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ब्राह्मण कौन है ?

जाति प्रथा के बारे में सबसे हँसी की बात ये है कि जन्म आधारित जातिप्रथा अस्पष्ट और निराधार कथाओं पर आधारित हैं. आज ऐसा कोई भी तरीका मौजूद नहीं जिससे इस बात का पता चल सके कि आज के तथाकथित ब्राह्मणों के पूर्वज भी वास्तविक ब्राह्मण ही थे. विभिन्न गोत्र और ऋषि नाम को जोड़ने के बाद भी आज कोई भी तरीका मौजूद नहीं है जिससे कि उनके दावे की परख की जा सके.

जैसे हम पहले भी काफी उदाहरण दे चुके हैं की वैदिक समय / प्राचीन भारत में एक वर्ण का आदमी अपना वर्ण बदल सकता था. कृपया पढ़ें;

http://agniveer.com/caste-system/

अगर हम ये कहें कि आज का  ब्राह्मण [जाति / जन्म आधारित ] शूद्र से भी ख़राब है क्योंकि ब्राह्मण 1000 साल पहले चंडाल के घर में पैदा हुआ था, हमारे इस दावे को नकारने का साहस कोई भला कैसे कर सकता है ? अगर आप ये कहें कि ये ब्राह्मण परिवार भरद्वाज  गोत्र का है तो  हम इस दावे की परख के लिए उसके DNA टेस्ट  की मांग  करेंगे. और किसी  DNA टेस्ट के अभाव में तथाकथित ऊँची जाति का दावा करना कुछ और नहीं मानसिक दिवालियापन और खोखला दावा ही है.

क्षत्रिय कौन है ?

ऐसा माना जाता है कि परशुराम ने जमीन से कई बार सभी क्षत्रियों का सफाया कर डाला था. स्वाभाविक तौर पर इसीलिए आज के क्षत्रिय और कुछ भी हों पर जन्म के क्षत्रिय नहीं हो सकते! 

अगर हम राजपूतों की वंशावली देखें ये सभी इन तीन  वंशों से सम्बन्ध रखने का दावा करते हैं – 1. सूर्यवंशी जो कि सूर्य / सूरज से निकले, 2. चंद्रवंशी जो कि चंद्रमा / चाँद से निकले, और 3. अग्निकुल जो कि अग्नि से निकले.  बहुत ही सीधी सी बात है कि इनमे में से कोई भी सूर्य / सूरज या चंद्रमा / चाँद से जमीन पर नहीं आया. अग्निकुल विचार की उत्पत्ति भी अभी अभी ही की है. किवदंतियों / कहानियों के हिसाब से अग्निकुल की उत्पत्ति / जन्म आग से उस समय हुआ जब परशुराम ने सभी क्षत्रियों / राजपूतों का जमीन से सफाया कर दिया था. बहुत से राजपूत वंशों में आज भी ऐसा शक / भ्रम है कि उनकी  उत्पत्ति / जन्म;  सूर्यवंशी, चंद्रवंशी, अग्निकुल इन वंशो में से किस वंश से  हुई है.

स्वाभाविक तौर से इन दंतकथाओं का जिक्र / वर्णन किसी भी प्राचीन वैदिक पुस्तक / ग्रन्थ में नही मिलता. जिसका सीधा सीधा मतलब ये हुआ कि जिन लोगों ने शौर्य / सेना का पेशा अपनाया वो लोग ही समय समय पर राजपूत के नाम से जाने गए.

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ऊँची जाति के लोग चंडाल हो सकते हैं

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अगर तथाकथित ऊँची जाति के लोग ये दावा  कर सकते हैं कि दूसरे आदमी तथाकथित छोटी जाति के हैं तो हम भी ये दावा कर सकते  हैं कि ये तथाकथित छोटी जाति के लोग ही असली ब्रह्मण, क्षत्रिय और वैश्य हैं. और ये ऊँची जाति के लोग असल में चांडालों की औलादें हैं जिन्होंने शताब्दियों पहले सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया था और सारा इतिहास मिटा / बदल दिया था. आज के उपलब्ध इतिहास को अगर हम इन कुछ तथाकथित ऊँची जाति के लोगों की उत्पत्ति / जन्म की  चमत्कारी कहानियों के सन्दर्भ में देखें तो हमारे दावे की और भी पुष्टि हो जाती है.

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अबअगर किसी जन्मगत ब्राह्मणवादी को हमारी ऊपर लिखी बातों से बेईज्ज़ती महसूस होती है तो उसका भी किसी आदमी को तथाकथित छोटी जाति का कहना अगर ज्यादा नहीं तो कम बेईज्ज़ती की बात नहीं है.

हम लोगों में से म्लेच्छकौन है ?

इतिहास से साफ़ साफ़ पता लगता है कि यूनानी, हूण, शक, मंगोल आदि इनके सत्ता पर काबिज़ होने के समय में भारतीय समाज में सम्मिलित होते रहे हैं. इनमे से कुछों ने तो लम्बे समय तक भारत के कुछ हिस्सों पर राज भी किया है और इसीलिए आज ये बता पाना बहुत मुश्किल है कि हममे से कौन  यूनानी, हूण, शक, मंगोल आदि आदि हैं!  ये सारी बातें वैदिक विचारधारा – एक मानवता – एक जाति से पूरी तरह से मेल खाती है लेकिन जन्म आधारित जातिप्रथा को पूरी तरह से उखाड़ देती हैं क्योंकि उन लोगो के लिए म्लेच्छ इन तथाकथित 4 जातियों से भी निम्न हैं.


जाति निर्धारण के तरीके की खोज में

आप ये बात तो भूल ही जाओ कि क्या वेदों ने जातिप्रथा को सहारा दिया है या फिर नकारा है ? ये सारी बातें दूसरे दर्जे की हैं. जैसा कि हम सब देख चुके हैं कि असल में वेद” तो जन्म आधारित जातिप्रथा और लिंग भेद के ख्याल के ही खिलाफ हैं. कृपया देखें  http://agniveer.com/vedas-caste-discrimination/. इन सारी बातों से भी ज्यादा जरूरी बात ये है कि हमारे में से किसी के पास भी ऐसा कोई तरीका नहीं है कि हम सिर्फ वंशावली के आधार पर ये निश्चित कर सकें कि वेदों कि उत्पत्ति के समय से हममे से कौन ऊँची जाति का है और कौन नीची जाति का. अगर हम लोगों के स्वयं घोषित और खोखले दावों की बातों को छोड़ दें तो किसी भी व्यक्ति के जाति के दावों को विचारणीय रूप से देखने का कोई भी कारण हमारे पास नहीं है.

इसलिए अगर वेदजन्म आधारित जातिप्रथा को उचित मानते तो वेदों में हमें किसी व्यक्ति की जाति निर्धारण करने का भरोसेमंद तरीका भी मिलना चाहिए था. ऐसे किसी  भरोसेमंद तरीके की गैरहाजिरी में जन्म आधारित जातिप्रथा के दावे औंधे मुंह गिर पड़ते हैं.

इसी वज़ह से ज्यादा से ज्यादा कोई भी आदमी सिर्फ ये बहस कर सकता है कि हो सकता है की वेदों की उत्पत्ति के समय पर जातिप्रथा प्रसांगिक रही हो, पर आज की तारीख में जातिप्रथा का कोई भी मतलब नहीं रह जाता.

हालाँकि हमारा विचार ये है कि, जो कि सिर्फ वैदिक विचारधारा और तर्क पर आधारित है, जातिप्रथा कभी भी प्रसांगिक रही ही नहीं और जातिप्रथा वैदिक विचारधारा को बिगाड़ कर दिखाया जाना वाला रूप है. और ये विकृति हमारे समाज को सबसे महंगी विकृति साबित हुई  जिसने कि हमसे हमारा सारा का सारा गर्व, शक्ति और भविष्य छीन लिया है.

नाम में क्या रखा है ?

कृपया ये बात भी ध्यान में रखें की गोत्र प्रयोग करने की प्रथा सिर्फ कुछ ही शताब्दियों पुरानी है. आपको किसी भी प्राचीन साहित्य में ‘राम सूर्यवंशी’ और ‘कृष्ण यादव’ जैसे शब्द नहीं मिलेंगे. आज के समय में भी एक बहुत बड़ी गिनती के लोगों ने अपने गाँव, पेशा और शहर के ऊपर अपना गोत्र रख लिया है. दक्षिण भारत के लोग मूलत: अपने पिता के नाम के साथ अपने गाँव आदि का नाम प्रयोग करते हैं. आज की तारीख में शायद ही ऐसे कोई गोत्र हैं जो वेदों की उत्पत्ति के समय से चले आ रहे हों.

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प्राचीन समाज गोत्र के प्रयोग को हमेशा ही हतोत्साहित किया करता था. उस समय लोगों की इज्ज़त सिर्फ उनके गुण, कर्म और स्वाभाव को  देखकर की जाती थी न कि उनकी जन्म लेने की मोहर पर.  ना तो लोगों को किसी जाति प्रमाण पत्र की जरूरत थी और ना ही लोगों का दूर दराज़ की जगहों पर जाने में मनाही थी जैसा कि हिन्दुओं के दुर्भाग्य के दिनों में हुआ करता था. इसीलिए किसी की जाति की पुष्टि करने के लिए किसी के पास कोई भी तरीका ही नहीं था . किसी आदमी की प्रतिभा / गुण ही उसकी एकमात्र जाति हुआ करती थी. हाँ ये भी सच है कि कुछ स्वार्थी लोगों की वज़ह से समय के साथ साथ  विकृतियाँ आती चली गयीं. और आज हम देखते हैं कि राजनीति और बॉलीवुड भी जातिगत हो चुके हैं. और इसमें  कोई भी शक की गुंजाईश नहीं है कि स्वार्थी लोगों की वज़ह से ही दुष्टता से भरी इस जातिप्रथा को मजबूती मिली. इन सबके बावजूद जातिप्रथा की नींव और पुष्टि हमेशा से ही पूर्णरूप से गलत रही है.

अगर कोई भी ये दावा करता है कि शर्मा ब्राहमणों के द्वारा प्रयोग किया जाने वाला गोत्र है, तो यह विवादास्पत है क्योंकि महाभारत और रामायण के काल में लोग इसका अनिवार्य रूप से प्रयोग करते थे, इस बात का कोई प्रमाण नहीं. तो हम ज्यादा से ज्यादा ये मान सकते हैं कि हम किसी को भी शर्मा ब्राह्मण सिर्फ इसीलिए मानते हैं क्योंकि वो लोग शर्मा ब्राह्मण गोत्र का प्रयोग करते हैं. ये भी हो सकता है कि उसके दादा और पड़दादा ने भी शर्मा ब्राह्मण गोत्र का प्रयोग किया हो. लेकिन अगर एक चंडाल भी शर्मा ब्राह्मण गोत्र का प्रयोग करने लगता है और उसकी औलादें भी ऐसा ही करती हैं तो फिर आप ये कैसे बता सकते हो कि वो आदमी चंडाल है या फिर ब्राह्मण? आपको सिर्फ और सिर्फ हमारे दावों पर ही भरोसा करना पड़ेगा. कोई भी तथाकथित जातिगत ब्राह्मण यह बात नहीं करता कि वो असल में एक चंडाल के वंश से भी हो सकता है, क्योंकि सिर्फ ब्राहमणहोने से उसे इतने विशेष अधिकार और खास फायदे मिले हुए हैं.

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मध्य युग के बाहरी हमले

पश्चिम और मध्य एशिया के उन्मादी कबीलों के द्वारा हजार साल के हमलों से शहरों के शहरों ने बलात्कार का मंज़र देखा. भारत के इस  सबसे काले और अन्धकार भरे काल में स्त्रियाँ ही हमेशा से हमलों का मुख्य निशाना रही हैं. जब भी कासिम, तैमूर, ग़ज़नी और गौरी जैसे लुटेरों ने हमला किया तो इन्होने ये सुनिश्चित किया कि एक भी घर ऐसा ना हो की जिसकी स्त्रियों का उसके सिपाहियों ने बलात्कार ना किया हो. खुद दिल्ली को ही कई बार लूटा और बर्बाद किया गया.  उत्तर और पश्चमी भारत का मध्य एशिया से आने वाला रास्ता इस अत्याचार को सदियों से झेलता रहा है. भगवान् करे कि ऐसे बुरे दिन किसी भी समाज को ना देखने पड़ें. लेकिन हमारे पूर्वजों ने तो इसके साक्षात् दर्शन किये हैं. अब आप ही बताइए कि ऐसे पीड़ित व्यक्तियों के बच्चों को तथाकथित जातिप्रथा के हिसाब से “जाति से बहिष्कृत” लोगों के सिवाय और क्या नाम दे सकते हैं ? लेकिन तसल्ली कि बात ये है कि ऐसी कोई बात नहीं है.

Great Rulers of India

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हमारे ऋषियों को ये पता था कि विषम हालातों में स्त्रियाँ ही ज्यादा असुरक्षित होती हैं. इसीलिए उन्होंने “मनु स्मृति” में कहा कि ” एक स्त्री चाहे कितनी भी पतित हो, अगर उसका पति उत्कृष्ट है तो वो भी उत्कृष्ट बन सकती है. लेकिन पति को हमेशा ही ये सुनिश्चित करना चाहिए कि वो पतित ना हो.

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ये ही वो आदेश था जिसने पुरुषों को स्त्रियों की गरिमा की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया और  भगवन ना करे, अगर फिर से कुछ ऐसा होता है तो पुरुष फिर से ऐसी स्त्री को अपना लेंगे और अपने एक नए जीवन की शुरुआत करेंगे. विधवाएं दुबारा से शादी करेंगी और बलात्कार की शिकार पीड़ित स्त्रियों का घर बस पायेगा. अगर ऐसा ना हुआ होता तो हमलावरों के कुछ हमलों के बाद से हम “जाति से बहिष्कृत” लोगों का समाज बन चुके होते.

निश्चित तौर से, उसके बाद वाले काल में स्त्री गरिमा और धर्म के नाम पर विधवा और बलात्कार की शिकार स्त्रियों के पास सिर्फ मौत, यातना और वेश्यावृति का ही रास्ता बचा. इस बेवकूफी ने हमें पहले से भी ज्यादा नपुंसक बना दिया.

कुछ जन्म आधारित तथाकथित ऊँची-जातियों के ठेकेदार इस बात को उचित ठहरा सकते हैं कि बलात्कार की शिकार स्त्रियाँ ही “जाति से बहिष्कृत” हो जाती हैं. अगर ऐसा है तो हम सिर्फ इतना ही कहेंगे कि ये विकृति की हद्द है.

बाकी अगले भाग में  http://agniveer.com/the-reality-of-caste-system-2/ आप पढ़ सकते हैं.

[कृपया ध्यान दें –  यह लेख मुख्य: रूप से उस विचारधारा के लोगो पर  पर केन्द्रित है जो जन्मआधारित जातिगत भेदभाव  का पक्ष लेते हैं. इसीलिए सभी लोगों से प्रार्थना है कि हमारी समीक्षा को केवल इस घृणास्पद प्रथा और ऐसी घृणास्पद प्रथा  के सरंक्षक, पोषक और समर्थकों के सन्दर्भ  में देखा जाए  न कि किसी व्यक्ति, समाज और जाति के सन्दर्भ  में. अग्निवीर हर किस्म के जातिवाद को आतंकवाद का सबसे ख़राब और घृणित  रूप मानता है और ऐसी घृणास्पद प्रथा  के सरंक्षक, पोषक और समर्थकों को दस्यु. बाकी हम सब लोग, चाहे वो इंसान के द्वारा स्वार्थवश बनाई गयी तथाकथित छोटी जाति या ऊंची जाति का हो, एक परिवार,  एक जाति, एक नस्ल के ही हैं. हम अपने पाठकों से निवेदन करते हैं कि वो ये न समझेंकि इस लेख को वैदिक विचारधारा “वसुधैव कुटुम्बकम” के विपरीत किसी व्यक्ति या वर्ग विशेष के लिए लिखा गया है. ]

जाति प्रथा  से जुड़े हुए  कुछ ऐसे तथ्य जिनके बारे में हमें पता होना चाहिए और जिनके बारे में हम सोचें:

कृपया इसे लेख को आप हमारी श्रृंखला की एक कड़ी के रूप में ही पढ़े और विशेषत: लेख,  http://agniveer.com/vedas-caste-discrimination/

 

This article is also available in English here http://agniveer.com/the-reality-of-caste-system/

 

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Disclaimer: By Quran and Hadiths, we do not refer to their original meanings. We only refer to interpretations made by fanatics and terrorists to justify their kill and rape. We highly respect the original Quran, Hadiths and their creators. We also respect Muslim heroes like APJ Abdul Kalam who are our role models. Our fight is against those who misinterpret them and malign Islam by associating it with terrorism. For example, Mughals, ISIS, Al Qaeda, and every other person who justifies sex-slavery, rape of daughter-in-law and other heinous acts. For full disclaimer, visit "Please read this" in Top and Footer Menu.

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140 Comments on "जाति प्रथा की सच्चाई"

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hradesh rajak

nice

mummyji

may god bless u hardesh

mummyji
brahman of 10yrs n akshtriya of 100yrs stand to each other in relation of father n son ; but between those two the brahman is father sudra can’t marry a girl from outside caste but brahman can marry in other 3castes also in addition to his own caste , similarly… Read more »
shweta
hello me bs itna bolna chahti hu ki cast ko le kr bohot hi mazak banaya jata h aj ke tym so ap log sab casts ko khtam karo baki ke jo rull h like kisi ne bola reserbation ko leke to vo khud sab khatam ho jayega jab sab… Read more »
ajay bharti

hello shweta jee pranm

mansi gosai

thank you.
nice discription.

Bharti
Mene 1 jain ki laoundry dekhi, Brahman ko wine pite ,vaishya ka hair cutting saloon dekha ,Non wege khate dekha,unchi jati ke ladko ko nichi jati ki ladki ke sath sote dekha, Agrawal Spa & Bueaty Parlour dekha , Thakur ko interest khate dekha, dhanwan ko nirdhan ki majburi ka… Read more »
PARVEEN PATHAK BARAHMAN EKTA SAKTI ...
PARVEEN PATHAK BARAHMAN EKTA SAKTI ...

U R RIGHT …..HUM BADLENGE SAB BADLEGA SAB BADLENGE GAG BADALEGA

hiral pansuriya
hiii….. aap sahi kahe rahe hai. i agree with you. waise bhi insan ko chot lag ne se lal rang ka khoon hi to nikalta hai . phir chahe vo kisi bhi jati ka kyu na ho … par hai to insan hiii….
mummyji

dusre ki beti ko mandir me devdasi banana chhod devdasi ke bete ko beti devo sab thik ho jayega misarji

M.K. mishra

Aur isi ke aadhar par India me reservation band hona chahiye.

mummyji

misra ji bahan beti ka lena dena karo ,swarth chhodo sab thik ho jayega

Priya shukla
Shi hAi insaan pad likh k bhi gawaar h . cast system hona hi nhi chahiye. Chamaro se dosti kr lega kha pee lega lekin agr baat ho shadi ki toh dosti gai bhaad m. Had h kb badlenge log. Soch ko badlo toh aane wali garnation badlegi warna. BAs… Read more »
sumant kumar singh

sahi kaha g aapne…bhagwan ne koi cast nahi banayi h..

naresh ahirwar

i agree wid you mam…

Vijay

Very good

ajit kumar pandey
Etna hi hai to Reservation kya mag rehe ho jati ke nam pe sare log barabri me raho Sarkari job me Jati kyo dekhate ho Reservation ke samay to koi Brahman Ya Chatri Ye to nahi kahta hai ki ham Camar hai, Reservation ke time to sare bade chude ho… Read more »
sumant kumar singh

aapka statement bhi sahi hai because lalach me aisa karte hai….

Mahendra Kumar

Kya baat hai Dosto
Wah wah wah

Mahendra Kumar
Dosto maine ap sabhi ki baate padi hai app ki baato se app ki shoch pata chalti hai ki app kaisa shochate hai. Aaj mai bhi kuch kahna chahta hu ki log apni baat ko jaati ko lekar kahte hai app log mahapursho ke naam se apni baat kahte hai.… Read more »
manoj kumar

nice dear

गोपाल जूनून
गोपाल जूनून

जाति प्रथा वास्तव में एक षड्यन्त्र है जिसका लाभ समाज के वर्ग विशेष के लोग आज भी उठा रहे हैं I

rahul

jb brahmno ne sb mita diya to saalo tumhe ye sb kaise pta chla.. Dusri baat brahmn parsuram ki aulad h ,. Konse ved pd gya.. Aaya ved purano wala

karan
saabas mere hindu bhiayo yahi aasah thi aapse ki ek dusre ko nicha dikhne ki. aur mene ek baat aur padi is blog comment m ki history utha k dekh lo . me sabhi jatiyo k logo se nivedan karta hu ki apna gyan mt bato aapke aadhe aadhure gyan… Read more »
sanjay
Aap sabhi log Jati pati ko chhodkar sirf Hindu ki bat kare , varna phir hamara desh gulam hoga , aur koi Mugal sashan karega , aur jab wo sashan karega to sirf ye hi dekhega ki aap sab sirf hindu hai , aur wo ishi ke anushat julm karega… Read more »
Nikhil
Sharam ati hai esay desh par jo dusre (Cast) ke admi ko bolne nahin deta/kuch likhne nahin deta, gali deta hai, how can he thought to write…?, instead of helping him to share true knowledge (if you had…which no upper cast here is having in this forum), you guys are… Read more »
radhe
ये दोष इस पेज को लिखने वाले का भी नही है क्योंकि वह खुद नीच जाति का है ओर उससे ब्राह्मण जाति का सम्मान किया नही जाता जो देवता भी किया करते है और झूठा पेज बना कर अपने दावे लोगो पर थोप रहा है । जो कि इसके सात… Read more »
sumant kumar singh

aapki baat bhi sahi hai par bhakt ki koi jaati nahi hoti hai..

ajay bharti

beta radhe tum he sidde kar to

rajesh

Paswan ko sc ka kab aur kaun dilaya

manoj

hiii friend…
kon si jamane ki bat karte ho..bhul kyu ni jate ye Sab..hum sabhi ne apna mind esi jatiyo m lagaya hai…tabhi hamara desh duniya ke develope countryo m se piche h kyu??

samay ke sath sab kuch badal jata h…..
kuch kr kr dekho yr….

m.k.sinha
ish desh me bhahman nahi tha lekin dushare desh se akar, ish desh ke itihash me samil hogaye awar apna aap ko uch jati manane lage, lekin ish desh ka pahla raja kawn tha koi bhahman nahi bata sakta, ham mante he ki uch nich jati he par uch nich… Read more »
Mahendra Kumar

Kya baat hai Dosto
Wah wah wah

Jitsa pandit

Agr ap ko itihs ka pta nhi h to kyu kuchh bhi bol dete ho or likh dete ho ap se nhi puchha kisi ne ki asli brahmn kon h or nakli kon h, pahle dharm grntho ko dekh lo pdh lo fir kuchh kahane ki himmt krna

insaan

Asli brahmin sirf wo jiske maathe per likha ho ki mai brahmin hu.

qsti
Aare sale bk chod purani kathao se tujhko samj nahi a raha hai kya abe ye batao bagwan kya kisi ko certificate bheja ki kaha paida huye ho kya dharm h ur kya jat hai tumhari ye sab purane samy se chale a raha hai ur ye baat yaad rako… Read more »
qsti

Abe ek baat ur tere mathe par likha hai ki tu ensaan hai iska mtlab tu ek suwar ya haiwan ya fir chandal bhi ho sakta hai sanjeev newar

ajit kumar pandey

To Asli Chota Jat wo Jiske mathe per likha ho ki wo chota jat ka hai tavi usko Sarkari nokri me Reservation melega

rajk.hyd

jo apne padha hai usko to samne laiye dharm granth kaun se hai unke naam to batlaiye kuch usme galat bhi ho sakte hai

uttam
“अधजल गागरी छलकट जाय” भगवान से प्रार्थना करे की वे आपकी मूर्खता दूर करके सद्बुद्धि दे वे बड़े दयालु हे तुम पर ज़रूर दया करेगे. नित्या स्नना किया करे ओर अच्छे लोगो की संगत करे जिस से एसए मूर्खता पूर्ण विचार ना आए. भगवान मूर्खो का भी भला करते हे… Read more »
rajk.hyd

ishvar se prarthana karne se sad buddhi nahi milti hai varna raam ji bhi raavan ke liye sadbuddhi kar lete sad buddhi ke liye svayam koshish karni hoti hai

uttam
मूर्ख हे आप पोस्ट की भाषा से अज्ञान झलक रहा हे . क्षत्रियो की बात करते हो तो बतता हू श्री परशुराम जी ने पृथ्वी को क्षत्रिय विहीन किया था परन्तु उन्होने किसी स्त्री की हत्या नही की थी ओर जो भी गर्भ मे थे उन्ही से आगे का वंश… Read more »
Sanjay
Duniya Mangle par jane ki baat kar rahi hai aur aap log sirf apas me hi baad vivad kar rahe hai Thodi to sarm aani chahiye aap logo ko , kya koi Muslim aapas me aise vivad karta hai , Bas ye socho ki hum sab HINDU hai agar apka… Read more »
rajk.hyd

srishti ke arambh me anek narnari huye the unhi se sari srishti viksit hyi hai

sanjay
I would like to say to Agniveer.com that i think if you have made this portal on which basis, there are no person literate on your portal? One way you accepting that parshuram has made many times earth without Kshatriya.Who told you this story that person never told you that… Read more »
sanjay
As given by your article we are agree with that there is no bramhan, kshatriya,Vaishya or shoodra from birth.God has not done any difference between his creatures.either he has not done any differences between human,animal,birds or water being.We all human being given name to animal,birds or fishes.We can not prove… Read more »
Sunita
The biggest evil in Indian society is caste system. It needs to be eradicated completely. This evil had been one of the main reason that India remained slave for thousand years. It has divided country in every possible way and therefore Indian are never united. Removal of caste system will… Read more »
Ashutosh sharma
Ved me likha hai ki brahman kabhi bhooka ni mrta ,, aur tu chahta hai pta krna kon asli brahman nahi hai to uski arthik isthiti dekh lena ,,, yadi bhooka mr raha hai to brahman nahi teri caste ka hoga aur hme to arakshan se koi farak ni pdta… Read more »
sanjay kumar
Pravin bhai Agar koi apne marg se bhatke , to hamara kartwaye hai ki hum use saantisaanti se sahi disha me laye na ki bhatke huye ko aur bhatkay yahi to ek brahm gyan ka janm hua aur wo hi pandit kahlay , athart hum sab ek hi ki to… Read more »
KULDEEP JAURASI
bhai jat pat sab juti hai par insaniyat ko kon jutla skta hai. or rahi bat hindu muslim sikh or isai ya koi b dharm sabi k khoon ka rang lal hota haikya kabi suna ki muslim ka khoon kala ya fir hindu ka khoon bangani hota hai shabi ko… Read more »
KULDEEP JAURASI

KISI KO KOI SAK HO TOO CALL ME ON 9812402226

sandeep Awasthi
bhai sahab namaskar, kaise hai aap..? aap ka lekh ‘Adh jal gagri chhalkat jaye’ kahawat ka satik udhaharan hai.Bina pramanit tatthyo par adharit lekh pr mai koi bhi comments nahi dunga.kyoki is lekh ka meri najaro me koi mahatv nahi hai. Bas mai itna kahna chahunga ki agar aap me… Read more »
rajk.hyd
arkshan ke virodh se pahale sadiyo purani janmana jati avchak chinho ka virodh hona chahiye ! avasthi tivari gupta singh adi ka aupyog kyokiya jay kya apne purvaj inaka upyog karate the ? dekhe dilip aj raghu dashrath bharat shatrughn raavan, vibhishan meghnath kumbhkaran sulochna kaikeyi manthara kaishlya a parashuraam… Read more »
jp shukla
सबको मेरा नमस्कार जैसा की इस ब्लॉग को पूरा पढ़ने के बाद साफ़ तौर पर पूरे भारत की स्थिति का अंदाजा हो जाता है। मै भी एक ब्राह्मण हूँ और अगर किसी को मेरी बात से असहमति हो तो शौक से मुझे गाली या किसी और की जाति की निंदा… Read more »
pankaj pandey

i am also bramahana . i am liking your opinion. thaks for admire for bramahana

rajk.hyd

sirf pandey likhne se koi brahman nahi ho jata hai sath me pandity bhi hona chajiey ambedkar ji ko bhi brahaman kaha ja skata hai

shubham pandit
ab sbne itna sb bola h hmare baare me to do char lines hm bhi to likh he skte h-ki dhanya ho aap sbhi log…choti si baat ki sb ku6h to cheen liya h hmara sarkari naukri me to aap ka adhikar or pdhai k ksetra me to aap age… Read more »
rajk.hyd
shri shubham ji jiske paas pandity n ho usko pandit kyo kaha jaye? kaun kiska vanshaj hai iska koi vishesh muly nahi hai ! manu ji aur sapt rishi me koi vishesh antar bhi nahi hai ! samanta ki shuruaat bhi apne ko jo svarn kahalana pasand karate hai unko… Read more »
राजेश अहीर
राजेश अहीर
ब्राह्मणों से आज पूरे भारत मे सबसे ज्यादा नफ़रत कोई करता है तो वो कोई मुस्लिम या ईसाई सिख पारसी नहीँ खुद हिन्दु ही करता आइये जाने क्यो । सविंधान प्रदत्त प्रतिनिधित्व के अधिकार का विरोध केवल ब्राह्मण करता है नाकि कोई मुस्लिम पारसी सिख जैन ईसाई सविंधान का विरोध… Read more »
sandeep ambedkar
अगर ब्राहम्ण पहले से श्रेष्ठ था तो क्यों किसी को प्रमाण की आवशयकता होती है श्रेष्ठता है तो झूठ से दुनिया को भ्रमित क्यो करते हो बाबा साहब के विचार और तर्क कर यह कहा कि मैं भी देवी देवता जैसे झूठे भ्रम में नही रहूंगा जो भी करूंगा अपनी… Read more »
sanjay kumar
Jat ,pat puchhe na koi jo hari ko bhaje so hari ka hoi ,duniya chaand par ,mangle pe chali gaee aur aaj bhi aap log jaati me pade hai , Inhi sab ki wajah se to hum log hazaro saal se gulam the aaj phir se ushi ko dohraya ja… Read more »
rajk.hyd

aaj ke janm jaat brahman shreshth nahi hai !

hina gautam mourya
Namaste… Caste ek esa point h jesme bhas kbi khtm ni ho skti… May ek bhramin ho….par maine ek raiger se shadi ki h…toh en logo ke sth jo pahale se jo hota aa raha h wo bhut bura h..hme sb ko uski kam se janna chaheye… Par es ka… Read more »
raj.hyd
ambedkar ji ka vivah bhi ek brahman mahila se hua tha aur babu jagjivanram ji ka vivah janmjat brahman kanya rukmani ji se hua tha fir bhi vah apni janmana jati ke hi kahalaye gaye tab apki jati kyo badal gayi ! parcheen kaal me janmana jati ki tamange nahi… Read more »
Vijay Kumar Mishra
Continued… Hame b pata hai ki madhya kaal k upper class bhatake apne maarg se kintu iska arth ye nhi hai ki ap sabhi ko ek jaisa kahe… Yadi koi apne purvaj/ Gotra ko yaad rakhta hai to usme galat kuchh nhi hai… Haa yadi koi dushkritya kare to phir… Read more »
raj.hyd
vivah adi me gotr batlana aur baat hai ,mishra adi ka” tamnaga” latkana do alag alag baat hai ! ambedkar ji ne10 saal ke liye arakshan hone ka anuman rakha tha lekin vot ki rajniti aur tatha kathit savarn vargo ke atyachar ke kaaran yah age bhi chal raha hai… Read more »
Vijay Kumar Mishra
Raj ji.. Mai ye nhi manata hu ki Mishra adi ka tamaga lagana galat hai Kyuki jo koi b Mishra ka tamaga lagata hai Un sabhi ki soch ek jaisi ho.. Surname se kuchh nhi hota hai.. Sanskaar kya mile ho use chahe wo kisi b varn ka ho wo… Read more »
Vijay Kumar Mishra
Dur hai…. Aur Haa ap ne bahut achhi baat kahi ki kai brahmin b aj k din me maasahaari hai ab ap hi soch sakte hai ki aise logo ko mai b kuchh nhi kah sakta… Kyuki apko b pata hai ki wo brahmino k dharm k hi virudhh hai…… Read more »
raj.hyd
adarniy shri vijay ji , aap ape purvajo ka itihas dekhiye, aj, dilip, raghu, dashrath, lakshaman, bharat, shatrughn, kaikeyi manthara sita, sushila, janak ,janki sulochna, ravan, vibhishan kumbhkaran meghnath paarshuram,dron duryodhanshakuni yudhishthir balram arjun yashoda kunti rukmani basudev, kabir das surdas tulsi daas, hariyana ke vanshilal devi lal, bahjan laal,… Read more »
Vijay Kumar Mishra
Adarniya Sri Raj ji, Yahi mai b kah raha hu… Jaha tak tamga lagane ki baat hai to mai apko vishwaas dilata hu ki jis din ye Voto ki raajneeti band ho jaayegi us din mai Prasannata se chhod dunga…. Kintu yadi koi ye kahe ki chandaal aur kya kya…… Read more »
Vijay Kumar Mishra
Pahli baat to ye hai ki… Ye baat satya hai ki jaati janam k aadhaar par nhi hona chahiye… Aur isme b koi do raay nhi hai ki lekhak ne kewal upper class ko galat prakar se ek soch k anusaar hi taarget kiya… Pahli baat parshuram ne kshatriyo ka… Read more »
vijay kumar rai
lagta hai aap ne jayada science padh li hai…आप के हिसाब से महिलाओ का तो कोई गोत्र ही नहीं होता तो पति के गोत्र की वो कैसे हो गए ।आप ने कभी किसी बच्चे को अपनी मा के परिवार से मिलते नहीं देखा क्या।आप को ये मालूम है की नहीं… Read more »
sumeet
Manniya vinay mishra ji ap ne bhi mana ki sanskaar heridity mai nhi jate,yahi baat swami vivekanand ne bhi kahi thi ki caste birth mai nhi jati.,sirf rang roop jata hai…jo ki puri tarah.isliye so jo apne ko mishra gotra istemaal ker apne ko bhramhin keh rhe hai wo galat… Read more »
sumeet
Continued…toh apke mai kitne changes asyw ap khud sochw dikkat ye hai ki admi kabhi girna nhi chahta bhale hi uske laya nhi ho…ha ye sach hai admi ko hamesha accha banne ki hi sochni chahiye per bina proof k apne ko shrestra maan abhimaan kerna galat hai jo ap… Read more »
shivam dubey
MOHADAY DNA TEST TO AP APNA KARWAIYE KYUKI AAP BHI EK BRAHMAN KI HI PAIDAISH LAG RAHE HAI . AAPKE PITA JAROOR BRAHMAN RAHE HONGE . KYUKI BRAHMANO KE BARE ME APKI DILCHASPI AUR AAPKE DWARA PADHE GAYE GRANTHON KE GYAN KO PRANAM KARTA HU. AUR HA BRAHMANO KE ITIHAS… Read more »
aadimanaw
dube tuzhe nahi pata ki arya yani brahmin central urasia se bharat aaye aur aane ke bad yaha chori loot paat balatkar hinsa apharan kiya jatio ka nirmaan kiya brahmano ki hi vajah se is desh ka beda gark ho gaya sabse nechi kaum brahmano ki hai is sansar me.… Read more »
yogi
Dosto aj ka samay badal chuka hai, upar maine bahut lekh padhe kuch logon ka kahana hai ki insaan janm se hi jatiwadak hota hai aur anuvanshikta jati me aham bhoomika nibhati hai. aaj ka samay wo hai ki ek neechi jaati ka vyakti bhi ek unchi jaati vyakti se… Read more »
यशवंतसिंह शेखावत
यशवंतसिंह शेखावत

समाज में बुराइयों को दूर करने के दृष्टिगत आपके भाव सराहनीय है सा।

jalwan
in fact brahmin-brahman-bram-atma-soul-self is every living being human–animal-bird-insect. durwasa hot tempered person one can’t control anger, hates n thinks ill of others has not realised brahman is not brahmin biological father of karna changed form of bhoura entered in chauli of dancing urvasi who rubbed her braws to through out… Read more »
Lillian
There are hundreds of possibilities when it comes to adventure; equally bountiful are the options for relaxation. The internet is the best place to start, and if youre reading this, youre on the right track. You can travel through the national park having huge areas that consist of lush plants… Read more »
santosh
Namaste pathikaryji ! Aap ne jis prakar se answer diye hai ve dekh ke mujhe bahut santosh hai. Jab bhi koi jati ki baat karta hai to mera dil jal jata hai aur mujhe samajh nhi aata ki mai inhe kaise samjhau par aapke answer dene ke tarike se mujhe… Read more »
deepak
Brahman-jo sanskriti ,dharm,niti ,puja,archana aur desh sheva ko hamesha dekhe.Jo Daan Le Aur Daan de. Kshtriya-jo sabki raksha apne pran de kar kre.Jo desh ke Liye Mar Mit sake. Vaishya-Jo Hamesha Desh Ki AArthik Sthiti ko sambhale. Shudra:-Jo Mehnat Krke Samaj Ko anya de sake,immarat kadi kr sake,desh ka vikas… Read more »
Anshuman Yadav

MAINE YADAV KUL ME JANM LIYA….PAR APNI SHAAADI MAINE BRAHMAN KUL KI LADKI SE KI HAI………… MERE FAISLE PAR AAP SAB LOG APNA REPLY JARUR KARE …….. I M WAITING……. UR REPLY……

raj.hyd
apne ek janmana brahman parivar ki kanya se vivah kiya hai ! vah achha hai ya bura, yah to tab batlaya jayega jab aap kya karte hai? aur ap dono ki shiksha kahaan tak hai ! apke saath judav bhi tabhi ho sakega jab apke siddhant kya hai v karm… Read more »
Anshuman Yadav
MAI MANU JI KE BAAD AGAR KISI KO DIL SE FALLOW KARTA HOO TO LOHIA JI KO ……. AGAR KABHI MUJHE MAUKA MILA TO MERE LIYE MANU AUR LOHIA JI KE SIDDHANT HI SARVOPARI RAHENGE MAINE JO HIMMAT DIKHAYEE HAI ………BAHOT SE LOG ISKE KHILAAF THE…..PAR MERE FATHER NE AUR… Read more »
Anshuman Yadav
Maine Maunusmriti ko pada …. jab ispe bahot hi jyada bahas hone lagi thi…. padne ke baad se mai Manusmriti ko bahut hi jyada dil se manane laga hooo……… jab meri shadi ki baat mere gharwale aaj ke jamane ke hisab se karne jaaa rahe the…….to Maine mana kar diya…..Maine… Read more »
jasveer

Manu Ji ne aapko kaun se varn mein rakha
Aur us varn par kya kya atyachar nahi hue ye bhi jarur pade

chirag shingrakhiya
#Jay_bheem… Aap mujse bade he so jya to nahi kaunga par itna jarur kahunga ki Aap jis manusmruti pe bharosa kar rahe he vahi manu… ke hisab se hamare #Dalit samaj ko padhaneka adhikar nahi …. usi manu …ke hishab se hame mandir me pravesh nahi milata tha or ushi… Read more »
Shailendra Singh
कहते है की ज्ञान मनुष्य को वैचारिक प्रकाश देता है जिससे वो सत्य और असत्य का भेद समझ सके सनातन/वैदिक धर्म के पालक जाने अनजाने इस बात को भूल जाते हैं की वेद पुराण गीता रामायण महाभारत उपनिषद किसी भी स्थल पर जन्माधारित जाती व्यवस्था का समर्थन नहीं करता है… Read more »
SATYAM
महोदय! आप म्लेच्छोँ की बात करते हैँ कि ब्राह्मण द्रोह से उनको क्या हुआ? हम आपसे ये पूछना चाहते हैँ कि क्या भूमि मेँ पतित हुए को भी और अधिक अधःपतन की जरुरत है? वैदिक धर्म रुपी राज सिँहासन से पतित हो जाना ही एक म्लेच्छ का विनाश है। ये… Read more »
ritesh sharma
विनेक दुबे जी नमस्कार में आपसे ये पूछना चाहता हूँ की क्या हुआ कश्मीर में पंडितों पर दानवी अत्याचार करने वाल मुल्लों का कुछ नहीं न बल्कि हमारी इन्कमटेक्स की रकम से मौज उड़ाते हैं क्या हुआ उन मुसलमानों का जिन्होंने गांधी के मरने के बाद ४ घंटे में ही… Read more »
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