagvaan v ishvar me bahut antar” bhi” hota hai doctor ko nyayadhaish ko bhi bhagvaan kahdiya jata bhagvan mane kya ? jo ahsvaryshali ho uskobhagvan bhi aam janta kah deti hai ! jaise ajkal sachin tendulkar ko bhagvan kah diya jata hai !
    alah me koi sachhai nahi hai ! is par ap gaur farmaiye !
    aap apni baat achhe dhang serakhiye apko utra bhi thik se milega !
    allah ko akela kahan muslim mante hai janangt jahannum farishto ki fauj . kalpirt rasulo nabiyo ki fauj ko bhi saath me manana padta hai ! fir akela alalh bhi kahaan raha ? ishvar ko akele bhi mana ja skata hai !

    • says

      YES..!!! ITS TRURE……..! JO LOG MURKH, AGYANI HOTE HAI, VAHI LOG EK DUSARE KE DHARM KO NICHA DIKHANE KA NICH-KARM KARTE HAI. VASTAV ME KISI DHARM NE INSANIYAT CHHOD KAR CHALANE KE LIYE NAHI KAHA… MANO-VAIGYANIK KAHTE HAI.., JO MANUSHYA AAPANE AAPKO UCHA DIKHANE KI KOSHISH KARTA HAI… VAH AADMI MANSIK DRUSHTI SE KAMJOR HOTA HAI.. …. HAM SAB EK HAI, IS BHAVNA KA ANAND HI KUCH AUR HAI. VIPRIT SOCH WALE MERE BHAINYO KO MERI HATH JODKAR BINTI HAI , KI NAI PIDHI , NAYE SAMAJ KO ACHHE SANSKAR SE SHU-SHOBHIT KARO….!!!!…

  39. raj.hyd says

    adarniy fatma ji , quran ki surat tauba me hinsa ki bate jyda hai katl ki bate hai !
    bangla desh bante samay pakistan ke 91000 fauji ne atmsamarpan kiya tha ! unme se kisi bhi sainik hatya nah ki gayi thi !
    maha bharat ke yuddh me din me yuddh hota tha , raat me apas bate hoti thi , hasi mazak hote the , dukh sukh ki bate hiti thi , nitiy ka sangharsh hota tha , vah ek saat kan yuud tha !
    muahamm ad ji ne nazar bin haris ko yuddh me kaid kiya iske bad uski hatya karvai ,aur kahaki yahbquran jaisi ayat banata hai isliye iski hatya zayaj hai !
    muhamma d ji ke sasur umar ji ne ek muslim ki is liye hatya kar di ki vah apne tarike se quran ka path kar raha tha ! muahamma d ji ne unko saza bhi nahi di ! itne jyada pakshpati the muahamma d ji .
    jab ishwar ek hai , dharti ek hai sury ek hai chndrma ek hai to dhrm ek kyo nahi hai ?
    dharti sury adi par vivad kyo nahi hota ?
    quran adi par vivad isliye hota hai ki usme paraspar virodhi bate bhi hai, manvta virodhi quran ke sandesh hai !
    dekhe quran 8/65,66 jisme gair muslmo se jehad karne ko kaha gaya hai , agli ayat me 100 ka mukabla 1000 se karne ki bat ka ulta 100 se 200 ka mukabla ki baat kah di yani qurani allah yah nahi jaan paye ki muslim ki shakti kamjor hai ! jo itni badi galti karta ho usko kya allah bhi kyo kaha jaye !
    hamzakir ke karyalay jakar unke shagirdo se batchit kar chuke hai vah hamari bato ka javab bhi nahi de paye the ?
    zakirji ne bhi hamko santusht nahi kiy tha ! zakir ji bhi yahkahate haiki quran ki 20% bate abhu saty nahi ho payi hai “inshaallah ” yah age saty ho sakti hai ? jo quran 1450 saal me saty n ho paya ho vah age bhi kaise saty ho sakta hai ! 1450 saak samay bahut jyada hota hai ?
    kisi ko bhi kisi bhi samuday ke vishy me bolne ka pura adhikaar hai ! sabhi apne hai, apno ki kamiya batlana usko dur karvana kyo bura kaha jayega !

  40. A.Raj says

    Aap sab jo kisi ke bhi dharm ko kuch bhi kah rhe ho ye sab galat h mai yah kahna chahta hu ki jab aap ko khud pta nhi h ki konsa dharm schcha h jabki maine hindu dharm ki kitabo Me maine kahi bhi nhi dekha hindu dharm shabd to phir aap sab kaha se hindu dharm sabd ka naam lete h.
    Mujhe btaeye

    • raj.hyd says

      A.RAJ ji. hamne kya galat likha hai vahto apne batlaya nahi hai ! fir jhuthi bat kahane se kya laabh hai ?
      apki yah baat saty hai ki hindu koi dharm nahi hai apitu vaidik sanatan dharm hai is desh ko hindustaan muglo ne kahana chalu kiya usi se is desh ke vasiyo ko hindu kaha jane laga hai !

      jaise angrejo ne is desh india kaha auris desh ke rahane valo ko indian kahne lage the !

    • raj.hyd says

      rajazez ji,hamne kuran ki ayat ki sankhya[sandarbh,saboot] pesh kiya hai vah ap dekh lijiye !jab galat nikle tab aap ham par bakvaas likhne ka arop jarur lagaiye !
      agar quran me bakvaas hai to uski bakvaas likhne me apko pareshani nahi honi chahiye!
      ham apka uttar jarur chhenge !
      bahut se muslim is manch se bhaag jarur jate hai
      aap aisa mat kijiyega

      • salman says

        musalman jo jankaar hai wo bhagta nahi hai bulki kuch hi time baad uske solid jaankari wale comment ko remoove kar diya jata hai.

        • raj.hyd says

          ham shri zakir ji se bhi baatchit ka chuke hai vah bhi hamko santudht nanhi kar paye hai unke mumbai sthit karyalay me bhi ham anek baar ja chuke hai unke shagirdo se batchit hoti hai unko bhi maun hona padta hai !
          zakir ji bhi anek baar aisa kah chuke hi ki quran me abhi tak 20% ayate saty nahi ho saki hai “inshaallah ” vah bhi saty ho jayengi !
          hamara kathan hai ki jab vah quran ki ayate 1450 saal ke lambe samay me saty nahi ho payi to ab kya saty ho sakengi
          quran to mul ki bhul hai ! ishvar ka apman hai , ishvar ki ijjjat usme bahut kam hai ! kalpit farishte ,kalpit jinn, kalpit hure,kalpit gilme , kalpit jannat v jahnnum adi !
          simit singhasan me baithane vala kabhi ishvar nahi ho sakta !
          simit karm ka fal kabhi asimit janant v jahannum ke rup me nahi mil sakta !
          ishvar apna gyan sidhe deta hai jaise musa ko dene ki baat quran me ati hai ishvar itna kamjor nahi hota ki usko gyan dene ke liye kisi farishte ki sahayta lene ko majbur hona pade !
          jaise koi apradhi kitna bhi shatir kyo n ho kabhi n kabhi usska raz khul hi jata hai vah aparaadh karne ke baad koi n koi chinh chod jata hai jiske karan vah pakda jata hai vahi haal qurani allah ka bhi hai !
          aap bhi nishpaksh roop se quran ko padhiye apko bhi usme bahut si galtiya nazar avashy ayengi ! bas, thoda sa dimag lagaiye , bhavukta se usko mat padhiye ! itni gujarish ham jarur karana chahenge !
          ap ya any koi bhi muslim kitni bhi koshish kar le vah quran ko 100 % saty nahi kar payega ! beshaq quran me bhu kuch achhi bate bhi hai ! lekin buniyadi rup se galtiyo ka” bhandar “usme shamil hai
          achhaiyan to raavan me thi ,aur raam ji me bhi kuch kamiya bhi jarur thi !

  41. A.Raj says

    raj.hyd ji apne kaha ki hindu shabd muglo ne kaha joki saty h kyonki muglo aur angrejo ne to sirph hmare bharat desh ke lie kaha tha dharm ke lie nahi
    Phir aaj eska use kyo kiya ja raha h joki sanatan dharm ke bilkulkhilaf h konki sanatan dharm ki kitabo me jo bhi kuch h kalki autar ke bare me

    • raj.hyd says

      A raj ji , jaise muslim ko musalmaan , mohammadan bhi kahate hai vaise hi sanatan dharm ke manane valo ko hindusrtani hone ke karan hindu dharm bhi kahane lagte hai jabki yatharth yah nahi hai !
      kalki avtara me kiis rakshas ke ane ka jikar hai ! zakir ji us baat ko thik se samajh nahi sake usko unhone muuhamamd maan liya 1 unke kahaneke anusaar apne bhi maan liya
      ham sabhi muslim samuday se puchna chahenge ki anjane me zakir ji bhavishy puraan ko saty maan rahe hai 1 kya kuran bhavishy puran ko svikaar karti hai ?
      kya islam bhavishvaktao ko svikaar karta hai ?
      falit jyotish ko kabse islam svikar karne laga ?
      avtarvaad kabse islam svikar karta hai
      iislam avtaravaad manta hai ya rasool nabi vad manta hai
      yah muslim samudaay tay kar le !

      fir kyo kalki avtar ki baat karke muslimo ko bhramit zakir ji karte hai ?
      bhole muslim unke bahakave me bhi aa jate hai !

  42. mohammadjaved says

    Mere sabhi hindu dosatonse kehna hai ki aap aapni baat aapnepashi rakho.hamlok tv.serial dekhte hai aur ham bachpanse dekh rahe hai najdikse hindu dharamko.aap safaiki bat karteho to aghory kaya saf rehte hai.jsha insani ling aur yony pujte hai ye koi pujneki baat hai.jis tarah pita ek matabho ekhi hoty hai isi tarah Allah bhi ekhi hai.ye baat aapto samaj nahi sakte jise ji chahe bhagwan bana liya.aap lok pehale aapne isharko samjo wahi bahot hai aapkeleye.

    • raj.hyd says

      t v siriyal saty nahi hota manoranjan usme hota hai. yah dharti kisi hai , sury kiska hai kya isme apna paraya dusra kuch hota hai ? fir usko banane vala ishwar apna parya kaise ho sakta hai !
      aghori samaj ke adarsh nahi hote hai ! kitne partishat unka acharan karte hai ?
      yah baat saty hai kiishvar ek hi hota hai lekin allah kabhi ishvar nahi hota hai ! allah to ishvar ki qvality girata hua quran me maloom hota hai ! patthara ko samman dena bura hai vah koi bhi de !’
      kaaba ko chumna. quran ki kitab ko chumna ,” sirf” kaba ki disha me namaz padhna yah bhi jadta hai usse toachhi tasbeeh ka dhang thik hai !
      haz ke dauran marva pahadiyo ke chakkar lagana , shaitaan kahe jane vale teen stambho ko kankar marna yah saba jadta ki nishani hai yah kuran v muahammad ji sikhla gaye hai usko bhi chodna chahiye !

  43. A.Raj says

    The name of the father of kalki avtar(prophet Muhammad) would be vishnuyash. Vishnu is not the name of a god in a trinity. It is the name of the attributes of one God(Rigveda 2:1:3; also R.V. 1:164:46). Yash means slave. Vishnuyash means the slave of God.
    Abdullah=
    Abd Allah=
    slave of Allah

    • Krishnarao says

      Bro, There is no such thing as aviators or prophets or son of god or godman or any of that nonsense. Vedas do not talk about any of that. There is just people and people who were enlighted, yogis. And anyone can reproduce what those Yogis/Rishis have done. Simple as that.

    • Krishnarao says

      prophethood is prejudice and more specifically racist. To make a claim that some specific person in some specific time period was the only person that can connect with God and no one else can reproduce the experience he or she had is racist. I’m sorry but prophethood and even godman or son of god or even aviator is all racist bullshit. I have no respect for those concepts. I believe in the liberating and equal system where anyone can learn the processes and techniques that some so called prophet or godman or son of god or aviator used to connect and download the knowledge from God so everyone can reproduce that experience personally in them. Anyone who claims to be a prophet or godman or son of god or aviator propagating racism because they are not pushing for a equal system where everyone has access to download God’s information and more importantly God’s experience directly.

  44. Om prakash says

    Dr.Zakir naik ko to khud pta nhi h ki islam dharm me kis tarh ka kapda pahnna chahie to wo kya btayenge ki kalki avtar kon h snatan dharm ki jo kitabe kalki puran,bhavishpuran,rigveda etc me jo kalki avtar ke bare me diya hua h to snatan dharm ke manne wale kya kahte h wo apni hi kitab se btae

  45. Om prakash says

    Mahabharat me Krinsh ji Arjun se kahte h
    Snatan dharm 5 chijo ka naam h
    1.Brham sutr (ekm brhama dutiye nash)
    2.Saastan krtabhyati(8 ango ko rakh kar eswar ki puja kro)
    3.Danpan krtabhyati
    4.Brtdhari
    5.Tirthyatra krtbhyati !
    Islam dharm me bhi h jo aap sab jan rhe h
    Ye 5 chij

    • raj.hyd says

      adarniy shri om prakash ji islam me 5 maulik chije kya hai, vah bhi aap jarur batlaye ? kya apne quran ko padha hai ?

  46. Om prakash says

    Mahabharat me Krinsh ji Arjun se kahte h
    Snatan dharm 5 chijo ka naam h
    1.Brham sutr (ekm brhama dutiye nash)
    2.Saastan krtabhyati(8 ango ko rakh kar eswar ki puja kro)
    3.Danpan krtabhyati
    4.Bratdhari
    5.Tirthyatra krtbhyati !
    Islam dharm me bhi h jo aap sab jan rhe h
    Ye 5 chij

  47. Krishnarao says

    There is no such thing as a prophet. Anyone who claims to be a prophet is a RACIST. And anyone who supports or promotes the concept of a prophet is supporting RACISM.

    • AGNIVEER ka dimag khrab he says

      PRIY AGNIVEER,
      aapne likha he ‘SCIENTIFIC ERRORS IN HINDUISM’ -PRITHVI STHIR HE
      yahan par apka sochne ka tarika bilkul galat he. ‘he manushya! jisne is kanpti hui prithvi ko shir kiya he woh indra he.’ yeh pankti RIGVEDA ki he aur iska matlab earth ke rotation aur revolution se bilkul nahi he. yahan pr sthirta ka mtlab prithvi ke ander chal rahi jeevan ki uthal-puthal ko sthir karne se hai. aur aap yeh bhi nahi jante ki pehle ke maharshi ‘LAW OF INERTIA’ se bhi kai bade-bade ‘LAWS’ se bhi acchi tarah parichit the. aapko apni CHHINN buddhi ka upyog POLITICS mein karna uchit rahega…..

  48. Satanand chaubey says

    mujhe kuch aishe raj ke bare me bat karna hai jo mai aishe khuleaam nahi kar sakta.. please help me and contect me on social network as like facebook.please search me … satanand chaubey

  49. Satanand chaubey says

    shayad wo hamare “DHARM AUR SCIENCE” dono ko ek sath jodta………… hai… aur uska topik hai BLACK HOLE..”STEFEN WILIAM HOKING” jo ki is mamle me kafi khyat pa chuke hai . par ise dharm aur hamare sience ko jod nahi pate . bas unke new event ko apne purane vedo se jhod dena chahta hu..aapka SATANAND G MAHARAJ……. BOLE TO CHAUBEY GGGG………..

  50. A.Raj says

    Om prakhash ji ne Mahabhart me 5 chijo ko btay jo sch h . Aap sab jante bhi honge. islam dharm me bhi yh 5 chij(buniyad) h-
    1.Allah ke siwa koe dusra nhi ibadt ke lie
    2.Namaz(saastan)
    3.Roza(brat)
    4.Jakat khairat(danpan)
    5.Haz(tirthyatra)
    Krishn ji arjun ko btate the aur krte bhi the.

    • raj.hyd says

      A .Raj ji , 1 jise aap allah kahate hai vah ishwar ki nakal karne ki ek” adhuri “cheshta matr hai [ek loola- langada type ka hai ] aal ko kahajayt hai ki vahsatve asman me ek singhasan me maujud hai ! uske singhsan ko farishteuthaye huye hai jabki ishvar sarvvyapak hai uska koi vishesh singhasan nahi hai 1 uskka koi sandesh vahak nahi hota hai , jabki allha uske liye mohtaaz hai !
      beshq ishvar ki aradhna honi chaiye !
      [2] namaz mebandish hai 5 baar karo tasbih me koi bandish nahi hai jab ichha ho tab karo kis bhi disha me karo,
      ishvar ki ardhna me bhi koi bandish nahi hai kisi bhi disha me karo jab ichha ho ta karo ! isliye namaz vyarth hai ! uthne khade hone, sizda karne se ishvar ki aradhana ka koi matlab nahi hai ! shanti se ek hi sthan me kahde hokar letkar ya baithkar jisme araam ho usi madhym se ishvar ki ardhna ho sakti hai
      [3] ekmaah lagatar vrat [roza ] vyarth hai ! jab vyakti bimar ho bhojan ki ichha n ho ajirn adi ho tab bhojan mat karo ! lagatararoza rakhne se kary karne ki shakti kam ho ti hai ek bechara majdur riksha khinchne vala vyakti bhukha rahne se jyada maehanat nahi kar pata uski majduri kam milpati hai ! to roza ek majdur ki majduri rokti hai isliye roza nahi hona chahiye ! achhe gun dharan kijiye achhe baniye ! n ki roza rakhiye
      [4] daan dijiye lekin daan ka koi badhyta nahi honi chahiye ! 2.5 % ki badhyta daan nahi kaha jata balki usko tex [majburi] kaha jata hai ! tex me shraddha nahi hoti 1 ek majahabi majburi hoti 1 daanme apni samarthyta hoti vah 2.5 % jyada v kam bhi ho sakti hai ! udyogpati prem ji ne apni puri kamai ka 25% se jyada , asmarth logo ke liye daan ka khajana khol diya ! microsoft vale ne to apni kamai ka 50% se jyada daan dene ki ghoshn akar di ! yahsab apni ichha se kiya koi isme badhyta nahi thi ! isko daan kahajata hai ! bahutpahale rana pratap ke liye bhama shah ne bhi apna sara dhan [thoda sa chod karke ]daan karne ki ghoshana ki thi
      islye daan sveksha se hota hai vahi sahi tareeka hai !

      • raj.hyd says

        A Raj ji ,[5] haz karna bahut bura kary hai 1
        jab ishvar sab jagaha hai tab haz kyo kiya jaye !
        kaba patthar ko kyo chuma jaye
        kyo uske chakkar lagaye jaye
        kyo marva pahadiyo ke chakkar lagaye jaye
        kyo shaitan kahe jane vale teen stmbho ko kankar mare jaye
        kyo kisi janvar ki hatya ki jaye ?
        haz karne ke liye is desh se karib ek laakh rupya barbad hota hai utne se to ek garib admi padh sakta hai
        uska rojgaar chaloo ho sakta hai !
        bahut se hamne haziyo ko dekha hai haz se lautne ke baad bhi purni tarah se galiya dete rahate hai 1
        vah hazi nahi baliki unko pazi kahana chahiye !
        koi haz ho ya tirthyatra sab vyarth hai !
        bhale hi koi bhi samudaay yah karta ho !
        bhid se vyakti ko bachhne ki koshish karni chaiye kab bhagdad mach jaye apni jaan vyrathm me chali jaye
        dhan ki barbadi samay ki barbadi jarur hoti hai
        jisko ghumne jana ho vah bat alag hai 1
        usme badhyta nahi balki ek ruchi jarur honi chahiye !

  51. A.Raj says

    Bahut sare mahan(great) mnushy aaye par ye bat nhi kahi ki tumsb mujhe God kaho
    Jaise Ramayan me likha h- Ramm mha prusham asti(Ram mhan prush the, yha tak ki mriyadaprushatam the).
    God nhi,
    God wah h jo hmesa se h aur hmesa rhege.Koe use dekh nhi skta.
    Kya God
    a. Only One h ya
    b. 33krors

    • raj.hyd says

      A .Raj -manushy koi ate nahi hai koi bheje nahi jate .
      balki svayam apni samarthy se achhe ya bure bante hai 1 raanm ji bhi apne achhe sanskar se apni samarth se achhe bane the 1 apki yah baat saty hai ki vah koi god[ishvar ] nahi the
      ——–
      33 karod nahi apitu 33 parakar devata kahe gaye hai
      devta kya hai? jo sabhi ko achha de 1
      jaise vayu dharti sury adi
      yah sabko dete hai !
      isliye inko devta ki sangya di gayi hai
      ! vah bhi pujniy hargij nahi hai kyoki yahsab jad padarth hai !
      “levta ” kaun hai jo samaj se chinkar, thagi karke loot karke khate hai vah” levata” kahe ja sakte hai !
      —–
      ishvar kaun hai?
      jo hamesha se hai aur hamesha rahega 1
      saath me uske sabhi gun bhi hamesha se the ,aur age bhi hamesha rahenge 1
      allah ko ishvar jnahi khaja sakta hai !
      kyoki allah kahata hai ki usne 124000 nabi rasul bheje hai 1]
      agar ishvar ke paas aisa gun hota to vah age bhi rahata !
      kya allah ka yah gun ab samapt ho gaya !
      jiska gun samapt ho jaye iusko ishvar kyo kaha jaye ?
      yani ishvar ek gun se ab vanchit ho gaya 1
      kya jiska gun samapt ho jaye usko ishvar kahana chahiye !

  52. A.Raj says

    Islam dharm k kanun ko janne k lie hindu log apni dharm k kitabo ko pdhe.
    Sirf ek Ishwar h usiki upasna kore. Rigved6:45:16
    Mitti patthar aadi ki Murtiya dev ya Bhagwan nhi hoti h. SrimadBhagwat Mahapuran10:84:11
    Ek ishwar hi puja k yogy aur sabhi pijatiyo m stuti k yogye h. Artharvved2:2:1

    • raj.hyd says

      isse bhi yahi siddh hota hai ki ved adi se hi kuran ne nakal karke ek ishvar ki adhuri kalpna pesh ki hai .
      isliye islam ka kanoon bhi kyo jana jaye ?

  53. A.Raj says

    raj ji apne kaha ki ved se nakal ki gyi h kuran jo ki dharm ke anusar saty nhi h. Par apke anusar kahna h ki ved se nakal krke islam dharm ved ke niymo pr chlte h aur kuran ke niymo pr to chlte hi aa rhe h. Pr aap sab to jis dharm ko mante h us pr to chal hi nhi rhe h. Aap se sidh hota h. God 1 h

    • raj.hyd says

      adarniy shri A.RAJ ji , bahut se apradhi bhi ek sardar[mukhiya ] ke kahane par chalte hai , kya usko sahi kaha jayega ?” kuran to mool ki bhool hai ! usme bahut si buniyadi bhule hai ! satva asman , ek singhasan me alalh ka virajman hona , farishte uske uthaye huye ho , adam ko sabka pita mana a rasulo ki faujmana aadi!
      bhartiy dharm me bhi kuch kamiya hai lekin vah buniyadi bhule usme nahi hai !”unka sudhar sambhav ahai
      lekin kuran ki bhule sudharna bahut mushki baat hai yah buniyadi anatar aap bhi samajh sakte hai !

  54. A.Raj says

    raj hyd ji apne kaha ki quran me jo gltiya h usko sudharna namumkin h. To sudhara usko jata h jisme gltiya ho. Quran me gltiya nhi h islie namumkin h es duniya walo k lie. Agar maa baap apne bacho ko sahi tarika btae Baad me wo glat trike pr chlajae to maa baap ki glti nhi hoti h bacho ki hoti h

    • raj.hyd says

      adarniy shri A. Raj. ji , agar quran me “galtiyo ke bhandar” nahi hote to aap allah ke singhasan ke vishay me bhi kuch bolte ! farishto ki fauz nabiyo -rasulo ki fauz ,huro -gilmo adi ki fauz yah sab kya hai ? kya yah jhuth ke bahddar nahi kahe jayenge ! jinka kabhi vajud nahi raha unko vishehsta dena , insse aam muslim hat hi nahi sakta ! batlaiye farishtio ki sankhya kitani hai? batlaiye 124000 kalpit nabi rasulo ke naam kya the? vah kis jagaha v kab aye the !
      is desh me sharab pina kanoon ke hisaab se sahi hai fir bhi kai karod log shaarb nahi pite hai , akhir kyo nahi pite hai ? kyoki unko is baat ke sanskaar mile hai ki sharb pina achhi adat nahi hai ! chori, milvat, rishvat, rep adi kanuni rup se jurm hai sanskarheen vyakti yah bhi kar lete hai ? agar koi santan galat raste par jati hai to usme mata pita bhi doshi ho sakte hai , kyoki unhone itne prabal sanskar nahi diye ki unke bachhe galat rah me n jane paye kahi n kahi dhil avashy mili !

  55. A.Raj says

    Aap agar sudhar skte h to sudharne ki kosis kre.
    Iswar ne nabi,rasul,friste bheja aur duniya jwani budhapa jindgi maut adi bnaya esme koe karn h jo quran me h.
    Iswar ne niymo ko bnaya, kyon? To Karn hoga. Bahut sare log swal krte h smjhte nhi. aap sab apni dharm ke anusar chale jo sahi ho.

    • raj.hyd says

      manniy shri A.R aj ji , ham har jagah sudhar ki hi baat rakhte hai ab jiski ichha ho mane, jiski ichha ho n mane ! ishvar bhi miyambaddh hota hai lekin kuran me to bahut si virodh bhasi bate bhi hai aur vah niyambadhha bhi nahi hai !
      dharm sirf ek hota hai vah hai manvta ka dharm ,
      quran manvta bhi nahi sikhla pati hai ! usme doharapan bahut hai patni 4 tak kar lo, lekin patni 2 pati bhi n kar paye pati ek pal me talaq- talaq -talaq kaha kar patni ji se zuda ho sakta hai utni hi jaldi me patni apne pati se alag nahi ho sakti !

    • raj.hyd says

      adarniy shri zubair ji thik kaha hai apne ! gayatri parivaar ke sasnthapak shri ram sharma ji ne bahut pahale kaha thai ki sansaar me 1000 me 999 vyakti dharmik nahi hai , manvtavadi nahi hai , lagbhag sabhi pakahandi jarur hote hai !
      kalpana kijiye kiduniya ke kisi bhi desh me sarkare n ho tab yahi manusy ek dusre ko jaan se marne me koi sankoch nahi karega ! tab ishvar bhakti, bandgi kya rahegi !

  56. A.Raj says

    raj hyd ji agar sbhi admi quran ko smajh jata to swal krne se pahle karn khojta. Apne kaha ki 1pti 4 ptniya rkh leta h. 1ptni 1se jyada pti nhi rakh skta. aap smajh skte the.Agar ptni 1se jyada pti rkhti h to uski jism se jo bchcha paida hogi to pta nhi chal payega ki uska father(baap)kon h.

    • raj.hyd says

      adarniy shri A.Raj ji , kisi bchhe ko mata ne janm diya usne kasht saha, pala- posa , pita kaun hai ska kya mahatv hai ? bchha kitna achaha nikata hai yah jyada mahatv purn baat hai !
      anathalay me palne vale anek bachhe achhe nikal ja te hai !
      jinke pita mar jate hai vah bhi vikhyat ho jayete hai jaise muhammad ji bhi !
      isa ji ke pita ka naam hi nahi tha vahi bhi vikhyat ho gaye !
      bachhe ki pahali shikshaika mata hoti baad me pita hota hai fir guru hota hai 1 padhi likhi mata samjhadaar mata pita v guru ki bhumika bhi pesh kar sakti hai !
      durbhagy se samaj pitrpradhan hai isliye apko ajuba jaisa lagta hai

  57. A.Raj says

    raj hyd ji
    Pita kon h iska kya mhatv h?Apne kaha.
    Aap btaye ki bina father ke bchha ho skta h.
    Kisi bchhe ki 1maa ho skti h.Par 1se jyada pita nhi ho skta h.
    Agar h to btaye.

    • raj.hyd says

      mannaiy shri A Raj ji , ped kisne lagaya yah mahatv nahi hai ped fal deta hai yah jyada mukhy baat hai ! dharti ne fasal di bone vala kisan kaun hai yah mukhy nahi hai ! ek paarmpara se chipke mat rahiye samarthvaan mahilao ko anek pati rakhane ki chhut di ja sakti hai ! agar sansar me iske pahale nahi hua to iska yah argth nahi hai ki usko ahe=ge bhi nahi kiya ja sakta hai 1
      jab patni ji ko sautan pasand nahi hai to pati ji bhi sautan pasand n kare yah to thik rahega 1
      lekin agar kuch log patini ji ke liye sautan ki vyavstha kar sakte hai to kuch mahilao ko bhi pati ke liye sautan ki vyavstha bhi jhelni chahiye !
      “dusre ke saath vahi vyavhaar kijiye jo apne liye bhi pasand aye ” .
      vaise yah koi bahut badi bat nahi hai 1
      jab avaidh samandh bante hai , tab anchahe anek patniya a v anek pati ka luke chipe “janm” bhi ho jata hai ! kuch pati to apni patniyo ko dusro ke samne parstut bhi kar dete hai aise bhi samachar mil jate hai! kuch patiniya bhi apne pati ki khushi ke liye anek kanyao se sex sukh karvane me bhi sahayog de deti hai. kuch majburivash bhi janm ho jata hai !
      jab koi mahila pati ke hote huye bhi kisi dusre mard se sambandh banati hai uska kya arth hota hai ! jab koi pati bhi patni ji ke hote huye bhi dusari mahila se samband joda karta hai tab vah kya kahalaya jata hai 1 bas yah sambandh dhake huye jarur hote hai !

  58. A.Raj says

    raj hyd ji, Agar Ped koe n lgaye to fal kaha se askta h, kisan bij n boye to dharti kaha se fasl uga skta h. To isme lgane walo ki mhatv h.
    Purane prampra ko to aap sab mante h.
    5pandov aur 1pti ke bare me aap sune honge .Mahabhart me likha hu h. Jo ki gangsex h Agar 1ptni 1se jyada pti rkhti h to

    • raj.hyd says

      manniy shri A Raj ji ,sabhi log ped ke fal ki gunvatta dekhte hai, kisne ped lagaya ya mukhy kabhi nahi hota ,
      kis kisan ne anaj ke bij boye yah bhi mukhy baat nahi hoti anaj ki gunvatta jarur dekhi jati hai kis gram ka anaj hai yah bhi nahi dekha jata !
      mahabharat me yah bat vikhyat jarur hai lekin saty nahi hai ! drupadi sirf yudhishthir ji ki patni thi ! arjun ki patni to shri krishn ji ki bahan subhadra thi ! agar arjun ji ka vivah draupadi ji se huya hota to gyani sri krishn ji kyo apni bahan ka vivah arjun se karte kyo apni bahan ko sautan banate ?

  59. Nilesh Kumar Singh says

    Agar hindu dharm ko niche kar dene se hi islam upar aa sakta hai to ye bilkul satya hai ki Islam ek dharm na hokar vastu hai. Ek average hindu kabhi kisi paigambar ka virodh nahi karta lekin ek average musalman hindu ka virodh karta hai aisa kyon.

    Agar saheb is baat ko bata de ki khatna, sunnat, hijab etc ka kya scientific value hai to ek light hoga ham logo ke liye.

  60. Sami khan says

    ahar hindu sahi tharam h to Ram ki pirja ke siva use kisi or ne suvikar ku ni kia.
    ku ke sab jante h yeh sirf anth vishvas h.
    hindu kisi cheez ko bhi dekh kar bol dete h ke kam us devta ne kia vesa kam us devta ne kia jabke esa kuch bhi h hi nahi.

    sab imagination h.

    • raj.hyd says

      jaise kalpit farishte hai vaise kalpit devta hai unka kabhi astitv nahi raha hai ! andhvaishvas sabhi jagaha hai , nabi rasul adi ka bhi kabhi astitv nahi raha hai yahsab bekar ke bate hai 1

  61. dhru says

    what the heck!

    Religion means what?

    And, God is single soul.

    the way Hindus have Gods and they highly respect Them, same way Muslims also have their single God and similarly they also highly respect Him.
    How can a hindu insult Quaran or a muslim insult Vedas.
    We are humans.

    the brain washers are the ppl in current time who wants to spread their religion so that they gain more followers and ultimately they can earn/rule in groups of ppl.

    Quaran n Vedas are written by humans years ago.
    Their intelectual level can not be challenged or compared by ppl like us, today.

    plz dont create hate-chain of replies. plz stop insulting each other.
    We are humans and not demons/morons..we are eductaed and rational and not saints/prophets/priest to comment negatively on eachothers.

    @agniveer, can not you control what comment contents should be posted on your sites?? :@
    very cheap publicity. grow up.

    • Krishnarao says

      Dhru,

      I will respond to your post later. But to let everyone know this kind of person is the problem in current day India. Because of people like him India is in the gutter today.

      Best

    • Krishnarao says

      Dhru,

      Do you just post your hate on Hindu sites or do you post it on Christian and other Abrahmic sites? Show me:

      1. a link with a post by “DHRU”
      2. The time stamp shows it was at least a year ago.
      3. Saying the same shit you said here on a Christian or other Abrahmic site where they are being critical of Hindus.
      4. From a blog that has history of many articles and posts, so we know you didn’t create it yesterday.

      If you believe in the crap you wrote, you can show that you do this on Abrahmic blogs too. Paste the link, so at least we know you put your money where you mouth is. I won’t agree with you, but at least you won’t be a coward in this case.

      Krishnarao

  62. says

    one query ji jis tarah ka ganesh apne prastut kiya hai us tarah ka ganesh ka janm hi nahi hota hai aur n kabhi hoga ,isliye yah kahani kalpnik hai janta me vikhyat jarur hai. jaise svarg- narak , bhoot adi !

  63. FAIZAN ALI says

    BOHOT ACHCHA LIKHA AAPNE BATEY ACHCHI GHUMAYI H BUT EK BAAT YAAD RAKHNA JIS NARANSH (WO INSAAN JISKI BOHOT TAREEF KI JAYGI YANI – (MUHAMMAD -ARBI MAIN -MUHAMMAD KA ARTH WO INSAAN JISKI BOHOT TAREEF KI JAYE H))AGAR AAP LOG APNE USI RAB KO AUR USKE BHEJE HUE MASSANGER KO THUKRA RHE HO TO SOCHO TUMHARA ANJAAM KYA HOGA US RAB KO KYA MUH DIKHAOGE.

    • Ek Manav says

      @Faizain Ali

      Aap ko kaise pata Muhammad paigamber tha? Qya aapko Allah ne aakar ke bataya? Qya pata Muhammad koi Shaitan ho jo apne aap ko paigamber bata raha ho.

    • raj.hyd says

      adarniy shri faizain ji , quran bhi mul ki bhul hai , qurani allah ka koi vazood nahi hai , kalpit farishte kalpit jannat jahannum kalpit hure gilme, kalpit rasool adi ! bhi ! kiis bhi likhi baat par vishvas tab tak mat karo jab tak uski sachhai svayam khoj n lo !

      • Ek Manav says

        @Faiazen

        Islam ke anusar 73 sects me se kewal 1 sect hi Zanat me jayega. Muslims Duniya ki aabadi ka 20% hai. Aur ye 20% bhi 73 sect me divide hai aur en 73 sect me se kewal 1 sect hai janat me hoga iska arth hai duniya ke 99.9% people hamesha ke liye Zahanum me honge. Qya tum Zanat me shanti se rah sakoge Yadi tumhare mata, Pita, Bhai, Mitar Zahnum me honge qyoki unhone Allah ko sahi tarike se Ibadat nahi ki.

        • raj.hyd says

          hamare paas muslim samuday ke315 firko ki lisht naam ke anusaar hai sabhi ke naam hai isliye 73 firko ki baat bahut purani ho gayi 1 islam ki kalpit jannat me mahilaye bahut kam jayengi agar unko saman rup se man liya jaye aur sirf73 firko ki hi baat ki jaye to muslim me hi sirf1.5% se kam vyakti kalpit jannat me jayenge fir aise islam ko hi kyo mana jaye isko to samajhdaar muslimo ko turanrt tyag dena chahiye.

  64. Abhinay Dwivedi says

    SABHI BHARATWASIYO KO SADAR PRANAM..JAI HIND…SUBAH SE HI MAI IS WEBSITE KE HAR EK POST AUR USKE ANDAR CMNT PADH RHA HOON..KABHI BEHAD KHUSHI HOTI HAI TO KABHI DUKH BHI HOTA HAI LIKIN BAHARAL YEH EK ACHHI WEBSITE HAI..AUR ISKE POST SE ACHHE AUR DILCHASP AAP LOGO KE SABHI CMNTS HAI..JAI SHRI RAAM..

  65. Abhinay Dwivedi says

    “जहां तक पुराणों का प्रश्न है तो उनमें मुहम्मद, अकबर, विक्टोरिया आदि के किस्से भी मिलते हैं जो इस बात का प्रमाण हैं कि ये उन्नीसवीं शताब्दी तक लिखे गए हैं और विदेशी आक्रान्ताओं के शासन काल में बलपूर्वक लिखवाये गए हैं. “-DHANYA HAI MAHARAJ MAHODAY AGNIVEER JI ,BHALA AISA HOTA TO KAHE KOI APNE PAIRO PE KULHARI MARTA..APNE HI KHILAF . APNE HI PROPHET KO BHALA KOI TRIPURASAR KAHE LIKHWATA….BHAVISHYA PURAN KO PADHE TO SAAF PATA CHALTA HAI ,..AARYASAMAJIYO KI TARAH AAPNE BHI YEH ACHHA TARIKA NIKALA HAI…AGNIVEER JI MAINE APKI SABHI MANYTAYE PADHI HAI ABHI ABHI APNE ISHPASHT SABDO ME APNE IS SANGTHAN KO AARYASAMAJI NAHI MANA HAI..BHALA AISA KYON….??JAWAB TO APKO BHI PTA HAI AUR HAME BHI…

    • jitendra hotla says

      dekho bhai jisne bhi dharm banaya,usne bahut achha likha taki insaan sahi tarike se jee sake lekin aaj kuch kamine logo ne bilkul ulat diya h aisi aisi baate logo me bhar rakhi h jo kisi dharm me nahi h…or muslim bhaiyo,hindu bhaiyo jo sachai h,,jo achhai h v dekho dharm se achhaiya sikho na ki usme kya buraiya…..or ye sachai h ki hindu dharm vo sab kuchh pahle hi bta chuka h jo vigyan aaj bata raha h that is right friends
      sirf hamare desh me sab ekta rakho

  66. Abhinay Dwivedi says

    DAYANAND SARASWATI JI KI US SAMAY KI MANOISTHITI KO PAHLE SAMJHANA HOGA….UNHONE ISPASHT KAHA HAI KI WO KOI NAYA DHARMA NHI BANANA CHAHATE THE..LIKIN UNHONE SAPNE ME BHI NHI SOCHA HOGA KI 100 SAAL BAAD AARYASAMAJ HINDU DHARAM SE ITNA DUR CHALA JAYEGA….AUR HINDU DHARM KO APNA SABSE BADA DUSMAN SAMJHEGA…ANGREJO KI CHAL ME FAS GYE DAYANAND JI,,ANGREJ JANTE THE KI AGAR AISA DAYANAND JI KARTE HAI TO YAKINAN AAGE CHAL KE HINDU HI HINDU KA DUSHMAN BAN BAITHEGA…AUR ISKA FAYADA HUM ANGREJ YA PHIR YE MUSLIM UTHAIYEGE….KYUKI SATYARTH PRAKASH KO PADHKE KOI BHI SADHARAN HINDU ,JISNE GEETA YA VEDO KA ADHYAN NA KIA HO YA TO APNE APKO HEEN SAMJHEGA YA PHIR DHARMRUPI MAYAMOH CHHODKAR NASTIK BAN BAITHEGA…

    Isiliye hamare rishiyo ne puran banaye..Ha manata hoon ki kuch jagah purano ko prakhipt kiya gya hai…likin un se is tarah (agniweer/aaryasamajiyo ki tarah) muhn mod lena bhi uchit na hoga…aur wo bhojan me jahar wali baat to satyath prakash pe bhi lagu honi chahiye..kyuki Manushya krt koi bhi pustak purn roop se satya nhi ho skti…Yakinan satyath prakash me bhi kai galtiya hai..isiliye to samay samay par itne sansodhan hote rhte hai(to kya ye prakshipt na hogi)…
    MAHARISHI DAYANAND JI KA MAI ABHAR VYAKT KARTA HOON SANBHAVTA WO 19vi SATABDI KE SABSE PRAKAND VIDWANO ME SE EK THE tahapi unhone hindu dharm ka mool tinkeroopi vedo ko bachane ka safal prayas kia aur samast sanatani rishiyo ko phir se sochne -manam karne pe vivash kia…PARANTU AB WO SAMASYA DOOR HO CHUKI HAI..HAMNE NADI SE APNE MOOL TINKE TO BACHA LIE AB HAMARE UPYOGI AUR JAROORI BAKI ANYA DHARM PUSTAKO KO BHI BACHANA HOGA AUR AGNIVEER MAHODAY JI AAPSE KARBADHH PRARTHANA HAI KI HAMARE PURANO KO YUNHI BADNAAM NA KARE…
    DHANYAWAAD…,

    ABHINAY DWIVEDI
    Rajajipuram,Lucknow.

  67. Dr.Jyothish Vijay says

    I am a Hindu….and i will say that Agniveer was beating around the bush…I will explain myself with one example…….Does the Veda say “the sun revovles aroud the earth?”….this website has not mentioned a clear-cut answer

    Why do i say so?
    Ans: To explain what Veda did not say (or did say)…in the context of replying a non-hindu’s allegaton….what one must do is to give the sloka first (original words)…then the translation……still if its left unclear to the audience why the non-hindu’s think otherwise, ….then one must also explain why the non-hindu’s interpret otherwise

    What u have done here is to give a non-hindu angle……and then your angle…..well u must have then explained how both those explanations come from the same verse

    Since this has not been done….i will say that your endeavour was half baked

    What are u afraid of….? Are u afraid of putting the alternate angle here?

    U must have said the sloka is _ _ _ _ _ _ U must have then explained that non-muslims saw “this word” or “this sentence” and took its meaning as _ _ _ _ _ _ _ _, or that they took it for the literal meaning or something of that sort and then should have given your angle !!!

  68. says

    adarniy mujhe bs ek sawl ka jawab dijiye … pandit ved vyas ji ne bhawishy puran me kha he ki…charo dharam ko………….mirut ghirnadhi mirutghirnadi 31 time fir wo aage khte he he…. he balak antim pustak jo antim rishi le kr ayega us kitab me bhi ek mantr 31 bar likkha hua hoga…. or ab jab hm Qur’an kholte he to to usme “surah rhman me… fawe ayyi alaye rabbiku matu kazziban… ye mantr pure 31 bar ata he… ab is bare me apka kya vichar he… uttar dijiye

    • raj.hyd says

      islam kab se bahvishyvani manane laga ha vah aap batla dijiye ! koi baat ek baar boli jaye ya 31 baar athava usse kam ya jyada baar usse j kya anatar padna hai. bat me kitni sachhai hai usse matlab hota hai qurqn to mul ki bhul hai ! sirf satve asman me virasjman kalip allah , kalpit janant kalit farishte kalpit hur egilme adi uspar kya aur baat ki ja sakti hai !
      quran to ek bemel kitab hai kahi makki ayate kahihi madeeni ayate kahi fir makki ayate adi ! vartman quran muaham d ji ke markne ke karib 30 saal baad vajud me ayi hai usme anek ayte padhane kel iye hai amal ke liye nahi kyoki bahut si ayate nirst hai aur bahut si ayate is kitab me shamil nahi ki gayi aisa aysha ji ka kathan hai

      • rahul shiza says

        Ki bato se hat krAED Mujhe lagta hai hum sab log en bato ko kabhi Hal nahi kr payenge sahi mayne me hme apne karmo pr diyan dena chahiye Jo hanare liye important hai jese hamare karm hai hum duniya me kyu aaye hai kya sirf upar wale ne hame pooja karne ke liye beja h ya sirf nawaz padne ke liye beja h nahi hamhare en sabse pehle bhi kuch karm hai Jo hum se pehle hamare maa baap nibha rhe hote hai jese ki jab bacha bda hota hai to uska karm hota hai apne maa baap ki seva karna sabse phla or bda karm yahi h fir sadi hati hai aapni bibi ki raksha karna or uska palan poshan karna fir bache hote hai unko talim dilana or vo sabhi chize Jo uske liye kud uske maa bap ne ki h un bacho ko palna ya sadi krana; or apne privar ka diyan rakna or fir Jo zindgi bachti hai usme vo kisi bhi roop me upar wale ko maan sakta hai kyu ki vo sirf uski santi ke liye hai kisi bhi chiz ko aap bagwan khe ya kuda khe lekin ek chiz to saf hai ki sache Dil se kisi bhi chiz ko manne se aapko kud ek skun milta hai ese pta chalta hai ki upaar wala koi bhi ho pawar use aapne hi viswas se milti hai Jo vo us upar wale me rakta h yani ki Jo kuch bhi hme milta hai vo sahi mayne me hme hamare hi viswas ki takat se milta hai matlab ki sari takat insan ke us countretion me h Jo vo nawaz aada krne me ya pooja karne me lagata hai or ek last baat ye baat ek tarike se or katam ho sakti h hme sabhi darmo ka aadar karna chahiye pr sirf ye kehna ki hamara hi darm sahi h baki sab galat es tereh se kabhi bhi en bato ka samadan nahi nikal sakta ye kuch es tereh se haal ho sakti h ki jab ek Hindu kisi masjid ke samne sir juka sakta hai ya nawaz bhi pad sakta hai to Muslim bahiyo ko bhi chahiye ki vo bhi bekof hokr kisi mandir me jaa sake ese kisi ka darm nahi badalta Jo johai vo wahi rhega pr kuch esa bhi pda h ki Muslim bahi esa nahi kr sakte Muslim mazhab ke acodig PR hme en sab bato se upar utna hoga jab aap ktenge to dusra bhi krega pr aap khenge ki nahi mai esa nahi kr sakta to fir dusra bhi apne darm PR adega h

  69. Santrammaurya says

    Hindu darm me realy me bahut sari galtiya hai lekin darmo ki galtiyo ko ignore karke darmo ke tributs ke side dhyan dena chahiye because if ham koi granth likhte hai to usme galtiya karte hai vaise hi purano grantho ko likhne valo ne galtiya ki hai

  70. jack says

    kiska kitab kya kah rha h? aap pde dusro ki kitabo ko bina jane hue galat arth lgana sahi nhi h .
    mai jo likh rha hu agar aap gyani h to pahle kitobo ko pde agar nhi to islam ke bare me to kam pda hu admi galat arth lgata hi h.
    sirf ek Ishwar h usi ki upasna karo. – Rigved 6:45:16
    gyani log ek ishwar ko alag alag naamo se pukarte h.- Rigved1:164:46
    mere parm bhaav ko na janne wale murkh log mujhe sampoorn bhooto ke mahan Ishwar ko shareerdhari samajh kar mera apman karte h. – gita13:10
    mitti paththar aadi ki murtiyaa dev nhi hoti h. – srimad bhagwat mahapuran 10:84:11
    ek Ishwar hi puja ke yogye aur sabhi pijatiyo me stuti ke yogye h. – Artharaved2:2:1
    Mai aur bhi likhta pr mai aap sab ko jab agneevir ke web. pr dekha to kucch sacchae baat h use likh dena behtar samjha . to esse pta chlta h ki Islam dharm ke log jo h vo ek Ishwar ko mante h . pr hindu dharm ke kitabo me ye sab bhi likha h aur ye bhi likha h ki 33kror devi devta ki bhi puja krna aur sabhi devi devtao ke lie alag alag mantr bhi agar ek bhi devta nakhoosh rha to uski sari tpsya bhang . yani sabhi aadmi adharmi ho kar mrega . ye sabhi baat bhi likha h to esse pta chala ki kitobo me mix kiya gya h . esi vajah se aaj amare bhai ek dusre ke dharm ke bare me kuch bhi arth lga kar aag es web. pr h .

    • raj.hyd says

      dev ata 33 karod nahi apitu 33 koti hai. koti ka ek arth karod bhi hai aur “prakar ” bhi is jagha uska arth 33 prakar hona chhiye lekin aam janta me vah 33 karod jyada vikhyat ho gaya hai devta apujy hai uski puja karne se koi laabh nahi hai ! ishvar ka dhanyn mukhy hai uske guni o ko jivan me avtarit karna mukhy hai ! aur islam to koi dharm hi nahi hai kuran to mul ki bhul hai !beshak kuran me kuch achhibate bhi hai leki adhikansh kuran kibate fijul hai aur bhedbhav katne vali hai hinsa markaat adi ki bate hai !

  71. says

    namest mai vijay kumar tiwari maharishi vidya mandir ,maihar ka student hu aur apne school m hone wala bhavtit dhyan jo karwaya jata hai usse mai baught achaa feel karta hu aur man sant rahta hai padai m man lagta but ab hamare school m dhayan teacher k kame se students ka man bhatak raha hai aur faltu k kam m man jyda lag raha hai is liy ap se requst hai hamare school m ek dhyan teacher ko avilable kary

    vijay kumar tiwari
    class 10 (A)
    adress bose coony ,maihar madhya predesh
    phone -9752355947

    thank
    you

  72. raKESH says

    bhai log dharm to sirf 1 hai insaniyat ka sirf or sirf us par hi chalo……….
    likhne wale likh kar chale gye
    asli dharm sirf insaniyat hai …………………
    or jis desh me rehte ho uski kabhi ninda mat karna ………………
    JAI BHARAT………………

  73. Promod Thakur says

    Jaker nayak aap bahut bidwan banta ho n mara ak sabal ka jabab do aap ka alaha massangar vajta h sunat karna ko wo sunat kar ka ku nahi vajtay aap to pada Hota ho hindu jabardasti musalman ban jata ho muslman darm wakae bahut pak hay laken aap ka muslman aap ka darm ka ak ve laen ko neva nahi pata pura dunia ma aatakwad ka jar h aap ka muslman aap musalman
    Hona ka dawa karta ho aap musalman ka naam par kalank ho jo tali ma kata ho use ma hagto ho mut kar land ko dona sa serf pak nahi hota jes dase ma ho us dase ko apni maa samj kar uske kadar karo
    Jay hind
    Jay hindustan
    Jay barat

  74. harish says

    अग्निवीर जी मेँ आपके विचारोँ से सहमत हूँ ओर इन विचारोँ को मेँ एक किताब मेँ संगठित करके जितना हो सके उन हिंदुओं को पहुँचाना चाहता हूँ जो यह जानना चाहते हेँ कि उसने असली वेदिक धर्म मेँ चलना हे ना की अंय किसी बात पर इसलिए क्या मेँ आपके विचारोँ को संगठित करके छाप सकता हूँ उससे आपको कोई आपत्ति नहीँ हे अगर आपको कोई आपत्ति हो तो कृपया आप मुझे रिप्लाई करके उस बात का जवाब दे सकते हेँ

  75. prem prakash says

    eshwar ek hai bhai chahe unka jo name de do,jis rup me manoge apko usi rup me milege kuki unka koi wastwik rup nhi h.aur sabse bada dharm hai insaniyat ka dharm. kosis karo hamesa jo sahi aur sach lage wo emandari se kro.bina lobh ke nihswarth,ye ek sadhna hai ,dhire dhire apke andar khud achhe bichar ane lagege,kuki ap dimag se nhi,dil ka sunoge ,uske bad apko wed nhi ratna padega ki jiw hatya paap hai,dukhiyo ki madad karni chahiye ye khud apne ap apke dil me utpann hoga ,dukhi ko dekhte hi daya aegi,jivo pe daya ane lagegi,,ho apke man me bat aegi wo paripurna sach hoga,wohi wed hoga.

  76. inderji giri says

    [4:13PM, 18/09/2014] iamgoswamiinderjitgiri: 
    Jarur padhe

    अगर हिंदू धर्म बुरा है :-

    (1) तो क्यो
    “नासा-के-वैज्ञानीको”
    ने माना की

  77. narsing says

    quran is not othentic book , varqua navfal teacher of muhammd transleted vaidik books and bible in arebic language ,anwar ali wrote quran ,zaid bin tabit was scriber , warqua taught quran to muhammd 15 years ,, warqua and khadija planned for mecca as world trade centre as tourism cenyre and declared muhmmad its brand ambsider establishing a new ummat , muhammd recited quran in the interest of meccas welfare

  78. jack says

    aap sab jaan le galat fhmiyo ko प्रश्न : जब इस्लाम मूर्तिपूजा के विरुद्ध है, फिर इसका क्या कारण है कि मुसलमान अपनी नमाज़ में काबा की ओर झुकते हैं और उसकी पूजा करते हैं?उत्तर :‘काबा’ किबला है अर्थात् वह दिशा जिधर मुसलमान नमाज़ के समय अपने चेहरे का रुख़ करते हैं। यह बात सामने रहनी चाहिए कि यद्यपि मुसलमान अपनी नमाज़ों में काबा की तरफ़ अपना रुख़ करते हैं लेकिन वे काबा की पूजा नहीं करते। मुसलमान एकअल्लाह के सिवा किसी की पूजा नहीं करते और न ही किसी के सामने झुकते हैं।क़ुरआन में कहा गया है—‘‘हम…

    • raj.hyd says

      adarniy shri jack ji ! jab quran satve asman me ek singhasan me baitha hua kalpit qurani allah ko manta hai to sidhe letkar apni namaz [puja ] kyo nahi kar leta ? agar kalpit allah har jagah hai to sirf kibla kaba ki disha me “hi” namaz kyo padhi jaye? kaba ke pahale jerushalam ki disha me namaz ki jati thi .
      jis tarah se “tasbih ” muslim kisi bhi disha emkar lete hai usi tarah se namaz kyo nahi ki ja sakti hai ! isliye namaz me sudhar hona chahiye,mukhy baat achhe karm hai n ki namaz…

  79. jack says

    galat fahmiyo ko jan le aap sab प्रश्न : जब इस्लाम मूर्तिपूजा के विरुद्ध है, फिर इसका क्या कारण है कि मुसलमान अपनी नमाज़ में काबा की ओर झुकते हैं और उसकी पूजा करते हैं?उत्तर :‘काबा’ किबला है अर्थात् वह दिशा जिधर मुसलमान नमाज़ के समय अपने चेहरे का रुख़ करते हैं। यह बात सामने रहनी चाहिए कि यद्यपि मुसलमान अपनी नमाज़ों में काबा की तरफ़ अपना रुख़ करते हैं लेकिन वे काबा की पूजा नहीं करते। मुसलमान एकअल्लाह के सिवा किसी की पूजा नहीं करते और न ही किसी के सामने झुकते हैं।क़ुरआन में कहा गया है—‘‘हम…

    • raj.hyd says

      kai karod muslim kabro me jakar shish jhukate haui aur dargaho ko sharif[pavitr] kahate hai ! balki un nagro ko bhi sharif kahane lagte hai 1 kya yah kisi murtipuja se kuch kam hai / jab muslim badshaho anek mndir tode murtiya todi tab in dargaho ko kyo nahi toda 1 jab ki macca me muahammad ji ki kabr tod di gayi hai tab is desh ma bhi kabro aur dargaho ko bhi kyo nahi toda ja skata hai !

      • Afridi says

        Mul ki bhul @ Raj …………Accroding to Islam………..Jisne shirk kiya ……….Yani ALLAH ke shiwa kisi aur pe yaakeen ya use khuda mana to beshaq uska hassra bura hoga…..
        Aur Bhai agar aap un Kabbro pe jane walo se pucchoge ki tumahra Rab kaun hai to wo ye nhi kahenge ki Peer Baab…..Balki wo yahi kahenge ki ALLAH PAK…………Chahe tum duniya kisi kone me jawo aur puccho to ek hi jawab Milega aapko ….ALLAH Pak…..aur ek baat aur jaha tak maine dekha hai Humse zyada to aap wha milte ho bhai…………..to ispe aapki kya…

        • Afridi says

          Lakin………Lakin………….. Agar aap se pucha jaye ki aap ka Main rab kaun hai to …….aap kya bolege……
          Maharashtra me puchha jaye to…………………..Ganesh bhagwan…..
          Gujarat Me Puchha Jaye to………………….. Kirsna……..Bhagwan
          Kolkata me pucch jaye to…………………. Durga Mata.
          Bihar Me Pucch jaye to …………………………. Snakar Bhagwan.
          U.p Me puchha jaye to………………………………. Ramchadra Bhagwan..
          aur na jaane kaun kaun se bhagwaan ko aap batawoge ki wo aap ke rab hai……….aur ab Market me to kuch lattest Bhagwan bhi utpanna ho gaye………

          • Afridi says

            aur jinhone ne aapko samjhane ki koshis ki, Ki bhai Sabka malik ek hai…to aapne unke Malik ko chhor ke unhe hi apna Maliq bna liya……….aur unko hi pujne lage ……Isse Mul ki bhul nhi to aur kya kahenge…bhai….. Raj ji apko to pata hi nhi ki aapka … Main bhagwaan hai kaun ……….aur chal diye dusre Majhab ka Mazzak Uraane ke liye
            Bhai bure chasme pahnakr acchi chiz bhi buri hi lagegi…
            tanik thahro duniya itni bewquf to nhi hain na bhai?

          • Afridi says

            Ama…… kabhi to sach kya hain janane ki koshis karo… ….jin kitabo ka uppar jack sahab ne zikara kiya unke saloke aur suttra bataya bhai kabhi to gaur karne ka kast karo ,,,,,according to islam ..Nahi hai koi mabood siwaye ALLAH KE Ibadat ke layak….
            According to Yajurved ..33:10
            Wo shareer vhin aur Suddha(Paak) Hain……
            According to Yajurved 32:3 says…
            Uski koi PRATIMA nahi hai uska naam hi atyant mahan hai sabse bada yash yahi hai.
            Think before write…….what is flase and what is…

          • Afridi says

            Jab Yajurved me aisa kha gya hain ki wo shareer vihin hain to kya murti rachna shi hain Raj ji ispe aap kya kahegnge? kyunki ki ye to yajurved me saaf kaha gaya hain …iska arth ye huwa ki aap un sloko ko bhi nhi mante jo vedo me kahe gaye hain…..ye to sarasar manmani hui na bahi……matlab aap kud to dubegne aur logo ko bhi apni is bakwas thinking se leke dubenge ….yaar aap to ved ke khilaf ja rahe hain…. aap to na idhar ke huwe na udhar ke….
            .According to Geeta 13:10
            Mere…

          • Afridi says

            According to Geeta 13:10
            Mere param bhaav ko na janne wale murkh log mujh sampoorn bhooto ke mahan Ishwar ko shareerdhari samajh kar mera apman karte hai …

          • Afridi says

            Bhai raj ji ye sab to ved me geeta me hain to kya ye galat hain….?
            agar galat hain to fir sahi kya hain…?….
            According to Qurane Pak…Surah Al Kafirun
            [1-6] Say: “O disbelievers!1 I do not worship those whom you worship.2 Nor are you worshipers of Him Whom I worship.3 Nor am I a worshiper of those whom you have worshiped. Nor are you worshipers of Him Whom I worship.4 For you is your religion and for me is mine.”5……

            Hope you got this Answer…..

          • raj.hyd says

            ishvar duniya ka k ek hi hai.
            vah niraakaar hai vah koi satve asman me baitha hua nahi hai 1 baharat me kitne bh raajy ho sabhi ek ishvar ki bbaat karte hai lekin saath me anek kalpit devtao ki puja bhi karte hai jo galat hai !
            bhagvaan to koi bhi ho sakta hai jaise doctar ko bhi kahlete hai1
            aap ko bhi yogy hone par kaha ja sakta hai
            lekin is brammand ka nirmata nahi kaha jayega !

          • raj.hyd says

            ham kisi kitaab ke andhe nahi hai ! aur nangi ankho se padhate hai ! is duniya me 100o vyaktiyo me karib 999 andh vishvasi hai aur yah har samudaay me hai 1 isliye aap bhi bharm se dur ho jiye yah jyada achha rahega ! saath me is duniya em adhikansh vyakti kisi n kisi tarah ki jad puja murtipuja karte hai vah bhi galat hai aur vah bhi har samudaay me hai !

        • raj.hyd says

          adarniy shri afridi ji, qurani allah ke saath muhammad ji ka naam bhi jodna”shirk” kaha jayega ! jsko koi bhi muslim nahi chod pata hai ! mukhy baat gyan hai n ki koi vyakti ? gyan[vichaar ] amar hota hai vyakti marta hai !
          jab muslim qurani allah ko manta hai to dargaho me jakar kya karta hai ? chadar chadhana agar batti jalana adi yah sab kya hai isse kya labh mil jata hai ? butparasti kahi bhivah galat kahi jayegi 1 rate rataye baat ka koi matlab nahi hota hai ki allah ek hai [1]

          • Arunesh says

            Adarniy Raj Ji: I know that you are an ardent Arya-samaji. Kintu kewal yah kahna ki ishvar nirakar hai , baat apurna lagti hai. Jo sarv-shaktimaan hai wo saakar kyon nahi ho sakta. Ved me agar kahte hain ki uski koi pratima nahi hai to iska matlab yah nahi ki Ved uski pratima banane ko mana kar rahe hain.
            Aap bhi anek bhagwaano ke prashn se bhramit ho gaye kya? Paani ko aap ghade me daalo, gilaas me daalo, lote me daalo…. naam aur rup alag alag. hain… lekin sabme ek hi tatva hai. Sochiye.

          • Arunesh says

            @Afridi Ji: Jo saamne dikhta hai hamesha wohi sach nahi hota. Maine gilaas, ghade, katora, balti, lota aadi ka example diya hai aapko samjhaane ke liye. Ishvar paani ki tarah sab me hai aur jis man (mind) ne prem se jis rup ko gada, Ishvar usi rup me apne ko dhaal leta hai aur uska tatv (paani) usme samahit ho jaata hai. Ganesh kaho ya Shankar Kaho ya Durga… sab usi Ram ke vibhinna rup hai jinhe manushya ne apne prem se gada/dhaala hai. Ram sab me ek hai aur sab log usi raam ko paana chaahte h

        • rajkishan says

          Tumare yaha hota hoga bhai kyoki tumne hi kaha allah ko 6odke dusro ki ibadat karega to tera bura hoga matlab allah swarthi he ya fir tum,,, allah kabhi kisi ka bura kar sakta…ek salah dena chahta hu bhai apne bhagvan pe koi quetion kare to bura lagta he dusro ke bhagwan par bhi aap question mat kariae…..aap apne aallah ko dua kari ae or hame bhagwan ki prarthna karne dijiae……

  80. af says

    galat fahmiyo ka sahi jwab aap sab jan le प्रश्न : जब इस्लाम मूर्तिपूजा के विरुद्ध है, फिर इसका क्या कारण है कि मुसलमान अपनी नमाज़ में काबा की ओर झुकते हैं और उसकी पूजा करते हैं?उत्तर :‘काबा’ किबला है अर्थात् वह दिशा जिधर मुसलमान नमाज़ के समय अपने चेहरे का रुख़ करते हैं। यह बात सामने रहनी चाहिए कि यद्यपि मुसलमान अपनी नमाज़ों में काबा की तरफ़ अपना रुख़ करते हैं लेकिन वे काबा की पूजा नहीं करते। मुसलमान एकअल्लाह के सिवा किसी की पूजा नहीं करते और न ही किसी के सामने झुकते हैं।क़ुरआन में कहा गया…

  81. jack says

    galat fahmiyo ka sahi jwab aap sab ja le प्रश्न : जब इस्लाम मूर्तिपूजा के विरुद्ध है, फिर इसका क्या कारण है कि मुसलमान अपनी नमाज़ में काबा की ओर झुकते हैं और उसकी पूजा करते हैं?उत्तर :‘काबा’ किबला है अर्थात् वह दिशा जिधर मुसलमान नमाज़ के समय अपने चेहरे का रुख़ करते हैं। यह बात सामने रहनी चाहिए कि यद्यपि मुसलमान अपनी नमाज़ों में काबा की तरफ़ अपना रुख़ करते हैं लेकिन वे काबा की पूजा नहीं करते। मुसलमान एकअल्लाह के सिवा किसी की पूजा नहीं करते और न ही किसी के सामने झुकते हैं।क़ुरआन में कहा गया…

  82. jack says

    ें कहा गया है—‘‘हम तुम्हारे चेहरों को आसमान की ओर उलटते-पलटते देखते हैं। तो क्या हम तुम्हारे चेहरों को एक किब्ले की तरफ़ न मोड़ दें, जो तुम्हें प्रसन्न कर दे। तुम्हें चाहिए कि तुम जहाँ कहीं भी रहो अपने चेहरों को उस पवित्र मस्जिद की तरफ़ मोड़ लिया करो।’’ (क़ुरआन, 2:144)1. इस्लाम एकता की बुनियादों को मज़बूत करने में विश्वास करता हैनमाज़ पढ़ते वक़्त यह संभव था कि कुछ लोग उत्तर की ओर अपना रुख़ करते और कुछ दक्षिण की ओर। एक मात्र वास्तविक स्वामी की इबादत में मुसलमानों को संगठित करने के लिए यहआदेश…

  83. jack says

    sach kabhi chhip nhi skti kisi k chhipane se kyon ki jab veds aur puran hi btaye kisi sache dharm ke bare me .Mantr:-AGGYAAN HETU KRITA MOHAMMED ANDHKAARAM NAASHAM VIDHAAYAM HITDO DAYATI VIVEKA.(shrimad bhaagwat puraan 12:72)Matlab:- jab aggyanta phail jaaegi tab is dharti par andhkaar ko naash karne waala MUHAMMED naami aadmi aayega aor andhere ko naas karega.
    aur v mantr h .pr kisko btaye manne ke liye taiya to ho log kahte h ki quran kab se bhavisywani manne lga h unko khud pta nhi h. ki jis…

    • raj.hyd says

      manniy shri jack ji , apne thik kaha ki quran kabse bhavishyvani manane laga ?
      is desh me muglo ka bhi rajy raha hai unhone kisi pandit ko lalach se ya darakar aisa vaky likhva adiya g hoga ? ab aagarapko is vaku y se ita prem haia to kyo saremuslim quran ke saath bhavishy puran ya madd bhagvat puraan bhi padhne lagte hai ! islam ke anuyaayi kabse mad bhagbvat puran ko manane lage hai ? jis tarah se quran mul ki bhul hai vaise hi aise puraan bhi bb mul ke bhul hai !

  84. jack says

    Ratrau Sa Devarupashcha Bahumayavisharadah;Paishacham Dehmasthaya Bhojrajam Hi Soabravit. Aryadharmo Hi Te Rajansaivadharmottamah Smritah; IshagyaKarishyami Paishacham Dharmadarunam. Lingachchedi Shikhahina Shmashru dhari Sa dushakah; Uchchalapi Sarvabhakchhi Bhavishyati Jano Mam.Vina Kaulam cha Pashvastesham Bhakchhaya Mata Mam;Muslenaiva Sanskarah Kushairiv Bhavishyati. Tasmanmusalvanto Hi Jatayo Dharmadushakah; Iti Paishachdharmashcha Bhavishyati Maya Kritah.(bhawisya puran 23-27).
    raj hyd…

      • Afridi says

        Mul ki bhul @ raj ji ……….
        Hum to Ek ALLAH ki ibadat karte the karte hain aur karte rahenge /….kyunki nhi hain koi Mabood ibadat ke layak siwa us Rabul Izzat ke….
        aap ki adat Muh khoa aur bhak se bola ….abhi tak gayi nhi Akbar se Mahan kaun me itne baar batane ke baad bhi samah me nhi aya aapko ……yaar itna agar aap dimag lagate agar kisi aur chiz me to aaj aap top kar lete par…..Afsos …..bhai aap kabhi bolte hain ram ji bhagwan nhi, ishwer ji bhagwan nhi kirasna bagwan nhi to ,…

        • Afridi says

          , ved ko aap adarsh nhi mante ,geeta ko nhi mante, puran ko nhi mante , rigved ko nhi mante, to kya aap sirf manusmriti ko mante hain jisme Dharm ke laxcchn 6/92 jiska aap har zagah example dete ho………
          Bhai kabhi aap kahte hain Maas khana paap hain lakin Munusmriti jisko aap mante hain usme to saaf likha hain
          it is not sinful to eat meat of eatable animals, for
          Brahma has created both the eaters and the
          eatables.”
          Ispe aap kya kahenge Mul ki bhul @ raj ji………..
          According to Manu Smruti…

          • Afridi says

            According to Manu Smruti chapter 5 verse 39 and 40 says
            “GOD HIMSELF CREATED SACRIFICIAL ANIMALS FOR SACRIFICE… THEREFORE KILLING IN A SACRIFICE IS NOT KILLING.”

            Hum Aaah bhi karte hain to ho jate hain badnam wo katleaam bhi karte hain to unke charche nhi hote……….@ Mul ki bhul Raj ji ispe aap kya kahnge

          • raj.hyd says

            jis kitab ki achhi bat hogi vah many hogi manusmriti me bhi muglo ke jamane me milavat ho chuki hai isliye uski bhi sabhi bate many nahi hongi ! kisi bhi kitab ki , kisi bhi vyakti ki gulami kyo ki jaye ?
            jo murde ho chuke hai, jo ab spshtikaran nahi de sakte hai unko jyada mahatv kyo diya jaye?

          • Arunesh says

            @Afridi ji: Aap manusmriti ki baat kar rahe hain. Ishvar ne sabko banaya hai. Sacrificial animals kaun hain jara bataye? Who can sacrifice and when? How and which process is needed to be called as sacrifice? For what Sacrifice? What is the benefits of Sacrifice? What God achieves by sacrifice? Dharm ka ek ang “Daya” hai aur yadi kahin bhi Nirdayata hai to vo dharm nahi, fir chahe wo kisi bhi granth me likha ho. Jab kabhi do baate conflict kare to mool ya fundamentals ko dekhna chahiye.

  85. raj.hyd says

    manusmrti 5/39-40 ka ansh bhi milavti hai is manusmrti me mans khane ka virodh bhi shamil hai isliye mans khan vali baat amany hogi 1 aap 5/-48-49 bhi dekh sakte hai jisme mans khane ka virodh hai 1

  86. rajkishan says

    Sthayitva ka mening hai ak jaga par rahena sach he lekin us ved me ye samjaya gaya he ki suraj or earth ke diatance ko sahi rakhe apni jaga par sthir rahe suraj ke gurutvakarshan se earth uske pas na jaye isliye vedo me iske liye prathna ki gai he

  87. rajkishan says

    Tumare yaha hota hoga bhai kyoki tumne hi kaha allah ko 6odke dusro ki ibadat karega to tera bura hoga matlab allah swarthi he ya fir tum,,, allah kabhi kisi ka bura kar sakta…ek salah dena chahta hu bhai apne bhagvan pe koi quetion kare to bura lagta he dusro ke bhagwan par bhi aap question mat kariae…..aap apne aallah ko dua kari ae or hame bhagwan ki prarthna karne dijiae……

    • Afridi says

      dear raj kishan ….aapne shi bola lakin ye baat to aapko Mul ki bhul @raj ko samjhana chahiye….aur jha tak rahi baat Allah ko chorko kisi aur ki ibadat karna to ye to satpratisat satya hain bhai ..socho zra ki jisne tumhe duniya me bheja tumhe bachpna diya jawani di aru budhapa diya uski ibadat ke siwa tum kisi aur ki ibadat karoge to nischit hi tumhe uska jawab dena hoga..kyunki ibadat ke layak wahi hain jo takat rakhata hain tumhe ek raqt se.banane (paida) karne ki…

      • Afridi says

        aur ye humare yaha hi nhi balki aapke yaha bhi log karte hain ..ha ye zaroor hain ki chand log bhatk gaye hain….aur ye to Bharma sutra bhi kahta hain bhia. dekhe zra…Ekam brahma ,dvitiya naste neh na naste kinchan, “There is only one God, not the second; not at all, not at all, not in the least bit.”to bhala batlaiye jab ek ishwer hain to…fir ye baaki kha se aagye bhai aru ab to market me latest type ke bhi aa gaye jo apne iswer hi batate hain jaise ki..baba rampaal..asaram bapu?

      • raj.hyd says

        JISME GALTI HOGI USKI KATUTAM ALOCHNABHI KI JA SAKTI HAI TAKI BURAI DUSRO KO DIKHE KISI BAAT PAR ZAJBATI NA HONA CHAHIYE ! AGAR PALAN,POSHAN KARNE VALE ABHIBHVKO KI BHI KUCH GALTI HO TO VAH BATLAN ACHAHYE !
        kya koi sury ke madhyam se badhti garmi ki shaikayat nahi karta kya varsha me jab baadh aa jati hai tab shikayat nahi hoti kya jyada sardi pade par shikayat ke bol nahi nikalte ! tab atyachari allah ki ninda kyo n ki jaye ?
        hatyare allah ki alochna kyo n ki jaye ?

        • raj.hyd says

          ishvar kisiko bhejta nahi hai
          balki karmo ka fal jarur deta hai
          ======
          ved me to ek ishvar kibaat hai
          lekin kuran me to sirf allah ko nahi mana na hai saath asankhy farishte 124000 nabui rasul ko manana behad jaruri hai
          sirf ishvar ko kyo n mana jaye 1

  88. raj.hyd says

    parama darniy shri arunesh ji , ishvar sirf nirkaar hai agar sakarv hota to vah” simit” ho jata jo shakti nirkaar me hoti hai vah sakaar me nahi ho sakti hai agar sakaar hota to batlaiye vah sakaar kis rup me hai
    kya bhukh, dard , bukhaar gandh , vayu, prem, krodh lalalach daya adi ki partima bansakti hai koi chitr bansakta hai vaise hi ishvar ka chitr nahi ban sakta hai , jo dikhta hai usi ka hi chitr banaya ja sakta hai aur vah hamesha simit hi hoga !

    • Arunesh says

      Shrimaan Raj Ji, aapki tippani ke liye dhanyavaad. yah aapse kisne kah diya ki agar isvar saakar rup me hoga to simit hoga? simit aur asimit hamaare dvait buddhi ke lakshan hain. sochiye ki is pure brahmaand me ishvar ki shakti hai jise ham apni indriyon ki simit kshamta se nahi dekh paa rahe hain. kintu yah hamaari seema hai, ishvar ki nahi.. Agar Sagar me kuchh paani jam kar glacier ho jaaye to kya us glacier ke andar upasthit H2O ki power kam ya simit ho jaayegi? Sakaar ya Nirakaar sab vohi.

      • raj.hyd says

        paramdarniy ssri arunesh ji aap kuch udaharan dijiye jo sakaar ho aur asimit bhi ho ! jal bhi sakaar hota hai! agar ishvar sakaar hota to aaj bhi hota vah sakar ishvar apki nigah me kaun hai ?

        • Arunesh says

          Sriman raj ji, namste! yah pura brahmand jisko ham nahi dekh paa rahe hain wo bhi saakaar hi hai. Ya wo sab anant brahmand jinhe ham apni buddhi aur indriyon se nahi jaan sakte, wo bhi saakar hi hai. Saakar hone ke saath saath wo asimit bhi hai.
          udaharan ke liye – maan lijiye aapko chungal naam ke baare me jaanna hai. aap kaise jaanenge? apni taarkik buddhi ka upyog karenge. lekin jo bhi rup rang aakar aap use denge, kya wo vaastav me chungal ka hi hoga? Iska uttar hai “HAAN”….. next post…

          • Arunesh says

            …. jiske baare me koi nahi jaanta aur kewal naam hi rakha hai to use aap koi bhi rup rang ya aakar denge to wohi uski pahchaan ho jaayegi. fir aap usko nirakar bole ya saakar aap ki drushti hai. ishvar ke baare me aisa hi hai. Use kewal naam diya gaya, fir gun ki baat hui, kintu jo tatva sabhi anya tatva aur shaktiyon ka nirmaata hai wo ek-samaan rup me sabme upasthit hai… yah us tatv ki visheshta hai. isme maatra ka koi mahatv nahi hai ki agar jyada hoga to uska gun jyada hoga. next post ..

          • Arunesh says

            .. ya kam hoga to gun kam hoga. Wo ishvar ek chhote se chhote anu me bhi apni sampurna shakti aur gunon ke saath viraajmaan hai. aapne yah bhi kaha ki paani saakar hota hai…… sahi bhi aur galat bhi… sahi isliye ki use jab kisi patra me rakhte hain to saakar ho jaata hai anyatha nirakaar (H2O bhi atoms aur fir nucleons aur usse bhi pare wave strings se bane hain). Isi prakar ishvar bhi apni samast shaktiyon / gunon ke saath kisi bhi rup me hai. Unke asankhya rup hain, kisi ek me simit nahi.

          • raj.hyd says

            paramadarniy shri anuresh ji bramhand kitna bhi vishaltam ho tab bhi vah simit hi rahega bhale hi vah pura n bhi dikhlaai de kyoki netro ki bhi dekhne ki ek sima hoti hai, netr halka sa tinka bhi nahi dekh pate apne netr bhi nahi dekh pate hai ,
            ishvar ke asankhy gun jarur hai lekin asnkhy rup nahi hai agar guno ko hi rup kaha hai to alag baat hai.! agar ishvar ke sakar hone ka gun hota to vah aaj bhi hota jo nahi hai! ishvar ke asankhy gun hote huy bhu kuch gun nahi bhi hai !

          • raj.hyd says

            bhukh dard pyas adi ka rup nahi hota balki abhivyakti [bhavna][ahasaas] jarur mil sakti hai !
            ishvar kya hai
            sirf ek chetan shakti ka nam hai 1 vah samras hai kahi ati jati nahi hai !
            ek smaan hai kisi vishesh me kam jyada nahi hai! dil me atma hoti hai isliey aap prem ki bhavn aki baat kar rahe hai dil nadan jyada hota hai buddhi ke mukable me !
            jo dildaar hote hai vah bevkuf banne ki kshamta jyada rakhte hai

    • Arunesh says

      Shrimaan Raj ji, dard, bhukh, pyass, khushi ityaadi ko bhi Rup me Badla ja sakta hai!! Ye sab vyakti kee abhivyakti me parilakshit hote hai.. Inka rup vyakti ke chehre par ubhare bhaavon pe dekha jaa sakta hai. INKA ROOP YAHI HAI. Isi prakaar ishvar ka bhi rup prakat hota rahta hai. Ishvar kewal PRem se prakat hota hai. Jitna prem hriday me umdega, ishvar usi prem ke rup me saamne prakat ho jaayega. Jitni bhi murtiyan hain, sabko kisi na kisi bhakt ne apne prem se prakat kiya hai aur ishvar bhi.

      • Arunesh says

        @Raj.Hyd Sir, aapki reply aaj dekhi…. aap yah batayen ki ishvar ko buddhi pahchaanti hai ya aatma pahchanti hai ? Agar buddhi pahchaanti hai to usne use Nirakar kyon bol diya? Nirakar bolne ke liye to alp-buddhi ki bhi jaroorat nahi hai… aur shunya buddhi to us ishvar ko anupasthit (absent) bata deti hai!
        Meri buddhi to yah maanti hai aur rishiyon ne bhi aatma ko us parmaatma ka hi ansh bataya hai. To, aatma apne anshi ko pahchaanegi ya kewal jad-buddhi? Bina prem ke ishvar kewal ek kalpana aur buddhi-sukh ka vishay ho jayega… aur is buddhi-sukh ke alawa ishvar ki kya upyogita hogi?

  89. VINOD PARMAR says

    ishvar ne do tarah ke prani banaye he , (1) MASAHARI (2) SHAKAHARI , do no prani ke sharir ki rachna ishvar ne alag alag ki he aur janm se hi alag tarike khane pine ke he. jaise MASHAHARI prani hamesha chaat (LICKING) kar pani piye ga, aur SHAKAHARI ghut ghut (sip) se piyega. Aur MASHAHARI prani ke daant (teeth) nokile hote he exa. – LION, TIGER, CAT, DOT, etc. jabke SHAKAHARI ki horizontal straight hote he. exa. – COW, HORSE, DONKEY, ELEPHANT, GOAT, CAMEL, etc.

  90. divyaraj says

    ek dost ne muzse ye sawal pucha tha whatsup pe, lekin muze iska answer pta ny tha, bcoz i m a christian, bhaiyo plz aap log btaoge muze plz
    सवाल है जो बहुत हि सोचने लायक है,
    जैसे
    कि –

    1:- सभी देवी देअवताओ ने भारत मे
    हि जन्म क्यो लिया,
    क्यो किसी भी देवी देवता को भारत
    के बाहर कोइ नही जानता ?

    2:- जितने भी देवी देवता देवताओ
    की सवारीया है उन्मे सिर्फ
    वही जानवर क्यो है जो कि भारत मे पाये
    जाते
    है,
    एसे
    जानवर
    क्यो नही को कि सिर्फ कुछ हि देशो मे
    पाये
    जाते है
    जैसे कि कंगारु,
    जिराफ…

    • raj.hyd says

      jinhone yah prashn pucha tha unse aap yah bhi puch sakte hai ki aaj ke dharm samajhne vale sabhi asia me hi kyo j huye yurop africa adi me kyo nahi huye jaise islam isaai yahudee adi !
      apne desh me jinko devi devta kaha jata hai vah sab kalpit hai !
      n inka janm hua hai aur n unki maut
      yah kalpit kahaniya matr hai ek cartoon matr hai
      jinhone unki kalpna ki thi un sb ne is desh ke pakshi janvar adi ko dekha usi tarah se unhone aise cartoon bana diye the !

      • Arunesh says

        @Adarniya Raj Sir,…. Kis aadhar par aap Devi-devtaon ko kapol kalpana kah rahe hain? Yadi wo aapki adhyatmik jnaan ki pahunch se baahar hain to wo aapke liye kapol kalpana ho sakte hain, anyatha aur koi karan nahi hai. Aap kisi bhi ek rishi ka naam batayen jisne ishvar ke saakar hone ka khandan kiya ho. Haan, aajkal ke adhunik aur “ati-jnaani” log jinki buddhi aur aatma me koi mel nahi hai, jaroor, ishvar ko saakar nahi maante. Ved me kahan lspasht rup se ikha hai ki ishvar “saakar nahi hai”? ishvar buddhi ka vishay nahi, balki aatma aur prem ka vishay hai..aur yahi hinduism ke…

        • raj.hyd says

          parama darniy shri arunesh ji , agar ishvar saakaar hota to simit bhi hota jo simit hota to itna bada brahmand ka nirmata kaise ho sakta tha isliye ishvar sirf nirakar” hi” hai !
          agar ishvar sakaar hota to ham sabake sharir mata ji ke “garbh”me itane vaigyanik dhang se kaise nirmit hote ?
          garbh me to ishvar kaise jata kyoki vah apki najar me sakaar hai !
          ved me bhi ishvar ko nirakar kaha gaya hai aap chahe to ved padh sakte hai !
          shatpath brahman granth 14-5-7-4 ko padhiye usme sirf 33 devta kahe gaye hai usme jal , pavan, dharti sury chandrma buddh mangal shukr 12 maah…

          • raj.hyd says

            us shatpath brahman me kalpit devi devta duraga ganesh sarasvati laksh mi adi ka jikar bhu nahi hai
            asal me devta kaun hai? jo sabko de vah “devta” aur jo le vah” levta ” jaise apradhi varg kuch n kuch lete hai isliye unko levta bhi kaha ja skata hai !
            sury dharti jal pavan adi sabhi ko bina bhed bhav ke hamesha dete hai isliye unko devta ki sangya di gayi hai
            unki bhi aradhana karne ki katai jarurat nahi hai kyo ki unki aradhana karne se bhi n vah jyada denge aur unki aradhan n karne se vah kam bhi nahi denge!

          • raj.hyd says

            ishvar ka ek bahut bada gun gyan ka bhi hai fir ishvar ko buddhi se kyo n jaana jaye ?
            ishvar ka ssambandhbuddhi se tark se kyo nahi kaha jaye ? ham sabko gyan ishvafr se hi milta hai! itna bada brahmand gyan ka hi shrot hai ! isi se khoj karke hi vidvan jano ne ham sabka bhala karne ki koshish ki hai aur age bhi hoti rahegi !
            ishvar ka ek gun prem bhi hai ishvar se prem bhi karana chahiye !

    • Arunesh says

      @Divyaraj, … Devi aur Devta parmeshvar ki shaktiyon ka prakati-karan hain. Bhaarat desh me bhakti-maarg bahut purana hai. Bhakt use kahte hain jisne apne prem se nirakaar ishvar ko us bhakt ki iccha ke anusaar rup dhaaran karne par vivash kar diya ho !! Isliye jitne bhi devi aur devtaon ke chitra apko dikhte hain aur unme jo bhi savaariyan dikhti hain, wo sab kisi na kisi bhakt ki iccha ke kaaran us rup me dikhti hain. Ab, jab bhakt bhaarat ka hoga to uski icchayen bhi to bhaartiya hongi. Yadi, koi bhakt Australia me janm leta to ho sakta tha ki koi Devi/Devta aapko Kangaroo pe bhi milta.

      • raj.hyd says

        mananiy shri arunesh ji ! jara sochiye ki bhakt kabhi ishvar se bada ho sakta hai kya ishvarkobaadhy kar sakta haijo badhy ho jaye vah ishvar kabhi nahi ho sakta us bhakt ko prati pal svanso ke maadhyam se jivan bhi ishvar hi deta hai !
        fir kaun bada hua bhakt ya ishvar?
        kitni ajib kalpit savari hai chuhe ke upar itna abda pet vala ganesh !
        kya chuha mar nahi jayega bka se ka bada janvar hi bana diya hota ? in cartoono se bhi sikh milti hai ! kyoki chuha chalaki ka pratik hai kutarna ka uska tarika hai ! ishvar ne ham sabka sharir banaya jivan diya kya yah kam hai ?

        • Arunesh says

          Shriman Raj Ji – aapka sochna taarkik hai kintu adhyatm ke rahasyon ko aap tark-buddhi se nahi jaan sakte. Bus itna hi kah kar is vishay par main samvaad band karna chahoonga. Asha karta hoon ki aap Gyaan ke maarg se Kaivalya pad tak pahuch paayenge. Kintu gyaan ka panth talwaar ki dhaar hai, kabhi bhi koi aapko vidharmi tarkon se bhramit kar sakta hai. Iske liye aapko Vedon ke sahi sahyog ki hamesha jaroorat rahegi. Lekin jo Ved ko nahi jaante/samjhte unhe bhram ho jaayega. Dhanyavaad !!!

          • raj.hyd says

            manniy shri arunesh ji adhaytmik rahasyo me bhi saty ka, tark ka samavesh hona chahjye ! varna koi bhi adhyatmik rahasyo ke nam par galat baat bhi pesh kar sakta ha i !

  91. Akanksha says

    Raj ji
    Aapko pata hain Isaai dharm ke prophet/devadoot ka astitv nahi tha. Kuch logone rajaniti karane ke lie usaka nirman kiya. Unaka jo dharm granth hain bible wah bhi dusare dharmik kahaniyon ka mishran hain. Jis god ka astitv nahi hain, usiki puja kar rahe hain.

    • raj.hyd says

      manniy aknksha ji , bibal bhi anek tarah ki hai , aur isaiyo me bhuat se alag alag samudaay hai kuch isa ko khuda ka beta mante hai koi dev dut aur koi svayam ishvar ko hi ishvar bhi kah dete hai
      bibal ka pahala pej kholiye
      usme likha hai ki 6 din me sari srishti banayi aur satve din visham kiya vah satvaan din ravivaar tha jo khuda vishram karta ho thak jata ho usko kaise ishvar bhi kaha ja sakta hai aur 6 din me sara brahmand bhi nahi bana hai isliye baibal ka pahala pej hi galat hai

    • raj.hyd says

      ati sammanit shri arunesh ji yah bat apki thik hai sirf sanatan dharm hi[andhvishvas rahit vala ] sachha dharm hai baki koi dharm hi nahi hai durbhagy se apne dharmik vidvano ne bahut badi bhul kar di jo apne alava bhi islam isauyat bauddh jain adi ko dharm man liya gaya usko dharm ki manyta de di aaj iski sakht jaruratahi in sab ki dharm ki manyta samapt karne ki pahal ki jaye tabhi sansar me manvta bach sakegi
      aur manvta ke guno ka prachar karne ka mahaa abhiyaan bhi chalana hoga jo aisa aaj nahi ho raha hai !

  92. sysed shanawaz ali says

    Bahane ke lawdo sab ko malum hia ki muslan aur kurna ki ma ka bhosada hia .. sali rand ke samana hia kuran ..phir bhi tum itane pavitra dharam par awaz utha rahe ho ..salo alla tumhe kabhi maaf nahi karega…..

    khuda ki kasam koi sahi dharam hai to woh hindu ya christian varna sab jante hia mohammad ne to apni beti ko bhi nahi choda .. salo jis thali main kha rahe ho unko bura bhala aur afwaah to mat felao….

  93. raj.hyd says

    adarniy shri rehan ji jab quran hi ” mul ki bhul “hai tab any pustke padhne ki bhi vishesh jarurat nahi hai aap batalaye jin kitabo ka ap jikar kar rahe hai vah kab se quran se badi ho gayi aur kab se hadiso se badi ho gayi ! islam ko jyada samajhne ke liye quran aur hadees kafi hai !
    ap batlaye ki kalpit124000 nabi rasul ki lisht kismme hai sabut ke sath pesh kijiye !
    kalpit farishto ki snkhya kitni hai vah batlaiye!
    kalpit qurani allah quran 2/54 me bekasur insano ki hatya karvaneka adesh deta hai 1 kya isse bhi mautipuja khatm vah karva paya ?
    vah asfal kyo ho gaya ?

    • raj.hyd says

      kabhi alisina ka fethfreedam.com me jakar islam ki asliyat jan ne ki taklif kar lijiyega aur sochiye ga ki vah islam ki alochna karne ko kyo majbur hua?
      padhe likhe samajhdaar manvta vadi muslimo ko bhi islam ki alochnakarne ki pahal karni chahiye aur quran ki sangati bhi tatkal chod deni chhaiye varna islami atankvadi hham sabki aur ap sabki bhi hatya karne me koi sankoch nahi karenge

  94. Tarique Kamal says

    Har koi ko apni bat rakhne ki azadi hai par aam bhole bhale aur kam parhi likhe hinduao ko murkh bna na Brahmins ka ye khel hazaro sal se chala arha hai. Pahle ye bten ki Vedas ko parhne ka huq kisko hai aur chune ka huq kisko hai aur kise na parhne ka aur chune ka huq hai likhne wala pahle se hi dil o dimagh me dwesh baitha kar likha hai jis word ka use bar bar kia hai usse uski mansha jhalakti hai. WAISE AGAR AAPKO APNI QABLIAT PAR ITNA VISHWASH HAI TO ZAKIR NAIK KO OPEN CHALENGE KEO NHI KARTE? AJAO PUBLIC DE.IE. Magar pta hai aap ke andar uska samna karne k salahiat nhi bas ulti

    • raj.hyd says

      adarniy raiq ji samajik paristhitiya badalti rahati hai rajkiy vyavsthaye bhi badalti rahati hai aaj koi stri ya dalit varg ka vyakti ved adi padh sakta hai kuch bate afvah bhi ho sakti hai.
      kya aapka buta hai ki aap zakir ji se hamari bahas karva de ?
      ham sirf quran par bahas karenge aur sabit karenge ki quran mul ki bhul “hai !
      vaise bhi zakir ji anek baar khule aam kaha chuke hai ki quran ki20% bate abhi saty nahi huyi hai “insha allah ” vah bhi age saty ho jeyngi
      hamara kahana hai ki kareeb 1450 saal me jo bate abtak saty nahi ho payi to kya khak age saty hongi

  95. Tarique Kamal says

    AAP ME ITNI HIMMAT HAI PUBLIC DEBATE KA TO IRF SE CONTACT KREN MHI HOTA HAI TO MUJHE BOLE SARA ARANGEMENT KARWA DENGE JGAH AAP TAI KREN TIME IRF WALE TAI KRENGE.

    • raj.hyd says

      aap koi bhi din tay kar lijiye ham quran par bahas karne ko taiyaar hai
      hamari sirf ek shart hai ki sari bahas shanti purvak honi chajiye aur sunne vale bhi shant rahe ! ky aap bahas karvane ki himmat rakhte hai
      jara zakir ji ya any kiis islami visdvan se yah to pata kar lijiye quran ki ayte kis tarike se ayi thi yani kalpit farishta kaun se vahan se asman se utrakar ata tha ! muhamamd ji ne apn emitro se usko kyo nahi milvaya farishte ka akaar kya tha kitna lamba chauda tha uska bhojan kya tha kya kabhi apne atithi[kalpit farishta ] ko muhammad ji bhojan adi karvaya tha

  96. amol says

    i likemuslim dharm kyo ki mera isa manna hai ki eh dharm me babil aur kuran ke kuch vachane sem hai wah ise
    1)muslim me burkha pehana jata hai aur christioan me bhi shadi ke doran safed burkha pehana jata hai
    2) marne ke bad jamin me dafhanaya jata hai
    3) es dhjarm me bindi nahi lagai jati aur christioan me bhi bindi nahi lagai jati

    • raj.hyd says

      islam aur isaiyat koi dharm nahi hai ! dharm ka sambndh dayaa se hota hai jo dono me nahi hai !
      duniya koi bhi kisi bhi samuday me paida ho jaye usko sirf manvata ko apnana chahiye yani “dusre ke saath vah i vyavhaar karo jo apne liye bhi pasand aye ” yahi sutr hai manvta ka aur dharm ka bhi
      isko aur vyapakta se apnana chahiye ham sab nahi chahte ki koibhi janvar hamare bachho ko jara si bhi taklif de tab ham sab manav hokar buddhiman hokar bhi janvar ki hatya karke uska mans kyo khaye
      is deh me isai mahilaye bindi lagati hai bindi lagana bura bhi nahi hai !

      • raj.hyd says

        shav ko dafnana galat hai usko bijli ki mashin me dahan karvana chahiye kyoki jamin is desh me bahut kam hai aur jamin bahut kimti bhi hoti hai ! uska sahi upyog ho
        isai mahilaye sirf vivah me safed kapde jyada pahankar vivah karvari hai usko burka kadapi nahi kaha ja sakta hai !
        burqa to gulami ki nishani hai ang dhake uhe shalin pahanava jyada thik rahega chehara to pahachan ka pratik hai usko kyo dhaka jaye ! chehara bura nahi hota mansikata buri ho sakti hai ! vah burqa pahana evali ki bhi ho sakti hai aur hoti bhi hai ! anek burqe valiye veshya tak hai !

  97. Arjun says

    Dekh bhai hindu dharm.me jo likha h wo ik ik bat sahi h. Jin musalmano ki bat karte ho kuch samay pahle tak unka astitwa hi nahi tha wo to koi ik koi lagal mar gaya ik pahad par jisko tum apna bhagwan mante ho .. hindu dharm ka to wo iswar h jisne tumhare bhgwan ko v banaya h..

  98. truth always prevails says

    URINE IS A POTENT REMEDY AND DRINK OF THE GOD

    Atharva Veda 6.44.3 Thou art the urine of Rudra, the navel of amrita (ambrosia)…

    मूत्र [Mutr] = Urine. Refer Panini’s Ashtadhyayi Vol III, Ch 2.56. V.S. Apte’s dictionary

    [The Students English-Sanskrit Dictionary, By V.S. Apte, p.445]

    Here Mutr (Urine) is regarded as Ras of Rudra, now let’s see what other verses speaks about Urine

    [Maurice] 2.27.6. O Rudra, whose remedy is the urine…

    [Maurice] Atharva Veda 6.57.1-2 This, verily, is a remedy, this is the remedy of Rudra, with which one may charm away the arrow that has one shaft and a hundred points. With gâlâsha (urine) do ye wash (the tumour), with gâlâsha (Urine)do ye sprinkle it! The gâlâsha (urine) is a potent remedy: do thou (Rudra) with it show mercy to us, that we may live!

    • Krishnarao says

      The muslims in the arab world still drink camel urine as a way of treatment. And in the West they use horse urine as a way of treatment. These are facts.

      • Abdu Rasul says

        @Krishnarao

        _______________muslims in the arab world still drink camel urine as a way of treatment_______________

        What is the shame. in this if they consume camel urine to treat the disease. If camel urine helps to cure certain disease they should be glorified to find treatment of any certain disease.

        • Krishnarao says

          And some small minority of Hindus claim the same thing about cow urine. What’s the difference. And in the West, they used the same claim about horse urine. I heard all the claims. save it.

    • Krishnarao says

      truth always prevails says,

      Again the verses you speak of from other sources are useless, let’s talk about the one from the Veda:

      Here is what it actually says:

      Rudrasya Mutramasyamrtasya Nabhih. Visanaka Nama Va Asi Pitrnam Muladutthita Vatikrtanasani.

      English Translation: ” You are the shower of the cloud, you are the center and concentration of the sanative nectar. You are Vishanaka by name, a sure cure of genetic ailments and those caused by wind disorder.” Atharva Veda 6.44.3

      As you can see there is nothing about drinking cow urine.

      Translated by Dr. Tulsi Ram M.A., Ph.D.
      The ISBN number for his full translation of all of the Atharva Veda is: 978-81-7077-153-7
      Published by: Vijaykumar Govindram Hasanand
      Support by Agniveer followers and many other Hindus

      Can you provide your translator, the ISBN number, publisher, and which Hindu group supports your translation please. Otherwise you are a liar and a coward.

    • Krishnarao says

      Bible tells you to drink your own urine: “15 Drink water from your own cistern, flowing water from your own well. ” (Proverb: 5:15)

      Bible tells you to eat your own poop: “”And thou shalt eat it as barley cakes, and thou shalt bake it with dung that cometh out of man, in their sight. And the LORD said, Even thus shall the children of Israel eat their defiled bread among the Gentiles, whither I will drive them.” (Ezekiel 4:12-13)

      More poop eating verses from the bible: “”But Rabshakeh said unto them, Hath my master sent me to thy master, and to thee, to speak these words? hath he not sent me to the men which sit on the wall, that they may eat their own dung, and drink their own piss with you?” (II Kings 18:27)

      • truth always prevails says

        @krisna Rao… Bhai bible aisa kahi nahi likha, aur west aur Arab me koi mutr nai peeta, han India ki ayurveda aur baba ramdev ke video aap YouTube me dekhe jisme cow ke mutr ko kai beemariyon ki dawa batayi gayi hai, aur morar ji Desai cow ka mutr peete the. Kai Hindu subah subah cow ke mutr ka Sevan karte hai, wo ise tonic ke tarah use karte hai, aap ke ghar me bhi kai log cow ka mutr peete honge. Ise jhutlana mat nai to itna evidence hai mere pas ki aap jhel nai paoge.

          • truth always prevails says

            There are no verses in Bible, Torah or Quran which advocate about drinking pee of camel or cows. But, in Veda there are lot of instances where you will find cow’s urine and faeces are panacea for treating various disease. You can find various videos on YouTube where urine of cows are considered sacred. Baba ramdev even propogate drinking cows urine is useful for many disease. Indian prime minister Morar ji Desai usually had drunk urine of cows. So many Hindus especially in India drink fresh cows milk daily and use Cow’s faeces to paste their soiled floor in villages. I do not know indian Hindus are progressing or regressing .

          • Krishnarao says

            Truth will prevail, i quoted the lines fron the bible translated by practicing christains that tell you to drink your own urine and even eat your own poo. Go look at it. Yet you did not give me a translation by a practicing Hindu from the Vedas that say we should drink our own urine or cow urine. I even gave yoU the ISBN number to get a good translation.

            Don’t be coward and give real sources. Give me the publishers name, the translator’s name, the group that supports that teanslation. Don’t be a coward.

  99. truth always prevais says

    @Abdu Rasul…LORD SHIVA has himself narrated the “Benefits of Urine Therapy” to MOTHER PARVATI which has been referred in the ancient book “DAMMAR TANTRA” in Vedas. In Ancient Books and VEDAS Urine is referred as “SHIVAMBU” (Auto Urine) meaning Water of SHIVA.

    Urine Therapy is the ancient method of treatment. The Powerful practice for healing “SELF-URINE THERAPY” has been referred in “SHIVAMBU KALPA VIDHI” part of 5000 years old document called DAMAR TANTRA linking this practice to VEDAS the sacred Hindu texts. Reference of Urine Therapy is also found in almost all the volume of AYURVEDA and in one of the volumes BHAVPRAKASHA Urine is termed as “VISHAGHNA” killer of all poisons and “RASAYANA” which can rejuvenate even old person and “RAKTAPAMAHARAM” which purifies blood and cures all skin diseases.

    In TANTRIK Yoga culture this practice is termed as “AMROLI.” AMROLI comes from the root word “AMAR.” They termed “SHIVAMBU” as Holy Liquid. According to them Urine is more nutritious than even milk as you are not only physically benefited by the practice, but you become spiritually advanced because it is an Elixir for body, mind and spirit. God has given us this precious Gift (Urine) right from our very birth.
    Even, in Veda and bhagwada geeta, it is written that cow is the mother or 33 crore god and goddesses. It is also mentioned in Veda that cow is the mother of all organism and worlds. What a pointless philosophy. This is the height of Indian philosophy.

    • Krishnarao says

      Truth will prevail, still not providing the quote, the name of the practicing Hindu translator, the publisher, and which Hindu group supports that translation of the Vedas. Coward.

  100. Anonymous says

    A psychopath is posting comments using various user names and email id. I am worried about his mental conditions.

    • raj.hyd says

      vishnu se sirf 24 baar hi aapke hisaab se kyo janm liya ? iske baad bhi apna hindu samaj gulam kyo raha jab gulami ka daur hajaar saal tak chal raha tha tab janm kyo nahi liya ? karodo hindu muslim kyo ban gaye
      kyo desh ka vibhajan hua

      • Arunesh says

        Adarniya Raj Ji Namaskaar !!! Aapki post dekhi to man hua ki kuch prativaad kar liya jaaye. Aapki soch ek rationalist ki soch hai, jiske liye aapko sadhuvaad. Kintu, rationalist ke saath ek problem hoti hai aur wo yah ki wo uplabdh aur sidh ho chuke pramanon par hi baat karta hai, baaki sab uske liye jhooth hota hai. . Gyaan ki sima koi nahi hai aur wo ishvar ki bhanti anant hai.. aapko hindu kaal ke baare me kuch jaankari hai ya nahi.. Hindu calendar of Universal time ke hisaab se – Mahapralay – 100 brhma varsh, 1 brahm varsh = 1000 Kalp, 1 Kalp = 100 mahayug, 1 Mahayug = 4 Yug, yah saare 24 avtaar pratyek mahayug me hote hain. Yug ke aadi me jab manushy ka udbhav hota hai, wo manushya ishvar aur uski rachna ko sajeev darshan karta hai kyonki wo usi ishvar ki aatma ka ansh hota hai . Us par koi bhi kaala mulamma nahi hota hai. wo ekdum 100% khara sona hota hai. Lekin jaise jaise samay beetata hai, us manushy ke man par kaalima chadhne lagti hai (kyonki population se competion badh jaata hai). Jab ek sthiti aisi aati hai ki ishvariy gunon ka naash ya srushti ke naash hone ki sambhavna ban jaati hai to Ishvar swayam Avtaar lekar use theek karte hain. Yahan par kisi manushy ki itni kshamta nahi ki vo is kaalima ko door kar sake ya srushti ke vinaash ko rok sake. Ise rokne ke liye alaukik shaktiyon se purn ishvar ko swayam janm lena padta hai. Jab madhy kaal me bahut atyachaar tha tab ishvar ne avtaar kyon nahi liya? Prashna ka uttar mere upar ki lines me hai. Jab tak purn sambhavna nahi ho jaati ki dharm ka ant ho jaayega, ishvar janm nahi lete. Ishvar ke janm lene ka ek samay hai aur is samay pruthvi dheere dheere usi disha me badh rahi hai. Ek nishchit dar se kaalima chha rahi hai aur usi dar se jab ek nischit matra ko paar kar jaayegi to ishvar ke aane ka samay ho jaayega. Koi dharm ka vaigyanik us samay ko calculate kar sakta hai. Muslim ban jaane se vaidik dharm ka hraas jarur hua aur daya dharm ka bhi hraas hua, kintu aaj bhi bahut aap jaise log hain.

        • Arunesh says

          aap jaise dayavaan aur dharmaatma logo ki vajah se kaalima badhne ki gati dheemi hai. kyonki pruthvi par resources simit hain aur manav ke man ke andar ki khurafaten asimit, kaalima badhti hi jaayegi. Yug bhi isi kaalima ki maatra ke hisaab se badal jaate hain. Satyug – Pure Gold Mind, Treta Yug – Golden Silver Mind, Dwapar Yug – Silver-Bronze, Kali Yug – Pure Bronze or Iron mind. Iron mind ke time me log lohe ke samaan kathor aur nirdayi chitt vaale ho jaate hain. unme daya ka abhaav ho jaata hai. Dambh aur ahankaar itna ho jaata hai ki hinsa unhe sabse jyaada priy lagne lagti hai. Isi hisaab se abhi bhi kuch silver minds ke log hain jinki vajah se hum gulaami ke baavjood dharm ko bacha sake. Kitne santo ne janm liya un 1000 saalon me… Nanak, Kabeer, Tulsi, Meera, Raidas, Chaitnya, Madhav, Dadu, Tukaram, aadi aadi. In santo ke gold minds ne kali yug ki gati dheema kar diya aur aaj hum apni pahchaan nahi kho sake hain. Agniveer aur aap jaise Rationalist bhi kaalima ko dheema rakhne ka prayaas kar rahe hain. Kintu isko koi manav khatm nahi kar sakta.. kyonki yah to manav ke man se juda hua vishay hai.. jisko saatvik banaane ke liye kewal purn satttvik parameshvar avtaar hi jaruri hai… kitne bhi mahapurush aur sant aa jayen lekin Yug ki gati nahi badal sakte…. purn-parmeshvar ka koi satvik avtaar hi is kaalima ko khatm kar sakta hai.. Aap ka rationalism , vaidik dharm ke naam se chal rahi buraiyon aur kaalima ko dhone ke liye bahut jaruri hai, kintu anya karnon ko irrational na samajh le !! Agar kuch karna hi hai to un karnon se hone waale nuksaan ko door kare jo swarthi tatv hamesha se karte aaye hain.

          • raj.hyd says

            paramadarniy shri arunesh ji , sadar saprem namaste ! hamare drishtikon se ishvar ke janm ka vichar hi galat hai saty tino kalo me ek tarah ka hi hota hai !
            ishvar ke janm lene kibaat hi laghuta aur kamjori sabit hoti hai !
            janm lene ke liye mata pita ki jarurat aur unka achhabura kahana manne ki badhyata adi ! bachpana javani budhapa adi ka samaky bhi jhelna ! jab ki ishvar in sabse pare hai jo kamjor ho yakisim ek sahare ho usko to ishvar hi nahi kaha ja sakata hai ! apke rakhe tark me yahi truti hai
            ab avtaar ki baat le lijiye janvar bhi avtar man liye gaye matasy suar adi bhi ek samay me do avtaar ho gaye parasuraam aur raam ji , kmal n bhi dekhlijiye dono ek dusre se parichit bhi nahi the paarshuraam ji bhi krodh ke avtar sabit huye !
            batlaiye aisa kaun sa kam hai jo ishvar ko janm lena pade
            kya vah bagair janm ke vah kary karne me aksham [kamjor] hai ?
            raam ji ko bhi galiya mili
            shri krishn ji ko bhi shishupaal ne 100 galiye di ! kya ishvar ka avtar apman saahne ke liye hota hai ?
            buddh ji ved- ishvar aadi ko ko nahi mante the lekin hindu dhramatmao ne unko bhi ishvar ka avtar ghoshit kar diya kitne kamal ki bata hai yah?
            apne bahut lambi gadna pesh ki hai itni lambi gadna ke bad bhi sirf 24 avatar ? 4 arab 32 karod saal ka ek srishti ka samay hota hai usme karib 2 arab saal gujar chuke hai usem shayad 23 avart aneki baat kah di gayi hai bak samay e sirf ek avatar
            vah bhi kalki avatar ki baat hai
            saikdo dhurt svarthi apne ko kalki avtar ghoshit kiye huye hai !
            isliye kripya ishvar ke avara ki baat mat kijiye !
            agar raam ji ishvar ke avtar hote to ek pal me ravan ko mar sakte the jaise aaj bhi ek minta me sirf bharat me hi 29 vyakti mar jate hai !
            agar ishvar ke avtar raamji hote to kya unko is baat ka gyan nahi tha ki unki priy patni ji ka apaharan ho sakta hai ? fir kisne kiya yah bhi gyat hota jo nahi tha !
            raam ji ke samay me kisi ne bhi unko ishvar ka avtar nahi mana yah kaisi baat hai

          • arunesh says

            Ishvar ke ansh shri Raj ji, namaste ! aapne wo hi baate kahi jo tark-buddhi se ki jaati hain. yadi aap ko manushy aur ishvar me bhed lagta hai to aap galat hain. manushy ya koi bhi jeev ishvar ho sakta hai. Ishvar ek shakti ka naam hai aur wo shakti kisi bhi manushy me ya jeev me hoti hai. Us shakti ke prakat hone ko hi avtaar kaha jaata hai. Aap jis ishvar ki vyaakhya karte hain wo Ishvar aur koi nahi hai, kewal vicharon ka utpaadan hai. Yah shakti har taraf bikhri hui hai. Aap kahenge ki ishvar sarv-shaktimaan hai… to kya us sarv-shaktimaan ki sarv shaktiyon ko aapne dekha hai ya anubhav kiya hai. wo shaktiyan jab kisi rup me prakat ho jaati hain tabhi ham ishvar ko maan sakte hain, anyatha kya maana jaaye? Asimit shakti, sarva-byaapi, ityaadi sangya kewal vichaar hi hain. Jitne bhi pustak aur buddhi ko aap upyog kar le, ishvar ki jitni bhi vyaakhya aapko mile, kya aap us ishvar ko jaante hain, ya kewal tark aur kitabon ke aadhar pe maante hain? Main to tab hi maanunga jab wo saamne prakat ho jaaye … anyatha koi matlab nahi hai. Main usko apne andar maanta hoon aur aapke andar bhi. Vo asimit mere andar abhi simit lag raha hai, lekin jab wo mere andar asimit ho jaayega, to main bhi aur logo ke liye ishvar ho jaaoonga… aur jab tak yah nahi hota ..tab tak main ishvar nahi hoon.

  101. raj.hyd says

    parama drniy shri arunesh ji , pahali baat ham ya koi bhi ishvar ke ansh nahi hai !
    agar ansh hote to ishvar ke gun bhi ham sab me hote jo nahi hai jaise ham sab nasha karte hai jhuth bolte hai ek chintee ka nirman bhi nahi kar sakte hai ! apki yahbaat saty hai ki ishvar sarvshaktiman hai
    ham koi chij mankar nahi chalat e hai !
    ham sabko svanso ke madhyam se jivan milta hai isliye ham us param ishvar ka nity dhanyvaad karte hai!
    jab har kary me tark kiya jata hai to ishvar ko bhi tark se pare kyo rakha jaye !
    ishvar ka ek gun sarvyapak bhi hai isliye ishvar ham sabke andar bhi hai aur bahar bhi hai yani koi ansh aisa nahi hai jisme ishvar n ho !
    sarsghaktimanka arth yahhai ki ishvar apene karyo me kisi ki madad nahi leta ! usme brahmand banaya usem kisi ka sahayog nahi liya agar ishvar avtara le to uski ape mata pita ka say hayaog lena hoga ! isliye vah ajanma hai ! jo ajanma ho vaha kaise kahi janm le sakta hai vah to ek shakti matr hai
    jo shaktiman ho vah kaise ashakt ho sakta hai ek bachha ashakt hota hai usko dusro ki sahayta ki jarurat padti hai !
    aaj batlaiye aaj kaun sa ishvar hai nirakar hi kahana hoga ?
    ham sabko jivan kaun de raha hai ? sirf nirakaar ishvar raam ji shri krishn ji adi ko bhi jivan usi ishvar se milta tha ! unki bhi maut huyi
    jabki ishvar anant gun vala hai uska kabhi ant nahi hota hai !
    is brahmand ko kisne nirman kiya sirf ishvar ne
    pushpo me sugandh kisne dali sirf ishvar ne !
    ham sabko karmo ka fal kaun deta hai sirf ishvar !
    ham sabka vikas kaun karta hai sirf ishvar
    garbh me bachhe ka nirman kaun karta hai sirf ishvar
    n ki raamj krishn ji adi

  102. ratnakar says

    mere khayal me hindu ek dharm nahi balki dher sari jatiyon ka collection he jiske antargat high caste ke logon ko maan sammaan dene aur down caste ke logon ko beizzat karane ka adhikar milata he.yahi vajah he ki hindu dharm bharat me hi nahi felpaya, jabaki bodh dharm bharat ke alawa nepal,tibet, china,burmah,indonesia aur japan jaise advanced deshon me faila hua hai. yahan log jatigat reservation ko hatane ki maang to karate hein, lekin jaati hatana nahi chahate. jo log vastav me hindu dharm ka prasar chahte hein to unhe apne beti beton ki shadi down caste ke logon me karake is jaativad ko dilon se mitaana hoga varna khali baaten karane se hindu dharm ka bhala kabhi nahi ho sakta, ye mera daava he.

  103. Ratnakar says

    Sachchai hamesha kadui hoti hai.

    Agnivir bhai apne is web par ved purano ki itani tariff ki he ki yeh spasht nahi hoparah ki isase aap vastav me kisaka bhala karna chahte he, Hindu dharm ka, Hinduon ka ya Hindustan ka?
    Bharat desh me jitani hinduon ki avadi he usame 20% savarn (Brahman. Kshatriya, vaishya) aur shesh 80% asavarn jatiyan jiname Dalit, Tribes aur Backward castes hen. 80% asavarn jatiyon ko in ved purano se koi sarokar nahi he ,na hi dharm unake jeevan me koi sahayata kar sakta he, une to apna parivar palane ke liye mehat aur mazdoori karni padatihe. Yadi ve esa nahi kareng to unake bachchon ka pet ved puran aakar nahi bhar paying. Swami Vivekanand ne kaha tha ki Bhooke petwalon ka koi dharm nahi hota.
    Ab rahi 20% savarn jatiyan ye log ved purano ko isliye support karate hen kyonki inaki vajah se une bina koi prayas kiye hindu samaj me upper class ka darza milgaya he.halanki iname bhi 15% log mehnat mazdoori karke hi apne parivaron ka pet bharate hen. Rahe shesh 4/5% Brahman log jo mandiron aur mathon me beth kar inhi ved purano ke geet gag a kar 85% hinduon ki pasine ki kamai ka dharm ke naam par shoshan karke aish ka jeevan vitate hen aur samaj me jaativad felakar vaimanasata paida karate hen. Yadi vastav me dekha jaye to aap in 4/5% logon ka bhala karane ka liya itani mehnat kararahe ho. Lekin yaad rakhana jab tak poore 100% hindu samaj ko dharm ka labh nahi milega tab tak hindu dharm ke prasar ki baat karana bemani he.
    Han ek baat aur ki aap kahte he ki ved purano ke anusar janam adharit jaati vybasth nahi banati to kripaya muje ye bataye ki bharat ke kis kshetra me jaati vybastha janam par adharit nahi he.Kya aapke pitaji, aap aur aapke putron ki jaati ek nahin he , yadi ek he to aap kese dusaron ko yakin dilayenge.
    Mauzood janmjaat vyabastha tab tak chalati rahegi jab tak ye 4/5% log doosaron ki kamayi par aish karate rahenge ya jabtak hindu log janmjaat vybastha ko root out karane ke liye intercastes me apane beti aur beton ki…

  104. Ratnakar says

    Continued from last :-

    ki shadiyan karna shuroo nahin karenge.
    Bina vastavik badlao ke khali ved purano ke geet ga ga kar hindu dharm ke prasar ki baat karana kori beimani he aur aapaki mehnat ka hinuon ko 1% bhi faida nahi mil paayega.
    RATNAKAR
    Hindu dharm ka real well wisher.

    • raj.hyd says

      ratnakar ji @a pki yah baat saty hai ki 100% hinduo ka bahla hona chahiye ! bahla bhi vahi utha sakenge jinki ruchi hogi ! ruchi kiis ki bhi ho sakti hai ! dharm ka theka sirf janmjaat brahano ka nahi hai ! sabhi usse labh utha sakte hai jo apne ko asvarn bhi mante hai vah bhi vivah aur maut adi me unhi janmjat brahamno ko bulakar karmkand karvate hai
      yogy vidvano ko nahi !
      vidvan koi bhi ho sakta hai ! jaise ambedkar ji bhi vidvan the ek tarah se brahman the !
      agar sabhi apne naam ke saath jati ke tamango ka tyagkar de aur janmjaat koi agrah n rakhe to hindu samaj me jaldi ekta a sakti hai

  105. bsr says

    Agniveer bhai mene aaj teen article is website par post kiye the jinme mene apne priya hindu dharm me prachlit us hakikat vyabastha ki jhalak matr pesh ki thi, jo buri tarah se sad chukihe aur jo hindu dharm ko aage nahi badne derahi. Mene pahle hi bola the ki sachchai hamesh kadui hoti he. Vyabastha me itani sadhandh peda hochuki he ki jisaki badboo aap jesa mahaan dil wala bhi nahi jhel paya aur mere articles ko gayab kardiya. Ye to kewal jhalak thi me to aapko 80% hinduon ke beech me lejaakar unaki jaativad vale dharm ki halat pesh karne wala hoon. Agar ye jaativad hidu dharm granthon jese manusmrati, ramcharit manas se nahi peda hue to pl un grinthon ke naam batayen jo is sadi gali jaativyavastha ke liye jummedar hen. Lagata he sachchai dekhkar aapka dil kaanp utha aur mere article ko gayab kardiya. Kya yahi sankalp lekar aapne hindu dharm ka vikas karne ka irada banaya he, Is 80% hindu samaj se ankhe moodkar jo viksit hindu he unaka hi vikas karne ka irada he to aap apane dil par haat rakh kar soch le ki aapka misson kitna kamyab ho payega.

  106. bsahai says

    Agniveer bhai ji
    kya kabhi aapne ye gaur kiya he ki aaj america, france, japan jese viksit desh jo hamse sekaron saal aage hein, kya unhone ye tarakki unake ved purano aur dharm ke dwara ki he ya apne desh ke sangathit naagrikon kee ekta aur unaki kshamata ke bal par ki he. Ham unase itne pichhade hote hue bhi abhi tak unase kuchh nahi seekh paye aur aaj se hazaron saal purane vedon ke samay ko bar bar yaad karke desh ko us hazaron saal purane yug me dhakel kar lejana chahte hen. Kya aapka yahi prayas is desh ko un deshon ki barabari me lejakar khada kar sakega? zara gahrai se nispaksh vichar karke jabab dein.
    ratnakar

  107. ratnakar says

    raj. hyd. ji yadi aap yeh sahi maanate hen ki dharm ka labh 100% logonko milana chahiye to phir in ponga panditon ko kaun samjhyega ki mandiron ko chhode aur kisi aur jaati ke vidwano ko vahan manage karne de. kya aap koi upay batayenge?

    • raj.hyd says

      adarniy sri ratnakar ji, aaj ke jo dharm kahalaye jate hai vah vastav me dharm hi nahi hai ! “dusare ke saath vahi karo jo apne liye bhi pasand aye ” yahi sutr hai manvta ka aur dharmika bhi !
      jinse aap naraj hotehaiunhone hi bahut sal pahale manusmriti 6/92 me kaha hai ki “dhriti, kshama , damo, asteyam shaucham , indriy nigrah, dhi ,vidya satyam, akrodho dashkam dharm lakshanam, yah sabhi guvachak hai yahi dharm ke laksah hai isme kahi nahi likha hainki raam hanuman krishn buddh mahavir nanak kabir musa isa, muha mmad adi ko manoge tabhi koi dharmik kahalaya jayega
      ya manidr ma sjid gurudvare chrcha di jaoge tabhi dharmik kahalaye jaoge !
      isliye achhe guno ka jab parchaar hoga tabhi sare sansar ka bhala ho sakega !
      sachha dharm tyag sikhlata hai dusrao ka bahala sikhlata hai
      jo mandir adi ke mukhya kisi ko andar ane se rokte hai un mandiro ka bahishkar kijiye un ke mukhiyao ka bhi bahishakar kiya jana chahiye ,
      jivane me vikas ke liye mandiro adi ka koi buniyaad bhi nahi hai
      achhe gun kaam ate hai

  108. ratnakar says

    Is website par oopar mene dekha he apane hindu log isai aur muslim dharm ke logon se vagas karate he lekin kabhi ye bhi soch he ki ye dono dharm duniya ke sabse adhik deshon me fele hen kyonki unme sabhi ko barabari ka darza mila hua he, jabki hindu dharm kewal bharat ke ek thode se bhag me he jis par kewal 5% jatigat brahmano ne kabza kar rakha he. Bahar walon se sangharsh karnne se pahle unaki ekta ki mishal ki apne hinduon se tulna karo aur shram se doob marne ke liye chulloo bhar pani ki talash karleni chahiye.

  109. ratnakar says

    raj. hyd. ji
    Aapne jo samajhdar hindu logon se chand brahmano dwara kabjaye gaye mandiron ka vahiskar karne ki appeal ki aur un dhongi brahmanon ko is tarah se hidu dharm ke patan ke liye responsible mana usake liye sadhubad, lekin aapne jis manusmrati ka naam liya he in saari bimariyon ki zad yahi he. Isake 7,8,9 and 10 th chapters me pure zahar bhara hua he jisaki chapet me 90% hindu aaye hue hen. Mujhe yaad he ki 70 ke dashak men kisi dynamic MP ne is manusmrati ko parliament me jalaya ya fada tha, usake pichhe bhi yahi karan tha. Yadi ye kitab nahi hoti to aaj hinuon ke beech yeh jaati roopi zahar shayad nahi hota. Yadi yeh manusmrati is jaativad ke liye dosi nahi he to kripya us pustak ka naam batayen jo isake liye doshi he.Isliye yadi aap hindu dharm ko jaati vihin banane ke ichchhuk he to esi gandi kitabon ka naam apani juvan par na layen.
    Dhanyabad.

    • raj.hyd says

      adarniy shri ratnakar ji , samaj me jo apne ko jyada samajhdaar hone ka daava karate hai, jab vahi buraiyo ko rokne me kamjor sabit ho ya vahi buraiyo me shamil rahe to unko dosh kyo nahi diya jayega!
      nishchit rup se uske liye samaj ke vidvan aur jo apneko brahman hone ka dava karte hai vahi doshi bhi kahalaye jayenge
      aj samaj me pakhand kyo hai andhvishvas kyo hai kuritiya kyo hai hindu samaj ka patan kyo hai ! un sabke liye vahi doshi avashy kahe jayenge !
      aapne bh samaj me kuch buraiya dekhi hongi jaise galiya. kanya bhurdh hatya dahej hatya rep adi bhi!
      uske liye koi” granth” ko jimmedar nahi kaha ja sakta hai yah ek samajik buraiya hai! usi tarah se janmana jativaad ka dosh bhi samajik hai ! manu ji ne yogyta ki buniyaad samaj ka vargikaran kiya tha ! usko apni bhasha me brahman kshatriy vaishy shudr ke apne shabd diye the ! yah sirf is desh ke liye hi nahi th !
      aaj bhi duniya me kahi bhi jaiye jo buddhi se jyada kaam karte hai jaise injiniar chikitsak vaigyanik adi jo samaj ki raksha kare jaise sena police adi vyapari [tredar] vaishy, labour [majdur] [shudr adi kis desh me nahi hai ?
      ab apne samaj me yah janmana jativad ke rup me ho gaya hai ji galat hai !
      prachin kaal se hi janmana jativad ke” tamange” naam ke saath latke huye nahi milte the !
      jaise aj, dilip, raghu, dashrath, lakshaman shatrughn bharat, kaikeyi, kaushalya manthara raavan megnath kumbhkaran sulochna janak, janki sita, pavan hanuman anjani , balram yudhishthir arjun bhim nakul duryodhan shakuni vidhur dhrit rashtr kunti drupadi devki basudev yashoda kans ugrsen shishupal karn abhimanyu dron bhishm shantanu adi mira bai tulsi das kabir das sur das adi jhansi ki lakshmi bai , hariyana ke vanshilal devi lal , bahjan lal, bhupurv pradhan mantri chandrshekhar kranitikari chandrshekhr azad adi bhi tatya tope bhi ! kanshiram mayavati ji bhi , inse siddh hota hai ki nama ke saath janmanana jativachak chinh laganeki parampara pahale nahi thi…

  110. raj.hyd says

    aapko pata hu hai k apna deshhajar saal tak gulam aha hai mugal shasko ne ape sahityo memilavat bhi karva di anek kitabe nayi bui ayi jaise allaopnoshad,
    manusmriti me achhi bate hai pesh ki gayi hai fir bhi usme bahut si bate milavat ke rup me pesh hai durbhagy se apne vidvano ne 68 saal ki desh ki ajadi ke baad bhi un milavato ko nikala nahi , jo bhi galat salat shamil hai usko bhi svikar karte gaye 1 jaise manu smrti me mans kahne ka nishedh kiya hai usme saja ka niyam bhi banaya ,
    aur usi manusmriti me mans khan e ki bhi bat likhi hai fir usme kaun se bat svikar ki jaye ?
    jab yah samaj ahinsa ka pakshpati hai to mans n khan e ki bat hi svikar ki jayegi aur mans kha neki baat ko asvikar kiya jayega !
    aaj ke samay me manu smriti kaun padhta hai ?
    jab ambedakar ji dvara rachit sanvidhan me samay ke anusaar 125 baar sanshodhan ho chuke hai to bahut purani manu smriti ki bahut bato ko asvikaar bhi kiya ja sakta hai puri manusmriti ko svikar karna bhi jaruri nahi hai ! koi bhi baat ho jabtak vah baat tarkik n hi usko kyo svikaar kiya jaye ? aj ke samay me vaykti apne abhibavko ki puri baat nahi manta jinhone hamara apka lalan palan kiya hai to any grantho ki baat puri tarah se kaise mani ja skati hai 1 isliye har jagah vivek ki jarurat hamesha rahegi ! apna samaj kisi vishesh kitab ka gulam nahi hai jaisa islam me jaruri rahata hai !

  111. ratnakar says

    Bhai raj hyd ji
    saval ye nahi ki kisane kab kitni aur kyon milavat ki. asli mudda ye he ki ye is milavat asaliyat ke karan aaj jo halat samaj me dikh rahe hen une down caste vale door karenge ya high caste wale. akhir is hindu dhrm ka suddhikaran kaun karega taki isake sadi gali vyabasth door karke sare 100% hinuon ko ek manch par laya ja sake.agar yeh possible hua to thik varna is dhrm ka future dark me hi samjhen. high caste ke logon ki manodasha ka ek example derahahoon.

    • raj.hyd says

      adarniy sri ratnakar ji ary samaj ke manch me sabhi dalit bandhu ja sakte hai aur vidya ka gyan lekar vidvan ban sakte hai ! pujari bhi ban sakte hai aur apne pair tak chula sakte hai tatha kathit savano se bhi chula sakte hai
      hindu samaj me bhi anek sant vah bhi huya hai j o savarn nahi the ! jaise ravidas ji
      sanyasi bhi ban saktehai
      jo apne ko jyada samajhdaar hone ka dava karte hai vahi samaj ka sudhar karme ki jimmedari banti hai
      aj ke samay me to jyada samajhdar sabhi vargo me hai aur vishesh kar jo apne ko brahman kahalate hai unki jimmedari bhi sabse jyada kahi jayegi !vaise bade nagaro me bhed bhavkam hai

  112. ratnakar says

    Example deken:-
    छुआछूत का खोखलापन

    एक दिन पंडित को प्यास लगी, संयोगवश घर में पानी नही था इसलिए पंडिताईन पडोस से पानी ले आई I
    पानी पीकर पंडित जी ने पूछा….
    पंडित जी – कहाँ से लायी हो बहुत ठंडा पानी है I
    पंडिताईन- पडोस के कुम्हार के घर से I
    पंडित जी ने यह सुनकर लोट फैंक दिया और उनके तेवर चढ़ गए वह जोर जोर से चीखने लगा I
    पंडित जी- अरी तूने तो मेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया, कुम्हार के घर का पानी पिला दिया।
    पंडिताईन भय से थर-थर कांपने लगी, उसने पण्डित जी से माफ़ी मांग ली I
    पंडिताईन- अब ऐसी भूल नही होगी।
    शाम को पण्डित जी जब खाना खाने बैठे तो पंडिताईन ने उन्हें सुखी रोटिया परोस दी I
    पण्डित जी- साग नही बनाया?
    पंडिताईन- बनाया तो था लेकिन फैंक दिया क्योंकि जिस हांड़ी में बनाया था वो कुम्हार के घर से आई थी।
    पण्डित जी- तू पगली है क्या कंही हांड़ी में भी छुत होती है? यह कह कर पण्डित ने दो-चार कौर खाए और बोले की पानी ले आओ I
    पंडिताईन जी – पानी तो नही है जीI
    पण्डित जी- घड़े कहाँ गए हैI
    पंडिताईन- वो तो मेने फैंक दिए क्योंकि कुम्हार के हाथ से बने थेI पंडित जी ने दो-चार कौर और खाए और बोले दूध ही ले आओ उसमे रोटी मसल कर खा लूँगा I
    पंडिताईन- दूध भी फैंक दिया जी क्योंकि गाय को जिस नौकर ने दुहा था वो तो नीची जाति से था न I
    पंडित जी-हद कर दी तूने तो यह भी नही जानती की दूध में छूत नही लगती है I
    पंडिताईन-यह कैसी छूत है जी जो पानी में तो लगती है, परन्तु दूध में नही लगती।
    पंडित जी के मन में आया कि दीवार से सर फोड़ ले।
    गुर्रा कर बोले- तूने मुझे चौपट कर दिया है जा अब आंगन में खाट डाल दे मुझे अब नींद आ रही है I
    पंडिताईन- खाट! उसे तो मैने तोड़ कर फैंक दिया है क्योंकि उसे नीच जात वाले ने बुना था I
    पंडित जी चीखे – सब में आग लगा दो, घर में कुछ बचा भी है या नही I
    पंडिताईन- हाँ यह घर बचा है, इसे अभी तोडना बाकी है क्योंकि इसे भी तो पिछड़ी जाति के मजदूरों ने बनाया है I
    पंडित जी कुछ देर गुम-सुम खड़े रहे फिर पंडिताईन को समझा कर बोले कि तुझे पता नही पगली यह सभी कुछ करना पड़ता है. हम सब से श्रेष्ठ है, हमें धर्म ने ही सर्वश्रेष्ठ बनाया है तू वही कर जो में करता हूँ. यह ही शास्त्रों में लिखा है यह ही भगवान का ब्रह्मा के माध्यम से आदेश है जिसे मनु स्मृति में बताया गया है

  113. ratnakar says

    contd:-

    जिसे मनु स्मृति में बताया गया है इसलिए इसे तुझे मानना ही पड़ेगा यह ही तेरा धर्म है।
    पंडिताईन- ठीक है पंडित जी, मैं भी आज से आपकी की तरह ढोंग किया करूँगी और बच्चों को भी यही सिखाऊँगी।
    पंडित जी (कान में फुसफुसा कर) – अरे, मुझे मालूम है कि हमारा ये ढोंग ज्यादा चलने वाला नहीं है, फिर भी जब तक चलता है चला लो।

  114. ratnakar says

    Bhai raj hyd ji!
    Hindu dharm ke prati aapka nazariye aashavadi zaroor he, lekin ek baat yaad rakhen ki pakhandi brahmano ne hindu samaj ko buri tarah se apne jaal me fasa rakha he. Shayad ya to aapko hakikat maloom nahi he ya aap janate hue apani ankhe band kiye huye hen. Is samaj ko inke jaal se nikalne ke liye aapko kai janam lene padenge. me aapko hidu samaj ki hakikat bauan karata hoon zara gaur se padhana:-
    ब्राह्मण जाल –
    जिस प्रकार किसी मृतक के मौत का कारण जानने के लिये चीड़-फाड़ कर पोस्टमार्टम किया जाता है। ठीकउसी प्रकार यदि समाज की दुर्गति का कारण जानना है तो समाज का ‘पोस्टमार्टम’ करो!ब्राह्मण के जाल को साधारण बुद्धि वाले लोग समझ नहीं पा रहे हैं और ब्राह्मण की गुलामी में फंसते चले जा रहे हैं।जिस प्रकार बाघ के जाल को बाघ नहीं समझता, चूहे के जाल को चूहा नहीं समझता और फंसता चला जाता है। उसी प्रकार तुम भी फंसे हो।ब्राह्मण का जाल साधारण बुद्धि से दिखाई नहीं देगा। उसके लिये तीक्ष्ण, तर्कशील बुद्धि की जरूरतहोती है। बैक्टीरिया साधारण आँख से दिखाई नहीं देता,उसको देखने के लिये माइक्रोस्कोप की जरूरत होती है।स्वयं चिन्तन करें- एक अनपढ़ भिखमंगा ब्राह्मण, पढ़े-लिखे सम्पन्न बुजुर्ग लोधी, यादव, मौर्य केकिसी अधिकारी को आशीर्वाद देता है ।क्या यही स्वाभिमान है?लड़का-लड़की का पालन-पोषण व शादी-विवाह की तैयारी उसके माता-पिता करते हैं…..लेकिन शादी करवायेगा ब्राह्मण??अच्छे ढ़ंग से नहाये धोये को भी….दो बूंद जल छिड़कर पवित्र करेगा ब्राह्मण??लोग घर-मकान स्वयं बनायेंगे….गृह-प्रवेश करायेगा ब्राह्मण??मूर्ति बनायेगा कलाकार….प्राण-प्रतिष्ठाकरवायेगा ब्राह्मण??देवी या देवता का मंत्र….संस्कृत में पढ़ेगा ब्राह्मण??देवी-देवता क्या संस्कृत भाषा ही जानते हैं?क्या वे अंग्रेजी हिन्दी नहीं समझते, कोई एम.बी.बी. एस. करने के बाद ही डाॅक्टर कहलाता है लेकिनब्राह्मण का बच्चा जन्म लेते ही पंडित कहलाता है??जिला का मालिक डी.एम.,। राज्य का मालिक सी. एम., । देश का मालिक पी.एम. लेकिन -हिन्दू धर्म का मालिक ब्राह्मण??क्या शेष सभी 97% हिन्दू नालायक हैं? मालिक होने लायक नहीं हैं? क्या इस प्रकार हिन्दू धर्म एक जेल नहीं है? क्या ब्राह्मण जाति उस जेल का जेलर नहीं है और क्या सभी जातियां कैदी नहीं हैं?…

  115. ratnakar says

    Contd……
    क्या सभी जातियां कैदी नहीं हैं? क्या रामचरित मानस, गीता , महाभारत, पुराण, मनुस्मृति जेल मैनुअल नहीं हैं? जिसमें केवल जाति के नाम पर ब्राह्मण को प्रतिष्ठा ही प्रतिष्ठा और सभी जातियों को कैदी की तरह अपमान ही अपमान लिखा है. जेल में घुसते ही कैदी जेल के अधीन हो जाते हैं और हिन्दू जन्म लेते ही ब्राह्मण के अधीन हो जाते हैं। जेल केवल कैदी को कन्ट्रोल करने के लिये है, पर सजा पूरी होने केबाद जेल से रिहाई हो जाती है लेकिन ब्राह्मण के इस जेल में हिन्दू जेल में ही पैदा होता है और जेल में ही मर जाता है.

    • raj.hyd says

      pramadarniy shri ratnakar ji, aaj apne deshme karib 35 % abadi nagaro me raahti hai vah abadi kafi had ak pakahdi brahman ke jaal se mukt hai 1 jaise jaise shiskha ka vikas hoga pakahndi brahmano ka astiv bhi samapt ho jayega
      nagaro me janmjat brahman chaprasi adi ki naukari bhi karte hai jo anysamuday ke a fasro ko khush karne me hi lage rahate hai 1 ashirvaad aur shrap ka koi astitv nahi hai 1
      ishvariy avtar jo jayda vikhyat hai vah kshatriy the raam aur krishn hanuman bhi brahman nahi the
      valmiki raamayan jo bahut kam padhi jati hai uske lekhak brahman nahi the 1 ajkal gita ramayan adi kitabebajaro me bikti hai koi jarurat nahi hain ki pakahndi brahmano se padhkar suna jaye 1 ary samaj ka janam karib 140 saal paahle ho chuka tha usme gair brahmano ka varchsv hai ary samaji tarike se 16 sanskar bhi bahut se log karvate hai ,grah paravesh bhi karvate hai!
      hamko nahi pata ki aap kis nagar me rahate hai !
      ary samaj harjendr nagar[lal bangla ] kan pur uttr pradesh mekarib 36 updeshak purohit hai aur sabhi pichdi janmanajati ke hai ! aur vaary samaj karib 50 saal se hai ! aap chah eto iski jankari thik s e kar sakte hai !

  116. ratnakar says

    Bhai raj hyd ji!
    Aapko ek baat bataun ki aajkal jabse modi sarkar aayee he tab se in pakhandi dharm guruon ne jyada ulte seede bayan dena shuru kadiye hen aur isi ke reaction me sirfire mullaon ne bh asi hi bayan baji kar rahe he jisase samaj ka mahaul kharab horaha he .kyon ki ye log manate hen ki modi sarkar to kewal hindu sarkar he aur iske samay men ye chahe jo ulte seede bayabaji karen in ko sarkar ke aashirvad prapt he. is tarah ki activities dehaton ke bajay shahron me jyada horahi hen. ye ummeed lagaye hen ki inko is sarkar me purani dhong panthion ko revive karne ko sabse maakul samay he. Modi bhi inko jyada oppose nahi karte, pata nahi kyon, inake kai mantrion ne bahut galat bayabaji karke inki chhavi ko kharab kardiya lekin unka khilaf koi action lene ki himmat nahi juta paye.
    in sab baaton se gaon ke comparision me sahron ka mahaul jyada kharab ho raha he. bese mene all india ka detailed tour kiya he, aapne to kanpur ke baat ki he .agar aap rajsthan , gujrat, MP, orrissa, TN keral states ke interior areas me jaake halat dekhenge to aap apne apko mujhse jyada vichlit feel karege.

    • raj.hyd says

      aapki thik baat hai jo hamne anubhav kiya vah hamne pesh kiya aur jo ape anubhav kiya hai vah apne pesh kiya hai ! nisandeh halat bahut jyada kharab hai
      fir bhi sab kuch thik hoga

  117. ratnakar says

    taja ghatana rasthan ki he. aap log sudhar ki baaten karte rahoge aur ye los samaj me aag lagate. halat hazaron saal me bhi nahi sudhar payenge. log ese hi sapane dekhte chale jayenge:-

    राजस्थान का नागौर जिला दलितों की कब्रगाह बनता जा रहा है
    राजस्थान की राजधानी जयपुर से तक़रीबन ढाई सौ किलोमीटर दूर स्थित अन्य पिछड़े वर्ग की एक दबंग जाट जाति की बहुलता वाला नागौर जिला इन दिनों दलित उत्पीडन की निरंतर घट रही शर्मनाक घटनाओं की वजह से कुख्यात हो रहा है .विगत एक साल के भीतर यहाँ पर दलितों के साथ जिस तरह का जुल्म हुआ है और आज भी जारी है ,उसे देखा जाये तो दिल दहल जाता है ,यकीन ही नहीं आता है कि हम आजाद भारत के किसी एक हिस्से की बात कर रहे है .ऐसी ऐसी निर्मम और क्रूर वारदातें कि जिनके सामने तालिबान और अन्य आतंकवादी समूहों द्वारा की जाने वाली घटनाएँ भी छोटी पड़ने लगती है .क्या किसी लोकतान्त्रिक राष्ट्र में ऐसी घटनाएँ संभव है ? वैसे तो असम्भव है ,लेकिन यह संभव हो रही है ,यहाँ के राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचें की नाकामी की वजह से …
    दलित उत्पीडन का गढ़ बन गया है नागौर
    ……………………………………………………
    नागौर जिले के बसवानी गाँव में पिछले महीने ही एक दलित परिवार के झौपड़े में दबंग जाटों ने आग लगा दी ,जिससे एक बुजुर्ग दलित महिला वहीँ जल कर राख हो गयी और दो अन्य लोग बुरी तरह से जल गए ,जिन्हें जोधपुर के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया ,इसी जिले के लंगोड़ गाँव में एक दलित को जिंदा दफनाने का मामला सामने आया है.मुंडासर में एक दलित औरत को घसीट कर ट्रेक्टर के गर्म सायलेंसर से दागा गया और हिरडोदा गाँव में एक दलित दुल्हे को घोड़ी पर से नीचे पटक कर जान से मरने की कोशिश की गयी .राजस्थान का यह जाटलेंड जिस तरह की अमानवीय घटनाओं को अंजाम दे रहा है ,उसके समक्ष तो खाप पंचायतों के तुगलकी फ़रमान भी कहीं नहीं टिकते है ,ऐसा लगता है कि इस इलाके में कानून का राज नहीं ,बल्कि जाट नामक किसी कबीले का कबीलाई कानून चलता है,जिसमे भीड़ का हुकुम ही न्याय है और आवारा भीड़ द्वारा किये गए कृत्य ही विधान है .
    aur aage paden

  118. ratnakar says

    डांगावास : दलित हत्याओं की प्रयोगशाला
    ………………………………………………….
    नागौर जिले की तहसील मेड़ता सिटी का निकटवर्ती गाँव है डांगावास ,जहाँ पर 150 दलित परिवार निवास करते है और यहाँ 1600 परिवार जाट समुदाय के है ,तहसील मुख्यालय से मात्र 2 किलोमीटर दुरी पर स्थित है डांगावास ,..जी हाँ ,यह वही डांगावास गाँव है ,जहाँ पिछले एक साल में चार दलित हत्याकांड हो चुके है ,जिसमे सबसे भयानक हाल ही में हुआ है. एक साल पहले यहाँ के दबंग जाटों ने मोहन लाल मेघवाल के निर्दोष बेटे की जान ले ली थी ,मामला गाँव में ही ख़त्म कर दिया गया ,उसके बाद 6 माह पहले मदन पुत्र गबरू मेघवाल के पाँव तोड़ दिये गए ,4 माह पहले सम्पत मेघवाल को जान से ख़त्म कर दिया गया ,इन सभी घटनाओं को आपसी समझाईश अथवा डरा धमका कर रफा दफा कर दिया गया .पुलिस ने भी कोई कार्यवाही नहीं की .
    स्थानीय दलितों का कहना है कि बसवानी में दलित महिला को जिंदा जलाने के आरोपी पकडे नहीं गए और शेष जगहों की गंभीर घटनाओं में भी कोई कार्यवाही इसलिए नहीं हुयी क्योंकि सभी घटनाओं के मुख्य आरोपी प्रभावशाली जाट समुदाय के लोग है .यहाँ पर थानेदार भी उनके है ,तहसीलदार भी उनके ही और राजनेता भी उन्हीं की कौम के है ,फिर किसकी बिसात जो वे जाटों पर हाथ डालने की हिम्मत दिखाये ? इस तरह मिलीभगत से बर्षों से दमन का यह चक्र जारी है ,कोई आवाज़ नहीं उठा सकता है ,अगर भूले भटके प्रतिरोध की आवाज़ उठ भी जाती है तो उसे खामोश कर दिया जाता है .
    जमीन के बदले जान लेने का प्रचलन
    …………………………………………….
    एक और ध्यान देने योग्य तथ्य यह भी है कि राजस्थान काश्तकारी कानून की धारा 42 (बी ) के होते हुए भी जिले में दलितों की हजारों बीघा जमीन पर दबंग जाट समुदाय के भूमाफियाओं ने जबरन कब्ज़ा कर रखा है.यह कब्जे फर्जी गिरवी करारों,झूठे बेचाननामों और धौंस पट्टी के चलते किये गए है ,जब भी कोई दलित अपने भूमि अधिकार की मांग करता है ,तो दबंगों की दबंगई पूरी नंगई के साथ शुरू हो जाती है.ऐसा ही एक जमीन का मसला दलित अत्याचारों के लिए बदनाम डांगावास गाँव में विगत 30 वर्षों से कोर्ट में जेरे ट्रायल था ,हुआ यह कि बस्ता राम नामक मेघवाल दलित की 23 बीघा 5 बिस्वा जमीन कभी मात्र 1500 रूपये में इस शर्त पर गिरवी रखी गयी कि चिमना राम जाट उसमे से फसल लेगा और…

  119. ratnakar says

    contd…….
    चिमना राम जाट उसमे से फसल लेगा और मूल रकम का ब्याज़ नहीं लिया जायेगा ,बाद में जब भी दलित बस्ता राम सक्षम होगा तो वह अपनी जमीन गिरवी से छुडवा लेगा .बस्ताराम जब इस स्थिति में आया कि वह मूल रकम दे कर अपनी जमीन छुडवा सकें ,तब तक चिमना राम जाट तथा उसके पुत्रों ओमाराम और काना राम के मन में लालच आ गया,जमीन कीमती हो गयी ,उन्होंने जमीन हड़पने की सोच ली और दलितों को जमीन लौटने से मना कर दिया .पहले दलितों ने याचना की ,फिर प्रेम से गाँव के सामने अपना दुखड़ा रखा ,मगर जिद्दी जाट परिवार नहीं माना ,मजबूरन दलित बस्ता राम को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी .करीब तीस साल पहले मामला मेड़ता कोर्ट में पंहुचा ,बस्ताराम तो न्याय मिलने से पहले ही गुजर गया ,बाद में उसके दत्तक पुत्र रतनाराम ने जमीन की यह जंग जारी रखी और अपने पक्ष में फैसला प्राप्त कर लिया .वर्ष 2006 में उक्त भूमि का नामान्तरकरण रतना राम के नाम पर दर्ज हो गया तथा हाल ही में में कोर्ट का फैसला भी दलित खातेदार रतना राम के पक्ष में आ गया .इसके बाद रतना राम अपनी जमीन पर एक पक्का मकान और एक कच्चा झौपडा बना कर परिवार सहित रहने लग गया ,लेकिन इसी बीच 21 अप्रैल 2015 को चिमनाराम जाट के पुत्र कानाराम तथा ओमाराम ने इस जमीन पर जबरदस्ती तालाब खोदना शुरू कर दिया और खेजड़ी के वृक्ष काट लिये.रत्ना राम ने इस पर आपत्ति दर्ज करवाई तो जाट परिवार के लोगों ने ना केवल उसे जातिगत रूप से अपमानित किया बल्कि उसे तथा उसके परिवार को जान से मार देने कि धमकी भी दी गयी .मजबूरन दलित रतना राम मेड़ता थाने पंहुचा और जाटों के खिलाफ रिपोर्ट दे कर कार्यवाही की मांग की.मगर थानेदार जी चूँकि जाट समुदाय से ताल्लुक रखते है सो उन्होंने रतनाराम की शिकयत पर कोई कार्यवाही नहीं की ,दोनों पक्षों के मध्य कुछ ना कुछ चलता रहा .
    निर्मम नरसंहार ,अमानवीयता ,पशुता ,दरिंदगी !
    ………………………………………..

  120. ratnakar says

    ese log hindu dharm ke pakke dushman hen , aap log lakh kosis karle, ek din hinduon ki ginati ungalion par karne like rahjayegi 50% hindu to nischit roop se ye dharm chhodne ko majboor hojayenge.

  121. SANDEEP says

    KYA KAHU TERE BAARE ME
    BAS ITNA KI TUM SABSE BADE CHUTIA HO

    VED,PURAN,QURAN sir padne ya chaar line yaad karne se kuchh nahi hota
    unka sahi sahi matlab bhi pata hona chahiye

    kya aapko pata hai ki quran me likha hai ki nawaj nahi padhna chahiye fir bhi 5 baar log padhte hai

    khair ye saare question mujhe mail karo
    mai iske sahi prammad ke sath jabab doonga jo tumhari aakhe khole dharmo ke prati..

    • raj.hyd says

      adarniy shri sandeep ji, aap quran ki vah aayat batalaye jisme namaz n-padhane ko kaha gaya hai ! aur ham batalayenge ki namaz padhne ko kaha gaya ha i !

  122. sandeep says

    sirf aapke gyaan ke liye anyatha mujhe is bakwas me padne ka koi saukh nahi hai…..

    suraj ke ghoomne ka matlam 4 law of motion se hai sayad aapne iske baare me suna bhi nahi hoga.
    is law ke tahat brammaad ki sabi cheeje gatimaan hai…..
    suraj ke prathvi ke chakkar lagane ka matlab time se tha kyo ki us samay ghadiya nahi hoti thi…or deep me bata sakta hu per samay nahi hai nast karne ke liye..
    prathvi sthir ka matlab rookna nahi hota…iska matlab apni kaksha me bane rahna hota hai jo hum sabko pata hai ki sare grah apni kaksha me gatimaan hai..

    mai tahe dil se maafi chahunga maine uper wale comment me sayad koi apsabd prayog karliya tha
    per kya karu krodh aata hai aap jaise neem hakeemo per

  123. amit says

    is Sexual morality ka koi jabab hai..

    In the Vedas one finds matters relating to seduction, incest, abortion,
    conjugal infidelity, deception, and robbery as well. Prostitution was
    common and the prostitutes were called warrangnas. There are some very
    obscene passages in the Vedas. For example in Rig Veda read the lewd
    conversation between Pushan and Surya (Rig Veda 10.85.37) and again a
    similar conversation in Ashwamedha section of Yajur Veda. We will not
    Refer to Mandal10. Puranas are full of stories depicting open sexual
    perversities which we cannot record here and must avoid the stink of
    immorality.
    go into the details of such conversations which may be offensive but we
    will refer to some of them here briefly. Brahma is considered to be the
    greatest spiritual leader of the Hindu Trinity and yet if we read Shiv Puran
    (Ruder Samhita 2 Sati Khand 2 Chapter 19), we find him mentioned as a
    cheat and a sex maniac. Even at the time of the marriage of Shiva and
    Parvati Brahma displayed his sexual depravity openly. In the same Granth
    another lewd story is recorded concerning Shiva and Parvati. Reading the
    Hindu Shastras and Puranas we find that relation of the sexes among the
    Vedic Aryans and gods was not ideal. Obviously these standards were later
    followed by the followers of Hinduism. More than one man shared one
    woman and none of them had any exclusive rights on the wife. Devas
    molested the wives of the Rishis or sexually attacked the wives of their
    colleague Devas. Rape of Ahalya, the wife of Rishi Gautama, by Indra is
    well known and Indra was the prominent god of the Rig Veda. In Adhyaya
    100 of the Vana Parva of the Mahabharata we read that Rishi Vibhandaka
    cohabited with a female deer and as a result of this intercourse Rishi
    Shranga was born. In Adhyaya 118 of the Adi Parva of the Mahabharata
    Rishi Vyas gives us a similar
    The popular belief is that Lord Brahma produced the Vedas. He is said to
    have established sexual relationship…

    • amit says

      The popular belief is that Lord Brahma produced the Vedas. He is said to
      have established sexual relationship with his daughter Saraswati
      The story is also found in Mahabharat. It may have come from Greece
      where goddess Medusa was similarly ravished by god Poseidon.
      story of Pandu, the father of the Pandus, who received a curse from Rishi
      Kadam. According to the story Rishi Kadam issued a curse because he
      was engaged in sexual intercourse with a deer when Pandu disturbed him.
      In Adhyaya 63 of the Adi Parva of the Mahabharata Rishi Parashara had
      sexual intercourse with Satyavati, (also called Matsya Gandha –
      fisherman’s girl) in public and in broad day light. In Adhyaya 104 of the
      Adi Parva, Rishi Dirgha is stated to have staged a similar scene in public.
      (a) Incest:-
      Father-daughter incest occurs in the story of Brahma and his daughter.
      Brahma married his own daughter Satarupa.
      “Wise, teaching, following the thought of Order, the sonless gained a
      grandson from his daughter”. Fain, as a sire, to see his child prolific, he
      sped to meet her with an eager spirit‖.
      [RigVeda III .31.1-2]. Hiranyakashpu married his daughter Rohini. Vashista
      married Shatrupa, Janhu married Janhavi, and Surya married Usha.
      (b)Rape
      Rape was common. Some examples are Manu-Illa, Surya raped Kunti.
      Vishnu raped Jalandhar‘s wife (Varinda) who later committed suicide.
      Love-lorn Vishnu did not even let her go after death. He bathed in her
      ashes, bereaved her death for days and cried loudly.
      (c) Sons married their mothers
      There are cases where father and son married the same woman; Brahma is
      the father of Manu. Manu married his mother
      Sharadha . Pushan too married his mother.
      (d)Marriage with sisters
      The discussion of open sex between a brother and sister (Yama and Yami
      in Rig Veda Mandal X) The description of sexual relationship between Yam
      and Yami (Brother and sister) is lewd, lascivious, and bawdy. It is a spur to
      carnality. They did not get married but discussed…

  124. says

    डॉ सुनील यादव के सवाल जो हर एक को निरुत्तर कर दें..
    ———————————————
    ये ऐसे सवाल है जो बहुत हि सोचने लायक है। जैसे कि –

    1:- सभी देवी देवताओ ने भारत मे हि जन्म क्यो लिया?
    क्यो किसी भी देवी देवता को भारत के बाहर कोइ नही जानता ?

    2:- जितने भी देवी देवता देवताओ की सवारीया है उनमे सिर्फ वही जानवर क्यो है जो कि भारत मे ही पाये जाते है?
    एसे जानवर क्यो नही जो कि सिर्फ कुछ हि देशो मे पाये जाते है, जैसे कि कंगारु, जिराफ आदी !!

    3:- सभी देवी देवता हमेशा राज घरानो मे हि जन्म क्यो लेते थे ?
    क्यो किसी भी देवी देवता ने किसी गरीब या शुद्र के यहा जन्म नही लिया?

    4:- पोराणीक कथाओ मे सभी देवी देवताओ की दिनचर्या का वर्णन है जैसे कि कब पार्वती ने चंदन से स्नान किया, कब गणेश के लिये लड्डु बनाये, गणेश ने कैसे लड्डु खाये.. आदी
    लेकीन जैसे हि ग्रंथो कि स्क्रीप्ट खत्म
    हो गयी भगवानो कि दिनचर्या भी खत्म..
    तो क्या बाद में सभी देवीदेवताऔ का देहांत हो गया ??
    अब वो कहाँ है? उनकी औलादे कहाँ है?

    5:- ग्रंथो के अनुसार पुराने समय मे सभी देवी देवताओ का पृथ्वी पर आना-जाना लगा रहता था।
    जैसे कि किसी को वरदान देने या किसी पापी का सर्वनाश करने..
    लेकीन अब एसा क्या हुआ जो देवी देवताओ ने पृथ्वी पर आना बंद
    हि कर दिया??

    6:- जब भी कोइ पापी पाप फैलाता था तो उसका नाश करने के लिये खुद भागवान किसी राजा के यहा जन्म लेते थे फिर 30-35 की उम्र तक जवान होने के बाद वो पापी का नाश करते थे,
    ऐसा क्यों?
    पापी का नाश जब भगवान खुद हि कर रहे है तो 30-35 साल का इतना ज्यादा वक्त क्यो???
    भगवान सिधे कुछ क्यो नही करते??
    जीस प्रकार उन्होने अपने खुद के ही भक्तो का उत्तराखण्ड मे नाश किया ?

    (7) अगर हिन्दू धर्म कई हज़ार साल
    पुराना है, तो फिर भारत के बाहर इसका प्रचार-प्रसार क्यों नहीं हुआ और एक भारत से बाहर के धर्म “इस्लाम-ईसाई” को इतनी मान्यता कैसे हासिल
    हुई?
    वो आपके अपने पुरातन हिन्दू धर्म से ज़्यादा अनुयायी कैसे बना सका? हिन्दू देवी-देवता उन्हें नहीं रोक रहें??

    (8) अगर हिन्दू धर्म के अनुसार एक
    जीवित पत्नी के रहते, दूसरा विवाह अनुचित है, तो फिर राम के पिता दशरथ ने चार विवाह किस नीति अनुसार किये थे?

    (9) अगर शिव के पुत्र गनेश की गर्दन शिव ने काट दी, तो फिर यह कैसा…

  125. raj.hyd says

    asankhy kalpit farishto se .
    asnkhy kalpit hure gilmo se bhi to kalpit kurani allah pareshan ho sakta hai
    devta sirf 33 hai 33 karod nahi kuch log koti ka arth karod kar lete hai jo galat hai ! vah devta bhi apujy hai !

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